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लैलूंगा में खुलेगा पंजीयन कार्यालय, वित्त मंत्री चौधरी ने की घोषणा

रायपुर : पूरी प्रतिबद्धता के साथ छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए कर रहे कार्य-वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने लैलूंगा में किया 2.72 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन लैलूंगा में खुलेगा पंजीयन कार्यालय, वित्त मंत्री चौधरी ने की घोषणा जयदयाल सिंघानिया फाउंडेशन के सहयोग से निर्मित कन्या प्राथमिक शाला भवन का हुआ लोकार्पण रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने आज रायगढ़ जिले के नगर पंचायत लैलूंगा में 2 करोड़ 72 लाख रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने जयदयाल सिंघानिया फाउंडेशन के सहयोग से नवनिर्मित सेठ जयदयाल कन्या प्राथमिक शाला भवन का लोकार्पण किया, साथ ही स्कूल परिसर में सेठ जयदयाल सिंघानिया की प्रतिमा का अनावरण भी किया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ करते हुए वित्त मंत्री चौधरी ने स्कूल के छात्रों को ड्रेस, पाठ्य सामग्री व श्रीफल का वितरण किया। कार्यक्रम में वित्त मंत्री चौधरी ने लैलूंगा में पंजीयन कार्यालय खोलने की महत्वपूर्ण घोषणा की। जिससे यहां के लोगों को जमीन रजिस्ट्री के लिए दूर जाने की जरूरत नही पड़ेगी और स्थानीय स्तर पर ही काम होने से समय व ऊर्जा की बचत होगी।           वित्तमंत्री चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ओपी सिंघानिया का लैलूंगा की मिट्टी से गहरा नाता है। वे इसी अंचल में जन्मे, पले-बढ़े और आज देश-प्रदेश में एक प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है। इस क्षेत्र के लिए उनका योगदान अनुकरणीय है। उन्होंने नवनिर्मित सेठ जयदयाल कन्या प्राथमिक शाला भवन के निर्माण को अत्यंत सुंदर और प्रेरणादायक बताते हुए सिंघानिया फाउंडेशन को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पूरी प्रतिबद्धता और पारदर्शिता के साथ छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने सरकार बनते ही दो साल के बकाया बोनस राशि वितरण किया। धान खरीदी की मात्रा 21 क्विंटल प्रति एकड़ और 3100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया। 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान स्वीकृत किए गए, जिनमें से अधिकतर आवास मात्र डेढ़ साल में पूर्ण कर लिए गए। 70 लाख माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना का प्रत्यक्ष लाभ सुनिश्चित किया गया है। श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए  श्रीरामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई है, ताकि अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य आम जन को मिल सके।           वित्त मंत्री चौधरी ने लैलूंगा में विकास के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि यहां जल्द ही पंजीयन कार्यालय प्रारंभ किया जाएगा। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, ऑक्सीजन जोन, मुक्तिधाम और बायपास सड़क निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति दी जाएगी। विद्यालय के उन्नयन के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा, ताकि यहां के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ें। जब लैलूंगा का एक बेटा देश प्रदेश का ख्यातनाम सीए बन सकता है, तो यहां का हर बच्चा ऊंचाइयों को छू सकता है। हम सबका संकल्प है कि इस अंचल को समृद्ध बनाएंगे और पूरे छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य की श्रेणी में अग्रणी बनाएंगे।             पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया  एवं नगर पंचायत अध्यक्ष कपिल सिंघानिया ने वित्त मंत्री चौधरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सदैव आमजन के सुख-दुख में सहभागी रहते हैं। जल आवर्धन योजना जैसे रुके हुए कार्यों को पुनरू प्रारंभ कराकर उन्होंने जनता के प्रति अपनी संवेदनशीलता दर्शाई है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार ने कहा कि शासन की मंशा अनुरूप लैलूंगा क्षेत्र में सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। ग्रामीणों की सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है ताकि आमजन को सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आगे भी क्षेत्र की जनता की आवश्यकताओं और मांगों को प्राथमिकता देते हुए नए विकास कार्य स्वीकृत कराए जाएंगे। जनसुविधाओं को सुलभ और सशक्त बनाने की दिशा में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। सिदार ने क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।  कार्यक्रम में आईएनएच न्यूज के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती ज्योति भगत, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांता भगत व गोपाल अग्रवाल, जनपद उपाध्यक्ष मनोज अग्रवाल, नगर पंचायत उपाध्यक्ष कृष्णा जायसवाल, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक व स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इन कार्यों का किया लोकार्पण व भूमिपूजन वित्त मंत्री चौधरी ने कार्यक्रम में 50 लाख रुपए की लागत से सेठ जयदयाल कन्या प्राथमिक शाला भवन और 42.28 लाख रुपए की लागत से इंद्रप्रस्थ मिनी स्टेडियम में सीटिंग व्यवस्था का लोकार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने 40 लाख रुपए से इंद्रप्रस्थ मिनी स्टेडियम उन्नयन, 20 लाख रुपए की लागत से बास्केटबॉल कोर्ट निर्माण, 5 लाख रुपए की लागत से पेंशनर भवन के पास स्नानागार, शौचालय व कक्ष निर्माण और 1.14 करोड़ से अधिक लागत से बी.टी. रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। साथ ही, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, ऑक्सीजोन, मुक्तिधाम, बायपास सड़क और अन्य विकास कार्यों को भी प्राथमिकता देने की बात कही।

रायपुर में डेका का संदेश: रिपोर्ट से नहीं, जमीनी हकीकत से जांचें योजनाओं का क्रियान्वयन

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज राजभवन में प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (प्रधानमंत्री जनमन योजना) के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे केवल फील्ड रिपोर्ट पर निर्भर न रहें बल्कि निचले स्तर पर जाकर योजनाओं का क्रियान्वयन देंखें।     राज्यपाल डेका ने प्रदेश के पीएम जनमन क्षेत्रों में विभिन्न विभागों के कार्याे की समीक्षा की और संचालित कार्याे की जमीनी हकीकत देखने के लिए इन ग्रामों का दौरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजना का मूल उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों को केन्द्र द्वारा तय सुविधाओं का लाभ पहुंचाना है। इन वर्गाे तक मूलभूत सुविधाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क आदि देना पहली प्राथमिकता है। जो योजनाएं संचालित है वे तय समय पर पूर्ण हो जाएं। पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में सुविधाएं पहुंचे इसके लिए सही एप्रोच जरूरी है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के सहयोग और समन्वय से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव एवं सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। डेका ने निर्देश दिया कि सतत् विकास की प्रक्रिया मे पर्यावरण को अनदेखा न किया जाए। जो विकास के कार्य हो रहे है, उसमें पेड़ों को बचाकर रखा जाए। उन्होंने कहा कि पानी को लेकर गंभीर होना है। जमीनी जल स्तर और वर्षा का मापन करे और उसके अनुसार योजनाएं बनाएं। रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता दे। सौर विद्युतीकरण की प्रगति पर उन्होंने असंतोष जताया और कहा कि इस क्षेत्र में जो चुनौतियां है उसका सभी मिलकर निराकरण करेंगे। बैठक मे राज्यपाल डेका ने पीएम जनमन क्षेत्रों में आंगनबाड़ी निर्माण की प्रगति की जानकारी ली और कहा कि आंगनबाड़ीयों में लाइवलीहुड के लिए कार्य होना चाहिए। उन्होंने राज्य में स्व सहायता समूहों के गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में भी नवाचार को प्रोत्साहित करे। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में नवाचार करने वाले स्व सहायता समूहों को राजभवन द्वारा भी पुरूस्कृत किया जाएगा। डेका ने जनजातीय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता से नवाचार करने पर बल दिया।

सूरजपुर जिले में 61,413 महिला संग्राहकों को मिलेगी चरण पादुका

रायपुर : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने चरण पादुका का किया वितरण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने चरण पादुका का किया वितरण सूरजपुर जिले में 61,413 महिला संग्राहकों को मिलेगी चरण पादुका   जिला स्तरीय वन महोत्सव एवं एक पेंड़ माँ के नाम कार्यक्रम आयोजित सूरजपुर वन मंडल में इस साल 7 लाख पौधों का होगा रोपण  मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आम का पौधा लगाया  रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में आज सूरजपुर वनमंडल अंतर्गत गायत्री रोपणी नमदगिरी के समीप आयोजित जिला स्तरीय वन महोत्सव एवं एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार की चरण पादुका योजना का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस मौके पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने तेन्दूपत्ता संग्राहक महिलाओं को चरण पादुकाएं प्रदान करते हुए सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी। चरण पादुका योजना के तहत सूरजपुर जिले में 61,413 तंेदूपत्ता संग्राहक परिवार की महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है।  मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इस अवसर पर आम का पौधा रोपित कर जिला स्तरीय वन महोत्सव एवं एक पेड़ मां के नाम 2.0 कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया। सूरजपुर वनमण्डल अंतर्गत इस साल कैम्पा, ग्रीन इंडिया मिशन, ग्रीन क्रेडिट योजना के तहत 7 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। ’’किसान वृक्ष मित्र योजना’’ के तहत् हितग्राहियों के निजी भूमि पर ढाई लाख क्लोनल नीलगिरी पौधों का रोपण भी किया जायेगा। सूरजपुर जिले में वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए मनरेगा योजना के तहत् तैयार किये गये पौधों का निःशुल्क वितरण भी ग्रामीणों को किया जा रहा है।  मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि तेन्दूपत्ता संग्राहक महिलाओं के परेशानियों को ध्यान में रखते हुए इस योजना की शुरूआत की गई थी, ताकि तेन्दूपत्ता संग्रहण के दौरान पैरों में कांटा, कंकड़ न चुभे। पूर्ववर्ती सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया था, जिसे प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने फिर से शुरू किया है। यह योजना तेन्दूपत्ता संग्राहक महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ी है। उन्होंने शत-प्रतिशत संग्राहक महिलाओं को इस योजना का लाभ सुनिश्चित करने की बात कही।  प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए पेड़ पौधे लगाना बहुत जरूरी है। प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते  एवं वन विकास निगम अध्यक्ष रामसेवक पैकरा ने सभी को अपने-अपने माता के नाम से एक पेड़ लगाने और उसकी सुरक्षा की अपील की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चन्द्रमणि पैकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा राजलाल राजवाडे, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती स्वाति सिंह, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष मनमत कुमार बछाड, नगरपालिका उपाध्यक्ष शैलेष कुमार अग्रवाल एवं अन्य जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर एस जयवर्धन एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों और नागरिकों द्वारा पौधरोपण किया गया।

शासन के योजनाओं क्रियान्वयन की ली जानकारी, बिरहोर परिवारों की मांगों और समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश

रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी रायगढ़ प्रवास के दौरान लैलूंगा के कुर्रा गांव में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति के बिरहोर परिवारों के बीच पहुंचे। यहां उन्होंने सुकनी बिरहोर के पीएम आवास का गृह प्रवेश कराया और नए मकान की पूरे परिवार को बहुत बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने परिवार के नन्हें बच्चे दिलीप बिरहोर से ही गृह प्रवेश का फीता कटवाया।            इस दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने कुर्रा में चौपाल लगा कर बिरहोर समुदाय के परिवारों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। पीएम जनमन योजना के तहत परिवारों को मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्य धारा से जोडऩे के लिए पीएम जनमन योजना के माध्यम से सभी जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। रायगढ़ में रह रहे बिरहोर परिवारों के लिए पीएम आवास का निर्माण प्राथमिकता से किया गया है। इसी तरह शासन की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं से भी उन्हें जोड़ा जा रहा है। मुलाकात के दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने बिरहोर परिवारों से उनकी समस्याओं और मांगों के संबंध में चर्चा की। उपस्थित लोगों ने सीसी रोड, सोलर स्ट्रीट लाइट के साथ ही पानी की उपलब्धता के लिए सुविधाओं को बढ़ाने की बात रखी।  सामुदायिक भवन निर्माण की मांग भी की गई। वित्त मंत्री चौधरी ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को बिरहोर परिवारों के आवश्यकता अनुरूप सुविधाओं का प्राथमिकता से विस्तार करने के निर्देश दिए। उन्होंने वहां मौजूद बच्चों को दुलार किया और सभी को अच्छे से पढ़ाई करने की सलाह दी।           इस मौके पर पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया, नगर पंचायत अध्यक्ष कपिल सिंघानिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति भगत, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांता भगत व गोपाल अग्रवाल, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष मनोज अग्रवाल, मनोज सतपथी, रमेश होता, कुर्रा की सरपंच दमयंती राठिया, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व ग्रामवासी उपस्थित रहे।

मंत्री नेताम ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया आम का पौधारोपण

रायपुर : किसानो के हित में निरंतर कार्य कर रही है राज्य सरकार: मंत्री  रामविचार नेताम कृषि मंत्री ग्राम जाबर में आयोजित किसान सम्मेलन में हुए शामिल मंत्री नेताम ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया आम का पौधारोपण 664.43 लाख रूपए की 31 कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन रायपुर कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम आज बलरामपुर जिले के ग्राम जाबर में आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान 664 लाख 43 हजार रूपए लागत की 31 कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें राज्य कृषि विपणन मंडी बोर्ड अन्तर्गत विकासखंड बलरामपुर के ग्राम पंचायतों में सी.सी. रोड के 28 एवं पुल-पुलिया निर्माण के 03 इस तरह कुल 31 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण  किया। जिसमें 21 कार्यों का भूमि पूजन जिसकी लागत 408.72 लाख रूपए और 10 कार्यों का लोकार्पण जिसकी लागत 255.71 लाख रूपए शामिल है। उन्होंने इस मौके पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत आम का पौधारोपण किया। उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सामग्री का वितरण भी किया।   कार्यक्रम में मंत्री श्री नेताम के द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र के 8 किसान को सम्मानित किया गया। कृषि विभाग से 20 किसानो को रामतिल, उद्यान विभाग से 67 किसानों को पौध वितरण  मत्स्य विभाग के द्वारा 01 किसान को कोल्ड बॉक्स, वन विभाग अंतर्गत 10 महिलाओं को चरण पादुका का वितरण किया गया। साथ ही स्वेछानुदान राशि के चेक का वितरण भी किया। इस दौरान उन्होंने प्राकृतिक खेती एवं फसल प्रबंधन पुस्तक का विमोचन भी किया।  कृषि मंत्री श्री नेताम ने किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसान हितैषी सरकार है। हमारी सरकार किसानों के हित में कार्य करने व उन्हें लाभान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सभी वर्गों का निरंतर विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसे महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से राज्य सरकार प्रदेश के अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने के लिए प्रयासरत है। प्रतिवर्ष धान की खरीदी के समर्थन मूल्य में निरंतर वृद्धि की जा रही है, जिससे किसानों को उनकी उपज का समुचित मूल्य मिल रहा है जिससे क्षेत्र में भी किसान बहुतायत में धान की फसल ले रहे है। उन्होंने धान के स्थान पर अन्य फसल जैसे मोटा अनाज, दलहन, तिलहन जैसे फसलों लेने प्रेरित किया जिससे कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिल सके। साथ ही उन्होंने डीएपी के वैकल्पिक का उपयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि तेंदूपता संग्राहक को डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में राशि का अन्तरण किया जा रहा है। इस डिजिटल क्रांति के माध्यम से देश-प्रदेश में बदलाव आया है। डिजिटल क्रांति के माध्यम से शासन की योजनाएं पारदर्शी ढंग से अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही हैं।

फिशरीज सेक्टर में क्रांति: हसदेव डुबान में शुरू होगा छत्तीसगढ़ का पहला एक्वा पार्क

उत्पादन प्रोसेसिंग से लेकर एक्वा टूरिजम से बढ़ेगी ग्रामीणों की आय रायपुर, छत्तीसगढ़ में जल्द ही मछली पालन के क्षेत्र में एक नये युग की शुरूआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से केन्द्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के कोरबा जिले में हसदेव बांगो डुबान जलाशय में पहला एक्वा पार्क स्थापित होने जा रहा है। इसके लिए प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत केन्द्र सरकार से 37 करोड़ 10 लाख रूपए से अधिक की राशि स्वीकृत हो चुकी हैं। यह एक्वा पार्क एतमा नगर और सतरेंगा क्षेत्र में फैलें सैकड़ों एकड़ डुबान जलाशय में विकसित होगा। इस एक्वा पार्क विकसित हो जाने से राज्य में मछली पालन के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन होगा। मछली उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग, विक्रय, निर्यात और एक्वा टूरिजम से क्षेत्र के ग्रामीणों की आय बढ़ेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पार्क की स्थापना के लिए राशि स्वीकृत करने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित केन्द्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। कोरबा जिले के हसदेव बांगो जलाशय के डुबान क्षेत्र में विकसित होने वाले इस एक्वा पार्क में दो तरह की सुविधाएं होंगी। एतमा नगर में फीड मिल, फिश प्रोेसेसिंग प्लांट, हेचरी और रिसर्कुलेटरी एक्वा कल्चर सिस्टम स्थापित होगा। वहीं सतरेंगा में एक्वा टूरिजम को बढ़ाने के लिए म्यूजियम और अन्य सुविधा विकसित की जाएंगी। एतमा नगर में मछलियों के उत्पादन से लेकर उनकी प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के साथ-साथ उन्हें विदेशों में एक्सपोर्ट करने तक की सुविधा विकसित होगी। हेचरियों में मछलियों के बीज उत्पादन से लेकर फीड मिल में पूरक पोषक आहार भी यहीं बनेगा। फिश प्रोसेसिंग प्लांट में मछलियों की सफाई, हड्डियां हटाकर फिले बनाना और उसे उच्च स्तरीय गुणवत्ता वाले पैकेजिंग सिस्टम से पैक कर विदेशों में निर्यात करने की पूरी व्यवस्था यहां की जाएगी। एतमा नगर के इस प्रोसेसिंग यूनिट से हटकर सतरेंगा में एक्वा म्यूजियम बनेगा। पहले ही सतरेंगा पर्यटन की दृष्टि से छत्तीसगढ़ का प्रमुख वाटर बॉडी है। एक्वा म्यूजियम बन जाने से विभिन्न प्रकार की मछलियों को पर्यटकों की जानकारी के लिए यहां रखा जाएगा। इसके साथ ही सतरेंगा में एंगलिंग डेस्क, कैफेटेरिया, फ्लोटिंग हाउस तथा मोटर बोट सहित वाटर स्पोर्ट्स की सविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे क्षेत्र में पर्यटन बढ़ेगा। पर्यटन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय ग्रामीणों की आय बढ़ने से उनके जीवन स्तर में सुधार होगा। एक्वा पार्क बनने से प्रदेश में मछली व्यवसाय को मिलेगी नई दिशा – मुख्यमंत्री साय इस एक्वा पार्क की स्वीकृति मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के मछली पालकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि इस एक्वा पार्क से न केवल मछली पालन की नई उन्नत तकनीकें लोगों तक पहुंचेंगी, बल्कि प्रोसेसिंग-पैकेजिंग यूनिट से छत्तीसगढ़ के मछली व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की तिलपिया मछली की विदेशों में बहुत मांग है और इस एक्वा पार्क में इस मछली के उत्पादन से छत्तीसगढ़ के मछली पालकों के लिए अब सात समुन्दर पार भी व्यापार के द्वार खुलेंगे। उन्होंने एक्वा पार्क की स्थापना को मछली पालन के क्षेत्र में राज्य को आत्मनिर्भर बनाने वाला निर्णय बताया है। अभी लगभग 800 केज में हो रहा मछली उत्पादन, 160 से अधिक मछुआरें उठा रहे लाभ हसदेव बांगो जलाशय के डुबान क्षेत्र में वर्तमान समय में लगभग 800 केज लगे हैं। जहां मछली पालन विभाग के अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में लगभग 9  मछुआ समितियों के 160 सदस्य मछली पालन कर रहे हैं। उन्हें पांच-पांच केज आबंटित किए गए हैं। केज कल्चर से इन सदस्यों को औसतन 90 हजार रूपए सालाना शुद्ध आमदनी मिल रही है। मछुआ समिति के सदस्य दीपक राम मांझीवार, अमर सिंह मांझीवार और श्रीमती देवमति उइके ने बताया कि केज कल्चर से उन्हें न केवल रोजगार मिला है, बल्कि मछलियों का उत्पादन बढ़ जाने से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। इस क्षेत्र में हर साल लगभग 1600 मेट्रिक टन मछली का उत्पादन हो रहा है। केज कल्चर से मछली पालन में 70 से 80 लोग सीधे तौर पर रोजगार पा रहे हैं, वहीं 20 से 25 पैगारों-चिल्हर विक्रेताओं को बेचने के लिए हर दिन मछली मिल रही हैं। यहां मछली पालन के विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को उन्नत तकनीकों से प्रशिक्षित किया है। हसदेव बांगो डुबान केज कल्चर में मुख्यतः तिलपिया और पंगास मछली का उत्पादन किया जा रहा है। तिलपिया प्रजाति की मछली की अमेरिका में विशेष मांग है और इसका सीमित मात्रा में अभी निर्यात किया जा रहा है। एक्वा पार्क स्थापित कर इस मछली का उत्पादन बढ़ाकर अमेरिका सहित दूसरे यूरोपीय देशों में भी इसका निर्यात बढ़ाने की योजना है। इस मछली का निर्यात बढ़ने से बड़ी संख्या में स्थानीय स्तर पर ग्रामीणजन इस व्यवसाय से जुडे़ंगे और उनकी आमदनी बढ़ने से क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी। एतमा नगर के साथ ही सतरेंगा में एक्वा पार्क के विस्तार तथा डिमोस्ट्रेशन यूनिट स्थापित हो जाने से पर्यटन बढ़ेगा। देश-प्रदेश से लोग यहां मनोरंजन के साथ-साथ स्वादिष्ट मछलियों के कई प्रकार के व्यंजनों का भी लुफ्त उठा सकेंगे, इससे भी स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और उनकी आय में बढ़ोत्तरी होगी।  

ACB की त्वरित कार्रवाई, रिश्वत लेते तहसीलकर्मी को पकड़ा

सूरजपुर छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में आज सूरजपुर तहसील कार्यालय में एसीबी की टीम ने छापेमारी कर बाबू को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा है। ACB की इस कार्रवाई से तहसील कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि बाबू ने पीड़ित से जमीन नामांतरण के एवज में 25000 रुपये की डिमांड की थी। जानकारी के अनुसार, तहसील कार्यालय में पदस्थ बड़े बाबू जुगेश्वर राजवाड़े को एसीबी की टीम ने 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। आरोपी कर्मचारी एक किसान से जमीन नामांतरण (म्यूटेशन) की प्रक्रिया के एवज में यह राशि मांग रहा था। पीड़ित किसान ने इसकी शिकायत एसीबी कार्यालय में की थी। शिकायत की पुष्टि के बाद ACB ने जाल बिछाया और फिर राशि लेते समय आरोपी को तहसील परिसर में ही धर दबोचा। उसके पास से रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई है और पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई है। फिलहाल, आरोपी से बंद कमरे में पूछताछ की जा रही है।

हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान: रईसजादों के हाईवे जाम पर सरकार से मांगा स्पष्टीकरण

बिलासपुर न्यायधानी में भाजपा नेता के करीबी और रसूखदार लड़कों ने लग्जरी कारें खड़ी कर एनएच-130 जाम कर दिया था। इस मामले में हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरू की डिवीजन बेंच में मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा कि लक्जरी कारों की जब्ती क्यों नहीं बनाई गई। हाईकोर्ट ने राज्य शासन से जवाब मांगा है। रसूखदार युवकों द्वारा लग्जरी गाड़ियां खड़ी कर एनएच जाम करने को लेकर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा ने संज्ञान में लिया है। उन्होंने जनहित याचिका के रूप में केस की सुनवाई शुरू की है। सोमवार को उन्होंने हाईवे जाम करने वाली गाड़ियों की जब्ती नहीं बनाने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। साथ ही इस मामले में शपथपत्र के साथ सरकार को जवाब देने कहा है। बता दें कि नई कार खरीदकर लड़कों ने रील्स बनाने के लिए नेशनल हाईवे को जाम कर दिया था, जिसका ड्रोन से वीडियो शूट कर नई कार खरीदने का जश्न भी मनाया। इससे लोग परेशान होते रहे। पुलिस ने रईसजादों पर FIR करने की बजाय सिर्फ जुर्माने की कार्रवाई की है। पुलिस की चालानी कार्रवाई के अनुसार रसूखदारों में वेदांश शर्मा, सिद्धार्थ शर्मा, यशवंत, दुर्गेश ठाकुर, विपिन वर्मा, अभिनव पांडेय शामिल हैं। इस मामले में पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। दो-दो हजार का काटा चालान पर गाड़ी नंबर बताए न लड़कों के नाम एडिशनल एसपी ट्रैफिक राम गोपाल करियारे ने बताया कि रतनपुर रोड में एक के बाद एक 6 कार को खतरनाक ढंग से लहराते हुए कट मारकर गाड़ी चलाते हुए देखा गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। एसएसपी रजनेश सिंह ने तुरंत इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। रतनपुर रोड पर तैनात प्रभारी एएसआई केके मरकाम और स्टाफ ने सभी गाड़ियों को रोक कर 2000-2000 की चालानी कार्रवाई की, लेकिन एडिशनल एसपी ने इन 6 लड़कों के न तो नाम बताए और न ही जिन गाड़ियों का चालान काटा गया उनकी गाड़ी नंबर बताए।

सरकारी मदद न मिलने पर आत्मदाह की कोशिश, पेट्रोल छिड़कते ही अफसरों में मची भागदौड़

धमतरी छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पीड़ित युवक आवास नहीं मिलने से नाराज होकर कलेक्ट्रेट के सामने पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया. कलेक्ट्रेट के सामने सुरक्षा कर्मियों ने युवक को धर दबोचा और उसे नहलाकर तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया. बताया जा रहा है कि ग्राम डोमा निवासी पीड़ित करण सोनकर जिला प्रशासन को 6 से 7 बार आवास के लिए आवेदन कर चुका है, लेकिन युवक के आवास को लेकर अब तक कोई भी विचार प्रशासन ने नहीं किया है. इससे परेशान होकर युवक ने यह आत्मघाती कदम उठाया, ताकि यह कदम उठाने से उसकी परेशानी को कोई सुन सके और उसकी मदद कर सके. पीड़ित युवक ने बताया कि वह आवास नहीं मिलने के कारण काफी ज्यादा परेशान हो चुका है. गांव की सरपंच गुंजा साहू के व्यवहार से भी वह काफी ज्यादा परेशान है. आवास के लिए दिए हुए आवेदन में पीड़ित युवक का नाम भी काट दिया गया है. इसके चलते वह आत्मदाह करने का मन बनाकर कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचा था, लेकिन कलेक्ट्रेट के सामने मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने युवक को देख लिया, जिससे एक बड़ा हादसा होते हुए टल गया. वहीं युवक को सुरक्षा कर्मियों ने पड़कर उसे नहलाकर जिला अस्पताल इलाज के लिए ले गया. वहीं अब रुद्री पुलिस युवक को पड़कर पूछताछ कर रही है.

केवल रिपोर्ट पर निर्भर न रहें, निचले स्तर पर जाकर योजनाओें का क्रियान्वयन देखें : डेका

प्रधानमंत्री जनमन योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की राज्यपाल ने रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने आज राजभवन में प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (प्रधानमंत्री जनमन योजना) के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे केवल फील्ड रिपोर्ट पर निर्भर न रहें बल्कि निचले स्तर पर जाकर योजनाओं का क्रियान्वयन देंखें। राज्यपाल श्री डेका ने प्रदेश के पीएम जनमन क्षेत्रों में विभिन्न विभागों के कार्याे की समीक्षा की और संचालित कार्याे की जमीनी हकीकत देखने के लिए इन ग्रामों का दौरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजना का मूल उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों को केन्द्र द्वारा तय सुविधाओं का लाभ पहुंचाना है। इन वर्गाे तक मूलभूत सुविधाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क आदि देना पहली प्राथमिकता है। जो योजनाएं संचालित है वे तय समय पर पूर्ण हो जाएं। पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में सुविधाएं पहुंचे इसके लिए सही एप्रोच जरूरी है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के सहयोग और समन्वय से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव एवं सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। श्री डेका ने निर्देश दिया कि सतत् विकास की प्रक्रिया मे पर्यावरण को अनदेखा न किया जाए। जो विकास के कार्य हो रहे है, उसमें पेड़ों को बचाकर रखा जाए। उन्होंने कहा कि पानी को लेकर गंभीर होना है। जमीनी जल स्तर और वर्षा का मापन करे और उसके अनुसार योजनाएं बनाएं। रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता दे। सौर विद्युतीकरण की प्रगति पर उन्होंने असंतोष जताया और कहा कि इस क्षेत्र में जो चुनौतियां है उसका सभी मिलकर निराकरण करेंगे। बैठक मे राज्यपाल डेका ने पीएम जनमन क्षेत्रों में आंगनबाड़ी निर्माण की प्रगति की जानकारी ली और कहा कि आंगनबाड़ीयों में लाइवलीहुड के लिए कार्य होना चाहिए। उन्होंने राज्य में स्व सहायता समूहों के गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में भी नवाचार को प्रोत्साहित करे। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में नवाचार करने वाले स्व सहायता समूहों को राजभवन द्वारा भी पुरूस्कृत किया जाएगा। श्री डेका ने जनजातीय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता से नवाचार करने पर बल दिया।