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राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े की सख्ती: बीकानेर-जोधपुर विश्वविद्यालय के कुलगुरु को हटाया

जयपुर बीकानेर-जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अरुण कुमार को बर्खास्त कर दिया गया है। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने बर्खास्तगी का आदेश जारी किया है। डॉ कुमार पर शक्तियों के दुरुपयोग का आरोप साबित हुआ है। जांच में निधि का दुरुपयोग और अवैधानिक नियुक्तियां उजागर हुई हैं। डॉ. अरुण कुमार के विरुद्ध काफी समय से शिकायतें आ रही थीं। इसके बाद उनकी जांच के लिए संभागीय आयुक्त, जोधपुर को निर्देशित किया गया था। संभागीय आयुक्त, जोधपुर द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में डॉ. अरुण कुमार द्वारा के विरूद्ध  अधिनियम के प्रावधानों का कार्यान्वयन करने में जानबूझकर लोप करने, प्रदत्त शक्तियों का दुरूपयोग करने, विश्वविद्यालय को वित्तीय हानि पहुंचाने आदि के कृत्य प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाये गये। किसी विश्वविद्यालय के कुलपति को कैसे बर्खास्त किया जा सकता है? किसी कुलपति के खिलाफ भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता, कदाचार, या प्रशासनिक लापरवाही जैसे गंभीर आरोप लगाए जाते हैं तो कुलपति को नियमानुसार जांच करवाकर हटाया जा सकता है। शिकायतें छात्रों, कर्मचारियों, या अन्य हितधारकों द्वारा विश्वविद्यालय प्रशासन, राज्य सरकार, या राज्यपाल (जो विश्वविद्यालय के कुलाधिपति होते हैं) को लिखित रूप में की जा सकती हैं और कुलपति के खिलाफ कार्रवाई की दिशा में कदम बठाया जा सकता है।  शिकायत मिलने पर, राज्यपाल या विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के निर्देश पर प्रारंभिक जांच शुरू की जाती है। यदि प्रारंभिक जांच में आरोपों में सत्यता पाई जाती है, तो एक औपचारिक जांच समिति गठित की जा सकती है। जांच समिति अपनी रिपोर्ट कुलाधिपति (राज्यपाल) को सौंपती है। यदि कुलपति दोषी पाए जाते हैं, तो समिति बर्खास्तगी या निलंबन की सिफारिश कर सकती है।

मणिमहेश यात्रा संकट में, हिमाचल में बारिश और सिग्नल कटने से परिजन परेशान

शिमला हिमाचल प्रदेश में बीते 72 घंटे में मौसम ने जमकर कहर ढाया है. हालांकि, गनीमत रही कि फ्लेश फ्लड और लैंडस्लाइड (Himachal Landslide) में कहीं किसी की मौत नहीं हुई, लेकिन संपति का काफी नुकसान हुआ है. चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे एक बार फिर से 2023 में आई आपदा की तरह टूट गया है और कुल्लू से मनाली के बीच में जगह जगह ब्यास नदी हाईवे को बहा ले गई है. ऐसे में इसे बनाने में लंबा वक्त लग सकता है. हालांकि राहत की बात है कि प्रदेश में बुधवार को धूप खिली है और कुल्लू मनाली में भी बारिश थम गई है. अब ब्यास नदी का जलस्तर धीरे धीरे कम होने लगा है. जानकारी के अनुसार, बीते 24 घंटे में कुल्लू और मनाली में ब्यास नदी की वजह से रेस्टोरेंट, दुकान और कई पुल बह गए. कुल्लू के अखाड़ा बाजार के पास एक दुकान नदी में समा गई. वहीं, ओल्ड मनाली को जोड़ने वाला पुल टूट गया. लेफ्ट बैंक में ट्रक और जीप नदी में बह गई. बुधवार को कुल्लू के मनाली, बंजार और सदर में स्कूल कॉलेज बंद रहेंगे. चंबा में हजारों लोग फंस चंबा के भरमौर में मणिमहेश यात्रा पर गए हजारों लोग वहां फसें हैं. यहां पर मोबाइल नेटवर्क उड़ गए हैं. हिमाचल प्रदेश लाइसेंस सेवा क्षेत्र (HP LSA), दूरसंचार विभाग के अपर महानिदेशक टेलीकॉम ने सूचित किया है कि चंबा शहर और भरमौर उप मंडल , जिला चंबा में इंट्रा-सर्कल रोमिंग (ICR) सुविधा7 दिनों के लिए, अर्थात 01 सितम्बर 2025 तक के लिए सक्रिय कर दी गई है/ यह पहल प्रभावित क्षेत्र में मोबाइल कनेक्टिविटी को बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है. इस क्षेत्र के मोबाइल उपभोक्ता अपने डिवाइस की सेटिंग्स में जाकर किसी भी उपलब्ध मोबाइल नेटवर्क का मैन्युअल रूप से चयन कर सकते हैं, चाहे वह उनके मूल सेवा प्रदाता का नेटवर्क न हो. ICR सुविधा की अवधि के दौरान उपभोक्ता किसी भी ऐसे टेलीकॉम ऑपरेटर के नेटवर्क से जुड़कर सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे जिसकी उस क्षेत्र में कवरेज उपलब्ध है. इस अस्थायी व्यवस्था का उद्देश्य बादल फटने और अचानक आई बाढ़ के कारण उत्पन्न व्यवधान के दौरान निर्बाध मोबाइल संचार सुनिश्चित करके सहायता प्रदान करना है. 4 नेशनल हाइवे और 677 सड़कें बंद हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से हालात बिगड़ गए हैं. राज्य भर में सड़क और मोबाइल नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, प्रदेश में 4 नेशनल हाइवे और 677 सड़कें बंद हो गई हैं. कुल्लू–मनाली मार्ग पूरी तरह कट गया है. चंडीगढ़–मनाली नेशनल हाईवे–21 मंडी में कई स्थानों पर अवरुद्ध है. मंडी–पठानकोट एनएच–154 भी बंद पड़ा है. एनएच–305 कुल्लू के बंजार क्षेत्र में और एनएच–03 किन्नौर के बिगुलसरी में बाधित है. जिला वार स्थिति देखें तो बिलासपुर में 13, हमीरपुर में 5, कांगड़ा में 67, किन्नौर में 1, कुल्लू में 131, मंडी में 342, शिमला में 45, सिरमौर में 36, सोलन में 19 और ऊना में 18 सड़कें बंद हैं. वहीं चंबा और लाहौल–स्पीति से नेटवर्क बाधित होने के कारण रिपोर्ट नहीं मिल पाई है. भारी बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और प्रशासन लगातार हालात पर नज़र बनाए हुए है. मंगलवार शाम को आपदा प्रबंधन ने यह जानकारी सांझा की है.

मुख्यमंत्री साय ने विदेश से फ़ोन कर बस्तर की बाढ़ का लिया अपडेट

राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी मुस्तैदी बरतने के निर्देश रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में हुई अतिवृष्टि से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने राजस्व सचिव एवं आपदा राहत आयुक्त श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले और बस्तर संभाग आयुक्त श्री डोमन सिंह से दूरभाष पर चर्चा कर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति जानी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। राजस्व सचिव श्रीमती कंगाले ने मुख्यमंत्री को बताया कि दंतेवाड़ा, बीजापुर और बस्तर जिले में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा, दरभा और तोकापाल विकासखंडों में प्रशासन लगातार राहत कार्य संचालित कर रहा है। लोहंडीगुड़ा विकासखंड के ग्राम  मांदर से 21 ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला गया है। वहीं, लोहंडीगुड़ा क्षेत्र में हेलीकॉप्टर और नाव की सहायता से ग्रामीणों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया। बीते 24 घंटों में 68 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि एसडीआरएफ को हाई अलर्ट पर रखा जाए और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने संभाग के सभी कलेक्टरों को निचले इलाकों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क करने और सुरक्षित स्थानों पर शीघ्र पहुँचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने राहत कार्यों में जुटे प्रशासनिक अमले, एसडीआरएफ और पुलिस बल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार आम जनता की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैंने प्रशासनिक अधिकारियों और एसडीआरएफ को हाई अलर्ट पर रहने और आवश्यकता अनुरूप प्रभावितों को सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

पंजाब बाढ़ अपडेट: हेलिकॉप्टर रेस्क्यू, 90 ट्रेनें प्रभावित, स्कूल 30 अगस्त तक बंद

अमृतसर  पंजाब में हो रही मूसलाधार बारिश और उसके कारण उत्पन्न बाढ़ जैसे हालात के चलते राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की है कि राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 27 से 30 अगस्त तक बंद रखा जाएगा. यह निर्णय छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. राज्य में बाढ़ प्रभावित सात जिलों में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इन जिलों के करीब 130 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं और यहां तीन से दस फीट तक पानी भर गया है। ऐसे हालात राज्य के सभी तीन बांधों रणजीत सागर, पौंग और नंगल से लगातार पानी छोड़े जाने और लगातार हो रही वर्षा के कारण बने हैं। मौसम विभाग की और से राज्य के कई जिलों में आगामी दिनों में भारी वर्षा का रेड तो कही येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग विज्ञान चंडीगढ़ ने कल सुबह 8:30 बजे तक 5 जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, बरनाला, संगरूर और मनसा में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। उधर, 7 जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। रणजीत सागर डैम और भाखड़ा डैम से लगातार पानी छोड़े जाने से रावी, सतलुज और ब्यास नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। तरनतारन और फिरोजपुर में हरिके हेडवर्क्स से छोड़े गए पानी के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। ब्यास नदी पर बने चक्की रेलवे पुल के नीचे से मिट्‌टी धंसने से पठानकोट-जालंधर रेलवे रूट बंद कर दिया गया है। इससे 90 ट्रेनें प्रभावित हुईं। कुछ को पठानकोट-अमृतसर-जालंधर रूट से रवाना किया जा रहा है। पठानकोट के कजला गांव से 6 लोग ध्रुव हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू किए गए। रावी नदी में आई बाढ़ के कारण लोग फंस गए थे, जिन्हें NDRF लगातार बाहर निकालने की कोशिश कर रही थी। बाद में सेना बुलानी पड़ी।     मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, “राज्य में पिछले कुछ दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है और मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है. ऐसे में सभी प्राथमिक, माध्यमिक और सीनियर सेकेंडरी स्कूल 27 अगस्त से 30 अगस्त तक बंद रहेंगे.” कई ज़िलों में जलभराव, जीवन अस्त-व्यस्त भारी बारिश के कारण पंजाब के प्रमुख बांधों — भाखड़ा, पौंग और रंजीत सागर — में जलस्तर खतरे के निशान तक पहुँच गया है. नतीजतन, सतलुज, व्यास और रावी नदियों में हजारों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे पठानकोट, कपूरथला, मोगा, तरनतारन, फाजिल्का, फिरोज़पुर, अमृतसर और होशियारपुर जैसे ज़िले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं. मुख्यमंत्री ने किया ट्वीट (X (पूर्व में ट्विटर)) सैकड़ों गांवों में पानी भर चुका है, फसलें डूब गई हैं और सड़कों पर आवाजाही ठप हो गई है. कई जगहों पर स्कूल भवनों में भी पानी भर गया है, जिससे विद्यार्थियों के लिए स्कूल पहुँचना मुश्किल हो गया है. सरकार ने गिरदावरी और मुआवज़े की प्रक्रिया शुरू की मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बाढ़ से प्रभावित इलाकों में विशेष गिरदावरी कराई जाएगी, जिसके अंतर्गत किसानों और आम नागरिकों को हुई फसल और संपत्ति की क्षति का आकलन कर मुआवज़ा दिया जाएगा. प्रशासन हाई अलर्ट पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA), एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों में और बारिश की चेतावनी दी है, जिससे राज्य सरकार और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. भारी बारिश ने पंजाब में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. ऐसे में स्कूल बंद करने का निर्णय आवश्यक और समयानुकूल प्रतीत होता है, ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. बारिश से जुड़े बड़े अपडेट्स..     सतलुज का जलस्तर बढ़ गया है। फिरोजपुर के कई गांवों से लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है।     रणजीत सागर डैम से छोड़े गए पानी की वजह से रावी उफान पर है, जिससे पठानकोट व गुरदासपुर में हालात बिगड़ गए।     गुरदासपुर में मकोड़ा पत्तन के 7 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया। प्रशासन ने गुरदासपुर के लिए स्पेशल हेल्पलाइन नंबर जारी किए।     सुल्तानपुर लोधी में धुसी बांध टूट गया। पिछले 11 घंटों से किसान उस बांध को टूटने से बचाने में लगे थे।     बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने मोगा में 31 अगस्त को होने वाली रैली को स्थगित कर दिया है।     अमृतसर में तीन मंजिला तीन इमारतें एक साथ गिर गईं। बिल्डिंग लंबे समय से खाली थी। जिसके चलते जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।     होशियारपुर के भंगी चो में पानी चढ़ गया है। लोगों को हिदायत है कि उसे पार करने की कोशिश ना करें।     बरनाला धनौली में नाले का किनारा टूटने से खेतों में पानी आ गया है। इससे आस-पास के गांवों में खतरा मंडराने लगा है।

हाहाकार: राजस्थान की नदियों में बह गए 15 लोग, बचाव कार्य चल रहा, 10 लोग डूबने की आशंका

जयपुर  राजस्थान में चितौड़गढ़ और जालोर जिले में एक साथ दो बड़े हादसे हो गए हैं. यहां बनास और सूकड़ी नदी में 15 लोग बह गए हैं. इनमें से पांच लोगों को बच गए हैं. लेकिन 10 लोग अभी लापता हैं. उनके नदियों डूब जाने की आशंका है. नदियों में समाए इन लोगों की तलाश के लिए दोनों ही जगह रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. लेकिन लापता लोगों का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है. पुलिस प्रशासन रेस्क्यू टीमों के साथ वहां डेरा जमाए हुए बैठा है. दोनों ही घटनास्थलों पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा है. लापता हुए लोगों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रखा है. जानकारी के अनुसार पहला हादसा मंगलवार देर शाम को जालोर के सायला थाना इलाके में हुआ. हाल ही में हुई जोरदार बारिश के कारण इलाके के आसाणा गांव के पास से गुजर रही सुकड़ी नदी में पानी का बहाव जोरों पर था. उस समय कुछ लोगों को नदी किनारे एक बोलेरो खड़ी दिखाई दी. इस गाड़ी के पास छह जोड़ी चप्पल और जूते पड़े हुए थे. इस पर लोगों को आशंका हुई तो उन्होंने पुलिस प्रशासन को सूचना दी. सूचना पर वह एसडीएम, तहसीलदार और थाना पुलिस मौके पर पहुंची. ग्रामीणों ने आशंका जताई कि जीप सवार लोग संभवतया नहाने के लिए नदी में उतरे थे लेकिन वापस नहीं निकल पाए. 5-6 लोगों को नदी में उतरते हुए दिखे थे जीप काफी समय से खड़ी हुई और कोई इसे लेने नहीं आया. प्रशासन ने जब इसकी जांच पड़ताल की तो पता चला कि एक ग्रामीण ने 5-6 लोगों को नदी में उतरते हुए भी देखा था. जांच में सामने आया कि आसाणा गांव के 6 लोग लापता हैं. इस पर प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया. उसके बाद रात साढ़े आठ बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. यह ऑपरेशन मंगलवार को रातभर चला. लेकिन किसी का कोई भी सुराग नहीं लग पाया है. ऑपरेशन अभी चल रहा है. बनास नदी में बह गई कार दूसरा हादसा मंगलवार आधी रात को चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी इलाके में बनास नदी में हुआ. वहां एक वेगन आर कार बनास नदी में बह गई. इस कार में 9 लोग सवार थे. उनमें से पांच लोग तो जैसे-तैसे करके बाहर आ गए लेकिन चार लोग नदी में बह गए. नदी में बहने वालो में दो बच्चे और दो महिला शामिल बताई जा रही है. यह हादसा उपरेड़ा सेमी मार्ग पर बहने वाली पुलिया पर हुआ. यहां भी हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा. उसने गोताखोरों की मदद से लापता हुए चार लोगों को ढूंढ़ने का प्रयास किया. लेकिन उनका बुधवार को सुबह तक कोई सुराग नहीं लग पाया है. सवाई भोज कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे लोग बताया जा रहा है कि भारी बारिश के कारण मातृकुण्डिया बांध के गेट खोले जाने से बनास नदी में उफान आया हुआ था. उसकी उफान में यह कार बह गई. कार सवार लोग भीलवाड़ा से भूपाल सागर के काना खेड़ी जा रहे थे. काना खेड़ा गांव का यह भीलवाड़ा के सवाई भोज में धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेने गया हुआ था. वहां से आधी रात को वापस अपने गांव लौट रहे थे. उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं लग पाया कि पुलिया पर पानी कितना है और उन्होंने उस पर कार को चढ़ा दिया. बहरहाल यहां भी रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है.

रास्ता भटकने से बड़ा हादसा: पांच लोगों की बची जान, चार लापता

चित्तौड़गढ़   क्या ये गलती गूगल मैप की है? क्योंकि यदि रास्ता सही बताया गया होता तो शायद वैन में सवार लोग घटना का शिकार न होते। बता दें, चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात को एक बड़ा हादसा हुआ है। पुलिया पार करने के दौरान वैन नदी में गिर गई। इसमें वैन में सवार चार लोग तो बह गए जबकि पांच लोगों को पुलिस एवं ग्रामीणों की सहायता से बचा लिया। बहे लोगों की मौके पर तलाश जारी है। वैन में सवार लोगों को गूगल मैप से रास्ता देखना भारी पड़ गया। गूगल मैप इन्हें तीन साल से बंद पड़ी पुलिया पर ले गया, जिससे वैन गड्ढे में उतर गई तथा बाद में बनास नदी में बह गई। गूगल मैप ने बंद रास्ते पर पहुंचा दिया जानकारी में सामने आया कि चित्तौड़गढ़ जिले के भूपालसागर थाना क्षेत्र के कानाखेड़ा में रहने वाले एक परिवार के 9 सदस्य मंगलवार को भीलवाड़ा जिले में सवाईभोज दर्शन के लिए गया था। वापसी में यह लोग भीलवाड़ा में रुके। फिर अपने घर लौट रहे थे। इसके लिए इन्होंने गूगल मैप की सहायता ली थी। इस दौरान बनास नदी पर सोमी-उपरेडा पुलिया पर यह गूगल मैप की सहायता से पहुंच गए। यह पुलिया काफी समय से बंद पड़ी थी और ऊपर से पानी भी बह रहा था। चालक ने वैन को पुलिया पर उतार दी। इसमें एक गढ़ा था जिसमें वैन फस गई। बाद में तेज बहाव में बह गई। किसी तरह वैन में सवार लोगों ने सहायता मांगी। ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए वहीं, मामले की जानकारी मिली तो बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। पुलिस को भी सूचना दी गई। इस पर पुलिस एवं प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से नाव मंगवाकर  पांच लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। वहीं चार लोग पानी में भर गए, जिसमें दो छोटे बच्चे भी हैं। ऐसे में बहे लोगों की तलाश के लिए सिविल डिफेंस की टीम को मौके पर बुलाया गया। देर रात करीब सवा तीन बजे सिविल डिफेंस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। लेकिन अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू अभियान शुरू नहीं किया गया। मौके पर राशमी एसडीएम के अलावा गंगरार डिप्टी प्रभु लाल, राशमी थानाधिकारी देवेंद्र देवल मय जाब्ता के मौके पर पहुंचे थे। चार तलाश जारी, टिकी नजरें इस हादसे में वैन में सवार सभी नौ लोग आपस में रिश्तेदार होकर गाडरी समाज के हैं। इनमें से मदनलाल (25) पुत्र देवीलाल, हितेश (16) पुत्र सोहन, लीला (18) पत्नी देवीलाल, काव्यांश (9 माह) पुत्र मदन तथा आयांश (9 माह) पुत्र देवीलाल को ग्रामीणों व पुलिस ने बचा लिया। वहीं हादसे में चंदा (21) पत्नी हेमराज, ममता (25) पत्नी मदन, खुशी (4) पुत्री मदन तथा रूत्वी (6) पुत्री हेमराज बह गए। ऐसे में इन चारों की तलाश जारी है। बंद रास्ते पर ले गया मैप जानकारी में सामने आया कि मातृकुंडिया बांध में पानी की आवक हुई थी। ऐसे में प्रशासन ने अलर्ट किया था। मंगलवार रात 10 बजे सायरन बजा कर बांध के गेट खोले गए थे। वहीं प्रशासन ने बनास नदी पुलिया पर आने वाले रास्तों पर जो नीचे है, वहां पत्थर अथवा जेसीबी लगा कर बंद किए थे। यह परिवार कहीं बाहर रहता है तथा अभी गांव आया हुआ था। इन्हें जानकारी नहीं थी कि तीन साल से सोमी-उपरेडा पुलिया बंद हैं। ये पहले वैन को सांखली मार्ग पर ले गए तो पुलिया के आगे जेसीबी खड़ी थी। इस पर ये गूगल मैप की सहायता से सोमी-उपरेडा मार्ग स्थित पुलिया पर आ गए। रिश्तेदारों ने किया था मना, फिर भी नहीं माने पुलिस ने बचाए गए परिवार के सदस्यों से पूरी जानकारी ली। इसमें हितेश ने बताया कि मंगलवार सुबह 9.30 बजे घर से रवाना होकर वे गंगापुर होते हुवे सवाई भोज दर्शन करने गए थे। वहां से देमाली दर्शन किए तथा भीलवाड़ा आए, जहां रिश्तेदार के यहां खाना खाया। रिश्तेदार ने रात ज्यादा होने का हवाला देते हुए रुकने की कहा था। लेकिन हितेश के साथ शामिल उसकी एक भाभी ने देवता का कारण बताते हुए रात रुकने से मना कर दिया था।

करतारपुर साहिब पर आफत: रावी नदी के उफान से बाढ़ का खतरा

पंजाब  सागर बांध से रावी नदी में अत्यधिक पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ आ गई है। इस बाढ़ से करतारपुर साहिब गुरुद्वारा परिसर में पानी भर गया है। यह गुरुद्वारा सिखों के प्रथम गुरु गुरु नानक देव जी का अंतिम विश्राम स्थल है। गुरुद्वारे में 5 से 7 फीट तक पानी भर गया है, लेकिन गुरु ग्रंथ साहिब सुरक्षित हैं। भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित यह गुरुद्वारा, करतारपुर कॉरिडोर खुलने के बाद पहली बार बाढ़ से प्रभावित हुआ है। कॉरिडोर वर्तमान में भारत की ओर से बंद है। लंगर हॉल, परिक्रमा, सरोवर और सराय में पानी जानकारी के मुताबिक, रावी नदी का जल स्तर बढ़ने से गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के लंगर हॉल, परिक्रमा, सरोवर और सराय में पानी भर गया है। गुरु ग्रंथ साहिब को दूसरी मंजिल पर सुरक्षित रखा गया है, और अन्य धार्मिक पुस्तकें भी सुरक्षित हैं। बाढ़ के कारण जीरो लाइन क्षेत्र भी पानी में डूब गया है। रावी नदी का पानी धुसी बांध के ऊपर से बह रहा है, जिससे आसपास के खेतों में पानी भर गया है। बांध में एक दरार भी आ गई है, जिससे डेरा बाबा नानक शहर में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गौरतलब है कि गुरुद्वारा भारत-पाकिस्तान सीमा से 4 किलोमीटर दूर है। 2023 में भी डूबी थी जीरो लाइन उल्लेखनीय है कि जुलाई 2023 में रावी नदी में बाढ़ आई थी, जब जीरो लाइन डूब गई थी और कॉरिडोर पांच दिनों तक बंद रहा था। हालांकि, तब स्थिति इतनी गंभीर नहीं थी। इस बार गुरुद्वारा परिसर में भी पानी भर गया है। गुरुद्वारा प्रबंधन ने बताया कि पवित्र स्वरूप गुरु ग्रंथ साहिब शुरू से ही गुरुद्वारे की दूसरी मंजिल पर सम्मानपूर्वक स्थापित है, इसलिए यह पूरी तरह सुरक्षित है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद कॉरिडोर बंद बता दें कि करतारपुर कॉरिडोर को गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती पर नवंबर 2019 में खोला गया था। इसका उद्देश्य भारतीय श्रद्धालुओं को बिना वीजा के गुरुद्वारा दर्शन की सुविधा प्रदान करना था। इसे 'दक्षिण एशिया में शांति का गलियारा' भी कहा जाता है। यह कॉरिडोर पाकिस्तान के गुरुद्वारे को पंजाब के डेरा बाबा नानक से जोड़ता है। इस कॉरिडोर से तीर्थयात्रियों का आखिरी जत्था 7 मई को गया था। जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया, जिसके बाद कॉरिडोर को बंद कर दिया गया।  

Apple का सरप्राइज! iPhone 17 आएगा 9 सितंबर को, जानें खास फीचर्स

मुंबई  ऐपल का सालाना इवेंट 9 सितंबर को होगा. इस इवेंट का टाइटल Awe Dropping रखा गया है. इवेंट Cupertino (Apple Park) से सुबह 10 बजे PT पर शुरू होगा, जो भारत में 9 सितंबर की रात लगभग 10:30 बजे IST पर लाइव दिखेगा. क्या लॉन्च होने की उम्मीद है? रिपोर्ट्स और टिपस्टर्स के मुताबिक Apple इस बार iPhone 17, iPhone 17 Pro और iPhone 17 Pro Max पेश कर सकता है. साथ ही एक नया, बेहद पतला और हल्का वर्ज़न iPhone 17 Air भी लिस्ट में है. यह मॉडल डिजाइन में काफी बदलाव और पतले बेज़ल के साथ आ सकता है. डिजाइन और स्पेसिफिकेशन्स? लीक्स में बताया जा रहा है कि iPhone 17 Air को बहुत पतला रखने पर जोर दिया गया है. हाल ही में सैमसंग ने भी Galaxy S25 Edge लॉन्च किया है जो बेहद पतला है. हालांकि इस पतले मॉडल को लोगों ने उतना पसंद नहीं किया. देखना दिलचस्प होगा Apple के पतले iPhone को लोग कितना पसंद करते हैं. प्रो मॉडल्स में बड़े कैमरा सेंसर, बेहतर ऑप्टिकल सिस्टम और अपग्रेडेड प्रोसेसर की उम्मीद जताई जा रही है. सॉफ्टवेयर में फिलहाल कोई खास फीचर्स नहीं देखने को नहीं मिलेंगे. क्योंकि लिक्विड ग्लास डिजाइन पुराना हो चुका है. इवेंट कैसे देखें? Apple अपना इवेंट ऑफिशियली Apple.com, Apple TV ऐप और YouTube पर लाइवस्ट्रीम करेगा. भारतीय यूजर्स इन प्लेटफॉर्म्स पर 9 सितंबर की रात लाइव देख सकते हैं. जो लोग मोबाइल या टीवी पर देखना चाहें, वे इन प्लेटफॉर्म्स पर लॉग-इन करके स्ट्रीम देख सकते हैं. हमारे प्लेटफॉर्म पर भी आपको इसकी पूरी कवरेज मिलेगी. भारत में कीमत और उपलब्धता? आधिकारिक कीमत और बिक्री की तारीख Apple इवेंट के बाद ऐलान की जाएगी. रिटेल लॉन्च आम तौर पर इवेंट के कुछ हफ्ते बाद होता है. भारत में कीमतों और प्री-ऑर्डर की जानकारी Apple के ऑफिशियल इवेंट के बाद आएंगी. iPhone 17 Leaks     iPhone 17 Air बेहद पतला और हल्का होगा. कुछ रिपोर्ट्स में इसकी मोटाई ~5.5-5.6mm बतायी जा रही है, जिससे यह Apple का अब तक का सबसे स्लिम फोन बन सकता है.      Air मॉडल में सिंगल  कैमरा सेटअप और पतले बेज़ल की बात कही जा रही है, हालांकि प्रो मॉडल में मल्टी सेंसर होगा.      सैटेलाइट कॉलिंग फीचर में भी कोई अपग्रेड दिया जा सकता है.     A19 सीरीज चिपसेट को कंपनी सभी iPhone 17 सीरीज में दे सकती है. हालांकि कई बार कंपनी पुराना चिप लगा कर भी ने आईफोन बेचती है.     कुछ रिपोर्ट्स में iPhone 17 के लिए प्री ऑर्डर 19 सितंबर से शुरू हो सकता है.   

CM नीतीश के करीबी मंत्री श्रवण कुमार पर हमला, हमलावर फरार

पटना पटना से इस वक्त एक बड़ी खबर है। सड़क हादसे के पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे बिहार सरकार के मंत्री और विधायकों पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया है। गौरलतब है कि शनिवार सुबह पटना के शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के सिकिरियावां हाल्ट के पास ट्रक और ऑटो की टक्कर में 9 लोगों की मौत हो गई थी। सभी मृतक नालंदा जिले के हिलसा थाना क्षेत्र के मलावां गांव के रहने वाले थे। बुधवार को ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार और हिलसा विधायक कृष्ण मुरारी उर्फ प्रेम मुखिया पीड़ित परिवारों से मिलने गांव पहुंचे। दोनों नेताओं ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और वापस लौटने लगे। इसी दौरान ग्रामीणों ने उनसे आग्रह किया कि वे थोड़ी देर और गांव में रुकें। लेकिन मंत्री ने कहा कि वे सभी परिवारों से मिल चुके हैं और आगे का कार्यक्रम उन्हें अटेंड करना है। इस पर भीड़ गुस्से में आ गई। आक्रोशित लोगों ने अचानक लाठी-डंडे निकाल लिए ग्रामीणों का आरोप था कि हादसे के दिन विधायक के कहने पर ही उन्होंने सड़क जाम हटाया था, लेकिन आज तक उन्हें सही मुआवजा नहीं मिला। आक्रोशित लोगों ने अचानक लाठी-डंडे निकाल लिए और मंत्री व विधायक पर हमला कर दिया। हालात बिगड़ने पर दोनों नेता गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर भागकर किसी तरह अपनी जान बचा पाए। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराने में जुट गया।

IPL को अलविदा कहे आर अश्विन, भविष्य की योजनाओं पर किया खुलासा

नई दिल्ली महान ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अब इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL को भी अलविदा कह दिया है। बुधवार 27 अगस्त को उन्होंने आधिकारिक रूप से आईपीएल से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया। वे अब भारत में प्रोफेशनल क्रिकेट खेलते नजर नहीं आएंगे, क्योंकि इंटरनेशनल क्रिकेट को उन्होंने पिछले साल दिसंबर में ही ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में अलविदा कह दिया था। हालांकि, उन्होंने नया प्लान भी बताया है। अश्विन ने कहा है कि वे अन्य टी20 लीग्स में खेलते दिखाई देंगे। आर अश्विन ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर आईपीएल से रिटायरमेंट की जानकारी देते हुए लिखा, "खास दिन और इसलिए एक खास शुरुआत। कहते हैं हर अंत की एक नई शुरुआत होती है, एक आईपीएल क्रिकेटर के रूप में मेरा समय आज समाप्त हो रहा है, लेकिन विभिन्न लीगों में खेल के एक अन्वेषक के रूप में मेरा समय आज से शुरू हो रहा है। इतने सालों की शानदार यादों और रिश्तों के लिए सभी फ्रेंचाइजी टीमों का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा और सबसे जरूरी IPL और BCCI का, जो उन्होंने मुझे अब तक दिया है। आगे जो भी है उसका आनंद लेने और उसका पूरा लाभ उठाने के लिए उत्सुक हूं।" पिछले सीजन अश्विन चेन्नई सुपर किंग्स यानी सीएसके के लिए खेले, लेकिन परफॉर्मेंस उनकी अच्छी नहीं थी। ऐसे में उनको रिलीज किए जाने की संभावना था, लेकिन इससे पहले उन्होंने आईपीएल से रिटायरमेंट की ही घोषणा कर दी। IPL 2025 के मेगा ऑक्शन में चेन्नई सुपर किंग्स ने 9.75 करोड़ रुपये में आर अश्विन को खरीदा था, लेकिन उनका प्रदर्शन चेन्नई की पिचों पर भी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। यहां तक कि वे बाद में तो प्लेइंग इलेवन से भी ड्रॉप कर दिए गए थे। आर अश्विन ने आईपीएल 2025 में कुल 9 मैच चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेले, जो पॉइंट्स टेबल में सबसे आखिरी पायदान पर रही। इन मैचों में 7 विकेट ही उनको मिले। उनका इकॉनमी रेट 9.12 का रहा। सीएसके के लिए वे सीजन में सबसे ज्यादा विकेट निकालने वाले छठे खिलाड़ी थे, जबकि पर्पल कैप की रेस में यानी सीजन में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में वे 49वें नंबर पर थे। ओवरऑल वह आईपीएल में सबसे ज्यादा विकेट निकालने वाले पांचवें गेंदबाज हैं। उन्होंने 187 विकेट 221 मैचों में निकाले हैं।