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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट फिर लौटा रफ्तार में, अवकाश के बाद आज से नियमित कामकाज शुरू

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का समर वेकेशन समाप्त हो गया है. सोमवार से हाईकोर्ट में नियमित सुनवाई शुरू होगी. हाईकोर्ट प्रशासन ने 15 जून से शुरू होने वाले सप्ताह की कॉज लिस्ट भी जारी कर दी है. ईंधन की बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट प्रशासन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को वाहन साझा (व्हीकल शेयरिंग) कर कार्यालय आने की सलाह दी है. समर वेकेशन के दौरान लागू की गई वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था भी समाप्त कर दी गई है. अब सभी अधिकारी और कर्मचारी नियमित रूप से कार्यालय पहुंचकर कार्य करेंगे. वाहन शेयर करने की सलाह हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता में सुधार हुआ है, लेकिन अनावश्यक खर्च से बचना अभी भी जरूरी है। न्यायिक अधिकारियों से कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर ही सरकारी वाहनों का उपयोग करें। हाईकोर्ट में 18 मई से प्रारंभ हुआ ग्रीष्मकालीन अवकाश अब समाप्त हो गया है। वाहन साझा करने की सलाह हाईकोर्ट और जिला न्यायपालिका के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां संभव हो, वे अपने सरकारी वाहनों का उपयोग अन्य अधिकारियों के साथ साझा करें। इससे ईंधन की बचत होगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। 18 मई से था ग्रीष्मकालीन अवकाश हाईकोर्ट में 18 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हुआ था। इस दौरान जरूरी मामलों की सुनवाई के लिए वेकेशन बेंचों का गठन किया गया था। प्रत्येक सप्ताह डिवीजन बेंच और सिंगल बेंच में निर्धारित दिनों पर सुनवाई जारी रही। जारी हुई नई कॉज लिस्ट हाईकोर्ट प्रशासन ने 15 जून से शुरू होने वाले सप्ताह की कॉज लिस्ट भी जारी कर दी है। नियमित कामकाज शुरू होने के साथ ही लंबित मामलों की सुनवाई फिर से सामान्य तरीके से की जाएगी। वर्क फ्रॉम होम खत्म, कोर्ट में होगी सीधी पैरवी हाईकोर्ट प्रशासन ने वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था भी समाप्त कर दी है। अब अधिवक्ता पहले की तरह कोर्ट रूम में उपस्थित होकर अपने मामलों की पैरवी करेंगे। हालांकि, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा पूर्व की तरह उपलब्ध रहेगी, जिससे जरूरत पड़ने पर वर्चुअल भी सुनवाई में शामिल हुआ जा सकेगा।

बस्तर को देश का सबसे सुंदर और विकसित आदिवासी संभाग बनाएंगे : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

बस्तर देश का सबसे सुंदर और विकसित आदिवासी संभाग बनेगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बस्तर के आर्थिक विकास और लघु वनोपजों के समुचित उपयोग के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक का विमोचन रायपुर  नक्सलवाद का दंश झेलते-झेलते बस्तर चार दशकों तक विकास की मुख्यधारा से दूर रहा, लेकिन अब नक्सलवाद की समाप्ति के साथ केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से बस्तर को देश का सबसे सुंदर और विकसित आदिवासी संभाग बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  आज राजधानी रायपुर में आयोजित ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक के विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. शशांक शर्मा, पांचजन्य के संपादक हितेश शंकर सहित अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद के कारण बस्तर विकास की दौड़ में काफी पीछे रह गया था। अब परिस्थितियां बदल रही हैं और एक नए, विकसित तथा समृद्ध बस्तर के निर्माण का अवसर प्राप्त हुआ है। राज्य सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिनसे आमजन को मूलभूत सुविधाओं सहित सभी आवश्यक सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो दिन पूर्व ही यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण किए हैं। उनके नेतृत्व में देश ने अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनमें नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में मिली सफलता भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद देश की आंतरिक सुरक्षा के समक्ष सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में इस चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया गया। उन्होंने कहा कि मजबूत नेतृत्व समाज में विश्वास और उत्साह का संचार करता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में माओवाद के विरुद्ध सामूहिक संकल्प विकसित हुआ। सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ा, आम जनता खुलकर माओवाद के विरोध में सामने आई और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद की। इस संघर्ष में लेखकों, पत्रकारों और बुद्धिजीवियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बस्तर आए थे, जहां उन्होंने पत्रकारों से मुलाकात कर उनके योगदान की सराहना की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव रंजन प्रसाद और सुरचना नायडू ने यह पुस्तक ऐसे समय में लिखी है, जब माओवाद की समाप्ति हो चुकी है। इस दृष्टि से यह पुस्तक और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। समय के साथ स्मृतियां धुंधली हो जाती हैं और घाव भरने लगते हैं। ऐसे में आवश्यक है कि माओवाद के कठिन दौर और उससे मुक्ति के संघर्ष को दस्तावेज़ी रूप में सुरक्षित रखा जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उससे सीख सकें। उन्होंने कहा कि जब भावी पीढ़ियां इस विषय पर लिखी पुस्तकों को पढ़ेंगी, तब उन्हें यह समझने का अवसर मिलेगा कि माओवाद से मुक्ति के लिए समाज और सुरक्षा बलों ने कितना कठिन संघर्ष किया तथा कितने जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। यह पुस्तक उन्हें यह भी बताएगी कि हिंसा किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकती और लोगों का विश्वास केवल संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर ही जीता जा सकता है। मुख्यमंत्री ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि लेखकों ने अत्यंत गंभीर और व्यापक शोध किया है। उन्होंने बस्तर समाज के विभिन्न वर्गों, आत्मसमर्पित नक्सलियों तथा नक्सलवाद को निकट से देखने और झेलने वाले लोगों से संवाद कर महत्वपूर्ण तथ्यों का संकलन किया है। पुस्तक यह उजागर करती है कि किस प्रकार माओवादी नेतृत्व ने अपने कैडर का विस्तार किया और अनेक परिवारों पर संगठन में सदस्य भेजने का दबाव बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लेखकों ने अपने शोध में जिन पूर्व नक्सलियों से बातचीत की, उनमें लगभग 80 प्रतिशत लोग अशिक्षित या केवल पांचवीं कक्षा तक शिक्षित पाए गए। जिस आयु में उनके हाथों में कलम होनी चाहिए थी, उस आयु में उन्हें हथियार थमा दिए गए। माओवाद ने एक पूरी पीढ़ी को शिक्षा से वंचित रखा, उन्हें परिवार और समाज से दूर कर दिया। उन्होंने कहा कि राजीव रंजन प्रसाद ने बस्तर पर पहले भी कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें माओवाद का वास्तविक चेहरा उजागर करने के साथ-साथ बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति का भी प्रभावी चित्रण किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अब बस्तर के नवनिर्माण का समय है। राज्य सरकार ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ के माध्यम से योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। नियद नेल्ला नार योजना और बस्तर मुन्ने अभियान के जरिए शासकीय योजनाओं का लाभ सैचुरेशन मोड में लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। जहां पहले सुरक्षा कैंप स्थापित थे, वहां अब सेवा डेरे विकसित किए जा रहे हैं, जो शासकीय सेवाओं, कौशल विकास और उद्यमिता के केंद्र बनेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बस्तर की लगभग 85 प्रतिशत आबादी की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन के माध्यम से अगले तीन वर्षों में इस आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। सहकारिता के माध्यम से बस्तर को अग्रणी संभाग बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जनजातीय परिवारों को गाय अथवा भैंस उपलब्ध कराकर कृषि के साथ पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अब तक लाखों लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है और उन्हें बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नए बस्तर में कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। बंद पड़े 421 स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया गया है तथा अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार बैराज का निर्माण किया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में किसानों को सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से यहां की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को … Read more

कृषि विभाग की सख्ती, खाद की 1500 बोरियां जब्त, दो दुकानों पर गिरी गाज

धमतरी. धमतरी जिले में खरीफ सीजन से पहले खाद की कालाबाजारी पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है. इसी कड़ी में कृषि विभाग की टीम विभिन्न उर्वरक विक्रय केंद्रों में जांच के लिए पहुंची. निरीक्षण के दौरान मगरलोड विकासखंड के करेली छोटी स्थित वंदना खाद भंडार में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर उर्वरक बिक्री और कम्प्यूटराइज्ड बिल नहीं देने की शिकायत सही पाई गई. अनियमितता की पुष्टि होने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रतिष्ठान का उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिया. साथ ही दुकान में रखी 859 बोरी रासायनिक उर्वरक भी जब्त कर ली गई. मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है. अन्य प्रतिष्ठानों पर भी हुई कार्रवाई नगरी विकासखंड के बेलरगांव स्थित पवार ट्रेडर्स से 600 बोरी और जय किसान ट्रेडर्स से 100 बोरी जैविक खाद जब्त की गई. दोनों प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है. कुरूद विकासखंड के चण्डी ट्रेडर्स और किसान ट्रेडर्स में POS मशीन के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाए जाने के साथ ही मूल्य सूची और उपलब्ध स्टॉक की जानकारी प्रदर्शित नहीं की गई थी. इस गंभीर अनियमितता पर दोनों प्रतिष्ठानों के उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं. कृषि विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से कालाबाजारी करने वाले प्रतिष्ठानों में हड़कंप मच गया है. वहीं प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक खरीदते समय अनिवार्य रूप से पक्का बिल लें और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत कृषि विभाग या जिला प्रशासन को दें.

दशकों का इंतजार खत्म! बस्तर के तीन गांवों में पहली बार गूंजेगी बच्चों की पाठशाला

दंतेवाड़ा. मलगिर क्षेत्र के बड़ेपल्ली, लावा और बैंगपाल गांवों में आजादी के बाद पहली बार स्कूल शुरू होने जा रहे हैं. इन गांवों के 65 बच्चे पहली बार औपचारिक शिक्षा से जुड़ेंगे. इलाका अब तक सड़क और शैक्षणिक सुविधाओं से वंचित रहा है. शिक्षा विभाग की टीम ने गर्मी की छुट्टियों में दुर्गम रास्तों पर पैदल पहुंचकर सर्वे किया. घर-घर जाकर बच्चों की पहचान और दस्तावेज तैयार किए गए. अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया. फिलहाल ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराए गए भवनों में कक्षाएं संचालित होंगी. भविष्य में स्थायी स्कूल भवन बनाने की योजना तैयार की जा रही है. यह पहल दूरस्थ इलाकों में शिक्षा पहुंचाने की बड़ी कोशिश मानी जा रही है. साथ ही स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा पढ़ाई से जोड़ने का अभियान भी जारी है. पलायन और अन्य कारणों से शिक्षा से दूर हुए बच्चों की सूची तैयार की जा रही है. बस्तर के इन गांवों में अब पहली बार बच्चों के हाथों में कलम और किताब दिखाई देगी.

संत गाडगे बाबा के आदर्शों पर चलकर समरस, स्वच्छ और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करें : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर.  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर जिले के बोदरी में आयोजित संत शिरोमणि गाडगे बाबा की 150वीं जयंती, शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने संत गाडगे बाबा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके बताए सेवा, स्वच्छता, सामाजिक समरसता तथा मानव कल्याण के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने लगभग 42 करोड़ रुपये की लागत की सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि मजबूत सड़क अधोसंरचना विकास की आधारशिला है और इन परियोजनाओं से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बढ़ने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संत गाडगे बाबा का संपूर्ण जीवन समाज सुधार, स्वच्छता और मानव सेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने छुआछूत, अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष कर समाज को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और एक बेहतर समाज के निर्माण के लिए प्रेरणा प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित स्वच्छ भारत मिशन, संत गाडगे बाबा के स्वच्छता और जनजागरण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कन्नौजे रजक समाज के सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 60 लाख रुपये तथा संत गाडगे भवन निर्माण हेतु 25 डिसमिल भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की। साथ ही सन्नडय कुर्मी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 60 लाख रुपये और वर्मा समाज के सामुदायिक भवन के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने धमनी-चकरभाठा मिडिल स्कूल को हाई स्कूल में उन्नयन, बोदरी में एयरपोर्ट के समीप खेल मैदान उपलब्ध कराने तथा जोरा तालाब के सौंदर्यीकरण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और समाज के पदाधिकारियों का सम्मान करते हुए कहा कि ऐसे सम्मान समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और सेवा की भावना को प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज को संगठित और जागरूक बनाने में सामाजिक संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 2500 किलोलीटर क्षमता के पानी टंकी निर्माण का किया भूमिपूजन

रायपुर.  उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज रायपुर के खम्हारडीह में बहुप्रतीक्षित 2500 किलोलीटर क्षमता के पानी टंकी के निर्माण का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से करीब 20 करोड़ 93 लाख रुपए की लागत से बनने वाली इस पानी टंकी से शहर के 2500 घरों को पानी मिलेगा। इसके लिए चार वार्डों, वार्ड क्रमाकं-9, 10, 30 और 31 में 25 किमी डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन और 2 किमी राइजिंग मेन पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके निर्माण से इन चारों वार्डों में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था सुदृढ़ होगी। विधायकगण सुनील सोनी और पुरंदर मिश्रा तथा महापौर श्रीमती मीनल चौबे भी भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुईं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नागरिकों को पेयजल उपलब्ध कराना सरकार का प्राथमिक दायित्व है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महापौर श्रीमती मीनल चौबे के नेतृत्व में रायपुर के सभी क्षेत्रों का तेजी से विकास किया जा रहा है। रायपुर को राजधानी के अनुरूप सजाया और संवारा जा रहा है। रायपुर के चारों विधायक और महापौर शहर के विकास और जनसुविधाएं बढ़ाने लगातार सक्रियता से विकास एवं निर्माण कार्य स्वीकृत करवा रहे हैं। विधायक पुरंदर मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने खम्हारडीह में नई पानी टंकी के निर्माण का अपना वादा आज पूर्ण कर दिया है। पूर्ववर्ती सरकार ने जितना काम 5 वर्षों में नहीं किया, विष्णु देव साय की सरकार ने उससे कहीं अधिक कार्य अपने ढाई साल के कार्यकाल में कर दिखाया है। वहीं महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि आज का दिन खम्हारडीह में जल समस्या के स्थायी निदान के लिए स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इसके लिए केवल राशि ही नहीं दी है, बल्कि उन्होंने यहां के लोगों को जलापूर्ति का साधन दे दिया है।   राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, रायपुर नगर निगम में जल कार्य विभाग के अध्यक्ष संतोष सीमा साहू, जोन-3 अध्यक्ष श्रीमती साधना प्रमोद साहू, एमआईसी सदस्यगण महेन्द्र खोडियार, श्रीमती संजना संतोष हियाल, अवतार भारती बागल, अमर गिदवानी, जोन 5 जोन अध्यक्ष अम्बर अग्रवाल और रमेश सिंह ठाकुर सहित अनेक पार्षदगण भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

आध्यात्मिक मूल्यों से ही संभव है स्वस्थ और संस्कारित समाज का निर्माण : मुख्यमंत्री

रायपुर.  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पोड़ी (राछा) स्थित सत्य निजनाम बोध संस्थान में आयोजित सत्य निजनाम सत्संग सम्मेलन में शामिल हुए। इस अवसर पर संस्थान के सदस्यों ने पुष्पवर्षा एवं गजमाला पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने परमपूज्य सद्गुरु सत्य कबड्डीदास जी एवं पूजनीया गुरुमाता सत्य लीला देवी जी से भेंट कर आशीर्वाद लिया तथा आश्रम परिसर में लाल चंदन का पौधा रोपा। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सत्य निजनाम बोध संस्थान आध्यात्म और नशामुक्ति के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहा है। आध्यात्मिक मूल्यों से ही स्वस्थ और संस्कारित समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए नशामुक्ति को जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता है। राज्य सरकार नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर कड़ी कार्रवाई कर रही है तथा जनजागरूकता के माध्यम से समाज को नशामुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है तथा महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को निरंतर आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास का नया वातावरण बना है। अब इन क्षेत्रों में सड़क, दूरसंचार, राशन वितरण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंच रहा है। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 1076, अटल डिजिटल सेवा केंद्र और अन्य नागरिक सेवाओं की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत भ्रष्टाचार और अपराध के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कर रही है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में सत्य निजनाम बोध संस्थान के अनुयायी उपस्थित थे।

कयाकिंग-कैनोइंग को आगे बढ़ाने हरसंभव सहयोग देगी सरकार – अरुण साव

रायपुर. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव आज नवा रायपुर के सेंध जलाशय में आयोजित 36वें नेशनल कैनो स्प्रिंट चैंपियनशिप के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों और टीमों को पुरस्कार प्रदान किए। विगत 12 जून से प्रारंभ इस चैंपियनशिप में देश के 24 राज्यों के 810 खिलाड़ियों तथा करीब 400 अधिकारियों, खेल संघों के पदाधिकारियों और सपोर्टिंग स्टॉफ ने भागीदारी की। चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश ओवरऑल चैंपियन बना। केरलम और ओड़िशा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार मंत्री गुरू खुशवंत साहेब भी समापन समारोह में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने समापन समारोह में खिलाड़ियों और विभिन्न राज्यों से आए कयाकिंग-कैनोइंग संघों के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी इस खेल में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। देशभर में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में राज्य के लिए पदक जीत कर ला रहे हैं। राज्य में कयाकिंग-कैनोइंग को और आगे बढ़ाने सरकार हरसंभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल और खिलाड़ियों की तरक्की एवं बेहतरी के लिए लगातार काम हो रहे हैं। भारत सरकार 2047 तक विकसित भारत के साथ ही देश को दुनिया की पांच बड़ी खेल शक्तियों में शामिल करने रोडमैप बनाकर काम कर रही है। ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के खिलाड़ी ज्यादा से ज्यादा पदक जीते, इसके लिए योजना बनाकर काम कर रही है।  उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि आज खेलों का महत्व केवल खेल तक ही सीमित नहीं है। यह नौजवानों के विकास और उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने का बड़ा माध्यम है। देश के वातावरण को बदलने के लिए ज्यादा से ज्यादा युवाओं को खेल के मैदान में लाना पड़ेगा। खेल के मैदान से सब कुछ मिलता है। मान-सम्मान, धन-दौलत, शोहरत… ये सब खेल के मैदान से हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो खेलेगा वही खिलेगा, इसलिए आप खूब खेलें, खूब आगे बढ़ें। उन्होंने नवा रायपुर में इस चैंपियनशिप के शानदार आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार मंत्री गुरू खुशवंत साहेब ने अपने संबोधन में कहा कि मौसम की प्रतिकूलता के बावजूद तीन दिनों तक यहां अच्छा आयोजन हुआ है। देशभर के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि खेल अब एक अच्छा करियर भी हो गया है। खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए सरकार लगातार सुविधाओं व अधोसंरचनाओं को मजबूत कर रही है। इससे बड़ी संख्या में युवा खेलों को अपना रहे हैं। उन्होंने प्रतियोगिता के सभी विजेता खिलाड़ियों एवं टीमों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।  नवा रायपुर के सेंध जलाशय में 36वें नेशनल कैनो स्प्रिंट चैंपियनशिप के तहत महिला एवं पुरूष वर्ग में जूनियर और सब-जूनियर स्तर पर कयाकिंग-कैनोइंग की विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। समापन समारोह में छत्तीसगढ़ प्रदेश कयाकिंग-कैनोइंग एसोसिएशन के अध्यक्ष बलदेव सिंह भाटिया, सचिव प्रशांत रघुवंशी, एशियन कयाकिंग-कैनोइंग एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रशांत कुशवाहा, उत्तराखंड कयाकिंग-कैनोइंग एसोसिएशन के डॉ. डी.के. सिंह और ओड़िशा कयाकिंग-कैनोइंग एसोसिएशन के विपिन दास सहित विभिन्न राज्यों के पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में मौजूद थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले में 295 करोड़ रुपये से अधिक के 341 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन

रायपुर.  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पोंड़ी (राछा) में आयोजित कार्यक्रम में जिलेवासियों को विकास की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री साय ने 295 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 341 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 70.10 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 159 कार्यों का लोकार्पण तथा 224.90 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 182 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इन विकास कार्यों के माध्यम से सड़क, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य, नगरीय अधोसंरचना तथा ग्रामीण विकास से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार होगा और जिले के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।  कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधिविधान से पूजा-अर्चना कर विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया तथा बटन दबाकर पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण कर उन्हें जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज का दिन जांजगीर-चांपा जिले के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि जांजगीर चांपा जिले को लगभग 295 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात मिल रही है, जिससे क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और जनजीवन अधिक सुगम बनेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र के संतुलित एवं समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य और अधोसंरचना से जुड़े कार्यों के माध्यम से लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से जिले में विकास की नई संभावनाएं सृजित होंगी तथा आमजन को सीधे लाभ मिलेगा। विभिन्न विभागों के कार्य शामिल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा लोकार्पित 159 कार्यों में जल संसाधन, वन, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, सीजीएमएससी, नगरीय प्रशासन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्य शामिल हैं। वहीं भूमिपूजन के 182 कार्यों में जल संसाधन विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, लोक निर्माण विभाग, सीजीएमएससी, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल, नगरीय प्रशासन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के महत्वपूर्ण विकास कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्य केवल निर्माण नहीं होते, बल्कि वे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बनते हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है और इसी सोच के साथ प्रदेश में विकास एवं जनकल्याण के कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े तथा छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

लंबित मामलों के निपटारे को मिलेगी रफ्तार, समर अवकाश के बाद कल से खुलेगा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में करीब एक माह से चल रहे समर वेकेशन ख़त्म हो गये हैं. अब यहां सोमवार 15 जून से सभी निर्धारित बेंचों में नियमित सुनवाई होगी . सोमवार से शुरू हो रहे सप्ताह की काज लिस्ट भी जारी कर दी गई है. हाईकोर्ट में गत 18 मई से समर वेकेशन शुरू हो गए थे जो करीब एक माह बाद अब समाप्त हो गये हैं. इस बीच हाईकोर्ट में आने वाले जरूरी मामलों की सुनवाई के लिए हर सप्ताह अलग अलग वेकेशन बेंचें निर्धारित की गईं थीं. इनमें सप्ताह के दो दिन डिवीजन बेंच समेत सिंगल बेंचों में भी सुनवाई होती रही, इस बीच कुछ महत्वपूर्ण निर्णय भी पारित किये गए. अब वेकेशन खत्म होते ही सब कुछ पहले की तरह होगा. गौरतलब है कि इससे पूर्व हाईकोर्ट प्रशासन ने वर्क फ्रॉम होम की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है. समर वेकेशन के बाद सोमवार 15 जून से जब यहाँ नियमित कामकाज प्रारंभ होगा, तब कोर्ट में पुरानी व्यवस्था के तहत सुनवाई होगी. कोर्ट रूम में अधिवक्ता खुद मौजूद रहकर अपने मामलों की पैरवी करेंगे हालांकि वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा भी पहले की तरह लागू रहेगी.