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मुख्यमंत्री साय ने किया इनोवेशन महाकुंभ 1.0 के पोस्टर का विमोचन

मुख्यमंत्री साय ने किया इनोवेशन महाकुंभ 1.0 के पोस्टर का विमोचन रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  राजधानी स्थित निवास कार्यालय में "इनोवेशन महाकुंभ 1.0" के पोस्टर का विमोचन किया। इस अवसर पर शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर के कुलपति मनोज श्रीवास्तव और स्वावलंबी भारत अभियान के प्रांत समन्वयक जगदीश पटेल भी उपस्थित रहे। बस्तर के युवाओं में नवाचार,उद्यमिता और स्वरोजगार में तकनीक आधारित विकास हेतु “ इनोवेशन महाकुंभ 1.0 का आयोजन आगामी 4 एवं 5 मई को किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर और स्वावलंबी भारत अभियान, पीएम ऊषा एवं इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के साथ किया जाएगा। जिसमें एनआईटी रायपुर,आईआईएम रायपुर,आईआईटी भिलाई, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् की भी सहभागिता होगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ादेव की पूजा कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ादेव की पूजा कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की शहीद वीर नारायण सिंह एवं वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमाओं का किया अनावरण रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम ओड़ान में गोंड समाज के पवित्र पूजा स्थल पर आयोजित बड़ादेव स्थापना कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विधि-विधान से बड़ादेव की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे पारंपरिक और आध्यात्मिक आयोजन हमारी संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता को और अधिक सुदृढ़ करते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह एवं वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमाओं का अनावरण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया। 10 दिसंबर 1857 को रायपुर के जयस्तंभ चौक पर उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अमिट प्रेरणा का स्रोत है। इसी प्रकार रानी दुर्गावती ने अपने अदम्य साहस और स्वाभिमान से गोंडवाना की गरिमा को अक्षुण्ण रखा। मुगल सेना के सामने आत्मसमर्पण करने के बजाय उन्होंने रणभूमि में वीरगति प्राप्त कर मातृभूमि के प्रति अपने समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर जांजगीर-चांपा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक संदीप साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आकांक्षा जायसवाल, उपाध्यक्ष पवन साहू, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मां कन्हाई परमेश्वरी मंदिर में 126 ज्योत प्रज्वलित

मां कन्हाई परमेश्वरी मंदिर में 126 ज्योत प्रज्वलित रायपुर  प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ कहार भोई समाज के द्वारा रायपुरा स्थित मां कन्हाई परमेश्वरी मंदिर में ज्योत जलाई गई। इस वर्ष लगभग 126 ज्योत समाज के द्वारा जलाई गई । इस आशय की जानकारी मां कन्हाई परमेश्वरी सेवा समिति के उपाध्यक्ष  प्रशांत नायक द्वारा दी गई।

उन्नत खेती से शीला राजवाड़े बनीं लखपति दीदी बिहान’ से जुड़कर संवर रही ग्रामीण महिलाओं की आजिविका

रायपुर महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से स्वतंत्र, आत्मनिर्भर और निर्णय लेने में सक्षम बनाना है, ताकि वे पुरुष के बराबर अधिकार और सम्मान प्राप्त कर सकें। यह शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार के माध्यम से आत्मविश्वास बढ़ाकर लैंगिक असमानता को खत्म करने की एक प्रक्रिया है। प्रदेश सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) ग्रामीण अंचलों में महिलाओं के जीवन में नई रोशनी ला रही है। सरगुजा जिले में इस योजना के माध्यम से हजारों महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो रही हैं, बल्कि समाज में अपनी एक नई पहचान भी बना रही हैं।  संघर्ष से सफलता तक का सफर           अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत आमदरहा की श्रीमती शीला राजवाड़े की सफलता की कहानी अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। वरदान महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य श्रीमती शीला राजवाड़े बताती हैं कि समूह से जुड़ने से पहले उनका जीवन काफी संघर्षपूर्ण था। पति के पास नियमित रोजगार न होने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय थी और छोटी-छोटी जरूरतों के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। 60 हजार के ऋण से शुरू की उन्नत खेती          शीला ने बताया कि वर्ष 2023 में ’बिहान’ योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया। उन्हें समूह के माध्यम से 60 हजार रुपये का प्रारंभिक ऋण प्राप्त हुआ, जिसे उन्होंने उन्नत सब्जी उत्पादन में निवेश किया। आज वह बड़े पैमाने पर लौकी, करेला और बैंगन जैसी सब्जियों की मिश्रित खेती कर रही हैं। इससे उन्हें न केवल नियमित आय प्राप्त हो रही है, बल्कि वे अपने घर का खर्च भी स्वयं वहन कर रही हैं। जिम्मेदारी और नेतृत्व           महिलाओं को अपने जीवन के हर निर्णय में बराबरी का अधिकार और आत्मविश्वास देना है। जब एक महिला अपने पैरों पर खड़ी होती है, आर्थिक रूप से स्वतंत्र होती है और अपनी आवाज़ बेझिझक उठा पाती है, तो उसका प्रभाव सिर्फ उसके जीवन तक सीमित नहीं रहता। वह पूरे परिवार, समाज और देश को मज़बूत बनाती है। अपनी कार्यकुशलता और समर्पण के कारण शीला को समूह में वी.ओ.ए.  के पद की जिम्मेदारी भी मिली है। वे अब गाँव की अन्य महिलाओं को भी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और समूह से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। शासन की योजनाओं के लिए जताया आभार            अपनी सफलता का श्रेय प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की कल्याणकारी योजनाओं को देते हुए शीला ने कहा कि बिहान योजना ने महिलाओं को चौखट से बाहर निकलकर उद्यमी बनने का अवसर दिया है। उन्होंने जिले की अन्य दीदियों से भी अपील की है कि वे समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें और परिवार की प्रगति में सहभागी बनें।

अरुणाचल के वेटलिफ्टरों का विमानतल पर रंगारंग स्वागत

रायपुर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में भागीदारी के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ पहुंचना शुरू हो गया है। आज सवेरे अरुणाचल प्रदेश के वेटलिफ्टरों का 14 सदस्यीय दल रायपुर पहुंचा। इनमें 13 खिलाड़ी और एक सपोर्टिंग स्टॉफ शामिल है। खिलाड़ियों के छत्तीसगढ़ आगमन पर रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल पर राऊत नाचा दल की रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा साई (SAI) के अधिकारियों ने गुलाब भेंटकर सभी खिलाड़ियों का हार्दिक स्वागत किया। 23 मार्च को कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खिलाड़ी बड़ी संख्या में रायपुर पहुंचेंगे। देश में पहली बार खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ के तीन शहरों – रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में किया गया है। इसमें देशभर के करीब तीन हजार जनजातीय खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। 25 मार्च से 3 अप्रैल तक छत्तीसगढ़वासियों को सात खेलों में रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। इस दौरान पुरूष और महिला वर्गों में हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती, एथलेटिक्स, तैराकी, तीरंदाजी और वेटलिफ्टिंग की प्रतियोगिताएं होंगी।

बेसमेंट बना सट्टे का अड्डा: छत्तीसगढ़ में करोड़ों के ऑनलाइन जुए का खुलासा, 7 आरोपी पकड़े गए

भिलाई जिले में ऑनलाइन सट्टा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जामुल पुलिस ने संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है जो आधुनिक तकनीक और इंटरनेट मीडिया के जरिये करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार कर रहे थे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि प्रतिदिन तीन लाख से लेकर सात लाख रुपये तक के लेन-देन एवं करोड़ों रुपये के अवैध कारोबार का संचालन होना पाया गया है। किराए के मकान से चल रहा था नेटवर्क अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर सुखनंदन राठौर ने बताया कि जामुल पुलिस को जामुल थाना क्षेत्र अंतर्गत नालंदा स्कूल के पीछे सुंदर विहार कॉलोनी फेस-2 स्थित एक किराए के मकान में संगठित ऑनलाइन सट्टा गिरोह के संचालन की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए मौके पर दबिश दी गई, जहां आरोपितों को ऑनलाइन सट्टा संचालन करते हुए पकड़ा गया। जांच में पाया गया कि आरोपितों द्वारा ड्रैगन टाइगर, अंदर-बाहर, तीन पत्ती, टेनिस, फुटबॉल एवं रूलेट जैसे खेलों पर ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा था। इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए बिछाया जाल ग्राहकों को इंस्टाग्राम एवं व्हाट्सएप के माध्यम से जोड़कर आईडी उपलब्ध कराई जाती थी तथा मोबाइल एवं लैपटॉप के माध्यम से सट्टा खिलाया जाता था। प्रकरण में जिन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है उसमें पोषण निषाद (26) अंजोरा, योगेश कुमार विश्वकर्मा (22) जलेबी चौक छावनी, गौरव तिवारी (26) कबीर नगर रायपुर, संजय कुमार जायसवाल (26) कैंप-1 जलेबी चौक, चुनेश निषाद (20) श्याम नगर छावनी, विक्रम सिंह उर्फ विक्की (30) न्यू बसंत टाकीज़ के पास थाना छावनी और उदल हमणे (19) न्यू बसंत टाकीज़ के पास थाना छावनी शामिल हैं। बीएनएस और जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज प्रकरण में आरोपितों के विरुद्ध धारा 318(4) बीएनएस एवं 6, 7, 8 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में प्रतिदिन तीन लाख रुपये से लेकर सात लाख तक के लेन-देन एवं करोड़ों रुपये के अवैध कारोबार का संचालन होना पाया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगना और अन्य संपर्कों की तलाश में जुट गई है। म्यूल खातों के माध्यम से लेन-देन छिपाने का प्रयास पुलिस ने बताया कि गिरोह द्वारा विभिन्न सिम कार्ड एवं म्यूल बैंक खातों के माध्यम से अवैध लेन-देन को छिपाने का प्रयास किया जाता था। गिरोह में कार्यों का स्पष्ट विभाजन था तथा तकनीकी रूप से बाहरी व्यक्तियों द्वारा भी संचालन नियंत्रित किया जाता था। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से एक लाख नगद रकम, सात बैंक पासबुक, 16 मोबाइल फोन, 15 एटीएम कार्ड, एक लैपटॉप, वाई-फाई उपकरण, लेन-देन संबंधी रजिस्टर और एक पासपोर्ट की जब्ती बनाई है।  

शहीद वीर नारायण सिंह एवं वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमाओं का किया अनावरण

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम ओड़ान में गोंड समाज के पवित्र पूजा स्थल पर आयोजित बड़ादेव स्थापना कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विधि-विधान से बड़ादेव की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे पारंपरिक और आध्यात्मिक आयोजन हमारी संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता को और अधिक सुदृढ़ करते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह एवं वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमाओं का अनावरण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया। 10 दिसंबर 1857 को रायपुर के जयस्तंभ चौक पर उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अमिट प्रेरणा का स्रोत है। इसी प्रकार रानी दुर्गावती ने अपने अदम्य साहस और स्वाभिमान से गोंडवाना की गरिमा को अक्षुण्ण रखा। मुगल सेना के सामने आत्मसमर्पण करने के बजाय उन्होंने रणभूमि में वीरगति प्राप्त कर मातृभूमि के प्रति अपने समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर जांजगीर-चांपा सांसद  कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक  संदीप साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष  आकांक्षा जायसवाल, उपाध्यक्ष  पवन साहू, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

जिले में शिक्षा का बड़ा आयोजन: 22 मार्च को होगी साक्षरता परीक्षा, हजारों शिक्षार्थी तैयार

बिलासपुर जिलेभर में उल्लास साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत आकलन परीक्षा आयोजित की जाएगी, इस परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिले में 961 परीक्षा केंद्र  बनाए गए हैं, जिसमें 10705 पुरुष एवं 29348 महिला तथा 12 ट्रांसजेंडर शामिल* परीक्षा का समय प्रातः 10 बजे से शाम 05 बजे तक  निर्धारित किया गया है।     जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अनुसार, यह परीक्षा उन 15 वर्ष से अधिक आयु  के शिक्षार्थियों के लिए आयोजित की जा रही है, जिन्होंने उल्लास साक्षरता केंद्रों  में पढ़ना-लिखना तथा सामान्य गणित (जोड़, घटाव, गुणा, भाग) का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। जिला परियोजना अधिकारी ने बताया कि शिक्षार्थियों के नियमित कार्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा के समय को लचीला बनाया गया है। प्रतिभागी अपने रोजी मजदूरी कार्य से समय निकालकर सुबह 10 बजे से शाम 05 बजे के बीच किसी भी समय परीक्षा केन्द्रों में पहुँच कर परीक्षा देकर अपनी साक्षर होने का आकलन करा सकते हैं।जिला प्रशासन ने सभी परीक्षा केन्द्रों में आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ केंद्राध्यक्षों तथा पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए ब्लॉक और ग्राम स्तर पर समन्वय समितियाँ सक्रिय की गई हैं।इस हेतु सयुंक्त संचालक शिक्षा , ने विशेष ऑब्जर्वर की नियुक्ति की है तथा जिला स्तर पर भी जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी विकासखंडों के लिये निरिक्षण दल बनाए है |    जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इस परीक्षा का उद्देश्य शिक्षार्थियों के बुनियादी पढ़ाई-लिखाई और संख्यात्मक  ज्ञान का मूल्यांकन करना है, ताकि उन्हें साक्षर होने का प्रमाण पत्र दिया जा सके मूल्यांकन परीक्षा में पढ़ना लिखना एवं सामान्य गणित का आकलन किया जाता है  | सभी परीक्षा केन्दों में प्रश्न पत्रों का सील बंद पैकेट केंद्राध्यक्षों की निगरानी में रखवाई जा चुकी है | परीक्षा में अधिक से अधिक उपस्थिति के लिये चयनित ग्राम पंचायतों के सचिव आँगन वाडी कार्यकर्ता मितानिन पंच सरपंच सभी से कलेक्टर बिलासपुर ने अपील की है कि अधिक से अधिक परीक्षा केन्द्रों में ले जाकर आकलन परीक्षा में शामिल कराएं कोटवार द्वारा दो दिन मुनादी और प्रभात फेरी तथा गांव के दीवारों में नारा लेखन के माध्यम से आकलन परीक्षा के लिये वातावरण निर्माण किया गया है कलेक्टर बिलासपुर ने आम नागरिकों से अपील की है कि जिले के समस्त असाक्षरों को परीक्षा केन्द्र में ले जाकर परीक्षा में शामिल करने प्रेरित करें।

व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर लिया आशीर्वाद, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

रायपुर  चैत्र नवरात्रि की पावन चतुर्थी तिथि पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय कबीरधाम जिले के ग्राम जुनवानी नर्मदा धाम में आयोजित पंच कुंडीय  रुद्र महायज्ञ एवं  शिव महापुराण कथा में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ विधि-विधान से यज्ञ की परिक्रमा की तथा व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री  साय ने इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं का आत्मीय अभिवादन किया और सभी को चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि जिला साहू संघ द्वारा आयोजित पंच कुंडीय  रुद्र महायज्ञ एवं  शिव महापुराण कथा में शामिल होकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि आज इस पावन यज्ञ में शामिल होने का अवसर मिलना उनके लिए बड़े सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री  साय ने अपने संबोधन में कहा कि साहू समाज एक विशाल, शिक्षित और समृद्ध समाज है, जो सदैव समाज को दिशा देने का कार्य करता रहा है। उन्होंने दानवीर भामाशाह का उल्लेख करते हुए कहा कि वे इसी समाज से थे, जिन्होंने अपने त्याग और दान से इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने आगे कहा कि रायगढ़ में पूज्य  सत्यनारायण बाबा भी इसी समाज से हैं, जो पिछले 28 वर्षों से खुले आसमान के नीचे तपस्या में लीन हैं। ऐसे महान संत समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई समाज संगठित होकर कार्य करता है, तो उसका लाभ केवल उस समाज तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उससे पूरे राष्ट्र का विकास होता है। उन्होंने कहा कि साहू समाज इसी तरह संगठित और सशक्त होकर निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि यहां आयोजित रुद्र महाशिव यज्ञ एवं कथा से छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संत-महात्माओं की तपोभूमि रही है। यह माता कौशल्या का मायका और प्रभु राम का ननिहाल है। भगवान राम ने अपने वनवास का अधिकांश समय इसी धरती पर बिताया है, वहीं माता शबरी का पावन स्थान भी छत्तीसगढ़ में स्थित है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि व्यासपीठ पर विराजमान संत-महात्माओं की कृपा से प्रदेश में सवा लाख शिवलिंग स्थापना का पावन कार्य भी किया जा रहा है, जो आध्यात्मिक चेतना को और सशक्त करेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा “रामलला दर्शन योजना” संचालित की जा रही है। छत्तीसगढ़ के लोग भगवान राम को अपना भांचा मानते हैं, इसलिए उन्हें अयोध्या धाम में रामलला के दर्शन कराने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है। अब तक 40 हजार से अधिक रामभक्त अयोध्या जाकर दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि “मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना” के तहत प्रदेश के बुजुर्गों को देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है, ताकि वे अपने जीवन में धार्मिक आस्था के इन पवित्र स्थलों का दर्शन कर सकें। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयक प्रस्तुत किए हैं। इनमें छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक प्रमुख है, जिसे समाज में बढ़ती संवेदनशील परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लाया गया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पिछले कुछ समय से समाज के कमजोर वर्गों को निशाना बनाकर प्रलोभन, दबाव और भ्रम फैलाकर धर्मांतरण कराने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे सामाजिक ताने-बाने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस गंभीर विषय को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सख्त और स्पष्ट प्रावधानों के साथ यह विधेयक लागू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस कानून के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी प्रकार के छल, प्रलोभन या दबाव के जरिए धर्म परिवर्तन न हो सके। साथ ही विवाह के माध्यम से धर्मांतरण की आड़ में हो रहे दुरुपयोग पर भी अब पूर्ण विराम लगेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि धर्म की रक्षा और समाज की सुरक्षा ही सरकार का संकल्प है, और इसी उद्देश्य के साथ यह विधेयक लाया गया है, ताकि प्रदेश में सामाजिक सद्भाव और शांति बनी रहे। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि जुनवानी स्थित नर्मदा धाम के नर्मदा कुंड में स्नान करना, पूजा-अर्चना करना और ऐसे धार्मिक आयोजनों में शामिल होना क्षेत्रवासियों के लिए हमेशा से आस्था और प्रतीक्षा का विषय रहा है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र स्थल से लोगों की गहरी भावनात्मक और धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त करते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मकता, एकता और सद्भाव का संदेश भी देते हैं।  पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा ने अपने संबोधन में कहा कि जब भी मद्भागवत, शिव महापुराण कथा एवं यज्ञ जैसे आयोजन होते हैं, तो सभी को इसमें अवश्य शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अक्सर घर के बुजुर्ग ही कथा सुनने आते हैं, लेकिन बच्चों और युवाओं की सहभागिता भी उतनी ही जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ी हमारी सनातन संस्कृति और परंपराओं से परिचित हो सके और उसे आगे बढ़ा सके। इस अवसर पर पूर्व सांसद  अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी पंच कुंडीय  रुद्र महायज्ञ की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।

धार्मिक आस्था के अनुरूप उपवास एवं पूजा-अर्चना हेतु की गई व्यवस्था

रायपुर नवरात्रि पर जेलों में आध्यात्मिक माहौल, बंदियों को मिली विशेष सुविधाएं छत्तीसगढ़ की सभी जेलों में नवरात्रि पर्व को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर परिरुद्ध बंदियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिससे वे धार्मिक आस्था के अनुरूप उपवास एवं पूजा-अर्चना कर सकें।          प्रदेश की जेलों में कुल 2397 बंदी नवरात्रि का उपवास कर रहे हैं, जिनमें 2125 पुरुष एवं 272 महिला बंदी शामिल हैं। यह आंकड़ा न केवल आस्था की गहराई को दर्शाता है, बल्कि जेलों में सकारात्मक और आध्यात्मिक वातावरण के सृजन का भी परिचायक है। इसमें रायपुर संभाग के 1140 बंदी, दुर्ग संभाग में 243 बंदी, बिलासपुर संभाग में 407 बंदी, सरगुजा संभाग में 361 बंदी, बस्तर संभाग में 246 बंदी अपनी आस्था अनुसार उपवास का पालन कर रहे हैं।        नवरात्रि के दौरान जेल प्रशासन द्वारा बंदियों को फलाहार, स्वच्छ पेयजल, पूजा सामग्री एवं निर्धारित समय पर आरती-पूजन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही, धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से बंदियों के मनोबल को सुदृढ़ करने और उनमें सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। यह पहल न केवल बंदियों की धार्मिक आस्था का सम्मान है, बल्कि उनके मानसिक एवं आध्यात्मिक पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।          विगत दिनों विधानसभा में उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा ने बताया था कि जेलों को अब सजा घर नहीं बल्कि सुधार एवं पुनर्वास गृह के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिसमें उन्हें विभिन्न कलाओं को सिखाकर आत्मनिर्भर बनाने के साथ समाज से जोड़ने और बेहतर जीवन के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है।