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लखनपुर में शाला प्रवेश उत्सव में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत

रायपुर  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रीराजेश अग्रवाल आज लखनपुर में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का पुष्प एवं तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें अध्ययन सामग्री प्रदान कर नए शैक्षणिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी अतिथियों का स्वागत किया, जिससे पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भर गया। अपने संबोधन में मंत्रीराजेश अग्रवाल ने विद्यार्थियों के साथ अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। नियमित अध्ययन, अनुशासन, शिक्षकों का सम्मान और माता-पिता का आशीर्वाद ही जीवन में आगे बढ़ने का सबसे मजबूत मार्ग है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को बड़े सपने देखने चाहिए और उन्हें साकार करने के लिए पूरी निष्ठा एवं लगन से प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के वैज्ञानिक, चिकित्सक, शिक्षक, प्रशासक और जनप्रतिनिधि बनकर देश एवं समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रीराजेश अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा, ज्ञान और संस्कार ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। यही तीनों किसी भी विद्यार्थी की सफलता का मजबूत आधार बनते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासन का पालन करने, अपने लक्ष्य स्पष्ट रखने तथा निरंतर मेहनत के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों का भी विकास करें, जबकि अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई में निरंतर सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण पाठशाला है। मंत्रीअग्रवाल ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को नवीन शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सभी विद्यार्थी पूरे मनोयोग से अध्ययन कर अपने विद्यालय, परिवार, क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। कार्यक्रम में लुण्ड्रा विधायकप्रबोध मिंज, शिक्षकगण, अभिभावक, बड़ी संख्या में विद्यार्थी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, नवप्रवेशी विद्यार्थियों के सम्मान और सामूहिक सहभागिता ने शाला प्रवेश उत्सव को उत्साहपूर्ण बना दिया।

उज्जैन के डायल-112 हीरोज घर की राह भटके 05 वर्षीय बालक को सुरक्षित परिजनों से मिलाया

भोपाल  उज्जैन जिले के थाना बड़नगर क्षेत्र में डायल-112 जवानों की संवेदनशीलता एवं तत्पर कार्यवाही से घर का रास्ता भटक गए 05 वर्षीय बालक को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया गया। समय पर की गई सहायता से बालक सकुशल अपने परिवार तक पहुँच सका। 24 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना बड़नगर क्षेत्र अंतर्गत व्यास कॉलोनी में एक 05 वर्षीय बालक मिला है, जो घर का रास्ता भटक गया है। पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही बड़नगर थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ आरक्षक श्री राकेश एवं पायलट श्री नरेंद्र ने मौके पर पहुँचकर बालक को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। डायल-112 जवानों ने बालक को डायल 112 वाहन में साथ लेकर आसपास क्षेत्र में उसके परिजनों की तलाश एवं पूछताछ की। साथ ही बालक के मिलने की जानकारी स्थानीय व्हाट्सएप समूहों में साझा की। कुछ समय पश्चात बालक के परिजन थाना पहुँचे। आवश्यक पहचान एवं सत्यापन उपरांत बालक को सुरक्षित उनके सुपुर्द किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बालक खेलते-खेलते घर से निकल गया था और रास्ता भटक गया था। अपने बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों ने डायल-112 जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया। डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन सहायता ही नहीं, बल्कि बच्चों एवं आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए मानवीय संवेदनाओं के साथ हर परिस्थिति में सहायता पहुँचाने का कार्य भी निरंतर कर रही है।  

गांधी स्टेडियम में जिला स्तरीय बास्केटबॉल लीग चौम्पियनशिप का हुआ समापन

रायपुर   पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रीराजेश अग्रवाल गांधी स्टेडियम, अंबिकापुर में सरगुजा जिला बास्केटबॉल संघ के तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय बास्केटबॉल लीग चौम्पियनशिप-2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पदक एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया तथा सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर मंत्रीराजेश अग्रवाल ने कहा कि खेल केवल जीत और हार का माध्यम नहीं हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और संघर्ष करने का जज्बा भी सिखाते हैं। खेलों से बच्चे शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनते हैं तथा जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि खेल युवा शक्ति के व्यक्तित्व विकास का सबसे प्रभावी माध्यम हैं और प्रत्येक खिलाड़ी को पूरे समर्पण, ईमानदारी और खेल भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा का वास्तविक उद्देश्य प्रतिभा को निखारना और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के साथ-साथ बड़े मंचों तक पहुंचने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से नियमित अभ्यास जारी रखने और प्रदेश व देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया। समापन समारोह में फाइनल मुकाबलों के बाद विजेता एवं उपविजेता टीमों को पदक और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को जिला स्तरीय सहभागिता प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। बालिका वर्ग के फाइनल में सरगुजा बॉयलर्स ने सरगुजा फाइटर्स को पराजित कर खिताब अपने नाम किया, जबकि बालक वर्ग के फाइनल में सरगुजा लायंस ने सरगुजा ब्लैक पैंथर्स को हराकर चौम्पियन बनने का गौरव प्राप्त किया। जिला स्तरीय बास्केटबॉल लीग चौम्पियनशिप का आयोजन खिलाड़ियों को अधिक से अधिक प्रतिस्पर्धात्मक मैचों का अनुभव उपलब्ध कराने और जिले में बास्केटबॉल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रीय बास्केटबॉल कोचराजेश प्रताप सिंह, पूर्व खिलाड़ी एवं समाजसेवीसंजय अग्रवाल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यनिशांत सिंह गोयल सहित खेल प्रेमी, खिलाड़ी, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में आयोजन समिति एवं जिला बास्केटबॉल संघ के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वैद्यों के हित में योजनाओं की कार्ययोजना और भविष्य के रोडमैप पर हुई महत्वपूर्ण बैठक

रायपुर छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा 24 जून को रायपुर में वैद्यों के हितकारी योजनाओं की कार्ययोजना एवं भविष्य के रोडमैप पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने की। इस अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलों एवं सुदूर अंचलों से आए 8 वैद्य संघों के 60 प्रतिनिधि वैद्य शामिल हुए। वैद्य समुदाय के योगदान का किया गया सम्मान                  बैठक के प्रारंभ में बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम एवं उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला ने सभी वैद्य प्रतिनिधियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जे. ए. सी. एस. राव ने बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए वैद्यों के संरक्षण और सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। पारंपरिक ज्ञान को सहेजने के लिए आयोजित हो रहे वैद्य सम्मेलन                मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि पारंपरिक उपचार पद्धतियों और औषधीय ज्ञान को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से नियमित रूप से वैद्य सम्मेलनों का आयोजन किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 11 वैद्य सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 1 राज्य स्तरीय, 6 संभाग स्तरीय और 4 जिला स्तरीय सम्मेलन शामिल हैं। औषधीय पौधों की खेती और संरक्षण का दिया जा रहा प्रशिक्षण              बोर्ड द्वारा वैद्यों को औषधीय पौधों की खेती, विनाश-विहीन विदोहन तकनीक तथा वनौषधियों के संरक्षण संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किए जाते हैं। इन प्रशिक्षणों के माध्यम से वैद्य पारंपरिक उपचार पद्धतियों से जुड़े अपने अनुभवों और ज्ञान का आदान-प्रदान भी करते हैं। 37 वैद्यों का हुआ प्रमाणीकरण            वैद्यों की पारंपरिक उपचार पद्धतियों को मान्यता देने के उद्देश्य से बोर्ड द्वारा क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) के माध्यम से अब तक 37 वैद्यों का प्रमाणीकरण कराया गया है। इससे उनकी सेवाओं की विश्वसनीयता और पहचान को बढ़ावा मिला है। हीलर हर्बल गार्डन योजना से मिल रहा सहयोग             बोर्ड द्वारा संचालित हीलर हर्बल गार्डन योजना के तहत वैद्यों को उनके घर या बाड़ी में उपयोगी औषधीय पौधों का उद्यान विकसित करने के लिए तकनीकी एवं आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसके साथ ही वैद्यों के निवास ग्रामों के विद्यालयों में स्कूल हर्बल गार्डन विकसित करने तथा उनकी देखरेख के लिए भी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। निःशुल्क औषधीय पौधा वितरण और पल्वराइजर मशीन की सुविधा             बोर्ड द्वारा होम हर्बल गार्डन योजना के अंतर्गत निःशुल्क औषधीय पौधों का वितरण किया जा रहा है। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर वैद्यों को जड़ी-बूटियों के प्रसंस्करण में सुविधा देने के लिए राज्य के 28 जिलों में कुल 40 निःशुल्क पल्वराइजर मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बनी विस्तृत कार्ययोजना            बैठक में हीलर हर्बल गार्डन, स्कूल एवं होम हर्बल गार्डन, वैद्य सम्मेलन, प्रशिक्षण कार्यक्रम, वैद्य प्रमाणीकरण तथा पल्वराइजर मशीन वितरण जैसी योजनाओं के प्रभावी संचालन और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। सभी वैद्य प्रतिनिधियों की सहमति से इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश तय किए गए। वैद्यों के संरक्षण और उत्थान के लिए बोर्ड प्रतिबद्ध           बैठक के अंत में अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने कहा कि बोर्ड राज्य के वैद्यों की स्वास्थ्य परंपराओं, पारंपरिक उपचार पद्धतियों, ज्ञान संरक्षण, क्षमता विकास और सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।          वहीं उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला ने कहा कि वैद्यों की मांग के अनुरूप ग्राम पंचायतों के माध्यम से जड़ी-बूटी आधारित उपचार एवं परामर्श केंद्रों के लिए स्थान उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को और अधिक मजबूती मिल सके।

मानसून को लेकर नया अपडेट, 45 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट आईएमडी की चेतावनी: मध्य प्रदेश के 45 जिलों में मौसम बिगड़ने के आसार

भोपाल मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अब 27 से 30 जून के बीच बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) सक्रिय होने की संभावना है। इसके बाद ही मानसून के आगे बढ़ने की उम्मीद है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इस दौरान तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। भोपाल में तेज धूप, नौगांव सबसे गर्म राजधानी भोपाल में गुरुवार को दिनभर तेज धूप रही। बारिश नहीं होने के कारण उमस और गर्मी का असर बढ़ गया। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। छतरपुर जिले का नौगांव गुरुवार को प्रदेश में सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं मंडला में तापमान सामान्य से 4.9 डिग्री ज्यादा 37.2 डिग्री सेल्सियस रहा। दक्षिणी हिस्सों में आंधी और बौछारें प्रदेश के आसपास बने प्रेरित चक्रवात के प्रभाव से गुरुवार को दक्षिणी हिस्सों में मौसम बदला। कई जगह 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली और गरज-चमक के साथ बौछारें हुईं। सबसे अधिक 11 मिलीमीटर वर्षा श्योपुर और बालाघाट जिले के मलाजखंड में दर्ज की गई। इसके अलावा इंदौर, खंडवा, शिवपुरी और छिंदवाड़ा में भी हल्की से तेज वर्षा हुई।   45 जिलों के लिए अलर्ट जारी मौसम केंद्र ने प्रदेश के 45 जिलों के लिए आरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। आरेंज अलर्ट: सीहोर, आगर येलो अलर्ट: भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपूर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, मैहर और पांढ़ुर्णा। वर्षा आंकड़े (शाम साढ़े पांच बजे तक) शहर     वर्षा (मिलीमीटर) इंदौर     9.0 खंडवा     6.0 श्योपुर     11.0 शिवपुरी     4.0 छिंदवाड़ा     0.6 बालाघाट जिले का मलाजखंड     11.0 चार बड़े शहरों का तापमान शहर     अधिकतम तापमान     न्यूनतम तापमान भोपाल     32.8     22.0 इंदौर     33.9     21.5 ग्वालियर     40.5     29.5 जबलपुर     38.1     26.1

उज्जैन पुलिस प्रशिक्षण शाला में 637 नव आरक्षकों ने लिया साइबर जागरूकता प्रशिक्षण

भोपाल  पुलिस महानिदेशककैलाश मकवाणा के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित साइबर जागरूकता अभियान ‘सेफ क्लिक 2.0’ को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा व्यापक स्तर पर जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में पुलिस प्रशिक्षण शाला उज्जैन में प्रशिक्षणरत नव आरक्षकों को 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक साइबर अपराधों की रोकथाम एवं जन-जागरूकता संबंधी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत बुनियादी प्रशिक्षण में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 637 नव आरक्षकों को राज्य साइबर पुलिस उज्जैन इकाई के विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा डिजिटल अरेस्ट, वित्तीय धोखाधड़ी (फाइनेंशियल फ्रॉड), ऑनलाइन ठगी तथा साइबर अपराधों के विभिन्न प्रकारों के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। नव आरक्षकों को साइबर अपराध होने की स्थिति में उपलब्ध सहायता तंत्र, साइबर सुरक्षा संबंधी सावधानियों एवं डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग, साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के प्रभावी उपयोग के संबंध में प्रशिक्षण भी दिया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षणरत नव आरक्षकों ने मानव श्रृंखला बनाकर साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने तथा समाज को जागरूक करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक पुलिस प्रशिक्षण शाला उज्जैन श्रीमती मनीषा पाठक सोनी, राज्य साइबर पुलिस उज्जैन इकाई की पुलिस अधीक्षक श्रीमती लीना मारोठ, उप पुलिस अधीक्षकनंदकिशोर मालवीय, श्रीमती शैलजा भदोरिया, सहायक लोक अभियोजन अधिकारीप्रहलाद घटिया सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित ‘सेफ क्लिक’ अभियान के माध्यम से नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेशभर में विभिन्न प्रशिक्षण, जनसंवाद और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।  

राज्य पुलिस सेवा से IPS बनने का रास्ता साफ, 8 अधिकारियों के नामों को मिली मंजूरी

भोपाल मध्य प्रदेश राज्य पुलिस सेवा के आठ अधिकारियों को IPS संवर्ग में पदोन्नति दी जाएगी। गुरुवार को मंत्रालय में हुई विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक में इन अधिकारियों के नाम तय किए गए। करीब दो माह में अधिसूचना जारी होने के बाद इन्हें IPS संवर्ग आवंटित किया जाएगा। नौ पदों के लिए हुई थी DPC वर्ष 2025 के लिए आयोजित इस DPC में कुल नौ पदों पर विचार किया गया था। 1997 बैच के अमृत लाल मीणा का नाम भी बैठक में शामिल किया गया, लेकिन उनके संबंध में निर्णय घोषित नहीं किया गया। मीणा का जाति प्रमाण पत्र मामला छानबीन समिति में लंबित है। वहीं, राजेश मिश्रा और संदीप मिश्रा के नामों पर विचार नहीं किया गया। राजेश मिश्रा के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है, जबकि संदीप मिश्रा की एसीआर अनुकूल नहीं होने के कारण उन्हें प्रक्रिया से बाहर रखा गया। DPC में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद बैठक में संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य संजय वर्मा, केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से दो वरिष्ठ IPS अधिकारी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, DGP कैलाश मकवाणा और ACS Home संजय कुमार शुक्ल उपस्थित रहे। पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों को 2017 बैच आवंटित किया जाएगा। करीब 27 से 28 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद इन्हें यह पदोन्नति मिलने जा रही है। MP में सबसे देरी से हो रही पदोन्नति राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों की IPS में पदोन्नति को लेकर मध्य प्रदेश में देरी की स्थिति बनी हुई है। बड़े राज्यों में सबसे देरी से पदोन्नति मध्य प्रदेश में ही हो रही है। तेलंगाना सहित कुछ राज्यों में 2010 से 2012 बैच तक के पुलिस अधिकारी पदोन्नत होकर IPS बन चुके हैं। इस वजह से राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी पदोन्नति के मामले में राज्य प्रशासनिक सेवा से करीब 10 वर्ष पीछे चल रहे हैं। जल्द होगी IAS पदोन्नति के लिए DPC राज्य प्रशासनिक सेवा से IAS संवर्ग में 13 अधिकारियों की पदोन्नति के लिए भी जल्द DPC बैठक होने वाली है। इसमें वर्ष 2007 और 2008 बैच के अधिकारियों के नामों पर विचार किया जा रहा है। ये अधिकारी होंगे पदोन्नत IPS संवर्ग में पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों में 1997 बैच के सीताराम सस्त्या और 1998 बैच की निमिषा पांडेय, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा पाठक सोनी, सुमन गुर्जर, सब्यसाची सराफ और समर वर्मा शामिल हैं।  

लोकतंत्र सेनानियों का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ कराने की बनेगी व्यवस्था

लखनऊ आपातकाल की 51वीं बरसी 'संविधान हत्या दिवस' के अवसर पर लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकतंत्र को बचाने वाले लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया। इसके साथ ही सीएम ने घोषणा की कि प्रदेश सरकार लोकतंत्र सेनानियों के लिए जल्द ही 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएगी। सीएम ने लोकतंत्र सेनानियों के स्वस्थ व दीर्घायु होने की कामना करते हुए कहा कि उनका अंतिम संस्कार भी राजकीय सम्मान के साथ किए जाने की व्यवस्था बनाई जा रही है। सीएम योगी ने कहा कि आज लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान करते हुए गौरव की अनुभूति हुई। उनकी अपनी पीड़ा है। उन्होंने लोकतंत्र को बचाने के लिए जेल की यातनाएं सहीं। इसलिए प्रदेश में जब लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित सरकार आई तो लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान के लिए कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। प्रदेश में 3,780 लोकतंत्र सेनानी तथा 1,461 उनके आश्रित हैं। सरकार वर्ष 2018 से लोकतंत्र सेनानियों व मरणोपरांत उनके आश्रितों को प्रत्येक माह 20 हजार रूपये की सम्मान राशि दे रही है। साथ ही लोकतंत्र सेनानी या उनके उत्तराधिकारी (पति अथवा पत्नी) को एक सहायक के साथ पूरे प्रदेश में परिवहन निगम की सभी श्रेणी की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की गई है। लोकतंत्र सेनानियों को राजकीय चिकित्सालयों में निशुल्क चिकित्सा भी उपलब्ध कराई जा रही है।  पांच लाख की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा जल्द सीएम योगी ने कहा कि अब सरकार लोकतंत्र सेनानियों को कैशलेस 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष स्वास्थ्य सुविधा भी उलब्ध कराने जा रही है। इसके साथ ही लोकतंत्र सेनानी के दिवंगत होने पर उनका अंतिम संस्कार भी राजकीय सम्मान के साथ किए जाने की व्यवस्था सरकार द्वारा बनाई जा रही है। आने वाली पीढ़ी हमेशा इस बात को ध्यान में रखेगी कि जो भी देश व लोकतंत्र के हित में काम करेगा, सरकारें उन्हें सम्मानित करेंगी।  सीएम योगी ने किया लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया। इसमें 6 महीने तक जेल में यातनाएं झेलने वाले लोकतंत्र सेनानी भारत दीक्षित, गया प्रसाद सोनकर, राम सिंह कुशवाहा (हरदोई), विद्या राम वर्मा (हरदोई), अजय सिंह (बाराबंकी) व ओम प्रकाश गुप्ता (सीतापुर) शामिल रहे।  लोकतंत्र सेनानियों ने सुनाई आपबीती इस दौरान लोकतंत्र सेनानी भारत दीक्षित ने बताया कि आपातकाल लगाने का कोई कारण नहीं था। कांग्रेस बस किसी भी तरह सत्ता में रहना चाहती थी। आपातकाल के दौरान हमारी गिरफ्तारी के समय कपड़े फाड़ दिए गए। हम लोगों ने इसके बाद भी सत्याग्रह में भाग लिया, तब बहुत ज्यादा अत्याचार किए गए। लोकतंत्र सेनानी विद्या राम वर्मा ने बताया कि इतने साल बीत जाने के बाद भी आपातकाल के बारे में सोचता हूं तो मन भावुक हो जाता है। सीपीआई को छोड़कर बाकी सभी दलों के साथ अत्याचार किया गया। मेरा घर रात में घेरा गया, जैसे किसी डकैत को पकड़ने आए हों। जेल में कैदियों के नाखून उखाड़े गए और जबरन नसबंदी की गई। उस समय की सरकार ने कैसे अत्याचार किए गए, आज कोई अहसास भी नहीं कर सकता।

बीते दो माह में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के 1747 प्रकरण दर्ज

रायपुर मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय के सख्त प्रशासनिक रुख का असर अब खनिज माफियाओं पर साफ दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्यभर में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। राज्य में अप्रैल और मई 2026 के दौरान उक्त कार्रवाई के तहत 1,747 प्रकरण दर्ज कर 6 करोड़ 49 लाख 50 हजार 903 रुपये से अधिक की दाण्डिक राशि वसूल की गई है।  अभियान के दौरान सबसे अधिक 1,487 मामले अवैध परिवहन के सामने आए, जबकि 231 प्रकरण अवैध उत्खनन और 29 मामले अवैध भंडारण के दर्ज किए गए। इससे यह पता चलता है कि सरकार ने खनिजों की पूरी आपूर्ति श्रृंखला पर कड़ी निगरानी रखते हुए कार्रवाई तेज कर दी है।  अवैध उत्खनन के मामलों में बलौदाबाजार-भाटापारा जिला सबसे ऊपर रहा है, जहां 44 प्रकरण दर्ज किए गए। इसके बाद रायपुर में 15 तथा कबीरधाम में 14 और बालोद में 14 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। दूसरी ओर, अवैध परिवहन के सबसे अधिक रायपुर में 173 मामले दर्ज हुए। इसके बाद जांजगीर-चांपा में 162, बिलासपुर में 101 और धमतरी में 101 मामले पकड़ में आए हैं। अवैध भंडारण के सर्वाधिक 8 प्रकरण रायपुर में दर्ज किए गए, जबकि दंतेवाड़ा में 4 तथा कांकेर में 3 और बिलासपुर में 3 मामले पकड़ाए हैं।  अवैध उत्खनन में सबसे अधिक 55.32 लाख रुपये की दाण्डिक राशि दंतेवाड़ा जिले में वसूल की गई है। अवैध परिवहन में सर्वाधिक 54.69 लाख रुपये रायपुर से वसूले गए, जबकि अवैध भंडारण में भी सबसे अधिक 12.58 लाख रुपये की दाण्डिक राशि रायपुर में वसूली गई। इस प्रकार कुल दांडिक राशि की वसूली के मामले में रायपुर जिला पूरे प्रदेश में सबसे आगे रहा है।  गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में अब अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण करना पहले जितना आसान नहीं रह गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सख्त प्रशासनिक रुख के चलते सरकार ने एक ओर राज्यभर में खनिज माफियाओं के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ रखा है, वहीं दूसरी ओर नियमों में बदलाव कर जुर्माने और दण्ड के प्रावधान भी पहले से कहीं अधिक कठोर कर दिए हैं। मुख्यमंत्रीसाय का कहना है कि राज्य के खनिज संसाधनों की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गौण खनिज नियमों में संशोधन के बाद अब किसी भी मामले में समझौता (प्रशमन) राशि 25 हजार रुपये से कम नहीं होगी। अवैध परिवहन पर प्रति टन 2 हजार रुपये की दर से प्रशमन शुल्क के साथ-साथ खनिज का पूरा मूल्य भी अलग से वसूला जाएगा। ट्रैक्टर से अवैध रेत परिवहन करने पर भी न्यूनतम 25 हजार रुपये का जुर्माना और रेत का मूल्य देना होगा। जब्त वाहन, मशीन या उपकरण की सुपुर्दगी से पहले संबंधित न्यायालय में वाहन की श्रेणी के अनुसार 50 हजार रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी, इसके बाद ही वाहन छोड़ा जाएगा।

कम पानी, कम जगह और अधिक उत्पादन की आधुनिक खेती

रायपुर भारत जैसे कृषि प्रधान देश में बढ़ती जनसंख्या, घटती कृषि भूमि और जल संसाधनों पर बढ़ते दबाव के बीच खेती की नई और टिकाऊ तकनीकों की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है। ऐसे समय में हाइड्रोपोनिक्स तकनीक कृषि क्षेत्र में एक अभिनव और प्रभावी विकल्प बनकर उभर रही है। यह ऐसी आधुनिक खेती पद्धति है, जिसमें मिट्टी की आवश्यकता नहीं होती और पौधों को पानी में घुले पोषक तत्वों के माध्यम से उगाया जाता है। क्या है हाइड्रोपोनिक्स तकनीक?            हाइड्रोपोनिक्स एक वैज्ञानिक कृषि पद्धति है, जिसमें पौधों की जड़ों को पोषक तत्वों से युक्त पानी में रखा जाता है। इस तकनीक में मिट्टी के स्थान पर विशेष माध्यमों का उपयोग किया जाता है, जिससे पौधों को आवश्यक पोषण सीधे प्राप्त होता है। परिणामस्वरूप पौधों की वृद्धि तेजी से होती है और उत्पादन भी बेहतर मिलता है। कम संसाधनों में अधिक उत्पादन          हाइड्रोपोनिक्स तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें पारंपरिक खेती की तुलना में बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है। सीमित भूमि वाले किसान, शहरी क्षेत्रों के निवासी तथा छोटे उद्यमी भी इस तकनीक के माध्यम से सफलतापूर्वक खेती कर सकते हैं। नियंत्रित वातावरण में फसल उत्पादन होने के कारण मौसम का प्रभाव भी अपेक्षाकृत कम पड़ता है। पोषण सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में सहायक            विशेषज्ञों के अनुसार हाइड्रोपोनिक्स तकनीक गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। कम पानी की खपत, रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग और भूमि पर कम दबाव के कारण यह तकनीक पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देती है। यही कारण है कि इसे भविष्य की टिकाऊ कृषि पद्धतियों में शामिल किया जा रहा है। युवाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसर            हाइड्रोपोनिक्स तकनीक केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वरोजगार और कृषि उद्यमिता के नए अवसर भी प्रदान करती है। कम स्थान में व्यावसायिक स्तर पर सब्जियां, हरी पत्तेदार फसलें और अन्य उच्च मूल्य वाली फसलें उगाकर अच्छी आय अर्जित की जा सकती है। इससे युवाओं को कृषि आधारित स्टार्टअप शुरू करने का अवसर मिल रहा है। सरकार दे रही आधुनिक कृषि को बढ़ावा           केंद्र और राज्य सरकारें किसानों की आय बढ़ाने, जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही हैं। कृषि विज्ञान केंद्रों, कृषि विभाग तथा विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। इससे किसान आधुनिक खेती अपनाकर उत्पादन और आय दोनों बढ़ा सकते हैं। भविष्य की खेती की ओर एक मजबूत कदम             हाइड्रोपोनिक्स तकनीक कृषि क्षेत्र में नवाचार और आत्मनिर्भरता का नया मार्ग खोल रही है। यह तकनीक कम संसाधनों में अधिक उत्पादन, बेहतर गुणवत्ता और पर्यावरण संरक्षण का संतुलित समाधान प्रस्तुत करती है। आने वाले समय में यह पद्धति किसानों, युवाओं और कृषि उद्यमियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है।          आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक सोच के साथ हाइड्रोपोनिक्स खेती न केवल कृषि को अधिक लाभकारी बना रही है, बल्कि खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।