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चोट से जूझ रही पीवी सिंधु, यूरोपियन लेग से पहले 2025 सीजन के टूर्नामेंट से बाहर

बेंगलुरु  दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने फैसला किया है कि वह 2025 के बाकी सभी बीडब्ल्यूएफ टूर टूर्नामेंटों से नाम वापस लेंगी. यह कदम उन्होंने अपने पैर की चोट से पूरी तरह ठीक होने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए उठाया है. 30 साल की यह स्टार शटलर यूरोपियन लेग से पहले लगी पैर की चोट से जूझ रही हैं. उन्होंने अपनी सपोर्ट टीम और चिकित्सा विशेषज्ञों, खास तौर पर मशहूर खेल ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. दिनशॉ पारदीवाला से सलाह के बाद यह निर्णय लिया है. सिंधु ने सोमवार को जारी बयान में कहा, 'अपनी टीम से गहन चर्चा और डॉ.पारदीवाला के मार्गदर्शन में हमने तय किया कि मेरे लिए बेहतर यही होगा कि मैं 2025 के बाकी बीडब्ल्यूएफ टूर्नामेंटों से हट जाऊं. इससे मुझे पूरी तरह स्वस्थ होकर वापसी का मौका मिलेगा.' सिंधु ने आगे कहा, 'यूरोपियन लेग से पहले लगी पैर की चोट अब तक पूरी तरह ठीक नहीं हुई है. इसे स्वीकार करना आसान नहीं है, लेकिन चोटें हर खिलाड़ी के सफर का अभिन्न हिस्सा होती हैं. वे आपकी धैर्य और जज्बे की परीक्षा लेती हैं, लेकिन साथ ही और मजबूती से लौटने की आग भी जगाती हैं.' 2019 की वर्ल्ड चैम्पियन सिंधु ने बताया कि उनकी रीहैब और ट्रेनिंग पहले से जारी है, जो डॉ. वेन लॉम्बार्ड की देखरेख में हो रही है. इसमें निशा रावत, चेतना, और कोच इरवांस्या अदी प्रतामा लगातार उनका साथ दे रहे हैं. उन्होंने कहा,  'डॉ. वेन लॉम्बार्ड की निरंतर देखभाल, निशा रावत और चेतना के सहयोग और कोच इरवांस्या के मार्गदर्शन में मैं ऐसे लोगों से घिरी हूं जो मुझे हर दिन मजबूत बनाते हैं. उनकी आस्था मुझ में मेरे अपने आत्मविश्वास को बढ़ाती है. मैं पहले से ज्यादा प्रेरित, आभारी और भूखी हूं नई चुनौतियों के लिए.' कॉमनवेल्थ गेम्स की यह चैम्पियन पिछले कुछ समय से फॉर्म और फिटनेस, दोनों से जूझ रही हैं. पेरिस ओलंपिक में शुरुआती दौर से बाहर होने के बाद, 2025 का यह साल भी उनके लिए उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा. वह कई टूर्नामेंटों में पहले या दूसरे दौर में ही बाहर हुईं, जबकि इंडिया ओपन सुपर 750, वर्ल्ड चैम्पियनशिप और चाइना मास्टर्स सुपर 750 में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचना ही इस सीजन की खास उपलब्धि रही. पिछले साल मलेशिया मास्टर्स में वह खिताब के बेहद करीब पहुंची थीं, जहां उन्हें उपविजेता रहना पड़ा. हालांकि उन्होंने दिसंबर में सैयद मोदी इंटरनेशनल सुपर 300 का खिताब जीतकर अपनी वापसी का संकेत भी दिया था.

साउथ अफ्रीका ने भारत दौरे के लिए टेस्ट स्क्वाड की घोषणा, बावुमा फिर संभालेंगे कप्तानी

केपटाउन साउथ अफ्रीकी टीम को भारत के खिलाफ उसके घर में 14 नवंबर से दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है. इस सीरीज के लिए साउथ अफ्रीकी टीम का 27 अक्टूबर (सोमवार) को ऐलान कर दिया गया. टीम में कप्तान टेम्बा बावुमा की वापसी हुई है, जो बाईं पि़डली में चोट के चलते पाकिस्तान दौरे से बाहर रहे थे. साउथ अफ्रीका की 15 सदस्यीय टीम में सेनुरन मुथुसामी, केशव महाराज और साइमन हार्मर के रूप में तीन स्पिनर्स को शामिल किया गया है. ये तीनों बल्ले से भी अच्छा योगदान देने में माहिर हैं. ऐसे में साउथ अफ्रीका के लिहाज से ये अच्छी बात है. टीम में कगिसो रबाडा, मार्को जानसेन, वियान मिल्डर और कॉर्बिन बॉश के रूप में पेस विकल्प मौजूद हैं. पाकिस्तन दौरे पर साउथ अफ्रीकी टीम ने 2 मैचों की टेस्ट सीरीज को 1-1 से बराबर कराया था. लाहौर में खेला गया पहला टेस्ट पाकिस्तान ने 93 रनों से जीता था. फिर साउथ अफ्रीका ने जोरदार कमबैक करते हुए रावलपिंडी टेस्ट मैच को 8 विकेट से अपने नाम किया था. टेम्बा बावुमा की अनुपस्थिति में इस सीरीज में एडेन मार्करम ने साउथ अफ्रीकी टीम की कमान संभाली थी. भारत दौरे के लिए साउथ अफ्रीका का टेस्ट स्क्वॉड: टेम्बा बावुमा (कप्तान), कॉर्बिन बॉश, डेवाल्ड ब्रेविस, टोनी डी जोरजी, जुबैर हमजा, साइमन हार्मर, मार्को जानसेन, केशव महाराज, एडेन मार्करम, वियान मुल्डर, सेनुरन मुथुसामी, कगिसो रबाडा, रयान रिकेलटन, ट्रिस्टन स्टब्स, काइल वेरेने. भारत और साउथ अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 14 नवंबर से कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला जाना है. फिर 22 अक्टूबर से गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में दोनों टीम्स के बीच दूसरा एवं आखिरी टेस्ट मैच खेला जाएगा. टेस्ट सीरीज के बाद दोनों टीमों के बीच तीन वनडे और पांच टी20 मुकाबले भी खेले जाने हैं. साउथ अफ्रीका के भारत दौरे का फुल शेड्यूल पहला टेस्ट- 14 से 18 नवंबर, कोलकाता दूसरा टेस्ट- 22 से 26 नवंबर, गुवाहाटी पहला वनडे- 30 नवंबर, रांची दूसरा वनडे- 3 दिसंबर, रायपुर तीसरा वनडे- 6 दिसंबर, विशाखापत्तनम पहला टी20- 9 दिसंबर, कटक दूसरा T20- 11 दिसंबर, मुल्लांपुर तीसरा T20- 14 दिसंबर, धर्मशाला चौथा T20- 17 दिसंबर, लखनऊ पांचवां T20- 19 दिसंबर, अहमदाबाद

क्रिकेटर श्रेयस अय्यर सिडनी के अस्पताल में ICU में, तीसरे वनडे में चोटिल होने के बाद स्वास्थ्य पर चिंता

मुंबई   भारतीय फैंस के लिए सोमवार को एक बीड़ दुखद खबर ये सामने आई है कि, तीसरे वनडे में कैच लेते समय चोटिल हुए श्रेयस अय्यर को सिडनी में ही इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में भर्ती कराया गया हैं. लेकिन वो खतरे से बाहर हैं और बीसीसीआई की मेडिकल टीम की निगरानी में हैं. कैच लेते समय हुए थे चोटिल दरअसल वनडे टीम के उपकप्तान श्रेयस अय्यर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे मैच के दौरान कैच लेते समय चोटिल हो गए थे. अय्यर ने बैकवर्ड पॉइंट से पीछे की ओर दौड़ते हुए एलेक्स कैरी का शानदार कैच लिया था, इस दौरान उन्हें अपनी बाईं पसली में चोट लग गई थी और शनिवार को ड्रेसिंग रूम में लौटने के तुरंत बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया.   सात दिनों तक ऑब्जर्वेशन में रहेंगे रिपोर्ट में पता चला की चोट से पसली में ब्लीडिंग हुई है. जिसके कारण उनको सिडनी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वह फिलहाल इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में हैं. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार श्रेयस पिछले कुछ दिनों से ICU में हैं और वह रिकवरी के आधार पर दो से सात दिनों तक ऑब्जर्वेशन में ही रहेंगे, क्योंकि ब्लीडिंग के कारण इन्फेक्शन फैलने से रोकना जरूरी है. उनकी हालत स्थिर है रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि टीम डॉक्टर और फिजियो ने कोई चांस नहीं लिया और उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए. जहां अब उनकी हालत स्थिर हैं, लेकिन यह जानलेवा हो सकता था. इस चोट की वजह से अब अय्यर की रिकवरी का समय लंबा हो सकता है, और अंदरूनी ब्लीडिंग की वजह से उनको ठीक होने में ज्यादा समय लग सकता है. 31 साल के अय्यर को कम से कम एक हफ्ते तक सिडनी के अस्पताल में रहने की उम्मीद है, जिसके बाद ही उनको भारत लौटने की अनुमति मिलेगी. अय्यर भारत की T20 टीम का हिस्सा नहीं हैं. बता दें कि ऑस्ट्रेलिया से तीन वनडे मैचों की सीरीज के बाद भारतीय टीम अब 29 अक्टूबर से पांच टी20 मैचों की सीरीज खेलने वाली है.  

भारत-बांग्लादेश मैच बारिश में धुला, हरमन ब्रिगेड की सेमीफाइनल राह अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ

नवी मुंबई आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 में 26 अक्टूबर को भारत का सामना बांग्लादेश से हुआ. लेकिन यह मैच बेनतीजा रहा. दरअसल बारिश के चलते यह मैच पूरा नहीं हो सका और आखिर में इसे रद्द करना पड़ा. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में खेला जा रहा था. मुकाबले में भारतीय टीम टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी कर रही थी. बारिश के चलते 27-27 ओवरों का कर दिया गया था. बांग्लादेश ने 27 ओवरों में 9 विकेट पर 119 रन बनाए. रनचेज में जब भारत का स्कोर 8.4 ओवरों में 57 रन था, तब बारिश फिर आ गई और मुकाबला समाप्त करना पड़ा. भारतीय टीम पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है, जहां उसका सामना 30 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया से होना है. दूसरी ओर बांग्लादेश टीम सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो चुकी थी.  इस मुकाबले में भारतीय टीम ने अपनी प्लेइंग-11 में तीन बदलाव किए. विकेटकीपर उमा छेत्री को भी मौका मिला है, जिनका ये वूमेन्स ओडीआई में डेब्यू मैच है. राधा यादव और अमनजोत कौर भी इस मुकाबले में खेलने उतरी हैंं. ऋचा घोष, स्नेह राणा और क्रांति गौड़ को रेस्ट दिया गया. भारत और बांग्लादेश के बीच अब तक 9 वूमेन्स ओडीआई मैच खेले गए हैं. इस दौरान भारतीय टीम ने 6 मुकाबलों में जीत हासिल की है. जबकि बांग्लादेश को केवल एक मैच में जीत मिली. वहीं 1 मुकाबला टाई और एक मैच बेनतीजा रहा. यानी आंकड़ों में भारतीय टीम का पलड़ा बांग्लादेश पर भारी रहा है. भारत की प्लेइंग इलेवन: प्रतीका रावल, स्मृति मंधाना, हरलीन देयोल, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), दीप्ति शर्मा, उमा छेत्री (विकेटकीपर), अमनजोत कौर, राधा यादव, श्री चरणी, रेणुका सिंह ठाकुर. बांग्लादेश की प्लेइंग इलेवन: सुमैया अख्तर, रुब्या हैदर जेलिक, शर्मिन अख्तर, शोभना मोस्तरी, निगार सुल्ताना (विकेटकीपर/कप्तान), शोर्ना अख्तर, रितु मोनी, राबेया खान, नाहिदा अख्तर, निशिता अख्तर निशी, मारुफा अख्तर.

पैट कमिंस पहले एशेज टेस्ट से बाहर, ऑस्ट्रेलियाई टीम को लगा तगड़ा झटका — ये खिलाड़ी संभालेगा कमान

सिडनी  ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस पीठ की चोट के कारण इंग्लैंड के खिलाफ एशेज सीरीज के पहले टेस्ट मैच में नहीं खेल पाएंगे. ऑस्ट्रेलियाई टीम के हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने इस बात की पुष्टि कर दी है. कमिंस हालांकि इसी हफ्ते गेंदबाजी करना शुरू कर देंगे, ताकि दूसरे टेस्ट के लिए फिट हो सकें. पहला टेस्ट 21 नवंबर से पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में शुरू होगा, जबकि दूसरा टेस्ट 4 दिसंबर से ब्रिस्बेन के द गाबा में खेला जाना है. एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने पत्रकारों से कहा, 'हमने पहले ही अंदाजा लगा लिया था कि उन्हें पूरी तरह फिट होने में चार हफ्ते से ज्यादा लगेंगे. अब हमारे पास समय नहीं बचा है. लेकिन हम दूसरे टेस्ट के लिए कमिंस को लेकर बहुत आशावादी हैं. इस हफ्ते कमिंस गेंदबाजी शुरू करेंगे जो बड़ी बात है. अब देखना होगा कि वे गेंदबाजी शुरू करने के बाद कैसा महसूस करते हैं. तभी तय होगा कि वो ब्रिस्बेन में खेल पाएंगे या नहीं.' सितंबर में वेस्टइंडीज दौरे से लौटने के बाद पैट कमिंस की पीठ में स्ट्रेस इंजरी का पता चला था. कमिंस पहले भी बैक इंजरी से जूझ चुके हैं, इसके चलते उनके पहले और दूसरे टेस्ट के बीच 5.5 साल का लंबा अंतराल देखने को मिला था. लेकिन इसके बाद वो काफी फिट रहे हैं और लगातार ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलते रहे हैं. पर्थ टेस्ट में कौन करेगा कप्तानी? पैट कमिंस की गैरमौजूदगी में स्टीव स्मिथ ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी करेंगे. स्मिथ पहले भी कमिंस की अनुपस्थिति में 6 टेस्ट मैचों में कप्तानी कर चुके हैं, जिनमें से 5 मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया जीता. 2021-22 के एशेज सीरीज का एडिलेड टेस्ट भी इसमें शामिल है, जब कमिंस को कोरोना संक्रमिक शख्स के संपर्क में आने के चलते बाहर रहना पड़ा था. स्टीव स्मिथ ने कुल मिलाकर 40 टेस्ट मैचों में ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी की है. इस दौरान कंगारू टीम ने 23 मुकाबले जीते, जबकि 10 मैचों में टीम को हार मिली. 7 मुकाबले ड्रॉ पर भी छूटे. पैट मिंस के बाहर होने के चलते पहले टेस्ट में तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड के खेलने की संभावना बढ़ गई है. बोलैंड ने वेस्टइंडीज दौरे पर मेजबान टीम के खिलाफ हैट्रिक ली थी. एंड्रयू  मैकडोनाल्ड कहते हैं, 'कमिंस हालांकि टीम के साथ यात्रा करेंगे, भले ही वे पहले टेस्ट में न खेलें. जब वह गेंदबाजी करते दिखेंगे तो लोगों को लगेगा कि वे क्यों नहीं खेल रहे. लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि दूसरे टेस्ट में वे टीम में वापसी करेंगे. कप्तान का बाहर होना आदर्श स्थिति नहीं है, लेकिन जब स्कॉट बोलैंड जैसे गेंदबाज आपके पास हों, तो ये भी बुरी स्थिति नहीं है.' ऑस्ट्रेलियाई टीम का ऐलान तीसरे राउंड के शेफील्ड शील्ड मैचों के बाद यानी अगले हफ्ते किया जाएगा.

भारत के खिलाफ मुकाबले से पहले हीली की स्थिति अनिश्चित

नवी मुंबई ऑस्ट्रेलिया को महिला विश्व कप के सेमीफाइनल मुकाबले से पहले झटका लग सकता है। टीम की कप्तान एलिसा हीली का भारत के खिलाफ खेलना मुश्किल है। हीली 22 अक्तूबर को इंग्लैंड के खिलाफ मैच में नहीं खेल सकी थीं। हीली को पिंडली की चोट लगी है जिस कारण वह टीम के दो मैचों में खेल नहीं सकी हैं और अब उनका सेमीफाइनल में हिस्सा लेना भी मुश्किल है। अभ्यास सत्र में हीली को लगी थी चोट हीली को बांग्लादेश के खिलाफ मैच के बाद अभ्यास सत्र के दौरान चोट लगी थी। हीली विश्व कप में शानदार फॉर्म में चल रही हैं और उन्होंने भारत और बांग्लादेश के खिलाफ शतक लगाए थे। शनिवार को दक्षिण अफ्रीका पर टीम की शानदार जीत के बाद मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कोच शेली निश्चे से कप्तान हीली की फिटनेस के बारे में पूछा गया। निश्चे ने कहा कि इस समय हीली की फिटनेस का आकलन किया जा रहा है और ऑस्ट्रेलिया को उम्मीद है कि वह भारत के खिलाफ सेमीफाइनल खेलने के लिए फिट हो जाएंगी। हालांकि, उनके बयान से संकेत मिले कि हीली का इस महत्वपूर्ण मुकाबले में खेलना तय नहीं है। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय नवी मुंबई में होने वाले मैच के करीब आने पर लिया जाएगा। निश्चे ने कहा, 'जाहिर है वह पूरी तरह से फिट नहीं थी, लेकिन उसका मूल्यांकन जारी रहेगा। हमें सेमीफाइनल के लिए पूरी उम्मीद है, लेकिन उससे पहले अभी कुछ दिन और बाकी हैं। हमें फिर भी उम्मीद है और जैसे-जैसे मैच नजदीक आएगा, उसका मूल्यांकन जारी रहेगा।' भारत के खिलाफ आगामी मैच के बारे में बात करते हुए निश्चे ने मेजबान टीम की एक मज़बूत प्रतिद्वंदी के रूप में प्रशंसा की और स्वीकार किया कि ऑस्ट्रेलिया के सामने एक बड़ी चुनौती है। दोनों टीमों के बीच ग्रुप चरण में एक रोमांचक मुकाबला हुआ था, जहां ऑस्ट्रेलिया ने विश्व कप के एक मैच में 331 रनों के रिकॉर्ड लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा किया था। हीली को 107 गेंदों में 142 रनों की शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था।  

IND vs AUS: टी20 सीरीज का बदला टाइम, कितने बजे शुरू होगा कैनबरा में पहला मुकाबला?

नई दिल्ली  सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में एशिया कप 2025 की चैंपियन बनी टीम इंडिया लंबे इंतजार के बाद दोबारा मैदान पर उतरने वाली है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम इंडिया वनडे के बाद अब 5 मैचों की टी20 सीरीज खेलने वाली है. इस सीरीज का पहला मुकाबला 29 अक्टूबर को कैनबरा में खेला जाएगा. ऑस्ट्रेलिया में होने के कारण इस मुकाबले का समय भी अलग होने वाला है. वनडे सीरीज के दौरान सभी मुकाबला 9 बजे शुरू हो रहे थे.  कितने बजे से खेला जाएगा टी20 मैच?   भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली टी20 सीरीज के शुरू होने का समय साफ हो चुका है. ये मुकाबला दोपहर 1:45 पर शुरू होगा. ऑस्ट्रेलिया के समय अनुसार ये मुकाबला 7:15 बजे शुरू होगा. भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों ही टीमें फिलहाल अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं. ऐसे में दोनों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलने वाली है. सूर्यकुमार यादव की टीम लगातार जीत दर्ज करके आ रही है, तो वहीं मिचेल मार्श की टीम ने भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करके सभी को प्रभावित किया है. 

पाकिस्तान की हार के बाद PCB का बड़ा फैसला, फातिमा ब्रिगेड के खाते पर पड़ी रोक

इस्लामाबाद   पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद महिला राष्ट्रीय टीम के हेड कोच मुहम्मद वसीम का अनुबंध नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। पाकिस्तान आठ टीमों की प्रतियोगिता तालिका में सातवें स्थान पर रहा, लेकिन अगर बांग्लादेश अपने आखिरी मैच में अच्छा प्रदर्शन करता है तो वह आखिरी स्थान पर खिसक सकता है। पाकिस्तान ने कोलंबो में अपने सात मैचों में से चार मैच गंवाए जबकि उसके बाकी तीन मैच बारिश की भेंट चढ़ गए थे।   पीसीबी के एक विश्वसनीय सूत्र ने बताया कि बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी इस बात से निराश हैं कि वसीम ने वादे के अनुसार काम नहीं किया। पीसीबी ने पिछले साल वसीम को महिला टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया था। उनके कार्यकाल में पाकिस्तान एशिया कप सेमीफाइनल में श्रीलंका से हार गया था और फिर दक्षिण अफ्रीका में महिला टी 20 विश्व कप के चार मैचों में से सिर्फ एक मैच में जीत हासिल कर सका था। सूत्र ने बताया कि पीसीबी अध्यक्ष को यह भी शिकायत थी कि मुख्य कोच अपने रवैये के कारण टीम के अन्य अधिकारियों के साथ सहज नहीं रह पाते हैं। पीसीबी अगले कुछ दिनों में नए मुख्य कोच की घोषणा कर सकता है और वह एक विदेशी कोच के साथ बातचीत कर रहा है। पाकिस्तान का अभियान टूर्नामेंट में निराशाजनक रहने के बाद कप्तान कप्तान फातिमा सना ने कहा कि टीम के खराब अभियान में मौसम का योगदान रहा। उन्होंने कहा, ''टूर्नामेंट के दौरान हम गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में बहुत अच्छे थे लेकिन बल्लेबाजी में कमजोर रहे।'' उन्होंने कहा, ''हम ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ अच्छी स्थिति में थे लेकिन दुर्भाग्य से हम जीत हासिल नहीं कर पाए।''  

ODI इतिहास की सबसे आईकॉनिक पारी: हैरी ब्रूक ने जीत नहीं, पर दिल जीत लिए

नई दिल्ली  इंग्लैंड के कप्तान और विस्फोटक बल्लेबाज हैरी ब्रूक की इस समय हर जगह तारीफ हो रही है। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में उन्होंने 135 रनों की धुआंधार पारी खेली। उनकी इस पारी को वनडे क्रिकेट की सबसे आईकॉनिक पारियों में से एक बताया जा रहा है। दरअसल, हैरी ब्रूक न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में उस समय बैटिंग करने उतरे जब टीम का स्कोर 3 विकेट के नुकसान पर मात्र 5 रन था। ऐसी स्थिति में आगकर टीम के लिए शतक जड़ना सचमुच काबिले तारीफ है। हैरी ब्रूक ने अपनी इस पारी के दम पर इंग्लैंड को 223 के स्कोर तक पहुंचा, मगर गेंदबाज इस स्कोर को डिफेंड नहीं कर सके। टीम के हारने के बावजूद हैरी ब्रूक को प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया। हैरी ब्रूक ने अपनी इस पारी के दौरान कई रिकॉर्ड्स तोड़े-       इंग्लैंड के कुल 223 रनों में हैरी ब्रुक के बल्ले से 60.53 प्रतिशत रनों का योगदान आया। यह वनडे मैचों में इंग्लैंड के लिए एक पूरी पारी में किसी बल्लेबाज का सबसे बड़ा योगदान है। इससे पहले यह रिकॉर्ड रॉबिन स्मिथ के नाम था जिन्होंने 1993 में बर्मिंघम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड के 5 विकेट पर 277 रन के स्कोर में नाबाद 167 रन बनाए थे, उनका योगदान इस मैच में 60.28 का था।     ब्रूक का योगदान वनडे क्रिकेट में किसी भी बल्लेबाज द्वारा ऑल आउट पारी में किया गया छठा सबसे बड़ा योगदान है। इस लिस्ट में टॉप पर डेविड वॉर्नर है जिन्होंने 2022 में जिम्बाब्वे के खिलाफ जब ऑस्ट्रेलिया 141 के स्कोर पर ढेर हो गई थी तब 94 रन बनाकर 66.66 प्रतिशत रनों का योगदान दिया था।     न्यूजीलैंड के खिलाफ ब्रूक के 135 रन इंग्लैंड के लिए वनडे में पांचवें या उससे नीचे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। जोस बटलर ने 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 150 रन बनाए थे।     जब ब्रूक बैटिंग करने आए तब इंग्लैंड का स्कोर 5/3 था। ब्रूक से पहले वनडे इतिहास में सिर्फ दो बल्लेबाज ही टीम के 10 रन से कम पर तीन विकेट गिरने के बाद शतक जड़ पाए हैं – सरफराज अहमद ने 2016 में लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ 3/2 से 105 रन बनाए थे और युवराज सिंह ने 2005 में हैदराबाद में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3/5 से 103 रन बनाए थे।     इंग्लैंड का 223 रनों का यह स्कोर वनडे क्रिकेट का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है, जिसमें आठ बल्लेबाज सिंगल डिजिट पर आउट हुए। इससे पहले सबसे ज्यादा स्कोर 1984 में वेस्टइंडीज द्वारा इंग्लैंड के खिलाफ 9 विकेट पर 272 रन का था, जिसमें विव रिचर्ड्स ने नाबाद 189 रन बनाए थे।     वनडे मैच में 10 या उससे कम रनों पर चार विकेट गिरने के बावजूद किसी टीम के 200 रनों के आंकड़े को पार करने के पिछले उदाहरण 1997 का है, जब पाकिस्तान ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 9 रन पर चार विकेट गिरने के बावजूद 262 रन बनाए थे। वहीं भारत ने ऐसा 1983 में जिम्बाब्वे के खिलाफ किया था। कपिल देव ने उस मैच में 175 रनों की धुआंधार पारी खेली थी।     हैरी ब्रूक ने इस मैच में छक्कों की हैट्रिक के साथ अपना शतक पूरा किया। वह 86 से सीधा 104 के स्कोर पर पहुंचे। 2002 से ऐसा सिर्फ दूसरी बार हुआ है। इससे पहले 2023 वर्ल्ड कप में ग्लेन मैक्सवेल ने नीदरलैंड्स के खिलाफ ऐसा किया था। वहीं शुभमन गिल ने 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना दोहरा शतक पूरा करने के लिए लगातार तीन गेंदों पर तीन छक्के लगाए थे।  

वर्ल्ड रिकॉर्ड ब्रेकिंग: इस भारतीय के नाम ODI में सबसे ज्यादा 0 पर आउट होने की शर्मनाक लेकिन अद्भुत पारियां

नई दिल्ली  न्यूजीलैंड के स्टार बल्लेबाज केन विलियमसन के हाथ उस समय निराशा लगी जब वह इंग्लैंड के खिलाफ पहला वनडे खेलने माउंट माउंगानुई के बे ओवल मैदान पर उतरे। चैंपियंस ट्रॉफी के बाद पहला इंटरनेशनल मैच था, मगर अपने कमबैक मैच में वह पहली ही गेंद पर आउट हो गए। केन विलियमसन के डेब्यू को 15 साल हो गए हैं, मगर यह उनके करियर का पहला गोल्डन डक है। इसी के साथ वनडे क्रिकेट में उनकी 80 पारियों से चली आ रही 0 पर ना आउट होने की स्ट्रीक का भी अंत हुआ। केन विलियमसन के वनडे करियर का यह कुल 6ठा डक था, वह आखिरी बार 0 पर 2016 में आउट हुए थे। बिना 0 पर आउट हुए लगातार सबसे ज्यादा पारियां खेलने का वर्ल्ड रिकॉर्ड राहुल द्रविड़ के नाम है। 1999 से 2004 के बीच द्रविड़ ने लगातार 120 पारियां खेली थी, जिसमें वह 0 पर आउट नहीं हुए थे। इस लिस्ट में कुल तीन ही ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने वनडे में लगातार 100 से ज्यादा पारियां बिना 0 पर आउट हुए खेली। राहुल द्रविड़ के अलावा न्यूजीलैंड के मार्टिन क्रो 119 तो ऑस्ट्रेलिया के केप्लर वेसल्स 105 पारियां बिना 0 पर आउट हुए खेली। बिना डक पर आउट हुए वनडे में सबसे ज्यादा पारियां- राहुल द्रविड़- 120 मार्टिन क्रो- 119 केप्लर वेसल्स- 105 सिकंदर रजा- 98 जावेद मियादाद- 95 विलियमसन अब न्यूज़ीलैंड के लिए पार्ट टाइम कॉन्ट्रैक्ट पर खेल रहे हैं और अपने अंतरराष्ट्रीय मैचों का चयन बहुत सोच-समझकर कर रहे हैं। इस साल की शुरुआत में, उन्होंने काउंटी क्रिकेट और द हंड्रेड पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कई राष्ट्रीय मैचों—टेस्ट मैचों सहित—से दूरी बना ली थी। बात मैच की करें तो, इंग्लैंड ने इस मैच में न्यूजीलैंड के सामने 224 रनों का टारगेट रखा, इसमें से 135 रन अकेले कप्तान हैरी ब्रूक ने बनाए। इस स्कोर का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड दूसरे ही ओवर में आउट हो गए जब न्यूजीलैंड का स्कोर 12 रन था। विलियमसन के रूप में न्यूजीलैंड का यह दूसरा विकेट गिरा था।