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टॉस अपडेट: भारत ने पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया, बुमराह और वरुण चक्रवर्ती बाहर

दुबई  एशिया कप 2025 के ग्रुप स्टेज का आखिरी मुकाबला आज खेला जा रहा है। टीम इंडिया ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। सूर्यकुमार यादव ने प्लेइंग 11 से 2 खिलाड़ियों के बाहर होने की अपडेट दी है। जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती की जगह हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह की प्लेइंग 11 में वापसी हुई है। टीम इंडिया की प्लेइंग 11 अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल, संजू सैमसन (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और कुलदीप यादव। ओमान की प्लेइंग इलेवन आमिर कलीम, जतिंदर सिंह (कप्तान), हम्माद मिर्जा, विनायक शुक्ला (विकेटकीपर), शाह फैसल, जिक्रिया इस्लाम, आर्यन बिष्ट, मोहम्मद नदीम, शकील अहमद, समय श्रीवास्तव और जितेन रामानंदी। टॉस हारने के बाद जतिंदर सिंह ने कहा, "मैं पहले बल्लेबाजी करना पसंद करता। हमारी टीम युवा है, उसे अभी ज़्यादा अनुभव नहीं मिला है, लेकिन इससे उन्हें यहाँ आकर खुद को परखने का अच्छा मौका मिलता है। भारत के साथ मैदान साझा करने और उनकी मानसिकता को समझने का यह एक शानदार मौका है। हमारी टीम में दो बदलाव हैं। टॉस जीतकर सूर्यकुमार यादव ने कहा, "हम पहले बल्लेबाजी करेंगे। हमने इस प्रतियोगिता में पहले बल्लेबाजी नहीं की है और हम अपनी गहराई जानना चाहते हैं। सुपर 4 में जाने से पहले खेलने का समय मिलना ज़रूरी है। हम पहले दो मैचों में जो अच्छी आदतें अपना रहे हैं, उन्हें जारी रखना चाहते हैं। यह अच्छा लग रहा है और हमारे सलामी बल्लेबाज़ आगे इसका आकलन करेंगे।

भारतीय टीम के लिए चेतावनी: सैमी बोले, पेस बॉलिंग से 20 विकेट भारत में भी सम्भव

वेस्टइंडीज  वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डैरेन सैमी का मानना ​​है कि उनके तेज गेंदबाजी आक्रमण में इतनी विविधता है कि वह भारतीय हालात में 20 विकेट ले सकता है। उन्होंने अपनी टीम से आगामी दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले न्यूजीलैंड से प्रेरणा लेने को कहा, जिसने पिछले साल भारत को उसकी धरती पर हराकर इतिहास रचा था। भारत और वेस्टइंडीज के बीच पहला टेस्ट मैच दो अक्टूबर से अहमदाबाद में और दूसरा टेस्ट मैच 10 अक्टूबर से दिल्ली में खेला जाएगा। मुख्य कोच डैरेन सैमी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अब हम ऐसी स्थिति में हैं जहां हमारा तेज गेंदबाजी आक्रमण किसी भी परिस्थिति में विकेट लेने में सक्षम हैं। हमारे पास चार अलग-अलग तरह के तेज गेंदबाज हैं जिनकी अपनी खास विशेषता है। हमारे तेज गेंदबाजी आक्रमण में विविधता है।’’ वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजी आक्रमण में अल्जारी जोसेफ, शमर जोसेफ, एंडरसन फिलिप और जेडन सील्स के अलावा ऑलराउंडर जस्टिन ग्रीव्स शामिल हैं। सैमी ने कहा, ‘‘हमारे पास शमर जोसेफ है, जो बेहद कुशल गेंदबाज है। हमारे पास जेडन है, जिसका अगला पैर मजबूत है और वह गेंद को दोनों तरफ स्विंग करा सकता है। हमारे पास अल्जारी जोसेफ है जो अपने कद के कारण उछाल हासिल कर सकता है। इस तरह से हमारे पास भारत में टेस्ट मैच में 20 विकेट लेने की क्षमता है।’’ सैमी ने कहा कि उनकी टीम न्यूजीलैंड का अनुसरण करना चाहती है, जिसने पिछले साल भारत को 3-0 से हराया था। उन्होंने कहा, ‘‘न्यूजीलैंड ने वहां जाकर अविश्वसनीय रूप से अच्छा प्रदर्शन किया और हमें उससे प्रेरणा लेनी चाहिए। लेकिन यह उन चीजों को समझने की बात है जो न्यूजीलैंड ने उन परिस्थितियों में कीं। उम्मीद है कि हमारे खिलाड़ी उनका अनुसरण करेंगे।’’  

महिला क्रिकेट: भारत के खिलाफ धीमी ओवरों पर ऑस्ट्रेलिया टीम पर लगा दंड

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम पर मुल्लांपुर (चंडीगढ़) में भारत के खिलाफ दूसरे एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में धीमी ओवर गति के लिए शुक्रवार को मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया। ऑस्ट्रेलिया को बुधवार को दूसरे एकदिवसीय मैच में 102 रन से हार का सामना करना पड़ा, जो रनों के लिहाज से उनकी सबसे बड़ी हार थी। ऑस्ट्रेलिया ने निर्धारित समय में दो ओवर कम किए थे जिसके लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की मैच रेफरी जीएस लक्ष्मी ने उस पर यह जुर्माना लगाया। आईसीसी ने एक बयान में कहा, ‘‘खिलाड़ियों और खिलाड़ी सहयोगी स्टाफ के लिए आईसीसी आचार संहिता के धीमी ओवर गति से संबंधित अनुच्छेद 2.22 के अनुसार खिलाड़ियों पर प्रत्येक ओवर कम करने के लिए मैच फीस का पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है। ऑस्ट्रेलिया ने जुर्माना स्वीकार कर लिया है और इसलिए औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।’’ यह आरोप मैदानी अंपायर वृंदा राठी और जननी नारायणन, तीसरे अंपायर लॉरेन एजेनबैग और चौथे अंपायर गायत्री वेणुगोपालन ने लगाया था। भारत और ऑस्ट्रेलिया की महिला टीमों के बीच 3 एकदिवसीय मैचों की सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला शनिवार को खेला जाएगा। बुधवार को हुए सीरीज के दूसरे मैच की बात करें तो उपकप्तान स्मृति मंधाना ने किसी भारतीय महिला बल्लेबाज का दूसरा सबसे तेज वनडे शतक जड़ा। भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 102 रन से करारी शिकस्त देकर तीन मैचों की श्रृंखला 1-1 से बराबर कर दी। पहले बल्लेबाजी के लिये भेजे जाने पर भारत के लिये बायें हाथ की बल्लेबाज मंधाना ने 91 गेंद में 117 रन बनाये जिसमे 14 चौके और चार छक्के शामिल थे । उन्होंने अपना शतक सिर्फ 77 गेंद में पूरा किया। जिससे मेजबान टीम ने 292 रन से अपना सर्वोच्च स्कोर बनाया। इसके बाद कई कैच छूटने के बावजूद मेजबान टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 40.5 ओवर में 190 रन पर आउट करके बड़ी जीत दर्ज की। इतिहास में यह पहली बार हुआ कि विश्व में दबदबा रखने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम कोई वनडे मैच 100 या उससे अधिक रनों से हारी। इससे पहले मंधाना ने 77 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। भारत की किसी महिला बल्लेबाज के सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड भी उनके ही नाम है। उन्होंने राजकोट में इस साल जनवरी में आयरलैंड के खिलाफ 70 गेंद में शतक पूरा किया था।  

अफगानिस्तान का गर्व: मोहम्मद नबी ने 6000 रन का माइलस्टोन पार किया

दुबई  अफगानिस्तान की टीम गुरुवार को एशिया कप 2025 से बाहर हो गई। श्रीलंका ने एशिया कप के 11वें मुकाबले में अफगानिस्तान को आठ गेंदे शेष रहते छह विकेट से हराया और सुपर चार में जगह बनाई। अफगानिस्तान के स्टार ऑलराउंडर मोहम्मद नबी ने इस मैच में धमाकेदार पारी खेली और आखिरी ओवर में स्पिनर दुनित वेल्लालगे के खिलाफ पांच गेंदों में लगातार पांच छक्के लगाए। हालांकि वह आखिरी गेंद पर बाउंड्री नहीं मार सके। नबी ने श्रीलंका के खिलाफ अर्धशतकीय पारी खेलते हुए टीम को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया और इस दौरान एक बड़ी उपलब्धि भी हासिल की। अफगानिस्तान के स्टार क्रिकेटर मोहम्मद नबी ने श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में इतिहास रचा। वह सभी प्रारूपों में 6000 अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाले पहले अफगान बल्लेबाज बन गए हैं। मोहम्मद नबी ने 315 इंटरनेशनल मैचों में 24.62 के औसत से 6057 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने दो शतक और 24 अर्धशतक लगाए हैं। नबी ने तीन टेस्ट में 33 रन और 137 वनडे में 3667 रन बनाए हैं। 139 टी20 मैचों में नबी के नाम 2357 रन हैं। नबी टी-20 अंतरराष्ट्रीय में अफगानिस्तान के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं और खेल के 50 ओवर के प्रारूप में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। अफगानिस्तान की टीम तीन मैच में एक जीत से दो अंक ही जुटा सकी और प्रतियोगिता से बाहर हो गई। श्रीलंका की टीम अपने तीनों मैच जीतकर छह अंक के साथ शीर्ष पर रही जबकि बांग्लादेश तीन मैच में चार अंक के साथ ग्रुप से सुपर चार में जगह बनाने वाली दूसरी टीम रही। अफगानिस्तान के 170 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका ने मेंडिस (नाबाद 74 रन, 52 गेंद, 10 चौके) की धैर्यपूर्ण पारी की बदौलत 18.4 ओवर में चार विकेट पर 171 रन बनाकर जीत दर्ज की। मेंडिस ने कुसाल परेरा (28) के साथ तीसरे विकेट के लिए 45 और कामिंदु मेंडिस (नाबाद 26, 13 गेंद, दो छक्के) के साथ पांचवें विकेट के लिए 52 रन की अटूट साझेदारी करके श्रीलंका की आसान जीत सुनिश्चित की।  

शॉकिंग! इंडिया-पाकिस्तान कप्तान हाथ नहीं मिलाए, मैच रेफरी को देर से पता चला

नई दिल्ली  एशिया कप 2025 को लगभग पटरी से उतारने वाले विवाद के केंद्र में रहे आईसीसी मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। 14 सितंबर को भारत-पाकिस्तान मैच के टॉस से कुछ मिनट पहले ही मैच रेफरी को बताया गया था कि दोनों कप्तान हाथ नहीं मिलाएंगे। उस समय, उन्होंने खुद को निर्देश देने के बजाय संदेश देने वाला समझा। इसके बाद पीसीबी ने पाइक्रॉफ्ट के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन पर आईसीसी के नियमों और क्रिकेट भावना का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया और उन्हें टूर्नामेंट से हटाने की मांग की गई। 14 और 17 सितंबर को पाकिस्तान द्वारा खेले गए दो मैचों के दौरान हुई घटनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आने लगी है। मामले की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले एक अधिकारी के अनुसार, यह विवाद रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मैच में "टॉस से चार मिनट पहले" शुरू हुआ। जैसे ही पाइक्रॉफ्ट मैदान पर पहुंचे, उन्हें एसीसी स्थल प्रबंधक ने बताया कि बीसीसीआई ने उन्हें – भारत सरकार की अनुमति से – सूचित कर दिया है कि कप्तान सूर्यकुमार यादव और सलमान अली आगा के बीच हैंडशेक नहीं होगा। पीसीबी अधिकारियों ने तर्क दिया कि पाइक्रॉफ्ट को इस असामान्य अनुरोध के बारे में आईसीसी को सूचित करना चाहिए था; ऐसा माना जा रहा है कि पाइक्रॉफ्ट ने कहा कि उनके पास ऐसा करने का समय नहीं था। अगर पर्याप्त समय होता, तो वह आईसीसी से सलाह लेते। इसके बजाय, टॉस से कुछ क्षण पहले, उन्होंने सलमान अली आगा को स्थिति के बारे में बताया, यह सोचकर कि अगर आगा सूर्यकुमार से हाथ मिलाने गए, तो वह सार्वजनिक रूप से शर्मनाक स्थिति उत्पन्न होने से बचा रहे थे। पाइक्रॉफ्ट के इस फैसले को आईसीसी ने किसी भी समय आचार संहिता के उल्लंघन के रूप में नहीं देखा, बल्कि एक ऐसी कार्रवाई के रूप में देखा, जो उन्हें खेल के प्रबंधन के लिए नियुक्त एक मैच अधिकारी के रूप में अपने अधिकार क्षेत्र में करने के लिए अधिकृत किया गया था। यह मुद्दा बुधवार को तब और बढ़ गया जब पाकिस्तान के यूएई के खिलाफ होने वाले जरूरी मैच को लेकर अनिश्चितता के बादल छा गए और पीसीबी ने धमकी दी कि अगर इस मैच के लिए चुने गए पाइक्रॉफ्ट की जगह कोई और मैच रेफरी नियुक्त नहीं किया गया तो वह टूर्नामेंट से हट जाएगा। पाइक्रॉफ्ट और पाकिस्तानी टीम के शीर्ष अधिकारियों के बीच आनन-फानन में हुई एक स्पष्ट बैठक के बाद आखिरकार एक घंटे की देरी के बाद मैच शुरू हुआ। पीसीबी ने एक बयान में दावा किया कि पाइक्रॉफ्ट ने "पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मैनेजर और कप्तान से माफी मांगी है।" हालांकि, स्थिति से परिचित सूत्रों का कहना है कि यह माफी नहीं थी, बल्कि घटना के बारे में "गलतफहमी और गलत संचार पर खेद की अभिव्यक्ति" थी। पीसीबी ने भारत से पाकिस्तान की हार के बाद रविवार रात और सोमवार सुबह के बीच आईसीसी के क्रिकेट महाप्रबंधक वसीम ख़ान को एक आधिकारिक शिकायत भेजी थी। इसमें बोर्ड ने टॉस से पहले की घटनाओं का क्रम बताया और पाइक्रॉफ्ट पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। बोर्ड ने कहा कि वह "यह जानकर चिंतित है कि आईसीसी द्वारा नियुक्त और कथित रूप से तटस्थ मैच रेफरी ने ऐसा आचरण करने का विकल्प चुना जो स्पष्ट रूप से क्रिकेट की भावना और एमसीसी के कानूनों का उल्लंघन है।" पीसीबी ने कहा कि पाइक्रॉफ्ट "कप्तानों के साथ-साथ दोनों प्रतिस्पर्धी टीमों के बीच सम्मान बनाए रखने और अपने आचरण से सकारात्मक माहौल बनाने और कप्तानों तथा भाग लेने वाली टीमों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करने की अपनी ज़िम्मेदारी निभाने में विफल रहे।" बोर्ड ने एशिया कप से उनके तत्काल हटने की मांग की। 15 सितंबर को अपनी पहली प्रतिक्रिया में, आईसीसी ने पीसीबी को बताया कि उसने शिकायत की "सावधानीपूर्वक जांच" की है, लेकिन "निष्कर्ष निकाला" कि "पाइक्रॉफ्ट की ओर से जवाब देने लायक कोई मामला नहीं है", और उनकी किसी भी तरह से "कोई ग़लती नहीं" थी। अपनी समीक्षा में, आईसीसी ने पाइक्रॉफ्ट, अन्य मैच और टूर्नामेंट अधिकारियों, और टूर्नामेंट निदेशक एंड्रयू रसेल से बात की थी। आईसीसी ने स्पष्ट किया कि पाइक्रॉफ्ट द्वारा आगा को हाथ न मिलाने का संदेश एसीसी स्थल प्रबंधक के "स्पष्ट निर्देश" के बाद दिया गया था। आईसीसी ने कहा कि इतने कम समय में यह संदेश मिलने के बाद, पाइक्रॉफ्ट ने स्थिति को पेशेवर तरीके से संभाला। "मैच रेफ़री ने टॉस की पवित्रता बनाए रखने और किसी भी संभावित शर्मिंदगी की स्थिति उत्पन्न होने से रोकने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।"  

विश्व कप में मंधाना का धमाका: महिला क्रिकेट में पहली बार होने वाला कारनामा

नई दिल्ली स्मृति मंधाना जबरदस्त फॉर्म में चल रही हैं। एकदिवसीय विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 मैच की सीरीज में उनका बल्ला आग उगल रहा है। शनिवार को सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला है। दूसरे मैच में उन्होंने सिर्फ 77 गेंद में शतक पूरा किया था जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अब तक का सबसे तेज शतक है। स्मृति मंधाना जिस फॉर्म में चल रही हैं, उस हिसाब से वह इस महीने के अंत में शुरू हो रहे एकदिवसीय विश्व कप के दौरान बल्लेबाजी का ऐसा रिकॉर्ड बना सकती हैं जो महिला क्रिकेट के इतिहास में आज तक नहीं हुआ है। एक कैलेंडर ईयर में 1000 ओडीआई रन का रिकॉर्ड। स्मृति मंधाना ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय मैच में 91 गेंदों में 117 रन की पारी खेली। यह उनका 12वां ओडीआई शतक था। इस दौरान उन्होंने 6 छक्के भी लगाए। इस दौरान उन्होंने 2025 में एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में 800 रन पूरे कर लिए। महिला क्रिकेट में ऐसा करने वाली वह दुनिया की सातवीं खिलाड़ी हैं। इस साल वह ओडीआई में 61.76 की औसत से अब तक 803 रन बना चुकी हैं। इस दौरान उन्होंने 3-3 शतक और अर्धशतक बनाए हैं। कैलेंडर ईयर में 1000 रन पूरा करने के लिए उन्हें अब सिर्फ 197 रन चाहिए। स्मृति मंधाना जिस फॉर्म में चल रही हैं, उस हिसाब से वह कैलेंडर ईयर में 1000 ओडीआई रन बनाने का इतिहास आसानी से रच सकती हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज का अभी एक मैच बाकी ही है जो शनिवार को है। 30 सितंबर से एकदिवसीय विश्व कप शुरू हो रहा है। इसमें भारत को लीग चरण में कम से कम 7 मैच खेलने को मिलेंगे। अगर भारतीय टीम फाइनल में पहुंची तो उसे 2 और मैच खेलने को मिलेंगे। ऐसे में इस बात की पूरी उम्मीद है कि विश्व कप के दौरान वह कैलेंडर ईयर में 1000 एकदिवसीय रन पूरा करने का कीर्तिमान रच सकती हैं। महिला ओडीआई में एक कैलेंडर में सबसे ज्यादा रन खिलाड़ी (टीम)- रन (वर्ष) बेलिंडा क्लार्क (ऑस्ट्रेलिया)- 970 रन (1997) लॉरा वोल्वार्ड्ट (दक्षिण अफ्रीका)- 882 रन (2022) डेबी हॉकली (न्यूजीलैंड)- 880 रन (1997) एमी सैरटर्थवेट (न्यूजीलैंड)- 853 रन (2016) बेलिंडा क्लार्क (ऑस्ट्रेलिया)- 842 रन (2000) नैट स्किवर ब्रंट (इंग्लैंड)- 833 रन (2022) क्लेयर टेलर (इंग्लैंड)- 807 रन (2005) स्मृति मंधाना (भारत)- 803 रन* (2025 में 18 सितंबर तक)  

हिंसक झगड़े के बाद रेसलर राजा जैक्सन अरेस्ट, सामने आई WWE से जुड़ी बड़ी जानकारी

नई दिल्ली  इवेंट के दौरान एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ था. चलते मैच के दौरान अचानक राजा जैक्सन ने रिंग में आकर साइको स्टू (स्टुअर्ट स्मिथ) को मैट पर धकेला और उनपर दो दर्जन के करीब मुक्के जड़े दिए. इसी बीच स्टुअर्ट बेहोश हो गए थे और इसने फैंस को एकदम हैरान कर दिया था. इसी वजह से अब राजा जैक्सन को गिरफ्तार कर लिया गया है. उनके पिता का WWE से कनेक्शन भी रहा है. कौन हैं राजा जैक्सन? राजा जैक्शन असल में UFC दिग्गज क्विंटन ‘रैमपेज’ जैक्सन के बेटे हैं. रैमपेज जैक्सन ने मिक्स्ड मार्श आर्ट्स जगत में अपना बड़ा नाम कमाया. हालांकि, उनके बेटे राजा ने हैरान करने वाला कदम उठाया. इवेंट के पहले राजा और स्टू की बैकस्टेज अनबन हुई थी. इसी वजह से मैच के दौरान राजा ने आकर स्टू पर जानलेवा हमला किया और मुक्के बरसा दिए. 10-11 सेकेंड तक जैक्सन ने हमला किया लेकिन बाद में अन्य रेसलर्स ने आकर उन्हें पीछे खींचा. वो अपना गुस्सा कंट्रोल नहीं कर पाए. पिछले महीने के अंत में हुए इस हादसे के बाद अब राजा को गिरफ्तार किया गया है.   स्टुअर्ट स्मिथ को आई चोट स्टुअर्ट स्मिथ बुरी तरह घायल हो गए. इसी वजह से उन्हें अस्पताल में ले जाया गया. उन्हें बहुत सारी चोट आई. उनकी मैक्सिला बोन फ्रैक्चर हो गई. कुछ दिनों तक उन्हें अस्पताल में रहना पड़ा और अब जाकर वो घर आ चुके हैं. वो अपनी सभी चोट से रिकवर कर रहे हैं. क्या राजा जैक्सन का है कोई WWE कनेक्शन? राजा जैक्सन भी अपने पिता क्विंटन जैक्सन की तरह ही MMA फाइटर हैं. राजा ने कभी WWE में काम नहीं किया है लेकिन उनके पिता वहां नजर आ चुके हैं. वो 7 जून 2010 को Raw के एपिसोड में नजर आए थे. वो गेस्ट होस्ट थे, जहां उनके साथ ब्रैडली कूपर और शार्लटो कोपले थे. वो लोग द ए टीम फिल्म का प्रमोशन करने के लिए आए थे. बता दें कि रैमपेज जैक्सन ने TNA के लिए कुछ मैच भी लड़े हैं. क्विंटन खुद एक इंटरव्यू में बोल चुके हैं कि उनके बेटे राजा को सुधरने के लिए जेल में समय बिताना होगा.

शानदार शतक और 500+ स्कोर, भारतीय बल्लेबाज़ों ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ों की उड़ाई धज्जियां

नई दिल्ली  टीम इंडिया के 2 स्टार खिलाड़ियों ने बल्ले से कमाल किया और शानदार शतक ठोक ऑस्ट्रेलिया ए का बुरा हाल कर दिया. लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेई इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेले रहे पहले अनऑफिशियली टेस्ट में जब ऑस्ट्रेलिया ए ने पहली पारी में 6 विकेट खोकर 532 रन बना तो उसे लगा कि यह रन काफी हैं, लेकिन उसे क्या पता था कि इंडिया ए के देवदत्त पडिक्कल और विकेटकीपर ध्रुव जुरेल कुछ और ही ठानकर बैठे हैं. दोनों जब क्रीज पर आते तो चौके-छक्कों की बारिश कर दी. इस मुकाबले में टीम इंडिया ने 222 रनों पर कप्तान श्रेयस अय्यर समेत कुल 4 विकेट खो दिए थे. इसलिए पहले तो पडिक्कल और जुरेल दोनों ने संभलकर खेला, लेकिन जब एक बार नजरें क्रीज पर टिक गईं तो फिर हाथ खोले और शतक ठोक टीम को 500 पार ले गए. दोनों ने मिलकर कंगारू गेंदबाजों की जमकर खबर ली. इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दोनों ने मिलकर कुल 291 रन कूटे, जिसमें 26 चौके और 6 छक्के शामिल रहे. मतलब आधे से ज्यादा रन तो इन दोनों ने मिलकर ही बना डाले. पडिक्कल ने 156 जबकि जुरेल ने 135 रन ठोके चौथे नंबर पर बैटिंग के लिए उतरे देवदत्त पडिक्कल ने 287 बॉल पर 156 रन बनाए. उन्होंने 14 चौके और 1 छक्का भी लगाया. आखिर में वो स्पिनर रोच्चिचियोली का शिकार बने. वहीं छठे नंबर पर उतरे ध्रुव जुरेल ने 114 बॉल सेंचुरी ठोकी और 189 बॉल पर 12 चौके और 5 छक्के कूटकर कुल 135 रन किए. आखिर में फर्गस ओ’नील नाम के गेंदबाज का शिकार बने. जब दोनों आउट हुए तो अपना काम बखूबी पूरी कर गए. अगर मुकाबले की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पारी 6 विकेट के नुकसान पर 532 रन बनाकर घोषित की थी. ऑस्ट्रेलिया की तरफ से सैम कोन्सटास ने 109 और विकेटकीपर बैटर जोश फिलिपे ने 123 रनों की शानदार पारियां खेली थीं. बाकी 3 बल्लेबाजों ने भी 70 प्लस की पारियां खेलकर भारतीय बॉलर्स को जमकर पीटा था, हालांकि भारतीय बल्लेबाजों ने भी कमाल किया और खबर लिखे जाने तक 7 विकेट खोकर 520 रन बना दिए हैं. अभी वो 12 रन पीछे है. खेल का चौथा दिन चल रहा है और यह मैच अब ड्रॉ की तरफ बढ़ चुका है. 

प्रदर्शन पर फोकस: कुलदीप यादव ने बताई टीम में टिके रहने की शर्त

दुबई इंग्लैंड में दो महीने तक बेंच पर बैठे रहने के दौरान भारत की एकादश में जगह नहीं बना पाने के लिए किसी पर भी दोष मढ़ना आसान होता, लेकिन कुलदीप यादव ने मुश्किल रास्ता चुना। इन दिनों बल्लेबाजी करने वाले स्पिनरों का चलन है, लेकिन कुलदीप की प्राथमिकताएं स्पष्ट हैं और वह अपने सिद्धांत से विचलित नहीं होंगे। कुलदीप ने आज कहा कि अगर मैं किसी भी टीम में खेलूंगा तो एक (विशेषज्ञ) गेंदबाज के रूप में खेलूंगा। मेरा काम विकेट लेना है। अगर मैं विकेट नहीं लूंगा तो मेरे लिए कोई जगह नहीं होगी। यह समझना बहुत जरूरी है कि जब आप सिर्फ गेंदबाज के रूप में खेलते हैं तो आपका काम टीम के लिए विकेट लेना होता है। मौजूदा समय में भारत के सबसे बहुमुखी स्पिनर माने जाने वाले कानपुर के इस खिलाड़ी ने स्पष्ट किया कि वह खुद को एक गेंदबाजी ऑलराउंडर में बदलने की कोशिश करके चीजों को जटिल नहीं करना चाहते। मौके मिलने से पहले अपने कौशल पर काम करना, अपनी फिटनेस में सुधार करना और अपनी गेंदबाजी के समय को बढ़ाना पसंद किया। इसका फायदा यह हुआ कि बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर को एशिया कप के शुरुआती दो मैच में लगातार दो बार मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ तीन विकेट भी चटकाए। क्या मुख्य कोच गौतम गंभीर की ओर से कोई स्पष्ट संदेश था यह पूछे जाने पर कुलदीप ने कहा कि स्पष्ट संदेश था। कभी-कभी तीन-चार मैचों में मुझे लगा कि मैं खेल सकता हूं लेकिन दुर्भाग्य से मैं नहीं खेल पाया। ओमान के खिलाफ भारत के अंतिम ग्रुप लीग मैच से पहले कुलदीप ने कहा, ‘‘गौती भाई (गंभीर) बहुत स्पष्ट थे। कभी-कभी मुझे लगता था कि मैं खेल सकता हूं, लेकिन जैसा कि आप जानते हैं कि बल्लेबाजी संयोजन के कारण मैं नहीं खेल पाया। कुलदीप के ब्रिटेन में बिताए दो महीने नए कौशल सीखने और कुछ नए गुर सीखने में बीते। कुलदीप अपनी गेंदबाजी के भी आलोचक हैं। उन्हें नहीं लगता कि वह अब भी अपनी पूरी क्षमता से प्रदर्शन कर पा रहे हैं, भले ही उनका टी20 अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड प्रभावशाली है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि मैं उतनी अच्छी गेंदबाजी कर रहा हूं। मुझे लगता है कि मैं सुधार कर सकता हूं और बेहतर बन सकता हूं। कभी-कभी इस प्रारूप में आप बल्लेबाज को समझने में गलती कर देते हैं। जब आप किसी टीम पर दबदबा बनाते हैं और छोटी-छोटी गलतियां करते हैं तो आप उन पर ध्यान नहीं देते। आपको लगता है कि आपने गलती की है। मुझे अब भी इस पर काम करना है। मुझे लगता है कि मुझे गेंदबाजी में और मेहनत करने की ज़रूरत है क्योंकि और भी प्रारूप हैं।

SL vs AFG: दुनिथ वेल्लालागे की विराट-सचिन से क्यों हो रही तुलना?, दुखों का पहाड़ टूटा, फिर भी नहीं छोड़ा मैदान

दुबई  एशिया कप 2025 में 18 सितंबर को श्रीलंका और अफगानिस्तान के बीच मैच हुआ. मुकाबले के बीच श्रीलंकाई खिलाड़ी दुनिथ वेल्लालागे के पिता का निधन हो गया. वो बल्लेबाजी के लिए तैयार थे और पैड पहन चुके थे. हालांकि, टीम को उनकी जरूरत नहीं पड़ी और उन्होंने 6 विकेट से जीत अपने नाम कर ली. दुनिथ वेल्लालागे को मैच के बाद कोच सनथ जयसूर्या ने पिता के निधन की दुखद खबर दी थी. भारतीय दिग्गज विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर ने भी अपने पिता को टूर्नामेंट के बीच खोया था. सोशल मीडिया पर अब दुनिथ के भी उसी दुखद स्थिति में रहने की बात हो रही है. दुनिथ के पिता का कैसे हुआ निधन? श्रीलंकाई ऑलराउंडर दुनिथ वेल्लालागे को अफगानिस्तान के खिलाफ मैच के बाद पता चला कि उनके पिता का निधन हो गया. दरअसल, उनके पिता सुरंगा वेल्लालागे को दिल का दौरा पड़ा था. दुनिथ ने अफगानिस्तान के खिलाफ मैच खेला और उन्हें पता नहीं था कि वो अपने सबसे करीबी व्यक्ति को खो चुके हैं. बाद में कोच सनथ जयसूर्या और सपोर्ट स्टाफ ने उन्हें दुखद खबर दी. वेल्लालागे तुरंत ही घर के लिए रवाना हो गए. अहम टूर्नामेंट के बीच अचानक इतनी दुखद खबर मिलना उन्हें बड़ा झटका दे गया होगा.   वर्ल्ड कप के बीच तेंदुलकर ने अपने पिता को खोया था सचिन तेंदुलकर 1999 का आईसीसी वर्ल्ड कप इंग्लैंड में खेल रहे थे. उस समय उनके पिता रमेश तेंदुलकर का निधन हो गया था. खबर मिलने के बाद सचिन भारत वापस आए और अपने पिता का अंतिम संस्कार किया. इसके बाद उन्होंने बिल्कुल ब्रेक नहीं लिया और दोबारा भारतीय स्क्वाड का हिस्सा बने. उन्होंने इसके बाद केन्या के खिलाफ मैच में शतक लगाया और इसे अपने पिता को समर्पित किया. इस चीज से सचिन को बदल दिया और इसके बाद उन्होंने अपनी कई यादगार पारियों को अपने पिता को डेडिकेट किया. विराट कोहली को बेहद कम उम्र में लगा था झटका विराट कोहली जब 18 साल के थे, तो उनके पिता प्रेम कोहली का दिसंबर 2006 में निधन हो गया था. उस समय वो दिल्ली के लिए रणजी ट्रॉफी खेल रहे थे. वो कर्नाटक के खिलाफ मैच खेल रहे थे और 40 रन पर नॉट आउट थे. उसी के बाद रात में उनके पिता का निधन हो गया. इस दुखद घटना के बावजूद विराट ने अगले दिन आकर बल्लेबाजी की और कुल 90 रन की पारी खेली. खली ने खुद इंटरव्यू में बताया था कि उनके लिए ये बहुत हैरान करने वाली घटना थी और उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था. दुनिथ वेल्लालागे ने भी चलते टूर्नामेंट में अपने पिता को खोया और वो शायद इस दुखद घटना को नहीं भूल पाएंगे.