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पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज को हराया, तीन मैचों की सीरीज में बनाई बढ़त

त्रिनिदाद मोहम्मद रिजवान की अगुवाई वाली पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने वेस्टइंडीज को पहले वनडे में 5 विकेट से हराकर तीन मैच की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। त्रिनिदाद के ब्रायन लारा स्टेडियम में खेले गए इस मैच में मेजबानों ने पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 281 रनों का टारगेट रखा था, इस स्कोर को मेहानों ने रिजवान और डेब्यूटंट हसन नवाज के अर्धशतकों की मदद से 7 गेंदें शेष रहते ही हासिल कर लिया। अपने पहले ही मैच में कमाल करने वाले हसन नवाज को प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया। पाकिस्तान और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा वनडे 10 अगस्त को इसी मैदान पर खेला जाएगा। टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी पाकिस्तान की टीम पूरे 50 ओवर भी पाकिस्तान के आगे टिकन हीं पाई। 49 ओवर में पूरी टीम 280 के स्कोर पर ढेर हो गई। एविन लुईस (60), कप्तान शे होप (55) और रोस्टन चेज (53) ने इस दौरान अर्धशतक जड़े, मगर कोई बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल पाया। पाकिस्तान के लिए उनके ऐस पेसर शाहिन शाह अफरीदी ने सर्वाधिक 4 विकेट चटकाए, वहीं उनके जोड़ीदार नसीम शाह को इस दौरान तीन सफलताएं मिली। 281 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए पाकिस्तान के लिए सैम अयूब एकमात्र बल्लेबाज थे जो अच्छी शुरुआत करने में नाकाम रहे। बाकी सभी ने महत्वपूर्ण साझेदारियां करने में अपनी भूमिका निभाई और कभी भी रन रेट का दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। बाबर आजम (47) जहां अर्धशतक से चूक गए, वहीं रिजवान (53) अपना अर्धशतक बनाने के बाद लय खो बैठे और 38वें ओवर में आउट हो गए। पाकिस्तान को अंतिम 12 ओवरों में लगभग 100 रन चाहिए थे, और हसन नवाज (अपना पहला मैच खेल रहे) और तलत (2019 के बाद अपना पहला वनडे खेल रहे) की जोड़ी ने खेल को गहराई तक ले जाने और एक ओवर शेष रहते खेल समाप्त करने के लिए काफी परिपक्वता दिखाई। हसन नवाज, विशेष रूप से, अपने शॉट-चयन से बहुत प्रभावशाली थे। उन्होंने शुरुआत में अपना समय लिया और फिर समय पर बाउंड्री लगाकर मांग दर को नियंत्रण में रखा। वेस्टइंडीज के गेंदबाज टुकड़ों में अच्छे थे, लेकिन पूरे समय निरंतरता के लिए संघर्ष करते रहे। हालांकि उन्हें लग सकता है कि वे 20-30 रन कम बना पाए।

चेतावनी और फाइन के बावजूद ओवल टेस्ट में गौतम गंभीर का साहसिक निर्णय

नई दिल्ली इंग्लैंड के खिलाफ ओवल में खेले गए 5वें टेस्ट में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए भारत ने 5 मैच की सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराई। आखिरी दिन मेजबानों को जीत के लिए 35 रनों की दरकार थी, वहीं भारत जीत से महज 4 विकेट दूर था। मोहम्मद सिराज की कातिलाना गेंदबाजी के आगे इंग्लैंड नहीं टिक पाया और टीम इंडिया ने 6 रनों से यह मैच जीत गया। भारत को इस जीत से WTC पॉइंट्स टेबल में फायदा हुआ। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर टीम इंडिया यह मैच हार जाती है तो उन्हें WTC पॉइंट्स टेबल में दोहरा झटका लग सकता है। जी हां, दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार टीम इंडिया अगर यह मैच हारती तो उन पर स्लो ओवर रेट के चलते 4 पॉइंट्स का फाइनल भी लग सकता था। सूत्र ने कहा कि जब भारतीय टीम ओवल में पांचवें दिन की सुबह जीत की रणनीति बना रही थी तब मैच रेफरी जेफ क्रो ने संदेश भिजवाया कि भारतीय टीम निर्धारित समय से छह ओवर पीछे है। अगर ये ओवर रेट नहीं सुधरा तो आपके चार अंक कटेंगे। या तो आपको इंग्लैंड को आलआउट करना होगा। यदि भारतीय टीम इंग्लैंड को आलआउट नहीं कर पाई, तो भारत के चार डब्ल्यूटीसी अंक कट जाएंगे। इस चेतावनी के बाद ड्रेसिंग रूम में कप्तान शुभमन गिल, मुख्य कोच गौतम गंभीर और सहायक कोच सितांशु कोटक सहित कुछ लोगों के बीच एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक हुई। इस बैठक में एक सदस्य ने कहा कि प्रसिद्ध कृष्णा की चार गेंद होने के बाद ओवर रेट को सुधारने के लिए दोनों छोर से स्पिनरों रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर को लगा देते हैं। इस रणनीति से भारत ओवर रेट सुधार सकता था, लेकिन इंग्लिश बल्लेबाज जेमी स्मिथ और जेमी ओवरटन तेज गेंदबाजों की अनुपस्थिति में तेजी से रन बनाकर मैच पलट देते। सूत्र ने कहा कि कोच गौतम गंभीर ने साफ कहा कि मुझे ओवर रेट की चिंता नहीं है, अगर चार अंक कटते हैं तो कटें, लेकिन हम जीतने के लिए खेलेंगे। इसके बाद यह तय हुआ कि एक छोर से प्रसिद्ध कृष्णा और दूसरे छोर से मोहम्मद सिराज को लगातार आक्रमण पर लगाया जाएगा। कप्तान शुभमन गिल ने भी उस पर सहमति जताई। और भारत को जीत मिली।  

एशिया कप 2025 में ट्रिपल इंडिया-पाक क्लैश का मौका, ये है पूरा गणित

मुंबई  भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज 2-2 से ड्रॉ पर छूटकर खत्म हो चुकी है. टेस्ट क्रिकेट के इस तड़के के बाद अब भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी टी20 फॉर्मेट में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में एश‍िया कप में खेलते दिखेंगे. एश‍िया कप इस बार 9 से 28 सितंबर के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा. इस टूर्नामेंट के सभी मैच दुबई और अबू धाबी के मैदानों पर होंगे.  एश‍िया कप 2025 का ओपन‍िंग मैच 9 सितंबर को अबू धाबी स्थित शेख जायद स्टेडियम में अफगानिस्तान और हॉन्ग कॉन्ग के बीच होना है. वहीं च‍िर प्रत‍िद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान के बीच बहुप्रतीक्षित महामुकाबला 14 सितंबर (रविवार) को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में आयोजित होगा. इस बार का फाइनल भी दुबई में 28 सितंबर को खेला जाएगा. भारत-पाकिस्तान यदि दोनों टीमें सुपर-4 राउंड के लिए क्वालिफाई करते हैं, तो 21 सितंबर को इनका फिर से आमना-सामना हो सकता है. और अगर दोनों फाइनल में पहुंचती हैं, तो 28 सितंबर को तीसरी बार दोनों के भ‍िड़ने की संभावना है.  पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनातनी देखी गई थी. जिसके चलते विरोध के स्वर भी उठे. पर एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने साफ कर दिया है कि टूर्नामेंट का शेड्यूल और स्थान जस के तहस रहेंगे और सभी मुकाबले तय कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे. एश‍िया कप 2025 में कुल कितनी टीमें?  एश‍िया कप 2025 में 8 टीमें भाग लेंगी. एश‍ियन क्रिकेट काउंस‍िल (ACC) के 5 फुल मेंबर देश अफगान‍िस्तान, बांग्लादेश, भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका ने इस टूर्नामेंट के लिए ऑटोमेट‍िकली क्वालिफाई कर गए हैं और अब संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और हॉन्ग कॉन्ग भी इसमें शामिल होंगे, जो 2024 एसीसी पुरुष प्रीमियर कप में शीर्ष तीन में रहे थे.  टूर्नामेंट के ग्रुप और फॉर्मेट  पिछले टूर्नामेंटों से अलग होंगे, जिसमें आठ टीमों को चार-चार के दो ग्रुप में विभाजित किया जाएगा. प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीमें सिंगल-ग्रुप सुपर फोर राउंड के लिए क्वालिफाई करेंगी. इस चरण की शीर्ष दो टीमें खेलेंगी. ऐसे में भारत पाकिस्तान की भ‍िड़ंत हो सकती है. एशिया कप 2025 के ग्रुप्स ग्रुप A: भारत, पाकिस्तान, यूएई, ओमान ग्रुप B: बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान, हॉन्ग कॉन्ग एशिया कप 2025 का शेड्यूल 9 सितंबर- अफगानिस्तान vs हॉन्ग कॉन्ग, अबू धाबी 10 सितंबर- भारत vs यूएई, दुबई 11 सितंबर- बांग्लादेश vs हॉन्ग कॉन्ग, अबू धाबी 12 सितंबर- पाकिस्तान vs ओमान, दुबई 13 सितंबर- बांग्लादेश vs श्रीलंका, अबू धाबी 14 सितंबर- भारत vs पाकिस्तान, दुबई 15 सितंबर- यूएई vs ओमान, अबू धाबी 15 सितंबर- श्रीलंका बनाम हॉन्ग कॉन्ग, दुबई 16 सितंबर- बांग्लादेश vs अफगानिस्तान, अबू धाबी 17 सितंबर- पाकिस्तान vs यूएई, दुबई 18 सितंबर- श्रीलंका vs अफगानिस्तान, अबू धाबी 19 सितंबर- भारत vs ओमान, अबू धाबी 20 सितंबर- B1vs B2, दुबई 21 सितंबर- A1 VS A2, दुबई (भारत और पाकिस्तान का मुकाबला संभव) 23 सितंबर A2 vs B1, अबू धाबी 24 सितंबर- A1 vs B2, दुबई 25 सितंबर- A2 vs B2, दुबई 26 सितंबर- A1 vs B1, दुबई 28 सितंबर- फाइनल, दुबई (भारत और पाकिस्तान का मुकाबला संभव)

एशिया कप से पहले अच्छी खबर, कप्तान सूर्यकुमार यादव ने शुरू की प्रैक्टिस

मुंबई  एशिया कप क्रिकेट 2025 की शुरुआत में अब ज्यादा समय नहीं बचा है. इस बार एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो शहरों दुबई और अबू धाबी में खेला जाएगा. एशिया कप की शुरुआत 9 सितंबर को होगी और इसका खिताबी मुकाबला 28 सितंबर को निर्धारित है. एशिया कप 2025 के लिए भारतीय टीम का ऐलान कुछ दिनों में किया जाएगा. एशिया कप की शुरुआत से पहले भारतीय टीम के लिए अच्छी खबर सामने आई है. टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव फिट हो चुके हैं और वो मैदान पर वापसी के लिए पूरी तरह तैयार हैं. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 की समाप्ति के बाद सूर्यकुमार ने जर्मनी में स्पोर्ट्स हर्निया की सर्जरी कराई थी. सर्जरी के चलते सूर्यकुमार को करीब 3 महीने मैदान से दूर रहना पड़ा. अब सूर्यकुमार यादव  ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में अभ्यास शुरू कर दिया है. सूर्यकुमार ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि सूर्यकुमार पहले जिम में पसीना बहाते हैं. फिर वो नेट्स में बैटिंग करने पहुंचते हैं. नेट प्रैक्टिस के दौरान सूर्यकुमार बेहतरीन शॉट्स खेलते नजर आते हैं. 34 वर्षीय सूर्यकुमार यादव ने आईपीएल 2025 में मुंबई इंडियंस (MI) के लिए शानदार प्रदर्शन किया था. उन्होंने आईपीएल के पिछले सीजन में MVP (मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर) अवॉर्ड जीता, साथ ही हर मैच में कम से कम 25 रन बनाए. सूर्यकुमार यादव ने 16 मैचों में 65.18 के एवरेज से 717 रन बनाए थे. इस दौरान उनके बल्ले से 5 अर्धशतक निकले. सूर्यकुमार यादव इन चीजों पर कर रहे फोकस सूर्यकुमार यादव अब एशिया कप से पहले नेट्स में बल्लेबाजी के साथ-साथ फिटनेस ड्रिल्स और एरोबिक एक्सरसाइज पर भी फोकस कर रहे हैं, ताकि पूरी तरह मैच फिटनेस हासिल की जा सके. एशिया कप ना सिर्फ सूर्यकुमार यादव की मैदान पर वापसी का जरिए बनेगा, बल्कि भारतीय टीम के लिए अगले साल होने वाले टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों का भी अहम हिस्सा है. गौतम गंभीर की कोचिंग और सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने टी20 क्रिकेट में हालिया समय में दमदार खेल दिखाया है. अब एशिया कप 2025 इस लय को बरकरार रखने का सुनहरा मौका होगा.

हरमनप्रीत का बयान: एशिया कप से पहले ऑस्ट्रेलिया दौरा है बड़ी तैयारी

बेंगलुरु भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने शुक्रवार को कहा कि मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम का उसके घरेलू मैदान पर सामना करने से उनकी टीम को इस महीने के आखिर में होने वाले एशिया कप से पहले उन क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलेगी जिनमें सुधार की जरूरत है। भारतीय टीम आज तड़के ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हो गई, जहां वह 15 से 21 अगस्त तक पर्थ हॉकी स्टेडियम में मेजबान टीम के खिलाफ चार मैचों की महत्वपूर्ण श्रृंखला खेलेगी। हरमनप्रीत ने टीम के रवाना होने से पहले कहा, ''ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनके घरेलू मैदान पर खेलना हमेशा बड़ी चुनौती होती है और एशिया कप के लिए तैयारी के इस चरण में हमें इसी की जरूरत है।'' उन्होंने कहा, ''हम इस श्रृंखला को एशिया कप की तैयारी के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देख रहे हैं। हमारा ध्यान एक इकाई के रूप में सुधार करने, मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ खुद को परखने और एशिया कप के लिए राजगीर जाने से पहले जरूरी लय हासिल करने पर है।'' हरमनप्रीत ने कहा, ''ऑस्ट्रेलिया के इस दौर से हमें एशिया कप से पहले उन क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलेगी जिनमें सुधार करने की आवश्यकता है। हम ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए उत्साहित हैं।'' ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच 15, 16, 19 और 21 अगस्त को खेले जाएंगे। इस श्रृंखला से टीम प्रबंधन को एशिया कप के लिए अंतिम टीम के चयन करने में भी मदद मिलेगी। एशिया कप 29 अगस्त से राजगीर में शुरू होगा। इस टूर्नामेंट का विजेता विश्व कप के लिए सीधे क्वालीफाई करेगा।  

संजू सैमसन का IPL 2026 में CSK में जाना तय? राजस्थान रॉयल्स से हो सकता है विदाई

मुंबई  आईपीएल ट्रेड मार्केट में सबसे ज्यादा चर्चा इन दिनों राजस्थान रॉयल्स  (RR) और उनके कप्तान संजू सैमसन को लेकर हो रही है. क्या सैमसन टीम में बने रहेंगे? क्या फ्रेंचाइजी उन्हें किसी और खिलाड़ी से ट्रेड करेगी या उन्हें नीलामी के लिए रिलीज कर देगी? जवाब इतना सीधा नहीं है क्योंकि मामला जटिल है. यहां नियम हैं, व्यक्तिगत नजरिए हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि कोई खिलाड़ी अगर खुद ही टीम में नहीं रहना चाहता तो क्या फ्रेंचाइजी उसे रोक सकती है? तथ्य हैं और फिर जटिलताएं भी विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, संजू सैमसन और राजस्थान रॉयल्स के मैनेजमेंट के बीच गंभीर मतभेद हो चुके हैं. हालात इतने बिगड़ गए हैं कि सैमसन ने फ्रेंचाइजी से खुद को ट्रेड करने या नीलामी में छोड़ने की औपचारिक मांग कर दी है. सैमसन के परिवार के सदस्य भी यह खुलेआम कह चुके हैं कि वह अब इस फ्रेंचाइजी के साथ नहीं रहना चाहते. उनके करीबी कुछ आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि टीम के साथ उनके संबंध पहले जैसे नहीं रहे. … लेकिन नियम क्या कहते हैं? आईपीएल में एक बार कोई खिलाड़ी किसी टीम से रिटेन या नीलामी के जरिए जुड़ता है तो वह उस टीम से तीन साल के लिए अनुबंधित होता है. ऐसे में यह फैसला खिलाड़ी नहीं, बल्कि फ्रेंचाइजी ही करती है कि उसे रिलीज करना है या नहीं. कानूनी रूप से सैमसन अभी भी 2027 सीजन तक राजस्थान रॉयल्स के साथ बंधे हैं. फ्रेंचाइजी के लिए चुनौती यह स्थिति राजस्थान के लिए असमंजसपूर्ण है. क्या किसी ऐसे खिलाड़ी को बनाए रखा जाए जो खुद ही टीम में नहीं रहना चाहता? खासकर तब जब टीम एक खुशहाल ड्रेसिंग रूम का सपना देखती हो. वहीं, इतना बड़ा खिलाड़ी यूं ही छोड़ना भी मुश्किल है. संजू को किशोरावस्था से संवारने वाली राजस्थान रॉयल्स मैनेजमेंट इस समय लगभग हर टीम से संपर्क कर चुकी है. यह जानने के लिए कि क्या कोई फ्रेंचाइजी ट्रेड में दिलचस्पी रखती है. शुरुआती बातचीत कुछ टीमों से हुई भी है, यहां तक कि उन टीमों से भी जिनके पास पहले से ही विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं. बल्लेबाजी क्रम बना कारण? बतौर कप्तान संजू को अपनी बल्लेबाजी स्थिति तय करने की आजादी की अपेक्षा थी. टीम इंडिया की टी20 स्कीम में वह ओपनिंग करते हैं, लेकिन पिछले सीजन में यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी की युवा ओपनिंग जोड़ी ने ऐसा जलवा दिखाया कि सैमसन की पुरानी भूमिका खतरे में पड़ गई. माना जा रहा है कि यह भी मतभेद का एक बड़ा कारण रहा. राजस्थान से सैमसन का पुराना नाता संजू 2015 में कोलकाता नाइट राइडर्स से रिलीज होकर राजस्थान से जुड़े थे और तब से इस फ्रेंचाइज़ी का चेहरा बन चुके हैं. सिर्फ 2016 और 2017 में टीम के निलंबन के दौरान वह बाहर रहे. एक वक्त था जब उनकी प्रतिभा से खुद सचिन तेंदुलकर इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने एक मैच के बाद निजी तौर पर उनसे मिलने की इच्छा जताई. उस मुलाकात में सचिन ने उनकी बल्लेबाजी की जमकर सराहना की थी. अब आगे क्या? सीएसके ने दिखाई दिलचस्पी, लेकिन… चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने संजू को लेकर दिलचस्पी जरूर दिखाई है, लेकिन उनकी नीति किसी भी खिलाड़ी को रिलीज करने की नहीं है. ऐसे में डायरेक्ट ट्रेड का रास्ता बंद हो जाता है. धोनी और ऋतुराज गायकवाड़ इन दिनों चेन्नई में हैं और टीम के हाई परफॉर्मेंस सेंटर में अभ्यास कर रहे हैं. शीर्ष प्रबंधन के साथ बैठकें भी हो रही हैं, हालांकि यह साफ नहीं है कि उनमें सैमसन को लेकर चर्चा हुई या नहीं. बाकी टीमें भी सैमसन में दिलचस्पी रखती हैं, लेकिन अब तक ऐसा कोई ऑफर सामने नहीं आया है जो राजस्थान को मंजूर हो. फैसला अब राजस्थान के पाले में राजस्थान के लिए यह नाजुक मोड़ है. उन्हें तय करना है कि वे कप्तान को मनाने की कोशिश करेंगे या एक नया अध्याय शुरू करेंगे. फिलहाल फ्रेंचाइजी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

आईसीसी के 2 टियर डब्ल्यूटीसी प्लान से इंग्लैंड ने बनाई दूरी

लंदन भारत और ऑस्ट्रेलिया जहां 2 टियर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) प्रणाली को अपनाने के लिए तैयार है। वहीं इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) इसके लिए तैयार होता नजर नहीं आता दिख रहा है। आईसीसी ने पिछले महीने न्यूजीलैंड के पूर्व बल्लेबाज रोजर ट्वोज के नेतृत्व में एक वर्किंग ग्रुप बनाया था, जिसका लक्ष्य जुलाई 2027 में शुरू होने वाले अगले चक्र से पहले डब्ल्यूटीसी में सुधार करना था। जुलाई में आईसीसी के सालाना सम्मेलन में भी 2 टियर सिस्टम पर सबसे काफी महत्वपूर्ण चर्चाएं हुई थी। गौरतब है कि टू-टियर टेस्ट क्रिकेट पर पिछले 15 साल से भी ज्यादा समय से बहस चल रही है।  आईसीसी ने साल 2009 में ही इसे लागू करने की अपनी इच्छा जताई थी। हालांकि कुछ पूर्ण सदस्य अलग-अगल कारणों से इससे सहमत नहीं हैं। इंग्लैंड और भारत के बीच ओवल टेस्ट के पहले दिन ईसीबी के अध्यक्ष रिचर्ड थॉम्पसन ने कहा कि टी20 लीगों के व्यस्त कैलेंडर के कारण द्विपक्षीय क्रिकेट का महत्व कम हो रहा है और ज्यादातर देशों में टेस्ट क्रिकेट को भारी नुकसान हुआ है। थॉम्पसन ने कहा था कि आईसीसी टेस्ट क्रिकेट के लिए 2 टियर मॉडल पर विचार कर रहा है हालांकि उन्हें भरोसा नहीं है कि यह सही होगा या नहीं। उन्होंने कहा, हमें कई विकल्पों पर विचार करना होगा।  2-टियर सिस्टम उनमें से एक होगा। हम नहीं चाहेंगे कि इंग्लैंड के रूप में हम एक खाली दौर से गुजरें और इसका मतलब है कि हम डिवीजन दो में आ जाएं और ऑस्ट्रेलिया और भारत के साथ न खेलें? ऐसा नहीं हो सकता। यहां समझदारी से काम लेने की जरूरत है। थॉम्पसन का मानना था कि वर्तमान में डब्ल्यूटीसी में ही बदलाव करना एक बेहतर रहेगा। उन्होंने उदाहरण के तौर पर दक्षिण अफ्रीका द्वारा ऑस्ट्रेलिया को हराकर 2023-25 डब्ल्यूटीसी का विजेता बनने का उदाहरण दिया, जहां सही समर्थन से छोटे देश मजबूत दावेदार के रूप में उभर सकते हैं। वहीं आईसीसी के लिए 2-टियर मॉडल पर स्पष्टता महत्वपूर्ण है, क्योंकि देशों ने अगले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (2027-29) चक्र का हिस्सा बनने वाली द्विपक्षीय सीरीजों के लिए बातचीत शुरू कर दी है।  क्या है टेस्ट क्रिकेट में 2-टियर सिस्टम आईसीसी की योजना है कि बड़े और छोटे क्रिकेट बोर्ड मिलकर यह तय करें कि आगे से जो डब्ल्यूटीसी का चक्र शुरू हो तो उसमें 2-टियर सिस्टम लागू हो। इस समय 9 टीमें डब्ल्यूटीसी में खेल रही हैं, लेकिन आईसीसी चाहती है कि इसमें 12 टीमें हों, लेकिन 6-6 टीमें टियर 1 और टियर 2 में हों। टियर 1 वाली टीमें 5-5 दिवसीय मैच खेलें और टियर 2 वाली टीमें 4-4 दिवसीय टेस्ट खेलेंगे। जो टीम टियर 2 में अच्छा करे उसे टियर 1 में प्रमोट किया जाए और टियर 1 में खराब प्रदर्शन करने वाली टीम को डिमोट करके टियर 2 में भेजा जाए।  

कर्स्टन ने याद किया किस्सा, क्यों था ईशांत को बल्लेबाजी के लिए बुलाना मुश्किल

जोहांसबर्ग भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच और दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज क्रिकेटर रहे गैरी कर्स्टन ने कहा है कि अपने कार्यकाल के दौरान उनके लिए सबसे कठिन काम ईशान शर्मा को बल्लेबाजी के लिए तैयार करना था। कर्स्टन से जब एक कार्यक्रम में पूछा गया कि भारतीय टीम के कोच के तौर प उनके लिए सबसे कठिन क्या था तो उनके जवाब से भी हैरान रह रहे। सभी को अंदाजा था कि वह विश्वकप की बात करेंगे पर कर्स्टन ने कहा कि उनके लिए सभी कठिन चुनौती इशांत शर्मा को नेट्स में बल्लेबाजी करने के लिए बुलाना होता था।  कर्स्टन ने कहा, ‘सबसे बड़ी चुनौती इशांत को उनके बैट और पैड के साथ नेट्स में लाना होता था.। उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में वीवीएस लक्ष्मण के साथ विजयी साझेदारी के लिए भी तैयार करना था। यह मेरे लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था कि उनकी बल्लेबाजी पर काम किया जाये। ईशांत सोचते थे कि वह अच्छी बल्लेबाजी नहीं कर सकते हैं, लेकिन हमने उन्हें उस टेस्ट मैच में मदद की और उन्होंने उसमें बहुत अच्छा प्रदर्शन किया।’ इशांत ने इस साझेदारी में 48 गेंदों का सामना किया था। कर्स्टन जिस मैच की बात कर रहे थे वह भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 1 से 5 अक्टूबर 2010 को मोहाली में खेला गया था। उस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को जीत के लिए 216 रन का लक्ष्य दिया था। इसके जवाब में भारतीय टीम ने 124 रन पर 8 विकेट खो दिये थे पर इसके बाद वीवीएस लक्ष्मण ने 73 आरे इशांत ने 31 रन बनाकर भारतीय टीम को जीत दिला दी।   

मैथ्यू फोर्ड बाहर, जोहान बने वेस्टइंडीज की वनडे टीम के नए सदस्य

नई दिल्ली वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच शुक्रवार से तीन वनडे मैचों की सीरीज शुरू हो रही है। वेस्टइंडीज को सीरीज की शुरुआत से पहले ही बड़ा झटका लगा है। तेज गेंदबाज मैथ्यू फोर्ड पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। 22 साल के मैथ्यू फोर्ड बुधवार को अभ्यास सत्र के दौरान कैच पकड़ने की कोशिश में अपना कंधा चोटिल कर बैठे। उनकी इंजरी गंभीर है और उन्हें वनडे सीरीज से बाहर होना पड़ा है। इसकी पुष्टि क्रिकेट वेस्टइंडीज ने की है। क्रिकेट वेस्टइंडीज ने अपने बयान में मैथ्यू फोर्ड के इंजरी की वजह से वनडे सीरीज से बाहर होने और उनकी जगह ऑलराउंडर जोहान लेने को टीम में जगह दिए जाने की पुष्टि की है। 21 साल के जोहान लेने का प्रदर्शन साउथ अफ्रीका ए के खिलाफ अच्छा रहा था। उसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका दिया गया है। वह तेज गेंदबाजी के बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। वेस्टइंडीज का हालिया प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। वेस्टइंडीज को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट में 0-3 से करारी हार झेलने के बाद टी20 सीरीज में भी 0-5 से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद पाकिस्तान से भी टीम टी20 सीरीज 1-2 से हारी। पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में टीम कैसा प्रदर्शन करती है। इस पर वेस्टइंडीज टीम मैनेजमेंट की नजर है। वेस्टइंडीज टीम के मुख्य कोच डैरन सैमी का मानना है कि पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी की दिशा में अहम है। उन्होंने कहा, “2027 विश्व कप के लिए स्वतः क्वालीफाई करने के हमारे प्रयासों के बीच पाकिस्तान एक अलग तरह की परीक्षा और चुनौती पेश करेगा। क्वालीफाई करना हमारा तात्कालिक लक्ष्य है, लेकिन दीर्घकालिक सफलता के लिए विजयी मानसिकता और टीम एकजुटता बनाए रखना आवश्यक है। उच्च रैंकिंग वाली पाकिस्तान जैसी टीमों के खिलाफ आगामी मैच विश्व कप से पहले हमारी स्थिति को बेहतर बनाने के लिए अहम है।” वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज ब्रायन लारा क्रिकेट अकादमी, त्रिनिदाद में खेली जाएगी। मैच 8, 10, और 12 अगस्त को होंगे। वेस्टइंडीज वनडे टीम: शाई होप (कप्तान), ज्वेल एंड्रयू, जेडिया ब्लेड्स, कीसी कार्टी, रोस्टन चेज, जस्टिन ग्रीव्स, आमिर जंगू, शमर जोसेफ, ब्रैंडन किंग, जोहान लेने, एविन लुईस, गुडाकेश मोटी, शेरफेन रदरफोर्ड, जेडन सील्स, रोमारियो शेफर्ड।  

टीम ने डब्ल्यूटीसी सफलता से बढ़कर ICC चैंपियनशिप को बनाया लक्ष्य: रबाडा

नई दिल्ली साउथ अफ्रीका ने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025 का खिताब जीता था। 1998 के बाद साउथ अफ्रीका की यह पहली आईसीसी ट्रॉफी थी। टीम के खिलाड़ियों ने जोरदार तरीके से इस जीत का जश्न मनाया। लेकिन, टीम के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने साथी खिलाड़ियों से विश्व टेस्ट चैंपियनशिप खिताब से आगे बढ़ने और अहम आईसीसी खिताबों पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की है। रबाडा ने कहा, “डब्ल्यूटीसी फाइनल में लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया को हराने की खुशी अपार थी। लेकिन साथियों को अब उस ऐतिहासिक जीत से आगे बढ़कर आगामी चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और आगामी प्रमुख आईसीसी खिताबों पर ध्यान देना चाहिए, जिसमें 2026 आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप और 2027 वनडे विश्व कप शामिल हैं।” आईसीसी ने रबाडा के हवाले से कहा, “जीत राहत की बात थी, लेकिन टी20 विश्व कप नजदीक आ रहा है। मुझे लगता है अब हमारा दृष्टिकोण थोड़ा अलग होगा। अब किसी चीज का डर नहीं है।” साउथ अफ्रीका को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन टी20 और तीन वनडे मैचों की सीरीज खेलनी है। इसकी शुरुआत रविवार से हो रही है। रबाडा का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज आगामी वैश्विक प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए काफी अहम होगी। रबाडा ने कहा, “ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच हमेशा जोरदार टक्कर देखने को मिलती रही है। हम जब भी ऑस्ट्रेलिया से खेलते हैं, तो हमेशा रोमांचक क्रिकेट खेला जाता है। ऐसा हमेशा लगता है कि वे हमसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाते हैं। मुझे यह पसंद है।” कगिसो रबाडा की साउथ अफ्रीका को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025 का खिताब दिलाने में अहम भूमिका रही थी। उन्होंने फाइनल में 9 विकेट लिए थे। कगिसो रबाडा की गिनती दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में होती है। 30 साल के इस गेंदबाज ने 2014 में डेब्यू किया था। वह 71 टेस्ट में 336, 106 वनडे में 168 और 65 टी20 में 71 विकेट ले चुके हैं।