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वैवाहिक मुहूर्त पर रोक: आज से थमी शादियों की रौनक, वजह जानकर होंगे हैरान

जैतो 
हिंदू रीति-रिवाजों को मानने वाले लोग विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, नया वाहन और मकान लेने जैसे कार्यों के लिए शुभ दिन तय करवाते हैं। मान्यता है कि किसी शुभ मुहूर्त में किया गया मंगल कार्य ही शुभ फल देता है। लेकिन अगर इस दौरान विवाह की खुशियों की बात करें तो अब शहनाइयां नहीं बजेंगी, क्योंकि शुक्र 12 दिसंबर की रात को अस्त हो जाएगा और 1 फरवरी 2026 तक इसी स्थिति में रहेगा। इस अवधि के दौरान भारत में सनातन धर्म को मानने वाले लोग अपने बच्चों का विवाह नहीं कर सकेंगे।

बताया जाता है कि स्वर्गीय पंडित कल्याण स्वरूप शास्त्री ‘विद्यालंकार’ के पुत्र पंडित शिवकुमार शर्मा के अनुसार, प्रसिद्ध हिंदू धार्मिक ग्रंथ ‘मुहूर्त चिंतामणि’ में कहा गया है कि जब बुध, गुरु और शुक्र अस्त होते हैं, तब विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार, देवताओं या तीर्थ स्थलों की पहली यात्रा, तालाब और कुआं खुदवाने तथा अन्य शुभ कार्यों की मनाही होती है। उन्होंने कहा कि अब लाखों कुंवारे लोगों को अपने विवाह की शहनाइयों के लिए 1 फरवरी 2026 तक इंतजार करना पड़ेगा। सनातन धर्म को मानने वाले लोग अपने बच्चों का विवाह केवल शुभ समय में ही करना चाहते हैं।

इसके बाद नए साल के दूसरे महीने में विवाह और सगाई जैसे सभी शुभ कार्य 4 फरवरी से दोबारा शुरू हो सकेंगे। फरवरी–मार्च 2026 में कुल 18 शुभ विवाह मुहूर्त हैं। फरवरी 2026 में 13 शुभ मुहूर्त हैं, जिनमें 4, 5, 6, 10, 11, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25 और 26 फरवरी शामिल हैं। वहीं मार्च 2026 में 5 शुभ मुहूर्त 9, 10, 11, 12 और 14 मार्च को हैं। 

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