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तुलसी-शमी का पौधा लगाने के वास्तु नियम: दूर होंगी जीवन की हर बाधा

भारत की प्राचीन संस्कृति और परंपरा में पेड़-पौधों को एक विशेष स्थान दिया गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, कुछ पौधों को घर में लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख-समृद्धि आती है। इन्हीं में से दो प्रमुख पौधे हैं तुलसी और शमी। दोनों का ही धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व बहुत गहरा है। माना जाता है कि इन्हें सही दिशा में और सही तरीके से लगाने से जीवन की कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। आइए जानते हैं तुलसी और शमी के पौधे से जुड़े वास्तु टिप्स और उनके फायदों के बारे में। तुलसी का पौधा तुलसी को हिंदू धर्म में बहुत ही पवित्र और पूजनीय माना जाता है। इसे मां लक्ष्मी का रूप माना गया है और लगभग हर भारतीय घर में इसे देखा जा सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी का पौधा घर के लिए एक सुरक्षा कवच का काम करता है, जो नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखता है। तुलसी लगाने की सही दिशा वास्तु के अनुसार, तुलसी का पौधा हमेशा घर के ईशान कोण या उत्तर दिशा में लगाना चाहिए। यह दिशा देवताओं की मानी जाती है, जिससे शुभ फल मिलते हैं। यदि संभव न हो तो इसे पूर्व दिशा में भी लगाया जा सकता है। शमी का पौधा शमी का पौधा भी भारतीय संस्कृति में बहुत महत्वपूर्ण है। इसे शनि देव से जोड़ा जाता है और माना जाता है कि इसे घर में लगाने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है। शमी को विजयदशमी के दिन पूजने की भी परंपरा है क्योंकि इसे शुभता और विजय का प्रतीक माना गया है। शमी लगाने की सही दिशा वास्तु शास्त्र के अनुसार, शमी का पौधा घर के बाहर मुख्य द्वार के पास लगाना चाहिए। इसे लगाते समय इस बात का ध्यान रखें कि जब आप घर से बाहर निकलें तो यह पौधा आपके बाईं ओर पड़े। अगर घर के बाहर जगह नहीं है, तो इसे छत पर दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य कोण) या पश्चिम दिशा में भी लगा सकते हैं। इसे घर के अंदर लगाने से बचें। तुलसी और शमी को एक साथ लगाने के नियम तुलसी और शमी के पौधों को कभी भी एक ही गमले में नहीं लगाना चाहिए। दोनों को अलग-अलग गमलों में रखें। दोनों पौधों को पास-पास लगाया जा सकता है, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि ये एक-दूसरे से सटे हुए न हों।  तुलसी को प्रतिदिन जल अर्पित करें और संध्या काल में उसके पास दीपक जलाएं। शमी के पौधे के नीचे शनिवार के दिन सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है।

आचार्य चाणक्य बताते हैं: सफलता पाने से पहले खुद से पूछें ये सवाल

जीवन में सफल होने के लिए कड़ी मेहनत के साथ-साथ आत्म मंथन की भी जरूरत होती है। जब तक इंसान को अपनी काबिलियत, हैसियत, और खुद की अहमियत का अंदाजा नहीं होगा, वो सही दिशा में कदम नहीं बढ़ा पाएगा। और बिना सही दिशा जानें तो सफलता की ओर एक पग बढ़ाना भी मुश्किल है। इसलिए अगर जीवन में सफल होना है, तो खुद के बारे में पूरी जानकारी होना जरूरी है और ये आपसे बेहतर भला कौन जानता है। इसलिए आगे बढ़ना है तो थोड़ा सा ठहरना भी जरूरी है। शांत मन से खुद को टटोलना भी जरूरी है और कुछ सवालों के जवाब ढूंढना भी जरूरी है। आचार्य चाणक्य भारत के इतिहास में हुए उन विद्वानों में से एक हैं, जिनकी बातें आज भी लोगों का मार्गदर्शन करने का काम कर रही हैं। उन्होंने जीवन के लगभग हर एक पहलू पर अपने स्पष्ट विचार रखे। जीवन में कोई भी व्यक्ति कैसे सफलता पा सकता है, इसपर तो आचार्य ने खूब लिखा। उन्होंने भी इस बात पर जोर दिया कि व्यक्ति को समय-समय पर खुद से कुछ जरूरी सवाल कर लेने चाहिए ताकि उसके सामने चीजें स्पष्ट हो सकें और वो अपने जीवन की सही राह चुन पाए। आइए जानते हैं आचार्य ने खुद से किन सवालों के जवाब तलाशने की बात कही है। कैसा चल रहा है समय हर इंसान के जीवन में उतार-चढ़ाव तो लगे ही रहते हैं। कभी सुख तो कभी दुख, जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। आपका समय कैसा चल रहा है, इसके बारे में समय-समय पर खुद से सवाल जरूर करते रहें। जीवन के उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय, इस पर आत्ममंथन करें। अगर जीवन में दुख है तो किन कारणों से है, उससे बाहर निकलने का समाधान क्या है; ये आपको तभी पता चलेगा जब आप शांत मन से इस पर विचार करेंगे। कौन है आपका सच्चा मित्र आपका सच्चा मित्र कौन है, इसके बारे में भी इंसान को जानकारी होना बहुत जरूरी है। हर इंसान के जीवन में कई तरह के लोग होते हैं लेकिन सब पर आंख मूंद कर भरोसा कर लेना समझदारी नहीं। अगर आपको जीवन में तरक्की पानी है, तो इंसान की परख होना जरूरी है। कौन सा इंसान आपका सच्चा साथी है और कौन सिर्फ दिखावे के लिए आपके साथ है, इस बात को भी आप तभी समझ पाएंगे जब खुद से एकांत में इसे लेकर सवाल करेंगे। कैसी जगह पर है आपका निवास स्थान इंसान जिस जगह पर रहता है, उस माहौल का उसके जीवन पर गहरा असर पड़ता है। इसलिए अपने माहौल को अच्छा रखना जरूरी है। हर इंसान को खुद से ये सवाल करना चाहिए कि वह जिन लोगों के साथ उठ- बैठ रहा है, क्या वो उसके लिए सही हैं। आपके आसपास के माहौल का आपके जीवन पर पॉजिटिव असर पड़ रहा है या नेगेटिव, इसके बारे में विचार करना जरूरी है। अगर आपके माहौल का आपके जीवन पर नेगेटिव असर पड़ रहा है तो उसे बदलने का प्रयास करें। कितनी है कमाई और कितना है खर्च इंसान अपने जीवन में तरक्की तभी हासिल करता है, जब उसे अपनी कमाई और खर्च के बीच बैलेंस बनाना आता है। वो कहावत तो आप सब ने सुनी होगी 'उतने पैर पसारिए जितनी लंबी सौर', इस कहावत का अर्थ है कि आदमी को अपनी आमदनी को ध्यान में रखकर ही खर्चा करना चाहिए। हर इंसान को इस पर विचार जरूर करना चाहिए कि उसकी कमाई कितनी है और उसका खर्चा कितना है। साथ ही कोशिश करनी चाहिए की जितनी कमाई हो, खर्च उससे कम ही हो और बचत की जा सके। क्या है आपकी काबिलियत हर इंसान में अलग अलग गुण होते हैं। किसी को पढ़ाई में रुचि है तो किसी को संगीत में, कोई अच्छी आर्ट बना सकता है तो कोई स्वादिष्ट खाना। इसके अलावा हर इंसान का इंटरेस्ट ऑफ एरिया भी अलग-अलग होता है। कोई बिजनेस करना चाहता है तो कोई इंजीनियर बनना चाहता है, किसी को डॉक्टर बनना है तो कोई एक्टर बनने के सपने देखता है। ऐसे में जीवन में सफल होने के लिए हर इंसान को अपनी काबिलियत जरूर पहचाननी चाहिए। किस काम में आपका मन लगता है और कौन से काम को आप आसानी से कर सकते हैं, इस पर विचार जरूर करें। अपनी काबिलियत को पहचानकर ही भविष्य की प्लानिंग करें। इसके बाद आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।

नवरात्र में जरूर करें तुलसी से जुड़ा ये उपाय, दूर होगी आर्थिक तंगी

सनातन धर्म में शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व बताया गया है. यह नौ दिवसीय पावन पर्व माता दुर्गा और उनकी नौ शक्तियों की आराधना का काल माना जाता है. मान्यता है कि इस अवधि में  सच्चे मन से उपासना करने से भक्त की मनोकामना जल्द पूरी होती है और जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्य का संचार होता है. इस साल शारदीय नवरात्र का शुभारंभ 22 सितंबर से हो चुका है और इसका समापन 1 अक्टूबर को होगा. ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र के दिनों में यदि तुलसी के पौधे से जुड़े कुछ विशेष उपाय किए जाएं, तो जीवन की कई कठिनाइयों से मुक्ति मिल सकती है. तुलसी को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र स्थान प्राप्त है. इसे माता लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है और घर में तुलसी का होना स्वयं में ही शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है. आइए जानते हैं नवरात्र में तुलसी पूजन से जुड़े कुछ खास उपाय और उनके चमत्कारी लाभ. सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ेगा नवरात्र के नौ दिनों में रोजाना तुलसी माता के पौधे के पास घी या तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना गया है. यह उपाय घर को  सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है और नकारात्मक शक्तियों को दूर करता है. दीपक जलाने से घर में शांति, सुख और सौभाग्य का वास होता है.  दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी  नवरात्र में तुलसी माता की पूजा करते समय उन्हें लाल चुनरी पहनाना और उनके पास शृंगार सामग्री जैसे कुमकुम, चूड़ी, बिंदी आदि अर्पित करना अत्यंत फलदायी होता है. यह उपाय विशेष रूप से दांपत्य जीवन को सुखमय बनाने वाला माना गया है. पति-पत्नी के बीच आपसी प्रेम और समझ बढ़ती हैॉ और घर-परिवार में सौहार्द का वातावरण बनता है.  आर्थिक तंगी दूर होगी यदि लंबे समय से आप आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, तो नवरात्र के दिनों में यह उपाय विशेष रूप से लाभकारी माना गया है. लाल कपड़े में तुलसी की कुछ पत्तियां बांधकर अपनी तिजोरी या धन रखने की जगह पर रखें. ऐसा करने से धन संबंधी परेशानियों का निवारण होता है और धीरे-धीरे धन-संपत्ति की वृद्धि होने लगती है. यह उपाय घर में स्थायी लक्ष्मी के वास का भी प्रतीक माना गया है.

आज का राशिफल (25 सितंबर): कुछ राशियों को मिलेगा सूर्य जैसा तेज़, जानें आपका दिन कैसा रहेगा

मेष मेष राशि का दिन हैप्पी-हैप्पी रहने वाला है। नए टास्क के प्रति अलर्ट रहें, जो आपको प्रमोशन भी दिला सकते हैं। अपना बेस्ट परिणाम देने के लिए पेशेवर चुनौतियों को सावधानी के साथ संभालें। आज आपकी लव लाइफ बेहतरीन रहेगी। वृषभ आज का आपका दिन शानदार रहने वाला है। धन-वृद्धि के योग बन रहे हैं। जिन लोगों को जॉब की तलाश थी, उनका सपना पूरा होता नजर आएगा। लव के मामले में कुछ लोगों को पेरेंट्स का सपोर्ट मिलेगा। मिथुन आज के दिन अपनी हेल्थ पर ध्यान दें। लव के मामले में उतार-चढ़ाव की सिचूऐशन बनी रहेगी। जिम्मेदारियों को नजरअंदाज न करें। कुछ व्यापारियों को नई पार्टनरशिप भी मिल सकती है। हर काम में सफलता हासिल होगी। कर्क आज के दिन आपके लिए शुभ माना जा रहा है। पार्टनर के साथ आपकी दूरियां धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगी। सेहत आपका साथ देगी। पैसों के मामले में आज लेन-देन करते वक्त सावधानी बरतने की एडवाइस दी जाती है। सिंह आज के दिन पॉजिटिव दृष्टिकोण बनाए रखें। आपके लिए विकास, भावनात्मक सफलता और आश्चर्यजनक अवसरों का वादा करता है। करियर के मामले में नए टास्क पाने के लिए खुद को तैयार कर लें। कन्या आज के दिन पॉजिटिव सोच बनाए रखें। अपने लॉंग टर्म लक्ष्यों पर कायम रहना आपके लिए अच्छा रहेगा। स्ट्रेस से दूर रहें। आज अपनी मेंटल हेल्थ पर फोकस करना चाहिए। काम का प्रेशर ज्यादा लेने से मेंटल हेल्थ और फिजिकल हेल्थ भी प्रभावित होती है। तुला आज के दिन आपके लिए विकास और रोमांस के अवसरों से भरपूर रहेगा। वहीं, वित्त के मामले में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। नए अनुभवों के लिए खुले रहें लेकिन जहां आवश्यक हो वहां, सतर्क भी रहें। वृश्चिक आज के दिन डाइट को हेल्दी रखें। लव के मामले में दिन रोमांटिक रहेगा। प्रोग्रेस करने के लिए बैलेंस की आवश्यकता होती है। अप्रत्याशित चुनौतियां सामने आ सकती हैं, फिर भी खुद को संतुलित करते हुए आगे बढ़ते रहें। धनु आज के दिन आज धन का आगमन होगा। सेहत के मामले में फिटनेस पर ध्यान दें। अचानक खर्चे सामने आ सकते हैं। प्रोडक्टिव बने रहें। आपके लिए आज का दिन थोड़ा बिजी-बिजी रहन वाला है। स्ट्रेस दूर होगा। मकर आज के दिन कामकाज के चक्कर में अपनी पर्सनल लाइफ से समझौता करना ठीक नहीं है। पैसे कमाने में कोई प्रॉब्लम नहीं आएगी। कुछ लोगों को ओवरटाइम करना पड़ सकता है। परिवार और दोस्तों के लिए भी समय निकालें। कुंभ आज के दिन वर्क-लाइफ बैलेंस मेन्टेन करके आगे बढ़ें। आज किसी पुराने इनवेस्टमेंट से तगड़ा प्रॉफिट मिल सकता है। डेडलाइन के भीतर टास्क कंप्लीट कर लेने की सलाह दी जाती है। किसी भी बहस में पड़ने से बचें। मीन आज का आपका दिन इनोवेटिव विचारों पर फोकस करने वाला दिन है। अपने प्रोफेशनल जीवन में चुनौतियों के साथ-साथ रचनात्मकता की उम्मीद करें। नई शुरुआत को खुली बांहों से अपनाएं।

नवरात्रि व्रत का अंत और कन्या पूजन का महत्व

हिंदू धर्म में नवरात्रि को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दौरान नौ दिनों तक माता दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की उपासना करने के बाद दसवें दिन व्रत का समापन कन्या पूजन से किया जाता है. इसे कन्या भोज भी कहा जाता है. नवरात्रि व्रत का समापन कन्या पूजन से किया जाता है, इसके पीछे गहरा धार्मिक, आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व छिपा है. नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना और पूजा-अर्चना की जाता है. व्रत, पूजन-अर्चना नवरात्रि व्रत की पहचान हैं. इस दौरान कन्या पूजन का क्या महत्व है और यह क्यों किया जाता है जानते हैं. कन्या पूजन का धार्मिक महत्व शास्त्रों में कहा गया है कि कन्या ही देवी का जीवंत स्वरूप हैं. माता दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए 2 से 10 वर्ष तक की कन्याओं को देवी के रूप में पूजकर उन्हें भोजन कराना शुभ माना जाता है. कन्या पूजन को सिद्धिदात्री देवी की पूजा से जोड़ा जाता है, जो नवरात्रि के अंतिम दिन आराधित होती हैं. पौराणिक मान्यता देवी भागवत पुराण के अनुसार, जब देवताओं ने मां दुर्गा से असुरों के नाश का आग्रह किया, तो देवी ने कहा कि कन्याओं के रूप में मेरी पूजा करने से ही शक्ति की प्राप्ति होती है. महिषासुर वध के उपरांत देवताओं ने कन्याओं की पूजा कर मां दुर्गा को धन्यवाद दिया था. तभी से नवरात्रि व्रत का समापन कन्या पूजन से करने की परंपरा चली आ रही है. आध्यात्मिक दृष्टिकोण कन्या पूजन स्त्री शक्ति का सम्मान है. कन्याओं को अन्न, वस्त्र और उपहार देकर यह संदेश दिया जाता है कि नारी ही सृष्टि की जननी और पालनहार है. यह कर्म संतानों में सुख-समृद्धि, परिवार में शांति और घर में सकारात्मक ऊर्जा लाता है. कन्या पूजन की विधि घर पर आमंत्रित की गई 7, 9 या 11 कन्याओं को स्नान कराकर आसन पर बैठाएं. उनके चरण धोकर आचमन कराएं और तिलक करें. उन्हें पूरी, चना और हलवा का भोजन कराएं. कन्याओं को दक्षिणा, उपहार और लाल चुनरी भेंट करें. अंत में उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें. कन्या पूजन से मिलने वाले लाभ घर में लक्ष्मी और सरस्वती का वास होता है. सभी प्रकार के संकट और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है. नवरात्रि व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है.

अपने मन को रखें पॉजिटिव, चाहे आसपास हों निगेटिव लोग

पढ़ाई में पिछड़ने का डर, ऑफिस में असफल होने का विचार, दूसरों से कमतर होने का भय- ये सभी नकारात्मक विचार हैं, जो हमें दिन-रात परेशान कर सकते हैं। जर्नल ऑफ साइकोलॉजिकल रिसर्च के अनुसार, हमारे 80% विचार नकारात्मक होते हैं। ये सभी विचार जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं-रिश्ते, काम, स्कूल पर आधारित होते हैं। इनमें से ज्यादातर विचार दूसरों के द्वारा कही गई बातों पर आधारित होते हैं। दरअसल, रोजमर्रा के जीवन में हमें घर-बाहर कई ऐसे लोगों का सामना करना पड़ सकता है, जो न केवल नकारात्मक बातें कहते हैं, बल्कि उनका व्यवहार भी नकारात्मक होता है। कैसे प्रभावित करती है नकारात्मकता जर्नल ऑफ मेंटल हेल्थ में प्रकाशित शोध बताते हैं कि अगर आप लगातार नकारात्मकता यानी निगेटिविटी से सामना करती रहती हैं, तो यह मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा सकती है। यह डिमेंशिया के जोखिम को बढ़ा सकती है। यह कुछ लोग हमेशा दूसरों के सामने अपना दुखड़ा रोते रहते हैं। किसी और के प्रति अपनी भड़ास निकालते रहते हैं। मनस्थली की संस्थापक और सीनियर साइकोलोजिस्ट डॉ. ज्योति कपूर बताती हैं, ‘ऐसे लोगों की बातों को सुनने में अपनी ऊर्जा खर्च करने की बजाय उन्हें उनकी सीमाओं के बारे में विनम्रता से बता दें। उन्हें दृढ़ता के साथ बताएं कि आप लगातार नकारात्मक बातें नहीं सुन सकती हैं। नकारात्मक विषयों पर चर्चा करना भी आपके लिए मुश्किल है। कई बार लंच के दौरान कुछ सहकर्मी शिकायतों का पिटारा खोल देते हैं। आप उसी समय उन्हें टोक दें और किसी भी नकारात्मक बातचीत को सख्ती के साथ मना कर दें। यह आपकी मानसिक सेहत के लिए सबसे अधिक जरूरी है।’ कारण समझने की कोशिश करें डॉ.  कहना हैं की , ‘कई बार व्यक्ति नकारात्मक लोगों से घिरा होता है और उनके कारण वह व्यथित होता रहता है। इसलिए यदि कोई व्यक्ति उसकी बात सुन लेता है, तो वह उसके सामने नियमित रूप से अपनी पीड़ा प्रकट करने लगता है। यदि आप सुनने वालों में से एक हैं, तो उस व्यक्ति के नकारात्मक होने का कारण समझने की कोशिश करें। इससे उनसे निपटना आसान हो जाएगा। आप उन चुनौतियों पर विचार कर सकती हैं, जिनका वे सामना कर रहे हैं, ताकि आप उनकी नकारात्मकता के प्रति सहानुभूति रख सकें। आप उनकी समस्याओं के समाधान प्रस्तुत करने की भी कोशिश करें। इससे आप व्यक्तिगत रूप से सामने वाले की नकारात्मकता से कम प्रभावित होंगी।’ साथ करें गतिविधियां अगर आप किसी व्यक्ति की नकारात्मकता से परेशान हैं, तो उसे अपर्नी ंजदगी से पूरी तरह से बाहर करने के बारे में नहीं सोचें। आप उससे मिलना-जुलना कम कर सकती हैं। इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि आप किसी नकारात्मक व्यक्ति के साथ बहुत अधिक समय नहीं बिताएं। उनके साथ अपनी मुलाकात की समय-सीमा छोटी रखें। यदि उनसे रोज मिलना होता है, तो ऐसी गतिविधियां शेड्यूल करें, जिससे आपकी उनके साथ होने वाली बातचीत सीमित हो जाए। उनके साथ फिल्म देखने या कोई गेम खेलने की योजना बना सकती हैं। लें ध्यान-योग का सहारा किसी नकारात्मक व्यक्ति के साथ समय बिताने से पहले ध्यान और गहरी सांस लेने, अनुलोम-विलोम जैसी योगिक प्रक्रियाएं अवश्य करें। इससे आपको अपना ध्यान केंद्रित करने और शांत बने रहने में मदद मिलेगी। जब आप नकारात्मक व्यक्ति के साथ हों, तो अपनी सांसों पर ध्यान दें और वर्तमान में रहने की कोशिश करें। जर्र्नंलग या कम दूरी के लिए टहलना जैसी गतिविधियों के माध्यम से तनाव को दूर करने के लिए समय निकालें। नकारात्मक व्यक्ति को भी हमेशा ध्यान-योग से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। ध्यान-योग से मानसिक सेहत मजबूत होती है और व्यक्ति का मन भी सकारात्मक विचारों से भरता है। राय बनाने से बचें किसी को नकारात्मक मान लेना और उसकी भावनाओं को खारिज करना आसान है। पर, ऐसा करने से सामने वाले के साथ तनाव और गलतफहमी पैदा हो सकती है। यह भी संभव है कि उस व्यक्ति के पास दूसरे गुण हों। अपनी राय बनाने की बजाय उनके प्रति दयालु बनें। उनकी नकारात्मकता को उनके अनुभवों और संघर्षों के प्रर्तिंबब के रूप में देखने का प्रयास करें। उनके प्रति सहानुभूति रखते हुए उनसे ईमानदारी के साथ बातचीत करें। बातचीत को सकारात्मक बनाए रखने के तरीके उन्हें भी बताएं। सामने वाले के दृष्टिकोण को सुनने का भी प्रयास करें। नकारात्मक होने के कारण उनसे सम्मानपूर्वक संवाद करना कभी नहीं छोड़ें। निर्णय लेने से बचें और अपना खुद का सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित करें।

घर में दिख रहे ये संकेत बता सकते हैं वास्तु दोष, न करें नजरअंदाज

अगर आप अपने घर में वास्तु नियमों का ध्यान रखते हैं, तो इससे पॉजिटिव एनर्जी का प्रवाह बना रहता है। वहीं इन नियमों की अनदेखी करने पर आपको वास्तु दोष का सामना करना पड़ सकता है, तो कई समस्याओं का कारण बन जाता है। ऐसे में अगर आपको भी ये संकेत मिल रहे हैं, इससे बचने के लिए आपको ये उपाय करने चाहिए। मिलता है ये संकेत घर में बिना वजह घर में क्लेश की स्थिति बने रहना भी वास्तु दोष का ही एक लक्षण है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए आपको नैऋत्य कोण यानी दक्षिण-पश्चिम दिशा से संबंधित नियमों का ध्यान रखना चाहिए। इस दिशा में आपको भारी सामान रखना चाहिए और विधिवत रूप से वास्तु पिरामिड स्थापित करना चाहिए। ऐसे दूर करें वास्तु दोष वास्तु दोष के कारण घर में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बनी रहती हैं और कोई-न-कोई सदस्य हमेशा बीमार बना रहता है। ऐसे में आपको इस बात का पूर्ण रूप से ध्यान रखना चाहिए कि आपके ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में टॉयलेट नहीं होना चाहिए। यह वास्तु दोष का कारण बन सकता है। आपको वास्तु दोष से मुक्ति पाने के लिए इस दिशा में तुलसी का पौधा लगाना चाहिए। धन संबंधी समस्या से मिलेगा छुटकारा घर में वास्तु दोष के होने पर व्यक्ति को धन संबंधित समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में इससे बचने के लिए आपको उत्तर दिशा के नियमों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि इस दिशा का कुबेर देव से जोड़कर देखा गया है। इस दिशा में साफ-सफाई रखें और वास्तु यंत्र की स्थापना करें। कर सकते हैं ये उपाय घर में वास्तु दोष लगने पर आप वास्तु शांति का पाठ करवा सकते हैं। वास्तु दोष से बचने के लिए कपूर जलाएं, घर के कोने-कोने में दिखाएं। घर को साफ-सुथरा और हवादार रखें। घर में तुलसी व हरे पौधे लगाएं और सुबह-शाम तुलसी पर दीपक भी जलाएं। ऐसा करने से वास्तु दोष दूर करने में मदद मिल सकती है। साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास भी बना रहता है।  

महानवमी विशेष: पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में करें कन्या पूजन, जानें शुभ समय

नई दिल्ली  आदिशक्ति मां दुर्गा के उत्‍सव का महापर्व शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर से प्रारंभ हो चुका है। इस साल शारदीय नवरात्रि 10 दिन के हैं। दरअसल नवरात्र में दस दिन का योग बहुत उत्तम है। इस साल चतुर्थी तिथि दो बार होने के कारण शारदीय नवरात्र दस दिन के हैं। अब ऐसे में कन्या पूजन और महाष्टमी तिथि को लेकर कंफ्यूजन है।इस साल महाष्टमी तिथि 30 सितंबर को है। इस दिन कन्या पूजन होगा। इस दिन शोभन योग बन रहा है। इसके अलावा इस दिन पूर्वाषाढा नक्षत्र रहेगा। इस बार नवरात्रि के 10वें दिन कन्या पूजन कर उपवास खोला जाएगा।  28 को बिलवाभिमंत्रण दो अक्टूबर को अपराजिता पूजन 28 सितंबर रविवार को बिलवाभिमंत्रण व देवी बोधन आमंत्रण पूजन की जाएगी। वहीं, 29 सितंबर को पत्रिका प्रवेश, पूजन मूर्ति स्थापन के बाद पट खुलते ही भक्त देवी दर्शन कर सकेंगे। उसी रात महानिशा पूजन की जाएगी। महाष्टमी व्रत 30 सितंबर को होगा। एक अक्टूबर को नवमी के दिन हवन और दो अक्टूबर को अपराजिता पूजन और विजया दशमी मनाई जाएगी। अष्टमी तिथि का प्रारंभ 29 सितंबर शाम करीब 4:31 बजे से होगा और समाप्ति 30 सितंबर शाम 6:06 बजे पर होगी। इसके अगले दिन नवमी तिथि का प्रारंभ 30 सितंबर को शाम करीब 6:06 बजे होगा और समाप्ति 1 अक्टूबर को शाम 7:01 बजे होगी। नवरात्र के आठवें दिन किसकी होती है पूजा नवरात्रि के आठवे दिन मां दुर्गा के महागौरी की पूजा की जाती है। कहीं, कहीं इस दिन कन्या पूजन होता है। इस का बहुत अधिक महत्व है, क्यों कि पौराणिक कथाओं के अनुसार महाअष्टमी के दिन ही देवी दुर्गा ने राक्षस महिषासुर का वध किया था। इसलिए इस दिन कन्या पूजन और हवन किया जाता है। छोटी कन्याओं को मां स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है और उनको हलवा -चने और पूरी का भोग लगाकर उपहार दिया जाता है। कन्या पूजन के लिए शुभ मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त 04:37 ए एम से 05:25 ए एम अभिजित मुहूर्त 11:47 ए एम से 12:35 पी एम विजय मुहूर्त 02:10 पी एम से 02:58 पी एम अमृत काल 02:56 ए एम, अक्टूबर 01 से 04:40 ए एम  

किस्मत बदलने के लिए आज ही करें ये माँ दुर्गा के 5 विशेष मंत्रों का जाप

शारदीय नवरात्र की शुरुआत चुकी है। यह पावन पर्व पूरे नौ दिनों तक चलता है और हर दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूप की पूजा का विधान है। मान्यता है कि इन दिनों देवी की भक्ति करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। नवरात्र के पहले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और शुद्ध मन से मां दुर्गा की आराधना करें। इसके बाद मां पार्वती के 108 नामों का जाप करें और अंत में माता रानी की आरती करें। ऐसा करने से देवी प्रसन्न होती हैं और जीवन में सौभाग्य, धन और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। ।।मां पार्वती के 108 नाम।। ॐ पार्वतीयै नमः ॐ महा देव्यै नमः ॐ जगन्मात्रे नमः ॐ सरस्वत्यै नमः ॐ चण्डिकायै नमः ॐ लोक जनन्यायै नमः ॐ सर्वदेवादि देवतायै नमः ॐ शिवदुत्यै नमः ॐ विशालाक्ष्यै नमः ॐ चामुण्डायै नमः ॐ विष्णु सोदर्यै नमः ॐ चित्कलायै नमः ॐ चिन्मयाकरायै नमः ॐ महिषासुर मर्दन्यायै नमः ॐ कात्यायन्यै नमः ॐ काला रूपायै नमः ॐ गौरीयै नमः ॐ परमायै नमः ॐ ईशायै नमः ॐ नागेन्द्र तनयै नमः ॐ रौद्र्यै नमः ॐ कालरात्र्यै नमः ॐ तपस्विन्यै नमः ॐ गिरिजायै नमः ॐ मेनकथमजयै नमः ॐ भवन्यै नमः ॐ जनस्थानायै नमः ॐ वीर पथ्न्यायै नमः ॐ विरुपाक्ष्यै नमः ॐ वीराराधिथयै नमः ॐ हेमा भासयै नमः ॐ सृष्टि रूपायै नमः ॐ सृष्टि संहार करिण्यै नमः ॐ मातृकायै नमः ॐ महागौर्यै नमः ॐ रामायै नमः ॐ रामायै नमः ॐ शुचि स्मितयै नमः ॐ ब्रह्म स्वरूपिण्यै नमः ॐ राज्य लक्ष्म्यै नमः ॐ शिव प्रियायै नमः ॐ नारायण्यै नमः ॐ महा शक्तियै नमः ॐ नवोदयै नमः ॐ भाग्य दायिन्यै नमः ॐ अन्नपूर्णायै नमः ॐ सदानंदायै नमः ॐ यौवनायै नमः ॐ मोहिन्यै नमः ॐ सथ्यै नमः ॐ ब्रह्मचारिण्यै नमः ॐ शर्वाण्यै नमः ॐ देव मात्रे नमः ॐ त्रिलोचन्यै नमः ॐ ब्रह्मण्यै नमः ॐ वैष्णव्यै नमः ॐ अज्ञान शुद्ध्यै नमः ॐ ज्ञान गमयै नमः ॐ नित्यायै नमः ॐ नित्य स्वरूपिण्यै नमः ॐ कमलयै नमः ॐ कमलाकारायै नमः ॐ रक्तवर्णयै नमः ॐ कलानिधाय नमः ॐ मधु प्रियायै नमः ॐ कल्याण्यै नमः ॐ करुणायै नमः ॐ हरवः समायुक्त मुनि मोक्ष परायणै नमः ॐ धराधारा भवायै नमः ॐ मुक्तायै नमः ॐ वर मंत्रायै नमः ॐ शम्भव्यै नमः ॐ प्रणवथ्मिकायै नमः ॐ श्री महागौर्यै नमः ॐ रामजानयै नमः ॐ यौवनाकारायै नमः ॐ परमेष प्रियायै नमः ॐ परायै नमः ॐ पुष्पिन्यै नमः ॐ पुष्प कारायै नमः ॐ पुरुषार्थ प्रदायिन्यै नमः ॐ महा रूपायै नमः ॐ महा रौद्र्यै नमः ॐ कामाक्ष्यै नमः ॐ वामदेव्यै नमः ॐ वरदायै नमः ॐ वर यंत्रायै नमः ॐ काराप्रदायै नमः ॐ कल्याण्यै नमः ॐ वाग्भव्यै नमः ॐ देव्यै नमः ॐ क्लीं कारिण्यै नमः ॐ संविधेय नमः ॐ ईश्वर्यै नमः ॐ ह्रींकारं बीजायै नमः ॐ भय नाशिन्यै नमः ॐ वाग्देव्यै नमः ॐ वचनायै नमः ॐ वाराह्यै नमः ॐ विश्व तोशिन्यै नमः ॐ वर्धनेयै नमः ॐ विशालाक्ष्यै नमः ॐ कुल संपत् प्रदायिन्यै नमः ॐ अरथ धुकच्छेद्र दक्षायै नमः ॐ अम्बायै नमः ॐ निखिला योगिन्यै नमः ॐ सदापुरा स्थायिन्यै नमः ॐ तरोर्मुला तलंगथयै नमः।।

आज किस्मत के सितारे होंगे बुलंद! 24 सितंबर को चमकेंगी ये राशियां

मेष आज के दिन आपको खुद पर ध्यान देना चाहिए। सहपाठियों के साथ मेल-जोल बढ़ाना आपकी प्रोफेशनल लाइफ के लिए बेहतर साबित हो सकता है। अपनी फैमिली मेंबर्स के साथ वक्त बिताएं। आर्थिक स्थिति कमजोर पड़ सकती है। इसलिए सूझ-बूझ के साथ ही निर्णय लें। वृषभ आज के दिन छात्रों को मन लगाकर पढ़ाई करने की सलाह दी जाती है। नयी प्रॉपर्टी खरीदने के आसार नजर आ रहे हैं। आपके लिए उतार-चढ़ाव वाला हो सकता है। कॉम्पीटीशन की कमी के चलते आपकी प्रोडक्टिविटी पर भी असर पड़ सकता है। मिथुन आज के दिन कमाई में वृद्धि होगी। जहां पारिवारिक बंधन मजबूत होंगे वहीं, जीवनसाथी की तलाश में आपको निराशा झेलनी पड़ सकती है। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं। टास्क पर फोकस करना आपके लिए बेहतर साबित हो सकता है। कर्क आज के दिन सोच-समझकर फाइनेंशियल डिसीजन लेना आपके लिए बेहतर रहेगा। अपने प्रेम-संबंधों को मजबूत बनाने के लिए पार्टनर से खुलकर बात-चीत करें और उन्हें समय दें। स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए हेल्दी डाइट लें। सिंह आज के दिन अपनी मेन्टल हेल्थ का ध्यान रखें। घर के सदस्यों और अपने पार्टनर के साथ टाइम स्पेंड करें। करियर में फोकस बनाए रखने की जरूरत है। वहीं, यात्रा के दौरान कुछ दिक्कतें आ सकती हैं। कन्या आज के दिन आपको आपके पार्टनर का पूरा साथ मिलेगा। वहीं, परिवार के कुछ सदस्यों से मतभेद होने की भी संभावना है। अपनी आर्थिक व्यवस्था को सुधारने के लिए आप प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट कर सकते हैं। कुछ लोग ट्रिप पर भी जा सकते हैं। तुला आज के दिन व्यवसायिक मुद्दों पर संयम बरतने की जरूरत है। प्रेम-संबंधों में मधुरता आएगी। अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ वक्त बिताएं और ट्रिप पर जाएं। दिन शुभ रहने वाला है। आर्थिक स्थितियां सही रहेंगी लेकिन फालतू के खर्चों से बचें। वृश्चिक आज के दिन आर्थिक मामलों में किस्मत साथ देगी। कुछ लोगों के लिए घूमने जाने के योग बनते भी दिख रहे हैं। थोड़ी बहुत चुनौतियां आ सकती हैं, जिन्हें आप आसानी से पार कर लेंगे। समय आपके लिए रोमांस से भरपूर रहने वाला है। धनु आज के दिन प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करने से बचें। यात्रा पर जाने के प्लान बन सकते हैं। आपको पॉजिटिव बदलाव देखने को मिल सकते हैं। करियर में सफलता मिलेगी। घर के सदस्यों के साथ संबंध मजबूत होंगे। मकर आज के दिन आपके लिए समय रोमांचक भरा रहने वाला है। जीवनसाथी के साथ अच्छा वक्त बिताएंगे। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने के आसार हैं। किसी करीबी से गिफ्ट मिलने की संभावना है। आपका स्वास्थ्य भी आपका साथ देगा। कुंभ आज का दिन आपके लिए आत्मविश्वास से भरपूर रहने वाला है। रोमांटिक लाइफ में उथल-पुथल हो सकती है। परिवार के सदस्यों के साथ मधुरता बनाए रखें। अपने स्वास्थ्य को अनदेखा न करें। धन का मामला पॉजिटिव रहेगा। मीन आज के दिन मीन राशि वाले आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प से भरपूर रहेंगे। निवेश करना लाभदायक हो सकता है। प्रेम संबंध मजबूत होंगे साथ ही पार्टनर से स्पेशल मैसेज भी दिन के अंत तक मिल सकता है।