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डेविड वार्नर ने लंदन स्पिरिट को दिलाई पहली जीत, खेली 70 रनों पर नाबाद पारी

लंदन  लंदन स्पिरिट ने वेल्श फायर पर 8 रनों की कड़ी जीत के साथ मेन्स हंड्रेड में अपना खाता खोलने में कामयाबी हासिल की। टूर्नामेंट के पहले मैच में अपने खराब बल्लेबाजी प्रदर्शन के बाद, लंदन स्पिरिट ने अनुभवी डेविड वार्नर की अगुवाई में शानदार वापसी की, जिन्होंने 70 रनों पर नाबाद रहते हुए बल्लेबाजी की। वेल्श फायर के सलामी बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टो भी रन चेज में नाबाद रहे और अपनी टीम द्वारा बनाए गए आधे से ज्यादा रन बनाए, लेकिन फिर भी वे लड़खड़ा गए।  वार्नर पारी की शुरुआत में ही अच्छी फॉर्म में आ गए थे, लेकिन दूसरे छोर पर केन विलियमसन लड़खड़ा गए। आखिरकार उन्होंने मैदान पर छक्का जड़कर अपनी लय तोड़ी, लेकिन जोश हल के आउट होने के कारण ज़्यादा देर तक टिक नहीं पाए। पारी को आधे समय में एक बड़ा झटका तब लगा जब वार्नर और जेमी स्मिथ ने मिलकर क्रिस ग्रीन को तीन छक्के जड़कर आउट कर दिया। यह सिलसिला जारी रहा और स्मिथ ने हल की गेंद पर एक और बड़ा छक्का जड़ा, उसके बाद एक चौका जड़ा, और फिर गेंदबाज ने इस पारी का अंत कर दिया।  इसके बाद एश्टन टर्नर की बारी आई और उन्होंने भी एक उपयोगी छक्का जड़ा। दूसरे छोर पर वार्नर ने रन बनाना जारी रखा और स्कोर को 160 के पार पहुंचाया, जिसका मतलब था कि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम के लिए एक ठोस शुरुआत जरूरी थी। हालांकि स्टीव स्मिथ और बेयरस्टो ने अपने पहले मैच में पहले विकेट के लिए 62 रन जोड़े थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी शुरुआत में ही स्कूप करने की कोशिश में थडर् मैन पर आउट हो गए। दुर्भाग्य से वेल्श फायर के लिए, विकेटों के गिरने के साथ ही रन गति की शुरुआत हो गई।  लगातार दूसरे मैच में मध्यक्रम लड़खड़ा गया, जब लंदन स्पिरिट ने ल्यूक वेल्स, टॉम एबेल और टॉम कोहलर-कैडमोर जैसे बल्लेबाजों को आउट कर वेल्श फायर का स्कोर 39/5 कर दिया। कुछ ही गेंदों में स्कोर 55/6 हो गया, क्योंकि मैच का नतीजा साफ दिख रहा था। हालांकि, यह अपने आप में एक उल्लेखनीय उपलब्धि थी कि वे केवल 8 रनों से हार गए, क्योंकि एक छोर पर उनके साथी खिलाड़ी कम पड़ रहे थे, और बेयरस्टो ने ग्रीन के साथ मिलकर टीम की उम्मीदों को कायम रखा।  इंग्लैंड के इस सलामी बल्लेबाज ने लगातार अंतराल पर बाउंड्री लगाते हुए जीत की दौड़ जारी रखी। जब 10 गेंदों पर 31 रनों की ज़रूरत थी, बेयरस्टो ने जेमी ओवरटन की लगातार दो गेंदों पर छक्के जड़कर लक्ष्य को 8 गेंदों पर 19 रनों तक सीमित कर दिया। हालांकि, ओवरटन ने जोरदार वापसी की और ल्यूक वुड ने उनका साथ देते हुए सुनिश्चित किया कि बाकी गेंदों पर केवल एक छक्का लगे और वेल्श फायर सीजन के अपने पहले अंक हासिल करने से वंचित रह जाए।   

वर्ल्ड कप 2027 तक खेलेंगे रोहित शर्मा? बचपन के कोच ने खोला ODI रिटायरमेंट का राज

नई दिल्ली भारत की वनडे टीम के कप्तान रोहित शर्मा का भविष्य इस समय अधर में है, क्योंकि वे टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट ले चुके हैं। सिर्फ वनडे क्रिकेट वे खेलना जारी रखना चाहते हैं, लेकिन टीम मैनेजमेंट और युवा खिलाड़ी उनके लिए मुश्किलें पैदा कर रहे हैं। इस बीच उनके बचपन के कोच दिनेश लाड ने कहा है कि रोहित शर्मा का इस समय एक ही लक्ष्य है और वह है वनडे विश्व कप जीतना। इसके बाद वह वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट को भी अलविदा कह देंगे। रोहित शर्मा ने टी20 विश्व कप के बाद टी20 क्रिकेट को छोड़ दिया था। इंग्लैंड के दौरे से पहले टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। भारत को दो आईसीसी ट्रॉफी जिता चुके कप्तान रोहित शर्मा के बचपन के कोच दिनेश लाड ने गौरव मंगलानी के पॉडकास्ट में कहा, “जब रोहित शर्मा ने टी20I से संन्यास लिया, तो उन्होंने टेस्ट और वनडे से संन्यास नहीं लिया, क्योंकि वह अभी भी WTC और वनडे विश्व कप जीतना चाहते थे, जो हम 2023 में हार गए। दुर्भाग्य से हम 2025 WTC फाइनल में नहीं पहुंच सके, इसलिए उन्होंने टेस्ट से भी संन्यास ले लिया। अब, उनका एकमात्र लक्ष्य वनडे खेलना और 2027 विश्व कप जीतना है, जिसके बाद वह संन्यास लेने की योजना बना रहे हैं।” हिटमैन के नाम से फेमस रोहित शर्मा हाल-फिलहाल में प्रोफेशनल क्रिकेट में नजर नहीं आएंगे। रोहित शर्मा और विराट कोहली सीधे अक्तूबर में ऑस्ट्रेलिया में खेली जाने वाली वनडे सीरीज में खेलेंगे, क्योंकि अगस्त में बांग्लादेश में होने वाली वनडे और टी20 सीरीज कैंसिल हो गई है। ऐसे में इंटरनेशनल क्रिकेट में उनको लौटने में वक्त लगेगा। विराट कोहली और रोहित शर्मा दोनों ने आखिरी बार इंटरनेशनल क्रिकेट चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के दौरान खेला था। भारत ने खिताबी मैच में न्यूजीलैंड को हराया था। लगातार दूसरा आईसीसी टाइटल भारत ने जीता था।  

फिटनेस टेस्ट में बांग्लादेश टीम की पोल खुली, इस खिलाड़ी ने सबको किया हैरान

नई दिल्ली बांग्लादेश क्रिकेट टीम के कुछ खिलाड़ियों की फिटनेस की पोल उस समय खुल गई, जब रविवार को नेशनल स्टेडियम में 1600 मीटर की दौड़ में उन्होंने हिस्सा लिया। नाहिद राणा ने फिटनेस ट्रेनिंग में सभी को प्रभावित किया, लेकिन कई क्रिकेटर उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। पहले बांग्लादेश के खिलाड़ियों की फिटनेस की निगरानी यो-यो या बीप टेस्ट के जरिए की जाती थी, लेकिन नए स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच नाथन कीली के आने के बाद से टीम प्रबंधन ने खिलाड़ियों की फिटनेस जांचने के लिए 1600 मीटर दौड़ और 40 मीटर स्प्रिंट का विकल्प चुना है। रिपोर्ट की मानें तो तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान, तस्कीन अहमद, तनवीर इस्लाम और शमीम पटवारी को 1600 मीटर की दौड़ पूरी करने में लगभग आठ मिनट लगे। दूसरी ओर राणा फिटनेस टेस्ट में हिस्सा लेने वाले 22 क्रिकेटरों में सर्वश्रेष्ठ रहे, जिन्होंने 1600 मीटर की दौड़ सिर्फ 5 मिनट 31 सेकंड में पूरी की। ऐसे में बांग्लादेश के खिलाड़ियों की फिटनेस पर सवाल उठ रहे हैं। रविवार को टीम मैनेजमेंट के एक सदस्य ने बताया, "नाहिद राणा का प्रदर्शन लाजवाब था। कुछ अन्य खिलाड़ियों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन साथ ही कुछ क्रिकेटर ऐसे भी थे जो हमारी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके।" नीदरलैंड के खिलाफ आगामी तीन मैचों की टी20 सीरीज और उसके बाद संयुक्त अरब अमीरात में होने वाले एशिया कप के लिए स्किल ट्रेनिंग शुरू करने से पहले वर्तमान में एक फिटनेस कैंप चल रहा है। रिपोर्ट में आगे बताया है कि मेहदी हसन मिराज पहले बैच में दूसरे स्थान पर रहे। मिराज ने 6 मिनट और 1 सेकंड में 1600 मीटर की रेस को पूरा किया, जबकि मुश्फिकुर रहीम, जो एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय और टी-20 से संन्यास ले चुके हैं, 1600 मीटर की दौड़ 6 मिनट और 10 सेकंड में पूरी करके तीसरे स्थान पर रहे। 15 क्रिकेटरों वाले दूसरे समूह में तंजीम हसन साकिब ने 1600 मीटर की दौड़ 5 मिनट 53 सेकंड में पूरी की। उनके बाद शहादत हुसैन दीपू ने 6 मिनट में दौड़ पूरी की और परवेज हुसैन इमोन 6 मिनट 13 सेकंड इस रेस को पूरा करने में लगे।  

बेन डकेट को सेंड ऑफ देने पर आकाशदीप का बयान आया सामने

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस इंग्लैंड टेस्ट सीरीज खत्म होने के बाद टीम इंडिया के तेज गेंदबाज आकाशदीप ने बेन डकेट को विवादित सेंड ऑफ देने और उस दौरान उन्होंने क्या कहा था इस पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने बताया कि उनके और इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज के बीच असल में क्या हुआ था। बता दें, यह घटना सीरीज के पांचवें और आखिरी टेस्ट मैच के चौथे दिन घटी, जब इस तेज गेंदबाज ने डकेट को आउट किया और बल्लेबाज के मैदान से बाहर जाते समय उसके कंधे पर हाथ रखकर और कुछ कदम उनके साथ चले। ऐसा लग रहा था जैसे आकाश दीप डकेट को कुछ कह रहे हों, लेकिन डकेट ने अपना संयम बनाए रखा और तेज गेंदबाज पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। आकाशदीप की इस हरकत से कई पूर्व क्रिकेटर नाराज हुए थे और उन्होंने आईसीसी से आकाशदीप पर फाइन लगाने की भी मांग की थी। सेंड ऑफ से पहले भी दोनों के बीच तीखी बहस हुई थी, और दोनों के बीच शब्दों का आदान-प्रदान हुआ था। भारतीय गेंदबाज ने खुलासा किया है कि डकेट ने कहा था कि वह उन्हें आउट नहीं कर पाएंगे; ऐसा लग रहा था कि इस बात से भारतीय गेंदबाज नाराज हो गया था, खासकर डकेट के खिलाफ उनके अच्छे रिकॉर्ड को देखते हुए। आकाश दीप ने रेवस्पोर्ट्ज से कहा, "डकेट के खिलाफ मेरा रिकॉर्ड अच्छा है और मैंने उन्हें कई बार आउट किया है। मुझे हमेशा से बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ अपने मौके का पूरा भरोसा रहा है, और वह भी इससे अलग नहीं हैं। उस दिन, वह मुझे मेरी लाइन और लेंथ से भटकाने की कोशिश कर रहे थे और उन्होंने कई अपरंपरागत शॉट खेले थे। तभी उन्होंने मुझसे कहा कि आज उनका दिन है और मैं उन्हें आउट नहीं कर पाऊंगा।" उन्होंने आगे कहा, "सच तो यह है कि अगर कोई बल्लेबाज पिच पर इधर-उधर घूमता है और ऐसे शॉट खेलता है, तो आपकी लाइन और लेंथ पर असर पड़ता है, क्योंकि आपको पता नहीं होता कि वह आगे क्या करेगा। यही हो रहा था। इसके अलावा, इंग्लैंड की शुरुआत तेज थी और हमें विकेट की जरूरत थी। हम एक मामूली स्कोर का बचाव कर रहे थे और विकेट बेहद जरूरी थे। जब मैंने उसे आउट किया (मुस्कुराते हुए), तो मैंने उससे कहा: 'यू मिस आई हिट।' हमेशा तुम जीत नहीं पाओगे। इस बार, मैं जीतता हूं।' यह वही था जो वह मुझसे कह रहा था, और यह सब अच्छी भावना से किया गया।"  

करुण नायर ने खोला राज, कैसे कोच के एक मैसेज से टीम इंडिया में आया जुनून

नई दिल्ली  टीम इंडिया हाल ही में परिवर्तन के दौर की पहली परीक्षा में सफल रही। भारतीय टीम ने इंग्लैंड दौरे पर पांच टेस्ट मैचों की सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराई। यह सीरीज बेहद रोमांचक रही। 25 वर्षीय शुभमन गिल की अगुवाई में टीम जब इंग्लैंड पहुंची थी तो उससे ज्यादा उम्मीद नहीं लगाई गई। इसकी वजह विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों की अनुपस्थिति थी, जिन्होंने सीरीज से पहले टेस्ट रिटायरमेंट ले लिया। हालांकि, शुभमन ब्रिगेड की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि उसने किसी भी मैच में आखिर तक हार नहीं मानी। अनुभवी बल्लेबाज करुण नायर ने अब टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम के अंदर की एक बात बताई है। उन्होंने कहा कि हेड कोच गौतम गंभीर के एक मैसेज ने टीम इंडिया में जुनून भरा था। नायर ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो से कहा, "शुरुआत में ही गौती (गौतम गंभीर) भाई ने कहा था कि वह नहीं चाहते कि हम इसे एक परिवर्तन के दौर से गुजरने वाली टीम के रूप में देखें। वह नहीं चाहते थे कि हम ऐसा महसूस करें। हमें जो पहला मैसेज मिला, वो था 'यह कोई यंग टीम नहीं बल्कि एक गन टीम है और सभी को इसे अंदर से महसूस करना चाहिए।' टीम के अंदर यही संदेश था कि हर कोई टीम के लिए खेले और एक-दूसरे को सपोर्ट करे। कोच या कप्तान का ऐसा कहना एक बात है लेकिन इसे महसूस करना अद्भुत था।" नायर ने सीरीज में चार मैचों में 25.62 के औसत से 205 रन बनाए, जिसमें एक फिफ्टी है। नायर 8 साल बाद भारत के लिए खेले। 33 वर्षीय बल्लेबाज ने युवा कप्तान गिल की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, "शुभमन ने जिस तरह से सभी को एकजुट रखा और जो प्रोत्साहन दिया, वो देखने लायक था। वह शुरू से ही अपनी बातचीत में बिल्कुल स्पष्ट थे। शुभमन ने टीम का नेतृत्व करते हुए एक बल्लेबाज के रूप में जो हासिल किया, उन्होंने गौती भाई द्वारा दिए गए मैसेज की भावना का उदाहरण प्रस्तुत किया।" गिल ने 10 पारियों में 75.40 के औसत से 754 रन बनाए, जो सीरीज में सर्वाधिक थे। उन्होंने चार शतक लगाए। वह प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए। गिल एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय कप्तान बन चुके हैं। वह ओवरऑल लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं।  

इतिहास में पहली बार! 129 साल बाद टेस्ट क्रिकेट में जिम्बाब्वे के नाम हुआ यह कलंक

 नई दिल्ली  जिम्बाब्वे के नाम टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का सबसे शर्मनाक रिकॉर्ड जुड़ गया है। यह रिकॉर्ड इतना दुर्लभ है कि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 129 साल बाद ऐसा देखने को मिला है। जिम्बाब्वे ने हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेली। इस सीरीज में मेजबानों को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा। जिम्बाब्वे यह टेस्ट सीरीज 0-2 के अंतर से हारा। पहले मैच में उन्हें 9 विकेट तो दूसरे मैच में पारी और 359 रनों से हार का सामना करना पड़ा। अब आप सोच रहे होंगे इसमें क्या रिकॉर्ड है, न्यूजीलैंड जैसी तगड़ी टीम का सामना जिम्बाब्वे जैसी छोटी टीम के साथ हो तो ऐसे रिजल्ट तो अपेक्षित है। मगर यहां एक ट्विस्ट है। जिम्बाब्वे की टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ चारों पारियों में क्रमश: 149, 165, 125 और 117 के स्कोर पर आउट हो गई। ये स्कोर देखकर ही समझ आ रहा है कि जिम्बाब्वे की टीम के किसी भी बल्लेबाज ने शतक तोड़ा नहीं होगा, हैरान करने वाली बात यह है कि इस सीरीज के दौरान कोई बल्लेबाज 50 रन का आंकड़ा भी नहीं छू पाया। जी हां, पहले टेस्ट में सीन विलियम्स ने 49 रनों की पारी खेली जो इस सीरीज में जिम्बाब्वे के किसी भी बल्लेबाज द्वारा खेली गई सबसे बड़ी पारी थी। ANI के अनुसार टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में यह सिर्फ 6ठा मौका है जब कम से कम दो मैच की टेस्ट सीरीज में किसी टीम का कोई भी बल्लेबाज 50 रन का आंकड़ा ना छू पाया हो। आखिरी बार ऐसा 1895-96 सीजन में हुआ था, जब साउथ अफ्रीका के बार्बरटन हॉलिवेल 41 के स्कोर के साथ इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की घरेलू सीरीज में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाज थे। कैसा रहा जिम्बाब्वे वर्सेस न्यूजीलैंड दूसरा टेस्ट टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम पहली पारी में 125 के स्कोर पर सिमट गई। जिसके बाद न्यूजीलैंड ने डेवोन कॉनवे, रचिन रवींद्र और हेनरी निकलोस के शतकों के दम पर 3 विकेट के नुकसान पर 601 रन पर अपनी पारी घोषित कर दी। इसके बाद जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने दूसरी पारी में भी निराश किया और टीम 117 के स्कोर पर ढेर हो गई। न्यूजीलैंड ने यह मैच पारी और 359 रनों के बड़े अंतर से अपने नाम किया।  

ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने कर दिया कंफर्म, टी20 वर्ल्ड कप में मिचेल मार्श के साथ कौन करेगा ओपनिंग?

कैनवेरा  ऑस्ट्रेलिया की टी20 टीम के कप्तान मिचेल मार्श ने पुष्टि की है कि वह निकट भविष्य में ट्रैविस हेड के साथ पारी की शुरुआत करेंगे क्योंकि उनकी टीम अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप से पहले आदर्श संयोजन तैयार करना चाहती है। मार्श का 2021 में टी20 विश्व कप में तीसरे नंबर पर उतरना निर्णायक साबित हुआ था। उन्होंने फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को अपना पहला खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अब टी20 टीम की कमान संभाल रहे इस 33 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि वह पिछले महीने वेस्टइंडीज के खिलाफ सभी पांच मैचों में पारी का आगाज करने के बाद शीर्ष क्रम में बने रहेंगे। कैरेबियाई दौरे से पहले उन्होंने ऐसा सिर्फ एक बार किया था। मार्श ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज से पहले शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, ''निकट भविष्य में मैं और हेडी पारी की शुरुआत करेंगे। हम दोनों ने एक दूसरे के साथ काफी क्रिकेट खेली है और हमारे बीच बहुत अच्छा तालमेल है। विश्व कप को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों को अपनी भूमिका सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।'' हालांकि, मार्श और हेड ने अभी तक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में एक साथ पारी की शुरुआत नहीं की है, लेकिन वनडे जोड़ी के रूप में उनका रिकॉर्ड शानदार है। उन्होंने पांच पारियों में 70.50 की शानदार औसत से 282 रन बनाए हैं। पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप के बाद डेविड वॉर्नर के संन्यास लेने के बाद से ऑस्ट्रेलिया ने खेल के सबसे छोटे प्रारूप में कई सलामी बल्लेबाजों को आजमाया है, जिनमें मैथ्यू शॉर्ट, ग्लेन मैक्सवेल, जेक फ्रेजर-मैकगर्क शामिल हैं। भारत और श्रीलंका अगले वर्ष फरवरी में टी-20 विश्व कप की संयुक्त मेजबानी करेंगे।  

क्रोएशिया के जैक वुकुसिक का शानदार प्रदर्शन, दर्ज हुआ ऐतिहासिक रिकॉर्ड

नई दिल्ली क्रिकेट जगत में रोज कुछ ना कुछ रिकॉर्ड बनते रहते हैं. अब क्रोएशियाई क्रिकेटर जैक वुकुसिक ने एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है. वुकुसिक इंटरनेशनल क्रिकेट के सबसे युवा कप्तान बन गए हैं. वुकुसिक ने महज 17 साल और 311 दिन की उम्र में साइप्रस के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल में कोएशिया की कप्तानी की. इससे पहले ये रिकॉर्ड फ्रांस के नोमान अमजद के नाम था, जिनका रिकॉर्ड जैक वुकुसिक ने तोड़ दिया है. नोमान अहमद ने जुलाई 2022 में चेक गणराज्य के खिलाफ मुकाबले में फ्रांस की ओर से पहली बार कप्तानी करने उतरे थे. उस समय नोमान अहमद की उम्र 18 साल और 24 दिन थी. कार्ल हार्टमैन ने साल 2023 में 18 वर्ष और 276 दिन की उम्र में स्पेन के खिलाफ आइल ऑफ मैन की कप्तानी की. हार्टमैन इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं. इसके बाद लुवसानजुंडुई एर्डेनबुलगन का नंबर आता है, जिन्होंने हांग्जो एशियन गेम्स के दौरान 18 वर्ष और 324 दिन की उम्र में नेपाल के खिलाफ मंगोलिया की कप्तानी की. उसी साल डिडिएर एनडिकुब्विमाना ने 19 वर्ष और 327 दिन की उम्र में तंजानिया के खिलाफ रवांडा की कप्तानी की.. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के पांच सबसे युवा कप्तान: जैक वुकुसिक (17 वर्ष & 311 दिन, 2025, क्रोएशिया vs साइप्रस) नोमान अमजद (18 वर्ष & 24 दिन, 2022, फ्रांस vs चेक गणराज्य) कार्ल हार्टमैन (18 वर्ष & 276 दिन, 2023, आइल ऑफ मैन vs स्पेन) लुवसंजुंडुई एर्डेनबुलगन (18 साल & 324 दिन, 2023, मंगोलिया vs नेपाल) डिडिएर एनडिकुब्विमाना (19 साल & 327 दिन, 2023, रवांडा vs तंजानिया) टेस्ट और ओडीआई में राशिद खान सबसे आगे जैक वुकुसिक अब इंटरनेशनल क्रिकेट के सबसे युवा कप्तान बन गए हैं. साथ ही वो किसी टी20 इंटरनेशनल मैच में कप्तानी करने वाले सबसे कम उम्र के कप्तान भी हैं. उधर वनडे इंटरनेशनल और टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम उम्र में कप्तानी करने का रिकॉर्ड अफगानिस्तान के राशिद खान ने बनाया हुआ है. राशिद खान ने मार्च 2018 में स्कॉटलैंड के खिलाफ मुकाबले में जब पहली बार अफगानिस्तान की ओडीआई टीम की कमान संभाली थी, तब उनकी उम्र 19 साल और 165 दिन थी. फिर राशिद खान ने सितंबर 2019 में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट मैच में अफगानिस्तान की कप्तानी की. उस समय राशिद खान की उम्र 20 साल और 350 दिन थी. हालांकि जैक वुकुसिक के कप्तानी करियर का आगाज जीत से नहीं हुआ. उनकी टीम क्रोएशिया को साइप्रस के खिलाफ पहले दो टी20 इंटरनेशनल मैचों में बड़े अंतर से हार झेलनी पड़ी. पहले मैच में साइप्रस ने 213/3 का बड़ा स्कोर बनाया, जवाब में क्रोएशियाई टीम सिर्फ 155 रन ही बना सकी और 58 रनों से मैच हार गई. दूसरे मैच में क्रोएशिया पहले बल्लेबाजी करते हुए 132 रन पर ऑलआउट हो गया, जिसके बाद साइप्रस ने 133 रनों के टारगेट को 15.5 ओवर में सात विकेट शेष रहते हासिल कर लिया. जैक वुकुसिक का वैसे व्यक्तिगत प्रदर्शन शानदार रहा. पहले मैच में उन्होंने 32 गेंदों पर 43 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और दो छक्के शामिल रहे. साथ ही उन्होंने चार ओवर में 41 रन देकर एक विकेट लिया. खैर जो भी हो, वुकुसिक का यह रिकॉर्ड न केवल क्रोएशिया क्रिकेट के लिए बल्कि क्रिकेट जगत के लिए भी एक यादगार पल बन गया है.

IND vs ENG टेस्ट के बाद कोहली ने थामा वनडे का बल्ला, लंदन में शुरू की प्रैक्टिस

लंदन  भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खत्म होते ही स्टार भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली ने वनडे क्रिकेट में वापसी के लिए अभ्यास शुरू कर दिया है. जिसकी उन्होंने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर भी साझा की है. जिसमें वो नेट सत्र में गुजरात टाइटन्स के सहायक कोच नईम अमीन के साथ पोज देते नजर आ रहे हैं. कोहली ने नईम के साथ तस्वीर साझा करते हुए अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, 'ट्रेनिंग में मदद करने के लिए धन्यवाद, भाई. आपसे मिलकर हमेशा अच्छा लगता है.' विराट कोहली वनडे में वापसी के लिए तैयार बता दें कि हाल ही में भारतीय टेस्ट टीम ने इंग्लैंड को आखिरी टेस्ट में 6 रनों से हराकर 5 मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर कर दी थी. इसके बाद टीम इंडिया का अगला मैच एशिया कप है जो 9 सितंबर से शुरू हो रहा है. फिर उसके बाद अक्टूबर में वेस्टइंडीज से 2 मैचों की टेस्ट सीरीज है. लेकिन भारत का वनडे मैच 19 अक्टूबर से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू होगा. जिसके लिए 36 वर्षीय कोहली ट्रेनिंग कर रहे है. आईपीएल ट्रॉफी उठाने के बाद ये कोहली का पहला प्रशिक्षण सत्र था. बता दें कि विराट कोहली टी20 आई और टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं, अब वो केवल वनडे में ही खेलते हुए नजर आएंगे. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पूर्व भारतीय कप्तान 19 से 25 अक्टूबर तक ऑस्ट्रेलिया में होने वाली तीन वनडे सीरीज के लिए राष्ट्रीय टीम का हिस्सा हो सकते हैं. कोहली 2027 का वनडे वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं कोहली के 2027 के एकदिवसीय विश्व कप तक खेलने की उम्मीद है, और वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले मिलने वाले हर मौके का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे. चैंपियंस ट्रॉफी में वह अच्छी फॉर्म में थे, उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ शतक और न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में अर्धशतक बनाया था. 2025 में अब तक, कोहली ने 45.83 की औसत से 275 रन बनाए हैं. कोहली ने आखिरी बार जून में क्रिकेट खेला है बता दें कि विराट कोहली ने आखिरी बार जून में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए क्रिकेट खेला था, जहां वह RCB की प्लेइंग इलेवन के सदस्य थे, जिसने IPL 2025 के फाइनल में पंजाब किंग्स को हराकर पहली बार ट्रॉफी जीती थी. कोहली ने खिताबी मुकाबले में 43 रनों की शानदार पारी खेली थी. कोहली इस साल की शुरुआत में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद से राष्ट्रीय टीम के लिए नहीं खेले हैं. उसके बाद उन्होंने लाल गेंद वाले क्रिकेट से अचानक संन्यास की घोषणा करके प्रशंसकों को चौंका दिया. विराट कोहली की सफेद दाढ़ी हाल ही में विराट कोहली की लंदन में एक प्रशंसक के साथ एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है. जिसमें वो काली टोपी पहने हुए तस्वीर के लिए पोज देते हुए दिखाई दे रहे हैं. हालांकि, इस तस्वीर का सबसे आकर्षक हिस्सा कोहली की सफेद दाढ़ी थी. जिसके बाद सोशल मीडिया पर ये अटकलें तेज हो गई कि 36 वर्षीय यह सुपरस्टार शायद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाला है. 

एशिया कप इतिहास: भारत 8 बार विजेता, पाकिस्तान समेत पड़ोसी देशों का प्रदर्शन कैसा रहा

मुंबई  भारतीय क्रिकेट टीम के लिए इस बार का इंग्लैंड दौरा शानदार रहा. शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम मेजबानों के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज को 2-2 से बराबर कराने में सफल रही. इंग्लैंड दौरे के बाद भारतीय खिलाड़ियों को कुछ दिनों का ब्रेक मिला है, जिसके बाद वो अगले टूर्नामेंट की तैयारियों में जुटेंगे. भारतीय टीम को अब अगले महीने एशिया कप में भाग लेना है, जिसकी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. एशिया कप 9 से 28 सितंबर तक संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो शहरों दुबई और अबू धाबी में खेला जाना है. एशिया कप का ये 17वां संस्करण है और टूर्नामेंट में एक बार फिर सबकी नजरें टीम इंडिया पर रहेंगी. भारतीय टीम अब तक इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को 8 बार जीत चुकी है. भारत इस टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम है और इस बार भी वो खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही है. भारतीय टीम ने 1984, 1988, 1990-91,1995, 2010, 2016, 2018 और 2023 में एशिया कप खिताब जीता था. अगर भारत के पड़ोसी देशों की बात करें तो श्रीलंका ने अब तक 6 बार एशिया कप का खिताब अपने नाम किया है, जबकि पाकिस्तान केवल 2 बार चैम्पियन बन पाया है. श्रीलंकाई टीम ने 1986, 1997, 2004, 2008, 2014 और 2022 में यह टूर्नामेंट जीता था, वहीं पाकिस्तानी टीम साल 2000 और 2012 में एशिया कप चैम्पियन बनी. बांग्लादेश और अफगानिस्तान को अभी तक एशिया कप में खिताबी जीत नहीं मिली है, हालांकि उनके प्रदर्शन में जबरदस्त सुधार देखा गया है. पहली बार कब खेला गया एशिया कप? एश‍िया कप का पहली बार आयोजन साल 1984 में यूएई में हुआ था. तब भारतीय टीम ने श्रीलंका को हराकर खिताब जीता था. इसका पिछला संस्करण साल 2023 में पाकिस्तान और श्रीलंका में हुआ था, जहां भारतीय टीम चैम्पियन बनी थी. बता दें कि एशिया कप 2025 टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा. 2016 और 2022 में भी यह प्रत‍िष्ठ‍ित टूर्नामेंट टी20 फॉर्मेट में भी खेला गया था. बाकी के संस्करण वनडे फॉर्मेट में खेले गए. एशिया कप के विजेताओं की पूरी लिस्ट  साल      विजेता      रनर-अप      वेन्यू  1984      भारत      श्रीलंका      यूएई  1986      श्रीलंका      पाकिस्तान      श्रीलंका  1988      भारत      श्रीलंका      बांग्लादेश  1990-91      भारत      श्रीलंका      भारत  1995      भारत      श्रीलंका      यूएई  1997      श्रीलंका      भारत      श्रीलंका  2000      पाकिस्तान      श्रीलंका      बांग्लादेश  2004        श्रीलंका      भारत      श्रीलंका  2008        श्रीलंका      भारत      पाकिस्तान  2010      भारत      श्रीलंका      श्रीलंका  2012      पाकिस्तान      बांग्लादेश      बांग्लादेश  2014      श्रीलंका      पाकिस्तान      बांग्लादेश  2016      भारत      बांग्लादेश      बांग्लादेश  2018      भारत      बांग्लादेश      यूएई  2022      श्रीलंका      पाकिस्तान      यूएई  2023      भारत      श्रीलंका      पाकिस्तान/श्रीलंका   2025      ————      ————–      यूएई एशिया कप 2025 में भारतीय टीम को पाकिस्तान, यूएई और ओमान के साथ ग्रुप-ए में रखा गया है, जबकि श्रीलंका, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और हॉन्ग कॉन्ग ग्रुप-बी में हैं. दोनों ग्रुप से दो-दो टीमें सुपर चार स्टेज में पहुंचेंगी. फिर सुपर-चार स्टेज में टॉप-2 पर रहने वाली टीमों के बीच खिताबी मुकाबला खेला जाएगा. एशिया कप 2025 का फुल शेड्यूल 9 सितंबर- अफगानिस्तान vs हॉन्ग कॉन्ग, अबू धाबी 10 सितंबर- भारत vs यूएई, दुबई 11 सितंबर- बांग्लादेश vs हॉन्ग कॉन्ग, अबू धाबी 12 सितंबर- पाकिस्तान vs ओमान, दुबई 13 सितंबर- बांग्लादेश vs श्रीलंका, अबू धाबी 14 सितंबर- भारत vs पाकिस्तान, दुबई 15 सितंबर- यूएई vs ओमान, अबू धाबी 15 सितंबर- श्रीलंका बनाम हॉन्ग कॉन्ग, दुबई 16 सितंबर- बांग्लादेश vs अफगानिस्तान, अबू धाबी 17 सितंबर- पाकिस्तान vs यूएई, दुबई 18 सितंबर- श्रीलंका vs अफगानिस्तान, अबू धाबी 19 सितंबर- भारत vs ओमान, अबू धाबी 20 सितंबर- B1vs B2, दुबई 21 सितंबर- A1 VS A2, दुबई 23 सितंबर A2 vs B1, अबू धाबी 24 सितंबर- A1 vs B2, दुबई 25 सितंबर- A2 vs B2, दुबई 26 सितंबर- A1 vs B1, दुबई 28 सितंबर- फाइनल, दुबई