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Footpath Encroachment: हाई कोर्ट ने कहा- फुटपाथ पैदल यात्रियों के लिए हैं, अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई करें

चंडीगढ़  पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा है कि फुटपाथ पर सुरक्षित तरीके से चलना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। पैदल लोगों के लिए बनाए गए फुटपाथों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अदालत ने लुधियाना नगर निगम को शहर के फुटपाथों पर अतिक्रमण की शिकायतों की तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने यह आदेश जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका लुधियाना के जसबीर सिंह ने दायर की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि शहर में फुटपाथों की हालत बेहद खराब है और बड़ी संख्या में उन पर अतिक्रमण हो चुका है, जिससे लोगों को मजबूरन व्यस्त सड़कों पर चलना पड़ता है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि सितंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच नगर निगम और अन्य संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायतें और ज्ञापन दिए गए, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। फुटपाथों पर रेहड़ी-फड़ी वालों और अन्य अवैध कब्जों के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने हाल ही में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला दिया।  

7 दिन की देरी से पहुंचा मानसून, राजस्थान में अगले 5-7 दिन भारी बारिश की संभावना

जयपुर  सुबह राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने आखिरकार गुरुवार (2 जुलाई) को दस्तक दे दी.  इस बार मॉनसून सामान्य तिथि से 7 दिन की देरी से राज्य के पूर्वी हिस्सों में पहुंचा है. मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, फिलहाल मॉनसून की उत्तरी सीमा टोंक, जयपुर और अलवर से होकर गुजर रही है. अगले 2 से 3 दिनों में इसके राज्य के अन्य हिस्सों में भी आगे बढ़ने की प्रबल संभावना है. कोटा में अतिभारी बारिश की संभावना   मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को उदयपुर, कोटा, अजमेर, भरतपुर और जयपुर संभाग के कई इलाकों में मेघगर्जन के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है.  खासतौर पर कोटा संभाग के कुछ जिलों में कहीं-कहीं अतिभारी बारिश होने की संभावना जताई गई है.  पूर्वी राजस्थान में मॉनसून सक्रिय  मौसम विभाग ने अगले 5 से 7 दिनों तक पूर्वी राजस्थान में मॉनसून के सक्रिय रहने का अनुमान जताया है.  जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं.  इस दौरान पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में भारी से अतिभारी बारिश होने की संभावना है.  पश्चिमी राजस्थान में मौसम बदलने के संकेत  पश्चिमी राजस्थान में भी मौसम बदलने के संकेत हैं.  जोधपुर और बीकानेर संभाग के कई क्षेत्रों में आने वाले दिनों में आंधी और बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है. मौसम विभाग ने भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है. विशेष रूप से निचले इलाकों, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी. की भागदौड़ में भी हेल्दी नाश्ता, ट्राय करें 3 क्विक ब्रेकफास्ट रेसिपी

Canada Open 2026: किदांबी श्रीकांत चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर, तान्या-आकर्षी अगले दौर में

ओंटारियो  कनाडा ओपन 2026 बैडमिंटन टूर्नामेंट में बुधवार को भारतीय खिलाड़ियों के लिए दिन निराशाजनक रहा और पूर्व वर्ल्ड नंबर वन किदांबी श्रीकांत सहित सात खिलाड़ी पहले ही दौर में हारकर बाहर हो गए। वहीं तान्या हेमनाथ और आकर्षी कश्यप ने अपने-अपने मैच जीतकर अगले दौर में जगह बना ली है मार्खम पैन एम सेंटर में बुधवार को खेले मुकबले में किदांबी श्रीकांत को पुरुषों के एकल के शुरुआती दौर में मलेशिया के ओलंपिक मेडलिस्ट ली ज़ी जिया के खिलाफ 11-10 से पीछे रहने के दौरान चोट के कारण मैच छोड़ना पड़ा। किदांबी श्रीकांत अब मलेशियाई खिलाड़ी के खिलाफ अपने नौ मैचों में से छह हार चुके हैं। उन्होंने पिछले हफ्ते यूएस ओपन में ली ज़ी जिया को हराया था और रनर-अप रहे थे। श्रीकांत के बाहर होने के बाद उनके साथी खिलाड़ी सनीथ दयानंद और शंकर सुब्रमण्यन भी पहले दौर में हार गए, जिससे बीडब्ल्यूएफ सुपर बैडमिंटन 300 इवेंट में भारत का पुरुषों का एकल अभियान खत्म हो गया। सनीथ दयानंद को जापान के तीसरे सीड युदाई ओकिमोटो ने 21-7, 21-11 से हराया, जबकि शंकर सुब्रमण्यन पहला गेम जीतने के बावजूद कोरिया गणराज्य के यू ताए-बिन से 19-21, 21-15, 21-15 से हार गए।

विंबलडन में बड़ा उलटफेर, 20 वर्षीय माया जाइंट ने सेरेना विलियम्स को हराया

रायटर  चार साल के बाद विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट में वाइल्ड कार्ड एंट्री के साथ जब मंगलवार रात अमेरिका की दिग्गज सेरेना विलियम्स कोर्ट पर उतरीं तो सभी को उम्मीद थी कि वह 2004 में मार्टिना नवरातिलोवा के उसी तरह के इतिहास को दोहराएंगी, जब 47 वर्षीय मार्टिना ऑल इंग्लैंड क्लब में सिंगल्स मैच जीतने वाली सबसे उम्रदराज महिला बनी थीं। लेकिन मर्टिना के बाद दूसरी सबसे उम्रदराज महिला के रूप में ऐसा करने से 44 वर्षीय सेरेना चूक गईं और ऑस्ट्रेलिया की 20 वर्षीय माया जाइंट आखिरकार 6-3, 6-7(6), 6-3 के आंकड़ों के साथ उन पर भारी पड़ीं। हालांकि यह आंकड़े यह भी बयां कर रहे हैं कि उम्र के इस पड़ाव और खेल के अभ्यास में रही निरंतरता की कमी के बावजूद सेरेना ने उम्मीद से कहीं बढ़कर शानदार खेल दिखाया और यही कारण रहा कि मुकाबले के अंत तक उन्हें दर्शकों का वही भरपूर समर्थन मिलता रहा, जिसकी वह हकदार रही हैं। 20 साल की जाइंट का जन्म तब भी नहीं हुआ था जब सेरेना ने अपने 23 ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताबों में से पहले सात खिताब जीत लिए थे। हालांकि माया ने इस सब बातों का ध्यान न रखते हुए और अपनी प्रतिद्वंद्वी की वापसी को लेकर मचे शोर-शराबे को भी नजरअंदाज करते हुए अपने शुरुआती करियर की सबसे यादगार जीत हासिल की। माया पिछले 12 टूर्नामेंटों में सिर्फ एक मैच जीतकर सेंटर कोर्ट पर उतरी थीं, लेकिन जब वह बाहर निकलीं तो वह खेल की महान खिलाड़ियों में से एक को जबरदस्त शिकस्त देने की खुशी में डूबी हुई थीं और कह बैठीं कि यह बहुत अजीब और शानदार है। उन्होंने यह भी कहा कि सच कहूं तो मुझे नहीं पता कि अभी क्या हुआ पर मैं बचपन से ही इस पल का सपना देख रही थी। वहीं सेरेना ने मैच कहा कि विंबलडन में वापस आना वाकई बहुत अच्छा था। मैंने कभी यहां आने की उम्मीद नहीं की थी। माहौल शानदार था। बाहर निकलना अद्भुत था। मैंने निश्चित रूप से इसका आनंद लिया, इसे याद किया और किसी भी चीज से ज्यादा इस पल का मजा लिया। सेरेनाने अपना आखिरी आल इंग्लैंड क्लब खिताब 10 साल पहले जीता था। बहन वीनस और बेटियों ने बढ़ाया हौसला: मैच के लिए हेडफोन पहने हुए जब सेरेना कोर्ट पर पहुंचीं तो जबरदस्त शोर के साथ स्वागत कर रहे दर्शकों के बीच उनकी बड़ी बहन 46 वर्षीय दिग्गज वीनस विलियम्स भी खड़ी थीं। वह सेरेना की एंट्री पर हो रहे जश्न को रिकॉर्ड कर रही थीं। सेरेना की बेटियां ओलंपिया और अदिरा भी मंत्रमुग्ध होकर यह सब देख रही थीं। वहीं अमेरिका के ही महान खिलाड़ी जान मैकेनरो विलियम्स को फिर से खेलते हुए देखने के लिए बेताब थे। संघर्षपूर्ण हार के साथ वावरिंका ने विंबलडन को कहा अलविदा तीन बार के ग्रैंड स्लैम विजेता स्विटजरलैंड के स्टेन वावरिंका ने मंगलवार रात विंबलडन को अलविदा कह दिया। उन्हें इटली के माटेओ बेरेटिनी ने चार रोमांचक सेटों में 6-7 (7), 7-6(16), 7-6 (7), 7-6 (5) से हराया। पूर्व वर्ल्ड नंबर-3 वावरिंका इस सीजन के आखिर में रिटायर हो रहे हैं, लेकिन इससे पहले आल इंग्लैंड क्लब में उन्होंने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। हालांकि 4 घंटे 19 मिनट की लड़ाई के बाद बेरेटिनी उन पर एक बहुत मजबूत प्रतिद्वंद्वी साबित हुए। 41 साल और 106 दिन की उम्र में वावरिंका ड्रा में शामिल सबसे उम्रदराज़ पुरुष खिलाड़ी थे। यह उनका 19वां और आखिरी विंबलडन टूर्नामेंट था। टूर पर अपने आखिरी सीजन में वह अपनी पसंदीदा जगहों को अलविदा कह रहे हैं। भावुक वावरिंका ने कहा कि आज रात फिर से एक जबरदस्त मुकाबला हुआ। जिस चीज से आप इतना प्यार करते हैं, उसे अलविदा कहना कभी आसान नहीं होता। मैं सभी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। इससे बेहतर विदाई की मैं कल्पना भी नहीं कर सकता था। पहले दौरा के अन्य प्रमुख मुकाबलों के परिणाम     पुरुष सिंगल्स में फ्रेंच ओपन के विजेता जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने बेल्जियम के अलेक्जेंडर ब्लाकक्स को 6-4, 6-7(8), 7-6(5), 7-6(0) से हराया।     पुरुष सिंगल्स में चौथी वरीयता प्राप्त अमेरिका के बेन शेल्टन ने फिनलैंड के ओटो विरतानेन को 6-4, 3-6, 6-7(8), 6-2, 7-6 (11-9) से शिकस्त दी।     महिला सिंगल्स में अमेरिका की अमांडा अनिसिमोवा ने उत्तरी मेसेडोनिया की लीना ग्योर्चेस्का को 61 मिनट में ही 6-3 6-2 से आसानी से हरा दिया।     महिला सिंगल्स में इटली की जैस्मीन पाओलिनी ने अमेरिका की राबिन मोंटगोमरी को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 0-6, 6-4, 7-5 से शिकस्त दी।  

रूस में ईंधन संकट के बीच भारत बना सहारा, पेट्रोल-डीजल सप्लाई शुरू होने की खबर

नई दिल्ली भारत ने रूस के साथ अपनी पुरानी दोस्ती का फर्ज एक बार फिर से निभाया है. जब पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बाद रूस का कच्चा तेल खरीदने से ज्यादातर देश पीछे हट गए थे, तब भारत ने बड़ी मात्रा में रूसी तेल खरीदकर उसका साथ दिया था. अब एक बार फिर भारत मुश्किल वक्त में रूस के काम आया है. फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार भारत रूस से कच्चा तेल नहीं खरीद रहा, बल्कि उसकी ईंधन की कमी दूर करने के लिए उसे गैसोलीन यानी पेट्रोल की सप्लाई कर रहा है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन के हमलों से पैदा हुए फ्यूल संकट के बीच रूस ने भारत से समुद्री रास्ते के जरिए गैसोलीन का आयात शुरू कर दिया है।  रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन के लगातार ड्रोन हमलों की वजह से रूस की कई ऑयल रिफाइनरियां प्रभावित हुई हैं. इसके चलते देश में पेट्रोल की भारी कमी हो गई है. कई इलाकों में राशनिंग करनी पड़ रही है, पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लग रही हैं और गैसोलीन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं. ऐसे हालात में रूस ने भारत से समुद्री रास्ते के जरिए गैसोलीन मंगाना शुरू कर दिया है।  भारत से रवाना हुए पहले टैंकर रिपोर्ट के अनुसार, भारत से अब तक कम से कम 60 हजार मीट्रिक टन गैसोलीन रूस के लिए भेजा जा चुका है. दो टैंकरों में करीब 30 हजार से 40 हजार टन तक का फ्यूल लोड किया गया है. हालांकि अभी यह साफ नहीं हुआ है कि भारत की कौन सी रिफाइनरी इस सप्लाई को पूरा कर रही है।  हर महीने 4 लाख टन फ्यूल आयात करेगा रूस रूस की योजना सिर्फ भारत पर निर्भर रहने की नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक वह भारत के अलावा बेलारूस समेत दूसरे देशों से भी हर महीने करीब 4 लाख टन गैसोलीन आयात करना चाहता है. बेलारूस पहले ही अपनी सप्लाई बढ़ा चुका है और जून के पहले पखवाड़े में उसने रूस को रेल मार्ग से भेजे जाने वाले गैसोलीन की मात्रा लगभग तीन गुना कर दी है।  यूक्रेन के हमलों से बढ़ा संकट रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) भी मान चुके हैं कि यूक्रेन के ड्रोन हमलों ने देश की रिफाइनिंग क्षमता को प्रभावित किया है. गर्मियों में रूस में रोजाना करीब 1.10 लाख टन गैसोलीन की खपत होती है. ऐसे में घरेलू उत्पादन कम होने से सरकार को आयात का सहारा लेना पड़ रहा है. रूस की संसद ने हाल ही में टैक्स नियमों में बदलाव कर फ्यूल आयात को बढ़ावा देने और सब्सिडी देने का भी फैसला किया है।  रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार बना भारत दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ भारत रूस को गैसोलीन भेज रहा है, वहीं दूसरी तरफ भारत रूसी कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार भी बना हुआ है. शिप ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक जून में भारत ने रूस से रोजाना करीब 27 लाख बैरल कच्चा तेल आयात किया, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर है. जून में भारत के कुल कच्चे तेल आयात में रूसी तेल की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से ज्यादा रही. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बने तनाव के बीच भारतीय रिफाइनरियों ने रूस से सस्ते कच्चे तेल की खरीद और बढ़ा दी है। 

Delhi New Rules: बाहरी वाहनों पर रोक, बिना PUC पेट्रोल-डीजल नहीं, 4 महीने सख्त रहेगा सिस्टम

नई दिल्ली सर्दियों में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनके तहत 1 नवंबर से सरकारी और निजी दफ्तरों में कर्मचारियों की उपस्थिति को सीमित किया जाएगा। नए नियमों के अनुसार, दफ्तरों में एक समय पर केवल 50 % कर्मचारी ही काम करेंगे, जबकि बाकी कर्मचारी घर से काम यानी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। यह व्यवस्था प्रदूषण के स्तर को कम करने और सड़कों पर वाहनों की संख्या घटाने के उद्देश्य से लागू की जाएगी। इसके साथ ही दिल्ली में वाहनों की पार्किंग दरों को दोगुना करने का फैसला लिया गया है। सरकार का मानना है कि पार्किंग शुल्क बढ़ने से लोग निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करेंगे और सार्वजनिक परिवहन की ओर बढ़ेंगे। सरकार ने सर्दियों के दौरान लागू होने वाले ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) की पाबंदियों को अब पूरे सीजन के लिए लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत GRAP के अलग-अलग चरणों में लगने वाले प्रतिबंध हर साल 1 नवंबर से 28 फरवरी तक स्वत: प्रभावी रहेंगे। दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए लागू किए गए नए दिशा-निर्देशों को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि इन नियमों में पुराने सभी आदेशों को एकीकृत कर एक स्पष्ट, सरल और सख्त व्यवस्था तैयार की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नई व्यवस्था से सरकारी विभागों, संस्थानों और आम लोगों के लिए नियमों का पालन करना आसान होगा। उन्होंने कहा कि अधिसूचना तैयार करते समय पिछले वर्षों के प्रदूषण स्तर, अनुभवों और वायु गुणवत्ता से जुड़े आंकड़ों का विस्तृत अध्ययन किया गया है। उन्होंने कहा कि नए दिशा-निर्देशों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की ओर से जारी संशोधित ग्रैप और सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के निर्देशों को भी शामिल किया गया है। रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में हर साल नवंबर से फरवरी के बीच प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। इसी चुनौती को देखते हुए सरकार ने ऐसी स्थायी व्यवस्था लागू की है, जिससे हर साल अलग-अलग आदेश जारी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकारी ऑफिसों की बदलेगी टाइमिंग दिल्‍ली में पिछले कई सालों में देखा गया है कि वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण व्‍हीकल्‍स से निकालने वाला धुआं होता है. इसमें निजी वाहनों की भूमिका सबसे ज्‍यादा होती है. इस समस्‍या से निपटने के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' सबसे बेहतर उपाय है. ऐसे में दिल्‍ली सरकार ने नवंबर से फरवरी तक पाबंदियों के दिनों में यातायात का दबाव कम करने के लिए ऑफिसों के अलग-अलग समय और घर से काम करने की व्यवस्था भी लागू की गई है. सर्दियों के दौरान, दिल्ली नगर निगम के तहत आने वाले कार्यालयों में सुबह 8:30 बजे से शाम पांच बजे तक काम होगा, जबकि दिल्ली सरकार के कार्यालयों में एक नवंबर से 28 फरवरी के बीच सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक काम होगा।  वायु प्रदूषण के दिनों में कुछ ऐसी होती है दिल्‍ली की स्थिति प्राइवेट ऑफिसों के लिए 50% वर्क फ्रॉम होम दिल्‍ली सरकार के मुताबिक, एक नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली सरकार और प्राइवेट ऑफिसों में 50 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी मौजूद नहीं रहेंगे, बाकी कर्मचारी वर्क फ्रॉर्म होम करेंगे. इससे सड़कों पर वाहनों की संख्‍या काफी कम होने की उम्‍मीद है. हालांकि, जरूरी और इमरजेंसी सर्विस (जैसे अस्पताल, सार्वजनिक यातायात, बिजली, पानी की आपूर्ति, साफ-सफाई, आपदा प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण करने वाली एजेंसियों) को इससे छूट दी गई है।      PUC सर्टिफिकेट दिखाने पर ही मिले पेट्रोल-डीजल  रेखा गुप्‍ता सरकार के अनुसार, दिल्ली में सभी पेट्रोल, डीजल और सीएनजी/एलपीजी खुदरा दुकानें पूरे साल सिर्फ वैध पीयूसीसी दिखाने पर ही पेट्रोल और डीजल देंगे. बिना वैध प्रमाणपत्र के ईंधन लेते पाए जाने पर वाहनों पर जुर्माना लगाया जा सकता है. इसकी जांच फिजिकल सर्टिफिकेट, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) प्रणाली और 'वाहन' जैसे इलेक्ट्रॉनिक डेटाबेस के जरिए की जाएगी।  PUC के बिना ईंधन नहीं मिलेगा अब पूरे वर्ष पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और LPG पंपों पर केवल उन्हीं वाहनों को ईंधन दिया जाएगा, जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) होगा। सरकार के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिन वाहनों के पास वैध PUC प्रमाणपत्र नहीं होगा, उन्हें ईंधन नहीं दिया जाएगा। साथ ही ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई भी की जाएगी। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर नियंत्रण के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है। बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक नए दिशा-निर्देशों के तहत दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-6 से कम मानक वाले वाहनों के राजधानी में प्रवेश पर रोक रहेगी। इसका उद्देश्य पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करना है। हालांकि, इस प्रतिबंध से कुछ आवश्यक वाहनों को छूट दी गई है। CNG वाहन, इलेक्ट्रिक वाहन, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति रहेगी। निर्माण गतिविधियां पर रहेगा प्रतिबंध नए दिशा-निर्देशों के तहत निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाली धूल पर नियंत्रण रखा जाएगा। इसके लिए 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल पैदा करने वाली तोड़-फोड़ और खुले में होने वाली निर्माण गतिविधियों पर रोक रहेगी। सरकार का उद्देश्य निर्माण स्थलों से निकलने वाली धूल के कारण बढ़ने वाले प्रदूषण को कम करना है। सर्दियों के महीनों में हवा की गति कम होने और प्रदूषक तत्वों के जमा होने से दिल्ली की वायु गुणवत्ता प्रभावित होती है। दफ्तरों में 50% उपस्थिति दिल्ली सरकार ने सरकारी और निजी कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सरकारी और निजी कार्यालयों में एक समय में केवल 50 % कर्मचारी ही कार्यालय से काम करेंगे, जबकि बाकी कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। यह व्यवस्था प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने और कार्यालय आने-जाने वाले वाहनों की संख्या कम करने के उद्देश्य से लागू की जाएगी। हालांकि, विभागाध्यक्षों और जरूरी सेवाओं से जुड़े अधिकारियों को नियमित रूप से कार्यालय आना होगा। आवश्यक सेवाओं के संचालन में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए ऐसे कर्मचारियों को इस नियम से अलग रखा गया है। पार्किंग शुल्क होगा दोगुना नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अधिकृत पार्किंग स्थलों पर अब … Read more

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लिया एक सप्ताह का ब्रेक, विपश्यना साधना के लिए पहुंचे बेंगलुरु

 चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान एक सप्ताह के प्राकृतिक चिकित्सा और स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम के लिए बेंगलुरु रवाना हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, वह करीब सात दिनों तक एक निजी प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में रहेंगे। इस दौरान प्राकृतिक उपचार, शरीर की शुद्धि, योग, ध्यान और विशेष खानपान के माध्यम से उनके स्वास्थ्य में सुधार पर ध्यान दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री पिछले कुछ समय से लगातार राजनीतिक कार्यक्रमों, प्रशासनिक बैठकों और विभिन्न सरकारी गतिविधियों में व्यस्त रहे हैं। लगातार कामकाज और यात्रा के कारण उन्हें पहले भी थकान की शिकायत हुई थी। इसके बाद चिकित्सकों ने उन्हें कुछ समय आराम करने और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी थी। इसी सलाह के आधार पर उन्होंने एक सप्ताह का यह स्वास्थ्य कार्यक्रम तय किया है। प्राकृतिक चिकित्सा से गुजरेंगे सीएम सूत्रों का कहना है कि इस दौरान मुख्यमंत्री प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के तहत शरीर की शुद्धि की प्रक्रिया से गुजरेंगे। साथ ही योग, ध्यान और विशेष आहार योजना का पालन करेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शारीरिक और मानसिक ऊर्जा को बेहतर बनाना तथा व्यस्त दिनचर्या के बाद शरीर को फिर से सक्रिय करना है। बेंगलुरु स्थित निजी प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में उनके रहने की पूरी व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों और विशेषज्ञों की निगरानी में उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाएगा। आवश्यकतानुसार उपचार और खानपान की योजना में बदलाव भी किया जा सकता है। रवाना होने से पहले खत्म किए सभी कार्य स्वास्थ्य कार्यक्रम पर रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में चल रही कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं से जुड़े कार्यों का उद्घाटन और प्रशासनिक स्तर पर जरूरी निर्देश भी दिए, ताकि उनकी अनुपस्थिति के दौरान विकास कार्यों की गति प्रभावित न हो। सरकारी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी में भी पंजाब सरकार का नियमित कामकाज पहले की तरह चलता रहेगा। सभी विभागों को आवश्यक निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं और प्रशासनिक व्यवस्था सामान्य रूप से जारी रहेगी। जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री अधिकारियों के संपर्क में भी रहेंगे।

CM विष्णु देव साय के निर्देश पर अवैध खनिज उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, प्रशासन सख्त

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर अवैध खनिज उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई राजनांदगांव, बालोद, बलरामपुर और सरगुजा में ताबड़तोड़ अभियान, वाहन जब्त और लाखों रुपये का अर्थदंड रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रदेश में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध खनिज विभाग द्वारा सख्त और सतत अभियान चलाया जा रहा है। शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विभिन्न जिलों में संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध रेत, पत्थर, मिट्टी एवं गिट्टी के उत्खनन और परिवहन में संलिप्त वाहनों को जब्त किया गया है तथा नियमानुसार अर्थदंड एवं वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। शासन का उद्देश्य प्रदेश के खनिज संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करना तथा अवैध उत्खनन में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करना है। इसी क्रम में राजनांदगांव जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान अब तक अवैध रेत उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के 52 प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 18 लाख 95 हजार 600 रुपये का अर्थदंड वसूला गया है। इनमें अवैध उत्खनन के 9, परिवहन के 41 तथा भंडारण के 2 प्रकरण शामिल हैं। वहीं डोंगरगढ़ तहसील के ग्राम आसरा में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान नदी में रेत उत्खनन प्रतिबंधित पाया गया तथा मौके पर कोई अवैध गतिविधि नहीं मिली। बालोद जिले के ग्राम कसही में अवैध पत्थर उत्खनन करते पाए जाने पर एक चेन माउंटेन (पीसी-130-7) मशीन को जब्त कर सील किया गया। संबंधित पक्ष वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत कार्रवाई प्रारंभ की गई है। बलरामपुर जिले में खनिज विभाग ने राजपुर क्षेत्र के ग्राम नरसिंहपुर और बसंतपुर में कार्रवाई करते हुए अवैध रेत परिवहन में संलिप्त एक टिपर जब्त किया। वहीं बसंतपुर स्थित फ्लाई ऐश ब्रिक्स इकाई में अवैध रूप से भंडारित लगभग 90 घनमीटर रेत भी जब्त कर संचालक को नोटिस जारी किया गया। सरगुजा जिले में शिकायतों के आधार पर विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अवैध मिट्टी, मुरूम, रेत एवं गिट्टी के उत्खनन और परिवहन में प्रयुक्त जेसीबी, ट्रैक्टर और टिपर सहित छह वाहनों को जब्त किया गया। सभी मामलों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 तथा संशोधित छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के तहत कार्रवाई की जा रही है। संशोधित नियमों के अनुसार अब शमन शुल्क न्यूनतम 25 हजार रुपये अथवा 2 हजार रुपये प्रति टन, जो अधिक होगा, के आधार पर वसूला जाएगा। इसके अतिरिक्त खनिज का बाजार मूल्य भी वसूला जाएगा। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रदेश में अवैध खनिज गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए नियमित गश्त, आकस्मिक निरीक्षण और संयुक्त प्रवर्तन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

पीसीएस के बाद पीपीएस अफसरों को भी प्रमोशन का तोहफा, यूपी को मिले 28 नए आईपीएस अधिकारी

लखनऊ  यूपी में पीसीएस अफसरों के प्रमोशन के बाद पीपीएस अधिकारियों की प्रोन्नति हो गई है। इस प्रोन्नति से यूपी पुलिस को 28 और आईपीएस अधिकारी मिल गए हैं। डीपीसी के बाद संघ लोक सेवा आयोग ने पीपीएस संवर्ग से आईपीएस संवर्ग में पदोन्नति प्रदान किए जाने का आदेश जारी कर दिया है। इनमें पीपीएस संवर्ग के 1997, 1998, 1999 व 2000 बैच के अधिकारी शामिल हैं। इससे पहले मंगलवार को पीसीएस से आईएएस बने अफसरों की सूची जारी हुई थी। 29 पीसीएस को आईएएस बनाया गया है। आईपीएस संवर्ग में पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों में कमल किशोर, सुरेश चंद्र रावत, शोएब इकबाल, राहुल मिठास, आलोक कुमार शर्मा, राजकुमार, महेश सिंह अत्रि, विनीत भटनागर, जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, शशि शेखर सिंह, कुलदीप सिंह, ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद, हरेंद्र प्रताप यादव, बंशराज सिंह यादव, कृष्ण गोपाल, मधुबन कुमार सिंह, कपिल देव सिंह, बलवंत कुमार चौधरी, राहुल श्रीवास्तव, राजेश कुमार पांडेय, प्रीति बाला गुप्ता, विकास चंद्र त्रिपाठी, पुर्णेन्दु सिंह, हरेंद्र कुमार, मार्तंड प्रकाश सिंह, अभय नाथ त्रिपाठी, पवित्र मोहन त्रिपाठी व देवेश कुमार शर्मा शामिल हैं। 2010 से 2012 बैच के अफसरों का प्रमोशन इससे पहले जिन वर्ष 2010 से लेकर 2012 बैच के पीसीएस अधिकारियों को आईएएस में प्रमोशन दिया गया। कुल 29 पीसीएस अधिकारी अब आईएएस बन गए हैं। अब इनकी नई तैनाती का इंतजार है। माना जा रहा है कि जल्द ही इनकी तैनाती की लिस्ट जारी होगी। इसके साथ ही आईएएस अफसरों के तबादलों का भी एक दौर फिर से शुरू होगा। यह अफसर बने आईएएस अपर आयुक्त मीरजापुर मंडल डा. विश्राम, संयुक्त निदेशक युवा कल्याण अशोक कुमार कनौजिया, सचिव गोरखपुर विकास प्राधिकरण पुष्प राज सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन मुजफ्फरनगर संजय कुमार सिंह, अपर आयुक्त विंध्याचल मंडल राज कुमार द्विवेदी, अपर आयुक्त लखनऊ मंडल राकेश कुमार पटेल, अपर आयुक्त कानपुर मंडल सुशीला, अपर जिलाधिकारी (वि/रा) कुशीनगर वैभव मिश्रा, लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव विवेक श्रीवास्तव, सहारनपुर के अपर नगर आयुक्त प्रदीप कुमार यादव, अपर जिलाधिकारी (नगर) अयोध्या योगा नंद पांडेय, अपर आयुक्त मेरठ मंडल अमित कुमार व उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग प्रयागराज की उपसचिव पूनम निगम शामिल हैं। इनको भी मिला प्रमोशन का तोहफा अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रामपुर डा. नितिन मदान, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक हर्ष देव पांडेय, विशेष कार्याधिकारी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण शैलेन्द्र कुमार सिंह, अपर जिलधिकारी (वि/रा) लखीमपुर खीरी नरेन्द्र बहादुर सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सहारनपुर संतोष बहादुर सिंह, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के सचिव पंकज वर्मा, मुख्य राजस्व अधिकारी एवं डीडीसी देवरिया विजय कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त मुरादाबाद अतुल कुमार, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी अमित सिंह, सेंट्रल सिक्योरिटी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट लखनऊ की कमांडेंट प्रियंका सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) कानपुर देहात अमित कुमार, अपर आयुक्त राज्य कर लखनऊ डा. सुनील कुमार वर्मा, विशेष कार्याधिकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय गरिमा स्वरूप, अपर जिलाधिकारी (वि/रा) हापुड़ संदीप कुमार व अपर जिलाधिकारी (वि/रा) लखनऊ राकेश कुमार सिंह की भी पदोन्नति आइएएस संवर्ग में हो गई है।

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से राजनांदगांव का साहू परिवार बना ऊर्जा आत्मनिर्भर, बिजली बिल से मिली राहत

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से राजनांदगांव का साहू परिवार बना ऊर्जा आत्मनिर्भर 3-3 किलोवाट के दो सोलर रूफटॉप प्लांट से बिजली बिल हुआ शून्य, अतिरिक्त आय का भी खुला रास्ता रायपुर, प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना प्रदेश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित ऊर्जा को नई गति दे रही है। राजनांदगांव जिले के ग्राम गठुला का साहू परिवार इस योजना का लाभ लेकर न केवल अपना बिजली बिल शून्य करने में सफल हुआ है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की प्रेरक मिसाल भी बन गया है। ग्राम गठुला में टीकम होटल का संचालन करने वाले श्री अंकालु राम साहू और उनके पुत्र श्री कुंदन साहू ने अपने घर पर 3-3 किलोवाट क्षमता के दो सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित किए। होटल व्यवसाय के कारण प्रतिमाह 4 से 5 हजार रुपये तक का बिजली बिल आता था, जिसे कम करने के लिए उन्होंने सौर ऊर्जा को अपनाया। साहू परिवार ने योजना के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर पंजीकृत वेंडर के माध्यम से सोलर प्लांट स्थापित कराया। दोनों प्लांटों की कुल लागत लगभग 4 लाख रुपये रही, जिसमें केंद्र एवं राज्य शासन से कुल 2 लाख 16 हजार रुपये की सब्सिडी सीधे बैंक खाते में प्राप्त हुई। इससे उनकी लागत में उल्लेखनीय कमी आई। सोलर प्लांट शुरू होने के बाद परिवार का बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत अतिरिक्त उत्पादित बिजली ग्रिड में भेजी जा रही है, जिससे भविष्य में अतिरिक्त आय की भी संभावना बनी है। अब साहू परिवार केवल बिजली का उपभोक्ता नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादक भी बन गया है। साहू परिवार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आम नागरिकों के लिए आर्थिक बचत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर रूफटॉप प्लांट लगाने पर केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा आकर्षक सब्सिडी के साथ राष्ट्रीयकृत बैंकों के माध्यम से रियायती ब्याज दर पर ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे अधिक से अधिक परिवार स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा से जुड़ रहे हैं।