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हिड़मा की गार्ड रही महिला ने मनाया राखी पर्व, गृहमंत्री और IG को बांधा रक्षा सूत्र

दंतेवाड़ा  बस्तर के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा में रक्षाबंधन डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने सरेंडर महिला नक्सलियों और दंतेश्वरी फाइटर्स की कमांडो से राखी बंधवाई और उनकी रक्षा का वचन दिया.दंतेवाड़ा में डिप्टी सीएम: डिप्टी सीएम विजय शर्मा शुक्रवार को दंतेवाड़ा पहुंचे. दौरे के दूसरे दिन शनिवार को रक्षाबंधन के दिन सबसे पहले वह दंतेश्वरी मंदिर पहुंचे. वहां दंतेश्वरी माई के दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की. उसके बाद गृह मंत्री राखी का त्योहार मनाने सर्किट हाउस के लिए रवाना हुए.जगदलपुर में नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी मेंबर और हार्डकोर इनामी नक्सली हिड़मा की सुरक्षा गार्ड समेत अन्य सरेंडर्ड नक्सलियों ने गृहमंत्री विजय शर्मा को राखी बांधी है।  दंतेश्वरी मंदिर में डिप्टी सीएम विजय शर्मा  दंतेश्वरी फाइटर्स के साथ राखी का त्योहार: सर्किट हाउस में डिप्टी सीएम के साथ मंत्री केदार कश्यप भी मौजूद रहे. जहां पहले से ही दंतेश्वरी फाइटर्स की महिला कमांडो मौजूद थी. प्रदेश के गृह मंत्री को राखी बांधने को लेकर महिला कमांडो काफी उत्साहित दिखी. दंतेश्वरी फाइटर्स की जवान सुंदरी कोर्राम ने बताया कि डिप्टी सीएम को राखी बांधने को लेकर बहुत अच्छा लग रहा है. सुंदरी कोर्राम ने आग्रह किया कि नक्सल मोर्च पर तैनात डीआरजी जवानों की महिला बहनों को भी गृह मंत्री को राखी बांधने का मौका मिलना चाहिए. इससे उनका भी उत्साह वर्धन होगा. दंतेश्वरी फाइटर्स की महिला जवानों ने गृह मंत्री को बांधी राखी  सरेंडर नक्सली महिलाओं और दंतेश्वरी फाइटर्स के साथ राखी का त्योहार: सर्किट हाइस में डिप्टी सीएम शर्मा ने सरेंडर नक्सली महिलाओं से बात की. उन्हें पूरी तरह से सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वासन दिया. साथ ही ये भी कहा कि नक्सलवाद खत्म करने उनका और उनके क्षेत्र का विकास होगा. इसके बाद उन्होंने सरेंडर महिला नक्सलियों से राखी बंधवाई. इसके बाद विजय शर्मा दंतेश्वरी फाइटर्स की महिला जवानों से राखी बंधवाने पहुंचे. उन्होंने महिला जवानों का हौसला बढ़ाया और जंगल में विपरीत परिस्थतियों में भी नक्सलियों से लोहा लेने के लिए उनका आभार जताया. दंतेवाड़ा में डिप्टी सीएम ने मनाया रक्षाबंधन  उपमुख्यमंत्री ने महिला कमांडो का हौसला बढ़ाते हुए कहा, "छत्तीसगढ़ की महिला जवान कंधे से कंधा मिलाकर सुरक्षा में योगदान दे रही हैं, जो अपने आप में इतिहास है. राज्य सरकार विकास, विश्वास और सुरक्षा की तर्ज पर कार्य कर रही है और 2026 तक पूरे छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य पूरा होता दिख रहा है." सरेंडर महिला नक्सलियों और दंतेश्वरी फाइटर्स जवानों से राखी बंधवाने के बाद विजय शर्मा ने मीडिया से बात की. उन्होंने कहा "नक्सलवाद के मार्ग को छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने वाली बहनों से राखी बंधवाई. मेरे साथ केदार कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष, कमिश्नर, आईजी और कलेक्टर दंतेवाड़ा ने राखी बंधवाई. इसका सिर्फ एक ही संदेश है कि चाहे सरेंडर महिला नक्सली हो या नक्सलियों से लड़ने वाली महिला जवान, सरकार हर कदम पर उनके साथ है." शर्मा ने आत्मसमर्पित नक्सली महिलाओं को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत उन्हें सभी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा. विजय शर्मा के अलावा दंतेवाड़ा में मंत्री केदार कश्यप, बस्तर IG सुंदरराज पी, दंतेवाड़ा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने भी आत्म समर्पित बहनों से रक्षा सूत्र बंधवाया है। उनकी रक्षा का वचन दिया। इस दौरान सभी नेता और अधिकारियों ने बहनों को तोहफा दिया है। हिंसा का रास्ता छोड़ा दरअसल, महिला नक्सली सुंदरी, तुलसी समेत अन्य कई सालों से नक्सल संगठन में थीं। नक्सली कमांडर हिड़मा के सुरक्षा टीम में सक्रिय थीं। तुलसी PLGA बटालियन 1 में सक्रिय थी। तुलसी मेडिकल टीम प्रभारी थी। इन दोनों पर 8-8 रुपए का इनाम घोषित था। लेकिन कुछ साल पहले ही इन्होंने आत्म समर्पण कर दिया। अब दंतेश्वरी फाइटर्स में शामिल होकर नक्सलवाद के खात्मे के लिए लड़ाई लड़ रही हैं। ऑपरेशन पर भी निकलती हैं। कई नक्सलियों का एनकाउंटर किया है। दंतेवाड़ा पहुंचने पर विजय शर्मा का स्वागत      जो भी बहनें भटककर नक्सल दिशा में है और वापस आती है तो पूरा समाज उन्हें बहन मानेगा और उनकी सुरक्षा करेगा- विजय शर्मा, डिप्टी सीएम, छत्तीसगढ़ इससे पहले शुक्रवार को विजय शर्मा गीदम विकासखंड अन्तर्गत ग्राम हिरानार में स्थित वंनाचल शिक्षा सेवा प्रकल्प संस्था पहुंचे. वहां शालेय परिसर का निरीक्षण किया और अधिकारियों और प्राचार्य से चर्चा कर शैक्षणिक दृष्टि और अन्य सुविधायों की जानकारी ली. 23 एकड़ में विस्तारित इस संस्था में अंत्योदय वनवासी परिवारों के बच्चों को आवासीय शिक्षा और संस्कार की मुलभूत सुविधा उपलब्ध कराई जाती है. वर्तमान में एलकेजी से कक्षा 10वीं तक की पढ़ाई की सुविधा यहां दी जा रही है. संस्था की प्राचार्य अनिता सोरी ने बताया कि इस शिक्षा सत्र में तीन नक्सल प्रभावित छात्रों ने यहां प्रवेश लिया है. वर्तमान में 102 छात्र यहां पढ़ाई कर रहे हैं.

ईमानदारी और निष्ठा से निभाई गई जिम्मेदारी देती है सकारात्मक परिणाम – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने IIM रायपुर के सुशासन फेलोशिप छात्रों से आत्मीय संवाद में साझा किए अपने अनुभव जीवन के अनुभवों से सिखाए सुशासन के गुर, विद्यार्थियों के जिज्ञासापूर्ण प्रश्नों के दिए प्रेरक उत्तर जब मुख्यमंत्री ने कहा – “मैं पहले आप बच्चों का नाना हूँ, बाद में मुख्यमंत्री” रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ईमानदारी और निष्ठा से निभाई गई जिम्मेदारी हमेशा सकारात्मक परिणाम देती है। जनसेवा में ईमानदारी और समर्पण के साथ लगे रहने  पर जनता का स्नेह और आशीर्वाद अवश्य ही प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय आज मंत्रालय महानदी भवन के पंचम तल स्थित नवनिर्मित सभागार में आयोजित ‘मुख्यमंत्री सुशासन संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन IIM रायपुर में अध्ययनरत मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के विद्यार्थियों के साथ हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री ने आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें सुशासन की बारीकियों से अवगत कराया और उनके प्रश्नों के प्रेरणादायक उत्तर दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना की है। प्रदेश में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है, जिससे सभी फाइलें डिजिटलीकृत हो रही हैं। इससे शासन की कार्यप्रणाली पारदर्शी बनी है और फाइलों की ट्रैकिंग भी सहज हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा भ्रष्टाचार के सभी मार्गों को बंद करने की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनता को शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले, यही असली सुशासन है। योजनाएं सोच-समझकर बननी चाहिए, क्योंकि इसके पीछे जनता की गाढ़ी कमाई लगती है। जब योजनाएं जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से क्रियान्वित होती हैं, तभी आमजन को उसका सीधा लाभ मिलता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने सुशासन फेलोशिप के विद्यार्थियों से संवाद के दौरान उनके जिज्ञासु सवालों के बेझिझक और प्रेरणाप्रद उत्तर दिए। आरंग के फेलो हर्षवर्धन ने जब मुख्यमंत्री से उनके ग्राम बगिया के पंच से लेकर मुख्यमंत्री बनने के सफर की सबसे महत्वपूर्ण सीख पूछी, तो मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने राजनीतिक और पारिवारिक संघर्षों को साझा करते हुए कहा – "बहुत कम उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर आ गई। मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि मैं पंच भी बनूंगा, लेकिन जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा से निभाया।" उन्होंने आगे कहा – “ईमानदारी और निष्ठा से जब कार्य करते हैं, तो सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। मैंने कभी कर्तव्यपथ नहीं छोड़ा, और जनसेवा को जीवन का लक्ष्य बनाया। जनता ने मुझे पंच, सरपंच, विधायक, सांसद, राज्य मंत्री और अब मुख्यमंत्री तक का दायित्व सौंपा।” बिलासपुर के फेलो मनु पांडेय ने जब यह पूछा कि 2047 तक विकसित भारत के सपने में छत्तीसगढ़ की क्या भूमिका होगी, तो मुख्यमंत्री ने बताया – "प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2047 तक विकसित भारत का जो संकल्प लिया है, उसमें छत्तीसगढ़ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। 2014 से पहले भारत अर्थव्यवस्था में दसवें स्थान पर था, जो अब चौथे स्थान पर पहुंच गया है। हमने भी विकसित छत्तीसगढ़ के लिए ‘विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया है। वर्तमान में हमारी जीएसडीपी 5 लाख करोड़ रुपये है, जिसे 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य है।" मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह लक्ष्य कोई कल्पना नहीं, बल्कि एक ठोस योजना है, जिसे हम अवश्य प्राप्त करेंगे।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक सम्पन्न राज्य है – यहाँ लोहा, टिन, लिथियम, बॉक्साइट, सोना और हीरे जैसे बहुमूल्य खनिजों के भंडार हैं। राज्य का 44% भूभाग वनों से आच्छादित है, जहां सैकड़ों प्रकार के लघु वनोपज हैं। यहाँ की उर्वरा मिट्टी और मेहनतकश लोग ही छत्तीसगढ़ की असली ताकत हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा – “आप जैसे युवाओं के संकल्प और कौशल से हम विकसित छत्तीसगढ़ जरूर बनाएंगे।” जब मुख्यमंत्री ने कहा – “मैं पहले आप बच्चों का नाना हूँ, बाद में मुख्यमंत्री” संवाद के दौरान फेलो भास्कर सिदार ने एक ऐसा प्रश्न किया, जिसका उत्तर सुनकर पूरा सभागार हर्ष और आत्मीयता से भर गया। भास्कर ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह रायगढ़ के ग्राम बांसडांड का निवासी है और जब उसने अपने पिता का नाम बताया, तो मुख्यमंत्री ने तुरंत उसके परिवार को पहचान लिया। मुख्यमंत्री ने कहा – “मैं तुम्हारे घर भी गया हूँ। तब तुम बहुत छोटे थे।” उन्होंने आगे बताया – “तुम्हारे नानाजी, स्वर्गीय प्रेम सिंह सिदार, लैलूंगा से विधायक थे और मैंने उनके साथ काम किया है।” इस पर भास्कर ने मुस्कराते हुए पूछा – “क्या मैं आपको नानाजी कह सकता हूँ?” मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए उत्तर दिया – “मैं पहले आप बच्चों का नाना हूँ, बाद में मुख्यमंत्री।” मुख्यमंत्री के इस जवाब पर सभागार तालियों और हंसी से गूंज उठा। यह क्षण मुख्यमंत्री श्री साय की सहजता, आत्मीयता और जनता से गहरे जुड़ाव का प्रमाण था। फेलोशिप का उद्देश्य – भविष्य के उत्तरदायी सुशासक तैयार करना कार्यक्रम में सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने फेलोशिप योजना की रूपरेखा पर पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप का उद्देश्य राज्य के प्रतिभाशाली युवाओं को गवर्नेंस की उच्च स्तरीय शिक्षा और व्यावहारिक अनुभव प्रदान कर एक दक्ष एवं उत्तरदायी प्रशासनिक पीढ़ी तैयार करना है।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले – छत्तीसगढ़ में शिक्षा, नवाचार और कौशल विकास के नए युग की शुरुआत

छत्तीसगढ़ शासन, आईआईएम, एनआईटी और मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर हस्ताक्षर के साक्षी बने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय फाउंडेशन द्वारा आईआईएम एवं एनआईटी को 172 करोड़ रुपये का योगदान रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आज छत्तीसगढ़ में शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित विशेष कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन, भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर और मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के मध्य हुए त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर के साक्षी बने। इस समझौते के अंतर्गत स्थापित होने वाले उद्यमिता केंद्र का निर्माण वर्ष 2025-26 में प्रारंभ होगा तथा इसे वर्ष 2027-28 तक पूर्ण रूप से क्रियाशील करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गांव-गांव तक पहुंचेगी शिक्षा, कौशल और नवाचार की क्रांति: मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि आज हस्ताक्षरित एमओयू से "छत्तीसगढ़ अंजोर विजन" को साकार करने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी। इस साझेदारी से प्रदेश में गांव-गांव तक शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार की क्रांति पहुंचेगी, जो युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस त्रिपक्षीय समझौते के तहत "श्रीमती मिथिलेश अग्रवाल नवाचार एवं उद्यमिता उत्कृष्टता केंद्र" की स्थापना की जाएगी, जो युवाओं को शोध, प्रयोग और उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह उत्कृष्टता केंद्र केवल आईआईएम या एनआईटी के विद्यार्थियों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव-गांव के युवाओं को भी लाभान्वित करे। मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत से भी इस शिक्षा और कौशल विकास के आंदोलन से जुड़ने का आग्रह किया। संसाधन-आधारित नहीं, नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करेगा छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ अब कोर सेक्टर के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मा, डिफेंस, एयरोस्पेस और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में तेज़ी से अग्रसर हो रहा है। बीते 20 महीनों में किए गए साढ़े तीन सौ से अधिक सुधारों के परिणामस्वरूप राज्य में निवेश का अनुकूल वातावरण निर्मित हुआ है और केवल आठ माह में 6.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि हम सभी यह संकल्प लें कि छत्तीसगढ़ को संसाधन-आधारित नहीं, बल्कि नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने वाला राज्य बनाएंगे – जहाँ युवा बदलाव के वाहक बनें और उद्यमिता से समाज को दिशा दें। किसानों के लिए बनेगा देश का सबसे बड़ा प्रशिक्षण केंद्र मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के सह-संस्थापक एवं चेयरमैन श्री रामदेव अग्रवाल ने कार्यक्रम में रायपुर में किसानों हेतु देश का सबसे बड़ा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक अत्यंत समृद्ध प्रदेश है, जिसमें विकास की अपार संभावनाएं हैं। उनका फाउंडेशन इस विकास यात्रा में पूर्णतः समर्पित है। श्री अग्रवाल ने बताया कि फाउंडेशन ने अपनी कुल निधि का 10 प्रतिशत समाज कल्याण के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया है, जिसका उपयोग शिक्षा, कौशल और कृषि से संबंधित कार्यों में किया जाएगा। मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन का 172 करोड़ रुपये का योगदान मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन ने आईआईएम रायपुर एवं एनआईटी रायपुर को कुल 172 करोड़ रुपये का दान देने की घोषणा की है। इसमें से 101 करोड़ रुपये आईआईएम रायपुर को तथा 71 करोड़ रुपये एनआईटी रायपुर को प्रदान किए जाएंगे। इस दानराशि से आईआईएम रायपुर में "ओसवाल छात्रावास" के 202 कमरे और "दाऊ राम गोपाल अग्रवाल नॉलेज सेंटर" की स्थापना की जाएगी। इसके अतिरिक्त अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी की शीर्ष संस्थाओं के सहयोग से छह अंतरराष्ट्रीय एमबीए कार्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे। इसी प्रकार, एनआईटी रायपुर में "श्रीमती मिथिलेश अग्रवाल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस" की स्थापना की जाएगी, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉकचेन और क्लीन एनर्जी जैसे डीप-टेक क्षेत्रों पर कार्य करेगा। यह केंद्र वर्ष 2030 तक 10,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देगा, 250 से अधिक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट करेगा और 5,000 से अधिक कुशल नौकरियों का सृजन करेगा। यह पहल छत्तीसगढ़ की औद्योगिक आवश्यकताओं – विशेषकर खनन, इस्पात और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों – के अनुरूप विकसित की गई है, और यह स्थानीय उद्योगों के साथ मिलकर वास्तविक समस्याओं के समाधान पर केंद्रित रहेगी। इस अवसर पर प्रमुख सचिव निहारिका बारीक, उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजय दयाराम के, एनआईटी रायपुर के चेयरमैन डॉ. सुरेश हावरे, आईआईएम रायपुर के चेयरमैन पुनीत डालमिया, एनआईटी के निदेशक एन. वी. प्रसन्ना राव, आईआईएम रायपुर के प्रभारी निदेशक डॉ. संजीव पाराशर, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

युवतियों से ठगी के आरोप में Snapchat गिरोह के 3 विदेशी ठग पकड़े गए, दिल्ली में चल रहा था फर्जीवाड़ा

राजनांदगांव विदेशी उपहार और पाउंड पार्सल भेजने के नाम पर महिलाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले तीन अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगों को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियो में दो नाइजीरियन व एक दक्षिण अफ्रीका मूल का नागरिक शामिल है। आरोपी युवतियों से स्नैपचैट के जरिए दोस्ती कर स्वयं को विदेश में रहने वाला धनाढ्य बताकर भरोसे में लेते थे। इसके बाद पार्सल छुड़ाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठते थे। बता दें कि इस गिरोह ने जिले के चिचोला थाना क्षेत्र की एक युवती से 1,23,700 रुपये की आनलाइन ठगी की थी। इस पर साइबर सेल व पुलिस चौकी चिचोला की संयुक्त टीम ने छानबीन कर आरोपियों को नई दिल्ली के जनकपुरी और उत्तम नगर इलाके से गिरफ्तार किया। तीनों को ट्रांजिट रिमांड पर द्वारका कोर्ट से राजनांदगांव लाया गया है। इस तरह दिया गया था ठगी को अंजाम प्रार्थिया ने पांच मई को पुलिस चौकी चिचोला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि इंटरनेट मीडिया पर स्नैपचेट प्लेटफार्म पर डा केंड्रीक25 और कालिन्स लियो24 नामक अकाउंट से उससे संपर्क कर दोस्ती की गई। फिर स्वयं को विदेश में रहने वाला आर्थिक रूप से संपन्न व्यक्ति बताकर महंगे गिफ्ट व पाउंड भेजने का झांसा दिया गया। इसके बाद एयरपोर्ट कस्टम में पार्सल पकड़े जाने की बात कहकर 1,23,700 रुपये की मांग की गई और यह रकम ऑनलाइन ट्रांसफर करा ली गई। मामले में धारा 318(4), 3(5) बीएनएस, 66(सी), 66(डी) आईटी एक्ट के अंतर्गत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। साइबर सेल की जांच में आरोपितों के मोबाइल लोकेशन उत्तम नगर (नई दिल्ली) में पाई गई, जिसके बाद टीम को दिल्ली रवाना किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो लैपटाप, 14 एंड्रायड मोबाइल, छह की-पैड मोबाइल, पांच बंद मोबाइल, पांच एटीएम कार्ड और 32 सिम कार्ड जब्त किए गए। इसमें से 11 सिम अंतर्राष्ट्रीय नंबर हैं। मामले में स्टीफन उर्फ लक्की डेडन जो (30) आइवरी कोस्ट (दक्षिण अफ्रीका) और नाइजीरिया के किंग्सले (35) और जार्ज चुक्चुमेका शामिल हैं। तीनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे दिल्ली में रहते हुए भारतीय महिलाओं से सोशल मीडिया और मैट्रिमोनियल साइट्स के माध्यम से संपर्क कर ठगी करते थे। महिलाओं को गिफ्ट व विदेशी मुद्रा भेजने का झांसा देकर कस्टम क्लीयरेंस के नाम पर रकम ट्रांसफर कराते थे। दूतावास को दी गई सूचना आरोपितों की गिरफ्तारी की सूचना उनके संबंधित देशों के दूतावास को दी गई है। पुलिस का कहना है कि गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा है और इसकी गहराई से जांच की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि ये लोग भारत के अलग-अलग हिस्सों में कई महिलाओं को निशाना बना चुके हैं।

बिलासपुर में दर्दनाक मामला: नगर निगम ले गई गाय, पेट में मिली 40 किलो पन्नी से मौत

बिलासपुर नगर निगम की कथित लापरवाही के चलते रुद्र विहार निवासी मनीष कुमार सिंह की एक गाय की मौत हो गई। गाय के शव का जब पोस्टमार्टम किया गया तो उसके पेट से 40 किलो पन्नी निकला, मवेशी मालिक का आरोप है कि नगर निगम के गोठान में मवेशियों को चारा नहीं दिया जा रहा, बल्कि कचरे में ही उन्हें छोड़ दिया जा रहा है। पीड़ित ने निश्पक्ष जांच की मांग की हैं। रूद्ध विहार निवासी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने एसबीआई व्यापार विहार शाखा से 1 लाख 40 हजार रुपए का लोन लेकर दो गायें खरीदी थीं। कुछ समय पहले रवि रेसिडेंसी स्थित उनके प्लांट में बने शेड में बंधी गाय को नगर निगम के कर्मचारी पड़ोसियों की शिकायत पर ले गए और शेड को तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि वे 22 दिनों तक गायों को छुड़ाने के लिए जोन-7 कार्यालय और मोपका चौकी के चक्कर लगाए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार 22वें दिन उन्हें मोपका थाने से पाटले नामक एक अधिकारी का फोन आया और बताया गया कि उनकी एक गाय की मृत्यु हो चुकी है, पहचान के लिए गोठान पहुंचें। मनीष जब वहां पहुंचे, तो उन्हें एक मृत गाय सौंपी गई, जबकि दूसरी गाय अब भी निगम के पास है। इस पूरे मामले में मनीष का आरोप है कि उन्हें गाय छोड़ने का झांसा देकर 22 दिन तक दौड़ाया गया और जब वे जवाब मांगने जोन कार्यालय पहुंचे तो वहां बैठे एक शास्त्री नामक व्यक्ति (जिनका पूरा नाम या पद ज्ञात नहीं) ने उन्हें रूपए और चेक में राशि देकर समझौता करने का प्रलोभन भी दिया। पीड़ित ने कलेक्टर संजय अग्रवाल से मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई के नाम पर हो रही गायों की हत्या पीड़ित मनीष कुमार सिंह ने नगर निगम व गौठान प्रबंधन पर आरोप लगाया कि उनकी गाय की मौत उचित भोजन न मिलने की वजह से हुई है। गोठान में निगम कार्रवाई के नाम पर मवेशियों को ले जाती है। उनके खाने व पीने की वहां पर कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने बताया कि नगर निगम के कर्मचारी गायों को कार्रवाई के नाम के लिए पकड़ते हैं। उचित भोजन न मिलने के आभाव में मवेशियों की मौत हो रही है। मनीष सिंह ने गाय की मौत के लिए जोन कमिश्नर सहित निगम के संबंधित अधिकारियों और गोठान कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया है। गलती छुपाने के लिए किया एफआईआर मनीष सिंह का कहना है कि उनकी गायों को निजी जमीन पर बांधा गया था, तो उन्हें जब्त करने का क्या अधिकार था। अगर वे मवेशी सड़क पर छोड़ते तो समझ में आता। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम के कर्मचारी अपनी गलती छुपाने के लिए उन पर जबिरया एफआईआर की कार्रवाई करवा दी। पीड़ित ने थाने व निगम में कहा कि चलान कोर्ट में पेश कर दे वे कोर्ट में जवाब देकर मवेशी छुड़ा लेंगे। लेकिन जब तक उनकी एक मवेशी की मौत हो गई, वहीं दूसरा अब भी निगम के कब्जे में है।

2000 रुपए जुर्माना मजाक, रील्स विवाद पर हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव से तलब की रिपोर्ट

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने हाल ही में वायरल हुई तीन घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्य सचिव से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति बी. डी. गुरु की युगलपीठ ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए गुरुवार को हुई सुनवाई में पूछा कि इन तीनों मामलों में अब तक क्या कार्रवाई की गई है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में हल्की कार्रवाई से कानून व्यवस्था पर गलत असर पड़ता है और यह समाज के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। कोर्ट ने की सख्त टिप्पणी हाई कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि, सड़कें किसी की निजी संपत्ति नहीं हैं। इस तरह की हरकतें न सिर्फ इन युवाओं की बल्कि आम नागरिकों की जान के लिए खतरा हैं। पुलिस की ढुलमुल कार्रवाई ऐसे अमीरजादों को कानून से ऊपर मानने की छूट देती है। 2000 रुपये का जुर्माना कोई सजा नहीं, यह तो एक मजाक है। कोर्ट ने आगे कहा कि, जब कानून का भय खत्म हो जाता है और पुलिस सिर्फ जुर्माने से काम चलाती है, तो राज्य में अराजकता फैलने का खतरा रहता है। यह अदालत इसे सहन नहीं करेगी। संतोषजनक रिपोर्ट नहीं होने पर होगी अधिकारियों पर कार्रवाई इस मामले में पहले ही हाई कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था, जो गुरुवार को पेश किया गया। अब पूछा है कि एफआइआर दर्ज होने के बाद जांच में क्या-क्या सामने आया और क्या कदम उठाए गए। ये हैं तीनों मामले राष्ट्रीय राजमार्ग पर रील बनाने का मामला 20 जुलाई 2025 को रील्स बनाने नेशनल हाईवे किया जाम शीर्षक से प्रकाशित खबर में सामने आया था कि छह लग्जरी कार सवार युवक रतनपुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्टंट कर रहे थे। इस वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया। बाद में इन युवकों में से एक वेदांत शर्मा ने यह वीडियो अपनी इंस्टाग्राम आइडी पर पोस्ट कर दिया, जो तेजी से वायरल हुआ। पुलिस ने पहले तो केवल दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश की, लेकिन मामला अदालत तक पहुंचा, तब एफआइआर दर्ज की गई। कार का सनरूफ खोलकर सेल्फी रायपुर के रिवर व्यू क्षेत्र का है, जहां युवक चलती कार के सनरूफ से बाहर निकलकर सेल्फी और वीडियो बनाते नजर आए। यह दृश्य भी इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ। कोर्ट ने इस पर भी नाराजगी जताते हुए पूछा कि इस गैरजिम्मेदाराना हरकत पर पुलिस ने क्या कदम उठाए हैं। बीच सड़क पर अभिनेता का जन्मदिन तीसरे मामले में एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा एक अभिनेता का जन्मदिन मनाने सड़क के बीचों-बीच दोस्तों के साथ केक काटा और डीजे की तेज आवाज में डांस किया। यह भीड़भाड़ वाला इलाका था और कई मिनटों तक यातायात बाधित रहा। यह पूरा वाकया भी इंटरनेट मीडिया पर ट्रेंड करता रहा।

मेडिकल कॉलेज में घायलों से मिले डिप्टी सीएम, पूछा कुशलक्षेम

जगदलपुर जगदलपुर अपने 2 दिवसीय प्रवास पर बस्तर पहुँचे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा शुक्रवार की सुबह मेडिकल कॉलेज डिमरापाल पहुँचे, जहाँ आईडी ब्लास्ट में घायल ग्रामीण व भालू के हमले से घायल जवान से मुलाकात करते हुए उनसे चर्चा की। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा शुक्रवार की सुबह मेकाज पहुँचे। जहाँ सबसे पहले एसआईसीयू पहुँचे। आईडी ब्लास्ट में घायल प्रमोद से मुलाकात कर हाल जाने और घटना के बारे में जानकारी लेते हुए पूछा कहाँ तक पढ़े हो  जमीन का पट्टा है कि नहीं, धान कहां से खरीदते हो कहां बेचते हो तमाम मुद्दों पर बात करते हुए जानकार ली। घायल ने बताया कि गाँव में किसी के पास भी पट्टा नहीं है, जिस पर उपमुख्यमंत्री ने घायल को अपना नंबर देते हुए फोन लगाने की बात कही, साथ ही घायल को कहा यहां से छुट्टी होने के बाद गाँव आने पर तुम्हारे जमीन का अधिकार पट्टा दिलाने की बात कही। ग्रामीण से मिलने के बाद उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने घायल जवान के पास पहुँचे। जहाँ जवान ने बताया कि वह जिस टीम में चल रहा था उसमें चौथे नंबर पर था, तीन जवानों के निकलने के बाद जैसे ही पहुँचा भालू ने हमला कर दिया। जिस पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पहले यहां से ठीक होकर आओ, फिर मैदान में मिशन को पूरा करेंगे। इस दौरान घायलों को फल भी वितरण किया गया। इस दौरान चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, महापौर संजय पांडे के अलावा अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ ही आईजी बस्तर सुंदरराज पी, एसपी शलभ सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग आदि मौजूद रहे।

खेत में काम करते वक्त मधुमक्खियों का कहर, महिला की इलाज के दौरान हुई मौत

कोरबा मधुमक्खियों के काटने से शरीर में सूजन होना या छोटी-मोटी परेशानी होना को आम बात है, लेकिन मधुमक्खी के काटने से किसी की मौत हो जाना अचरज भरा है। ऐसी एक धटना कोरबा जिले के करतला विकासखंड के ग्राम बंधवाभाठा में गुरूवार को हुई है। गुरुवार दोपहर मधुमक्खी के हमले से एक महिला की मौत हो गई। घटना के समय महिला खेत में काम कर रही थी। ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों खेती का काम जोरो पर है। बंधवाभांठा निवासी सिहारीन बाई 75 वर्ष अपने खेत में काम कर रही थीं, जबकि उनका बेटा सुरेश दूसरे खेत में काम कर रहा था। अचानक, मधुमक्खियों के झुंड ने सिहारीन बाई पर हमला कर दिया, जिससे वह खेत में गिर गईं। सुरेश ने अपनी मां की चिल्लाने की आवाज सुनी और दौड़ते हुए जाकर देखा कि मधुमक्खियों ने उनकी मां पर हमला कर दिया है। सुरेश ने अपनी मां को कंधे पर उठाकर घर पहुंचाया। मधुमक्खियों की डंक से मां की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। इलाज के लिए उसे जिला मेडिकल अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका के दामाद संत राम ने बताया कि जिस खेत के पास वे काम कर रहे थे, वहां पेड़ पर मधुमक्खियों का छत्ता था। उन्होंने बताया कि एक या दो मधुमक्खियों के काटने से आमतौर पर मौत नहीं होती, लेकिन झुंड के एक साथ हमला करने से यह घटना हुई। जिला मेडिकल कॉलेज में पदस्थ डॉक्टर आदित्य सिसोदिया के अनुसार, मधुमक्खी के डंक से निकलने वाली रसायन से शरीर में हाइपरसेंसिटिव रिएक्शन शुरू हो जाता है। जिससे पीड़ित को सांस लेने में तकलीफ और शरीर में सूजन बढ़ने लगती है। डॉक्टर सिसोदिया ने सलाह दी है कि अगर किसी को ज्यादा मधुमक्खियां काटें, तो तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिए। ऐसे मामलों में एस्टरायड देना और वेंटिलेटर की सुविधा वाले नजदीकी अस्पताल ले जाना जरूरी है।

झारखंड में IED विस्फोट, CRPF के 2 जवान गंभीर हालत में रांची रेफर

चाईबासा झारखंड के चाईबासा में संवर्धित विस्फोटक उपकरण (आईईडी) में विस्फोट से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कम से कम दो जवान घायल हो गए। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना एशिया के सबसे घने जंगलों में से एक सारंडा जंगल में जराइकेला के पास मानके इलाके में दोपहर के समय तब हुई जब सीआरपीएफ के जवान तलाश अभियान संचालित कर रहे थे। दोनों जवान सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन से हैं। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘उन्हें बेहतर इलाज के लिए हवाई मार्ग से रांची ले जाया जा रहा है।'' तलाश अभियान अब भी जारी है।  

नियमों की अनदेखी पर गिरी गाज: निगम आयुक्त ने सहायक ग्रेड-3 को निलंबित किया

दुर्ग नियम विरुद्ध अनुकंपा नियुक्ति के मामले में दुर्ग निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल की कार्रवाई जारी है. ताजा घटनाक्रम में सहायक ग्रेड 3 भूपेंद्र गोइर को निलंबित कर दिया है. एक्शन मोड में नजर आ रहे दुर्ग निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल ने भूपेंद्र गोइर को निलंबित करने से पहले सम्पत्ति कर वसूली में लापरवाही करने वाले राजस्व विभाग के 16 कर्मचारी-अधिकारी की सैलरी रोकने का आदेश दिया था. दरअसल, नगर निगम दुर्ग में वर्ष 2020 में हुई अनुकंपा नियुक्ति में फर्जीवाड़े की शिकायत पर जांच उपरांत कार्रवाई की जा रही है. इस कड़ी में दुर्ग निगम आयुक्त ने तत्कालीन निगम आयुक्त एसके सुंदरानी के खिलाफ कार्रवाई के लिए संचालक संचालनालय नगरीय प्रशासन व विकास विभाग को पत्र लिखा है. सुंदरानी वर्तमान में संयुक्त संचालक क्षेत्रीय कार्यालय नगरीय प्रशासन व विकास रायपुर में पदस्थ हैं. नियम विरुद्ध अनुकंपा नियुक्ति वहीं नियम विरुद्ध अनुकंपा नियुक्ति पाने के मामले में भृत्य नम्रता रक्सेल, सहायक राजस्व निरीक्षक प्रीति उज्जैनवार की एक वेतनवृद्धि रोकने के आदेश के साथ ही विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है. इसमें सहायक ग्रेड 3 भूपेंद्र गोइर को नोटिस भेजा गया था, जिसमें संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की गई है.