samacharsecretary.com

भारत दौरा अधर में? बांग्लादेश के हालात बिगड़े, महिला क्रिकेट टीम का टूर टल सकता है

नई दिल्ली आईसीसी फ्यूचर टूर प्रोग्राम के तहत दिसंबर में बांग्लादेश के खिलाफ भारत की आगामी घरेलू सीरीज कथित तौर पर बांग्लादेश में महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण स्थगित हो सकती है। भारत और बांग्लादेश की महिला टीमों के बीच इस सीरीज में 3 वनडे और 3 टी20 मैच शामिल हैं। दोनों देशों के बीच इन मुकाबलों के लिए विशिष्ट तिथियों और स्थानों की घोषणा नहीं की गई थी, लेकिन इस सप्ताह बांग्लादेश में हुए राजनीतिक घटनाक्रम से पहले ही दौरे का कार्यक्रम अनिश्चित था। 'ईएसपीएनक्रिकइन्फो' के अनुसार, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से एक पत्र मिला है, जिसमें कहा गया है कि सीमित ओवरों की सीरीज को बाद की तारीख के लिए पुनर्निर्धारित किया जाएगा।  भले ही इसके पीछे का कोई विशेष कारण नहीं बताया गया, लेकिन माना जा रहा है कि भारत और बांग्लादेश के बीच जारी राजनीतिक तनाव ने सीरीज के स्थगित होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दोनों देशों के बीच इस सीरीज के मुकाबले कोलकाता और कटक में होने वाले थे। वनडे मुकाबले दोनों टीमों के लिए महिला वनडे चैंपियनशिप के नए चरण की शुरुआत का प्रतीक थे। इससे पहले, भारतीय पुरुष टीम का बांग्लादेश में सीमित ओवरों की सीरीज के लिए दौरा अगस्त 2025 में होना था, लेकिन इसे सितंबर 2026 तक के लिए स्थगित कर दिया गया। बता दें कि बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (आईसीटी) ने 'मानवता के खिलाफ अपराध' मामले में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को फांसी की सजा सुनाई है। 78 वर्षीय शेख हसीना को पिछले साल छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। यह सजा शेख हसीना की अनुपस्थिति में सुनाई गई और संयुक्त राष्ट्र ने भी इस सजा का विरोध किया है। फिलहाल शेख हसीना भारत में हैं और बांग्लादेश उनकी वापसी पर अड़ा हुआ है। पिछले कुछ समय से दोनों पड़ोसी देशों के बीच राजनयिक संबंध प्रभावित हुए हैं।  

असालंका और फर्नांडो की वापसी, लेकिन कप्तानी मिली नए चेहरे को—श्रीलंका टीम में बड़ा बदलाव

कोलंबो  श्रीलंका ने पाकिस्तान में होने वाली टी20 त्रिकोणीय श्रृंखला से पहले टीम में कई बदलावों की घोषणा की है। कप्तान चरित असालंका और तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो दोनों बीमारी के कारण स्वदेश लौट आए हैं। हाल ही में संपन्न हुई एकदिवसीय श्रृंखला का हिस्सा रहे ये दोनों खिलाड़ी श्रीलंका, पाकिस्तान और ज़म्बिाब्वे के बीच होने वाले तीन देशों के टूर्नामेंट से बाहर रहेंगे क्योंकि टीम प्रबंधन और मेडिकल स्टाफ ने उन्हें भविष्य की प्रतिबद्धताओं से पहले उचित उपचार और रिकवरी का समय देने के लिए एहतियातन हटने की सलाह दी है।  असालंका की अनुपस्थिति में पूर्व सीमित ओवरों के कप्तान दासुन शनाका को त्रिकोणीय श्रृंखला के लिए टीम की कमान संभालने के लिए कहा गया है। श्रीलंका ने पवन रथनायके को टी20 टीम में शामिल किया है, जबकि विजयकांत व्यासकांत को भी शामिल किया गया है। चयनकर्ताओं ने व्यासकांत को इसलिए चुना क्योंकि वानिंदु हसरंगा अभी भी दौरे के एकदिवसीय चरण के दौरान हुई हैमस्ट्रिंग की जकड़न से उबर रहे हैं।  व्यासकांत कतर से सीधे पाकिस्तान में टीम से जुड़ेंगे, जहां वह एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट में श्रीलंका ए का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। श्रीलंका 20 नवंबर को रावलपिंडी में जिम्बाब्वे के खिलाफ अपने त्रिकोणीय श्रृंखला अभियान की शुरुआत करेगा। इससे पहले SLC ने अपने खिलाड़ियों को पाकिस्तान में मैच जारी रखने का निर्देश दिया था, क्योंकि इस्लामाबाद में एक आत्मघाती बम विस्फोट के बाद दौरे पर गए दल के कुछ सदस्यों ने सुरक्षा संबंधी चिंताएं व्यक्त की थीं।  बोर्ड ने कहा कि उसने PCB और स्थानीय अधिकारियों से बात की थी और खिलाड़ियों को आश्वासन दिया था कि टीम को निर्धारित मैचों के लिए आगे बढ़ने का निर्देश देने से पहले पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। हालांकि मूल कार्यक्रम में बदलाव किया गया। दूसरे और तीसरे वनडे मैच 13 और 15 नवंबर की बजाय 14 और 16 नवंबर को खेले गए। त्रिकोणीय श्रृंखला, जो 17 नवंबर से शुरू होनी थी, 18 नवंबर को आयोजित की जाएगी।   

टीम पर संकट गहराया: गिल के बाद दो खिलाड़ियों की तबीयत बिगड़ी, तुरंत अस्पताल ले जाया गया

नई दिल्ली  भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच जारी टेस्ट सीरीज का पहला मैच शानदार क्रिकेट, रोमांच और अब चोटों की वजह से सुर्खियों में है। कोलकाता टेस्ट में भारतीय कप्तान शुभमन गिल गंभीर चोट के कारण रिटायर्ड हर्ट हुए थे। वहीं अब गुवाहाटी टेस्ट से ठीक पहले एक और बड़ी खबर सामने आई है- दक्षिण अफ्रीका के दो स्टार खिलाड़ी अस्पताल पहुंच गए हैं। दोनों SA खिलाड़ी क्यों पहुंचे अस्पताल? मीडिया रिपोर्ट्स और RevSportz Global के मुताबिक, कोलकाता के एक निजी अस्पताल में दक्षिण अफ्रीका के मार्को यानसन और साइमन हार्मर को जांच के लिए ले जाया गया है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों को क्या हुआ, लेकिन शुरुआती अटकलें फूड पॉइजनिंग की लगाई जा रही हैं। चोट की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अगर ये खिलाड़ी फिट नहीं होते, तो यह साउथ अफ्रीका के लिए बड़ा झटका साबित होगा। हार्मर का कोलकाता टेस्ट में धमाका कोलकाता टेस्ट में साइमन हार्मर का जलवा देखने को मिला था। उन्होंने दोनों पारियों में 4-4 विकेट झटके और कुल 8 विकेट लेकर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बने। हालांकि हार्मर ने कहा था कि यह अवॉर्ड टेंबा बावुमा को मिलना चाहिए था, जिन्होंने टीम की जीत की नींव रखने वाला अहम अर्धशतक जड़ा था। यानसन भी रहे थे घातक मार्को यानसन ने भी जबरदस्त गेंदबाजी की और मैच में कुल पांच विकेट चटकाए। दूसरी पारी में उन्होंने केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल जैसे प्रमुख भारतीय बल्लेबाजों को आउट किया, जिससे भारत पर दबाव बढ़ा।   गिल का खेलना अब भी सस्पेंस भारतीय कप्तान शुभमन गिल की उपलब्धता पर भी संशय बना हुआ है। कोलकाता टेस्ट में उन्हें नेक इंजरी हुई थी, जिसके बाद उन्हें फ्लाइट में न बैठने की सलाह दी गई है। ऐसे में उनका गुवाहाटी टेस्ट खेलना मुश्किल दिख रहा है। वनडे सीरीज तक फिट हो पाएंगे या नहीं- इस पर फैसला अगले 24 घंटों में होने की उम्मीद है।    

एग फ्रीजिंग का खर्च और प्रक्रिया: सानिया मिर्जा ने शेयर किया अनुभव

मुंबई  आज के समय में महिलाएं करियर और लेट शादी की वजह से जल्दी मां बनने का फैसला नहीं ले पाती है, लेकिन भविष्य में मां बनना चाहती हैं. जो महिलाएं लेट मां बनना चाहती हैं उनके लिए एग फ्रीजिंग एक सुरक्षित विकल्प है. एग फ्रीजिंग की मदद से महिलाएं लेट प्रेग्नेंसी भी कंसीव कर सकती हैं. हाल ही में सानिया मिर्जा ने पॉडकास्ट में बताया कि उन्होंने बेटे को जन्म देने के बाद एग फ्रीज करवाया है. ताकि वह भविष्य में मां बन सके. आइए जानते हैं क्या एग फ्रीजिंग और इसके फायदे.  सनिया मिर्जा ने कराया एग फ्रीज  पूर्व टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा हाल ही में फिल्म मेकर फराह खान के यूट्यूब शो में नजर आई. इस दौरान सनिया मिर्जा ने बताया है कि उन्होंने फराह खान के डॉक्टर की मदद से एग फ्रीज कराया था. एग फ्रीज का फैसला उन्होंने बेटे के जन्म के बाद लिया. सानिया मिर्जा ने बताया है कि उनके एग फ्रीज के बारे में बहुत कम लोगों को पता है. सानिया मिर्जा ने बताया है कि एग फ्रीज कराना उनकी लाइफ सबसे अच्छा फैसला है. उन्होंने बोला कि अन्य महिलाओं को भी एग फ्रीजिंग कराना चाहिए.  क्या नेचुरल प्रेग्नेंसी कंसीव करने के बाद भी एग फ्रीजिंग कराना चाहिए  नेचुरल प्रेग्नेंसी कंसीव करने के बाद भी एग फ्रीजिंग कराना चाहिए. एक बार नेचुरल कंसीव करने के बाद भी भविष्य में प्रेग्नेंसी कंसीव में दिक्कत हो सकती है. अगर कोई महिला 30 साल की उम्र में मां बनने के बाद एग फ्रीज करवाती हैं तो वह 40 की उम्र में दूसरी प्रेग्नेंसी को आसानी कंसीव कर सकती हैं. 30 की उम्र की एग की क्वालिटी काफी अच्छी होती है.  किसी उम्र कराना चाहिए एग फ्रीजिंग  एग फ्रीजिंग के लिए 25 से 35 साल की उम्र सबसे अच्छी मानी जाती है. इस उम्र में एग की क्वालिटी बहुत अच्छी होती है. 35 साल की उम्र तक एग फ्रीज करवाना बेहतर माना जाता है. 40 साल की उम्र में भी एग फ्रीज करवा सकती हैं, लेकिन इस उम्र के बाद एग्स की गुणवत्ता और संख्या कम होने लगती है.  एग फ्रीजिंग क्यों जरूरी  करियर या पढ़ाई पर फोकस करने वाली महिलाएं भविष्य में मां बनने के लिए एग फ्रीज करवा सकती हैं. वहीं देर से शादी होने पर मां बनने के सपने को बरकरार रहें.  कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पहले एग फ्रीज कराना चाहिए ताकि आगे चलकर मां बनने का सपना पूरा हो सके.  एग फ्रीजिंग का खर्च  एक बार एग फ्रीज करवाने में 2 से 3 लाख का खर्च हो सकता है. वहीं रोजाना एग फ्रीज स्टोर का  खर्च 30 से 60 हजार हो सकता है.  एग फ्रीज करवाने के बाद मां बनने की संभावना  एग फ्रीजिंग से मां बनने की सफलता महिला की उम्र और अंडाणुओं की गुणवत्ता पर निर्भर करती है. कम उम्र में फ्रीज किए गए से प्रेग्नेंसी की संभावना अधिक होती है. इसलिए एक्सपर्ट कम उम्र में एग फ्रीज कराने की सलाह देते हैं. एग फ्रीज की मदद से 40 की उम्र के बाद भी प्रेग्नेंसी कंसीव की जा सकती है लेकिन यह प्रोसेस काफी महंगा होता है.   

बाबर आजम की हरकत पर सख्त ICC: स्टंप्स तोड़े, जुर्माना और डिमेरिट प्वॉइंट्स लगे

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के दिग्गज बल्लेबाज बाबर आजम एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार कारण उनका खेल नहीं बल्कि अनुशासनात्मक मामला है। रावलपिंडी में श्रीलंका के खिलाफ तीसरे वनडे के दौरान बाबर पर आईसीसी आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन का आरोप लगा, जिसके बाद उन पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना और एक डिमेरिट पॉइंट जोड़ा गया। आउट होने के बाद स्टंप्स की ओर बल्ले से गेंद मारना उनके खिलाफ कार्रवाई का आधार बना। हालांकि बाबर ने तुरंत गलती स्वीकार कर ली, लेकिन यह घटना पाकिस्तान की क्लीन स्वीप जीत के बीच चर्चा का विषय बन गई।  स्टंप पर प्रहार के कारण लगा जुर्माना  पारी के 21वें ओवर में आउट होने के बाद बाबर आजम ने गुस्से में अपने बल्ले से स्टंप्स की ओर गेंद मार दी। यह व्यवहार आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 का स्पष्ट उल्लंघन है, जो मैदान पर उपकरणों के दुरुपयोग से संबंधित होता है। मैदानी अंपायर एलेक्स व्हार्फ और राशिद रियाज, तीसरे अंपायर शरफुद्दौला इब्ने शाहिद और चौथे अंपायर फैसल अफरीदी ने तत्काल इस पर रिपोर्ट दर्ज की। आईसीसी मैच रेफरी अली नकवी ने जुर्माने की अनुशंसा की, जिसे बाबर ने बिना किसी आपत्ति के स्वीकार कर लिया। इसलिए किसी औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।  डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा गया  आईसीसी ने बताया कि यह बाबर आज़म का पिछले 24 महीनों में पहला अपराध है, इसलिए उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट जोड़ा गया है। हालांकि इससे उनके खेलने की पात्रता पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन भविष्य में किसी और गलती की स्थिति में यह पॉइंट अहम भूमिका निभा सकता है।  पाकिस्तान की 3-0 से शानदार सीरीज जीत  विवाद के बावजूद पाकिस्तान ने तीसरे वनडे में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को छह विकेट से हराया और 3-0 से क्लीन स्वीप कर लिया। 212 रन के लक्ष्य को टीम ने 5.2 ओवर शेष रहते हासिल कर लिया। फखर जमान ने 45 गेंदों पर 55 रन की तेज़ पारी खेलते हुए बाबर आजम (34) के साथ 80 रन की साझेदारी की। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने पाकिस्तान को मजबूत शुरुआत दी। श्रीलंका ने जेफरी वेंडरसे की अगुवाई में वापसी करने की कोशिश की, जिन्होंने फखर, बाबर और सलमान आगा को आउट कर पाकिस्तान को 115/4 पर पहुंचा दिया। लेकिन इसके बाद मोहम्मद रिजवान (नाबाद 61) और हुसैन तलत (नाबाद 42) ने मैच को एकतरफा बना दिया। श्रीलंका की बल्लेबाजी लड़खड़ाई  टॉप ऑर्डर से अच्छी शुरुआत मिलने के बावजूद श्रीलंका बड़ा स्कोर नहीं खड़ा कर पाया। पथुम निसांका (24) और कामिल मिशारा (29) ने तेज़ शुरुआत की, लेकिन मध्यमक्रम नियमित अंतराल पर विकेट खोता रहा। सदीरा समरविक्रमा ने 48 रन बनाकर पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन टीम 45.2 ओवर में 211 पर सिमट गई। पाकिस्तान की ओर से मोहम्मद वसीम जूनियर ने तीन विकेट लेकर श्रीलंका की बल्लेबाजी पर दबाव बनाए रखा। फैसल अकरम और हारिस रऊफ ने दो-दो विकेट चटकाए।   

जर्मनी की धमाकेदार एंट्री! विश्व कप के लिए क्वालिफाई करने वाली टीमों की पूरी लिस्ट देखें

बर्लिन जर्मनी ने ग्रुप ए के मुकाबले में स्लोवाकिया को 6-0 से हराकर 2026 FIFA विश्व कप के लिए अपनी क्वालिफिकेशन सुनिश्चित कर ली। मैच की शुरुआत से ही जर्मनी ने अपना दबदबा बनाए रखा और मेहमान टीम को उभरने का एक भी मौका नहीं दिया। पहले हाफ में ही बढ़त मजबूत जर्मनी को ग्रुप में शीर्ष स्थान पाने के लिए केवल एक अंक की आवश्यकता थी, लेकिन टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज दिखाया। कप्तान जोशुआ किमिच के बेहतरीन क्रॉस पर निक वोल्टेमाडे ने शानदार हेडर से पहला गोल दागा। कुछ ही मिनट बाद सर्ज ग्नाब्री, एलेक्ज़ेंडर पावलोविच और लियोन गोरेट्ज़का के कॉम्बिनेशन प्ले ने दूसरा गोल दागकर बढ़त दोगुनी कर दी। फ्लोरियन विट्र्ज़ का कमाल मिडफील्डर फ्लोरियन विट्र्ज़ जर्मनी की रफ्तार को नियंत्रित करते हुए टीम के खेल का केंद्र बने रहे। उनके पास पर लेरॉय साने ने तीसरा गोल किया इसके बाद साने को मिला विट्र्ज़ का तेज क्रॉस, जिसे उन्होंने आसानी से गोल में तब्दील कर चौथा गोल कर दिया। स्लोवाकिया ने कुछ तीखे काउंटर-हमले जरूर किए, लेकिन जर्मन डिफेंस ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया। दूसरे हाफ में भी नहीं रुका हमला ब्रेक के बाद भी जर्मनी ने अपने खेल में ढिलाई नहीं दिखाई। स्थानापन्न खिलाड़ी रिडल बाकू ने मैदान में आते ही शानदार गोल करते हुए स्कोर 5-0 कर दिया। अंत में 19 वर्षीय असन ओउएड्रागो ने लेरॉय साने के पास पर अपना पहला सीनियर अंतरराष्ट्रीय गोल दागकर स्कोर 6-0 कर दिया। इस गोल ने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को रोमांचित कर दिया। ग्रुप ए का चैंपियन बना जर्मनी इस धमाकेदार जीत के बाद जर्मनी ग्रुप ए का विजेता बन गया है और दिसंबर में होने वाले विश्व कप ड्रॉ में वरीयता प्राप्त टीमों में शामिल होगा। स्लोवाकिया अब यूरोपीय प्लेऑफ के जरिए विश्व कप में जगह बनाने की कोशिश करेगा। 2026 विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने वाली टीमें मेजबान देश: संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, मेक्सिको अफ्रीका: अल्जीरिया, केप वर्डे, मिस्र, घाना, कोट डी आइवर, मोरक्को, सेनेगल, दक्षिण अफ्रीका, ट्यूनीशिया एशिया: ऑस्ट्रेलिया, ईरान, जापान, जॉर्डन, कतर, सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया, उज़्बेकिस्तान यूरोप: क्रोएशिया, इंग्लैंड, फ्रांस, नॉर्वे, पुर्तगाल,  ओशिनिया: न्यूज़ीलैंड दक्षिण अमेरिका: अर्जेंटीना, ब्राज़ील, कोलंबिया, इक्वाडोर, पैराग्वे, उरुग्वे।  

WTC Final Race: 3 मैच हारने के बाद टीम इंडिया को क्या चाहिए? जानिए पूरे समीकरण

नई दिल्ली  कोलकाता टेस्ट हारने के बाद टीम इंडिया ने अपने लिए मुश्किलों का पहाड़ खड़ा कर लिया है। इस एक मैच के हारने से टीम इंडिया के लिए साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज को जीतना तो नामुमकिन हो ही गया है। साथ ही साथ टीम इंडिया के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को भी झटका लगा है। तीन में से दो बार डब्ल्यूटीसी का फाइनल खेलने वाली टीम इंडिया इस बार के साइकिल में पहले 8 मैचों में से तीन मैच हार चुकी है, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा है और चार मैच जीते हैं। इन आंकड़ों के बाद क्या टीम इंडिया डब्ल्यूटीसी फाइनल 2027 के लिए क्वालीफाई कर पाएगी? इसका सिनेरियो जान लीजिए। दरअसल, टीम इंडिया को अब बाकी बचे टेस्ट मैचों में बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा। अभी भी 10 मुकाबले भारतीय टीम के इस डब्ल्यूटीसी साइकिल में बाकी हैं, लेकिन एक दौरा बहुत मुश्किल भरा रहेगा। अभी शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम डब्ल्यूटीसी पॉइंट्स टेबल में 54 फीसदी के करीब मैच जीतकर चौथे स्थान पर है। अगर इतिहास को देखें तो आपको डब्ल्यूटीसी के फाइनल में पहुंचने के लिए 64 से 68 फीसदी जीत प्रतिशत रखना होगा। इससे साफ है कि अब बाकी बचे मैचों में भारत को फूंक-फूंककर कदम रखना होगा। डब्ल्यूटीसी पॉइंट्स टेबल 2025-27 में टॉप 2 में जगह बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा मैच भारत को जीतने होंगे। गलती करनी की गुंजाइश बहुत कम हो गई है। अब हर एक हार के बाद टीम इंडिया के लिए फाइनल के लिए क्वालीफाई करने के लिए मुश्किल होती जाएगी। भारतीय टीम के बाकी बचे मैचों की बात करें तो अभी एक मुकाबला साउथ अफ्रीका के खिलाफ बाकी है, जबकि इसके बाद श्रीलंका में भारत को दो टेस्ट खेलने हैं और इतने ही टेस्ट मैचों की सीरीज न्यूजीलैंड में खेलनी है, जो बहुत मुश्किल वाली होगी। 10 मैच भारत के बाकी हैं इसके अलावा भारतीय टीम को घर पर ऑस्ट्रेलिया से पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी होगी। इस तरह आगे की राह बहुत ज्यादा मुश्किल लग रही है। अगर भारत बाकी बचे 10 मैचों में से 8 मैच भी जीतता है तो फाइनल के लिए आसानी से क्वालीफाई कर जाएगा, लेकिन 7 मैच जीतने पर मुश्किलें होंगी। हालांकि, यहां देखने वाली बात ये होगी कि अगर भारत बाकी बचे 10 मैचों में से दो से ज्यादा मैच हारता है तो फिर भारत अपने दम पर फाइनल में नहीं पहुंच पाएगा।  

पिच पर नहीं, बल्लेबाजों पर सवाल—गंभीर की बात पर गावस्कर भी आए साथ

नई दिल्ली  भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहले टेस्ट मैच के बाद ईडन गार्डन्स की पिच को लेकर बहस जारी है। तमाम दिग्गज पिच की आलोचना कर रहे हैं। असमान उछाल वाली टर्निंग पिच बल्लेबाजों की कब्रगाह साबित हुई लेकिन भारतीय कोच गौतम गंभीर खुलकर कह रहे कि पिच वैसी ही बनी, जैसी उन्होंने मांग की थी। इस वजह से गंभीर की भी आलोचनाएं हो रही हैं। इस बीच महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने गौतम गंभीर का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भारत की हार पिच की वजह से नहीं, खराब बल्लेबाजी की वजह से हुई। सुनील गावस्कर ने इंडिया टुडे से कहा, 'गौतम गंभीर से पूरी तरह सहमत हूं। इस पिच पर 124 रन का सफल पीछा किया जा सकता था। इसे लेकर कोई सवाल ही नहीं है।' गावस्कर ने आगे कहा, ‘बहुत सारे लोग बात कर रहे हैं कि पिच कैसी थी, कैसा व्यवहार कर रही थी लेकिन क्या आपने देखा कि साइमन हार्मर किसी ओवर में कैसा कर रहे थे? उनकी कितनी गेंदें टर्न कर रही थीं? वह शानदार तरीके से मिश्रण कर रहे थे। वह सीधी गेंद फेंक रहे थे और कभी-कभी टर्न करा रहे थे।’ सुनील गावस्कर ने गंभीर का समर्थन करते हुए कहा कि भारतीय टीम की हार का पिच से कोई खास लेना-देना ही नहीं है। असली समस्या भारतीय बल्लेबाजों के अप्रोच का था। उन्होंने कहा कि पिच तो वैसे ही बिहैव कर रही थी जैसा कि तीसरे दिन आम तौर पर होता है। पिच वैसी नहीं थी, जितनी उसकी आलोचना हो रही है। गावस्कर ने कहा, ‘मैं गौतम गंभीर से पूरी तरह समहत हूं कि पिच में कुछ भी गलत नहीं था। तीसरे दिन कुछ गेंदें टर्न कर रही थीं, ये तो नॉर्मल है। महाराज (केशव महाराज) की कितनी गेंदें टर्न हुईं? जडेजा या अक्षर की कितनी गेंदें टर्न हुईं? लोग इसे टर्निंग पिच कह रहे हैं। ये तनिक भी गड़बड़ नहीं थी। खराब तकनीक और खराब मिजाज की वजह से हम ऐसी स्थिति में फंसे।’ दक्षिण अफ्रीका ने कोलकाता टेस्ट में जीत हासिल करके दो मैच की सीरीज में 1-0 की अजेय बढ़त बना ली है। गुवाहाटी में होने वाले दूसरे टेस्ट में अगर मेहमान टीम जीत जाती है या फिर ड्रॉ भी करा लेती है तो वह सीरीज जीत लेगी। कोलकाता टेस्ट सिर्फ ढाई दिन में हो गया। भारत में पहली बार किसी टेस्ट की चारों पारियों में कोई भी टीम 200 रन का आंकड़ा तक नहीं छू पाई। टीम इंडिया को अपनी दूसरी पारी में जीत के लिए 124 रन का लक्ष्य मिला था लेकिन टीम सिर्फ 93 रन पर ढेर हो गई और 30 रन से मैच हार गई।  

भारत बनाम साउथ अफ्रीका: गुवाहाटी टेस्ट में बदलाव, लंच से पहले ब्रेक और नई टाइमिंग

 गुवाहाटी टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका के हाथों कोलकाता के ईडन गार्डन्स में हुए टेस्ट मैच में 30 रनों से हार झेलनी पड़ी थी. भारतीय टीम को जीत के लिए 124 रनों का टारगेट मिला था, लेकिन शुभमन गिल ब्रिगेड 93 रनों पर ही सिमट गई. साउथ अफ्रीका ने भारत में 15 साल बाद कोई टेस्ट मैच जीता. इस जीत के चलते साउथ अफ्रीकी टीम टेस्ट सीरीज में 1-0 से आगे हो गई. अब भारतीय टीम को सीरीज बराबर करने के लिए दूसरे एवं आखिरी टेस्ट मैच में हर हाल में जीत हासिल करनी होगी. भारत-साउथ अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला 22 नवंबर (शनिवार) से गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है. इस मुकाबले की टाइमिंग बदली-बदली नजर आएगी. कोलकाता टेस्ट मैच भारतीय समयानुसार सुबह 9.30 बजे शुरू हुआ था, लेकिन इस मुकाबले के शुरू होने टाइमिंग भारतीय समयानुसार सुबह 9 बजे रखी गई है. भारत में टेस्ट मैच आमतौर पर सुबह 9.30 बजे शुरू होते हैं, लेकिन पूर्वोत्तर भारत में सूर्योदय और सूर्यास्त जल्दी होने के कारण भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने टाइमिंग में बड़ा बदलाव किया है. 22 नवंबर को गुवाहाटी में टॉस सुबह 8:30 बजे कराया जाएगा और फिर पहली गेंद 9 बजे फेंकी जाएगी. पांचों दिन पहला सत्र 9 से 11 बजे तक होगा. इसके बाद 20 मिनट का टी-ब्रेक लिया जाएगा. फिर दूसरा सत्र 11.20 बजे से 1.20 बजे तक होगा. दूसरे सत्र की समाप्ति के बाद 40 मिनट का लंच ब्रेक निर्धारित किया गया है. फिर दोपहर 2 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक आखिरी सत्र होगा. यदि निर्धारित समय में पूरे ओवर्स नहीं होते हैं तो खेल को आधा घंटा बढ़ाया भी जाएगा. यानी मुकाबला शाम 4.30 बजे तक चल सकता है. BCCI ने पूरे मसले पर क्या कहा? ऐसा शायद पहली बार होने जा रहा है, जब किसी डे टेस्ट में पहले टी ब्रेक और फिर लंच ब्रेक लिया जाएगा. यानी सालों की परंपरा टूटने जा रही है. बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने ईएसपीएन क्रिकइंफो से कहा, 'यह व्यावहारिक फैसला है. सर्दियों के समय पूर्वोत्तर भारत में सूर्योदय और सूर्यास्त बहुत जल्दी हो जाते हैं. शाम 4 बजे तक रोशनी काफी कम हो जाती है और उसके बाद ज्यादा खेल संभव नहीं हो पाता है. इसी चलते हमने इस टेस्ट मैच को जल्दी शुरू करने का फ़ैसला लिया, खेल सुबह 9 बजे शुरू होगा.' कोलकाता टेस्ट मैच में ऑफ-स्पिनर साइमन हार्मर ने कुल 8 विकेट लेकर साउथ अफ्रीका की जीत में अहम भूमिका निभाई. मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने पहली पारी में 159 रन बनाए थे. भारत के लिए जसप्रीत बुमराह ने पांच विकेट चटकाए. फिर भारतीय टीम की पहली पारी 189 रनों पर सिमटी, जिसके कारण उसे केवल 30 रनों की लीड मिली. इसके बाद साउथ अफ्रीका ने कप्तान टेम्बा बावुमा के नाबाद 55 रनों की बदौलत अपनी दूसरी इनिंग्स में 153 रन बनाए. भारतीय बल्लेबाजों से मैच की चौथी पारी में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने निराश किया और मुकाबला गंवा बैठे. वॉशिंगटन सुंदर (31) और अक्षर पटेल (26) ही कुछ संघर्ष कर सके. अब भारतीय टीम गुवाहाटी टेस्ट मैच में तीनों डिपार्टमेंट में अच्छा प्रदर्शन करना चाहेगी. दूसरे टेस्ट के लिए भारत का फुल स्क्वॉड: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उप-कप्तान/विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, अक्षर पटेल, देवदत्त पडिक्कल, आकाश दीप और नीतीश कुमार रेड्डी. दूसरे टेस्ट के लिए साउथ अफ्रीका का फुल स्क्वॉड: एडेन मार्करम, रयान रिकेल्टन, ट्रिस्टन स्टब्स, टेम्बा बावुमा (कप्तान), टोनी डी जोरजी, डेवाल्ड ब्रेविस, काइल वेरेने (विकेटकीपर), साइमन हार्मर, मार्को जानसेन, केशव महाराज, कगिसो रबाडा, कॉर्बिन बॉश, सेनुरन मुथुसामी, जुबैर हम्जा और वियान मुल्डर.

टीम इंडिया में हलचल: शुभमन बाहर, चौथे नंबर पर किसे मिलेगी जगह?

 गुवाहाटी साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता टेस्ट मैच के दौरान भारतीय कप्तान शुभमन गिल को नेक इंजरी हो गई थी. शुभमन भारत की पहली पारी में सिर्फ गेंद खेलकर रिटायर्ड हर्ट हो गए थे. वहीं दूसरी पारी में शुभमन बैटिंग नहीं कर पाए थे. शुभमन को हॉस्पिटल में एडमिट होना पड़ा था. भारतीय टीम को शुभमन की अनुपस्थिति काफी खली. भारतीय टीम 124 रनों का आसान सा टारगेट भी हासिल नहीं कर पाई और उसे 30 रनों से हार का सामना करना पड़ा. कप्तान शुभमन गिल को अब अस्पताल से तो छुट्टी मिल गई है, लेकिन उनकी फिटनेस को लेकर स्थिति अभी भी साफ नहीं है. सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि शुभमन को लेकर अगले 24 घंटों में फैसला लिया जाएगा, बोर्ड शुभमन के मामले में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता और डॉक्टरों की सलाह के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा. सूत्रों ने बताया कि फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि शुभमन दूसरे टेस्ट में खेल पाएंगे या नहीं, लेकिन अगली मेडिकल स्कैन रिपोर्ट मिलने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी, यदि जरूरत पड़ी तो गिल को पूरा आराम और रिकवरी का समय दिया जाएगा. भारत और साउथ अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा एवं आखिरी मुकाबला 22 नवंबर से गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है. अगर शुभमन गिल गुवाहाटी टेस्ट से बाहर होते हैं तो ऋषभ पंत भारतीय टीम की कप्तानी संभालेंगे. कोलकाता टेस्ट मैच में शुभमन की मौजूदगी में ऋषभ पंत ने ही स्टैंडिंग कैप्टन  के रूप में दिखे थे. …तो इन दोनों में से एक को मिलेगा मौका! अगर शुभमन गिल बाहर होते हैं, तो उनकी जगह चौथे नंबर पर कौन बल्लेबाजी करेगा? ये सवाल सबके मन में है… शुभमन की जगह लेने के लिए साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल तगड़े दावेदार दिख रहे हैं. दोनों में से किसी एक को गुवाहाटी टेस्ट मैच में चौथे नंबर पर आजमाया जा सकता है. चयन समिति पर पहले से ही ये सवाल उठ रहे हैं कि वो बाएं हाथ के बल्लेबाजों को तवज्जो दे रही है, लेकिन अब इसे बदला नहीं जा सकता. साई सुदर्शन ने 5 टेस्ट मैचों में 30.33 की औसत से 273 रन बनाए हैं, जिसमें दो अर्धशतक शामिल रहे. वहीं पडिक्कल ने भी 3 पारियों में 30 के एवरेज और 1 अर्धशतक की मदद से 90 रन बनाए. साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल के टेस्ट रिकॉर्ड लगभग समान हैं, इसलिए चयन का आधार दाएं हाथ के स्पिनर्स के खिलाफ उनका प्रदर्शन हो सकता है.  बता दें कि कोलकात टेस्ट मैच में ऑफ-स्पिनर साइमन हार्मर ने कुल 8 विकेट लिए थे और साउथ अफ्रीकी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी. साई सुदर्शन दाएं हाथ के स्पिनर्स के खिलाफ 2 बार आउट हुए हैं. वो दोनों बार रोस्टन चेज का शिकार बने. वही देवदत्त पडिक्कल भी एक मौके पर राइट आर्म स्पिनर (शोएब बशीर) का शिकार बन चुके हैं. यानी यहां भी कोई बड़ा अंतर नहीं है. आंकड़े निर्णायक नहीं हैं, लेकिन इंग्लैंड और वेस्टइंडीज सीरीज में टीम मैनेजमेंट ने साई सुदर्शन पर जो भरोसा दिखाया है, उसके आधार पर वह गुवाहाटी टेस्ट मैच में शुभमन गिल की जगह लेने के सबसे बड़े दावेदार दिखाई देते हैं.