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बिजली दुरुस्त करने की कोशिश में बड़ा हादसा, करंट लगने से शहडोल में दो भाइयों की जान गई

शहडोल जिले के बुढार थाना क्षेत्र के धनगवां गांव में करंट की चपेट में आने से दो भाईयों की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार घर की बिजली सुधारने के दौरान घटना घटी है । पहला भाई जब करंट की चपेट में आया तो दूसरे ने उसे बचाने का प्रयास किया और दोनों गंभीर घायल हो गए, जिसके बाद स्वजन दोनों को अस्पताल ले कर पहुंचे और दोनों की उपचार के दौरान मौत हो गई है। दोनों की उपचार के दौरान मौत पुलिस ने बताया कि धनगवां का पी के सिंह घर की लाइट सुधार रहा था, तभी वह बिजली की तार की चपेट में आ गया। बगल में मौजूद बड़े भाई राकेश सिंह ने देखा कि छोटे भाई को करंट लग गया है। जिसे बचाने वह दौड़ा और दोनों को बिजली के करंट ने अपने चपेट में ले लिया, तभी दोनों को करंट की चपेट में देख परिजनों ने बिजली का पावर बंद किया और आनन-फानन में दोनों को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया। जहां दोनों की उपचार के दौरान मौत हो गई है।   पुलिस के अनुसार इस घटना में राकेश सिंह (40) एवं पी के सिंह (26) की मौत हो गई है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार दोनों चचेरे भाई है। दोनों ही आजू-बाजू रहते है। छोटे भाई को बचाने में बड़ा भाई भी करंट की चपेट में आ गया। दोनों की उपचार के दौरान मौत हो गई है। पुलिस ने कहा, घटना के बाद हमें जानकारी नहीं मिली थी, उपचार के दौरान दोनों की मेडिकल कॉलेज में मौत हुई है। डायरी मेडिकल कॉलेज से आई है । हमने कायमी कर आगे की जांच के लिए विवेचना अधिकारियों को मौके पर भेजा है।

पांच दिवसीय दौरे पर झारखंड आएंगे कांग्रेस प्रभारी के. राजू, कार्यकर्ताओं से करेंगे मुलाकात

रांची  झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के राजू का राज्य में पांच दिवसीय दौरा आगामी 26 अगस्त से लेकर 31 अगस्त तक होगा। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने यह जानकारी दी। कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने बताया कि राजू एवं झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश 26 अगस्त को रांची के चटवल लोहरदगा के कुडू प्रखंड के ककरगढ, सुंदरू पंचायत कांग्रेस कमेटी की बैठक में भाग लेंगे। 27 अगस्त को पुराने विधानसभा भवन में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों के चयन के लिए नियुक्त पीसीसी पर्यवेक्षको, जिला अध्यक्षों की बैठक में भाग लेंगे। 28 अगस्त को गुमला जिला के सिसई प्रखंड के भदौली, भरनो प्रखंड के तुरीअम्बा और उटारी, 29 अगस्त को रांची के नामकुम प्रखंड के रामपुर खूंटी प्रखंड के मुरही पंचायत कांग्रेस कमेटी की बैठक में भाग लेंगे। इसके अलावा दिवंगत मंत्री स्वर्गीय रामदास सोरेन के घोड़ाबांधा स्थित आवास पर अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। 30 अगस्त को जमशेदपुर के बनकटी पंचायत शंकरदह पंचायत केरूया डूंगरी पंचायत कांग्रेस कमेटी की बैठक में भाग लेंगे।  

विकास की नई सौगात: मंत्री सुदिव्य कुमार ने रखी 2 करोड़ की योजनाओं की नींव

गिरिडीह झारखंड के गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र में 2 करोड़ की 14 विकास योजनाओं का नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने बीते शनिवार को विधिवत शिलान्यास किया तथा शहर के स्टेशन रोड स्थित बाबू वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया। इस अवसर पर मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि शहरी परिवहन और नागरिक सुविधा मद की राशि से जरूरत के आधार पर 14 योजनाओं का निर्माण कराया जा रहा है जिससे आने वाले दुर्गा पूजा में लोगों को परेशानी नहीं हो। मंत्री ने पुराने शहरी पेयजल आपूर्ति योजनाओं को बढ़ती जनसंख्या के लिए नाकाफी बताते हुए कहा कि अब एक नई योजना की जरूरत महसूस होने लगी है। ऐसे में जल्द ही गिरिडीह शहरी क्षेत्र को नए पेयजलापूर्ति योजना का सौगात देने के उद्देश्य से डीपीआर तैयार करने पर विचार चल रहा है।  

200 एकड़ में बने इसे रेल कारखाने में तैयार हो रहे मेक इन इंडिया वाले शक्तिशाली रेल इंजन

गिनी भेजे जाने वाले नीले रंग के इन इंजनों का नाम रखा गया है कोमो, 140 का होगा निर्यात  पटना राज्य के मढ़ौरा में मौजूद रेल इंजन कारखाना ने नई इबारत लिख दी है। यहां तैयार हो रहा इंजन अफ्रीकी देश गिनी की पटरियों पर दौड़ने के लिए तैयार है। चार इंजन की पहली खेप वहां के लिए रवाना हो गई है। मेक इन इंडिया की अवधारणा को सार्थक बनाते हुए निर्यात किए जाने वाले इन इंजनों का नाम ‘कोमो’ रखा गया है। गिनी देश का एक प्रतिनिधि मंडल इस वर्ष मई-जून में यहां आया हुआ था। इस दौरान 140 लोकोमोटिव इंजन के निर्यात का 3 हजार करोड़ रुपये एकरारनामा इस कंपनी के साथ हुआ था। इसके तहत दो महीने बाद ही पहली खेप रवाना हो रही है। जल्द ही ‘कोमो’ की अन्य खेपें रवाना की जाएगी। 4500 हार्स पॉवर है इन इंजनों की क्षमता गिनी देश के लिए निर्यात होने वाले इन रेल इंजनों की क्षमता 4500 हार्स पॉवर है। 200 एकड़ में फैला मढ़ौरा रेल कारखाने के निर्माण की प्रक्रिया अक्टूबर 2015 से शुरू हुई थी। यहां से निर्माण का कार्य 2018 से शुरू हुआ था और अब यहां जून 2025 से निर्यात की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यहां औसतन दो दिन में एक लोको इंजन तैयार किया जाता है। इस फैक्ट्री में दो हजार से अधिक पिलर हैं। इसकी चहारदिवारी 4.6 किमी है और इसकी आधारभूत संरचना को तैयार करने में 4500 मीट्रिक टन स्टील लगा है। फैक्ट्री के अंदर 4.8 किमी सड़क और 1.8 किमी रेल पटरी का निर्माण किया गया है। 10 हजार से अधिक मजदूर यहां काम करते हैं। निर्यात होने वाले इंजन का रंग रखा गया नीला इस रेल इंजन कारखाने से अभी 4500 हार्स पॉवर की क्षमता वाले इंजन का निर्माण हो रहा है। आने वाले समय में 6 हजार हार्स पॉवर तक की क्षमता वाले रेल इंजन का निर्माण करने की योजना है। भारत में सप्लाई होने वाले रेल इंजन का रंग लाल और पीला होता है। वहीं, गिनी निर्यात होने वाले रेल इंजन का रंग नीला रखा गया है। सभी इंजन का कैब पूरी तरह से एयरकंडीशन है। विदेश भेजे जाने वाले इन इंजनों में इवेंट रिकॉर्डर, लोको कंट्रोल, खास तरह का ब्रेक सिस्टम एएआर समेत अन्य कई खास तरह के उपकरण लगाए गए हैं, जिनकी उपयोगिता अलग-अलग तरह से है। इस कारखाने में 1528 कर्मचारी काम करते हैं, जिसमें 99 फीसकी कर्मी बिहार के रहने वाले हैं। साथ ही महिला कर्मियों की संख्या भी काफी है और वे कई बेहद महत्वपूर्ण कार्य मसलन वेल्डिंग, क्रेन संचारन, एसेंबली, टेस्टिंग में लगी हुई हैं। कर्मियों की औसतन उम्र 24 वर्ष है। बिहार के 17 अलग-अलग तकनीकी संस्थानों से यहां कर्मियों की नियुक्ति की जाती है। 700 इंजन का हो चुका निर्माण मढ़ौरा रेल इंजन कारखाना से 2018 से अब तक 700 इंजन का निर्माण हो चुका है। औसतन 100 रेल इंजनों का निर्माण प्रतिवर्ष किया जाता है। इसके अलावा पिछले नौ वर्षों में यहां 250 से अधिक रेल इंजन का मेंटेनेंस किया जा चुका है, जो गांधीधाम (गुजरात) स्थित रेल इंजन कारखाना से कहीं अधिक है। यहां पिछले 4 वर्षों में 500 रेल इंजनों को मेंटेन किया गया है। यह रेल कारखाना बिहार में निजी निवेश का सबसे बड़ा उदाहरण है। रेल मंत्रालय का इस कारखाना में सिर्फ 24 फीसदी की हिस्सेदारी है। जबकि, 76 फीसदी की हिस्सेदारी इस कारखाना को संचालित करने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनी वेबटेक की है। इस प्लांट में 800 करोड़ का निवेश है, जिसके आने वाले कुछ वर्षों में बढ़कर 3 हजार करोड़ रुपये होने की संभावना है।  बिहार को मिलती 900 करोड़ की जीएसटी इस रेल इंजन कारखाने से प्रति वर्ष बिहार को 900 करोड़ रुपये की जीएसटी प्राप्त होती है। इतनी ही जीएसटी केंद्र सरकार के खाते में भी जाती है। ऊर्जा का सालाना बिल सिर्फ 50 करोड़ रुपये से अधिक की आदायती यह कंपनी करती है। इस कंपनी के खुलने से आसपास के इलाके में आर्थिक गतिविधि कई तरह से बढ़ी है। 3 होटल, 7 रेस्टुरेंट, 6 स्कूल, 3 बैंक, 6 एटीएम समेत अन्य सुविधाएं यहां विकसित हुई हैं। वाराणसी रेल इंजन कारखाना से पिछले 50 वर्षों में 15 से 20 इंजन का निर्यात किया गया है। जबकि, मढ़ौरा के इस कंपनी से अकेले गिनी को 140इंजन निर्यात किए जा रहे हैं।

मनीष वर्मा का विपक्ष पर वार जो परिवार नहीं संभाल सके, बिहार क्या संभालेगा?”

दरभंगा जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव मनीष वर्मा ने दरभंगा के बेनीपुर में एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तेजस्वी यादव और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि “जो अपने परिवार को एकजुट नहीं रख पाए, वो बिहार को एक कैसे रख पाएंगे?”। मनीष वर्मा ने तेजस्वी यादव को "केवल मुख्यमंत्री बनने की आकांक्षा रखने वाला युवराज" बताया और कहा कि उन्हें बिहार से कोई लेना-देना नहीं है। राहुल गांधी पर तंज कसते हुए बोले कि वे देश को समझ ही नहीं पाए और विदेश यात्राओं में व्यस्त रहते हैं। उन्होंने नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में हुए विकास की चर्चा करते हुए कहा कि सड़क, बिजली, शिक्षा और कानून व्यवस्था में सुधार के बाद अब राज्य औद्योगिक क्रांति की ओर बढ़ रहा है। आने वाले 5 वर्षों में बिहार बड़े बदलाव का गवाह बनेगा।

मेंढक के बाद अब दाल में इल्ली! MP की आंगनबाड़ी पर बवाल

शिवपुरी करैरा कस्बे में शनिवार को बच्चों के पोषण आहार की दाल में महिलाओं ने इल्ली देखीं तो वार्ड में हंगामा खड़ा हो गया। महिलाओं ने मामले की शिकायत वार्ड में रहने वाली एक भाजपा नेत्री को दर्ज कराई। भाजपा नेत्री ने पूरे मामले से विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया। अधिकारियों ने मामले में नोटिस देने की बात कही है। शिकायतों की नहीं हुई सुनवाई जानकारी के अनुसार शनिवार को करैरा के वार्ड क्रमांक-4 की कुछ महिलाएं वार्ड क्रमांक-4 में रहने वाली भाजपा महिला मोर्चा की जिला कोषाध्यक्ष संगीता खत्री के पास पहुंचीं। उनका कहना था कि वार्ड के आंगनबाड़ी केंद्र पर आए दिन पोषण आहार कभी कीड़े तो कभी इल्ली निकलती हैं। कई बार शिकायत कर चुके हैं, कोई सुधार नहीं हो रहा। महिलाएं संगीता खत्री को अपने साथ आंगनबाड़ी केंद्र पर लेकर पहुंचीं।   महिलाओं ने आंगनबाडी केंद्र पर मचाया हंगामा वहां देखा तो दाल में इल्ली तैर रही थीं। इस पर महिलाओं ने आंगनबाड़ी केंद्र पर हंगामा कर दिया। मौके पर आंगनबाड़ी केंद्र पर पोषण आहार सप्लाई करने वाले समूह के कर्ताधर्ता तऊज खान भी पहुंच गए। संगीता खत्री के अनुसार उन्होंने इल्ली युक्त दाल को फिकवाया और बच्चों को खाने से रोका। महिलाओं ने आंगनबाडी केंद्र पर अक्सर ऐसा खाना मिलने के आरोप लगाए। इसके बाद मामले की शिकायत अधिकारियों को दर्ज कराई गई, जिस पर वह लोग भी केंद्र पर पहुंच गए। संगीता खत्री, कोषाध्यक्ष, भाजपा महिला मोर्चा ने कहा मैं जब आंगनबाड़ी केंद्र पर पहुंची तो वहां दाल में इल्ली थीं। मैंने वह खाना बच्चों को नहीं खाने दिया। पूरा खाना फिकवा दिया, ऐसा खाना खाने से तो बच्चे बीमार पड़ सकते हैं। तऊज खान ने बताया कि वह 5 केंद्रों पर पोषण आहार भेजते हैं। ऐसे में निश्चित ही यह खाना अन्य केंद्र के बच्चों ने तो खा ही लिया होगा।  

शिक्षित व्यक्ति समाज और देश को करते हैं सशक्त : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

वाल्मीकि समाज के प्रतिभावान बच्चों का किया सम्मान भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि शिक्षित व्यक्ति समाज और देश का नेतृत्व करता है। उसे सशक्त करता है। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज के बच्चों के सम्मान से उनके माता-पिता गौरवान्वित हुए हैं। बच्चों के सम्मान से उनके परिजनों का भी सम्मान हुआ है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने भारतीय वाल्मीकि जन विकास संघ द्वारा रीवा में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि वाल्मीकि समाज शिक्षा के प्रति जागरूक है। उन्होंने अपने बच्चों को कड़ी मेहनत कर पढ़ाया है। शिक्षा से ही विकास होता है और सुनहरे सपने शिक्षा के ही माध्यम से साकार होते हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सम्मान प्राप्त करने से विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ता है और उनसे प्रेरणा लेकर अन्य विद्यार्थी व परिजन शिक्षा के प्रति अपनी रूचि को सशक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज के विद्यार्थी प्रतिभावान हैं। जरूरत इस बात की है कि उन्हें प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने अपेक्षा की कि समाज के बच्चे लगन से शिक्षा लेकर आगे भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे। उप मुख्यमंत्री ने बाल्मीकि समाज द्वारा प्रस्तुत मांगों से सहमत होते हुए उनकी पूर्ति कराए जाने के लिए आश्वस्त किया। उप मुख्यमंत्री का वाल्मीकि समाज द्वारा शॉल एवं प्रतीक चिन्ह सौंपकर सम्मान किया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के लोग, प्रतिभाशील विद्यार्थी तथा उनके परिजन उपस्थित रहे।  

मातृ मृत्यु दर व नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने में समन्वित प्रयास आवश्यक : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

रीवा में नवजात बच्चों की देखभाल एवं किशोर स्वास्थ्य प्रशिक्षण कार्यशाला का किया शुभारंभ भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मातृ मृत्यु दर व नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने में समन्वित प्रयास आवश्यक है। रीवा जिले में इस चुनौती को अवसर के तौर पर लेना होगा। जनप्रतिनिधि एवं स्वास्थ्य व महिला बाल विकास के मैदानी अमले के अधिकारी-कर्मचारी लोगों को जागरूक करें तथा मातृ मृत्यु दर व शिशु मृत्यु दर को न्यून करने में अपनी भूमिका का निर्वहन करें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने रीवा में ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस पर जिला प्रशासन एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित नवजात बच्चों की देखभाल एवं किशोर मानसिक स्वास्थ्य के संबंध में पंचायतीराज संस्थाओं के सदस्यों की प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का पंजीयन कराकर उनकी नियमित जाँच की जाए। स्त्री रोग विशेषज्ञ प्रत्येक माह की 9 व 25 तारीख को स्वास्थ्य केन्द्र में अनिवार्यत: उपस्थित रहें और इनकी जाँच करें। टेलीमेडिसिन सुविधा का लाभ प्राप्त कर वरिष्ठ चिकित्सकों से भी परामर्श लेकर गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जाँच व इलाज कराएं। उन्होंने यूनिसेफ के प्रतिनिधियों से अपेक्षा की कि गांवों में शत-प्रतिशत महिलाओं व नवजात शिशुओं के इलाज व जाँच में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम के सहयोग व निष्ठापूर्वक किए गए कार्य से ही रीवा जिले में आगामी 6 माह में सार्थक परिणाम सामने आएंगे और इस कार्यशाला का औचित्य सफल होगा। उन्होंने कहा कि स्कूल जाने वाली बालिकाओं के स्वास्थ्य की भी नियमित जाँच हो। पशुपतिनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं एवं डेयरी विभाग के परिसर में स्थापित पशुपतिनाथ मंदिर में आयोजित मानस पाठ के समापन अवसर पर पशुपतिनाथ भगवान एवं हनुमान जी की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने परिसर में वृक्षारोपण भी किया। मनकामेश्वर मंदिर में निर्माणाधीन कार्यों का लिया जायजा उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने रीवा शहर के कोठी कंपाउण्ड में स्थित मनकामेश्वर मंदिर में चल रहे सौंदर्यीकरण के निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने मंदिर में भगवान शिव की पूजा-अर्चना भी की।  

इंडस्ट्री रेडी दक्ष मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी रिश्ता योजना

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि "रिश्ता" योजना न केवल युवाओं के कौशल को निखारने का माध्यम है, बल्कि प्रदेश एवं देश की अवसंरचना विकास यात्रा में उनके योगदान को सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है। यह योजना, इंडस्ट्री रेडी दक्ष एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करेगी। मंत्री श्री परमार ने रविवार को शुजालपुर स्थित मां शारदा सांदीपनि विद्यालय में, युवाओं को रोज़गारोन्मुखी कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से आरंभ किए गए "रिश्ता (RISHTA : Recruiting Industries Supporting Holistic Training with Alignment)" योजना के पोस्टर का विमोचन किया। योजना का उद्देश्य : युवाओं को रोजगारपरक और व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना “रिश्ता” योजना का पूरा नाम, "रिक्रूटिंग इंडस्ट्रीज सपोर्टिंग हॉलिस्टिक ट्रेनिंग विथ एलाइनमेंट" (RISHTA : Recruiting Industries Supporting Holistic Training with Alignment) है। यह योजना, युवाओं को रोज़गारोन्मुखी कौशल (Skill Development) देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। रिश्ता योजना, एक उद्योग-आधारित कौशल विकास योजना है, जिसका उद्देश्य युवाओं को रोजगारपरक और व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है। इसका मुख्य लक्ष्य उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित कर, उन्हें "हाईवे कंस्ट्रक्शन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर" में अवसर दिलाना है। यह योजना "एसजीएसआईटीएस, इंदौर" और "PATH India Ltd" के संयुक्त सहयोग से संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत "सिविल इंजीनियरिंग" छात्रों के लिए सर्वेइंग (Surveying) एवं , क्वॉलिटी एश्योरेंस/क्वॉलिटी कंट्रोल (Quality Assurance/Quality Control) (QA/QC) जैसे पाठ्यक्रम और "मैकेनिकल इंजीनियरिंग" छात्रों के लिए कंस्ट्रक्शन मैकेनिकल स्किल्स (Construction Mechanical Skills) पर केंद्रित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक पाठ्यक्रम की अवधि 225 घंटे (75 दिन) होगी और कक्षाएँ शाम के समय आयोजित की जाएँगी, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इसमें सम्मिलित हो सकें। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। साथ ही उन्हें उद्योग में इंटर्नशिप, प्रायोगिक अनुभव और 50% से अधिक प्लेसमेंट सहायता भी उपलब्ध होगी। "रिश्ता योजना की मुख्य बातें, लाभ एवं प्रभाव" रिश्ता योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को तकनीकी, व्यावसायिक और उद्यमिता (Technical, Vocational & Entrepreneurship Training) प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षण के बाद युवाओं को उद्योगों, स्टार्टअप्स और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की व्यवस्था रहती है। विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट वर्क और प्रैक्टिकल लैब्स के अवसर मिलते हैं ताकि वे केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान भी प्राप्त कर सकें। योजना में विशेष ध्यान ग्रामीण एवं वंचित वर्गों पर भी दिया गया है ताकि उन्हें भी समान अवसर मिल सकें।। इस योजना में विद्यार्थियों एवं युवाओं को, निःशुल्क या कम शुल्क पर प्रशिक्षण, प्रमाणपत्र और रोजगार के अवसर मिलते हैं। शैक्षणिक संस्थानों का, उद्योगों से जुड़ाव बढ़ता है और विद्यार्थियों की प्लेसमेंट दर सुधरती है। उद्योग जगत को, प्रशिक्षित एवं दक्ष मानव संसाधन मिलता है। बेरोज़गारी घटती है और आर्थिक प्रगति होती है, इससे समाज एवं देश को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलता है। “रिश्ता योजना” का लाभ मुख्य रूप से युवाओं को है, लेकिन इसका सकारात्मक प्रभाव उद्योग, शिक्षा संस्थान और पूरे समाज पर पड़ता है। इस अवसर पर एसजीएसआईटीएस इंदौर के निदेशक डॉ. नितेश पुरोहित, आईआईटी इंदौर के प्रोफेसर डॉ. संतोष विश्वकर्मा, होलकर साइंस कॉलेज इंदौर के एचओडी डॉ प्रदीप शर्मा, जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय शुजालपुर के प्राचार्य डॉ. राजेश शर्मा, माँ शारदा सांदीपनि विद्यालय शुजालपुर के प्राचार्य डॉ. रजनीश त्रिवेदी एवं डॉ. शिवपाल मेवाड़ा सहित विभिन्न प्रशिक्षक, शिक्षकगण, विद्यार्थी, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं अन्य गणमान्य जन उपस्थित थे।  

ट्रेन बनी खुशियों की सवारी, सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस में महिला ने दिया बच्चे को जन्म

सतना कभी मुसाफिरों को मंज़िल तक पहुँचाने वाली ट्रेन, आज किसी की ज़िंदगी की शुरुआत की गवाह बन गई। सूरत से भागलपुर जा रही एक्सप्रेस ट्रेन रविवार सुबह एक अनोखी और भावुक घटना की साक्षी बनी, जब ट्रेन के स्लीपर कोच में सफर कर रही 21 वर्षीय गर्भवती महिला ने चलती ट्रेन में एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। यह क्षण न केवल मानवीय संवेदना से भरपूर था, बल्कि इसने यह भी दिखाया कि संकट की घड़ी में अनजान मुसाफिर कैसे अपनों से बढक़र बन जाते हैं। मैहर और सतना के बीच हुई प्रसव पीड़ा ट्रेन संख्या 22947 में सवार राज कुमारी अपने पति राजेश कुमार के साथ उधना से भागलपुर की यात्रा पर थीं। जैसे ही ट्रेन मैहर और सतना के बीच पहुंची, राज कुमारी को तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति गंभीर होते देख स्लीपर कोच की महिला यात्रियों ने तुरंत सक्रियता दिखाई। उन्होंने चादरों से पर्दा बनाकर अस्थायी प्रसव कक्ष तैयार किया और मिल-जुलकर महिला की डिलीवरी करवाई। महिला यात्रियों ने न सिर्फ प्रसव में मदद की, बल्कि तुरंत जीआरपी को भी सूचित किया। सतना स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने से पहले ही एम्बुलेंस और मेडिकल स्टाफ को तैयार कर दिया गया था। सुबह करीब 4 बजे जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर पहुंची, मां और नवजात को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ, मुसाफिरों ने मनाई खुशी डॉक्टरों की टीम ने मां और नवजात की जांच की और दोनों को पूर्णत: स्वस्थ घोषित किया। अस्पताल से खबर मिलते ही ट्रेन में सवार यात्रियों के चेहरों पर मुस्कान आ गई। यात्रियों ने इसे ‘जीवन का सबसे सुंदर सफर’ बताया और कहा कि ‘सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस अब सिर्फ एक ट्रेन नहीं, जननी एक्सप्रेस बन गई है।’