samacharsecretary.com

भोपाल में तीसरी एयरलाइन की कमी: देहरादून, उदयपुर और जम्मू के लिए फ्लाइट्स की बहुप्रतीक्षित शुरुआत

 भोपाल
 भोपाल में नया एकीकृत टर्मिनल बनने के 15 साल बाद भी तीसरे एयरलाइंस ऑपरेटर की सेवाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं। देहरादून, उदयपुर, जम्मू एवं जयपुर तक लंबे समय से सीधी उड़ान नहीं है। पैसेंजर फ्रेंडली गोवा रूट पर हाल ही में उड़ान बंद कर दी गई है। ग्रीष्मकाल में पर्यटन की दृष्टि से लोग जिन शहरों की ओर जाते हैं वहां के लिए सीधी उड़ानें भोपाल से नहीं मिलती।

हाल ही में लागू समर शेड्यूल में भोपाल को केवल नवीं मुंबई तक सीधी उड़ान मिल सकी। गोवा उड़ान बंद कर दी गई। इसके पहले उदयपुर एवं जयपुर उड़ान अचानक बंद हो गई। एयरलाइंस कंपनियों का पूरा ध्यान दिल्ली, मुंबई पर है। दिल्ली रूट पर एक साप्ताहिक उड़ान सहित सबसे अधिक सात उड़ान हैं।

पैसेंजर फ्रेंडली रूट पर उड़ान नहीं
ग्रीष्मकाल में लोग देहरादून, गोवा, जम्मू, जयपुर एवं उदयपुर आदि शहरों तक सीधी उड़ान नहीं है। इन शहरों को पैसेंजर फ्रेंडली रूट माना जाता है लेकिन इन शहरों तक सीधी उड़ानें लगातार नहीं चल पातीं। एक समय इंडियन एयरलाइंस ने भोपाल से देहरादून तक सीधी उड़ान शुरू की थी। इस उड़ान से गर्मी के दौरान बड़ी संख्या में लोग सफर करते थे।

इंडियन एयरलाइंस का एयर इंडिया में मर्जर होने के बाद इस रूट पर कभी उड़ान शुरू ही नहीं हुई। गोवा उड़ान तीन बार प्रारंभ होकर बंद हो चुकी है। जयपुर एवं उदयपुर रूट भी आए दिन शुरू होकर बंद कर दिया जाता है। जम्मू तक सीधी उड़ान की मांग कभी पूरी नहीं हुई।

स्लॉट लिया पर उड़ान शुरू नहीं
तीसरे ऑपरेटर के रूप में हाल ही में एयर इंडिया एक्सप्रेस ने मुंबई रूट पर उड़ान शुरू करने की स्वीकृति दी है। कंपनी ने जुलाई माह का स्लॉट भी लिया है पर बुकिंग प्रारंभ नहीं की है। पिछले समर शेड्यूल में भी कंपनी ने मुंबई एवं बेंगलुरु उड़ान शुरू करने की स्वीकृति दी पर उड़ान शुरू नहीं हुई।

एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी का कहना है कि इस वर्ष उम्मीद से अधिक उड़ानें प्रारंभ होंगी। एआई एक्सप्रेस ने भी स्लॉट लिया है। जल्द ही उड़ान शुरू होगी। उन्होंने कहा कि हम प्रयास कर रहे हैं बंद हो चुकी उड़ानें पुन: शुरू हो जाएंगी।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here