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पेसमेकर प्रत्यारोपण के लिए 8.91 लाख रुपये की सहायता, एम्स रायपुर में सफल उपचार

रायपुर मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए गंभीर बीमारियों के उपचार में आर्थिक संबल बन रही है। योजना के माध्यम से उपचार के लिए मिली सहायता ने रायगढ़ जिले के खरसिया विकासखंड के ग्राम महुंआपाली निवासी मुकेश कुमार शर्मा के लिए मुश्किल समय में नई उम्मीद जगाई। हृदय संबंधी गंभीर बीमारी के उपचार एवं पेसमेकर प्रत्यारोपण के लिए उन्हें योजना के तहत 8 लाख 91 हजार 778 रुपये की सहायता स्वीकृत की गई। इसके बाद एम्स रायपुर में उनका सफल उपचार किया गया और पेसमेकर प्रत्यारोपित किया गया। अचानक सीने में दर्द के बाद सामने आई गंभीर हृदय समस्या श्री मुकेश कुमार शर्मा को अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। परिजन उन्हें उपचार के लिए रायपुर लेकर पहुंचे। चिकित्सकों द्वारा आवश्यक जांच किए जाने पर ईसीजी और इको में हृदय संबंधी गंभीर समस्या सामने आई। चिकित्सकों ने तत्काल उपचार की आवश्यकता बताई और उनका उपचार एम्स रायपुर में शुरू किया गया। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना बनी आर्थिक संबल मुकेश का उपचार 18 जुलाई 2024 से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर में शुरू हुआ। उपचार के दौरान परिजनों को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, रायगढ़ की आयुष्मान शाखा के माध्यम से मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना की जानकारी मिली। पात्रता के अनुसार परिजनों ने योजना के तहत आवेदन प्रस्तुत किया। आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद पेसमेकर प्रत्यारोपण के लिए 8 लाख 91 हजार 778 रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई। शासकीय सहायता मिलने से उपचार का आर्थिक बोझ कम हुआ और एम्स रायपुर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में मुकेश का सफल उपचार एवं पेसमेकर प्रत्यारोपण किया गया। सफल उपचार के बाद सामान्य जीवन की ओर लौटे मुकेश उपचार के बाद मुकेश कुमार शर्मा अब स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं। सेवा संकल्प अभियान के दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए गंभीर बीमारी का उपचार कराना बड़ी चुनौती होता है। ऐसे कठिन समय में मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से मिली आर्थिक मदद उनके परिवार के लिए बड़ा संबल बनी। मुकेश ने उपचार के लिए मिली सहायता के प्रति राज्य शासन और स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग से उन्हें समय पर उपचार मिल सका और उनके जीवन में नई उम्मीद जगी। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना उनके जैसे जरूरतमंद परिवारों के लिए कठिन परिस्थितियों में सहारा बन रही है।

खिलाड़ियों के लिए बढ़ेंगे अवसर, खेल संघों से बेहतर संवाद और समन्वय पर खेल विभाग का फोकस

रायपुर  प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों के लिए अधिक से अधिक अवसर और मंच तैयार करने खेल एवं युवा कल्याण विभाग खेल संघों के साथ बेहतर संवाद और समन्वय पर जोर दे रहा है। खेल गतिविधियों को जिला स्तर तक विस्तार देने के साथ खेल प्रतिभाओं की खोज और उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में खेल विभाग और खेल संघ कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो ने आज राज्य के खेल संघों के पदाधिकारियों की बैठक लेकर गतिविधियों में तेजी लाने और आपसी समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए। राजधानी रायपुर स्थित खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालनालय में आयोजित बैठक में प्रदेश के 25 से अधिक प्रमुख राज्य खेल संघों के पदाधिकारी शामिल हुए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक श्री प्रभाकर पाण्डेय, उप संचालक (वित्त) श्री रवि अग्रवाल, सहायक संचालक श्री रुस्तम सारंग और खेल अधिकारी श्री गिरीश शुक्ला भी बैठक में मौजूद थे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो ने सभी खेल संघों को अपना वार्षिक खेल कैलेंडर अनिवार्य रूप से खेल संचालनालय को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेल गतिविधियों की पूर्व नियोजित जानकारी उपलब्ध होने से विभाग और संघ मिलकर प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण तथा खिलाड़ियों के लिए आवश्यक सुविधाओं की बेहतर तैयारी कर सकेंगे। उन्होंने प्रदेश के सभी 33 जिलों में जिला स्तरीय खेल संघों के चरणबद्ध पंजीयन और विभागीय मान्यता की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने पर भी विशेष जोर दिया। बैठक में बस्तर और सरगुजा संभाग के साथ दूरस्थ अनुसूचित क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। सुश्री खलखो ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को अवसर केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि जिलों और दूरस्थ क्षेत्रों से निकलने वाली प्रतिभाओं को भी प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के पर्याप्त मंच मिलें। इसके लिए जिला स्तर पर खेल संघों की सक्रिय भूमिका अहम है। खेल संचालक ने वर्तमान में जारी टॉप-100 एथलीट्स में शामिल अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों से संबंधित अप्राप्त जानकारी भी जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और सुगमता के साथ खिलाड़ियों से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित रूप से उपलब्ध रखने को कहा। खेल संघों और विभाग के बीच नियमित संवाद को संस्थागत रूप देने के लिए बैठक में संयुक्त रिव्यू समिति के गठन की घोषणा भी की गई। यह समिति खेल गतिविधियों की प्रगति, खिलाड़ियों से जुड़े विषयों और संघों की आवश्यकताओं की नियमित समीक्षा करेगी। इसके अलावा खेल संस्थाओं के पंजीयन से संबंधित विषयों पर रजिस्ट्रार फर्म एवं सोसाइटी कार्यालय के साथ समन्वय बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में खिलाड़ियों को डोपिंग के दुष्प्रभावों और प्रतिबंधित पदार्थों के संबंध में जागरूक करने के लिए डोपिंग सेमिनार आयोजित करने पर भी सहमति बनी। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने खेल संघों से विभाग के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए प्रदेश में खेल गतिविधियों को व्यापक और प्रभावी बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई। राज्य शासन की मंशा है कि खेल संघों की विशेषज्ञता और विभागीय संसाधनों को साथ लेकर प्रदेश में ऐसा मजबूत खेल तंत्र विकसित किया जाए, जिसमें हर स्तर के खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए प्रतियोगिता, प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें। इसके लिए खेल विभाग संघों के साथ नियमित संवाद, साझा समीक्षा और जिला स्तर तक मजबूत नेटवर्क पर जोर दे रही है।

सेवा संकल्प अभियान: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प से आत्मनिर्भरता की राह पर रानू कैवर्त

रायपुर  गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड की ग्राम पंचायत अंडी निवासी मती रानू कैवर्त की सफलता ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान से जुड़कर मती रानू कैवर्त ने अपने हुनर, मेहनत और उपलब्ध संसाधनों को आजीविका के विभिन्न साधनों से जोड़ा और आज उनकी वार्षिक आय लगभग 2 से 3 लाख रुपये तक पहुंच गई है। रानू कैवर्त शिव गुरु महिला स्व-सहायता समूह की सचिव हैं। बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें समूह के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। उन्होंने समूह से प्राप्त सहयोग और मार्गदर्शन का उपयोग करते हुए एक ही व्यवसाय पर निर्भर रहने के बजाय कई आजीविका गतिविधियों को अपनाया। सिलाई कार्य, कपड़ों की दुकान, किराना स्टोर, बटेर पालन, देशी मुर्गी पालन और हैचरी जैसे कार्यों को उन्होंने अपनी आर्थिक गतिविधियों का हिस्सा बनाया। इन प्रयासों ने न केवल उनकी आय के स्रोतों में विस्तार किया, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया। आज मती रानू कैवर्त अपनी मेहनत और बहुआयामी आजीविका गतिविधियों के माध्यम से सालाना लगभग 2 से 3 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं और लखपति दीदी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प से महिलाओं को मिला नया अवसर रानू कैवर्त की सफलता को ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की उस व्यापक पहल से जोड़कर देखा जा सकता है, जिसमें प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने ‘लखपति दीदी’ के संकल्प को प्रमुखता दी है। केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के तहत स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आजीविका, वित्तीय समावेशन, कौशल, उद्यमिता और संस्थागत ऋण तक पहुंच के लिए सहायता दी जाती है। लखपति दीदी पहल इसी मिशन का एक परिणाम है, जिसका उद्देश्य स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों को टिकाऊ आधार पर कम से कम एक लाख रुपये वार्षिक आय अर्जित करने में सक्षम बनाना है। केन्द्र सरकार के अनुसार जुलाई 2026 तक देशभर में 10.08 करोड़ ग्रामीण परिवारों को लगभग 92 लाख स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जा चुका था और 3.46 करोड़ से अधिक महिलाएं लखपति दीदी के रूप में सक्षम हुई थीं। छत्तीसगढ़ में भी लाखों महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ीं केन्द्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत   2.79 लाख स्व-सहायता समूह सक्रिय थे और लगभग 29.78 लाख महिलाएं इस कार्यक्रम से लाभान्वित हो रही थीं। यह व्यवस्था महिलाओं को केवल समूह से जोड़ने तक सीमित नहीं है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्व-सहायता समूहों को वित्तीय समावेशन, टिकाऊ आजीविका और सामुदायिक संस्थाओं के सशक्तिकरण से जोड़ा जाता है। केन्द्र सरकार की ओर से समूहों को रिवॉल्विंग फंड और कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड जैसी सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान भी है, जिससे महिलाएं अपनी आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए पूंजी और संस्थागत सहयोग प्राप्त कर सकें। एक नहीं, कई आजीविका गतिविधियों से बढ़ी आय रानू कैवर्त की कहानी की खासियत यह है कि उन्होंने अपनी आय के लिए एक ही साधन पर निर्भर रहने के बजाय कई गतिविधियों को जोड़ा। सिलाई और कपड़ों की दुकान से लेकर किराना व्यवसाय, बटेर पालन, देशी मुर्गी पालन और हैचरी तक के कार्यों ने उनके लिए आय के अलग-अलग अवसर तैयार किए हैं। रानू बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देने का अवसर मिला। बिहान समूह से प्राप्त सहयोग और मार्गदर्शन का बेहतर उपयोग करते हुए उन्होंने अलग-अलग आजीविका गतिविधियां अपनाईं। उनके अनुसार, समूह से जुड़ने से उनमें अपने दम पर आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। महतारी वंदन योजना से मिला अतिरिक्त आर्थिक संबल रानू कैवर्त को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता भी प्राप्त होती है। उनके अनुसार नियमित आर्थिक सहायता से घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सहयोग मिलता है और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए आत्मविश्वास मजबूत हुआ है। अपनी सफलता और आत्मनिर्भरता की दिशा में मिले अवसरों के लिए मती रानू कैवर्त ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। सेवा संकल्प अभियान में सामने आई आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी रानू कैवर्त की कहानी यह बताती है कि जब ग्रामीण महिलाओं को संगठन, मार्गदर्शन, वित्तीय एवं आजीविका संबंधी अवसर मिलते हैं और वे अपनी मेहनत व हुनर को व्यवसाय से जोड़ती हैं, तो परिवार की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई यह कहानी केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन व्यवस्था, प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के लखपति दीदी के संकल्प और राज्य में बिहान के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों को मिल रहे सहयोग के बीच बने समन्वय की एक मिसाल है। रानू कैवर्त ने अपने हुनर और मेहनत को अवसर से जोड़कर आत्मनिर्भरता की राह बनाई है और अब गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।  

हॉकी एशिया कप में छत्तीसगढ़ की गीता-मधु का दमदार प्रदर्शन, भारत की जीत में निभाई अहम भूमिका

रायपुर चीन के मोकी शहर में आयोजित जूनियर महिला हॉकी एशिया कप में छत्तीसगढ़ की गीता यादव और मधु सिदार ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई है। बिलासपुर के राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की आवासीय हॉकी अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं दोनों खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में प्रभावी खेल दिखाते हुए चार-चार गोल दागे। उनके इस प्रदर्शन से बिलासपुर आवासीय हॉकी अकादमी के साथ ही छत्तीसगढ़ का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है। टूर्नामेंट में भारतीय टीम के मुकाबलों के दौरान दोनों खिलाड़ियों ने लगातार अपनी छाप छोड़ी। दक्षिण कोरिया के खिलाफ मुकाबले में मधु सिदार ने एक गोल कर भारत की जीत में योगदान दिया। इसके बाद मलेशिया के खिलाफ भारत ने 11-1 से शानदार जीत दर्ज की, जिसमें गीता यादव ने दो गोल दागे। भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मुकाबले में भी छत्तीसगढ़ की दोनों बेटियों का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। भारत ने पाकिस्तान को 19-0 से शिकस्त दी। इस मुकाबले में गीता यादव और मधु सिदार ने दो-दो गोल कर भारतीय आक्रमण को मजबूती दी। प्रतियोगिता में दोनों खिलाड़ियों ने चार-चार गोल दागे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो ने आज दोनों खिलाड़ियों से मिलकर शानदार प्रदर्शन पर  बधाई देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि गीता यादव और मधु सिदार ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने खेल कौशल से छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़ने के लिए शुभकामनाएं दीं और विभाग की ओर से उन्हें हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही। इस अवसर पर बिलासपुर आवासीय हॉकी अकादमी के वरिष्ठ प्रशिक्षक श्री राकेश टोप्पो, खेलो इंडिया एक्सीलेंस सेंटर बिलासपुर के हाई परफॉर्मेंस मैनेजर श्री कुलदीप बरार तथा बिलासपुर के खेल अधिकारी श्री सुशील भी मौजूद थे।

सेवा संकल्प अभियान- बलौदाबाजार-भाटापारा में वृहद रक्तदान शिविर का आयोजन

​रायपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा में सफल 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सेवा संकल्प अभियान के तहत बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिला अस्पताल बलौदाबाजार और सिविल अस्पताल भाटापारा में आयोजित इस मानवीय पहल में युवाओं और जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसके परिणामस्वरूप कुल 94 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। एक यूनिट रक्त से अधिकतम तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है   राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि रक्तदान एक स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया जाने वाला वह पुनीत कार्य है जो किसी जरूरतमंद को नया जीवन प्रदान कर सकता है।  आपके द्वारा दान की गई एक यूनिट रक्त से अधिकतम तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है। आपका रक्त किसी को जीवन दे सकता है। रक्त अमूल्य है, इसका दान अवश्य करें। रक्तदान शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे प्रदेश के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने रक्तदान करने वाले युवाओं और नागरिकों को गुलाब का फूल और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। मंत्री वर्मा ने कहा कि रक्तदान एक ऐसा महादान है जो असमय संकट में पड़े किसी व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। समाज के हर सक्षम नागरिक को इस पुनीत कार्य में आगे आना चाहिए। ​जनप्रतिनिधियों ने स्वयं रक्तदान कर दिया प्रेरणादायी संदेश  ​शिविर में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल और उपाध्यक्ष पवन साहू ने स्वयं रक्तदान कर युवाओं के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। एकत्रित किए गए 94 यूनिट रक्त में से 51 यूनिट भाटापारा सिविल अस्पताल तथा 43 यूनिट बलौदाबाजार जिला अस्पताल में दर्ज किया गया। ​स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एकत्रित रक्त का उपयोग सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायलों, सिकलसेल पीड़ितों, गर्भवती महिलाओं और आपातकालीन शल्य चिकित्सा के दौरान जरूरतमंद मरीजों के उपचार के लिए किया जाएगा। ​इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा, जनपद अध्यक्ष सुलोचना यदु, भारत स्काउट एंड गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी सहित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन विशेष रूप से उपस्थित रहे।

विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता के साथ देता रहेगा अपना सशक्त योगदान : मुख्यमंत्री साय

रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का स्नेह और मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को निरंतर नई ऊर्जा और दिशा देता रहा है। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा उनके आलेख के माध्यम से छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा, विशेषकर बस्तर में आए परिवर्तन और विकसित भारत के निर्माण में प्रदेश की भूमिका को रेखांकित किए जाने के संदर्भ में आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स में लिखा है कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का स्नेह और मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ को सदैव मिलता रहा है। उनके विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता के साथ विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है और राष्ट्र की प्रगति में अपना सशक्त योगदान देता रहेगा।  उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आलेख को साझा करते हुए छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और विशेष रूप से बस्तर में आए परिवर्तन को रेखांकित किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा इस बात का बड़ा उदाहरण है कि आज देश की प्रगति केवल महानगरों और बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। बस्तर में आया बड़ा बदलाव इसकी जीवंत तस्वीर है और यह बताता है कि विकास की मुख्यधारा से जुड़कर जनजातीय समाज भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुख्यमंत्री साय के आलेख का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका को विस्तार से रेखांकित किया गया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव  साय ने अपने आलेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की यात्रा को सेवा, सुशासन, अंत्योदय और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ते हुए गुजरात के पुनर्निर्माण से लेकर विकसित भारत के व्यापक लक्ष्य तक की यात्रा का उल्लेख किया है। उन्होंने लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की अवधारणा गांव, गरीब, किसान, महिलाओं और जनजातीय समाज की आकांक्षाओं से जुड़ी है। मुख्यमंत्री साय ने आलेख में छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर में हो रहे बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा है कि कभी हिंसा और पिछड़ेपन के कारण चुनौतियों से जूझने वाला बस्तर आज शांति, विकास, पर्यटन और नई संभावनाओं की ओर आगे बढ़ रहा है। सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार से दूरस्थ जनजातीय अंचल भी विकास की मुख्यधारा से तेजी से जुड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने आलेख में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के कर्मयोग ने भारत को नया आत्मविश्वास दिया है और अब देश के सामने विकसित भारत का लक्ष्य है। इस राष्ट्रीय संकल्प में छत्तीसगढ़ केवल सहभागी नहीं, बल्कि अपनी मेहनत, प्राकृतिक संसाधनों और प्रतिभा के बल पर एक मजबूत भागीदार की भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा है कि गांव से शहर तक विकास की ऐसी यात्रा को आगे बढ़ाना छत्तीसगढ़ का संकल्प है, जिसमें समृद्धि के साथ संस्कृति, आधुनिकता के साथ परंपरा तथा प्रगति के साथ प्रकृति का संतुलन बना रहे। मुख्यमंत्री साय ने अपने आलेख के माध्यम से यह संकल्प व्यक्त किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण के महायज्ञ में पूरी शक्ति और सामर्थ्य के साथ अपना योगदान देगा। प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के बीते 25 वर्ष सेवा और राष्ट्र निर्माण को समर्पित रहे हैं तथा आने वाला समय विकसित भारत और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने का है।

समूह से आर्थिक सहयोग लेकर शुरू किया किराना और मुर्गी व्यवसाय, आय में हुआ उल्लेखनीय इजाफा

रायपुर जीपीएम जिले के मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत गुदुमदेवरी की  सीता मरावी की सफलता ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई है। महिला स्वसहायता समूह से जुड़कर उन्होंने आर्थिक गतिविधियों की शुरुआत की और आज किराना दुकान तथा मुर्गी व्यवसाय के माध्यम से उनकी वार्षिक आय लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये तक पहुंच गई है।  सीता मरावी वंदना महिला स्वसहायता समूह से जुड़ी हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और स्वरोजगार शुरू करने का अवसर मिला। उन्होंने बैंक लोन तथा समूह के माध्यम से प्राप्त सीआईएफ एवं आरएफ की राशि से 25 हजार रुपये की सहायता लेकर गांव में किराना दुकान शुरू की। इसके बाद समूह के संकुल से 50 हजार रुपये की राशि प्राप्त कर मुर्गी व्यवसाय भी प्रारंभ किया। दोनों व्यवसायों को उन्होंने मेहनत, लगन और बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ाया। अलग-अलग आजीविका गतिविधियों से होने वाली आय ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया। आज  सीता मरावी अपने गांव में ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बना रही हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प से जुड़ी आत्मनिर्भरता की कहानी  सीता मरावी की सफलता ग्रामीण महिलाओं को स्वसहायता समूहों से जोड़कर उनकी आजीविका और उद्यमिता को मजबूत करने की केन्द्र सरकार की पहल से भी जुड़ती है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन केन्द्र प्रायोजित योजना है, जिसे केन्द्र और राज्य सरकारों की साझेदारी से लागू किया जा रहा है। इसके माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वसहायता समूहों से जोड़कर वित्तीय समावेशन, आजीविका और छोटे उद्यमों को बढ़ावा दिया जाता है।  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा महिला स्वसहायता समूहों की सदस्यों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘लखपति दीदी’ के संकल्प को प्रमुखता दी गई है। इस पहल का उद्देश्य स्वसहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को टिकाऊ तरीके से कम से कम एक लाख रुपये की वार्षिक आय अर्जित करने में सक्षम बनाना है। इसके लिए प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बैंक ऋण, उद्यमिता और आजीविका गतिविधियों के विस्तार जैसी व्यवस्थाओं को जोड़ा गया है। केन्द्र सरकार के अनुसार जुलाई 2026 तक देशभर में 10.08 करोड़ ग्रामीण परिवार लगभग 92 लाख स्वसहायता समूहों से जुड़े थे और 3.46 करोड़ से अधिक स्वसहायता समूह सदस्यों को ‘लखपति दीदी’ के रूप में सक्षम बनाया जा चुका था।  छत्तीसगढ़ में लाखों महिलाओं को स्वसहायता समूहों से मिला मंच केन्द्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 2.79 लाख स्वसहायता समूह सक्रिय हैं और लगभग 29.78 लाख महिलाएं इस कार्यक्रम से लाभान्वित हो रही हैं।  स्वसहायता समूहों को मिलने वाले रिवॉल्विंग फंड (आरएफ), कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (सीआईएफ) तथा बैंक लिंकेज जैसी व्यवस्थाएं महिलाओं को अपनी आजीविका गतिविधियों को शुरू करने और आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय आधार उपलब्ध कराने में मदद करती हैं। केन्द्र सरकार के अनुसार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आरएफ और सीआईएफ के माध्यम से स्वसहायता समूहों को पूंजी उपलब्ध कराने का प्रावधान है।  सीता मरावी की कहानी में भी समूह से मिली वित्तीय सहायता का उपयोग किराना दुकान और मुर्गी व्यवसाय शुरू करने में किया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि स्वसहायता समूह केवल महिलाओं को संगठित करने का माध्यम नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का आधार भी बन रहे हैं। किराना दुकान से मुर्गी व्यवसाय तक, बढ़े आय के अवसर सीता मरावी ने एक ही व्यवसाय पर निर्भर रहने के बजाय अपनी आय के अलग-अलग स्रोत विकसित किए। किराना दुकान ने उन्हें गांव में ही नियमित व्यवसाय का अवसर दिया, जबकि मुर्गी पालन ने उनकी आय में एक और स्रोत जोड़ा। दोनों गतिविधियों को उन्होंने निरंतर मेहनत और बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ाया। सीता मरावी बताती हैं कि महिला स्वसहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। समूह से मिले आर्थिक सहयोग और मार्गदर्शन से उन्हें स्वरोजगार शुरू करने का अवसर मिला। आज वह अपने पैरों पर खड़ी हैं और गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन र…

प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सेवाकाल पर बलौदाबाजार में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भव्य आगाज

​रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के अथक जनसेवा और समर्पण काल के पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर को बलौदाबाजार जिले में 'सेवा संकल्प अभियान' का ऐतिहासिक शुभारंभ हुआ। इस खास अवसर पर आयोजित 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम के अंतर्गत पूरे जिले भर में एक साथ लगभग 11 लाख दीपक जलाकर जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त किया गया। जिला मुख्यालय स्थित चौपाटी में आयोजित मुख्य समारोह के मुख्य अतिथि राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर इस महाअभियान की विधिवत शुरुआत की।     ​दीप प्रज्वलन के मुख्य कार्यक्रम से पहले राजस्व मंत्री और जनप्रतिनिधियों ने शहीद वीर नारायण सिंह चौक पर उनकी प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए माल्यार्पण किया। इसके पश्चात ढोल-नगाड़ों की गूंज और भारी जनउत्साह के साथ चौक से चौपाटी तक एक भव्य रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम का सबसे प्रमुख और मनमोहक केंद्र बिंदु विवेकानंद सरोवर बना, जहां सवा लाख दीयों की स्वर्णिम रोशनी और वृक्षों पर सजी रंग-बिरंगी लाइटों ने पूरे वातावरण को दिव्य और अलौकिक स्वरूप प्रदान कर दिया। सरोवर के शांत जल पर तैरती दीपों की परछाई को देखने के लिए शहरवासी उमड़ पड़े।       ​समारोह में सांस्कृतिक छटा उस समय और भी निखर आई जब आर्केस्ट्रा टीम के देशभक्ति भजनों के बीच राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने अपने चिरपरिचित अंदाज में खुद एक मनमोहक गीत गाकर उपस्थित जनसमुदाय को झूमने पर मजबूर कर दिया। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मंत्री वर्मा ने कहा कि यह 'आशीर्वाद का दीया' केवल प्रकाश का प्रतीक नहीं है, बल्कि हर नागरिक के मन में सेवा भावना, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण की प्रतिबद्धता को जगाने का एक पवित्र प्रयास है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को प्रगति के शिखर पर ले जाने और विकसित भारत के सपने को साकार करने का आह्वान किया।       ​जनभागीदारी, सेवा और संकल्प के इस भव्य उत्सव में जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, कलेक्टर, एसपी, पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा और जिला पंचायत सीईओ सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और नगरवासी मौजूद रहे।

शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए तैयार होगा AI आधारित रोडमैप

रायपुर स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समग्र शिक्षा के अंतर्गत विद्यालयीन शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और विद्यार्थियों के समग्र विकास के उद्देश्य से आज राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय AI Conclave (ए.आई. कॉन्क्लेव) का भव्य आयोजन किया गया। विद्यालयीन शिक्षा के स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सार्थक एवं प्रभावी उपयोग करने वाला छत्तीसगढ़ देश का प्रथम राज्य बन गया है। ‘लाईका चिन्हारी’ ऐप का विमोचन  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, स्कूल शिक्षा मंत्री माननीय श्री गजेंद्र यादव ने शाला त्यागी (ड्रॉपआउट) बच्चों को पुनः स्कूल से जोड़ने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विकसित ‘लाईका चिन्हारी’ ऐप का आधिकारिक विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री के जन्मदिवस की बधाई देते हुए कहा कि इस कॉन्क्लेव से प्राप्त निष्कर्ष शिक्षकों के लिए एक सशक्त सहायक के रूप में कार्य करेंगे और विद्यार्थियों में कौशल विकास को बढ़ावा देंगे। शिक्षा में AI: शिक्षक का विकल्प नहीं, बल्कि मददगार साथी डॉ. कमलजीत सिंह (सचिव, स्कूल शिक्षा): उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हम तकनीकी युग में अनजाने ही AI का उपयोग कर रहे हैं। स्थानीय आवश्यकताओं और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर तालमेल से शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि AI शिक्षकों का स्थान नहीं लेगा, बल्कि उनके सहायक साथी के रूप में काम करेगा। डॉ. किरण कौशल (आयुक्त, समग्र शिक्षा): उन्होंने स्वागत उद्बोधन में कहा कि इस कॉन्क्लेव से प्रदेश में स्मार्ट क्लास और ICT लैब का AI की मदद से और अधिक प्रभावी उपयोग किया जा सकेगा, जिससे सरल और सुगम शिक्षा हर बच्चे तक पहुँचेगी। देश-विदेश के दिग्गजों की सहभागिता इस कॉन्क्लेव में देश और दुनिया के कई प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों और कंपनियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में गूगल, वाधवानी एआई, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, एडोब, खान एकेडमी, फिजिक्स वाला, आईआईटी भिलाई, आईआईएम रायपुर, एनआईटी रायपुर और चिप्स सहित कई संस्थानों के विशेषज्ञों ने अपने विचार और प्रस्तुतियां दीं। तैयार होगा व्यापक रोडमैप  कार्यक्रम के अंत में यह रेखांकित किया गया कि कॉन्क्लेव के दौरान आए नवाचारों और तकनीकी समाधानों का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के लिए एक व्यापक AI रोडमैप तैयार किया जाएगा। यह रोडमैप शिक्षकों के लिए सहायक संसाधन विकसित करने और शिक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से और अधिक मजबूत बनाने का मुख्य आधार बनेगा।

स्थानीय निकाय चुनावों को आसान, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने पर हुआ मंथन

रायपुर  राज्य निर्वाचन आयोग, छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर अटल नगर स्थित कार्यालय में आज राज्य निर्वाचन आयुक्तों की स्थायी समिति की अहम बैठक संपन्न हुई। 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन के तहत आयोजित इस बैठक में विभिन्न राज्यों के निर्वाचन आयुक्तों ने स्थानीय निकाय चुनावों को और अधिक सुगम, निष्पक्ष, आधुनिक तकनीक से लैस एवं समय पर कराने से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।  बैठक में स्थायी समिति द्वारा बनाई गई तीन उप-समितियों के कामकाज की प्रगति पर चर्चा की गई। इसमें राज्यों में लागू तकनीकी पहलों और ऑनलाइन व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई, ताकि दूसरे राज्य भी इन्हें अपने यहां लागू कर चुनावी कामकाज को बेहतर बना सकें। इसी तरह जरूरत पड़ने पर राज्यों के बीच ईवीएम साझा करने के लिए एक 'ईवीएम प्रबंधन प्रणाली सॉफ्टवेयर' तैयार करने पर विमर्श हुआ, जिसकी जिम्मेदारी बिहार राज्य निर्वाचन आयोग संभाल रहा है। इसके साथ ही चुनावों के सफल संचालन के लिए अपनाए गए अच्छे तौर-तरीकों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) के आदान-प्रदान और तय समय पर चुनाव कराने में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने पर भी बात हुई। चुनावी डेटाबेस और M-3 मॉडल EVM पर सहमति  बैठक में राज्यों के बीच चुनावी डेटाबेस साझा करने पर विचार हुआ, जिसका सुझाव गुजरात और महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने दिया था। इसके साथ ही जरूरत के समय राज्यों को M-3 मॉडल ईवीएम उपलब्ध कराने और उनके मिलकर इस्तेमाल करने की व्यवस्था पर भी सहमति बनी, जिसे पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रस्तावित किया था। अन्य राज्यों की चुनाव व्यवस्था और नवाचारों को समझने के लिए चुनाव कार्यक्रमों की जानकारी साझा करने और एक-दूसरे के यहां अध्ययन दौरे करने पर भी जोर दिया गया।  बैठक में राज्य निर्वाचन आयुक्तों के ‘कोऑपरेटिव फेडरलिज्म और मल्टीलेवल गवर्नेंस’ विषय पर होने वाले आगामी राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए पुणे को संभावित स्थल तय किया गया। वहीं नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार ने नवा रायपुर के विकास और आधुनिक स्वरूप पर एक प्रस्तुति दी। नवीन विधानसभा और नवा रायपुर की सराहना बैठक के बाद विभिन्न राज्यों के निर्वाचन आयुक्तों ने सपरिवार नवा रायपुर के सेक्टर-19 स्थित छत्तीसगढ़ के नवीन विधानसभा भवन का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने सदन के भीतर जाकर विधायी कामकाज और सदन चलाने की व्यवस्था की जानकारी ली। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 1 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस नए विधानसभा भवन का लोकार्पण किया था। उन्होंने नवा रायपुर के प्रमुख सेक्टरों का भी जायजा लिया। आयुक्तों ने यहां शिक्षा, स्वास्थ्य और नई तकनीक के क्षेत्र में तेजी से तैयार हो रही विश्वस्तरीय सुविधाओं को देखा तथा एक आधुनिक और सुनियोजित स्मार्ट शहर के रूप में नवा रायपुर के विकास मॉडल की सराहना की। डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम में देखी छत्तीसगढ़ के जनजातीय संघर्षों की झलक  भ्रमण के अंत में निर्वाचन आयुक्तों ने नवा रायपुर स्थित देश के पहले डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का सपरिवार अवलोकन किया। आयुक्तों ने संग्रहालय के 14 अलग-अलग सेक्टरों में डिजिटल तकनीक और स्क्रीन के जरिए दिखाए गए छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक आदिवासी आंदोलनों और आजादी की लड़ाई की प्रेरक गाथाओं को करीब से देखा और समझा। उन्होंने हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम, परलकोट, तारापुर, लिंगागिरी, कोई, मेरिया, मुरिया, रानी चौरिस, भूमकाल, सोनाखान विद्रोह, झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह जैसे ऐतिहासिक संघर्षों की जीवंत प्रस्तुतियों की जमकर तारीफ की। इसके पश्चात उन्होंने ट्राइबल म्यूजियम में आयोजित संध्याकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया।