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अजमीत सिंह मर्डर केस का आरोपी गुरलाल सिंह हरियाणा में दबोचा गया, पुलिस को मिली सफलता

चंडीगढ़. पंजाब पुलिस ने तरनतारन जिले में हुई हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी गुरलाल सिंह को गिरफ्तार किया है। पंजाब की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के साथ संयुक्त अभियान चलाकर यह गिरफ्तारी की। आरोपी सितंबर 2026 में तरनतारन जिले के नौशेरा पन्नुआं में अजमीत सिंह की हत्या के मामले में वांछित था। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस कार्रवाई की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर पंजाब और हरियाणा पुलिस की टीमों ने समन्वित अभियान चलाया। इस दौरान आरोपी को हरियाणा के नूंह जिले से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड की जांच के दौरान इससे पहले एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स पंजाब ने तरनतारन पुलिस के साथ मिलकर एक अन्य आरोपी साजनप्रीत सिंह को भी गिरफ्तार किया था। अब मुख्य आरोपी गुरलाल सिंह की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय और खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाए गए अभियान से आरोपी तक पहुंचने में मदद मिली। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अजमीत सिंह की हत्या कथित तौर पर विदेश में छिपे भगोड़े गैंगस्टरों प्रभ दस्सुवाल और डोनी बाल के इशारे पर की गई थी। पुलिस को आशंका है कि इस वारदात के पीछे गैंगों के बीच आपसी रंजिश हो सकती है। हालांकि, हत्या के पीछे की पूरी वजह और आरोपियों की भूमिका की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद हो सकेगी। पुलिस इस मामले में आपराधिक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। पंजाब पुलिस के अनुसार, इस मामले से जुड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश कर दिया गया है। अब जांच एजेंसियां आरोपियों के आपसी संपर्कों, वारदात की साजिश और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी हैं। इसके लिए मामले की आगे और पीछे की कड़ियों (फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज) की जांच की जा रही है। पंजाब पुलिस ने कहा कि राज्य में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करना, अपराधियों को कानून के दायरे में लाना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। संगठित अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

मां स्कंदमाता की पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं? जानें पूजा विधि, प्रिय भोग और आरती

Navaratri 5  day: नवरात्र के पांचवें दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है. ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा करने से संतान सुख की प्राप्ति की कामना पूरी होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय की माता हैं. मां स्कंदमाता के स्वरूप की बात करें, तो उनकी चार भुजाएं हैं. माता ने अपने दो हाथों में कमल के फूल धारण किए हुए हैं. एक हाथ से मां भक्तों को आशीर्वाद देती हैं, जबकि दूसरे हाथ में उन्होंने अपने पुत्र स्कंद यानी भगवान कार्तिकेय को बाल रूप में धारण की हुई हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां स्कंदमाता को पार्वती और गौरी के नाम से भी जाना जाता है. स्कंदमाता की आरती (Skandmata ki Aarti) जय तेरी हो स्कंदमाता पांचवां नाम तुम्हारा आता सबके मन की जानन हारी जग जननी सबकी महतारी तेरी जोत जलाता रहूं मैं हरदम तुझे ध्याता रहूं मैं कई नामों से तुझे पुकारा मुझे एक है तेरा सहारा कहीं पहाड़ों पर है डेरा कई शहरों में तेरा बसेरा हर मंदिर में तेरे नजारे गुण गाए तेरे भक्त प्यारे भक्ति अपनी मुझे दिला दो शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो इंद्र आदि देवता मिल सारे करे पुकार तुम्हारे द्वारे दुष्ट दैत्य जब चढ़ कर आए तू ही खंडा हाथ उठाए दासों को सदा बचाने आयी भक्त की आस पुजाने आयी मां स्कंदमाता की पूजा विधि     नवरात्रि के पांचवें दिन सुबह स्नान करके साफ-सुथरे वस्त्र पहनें.     पूजा स्थल पर मां स्कंदमाता की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें और गंगाजल छिड़ककर पूजा स्थल को शुद्ध करें.     एक कलश में जल भरकर उसमें कुछ सिक्के डालें और उसे पूजा स्थल पर रखें.     मां स्कंदमाता को रोली और कुमकुम का तिलक लगाएं.     माता को फूल, भोग और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें.     मां स्कंदमाता को केले का भोग लगाएं.     माता को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें.     अंत में श्रद्धापूर्वक मां स्कंदमाता की आरती करें और सुख-समृद्धि की कामना करें. मां स्कंदमाता ध्यान मंत्र  सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी या देवी सर्वभू‍तेषु मां स्कंदमाता रूपेण संस्थिता  नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

स्कॉर्पियो में गुप्त बॉक्स बनाकर रखे थे 1.29 करोड़ रुपये, तीन थानों की पुलिस ने 3 आरोपियों को पकड़ा

मंदसौर/गरोठ मंदसौर पुलिस ने बिना नंबर की स्कॉर्पियो से एक करोड़ 29 लाख कैश पकड़ा है। रकम कार में अलग-अलग बॉक्स बनाकर छिपाई गई थी। मामले में उत्तर प्रदेश के दो लोगों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूछताछ कर रही है कि रकम किसकी है, कहां से आई और कहां ले जाई जा रही थी? इसके नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े होने की आशंका है। दरअसल, शामगढ़ थाना पुलिस को टिप मिली थी कि बरखेड़ा उदा गांव के सरपंच भवानी शंकर मीणा के घर दो संदिग्ध लोग पहुंचे हैं। उनकी स्कॉर्पियो में अवैध कैश है। सूचना पर शामगढ़, सुवासरा और भानपुरा थानों की संयुक्त टीम ने सरपंच के घर को घेर लिया। भवानी शंकर मीणा (49), मोहम्मद इस्लाम (47) और सूर्य प्रकाश गंगवार (59) को गिरफ्त में ले लिया। बारीकी से जांच की तो मिले गुप्त खाने इस्लाम और सूर्य प्रकाश उत्तर प्रदेश में बरेली के रहने वाले हैं। पुलिस ने उनसे एमपी आने की वजह पूछी तो वे गोलमोल जवाब देने लगे। इसके बाद पुलिस उनकी गाड़ी को शामगढ़ थाने ले आई। यहां मैकेनिक को बुलाकर कार की बारीकी से जांच कराई गई। इसमें गाड़ी के अंदर खास तौर पर बनाए गए गुप्त खानों से कुल 1 करोड़ 29 लाख रुपए कैश निकला। पुलिस ने आयकर विभाग को दी जानकारी पुलिस ने केस दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। नशे के नेटवर्क के बारे में तहकीकात की जा रही है। आयकर विभाग को भी इसकी जानकारी दे दी है।

धर्मनगरी राजनांदगांव में खाद्य विभाग की कार्रवाई, दुकानों पर मारे छापे

राजनांदगांव. क्वांर नवरात्रि पर्व 2026 के अवसर पर धर्मनगरी डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी के दर्शन हेतु आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम द्वारा मेला क्षेत्र में सतत एवं सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। कुल 21 प्रतिष्ठानों पर दबिश दी गई है। मेला अवधि के दौरान श्रद्धालुओं को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य व पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के दल द्वारा मेला प्रांगण में संचालित कुल 21 खाद्य प्रतिष्ठानों / दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान होटल, रेस्टोरेंट, मिष्ठान्न भंडार, चाट – समोसा ठेला, प्रसाद विक्रय केंद्रों एवं पेय पदार्थ स्टॉलों की जांच की गई तथा खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक कड़े निर्देश जारी किए गए। खाद्य सामग्री का ढंका होना अनिवार्यः चाट, समोसा, जलेबी, मिठाई एवं अन्य खुले खाद्य पदार्थों को पूरी तरह ढंककर अथवा जालीदार शोकेस में ही रखने के निर्देश दिए गए, ताकि धूल, मक्खी एवं कीटों से बचाव हो सके। स्वच्छ पेयजल एवं खाद्य- ग्रेड बर्फ का उपयोग पेय पदार्थों (जूस, लस्सी, शरबत आदि) के निर्माण में केवल पीने योग्य स्वच्छ पानी और खाद्य-ग्रेड बर्फ का ही उपयोग करने की सख्त हिदायत दी गई। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि मेला अवधि के दौरान खाद्य सुरक्षा दल द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है और संदेहास्पद खाद्य सामग्रियों के नमूने भी लिए जा रहे हैं। यदि किसी भी प्रतिष्ठान में दूषित, बासी अथवा अमानक खाद्य सामग्री का विक्रय पाया जाता है, तो संबंधित खाद्य कारोबारी के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

सिंधिया परिवार के बंटवारा विवाद में नया मोड़, मसौदे पर धोखाधड़ी से हस्ताक्षर लेने के आरोपों पर सुनवाई

ग्वालियर   सिंधिया राज परिवार की संपत्ति को लेकर चल रहे समझौता विवाद में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है. समझौता प्रतिवेदन पर कोर्ट में धोखाधड़ी के आधार पर आपत्ति लगाने वाली ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ पद्मराजे राणा की बेटी प्रतिमा देवी को लेकर कोर्ट ने अहम आदेश दिया है. कोर्ट ने ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी तीनों बुआओं के खिलाफ अदालत में धोखाधड़ी के सबूत पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।  पद्मराजे राणा की बेटी ने लगाई बंटवारा विवाद में आपत्ति केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बुआओं के बीच सिंधिया राज परिवार के 40 हज़ार करोड़ रु के संपत्ति बंटवारा को लेकर चला आ रहा विवाद भले ही आपसी समझौते तक पहुंच गया हो लेकिन कोर्ट में नए दावेदार की आपत्ति के बाद मामला और उलझ गया था. ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ पद्माराजे की बेटी प्रतिमा देवी ने संपत्ति में अपनी मां के अधिकार को लेकर हिस्सेदारी का दावा किया है. साथ ही सहमति से समझौते के मसौदे के लिए हस्ताक्षर धोखाधड़ी से लिए जाने का आरोप लगाया था।  पिछली सुनवाई में हुई थी प्रतिमा देवी के आरोपों पर बहस प्रतिमा देवी के आवेदन पर ग्वालियर कोर्ट ने मामले में उन्हें पक्ष रखने का मौका दिया था, जिसके तहत पिछली 7 अक्टूबर को उनके आवेदन पर बहस हुई थी. इसमें प्रतिमा देवी की और से दावा किया गया था कि, समझौते के लिए पूर्व में सहमति पत्र पर उनकी मां के हस्ताक्षर धोखे से लिए गए थे. जबकि इसके जवाब में उनकी तीनों मौसियों उषा राजे, वसुंधरा राजे और यधोधरा राजे सिंधिया की और से कोर्ट को कहा गया कि आरोप निराधार हैं. साथ ही यह भी बताया था की, हस्ताक्षर सहमति से हुए थे, इसके बाद फैमिली का रॉयल डिनर भी हुआ था और सबने फोटोग्राफ्स भी लिए थे. दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपन फैसल सुरक्षित रख लिया था।  कोर्ट का आदेश- साक्ष्य से साबित करें धोखाधड़ी  जब इस केस पर दोबारा सुनवाई हुई तो अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आत्मा राम टोंक ने अपना फैसला सुनाते हुए प्रतिमा देवी को अगली हियरिंग में गवाही देने और धोखाधड़ी के सबूत पेश करने को कहा है. उन्हें साबित करना होगा कि, हस्ताक्षर धोखाधड़ी से कराए गए थे. इसके अलावा अगली सुनवाई पर ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी तीनों बुआओं की और से बंटवारा आपसी राजीनामा होने का पक्ष रखा जाएगा. इस केस से जुड़े वकील एड शर्मा ने बताया कि अब अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी। 

पंजाब में फिर बदलेगा मौसम, तीन दिन का यलो अलर्ट जारी; रामलीला मंच को नुकसान

पठानकोट/ जालंधर / मानसा पंजाब में मौसम विभाग ने आज (15 अक्टूबर) भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके साथ ओले भी गिर सकते हैं। बुधवार रात तरनतारन के पट्टी में ओले गिरे। वहीं गुरुवार सुबह पठानकोट, जालंधर और मानसा में बारिश हुई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), चंडीगढ़ के अनुसार, आज बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका है। हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 16 अक्टूबर से पंजाब में मौसम की गतिविधियां कमजोर पड़ने के आसार हैं। 9 जिलों में ओलावृष्टि संभव, 13 में अलर्ट मौसम विभाग के जिला-स्तरीय पूर्वानुमान के मुताबिक, पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में ओले गिरने की आशंका है। इन जिलों में कई स्थानों पर बारिश भी हो सकती है। वहीं, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर और संगरूर में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। इन 13 जिलों में मौसम खराब रहने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। इसके अलावा तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। हालांकि, हर जिले में बारिश या ओलावृष्टि की तीव्रता एक जैसी नहीं होगी। किसानों के लिए जरूरी: खुले धान को ढकें बारिश और तेज हवाओं से खेतों में खड़ी फसल के साथ मंडियों में खुले में रखा धान भी प्रभावित हो सकता है। धान की कटाई और खरीद के सीजन में बारिश से उपज भीगने, उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने और ढुलाई में देरी का खतरा है। बिजली चमके तो पेड़ के नीचे न रुकें आंधी-तूफान के दौरान बिजली गिरने, पेड़ टूटने और बिजली की तारों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। ऐसे में आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।मौसम में अचानक यह बदलाव क्यों, कब से मिलेगी राहत पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम बदलने की वजह उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू-कश्मीर के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ तथा उत्तरी हरियाणा के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण है। इनके प्रभाव से क्षेत्र में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ी हैं। IMD ने 16 अक्टूबर से पंजाब के लिए चेतावनी नहीं दिखाई गई है, जिससे मौसम की गतिविधियों में कमी आने के संकेत मिलते हैं। बारिश से बढ़ेगी ठंडक  भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार सोमवार को पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में पिछले दिन के मुकाबले 4.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई, लेकिन यह सामान्य से 2.4 डिग्री नीचे बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में सबसे अधिक तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस रूपनगर में दर्ज किया गया। पंजाब के न्यूनतम तापमान में गिरावट भी दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य का औसत न्यूनतम तापमान पिछले दिन की तुलना में 4.1 डिग्री नीचे आया और सामान्य के करीब रहा। पठानकोट में सबसे कम न्यूनतम तापमान 15.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विभिन्न शहरों का तापमान  अमृतसर का अधिकतम पारा 29.7 डिग्री, लुधियाना का 31.6 डिग्री, पटियाला का भी 31.6 डिग्री, पठानकोट का 29.3 डिग्री, बठिंडा का 29.1 डिग्री, एसबीएस नगर का 30.0 डिग्री, फरीदकोट का 30.3 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अमृतसर का न्यूनतम पारा 16.9 डिग्री, लुधियाना का 17.2 डिग्री, पटियाला का 18.0 डिग्री, पठानकोट का 17.2 डिग्री, बठिंडा का 16.5 डिग्री दर्ज किया गया। 

विरोध-प्रदर्शनों पर GST की मार, रामलीला मैदान का किराया कितना?

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हालिया विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने आधिकारिक प्रोटेस्ट साइट जंतर-मंतर को लिस्ट से हटा दिया है और उसकी जगह तीन नए स्थान चिह्नित किए हैं। इनमें रामलीला मैदान, सीबीएस ग्राउंड (शाहदरा) और बुराड़ी ग्राउंड शामिल है। बड़ी बात यह है कि अब तक लोग बिना एक पैसे खर्च किए संसद से नजदीक और सेंट्रल दिल्ली में जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन अब उन्हें ऐसे विरोध प्रदर्शन करने के लिए न सिर्फ लाख रुपये से ज्यादा खर्च करने पड़ेंगे बल्कि जगह के लिए लंबा इंतजार भी करना पड़ सकता है। इसके अलावा उन्हें उन स्थानों पर लगने वाली कीमत पर GST भी चुकानी पड़ेगी। कुल मिलाकर कहें तो राजधानी दिल्ली में अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना अब जेब पर भारी पड़ने वाला है। जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में रद्द किए जाने के बाद, अब सरकार द्वारा स्वीकृत नए मैदानों पर प्रदर्शन करने के लिए आयोजकों को 1 लाख रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि खर्च करनी होगी। इस लागत में सुरक्षा जमा राशि, सफाई शुल्क और 18% जीएसटी (GST) भी शामिल है। बता दें कि रामलीला मैदान की बुकिंग MCD (नगर निगम) संभालता है, जबकि CBS ग्राउंड (शाहदरा) और बुराड़ी ग्राउंड DDA (दिल्ली विकास प्राधिकरण) के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। हालांकि, DDA राजनीतिक गतिविधियों के लिए मैदान कैसे आवंटित करेगा, इसके नियम अभी बनाए जा रहे हैं। रामलीला मैदान में 1 दिन का कितना खर्च? जंतर-मंतर पर जहाँ मुफ्त में प्रदर्शन किया जा सकता था, वहीं ऐतिहासिक रामलीला मैदान में केवल एक दिन के प्रदर्शन की कुल बुकिंग लागत 1,21,080 रुपये बैठती है। बारीकी से नजर डालें तो इसके तहत सुरक्षा जमा राशि 50,000, मैदान सुरक्षा शुल्क 5,000, दैनिक किराया 50,000, दैनिक सफाई शुल्क 4,000, लाइसेंस शुल्क 2,000 और 18% जीएसटी 10,080 रुपये शामिल है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, इस तरह रामलीला मैदान बुक करने के लिए कुल 1,21,080 रुपये का खर्च आएगा। शाहदरा (CBS) और भलस्वा ग्राउंड का गणित DDA के ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल पर फिलहाल राजनीतिक गतिविधियों के लिए अलग से कोई स्पष्ट श्रेणी नहीं बनाई गई है। वैसे सीबीएस ग्राउंड के 3,000 वर्ग मीटर क्षेत्र की एक दिन की बुकिंग के लिए 95,832 रुपये, सुरक्षा जमा 9,982 रुपये, सफाई शुल्क और ₹1,800 जीएसटी 18 फीसदी मिलाकर वहां के लिए कुल 1,07,614 देने पड़ते हैं। हालांकि, सिक्योरिटी डिपॉजिट को छोड़कर, रोज़ाना का खर्च ₹11,782 होगा। किराया बुक की गई जगह के साइज़ पर निर्भर करता है। बुराड़ी ग्राउंड के लिए देने होंगे 2,87,333 रुपये बुराड़ी ग्राउंड की बुकिंग के लिए भी पेमेंट का ऐसा ही तरीका है,जो अभी DDA की बुकिंग लिस्ट में नहीं दिख रहा है। बुराड़ी ग्राउंड की जगह अभी भलस्वा ग्राउंड लिस्ट में है। वहां 8,000 वर्ग मीटर जगह बुक करने के लिए ₹2,55,552 की सिक्योरिटी डिपॉजिट, ₹26,933 का रोज़ाना सफाई का खर्च, और टैक्स के तौर पर ₹4,850 की जरूरत होगी। यानी इस मैदान पर प्रदर्शन करने के लिए कुल 2,87,333 रुपये का भुगतान करना होगा। भले ही सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस मिल जाए, फिर भी इस ग्राउंड के इस्तेमाल का रोज़ाना खर्च ₹31,733 बैठता है; दूसरे शब्दों में, कहें तो जंतर-मंतर के बंद होने से अब दिल्ली में कोई भी सामाजिक या राजनीतिक प्रदर्शन आयोजित करना एक बेहद खर्चीला काम बन गया है।

पंजाब में अवैध खनन पर CBI का एक्शन, होशियारपुर के गांव अमरो में छापेमारी

होशियारपुर  पंजाब के होशियारपुर जिले में अवैध माइनिंग के ठिकानों पर केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने अचानक रेड मारी है. जिले के तलवाड़ा इलाके में पड़ने वाले अमरो गांव में जांच एजेंसी की करीब 10 गाड़ियां एक साथ मौके पर पहुंची हैं. जिस इलाके में लंबे समय से अवैध खनन किए जाने के आरोप लग रहे थे, वहां सीबीआई की इस कार्रवाई से खनन करने वालों के बीच हलचल मच गई है. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद इस कार्रवाई को काफी अहम माना जा रहा है. इस क्षेत्र में 100 से 110 फीट तक गहरी माइनिंग करने और पहाड़ गायब करने के मामलों में जांच की संभावना जताई जा रही है।  जानकारी के अनुसार दसूहा, मुकेरियां और तलवाड़ा इलाके में अवैध माइनिंग से जुड़ा यह विवाद पहले ही अदालत की दहलीज तक पहुंच चुका है. स्थानीय स्तर पर ऐसे गंभीर आरोप लगे हैं कि कुछ जगहों पर 100 से 110 फीट तक गहरी माइनिंग की गई थी. कई स्थानों पर तो अवैध खनन के जरिए पूरे पहाड़ को ही गायब कर दिया गया था।  इसी मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की तरफ से सीबीआई को निर्देश दिए गए थे. हालांकि हाईकोर्ट के उन निर्देशों और आज की इस कार्रवाई के बीच के ऑफिशियल संबंध की पुष्टि अभी नहीं हुई है।  फिलहाल अमरो गांव में चल रही इस रेड से जुड़े कई विजुअल्स सामने आए हैं, जिनमें जांच एजेंसी की गाड़ियां मौके पर नजर आ रही हैं. इसके बावजूद अधिकारियों की तरफ से इस कार्रवाई, जांच के दायरे या किसी संभावित बरामदगी को लेकर कोई ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है. स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने भी इस मामले पर अभी तक कोई बयान नहीं दिया है। 

पटना में नवरात्र के दौरान केले की मांग बढ़ी, जानें कैसे करें अच्छे और सुरक्षित केले की पहचान

पटना  नवरात्र में व्रत रखने वालों के बीच केले की मांग बढ़ गई है। बाजार में बड़ी मात्रा में केले बिक रहे हैं, लेकिन इन्हें पकाने के तरीके को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जल्दी पकाकर बाजार में उतारने की होड़ में कुछ कारोबारी अनुचित रसायनों का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में केवल केले का रंग और चमक देखकर उसकी गुणवत्ता तय करना सही नहीं है। जल्दी पकाने के चक्कर में सेहत से खिलवाड़ का खतरा त्योहारों के दौरान फलों की बढ़ती मांग के कारण उनकी आपूर्ति भी तेज हो जाती है। ऐसे में फलों को कृत्रिम तरीके से पकाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, केवल पीले रंग या चमक के आधार पर किसी केले को रसायन से पकाया हुआ नहीं कहा जा सकता। इसके लिए उचित जांच जरूरी है। हर पीला केला केमिकल वाला नहीं होता प्राकृतिक रूप से पके केले का रंग हल्के हरे से पीले तक हो सकता है और उस पर भूरे धब्बे भी दिख सकते हैं। दूसरी ओर, एकसमान पीला रंग या हरा डंठल होना अपने आप में रासायनिक पकाने का प्रमाण नहीं है। उपभोक्ताओं को फल की गुणवत्ता के साथ उसकी गंध, बनावट और ताजगी पर भी ध्यान देना चाहिए। गलत तरीके से पकाने पर हो सकती है परेशान फलों को पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले पदार्थों की गुणवत्ता और मात्रा निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। खाद्य सुरक्षा मानकों के विपरीत रसायनों का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है। प्रशासन की नजर, खाद्य सुरक्षा जांच पर जो त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। बाजार में बिकने वाले फलों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जांच और निगरानी महत्वपूर्ण है। रसायनों के अनुचित इस्तेमाल की आशंका वाले मामलों में नमूने लेकर जांच करने से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। केले खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान केले खरीदते समय सड़े, कटे, चिपचिपे या असामान्य गंध वाले फल न लें। विश्वसनीय विक्रेता से फल खरीदें और खाने से पहले केले को साफ पानी से धोकर छीलें। छीलने के बाद हाथ भी साफ कर लें। याद रखें कि घरेलू स्तर पर देखकर यह निश्चित करना संभव नहीं है कि केला किस तरीके से पकाया गया है। सेहत के लिए जरूरी बात नवरात्र में फलाहार करते समय साफ-सुथरे और अच्छी गुणवत्ता वाले फल चुनें। किसी फल का रंग देखकर ही उसे नकली या जहरीला न मानें। संदेह होने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना दें।     केमिकल से पकाए गए केले का सेवन सेहत पर बुरा असर डाल सकता है। इससे पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए केला खरीदते समय सावधानी बरतें और उसकी गुणवत्ता पर ध्यान दें।     सुधाकर मिश्रा, डायटीशियन , पटना  

शिक्षकों की मनमानी पर सख्ती, छिंदवाड़ा में कार्यस्थल पर रहना अनिवार्य; BEO-BRC को नोटिस

छिंदवाड़ा  विकासखंड शिक्षा अधिकारी हो या फिर विकासखंड शिक्षा कोऑर्डिनेटर या फिर कोई भी शिक्षक जिसकी जहां पर ड्यूटी है उसे वहीं पर रहना होगा. ऐसा नहीं हुआ तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी. कलेक्टर ने आदेश जारी करते हुए चेतावनी दी है कि, शिक्षा में अगर सुधार नहीं हुआ तो लापरवाह की खैर नहीं।  जहां पर ड्यूटी वहीं पर रहना होगा वरना होगी कार्रवाई कलेक्टर हरेन्द्र नारायन ने बुधवार को शिक्षा विभाग की बैठक लेकर कहा कि, ''सरकारी स्कूलों की पढ़ाई का स्तर सुधारने के उद्देश्य से ही बीईओ, बीआरसी, बीएसी, जनशिक्षक जैसे पद बनाए गए हैं. स्कूलों का नियमित निरीक्षण और शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित कराना इनकी जिम्मेदारी है, इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. शैक्षणिक संस्थाओं से जुड़े सभी फील्ड अधिकारी अनिवार्य रूप से अपने मुख्यालय पर निवास करें और अधिकारी की अनुमति उपरांत ही मुख्यालय से बाहर जाएं।  उन्होंने लगातार लापरवाही बरतने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद भी सुधार न दिखने पर कड़ी नाराजगी जताई एवं बीईओ और बीआरसी परासिया के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक को दिये. कलेक्टर ने बैठक में बीईओ, बीआरसी सहित संबंधित सभी फील्ड अधिकारियों के मुख्यालय में निवास की स्थिति की फिर समीक्षा की और इस आशय का प्रमाण पत्र प्राप्त किया. प्रमाण पत्र संतोषप्रद नहीं पाए जाने पर उन्होंने स्पष्ट प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।  गंभीरता से कराएं अपार आईडी एन्ट्री का काम बैठक में कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों की अपार आईडी निर्माण में डाटा में गलती मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की और पोर्टल से ऑरिजनल डेटा देने के निर्देश दिए. कलेक्टर ने कहा कि, ''विद्यार्थियों की अपार आईडी क्रिएशन का काम बहुत जरूरी है, सभी बीईओ, बीआरसी इस काम की गंभीरता को समझें.'' उन्होंने सभी विकासखण्डों को सौ फीसदी अपार आई डी क्रिएशन का काम जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।  स्कॉलरशिप एवं आवास सहायता राशि टाइम पर करें कलेक्टर ने जनजातीय कार्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजातीय वर्ग के सभी पात्र विद्यार्थियों का एमपी टास पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराएं। इन सभी पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और आवास सहायता योजना का समय पर फायदा दिलाएं।