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ओमकार साल्वी को आगामी 2025/26 घरेलू सत्र के लिए मुंबई की सीनियर पुरुष टीम का मुख्य कोच बरकरार रखा गया

मुंबई ओमकार साल्वी को आगामी 2025/26 घरेलू सत्र के लिए मुंबई की सीनियर पुरुष टीम का मुख्य कोच बरकरार रखा गया है। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) ने बुधवार को यह जानकारी दी। एमसीए ने कहा कि संजय पाटिल भी सीनियर पुरुष चयन समिति के अध्यक्ष बने रहेंगे। मुंबई ने 2024/25 के घरेलू सत्र में साल्वी की कोचिंग में 27 साल के अंतराल के बाद ईरानी कप जीता, साथ ही रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में जगह बनाने से पहले सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी भी जीती। साल्वी आईपीएल 2025 की विजेता रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के गेंदबाजी कोच भी थे। एमसीए अध्यक्ष अजिंक्य नाइक ने एक बयान में कहा, “पिछले दो सत्रों में उनके शानदार नेतृत्व और कोचिंग ने टीम के मजबूत प्रदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाने की उनकी क्षमता असाधारण है।” एमसीए ने पूर्व बाएं हाथ के स्पिनर अंकित चव्हाण को मुंबई अंडर-14 पुरुष टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया है। चव्हाण राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के उन तीन खिलाड़ियों में से एक थे, जिन पर 2013 स्पॉट फिक्सिंग कांड में शामिल होने के कारण आजीवन प्रतिबंध लगाया गया था। लेकिन जब उनका प्रतिस्पर्धी क्रिकेट प्रतिबंध घटाकर सात साल कर दिया गया, तो चव्हाण ने कर्नाटक स्पोर्ट्स क्लब के लिए मुंबई में क्लब क्रिकेट खेला और बाद में अपनी लेवल-1 कोचिंग परीक्षा पास की। अपने खेल करियर में, चव्हाण ने 13 आईपीएल कैप अर्जित किए, साथ ही मुंबई के लिए 18 प्रथम श्रेणी मैच और 20 लिस्ट ए गेम भी खेले। 2025-26 घरेलू सत्र के लिए मुंबई के कोच और चयनकर्ता- पुरुषों के मुख्य कोच सीनियर: ओंकार साल्वी, अंडर-23: किरण पोवार, अंडर-19: संदेश कावले, अंडर-16: नीलेश मसूरकर, और अंडर-14: अंकित चव्हाण। चयन समितियां वरिष्ठ: संजय पाटिल (अध्यक्ष), रवि ठाकर, जितेंद्र ठाकरे, विक्रांत येलिगाती, और दीपक जाधव। अंडर-19: रवि कुलकर्णी (अध्यक्ष), प्रशांत सावंत, जुल्फिकार पारकर, अमित दानी और उमेश गोतखिंदीकर। अंडर-16: मंदार फड़के (अध्यक्ष), जूड सिंह, सुधाकर हरमलकर, अमोल भालेकर और जयप्रकाश जाधव। अंडर-14: श्रीधर मांडले (अध्यक्ष), अजीम खान, संतोष जगताप, मनीष बंगेरा और सुनील कुलकर्णी। महिला मुख्य कोच सीनियर: सुनेत्रा परांजपे, अंडर-23: अजय कदम, अंडर-19: सुनील गावड, और अंडर-15: विकास साटम चयन समितियां वरिष्ठ: लया फ्रांसिस (अध्यक्ष), अपर्णा चव्हाण, श्रद्धा चव्हाण, कल्पना कार्डोसो, और संगीता कामत अंडर-19: सुनीता सिंह (चेयरपर्सन), शीतल सकरू, वीणा परलकर, कल्पना मुरकर और सीमा पुजारे। अंडर-15: मनीष मोरे (अध्यक्ष), आशीष महादेश्वर, स्वाति पाटिल, नैन्सी दारूवाला और नीलिमा पाटिल।  

टीएनपीएल 2025: आर अश्विन का TNPL में बल्ले और गेंद से तूफानी प्रदर्शन, अकेले दम पर जिताया एलिमिनेटर

नई दिल्ली  तमिलनाडु प्रीमियर लीग यानी टीएनपीएल 2025 के प्लेऑफ्स के मैच खेले जा रहे हैं। बुधवार 2 जुलाई को एलिमिनेटर मैच में डिंडीगुल ड्रैगन्स का सामना ट्रिची ग्रैंड चोलस से हुआ। इस मुकाबले में पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन छाए रहे। डिंडीगुल ड्रैगन्स के कप्तान आर अश्विन ने पहले तो गेंद से और फिर बल्ले से कमाल का प्रदर्शन किया और अपनी टीम को जीत दिलाकर क्वालीफायर 2 का टिकट दिलाया। आर अश्विन की टीम अब फाइनल में पहुंचने से एक कदम दूर है। दरअसल, आर अश्विन ने टीएनपीएल 2025 के इस एलिमिनेटर मैच में ट्रिची ग्रैंड चोलस के खिलाफ पहले तो 4 ओवर में 28 रन देकर 3 अहम विकेट निकाले, जबकि बाद में वे ओपनिंग करने उतरे तो उन्होंने ऐसी पारी खेली, जिससे टीम जीत के करीब पहुंची, क्योंकि जब वे आउट हुए थे तो मैच लगभग खत्म हो गया था। महज 11 रन जीत के लिए और चाहिए थे। अश्विन ने 48 गेंदों में 11 चौके और 3 छक्कों की मदद से 83 रनों की पारी खेली। उनका स्ट्राइक रेट 172.92 का रहा। इस लीग में कुछ और बेहतरीन पारियां वे खेल चुके हैं। बता दें कि आर अश्विन इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने के बाद आईपीएल और इस लीग में ही एक्टिव हैं। उन्होंने आईपीएल में इस साल चेन्नई सुपर किंग्स यानी सीएसके का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन वे बल्ले और गेंद से फ्लॉप ही नजर आए। वहीं, अब इस लोकल टी20 लीग में वे छाए हुए हैं। कभी बल्ले तो कभी गेंद से कभी-कभार गेंद और बल्ले से सामने वाली टीम को पस्त कर देते हैं। वे कप्तानी भी करते हैं तो उन पर अतिरिक्त जिम्मेदारी अपनी टीम के लिए लड़ने की होती है। डिंडीगुल ड्रैगन्स को अब क्वालीफायर 2 में चेपॉक सुपर गिलीज से 4 जुलाई को भिड़ना है। इसके बाद फाइनल खेला जाएगा।  

तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स ने मौके गंवाने का जताया अफसोस, कहा- रिव्यू के नियम बदले जाएं

नई दिल्ली इंग्लैंड के अनुभवी तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स ने स्वीकार किया कि दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन अंपायरों के कुछ फैसले भारत के पक्ष में जाने के बाद वह निराश हो गए थे। वोक्स अपनी शानदार लाइन और लेंथ के साथ मेजबान टीम के लिए सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए और उन्होंने पहले दिन 18 ओवर में 59 रन देकर दो विकेट लिए। वोक्स की गेंदबाजी पर इंग्लैंड ने दो रिव्यू लिए जिन पर तीसरे अंपायर का फैसला भारत के पक्ष में गया। इस तेज गेंदबाज ने इसे निराशाजनक करार दिया। वोक्स ने बुधवार को पहले दिन खेल समाप्त होने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह वास्तव में निराशाजनक था। जब आप टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बेताब होते हैं तो भावनाएं हावी हो जाती हैं। अगर ये फैसले हमारे पक्ष में होते तो दिन पूरी तरह से अलग होता, लेकिन यह टेस्ट क्रिकेट है और हम इन चीजों को आत्मसात करके आगे बढ़ते हैं। ’’ इनमें से पहला मामला सातवें ओवर में आया, जब भारत का स्कोर बिना किसी नुकसान के 14 रन था और वोक्स ने यशस्वी जायसवाल के खिलाफ एलबीडब्ल्यू की अपील की थी। दूसरा मामला 11वें ओवर में आया, जब भारत का स्कोर एक विकेट पर 21 रन था और करुण नायर भी इसी तरह के रिव्यू से बच गए। दोनों अवसरों पर डीआरएस से पता चला कि गेंद स्टंप से टकराती, लेकिन यह बांग्लादेशी अंपायर शरफुद्दौला के नॉट आउट के फैसले को पलटने के लिए पर्याप्त नहीं था। वोक्स ने कहा, ‘‘अगर यह फैसले हमारे पक्ष में जाते तो हम उनका स्कोर तीन विकेट पर 30 रन कर सकते थे और तब स्थिति पूरी तरह से भिन्न होती। यह फैसले हमारे पक्ष में भी जा सकते थे लेकिन हम इस खेल को इसी तरह से खेलते हैं।  जायसवाल ने 87 और नायर ने 31 रन बनाए, जिसके बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने नाबाद 114 रन बनाकर पारी को संभाला और स्टंप तक अपनी टीम का स्कोर पांच विकेट पर 310 रन तक पहुंचाया। हालांकि वोक्स ने माना कि डीआरएस ने क्रिकेट में निर्णय लेने की प्रक्रिया में सामान्य सुधार किया है, लेकिन उन्होंने इसमें एक विशेष बदलाव की मांग की। उन्होंने कहा, ‘‘निर्णय समीक्षा प्रणाली ने सामान्य तौर पर अच्छे फैसले दिए हैं लेकिन मैं केवल यही कहना चाहूंगा कि यदि बल्लेबाज गेंद को छोड़ने का निर्णय लेता है और गेंद तब भी स्टंप्स पर लग रही है, तो मुझे लगता है कि उसे आउट दिया जाना चाहिए।’’  

‘वर्ल्ड क्लास है गिल!’ इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज ने किया भविष्य का बड़ा ऐलान

मुंबई पूर्व क्रिकेटर जोनाथन ट्रॉट का कहना है कि इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन भारतीय कप्तान शुभमन गिल की सोची-समझी रणनीति और हाव भाव में वर्ल्ड क्लास खिलाड़ी के लक्षण हैं जिनका भविष्य उज्जवल नजर आता है। गिल ने पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला में दूसरा शतक जड़ा और बर्मिंघम में दूसरे टेस्ट के पहले दिन स्टंप तक नाबाद 114 रन (216 गेंद, 12 चौके) बनाकर भारत को पांच विकेट पर 310 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज ट्रॉट ने 'जियो हॉटस्टार' से कहा, "उनके हाव भाव और जिस तरह से उन्होंने रन बनाए वह उल्लेखनीय है। इंग्लैंड के गेंदबाजों के खिलाफ उनके नियंत्रण ने ड्रेसिंग रूम को संदेश दिया कि वह जिम्मेदारी ले रहे हैं और आगे बढ़कर नेतृत्व कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, ‘‘उनकी रणनीति स्पष्ट थी। मैं क्रीज पर टिका रहूंगा और मैं कल फिर से खेलूंगा। मैं सुनिश्चित करूंगा कि हम जीत की स्थिति में पहुंचें। वह विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं जिनका भविष्य उज्जवल है।’’ ट्रॉट ने कहा, ‘‘उन्होंने एक सोची समझी रणनीति से बल्लेबाजी की जिसमेंं उनका आत्मविश्वास साफ नजर आता था। कप्तान के रूप में इस तरह के प्रदर्शन से टीम के अन्य खिलाड़ियों पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।’’  

विंबलडन 2025 में डिफेंडिंग चैंपियन अल्काराज की जीत से शुरुआत

लंदन  विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट 2025 में दुनिया के तीसरे नंबर के खिलड़ी और तीन बार ग्रैंड स्लैम फाइनलिस्ट अलेक्जेंडर ज्वेरेव सबसे बड़े उलटफेर का शिकार हो गए. 72वीं रैंकिंग के आर्थर रिंडरक्नेच ने उन्‍हें पहले दौर से बाहर कर दिया है. ज्वेरेव और रिंडरक्नेच के बीच मुकाबला 4 घंटे 40 मिनट तक चला.पांच सेट तक चले इस मुकाबले  7-6 (3), 6-7 (8), 6-3, 6-7 (5), 6-4 से हार का सामना करना पड़ा. रिंडरक्नेच का ऑल इंग्लैंड क्लब में 1-4 का करियर रिकॉर्ड था. वह ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों में 18 बार तीसरे दौर से आगे नहीं बढ़ पाए हैं.  पिछले साल विंबलडन और इस साल फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनलिस्ट रहे सातवें नंबर के खिलाड़ी लोरेंजो मुसेट्टी भी पहले दौर से आगे नहीं बढ़ पाए. उन्हें निकोलोज बेसिलशविली ने बाहर का रास्ता दिखाया. दुनिया में 126वें नंबर के खिलाड़ी और यहां क्‍वालिफायर बेसिलशविली अपने पिछले 31 ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों में केवल एक बार चौथे दौर तक पहुंच पाए हैं.. दुनिया की नंबर-3 टेनिस स्टार जेसिका पेगुला विम्बलडन-2025 के पहले राउंड में उलटफेर का शिकार हो गई हैं। तीसरी सीड पेगुला को वर्ल्ड रैंकिंग में 116वें नंबर की खिलाड़ी एलिसाबेटा कोकियारेटो ने महज 58 मिनट में हरा दिया। 31 साल की अमेरिकी खिलाड़ी ने यह मैच सीधे सेट में 6-2, 6-3 से गंवाया। यह उनका इस साल का सबसे खराब प्रदर्शन है। पेगुला पिछले 5 साल में पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के पहले राउंड से बाहर हुई हैं। इससे पहले वे 2020 में फ्रेंच ओपन के पहले दौर से बाहर हुई थी। पेगुला से पहले डेनियल मेदवेदेव और 8वीं सीड होल्गर रून उलटफेर का शिकार हुए। डिफेंडिंग चैंपियन अल्काराज की जीत से शुरुआत 2 बार के चैंपियन कार्लोस अल्काराज ने जीत से शुरुआत की। उन्होंने इटली के फैबियो फोगनिनी को 4 घंटे से ज्यादा चले मैच में 7-5, 6-7 (5-7), 7-5, 2-6, 6-1 से हराया। अब उनका मुकाबला 21 साल के टार्वेट से होगा, जिन्होंने विंबलडन में अपने पहले मैच में स्विट्जरलैंड के लिएंड्रो रीडी को हराया है। सबालेंका की वर्ल्ड नंबर-1 रहते 50वीं जीत दुनिया की नंबर-1 महिला टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने टूर्नामेंट में बेहतरीन जीत से आगाज किया। सबालेंका ने कनाडा की कार्सन ब्रेंस्टीन को लगातार सेट में 6-1, 7-5 से हराया। यह सबालेंका की वर्ल्ड नंबर-1 रहते ​हुए विमेंस टेनिस एसोसिएशन (WTA) में 50वीं जीत रही। वे ऐसा करने वाली 9वीं ​खिलाड़ी बनीं। उनसे पहले, हिंगिस, सेरेना, डेवनपोर्ट, जस्टिन हेनिन, वोज्नियाकी, अजारेंका, बार्टी और स्वातेक ने ऐसा कर चुकी है। डेनियल मेदवेदेव और 8वीं सीड होल्गर रून पहले राउंड में उलटफेर का शिकार हुए डेनियल मेदवेदेव और टूर्नामेंट के 8वीं सीड होल्गर रून पहले राउंड में उलटफेर का शिकार हुए। रून को निकोलस जैरी ने 4-6, 4-6, 7-5, 6-3, 6-4 और मेदवेदेव को बेंजामिन बोंजी ने 7-6, 3-6, 7-6, 6-2 से हराया। गॉफ भी बाहर विंबलडन में मंगलवार को उलटफेर का दौर जारी रहा और महिला एकल में खिताब की प्रबल दावेदार गॉफ भी पहले दौर से आगे नहीं बढ़ पाई. उन्हें दयाना यास्त्रेम्स्का ने 7-6 (3), 6-1 से हराया. इस तरह से विंबलडन में पहले दो दिन में 23 वरीयता प्राप्त खिलाड़ी (13 पुरुष और 10 महिला) दूसरे दौर में पहुंचने में असफल रहे.दूसरे दिन बाहर होने वाले वरीय पुरुष खिलाड़ियों में 18वें नंबर के उगो हम्बर्ट, 27वें नंबर के डेनिस शापोवालोव, 28वें नंबर के अलेक्जेंडर बुब्लिक और 30वें नंबर के एलेक्स मिशेलसन शामिल थे.  जोकोविच आगे बढ़े नोवाक जोकोविच ने पेट की समस्या के बावजूद चार सेट तक चले मैच में जीत दर्ज करके विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट के दूसरे दौर में जगह बनाई. जोकोविच ने पहले दौर के मैच में पेट की समस्या के कारण दो बार डॉक्टर की मदद लेनी पड़ी, लेकिन आखिर में वह एलेक्जेंडर मुलर को 6-1, 6-7 (7), 6-2, 6-2 से हराने में सफल रहे.

रेसलर्स ब्रिट बेकर AEW छोड़ने की अफवाहें , लोगों का कहना था कि वो WWE में जाना चाहती

नई दिल्ली  AEW और WWE के बीच रेसलर्स का आना-जाना लगा रहता है। दोनों ही कंपनी एक दूसरे के रेसलर्स को अपने साथ शामिल करने की होड़ में रहती है। इसी बीच एक रेसलर AEW का साथ छोड़कर WWE में शामिल हो सकते हैं। यह रेसलर कोई और नहीं बल्कि डॉ. ब्रिट बेकर हैं। डॉ. ब्रिट बेकर के बारे में कई तरह की बातें चल रही थीं। कुछ लोग कह रहे थे कि वो AEW छोड़ कर WWE में जा सकती हैं। लेकिन अब नई खबर आई है कि ऐसा कुछ नहीं है। नवंबर 2024 से ब्रिट बेकर टीवी पर नहीं दिखी हैं। इसके बाद से ही उनके AEW छोड़ने की अफवाहें उड़ रही थीं। कुछ लोगों का कहना था कि वो WWE में जाना चाहती हैं। लेकिन Fightful नाम की एक वेबसाइट ने खबर दी है कि ब्रिट बेकर AEW नहीं छोड़ रही हैं। उन्होंने कई लोगों से बात की और सबने यही कहा कि ब्रिट बेकर के AEW छोड़ने की कोई बात नहीं है। खबर तो ये भी है कि ब्रिट बेकर ने 2021 में AEW के साथ पांच साल का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था। इसका मतलब है कि वो अभी कई साल तक AEW में ही रहेंगी। जॉन सीना ने अपने दिमाग से बचाई अपनी चैंपियनशिप, सरेआम दिया धोखा Fightful ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि, जिन भी सूत्रों से संपर्क किया गया, उन्होंने इस बात से इनकार किया है कि ब्रिट बेकर AEW छोड़ने की कोशिश कर रही थीं। इसका मतलब है कि ये सारी अफवाहें गलत हैं। रिपोर्ट्स में ये भी कहा है कि, 'स्थिति से परिचित लोगों ने कहा कि बेकर की AEW छोड़ने की इच्छा या उन्हें छोड़ने की योजनाओं के बारे में बताना उनके लिए खबर थी और मैनेजमेंट को भी इसकी जानकारी नहीं थी। इससे पता चलता है कि ब्रिट बेकर ने कभी भी AEW छोड़ने के बारे में नहीं सोचा था। अब देखना ये है कि ब्रिट बेकर का आगे क्या प्लान है। वो कब टीवी पर वापस आएंगी और क्या करेंगी। लेकिन एक बात तो तय है कि वो अभी AEW नहीं छोड़ रही हैं।

गिल ने मैच के पहले दिन शतक ठोक इंग्लैंड में मचाया तहलका, जायसवाल ने तोड़ा 51 साल पुराना रिकॉर्ड

बर्मिंघम  तेंदुलकर-एंडरसन सीरीज 2025 का दूसरा टेस्ट बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेला जा रहा है. इस मुकाबले में टॉस इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने जीता और भारत को पहले बल्लेबाजी का मौका दिया था. भारतीय टीम ने प्लेइंग इलेवन में तीन बदलाव किए थे. नीतीश कुमार रेड्डी, वॉश‍िंगटन सुंदर और आकाश दीप को टीम में शामिल किया गया हैं. बुमराह को टीम में नहीं नहीं रखा गया. वहीं लीड्स टेस्ट में खेले साई सुदर्शन, शार्दुल ठाकुर भी प्लेइंग इलेवन में नहीं हैं. इस मकाबले के पहले दिन भारत ने 5 विकेट गंवा दिए हैं और 310 रन बना लिए हैं. कप्तान शुभमन गिल शतक बनाकर खेल रहे हैं. उन्होंने पहले दिन का खेल खत्म होने तक गिल ने नाबाद 114 रन बनाए हैं, वहीं जडेजा नाबाद 41 रन बनाकर खेल रहे हैं.  एजबेस्टन के मैदान पर भारत ने अब तक 8 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें से 7 में उसे हार मिली है और एक मुकाबला ड्रॉ रहा है. एजबेस्टन में पहले गेंदबाजी करने वाली टीम फायदे में रहती है. यहां पिछले चार टेस्ट मैचों में भी दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम ही जीती है. इसमें 2022 में इंग्लैंड द्वारा भारत के खिलाफ किया गया अपना सबसे बड़ा सफल रनचेज भी शामिल है. लेकिन पिछले कुछ सालों में एजबेस्टन में स्पिनर्स को खास मदद नहीं मिली है. 2020 के बाद से इंग्लैंड के सात टेस्ट वेन्यू में स्पिनर्स के लिए ये तीसरा सबसे खराब मैदान रहा है. यहां तेज गेंदबाजों को औसतन 30 रन पर विकेट मिला है, जबकि स्पिनर्स को एक विकेट के लिए 44.45 रन खर्च करने पड़े हैं.मौसम की बात करें तो चौथे और पांचवें दिन बर्मिंघम में बारिश का अनुमान है.  गिल ने की डॉन ब्रैडमैन की बराबरी, सारी रिकॉर्डबुक हुईं ध्वस्त गिल ने बुधवार (2 जुलाई) को एजबेस्टन टेस्ट में इतिहास रच दिया. वो इंग्लैंड में किसी टेस्ट सीरीज के पहले और दूसरे मैच में शतक लगाने वाले नौवें विदेशी कप्तान बने हैं. वहीं ऐसा करने वाले वह सिर्फ दूसरे भारतीय कप्तान हैं. इस खास क्लब में डॉन ब्रैडमैन, गारफील्ड सोबर्स और ग्रीम स्मिथ जैसे दिग्गज भी शामिल हैं.  वहीं गिल ने कप्तान के रूप में अपने पहले दो टेस्ट मैचों में शतक लगाकर एक और खास रिकॉर्ड बनाया है. ऐसा करने वाले वो सिर्फ चौथे भारतीय कप्तान हैं. इस लिस्ट में शामिल हैं.  विराट कोहली (जिन्होंने कप्तान के रूप में पहले तीन टेस्ट में शतक लगाए थे). विजय हजारे, सुनील गावस्कर, शुभमन गिल अन्य हैं.  ऐसे में गिल अगर एक और शतक जड़ते हैं तो वो कोहली के रिकॉर्ड की बराबरी कर सकते हैं.  इंग्लैंड में पहले दो टेस्ट में शतक लगाने वाले मेहमान कप्तानों की सूची में डॉन ब्रैडमैन (1938), गैरी सोबर्स (1966), मोहम्मद अजहरुद्दीन (1990) और अब गिल (2025) शामिल हो गए हैं.  25 साल के शुभमन गिल ने टेस्ट में पहली बार कप्तानी करते हुए कमाल कर दिया है. हेडिंग्ले में पहले टेस्ट में 147 रन बनाने के बाद, उन्होंने दूसरे टेस्ट (एजबेस्टन) के पहले दिन नाबाद 114 रन बनाए. उनकी पारी ने भारत को 310/5 तक पहुंचाया, जब टीम इंड‍िया संकट में फंसी हुई थी. ग‍िल अब सिर्फ चौथे भारतीय कप्तान बने, जिन्होंने कप्तानी के पहले दो टेस्ट में शतक लगाया हो. इससे पहले ये कारनामा विराट कोहली, विजय हजारे और सुनील गावस्कर ने किया था. इसके इतर गिल एजबेस्टन में शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय कप्तान बने (पहले विराट कोहली) और तीसरे भारतीय कप्तान, जिन्होंने वहां 50+ स्कोर किया (धोनी और कोहली के साथ).  गिल ने अपने शानदार प्रदर्शन में एक और रिकॉर्ड जोड़ दिया. वो इंग्लैंड के खिलाफ लगातार दो टेस्ट में शतक लगाने वाले तीसरे भारतीय कप्तान बन गए हैं. उनसे पहले ये कारनामा विजय हजारे (1951–52) और मोहम्मद अजहरुद्दीन (1990) ने किया था. विजय हजारे ने 1951-52 में दिल्ली और ब्रेबोर्न में शतक लगाया था और अजहरुद्दीन ने 1990 में लॉर्ड्स और ओल्ड ट्रैफर्ड में शतक लगाए थे.  ग‍िल के इंग्लैंड के ख‍िलाफ 3 टेस्ट में 3 शतक  शुभमन गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ लगातार तीन टेस्ट में शतक लगाकर एक खास क्लब में जगह बना ली है. ऐसा करने वाले बहुत ही कम भारतीय बल्लेबाज हैं. अब गिल का नाम मोहम्मद अजहरुद्दीन (1984–85), दिलीप वेंगसरकर (1985–86) और राहुल द्रविड़ (2002 और 2008–2011, दो बार) जैसे दिग्गजों के साथ जुड़ गया है. IND vs ENG में लगातार तीन टेस्ट में शतक लगाने वाले भारतीय  मोहम्मद अजहरुद्दीन (1984–85) दिलीप वेंगसरकर (1985–86) राहुल द्रविड़ (2002) राहुल द्रविड़ (2008–2011) शुभमन गिल (2024–2025) पहले दिन भारतीय युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने इतिहास रच दिया है। यशस्वी ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 107 गेंद में 87 रन की पारी खेली। इसी के साथ युवा बल्लेबाज ने 51 साल पुराना एक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।  यशस्वी ने टेस्ट क्रिकेट में भारतीय ओपनर के रूप में एजबेस्टन में सबसे बड़ा स्कोर बनाया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड सुधीर नाइक के नाम था, जिन्होंने जुलाई 1974 में इंग्लैंड के कप्तान माइक डेनेस की अगुवाई वाली टीम के खिलाफ एजबेस्टन में 165 गेंदों में 77 रन बनाए थे। नाइक की यह पारी उस समय भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ मानी गई थी, और यह रिकॉर्ड पिछले पांच दशकों से अटूट था। बर्मिंघम टेस्ट में भारतीय ओपनर्स द्वारा बनाए गए शीर्ष स्कोर: यशस्वी जायसवाल – 87 रन (2025) सुधीर नाइक – 77 रन (1974) सुनील गावस्कर – 68 रन (1979) चेतेश्वर पुजारा – 66 रन (2022) सुनील गावस्कर – 61 रन (1979) एजबेस्टन टेस्ट के पहले दिन का हाल एजबेस्टन टेस्ट की बात करें तो यशस्वी की शानदार पारी के बाद भारत ने कप्तान शुभमन गिल के शतक की मदद से पहले दिन का खेल खत्म होने तक 85 ओवर में पांच विकेट पर 310 रन का सम्मानजनक स्कोर बना लिया है। गिल 216 गेंदों पर नाबाद 114 रन की पारी खेलकर क्रीज़ पर टिके हुए हैं। उनका साथ ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा दे रहे हैं, जडेजा ने नाबाद 41 रन बनाए हैं। एजबेस्टन में भारत-इंग्लैंड के बीच सभी टेस्ट मैचों के नतीजे 13-15 जुलाई 1967: टीम इंडिया को 132 रनों से हार मिली 4-8 जुलाई 1974: भारतीय टीम पारी और 78 रनों से हारी 12-16 जुलाई 1979: टीम इंडिया की … Read more

ऋषभ पंत ने ICC रैंकिंग में रच दिया इतिहास, बुमराह, जडेजा का जलवा भी कायम

नई दिल्ली ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंस‍िल) की ताजा जारी रैकिंग में टेस्ट बल्लेबाजों के टॉप 10 में फिर बदलाव हुआ है. इंग्लैंड के लीड्स (हेडिंग्ले) टेस्ट में दो शतकों की वजह से दो खिलाड़ियों ने करियर की सबसे अच्छी रैंकिंग हासिल की है.  ऑस्ट्रेलिया के एक फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज और श्रीलंका के दो बल्लेबाजों को भी रैंकिंग में फायदा मिला है.  भारत के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को भी बड़ी कामयाबी मिली है. इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में दो शतक लगाने के बाद पंत ने टेस्ट बल्लेबाज रैंकिंग में करियर की सबसे ऊंची रेटिंग हासिल की है.  27 साल के ऋषभ पंत ने अपनी शानदार बल्लेबाजी का जलवा दिखाया है. उन्होंने पहली पारी में 134 और दूसरी पारी में 118 रन बनाए. हालांकि भारत यह मैच पांच विकेट से हार गया.  इसके बावजूद पंत को टेस्ट बल्लेबाजों की ताजा रैंकिंग में एक स्थान का फायदा हुआ और अब वो छठे नंबर पर पहुंच गए हैं.  यह उनकी करियर की सबसे अच्छी रैंकिंग (पांचवें नंबर) से सिर्फ एक पायदान नीचे है, जो उन्होंने 2022 में हासिल की थी. लेकिन इस बार उनका कुल रेटिंग प्वाइंट (801) अब तक का सबसे ज्यादा है. पंत अब नंबर 1 बल्लेबाज जो रूट से सिर्फ 88 रेटिंग अंक पीछे हैं.  इंग्लैंड के जो रूट टेस्ट बल्लेबाज रैंकिंग में पहले नंबर पर बने हुए हैं. हेडिंग्ले टेस्ट में उन्होंने 28 और नाबाद 53 रन बनाए. उनके साथी और नंबर 2 पर मौजूद हैरी ब्रूक उनसे सिर्फ 15 रेटिंग अंक पीछे हैं. इंग्लैंड के ओपनर बेन डकेट को भी बड़ा फायदा हुआ है. लीड्स टेस्ट की दूसरी पारी में 149 रन की मैच विनिंग पारी के बाद वो करियर की सबसे अच्छी रैंकिंग (8वें नंबर) पर पहुंच गए हैं. ट्रेव‍िस हेड को ICC रैकिंग में फायदा  बारबाडोस में वेस्टइंडीज को 159 रन से हराने के बाद ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड को भी फायदा मिला है. दो अर्धशतक की वजह से वो तीन स्थान ऊपर चढ़कर 10वें नंबर पर पहुंच गए हैं. कोलंबो में बांग्लादेश के खिलाफ जीत के हीरो पथुम निसांका को 14 पायदान की बड़ी छलांग मिली और अब वो 17वें नंबर पर आ गए हैं. उनके साथी कुसल मेंडिस भी चार स्थान ऊपर चढ़कर 30वें नंबर पर पहुंच गए हैं. साउथ अफ्रीकी   लुआन-ड्रे प्रिटोरियस ने जिम्बाब्वे के खिलाफ शतक जड़कर पहली बार टेस्ट बल्लेबाज रैंकिंग में एंट्री की है और अब वो 68वें नंबर पर हैं. गेंदबाजों की रैंकिंग में बुमराह का जलवा  भारत के जसप्रीत बुमराह टेस्ट गेंदबाजों में पहले नंबर पर कायम हैं. उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ हेडिंग्ले टेस्ट में पांच विकेट लिए थे.ऑस्ट्रेलिया के जोश हेजलवुड एक स्थान ऊपर चढ़कर चौथे नंबर पर आ गए हैं. वेस्टइंडीज के जेयडन सील्स नौवें नंबर पर पहुंच गए हैं. श्रीलंका के स्पिनर प्रभात जयसूर्या एक पायदान ऊपर चढ़कर 14वें नंबर पर पहुंच गए हैं. जडेजा नंबर 1 ऑलराउंडर  भारत के रवींद्र जडेजा अब भी टेस्ट ऑलराउंडर्स में नंबर 1 पर हैं, भले ही इंग्लैंड के खिलाफ उनका प्रदर्शन औसत रहा. साउथ अफ्रीका के वियान मुल्डर सात स्थान ऊपर आकर 15वें नंबर पर पहुंचे हैं. उनके साथी कॉर्बिन बॉश ने 42 स्थान की बड़ी छलांग लगाकर 19वें नंबर पर जगह बना ली है.  

ओलंपिक 2036: भारत ने बढ़ाया कदम, मेजबानी की रेस में आधिकारिक एंट्री

नई दिल्ली  भारत ओलंपिक खेलों की पहली बार मेजबानी की कोशिशों में लगा हुआ है। समय-समय पर इसे लेकर चर्चा छिड़ती रहती है। लेकिन अब उसने 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए आधिकारिक तौर अपनी दावेदारी ठोक दी है। भारत के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को स्विट्जरलैंड के लूजान में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के अधिकारियों से मुलाकात कर आधिकारिक तौर पर भविष्य में ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। इस बैठक की टाइमिंग बहुत महत्वपूर्ण है। आईओसी ने हाल ही में ऐलान किया था कि वह भविष्य के ओलंपिक खेलों के मेजबानों की चयन प्रक्रिया को फिलहाल रोक रहा है। यह बैठक उसके इस बयान के बाद हुई है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी ऊषा के अलावा केंद्रीय खेल मंत्रालय और गुजरात सरकार के प्रतिनिधि शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने औपचारिक तौर पर होस्ट सिटी यानी मेजबान शहर के तौर पर अहमदाबाद के नाम की दावेदारी की। ऐसा पहली बार हुआ है जब भारत ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के सामने आधिकारिक तौर पर होस्ट सिटी के तौर पर अपने किसी शहर का नाम रखा है। 2032 का ओलंपिक खेल ब्रिसबेन में होना है लिहाजा भारत की नजर 2036 ओलंपिक की मेजबानी पर है। भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी ऊषा ने कहा है, 'भारत में ओलंपिक खेल का होना न सिर्फ एक भव्य आयोजन होगा बल्कि उसका सभी भारतीयों पर ऐसा प्रभाव पड़ेगा जो पीढ़ियों में कभी कभार पड़ता है।' पीटी ऊषा ने लूजान में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अधिकारियों के साथ भारतीय प्रतिनिधिमंडल की बैठक की तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर किया है। उन्होंने बातचीत को सार्थक बताया है।  

धीमी शुरुआत के बाद भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज केएल राहुल लौटे पवेलियन

बर्मिंघम भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा टेस्ट मैच बुधवार (2 जुलाई) से बर्मिंघम में खेला जा रहा है। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है। भारत ने दूसरे टेस्ट में आकाशदीप, नीतीश कुमार रेड्डी और वॉशिंगटन सुंदर को प्लेइंग इलेवन में रखा है। पिछले मैच का हिस्सा रहे साई सुदर्शन, जसप्रीत बुमराह और शार्दुल ठाकुर दूसरा टेस्ट नहीं खेल रहे हैं। इंग्लैंड की टीम ने पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मैच में 5 विकेट से जीत दर्ज की थी और सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई। भारत को नौवें ओवर में पहला झटका लगा। केएल राहुल 26 गेंद में दो रन बनाकर पवेलियन लौटे। क्रिस वोक्स ने उन्हें क्लीन बोल्ड किया। सलामी बल्लेबाज केएल राहुल हुए आउट भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज केएल राहुल पवेलियन लौट गए हैं। क्रिस वोक्स ने उन्हें क्लीन बोल्ड किया। भारत को 15 के स्कोर पर पहला झटका लगा। राहुल के आउट होने के बाद करुण नायर तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए हैं। शुरुआती ओवर् में भारत की धीमी शुरुआत भारत ने तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी के दूसरे टेस्ट मैच में धीमी शुरुआत की है। भारत ने सात ओवर में बिना विकेट गंवाए 14 रन बनाए हैं। पिछले मैच में पहली पारी में भारत ने इतने ही ओवर में 26 रन बटोरे थे।