नई दिल्ली
देश की एक बड़ी दवा निर्माता कंपनी ने कैप्टन स्मित मच्छर को 10000000 रुपये का इनाम देने का ऐलान किया है. फर्मा कंपनी ने कैप्टन स्मित मच्छर को असली हीरो बताया है. फ्लाईदुबई की फ्लाइट 174 यात्रियों के साथ इजरायल जा रही थी. विमान जब ऊंचे आसमान में था, तब को-पायलट ने कैप्टन मच्छर पर जानलेवा हमला कर दिया. प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी को-पायलट 9/11 की तर्ज पर विमान को इजरायल में क्रैश कराना चाहता था. लेकिन आरोपी के मंसूबे के बीच भारतीय पायलट और विमान के कैप्टन स्मित मच्छर आ गए. जानलेवा हमला होने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया. इसके बाद विमान में सवार यात्रियों और क्रू-मेंबर के अन्य सदस्यों ने आरोपी को-पायलट को अपने कब्जे ले लिया।
फार्मा कंपनी मैनकाइंड ने कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी को सलाम करते हुए एक करोड़ रुपये के इनाम का ऐलान किया है. कंपनी ने अपने बयान में कहा कि आप हमारे समय के असली हीरो हैं. कंपनी ने कहा, ‘आपने पूरी दुनिया के सामने जिस साहस, शौर्य और जिम्मेदारी का परिचय दिया है, उसे देखते हुए एक भारतीय के तौर पर हमें अत्यंत गर्व हो रहा है. यही वजह है कि मैनकाइंड फार्मा ने आपको और आपके परिवार को एक करोड़ रुपये का योगदान करने का फैसला लिया है।
पीएम मोदी ने खुद की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से फोन पर बात कर उनके साहस और सूझबूझ की सराहना की. पीएम मोदी ने शुक्रवार को उनसे बातचीत के दौरान बताया कि देशभर में उनकी लंबी उम्र और जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना हो रही है. उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित ने गंभीर चोटों के बावजूद यात्रियों की जान बचाने के लिए जो फ़ैसला लिया, उस पर पूरे देश को गर्व है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘पूरा देश आपके लिए प्रार्थना कर रहा है. महामृत्युंजय का जाप सब जगह चल रहा है. आपकी हिम्मत, धैर्य और सूझबूझ ने इतने लोगों की जान बचाई. आपने दिखाया कि भारतीय जान लेने वाले नहीं, जान बचाने वाले लोग हैं।
जांच में चौंकाने वाले खुलासे
यूएई की सरकारी समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएम के मुताबिक़, संयुक्त अरब अमीरात के प्रॉसिक्युटर जनरल ने शनिवार को कहा कि फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के को-पायलट ने उड़ान के दौरान आतंकवादी हमला करने की कोशिश की थी. प्रॉसिक्युटर जनरल ने कहा कि को-पायलट ने कॉकपिट के अंदर क्रैश ऐक्स से पायलट पर हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की. क्रैश ऐक्स आम तौर पर कॉकपिट में रखा जाता है और दुर्घटना जैसी आपात स्थितियों में इसका इस्तेमाल किया जाता है. उन्होंने कहा कि घटना की परिस्थितियों, हमले के मक़सद और इससे जुड़े किसी भी संबंध का पता लगाने के लिए जांच जारी है. इसके साथ ही फिजिकल और डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।





