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कांग्रेस का घेराव और हंगामा, BJP बोली- कांग्रेसियों ने की तोड़फोड़; सर्किट हाउस मामला गरमाया

जगदलपुर बीते शनिवार देर शाम जगदलपुर सर्किट हाउस में हुए बवाल का मामला अब सियासी तूल पकड़ चुका है. वन मंत्री केदार कश्यप पर कर्मचारियों से गाली-गलौज और मारपीट के आरोप लगे थे, जिसके बाद मामला थाने तक पहुंचा. इस घटना के विरोध में आज कांग्रेसियों ने भानपुरी स्थित वन मंत्री केदार कश्यप के निजी कार्यालय का घेराव किया. प्रदर्शन के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी घायल हो गई. वहीं भाजपा ने कांग्रेसियों पर मंत्री कार्यालय में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया है. प्रदेश प्रवक्ता भाजपा अमित चिमनानी ने ट्वीटर पर कांग्रेस का वीडियो पोस्ट कर कहा है कि कांग्रेसियों की करतूत देखें. कार्यालय में पत्थर, महिला पुलिस जवान पर पत्थर, ये एक राजनीतिक दल के लोग हैं या पत्थरबाज? एक बेटी जो अपनी ड्यूटी कर रही थी उसे मारकर कांग्रेसियों ने घायल कर दिया है. दर्द इतना हुआ कि हमारी शेरनी बहन की आंखों में आसू आ गए, इसकी माफी नहीं मिलेगी. बता दें कि वन एवं परिवहन मंत्री भाजपा के वरिष्ठ नेता केदार कश्यप पर सर्किट हाउस के कर्मचारी ने मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है. मामला तब सामने आया, जब मंत्री दौरे से लौटकर सर्किट हाउस पहुंचे और कर्मचारियों पर दरवाजा देर से खोलने को लेकर नाराज हो गए. यह मामला अब सियासी तूल पकड़ लिया है. इस मामले में मंत्री केदार कश्यप ने कहा था कि दौरे से लौटने के बाद उन्होंने सिर्फ कर्मचारियों को डांटा था, मारपीट का आरोप पूरी तरह गलत है. नारेबाजी करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता मंत्री के जगदलपुर स्थित वृंदावन निवास में घुसने की कोशिश भी कर रहे थे, लेकिन बैरिकेडिंग के कारण पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई. कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है जब मंत्री केदार कश्यप पर कर्मचारियों से बदसलूकी और मारपीट के आरोप लगे हों। उन्होंने याद दिलाया कि पहले कोंडागांव में भी इसी तरह की शिकायतें सामने आ चुकी हैं. मौर्य ने कहा कि केदार कश्यप सत्ता के नशे में चूर होकर दो कानून लागू करना चाहते हैं जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने सरकार से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है. इसके अलावा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मंत्री ने सर्किट हाउस कर्मचारी और उसकी पत्नी पर दबाव बनाया कि वे केस वापस लें. कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारी की नौकरी पर आंच आती है तो पार्टी उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी. रायपुर में मंत्री बंगले का घेराव करने निकले कांग्रेसियों को पुलिस ने रोका सर्किट हाउस में कर्मचारी से मारपीट मामले में रायपुर में भी मंत्री केदार कश्यप के बंगले का घेराव करने कांग्रेसी कार्यकर्ता निकले थे, जिसे पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया. इस प्रदर्शन में पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी शामिल थे. पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह अनियंत्रित हो चुकी है. गरीब, आदिवासी परिवार को प्रताड़ित करने का काम सरकार के मंत्री और उनसे जुड़े लोग कर रहे हैं. भाजपा के मंत्री नेता सत्ता के नशे में चूर हैं. वरिष्ठ मंत्री खाना बनाने वाले को लात घुसे से मार रहे हैं. उसकी सम्मान की न्याय की लड़ाई कांग्रेस पार्टी लड़ रही है. भाजपा ने छत्तीसगढ़ को बनाया अपराध का गढ़ : विकास उपाध्याय विकास उपाध्याय ने कहा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को जानकारी देकर आज मंत्री के बंगले का घेराव करने निकले थे. पुलिस अपराधियों को तो रोक नहीं पाती है, लेकिन हमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बैरिकेड लगाकर रोका गया. उन्होंने कहा, इस प्रदेश को भाजपा ने अपराध का गढ़ बना दिया है. हम आज सड़क की लड़ाई लड़ रहे हैं. पीड़ित की एफआईआर नहीं लिखी जा रही है. भविष्य में उसके साथ कुछ घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी भाजपा और पूरी सरकार की होगी.

CM साय बोले: सौर ऊर्जा से उपभोक्ता बन रहे ऊर्जा उत्पादक और दाता

    रायपुर, प्रदेश में सौर ऊर्जा के उपभोक्ता अब केवल ऊर्जा उत्पादक ही नहीं, बल्कि ऊर्जा दाता भी बन रहे हैं. पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी महत्वाकांक्षी पहल के माध्यम से प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य की प्राप्ति के संकल्प को तीव्र गति से पूर्ण करने की ओर अग्रसर है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित सौर ऊर्जा जागरूकता और प्रोत्साहन अभियान को संबोधित करते हुए यह बात कही. मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सौर ऊर्जा के फायदों, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना और इसके अंतर्गत मिलने वाली सब्सिडी के विषय में लोगों को जानकारी देने और जागरूक करने के उद्देश्य से सूर्य रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. साथ ही मुख्यमंत्री ने 618 उपभोक्ताओं के खातों में प्रत्येक को 30 हजार रुपये की दर से कुल 1.85 करोड़ रुपये की राज्यांश सब्सिडी का ऑनलाइन अंतरण किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ता प्रदूषण हम सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2070 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है और छत्तीसगढ़ इस लक्ष्य की प्राप्ति में पूरे समर्पण और क्षमता के साथ अपनी भूमिका निभा रहा है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए हॉफ बिजली बिल से आगे बढ़ते हुए मुफ्त बिजली की ओर ले जाने का कार्य किया जा रहा है. उन्होंने इसे हर्ष का विषय बताते हुए कहा कि प्रदेशवासी इस योजना के महत्व को समझते हुए स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. मुख्यमंत्री ने आमजन से आग्रह किया कि वे अपने आसपास के लोगों को भी इस योजना से जोड़ें और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में प्रदेश को अग्रसर बनाने में योगदान दें. मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उपभोक्ताओं को सब्सिडी उपलब्ध करा रही हैं. साथ ही बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से आसान वित्तीय सुविधा भी दी जा रही है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उपभोक्ताओं को पूर्ण रूप से मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत आज लाभार्थियों को लेटर ऑफ अवार्ड प्रदान किए गए हैं. इन योजनाओं से उपभोक्ता स्वयं सौर ऊर्जा का उत्पादन कर बिजली का विक्रय कर रहे हैं और साथ ही सस्ती बिजली का लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीने सौभाग्य योजना के माध्यम से हर घर बिजली पहुँचाने का संकल्प लिया था. उस समय देश के 18 हजार गाँव अंधेरे में थे और आज उन सभी गाँवों तक बिजली पहुँच चुकी है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अब देश स्वच्छ और हरित ऊर्जा की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ में बिजली उत्पादन क्षमता केवल 1,400 मेगावाट थी, जबकि आज प्रदेश 30,000 मेगावाट का उत्पादन कर रहा है और पड़ोसी राज्यों को भी बिजली उपलब्ध करा रहा है. उन्होंने बताया कि नई उद्योग नीति के अंतर्गत ऊर्जा क्षेत्र में 3.50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू संपादित हुए हैं और आने वाले समय में प्रदेश की ऊर्जा उत्पादन क्षमता और भी बढ़ जाएगी. मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा. उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाएँ और स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य की प्राप्ति में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएँ. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के समक्ष राजनांदगांव से आए कक्षा 12वीं के छात्र प्रथम सोनी ने सौर ऊर्जा की विशेषताओं और शासन द्वारा इसे बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर अपने विचार रखे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘इम्पैक्ट ऑफ डिस्ट्रीब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी ऑन ग्रिड स्टेबिलिटी’ और ‘एग्रीवोल्टाइक्स परफार्मर हैण्डबुक’ का भी विमोचन किया. इस अवसर पर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में विशेष भूमिका निभाने वाले उत्कृष्ट वेंडरों को भी सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, क्रेडा के चेयरमैन भूपेंद्र सवन्नी, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, क्रेडा के सीईओ राजेश राणा, भारतीय सौर ऊर्जा महासंघ के अध्यक्ष सुमन कुमार, तीनों पॉवर कंपनी के प्रबंध निदेशक सहित बड़ी संख्या में सौर ऊर्जा के उपभोक्ता उपस्थित थे.

मुख्यमंत्री साय ने रायपुर की पहली महिला विधायक स्वर्गीय रजनी ताई को अर्पित की श्रद्धांजलि

रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पुलिस लाइन स्थित रायपुर की पहली महिला विधायक एवं समाजसेवी स्वर्गीय श्रीमती रजनी ताई उपासने के निवास पहुँचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने रजनी ताई उपासने के योगदानों का पुण्य स्मरण किया तथा शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी। इस अवसर पर पूर्व राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी, संतोष शर्मा, जगदीश उपासने सहित परिजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि रजनी ताई का निधन पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। आपातकाल के कठिन दौर में उन्होंने जिस साहस और धैर्य का परिचय दिया, वह प्रेरणादायी है। अपने कार्यकाल में उन्होंने जनता के हितों और रायपुर के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। सादगी, ईमानदारी और समाज से गहरे जुड़ाव के कारण उन्हें विशिष्ट पहचान मिली। वे महिलाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर सक्रिय रहीं। साय ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उल्लेखनीय है कि रायपुर की पहली महिला विधायक और समाजसेवी श्रीमती रजनी ताई उपासने का हाल ही में 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वर्ष 1977 में जनता पार्टी से चुनाव जीतकर उन्होंने इतिहास रचते हुए रायपुर की पहली महिला विधायक बनने का गौरव प्राप्त किया। उस दौर में जब राजनीति में महिलाओं की भागीदारी सीमित थी, ऐसे समय में जनता का विश्वास जीतना उनके साहस और संघर्ष का प्रतीक था।

बस्तर एयरपोर्ट ने पार किया तीन लाख यात्रियों का आंकड़ा, हवाई सेवा से जुड़े बड़े शहर

रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्षों की विकास यात्रा में आवागमन की सुविधाओं का विस्तार महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है। जहां राजधानी रायपुर पहले से ही देश के प्रमुख शहरों से वायु मार्ग से जुड़ा था, वहीं अब बस्तर, बिलासपुर और अंबिकापुर जैसे शहर भी विमान सेवाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। विशेषकर बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में एयरपोर्ट और नियमित यात्री उड़ानों की सुविधा से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुली हैं। जगदलपुर स्थित माँ दंतेश्वरी हवाई अड्डा का ऐतिहासिक महत्व है। इसका निर्माण वर्ष 1939 में ब्रिटिश शासनकाल में किया गया था और इसे उस समय ‘‘जहाज भाटा’’ नाम से जाना जाता था। वर्ष 2017 में केंद्र सरकार की उड़ान योजना के अंतर्गत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा हवाई अड्डे के उन्नयन का कार्य प्रारंभ किया गया। वर्ष 2019 में इसे 3-सी श्रेणी में अपग्रेड किया गया, जिससे एटीआर-72 जैसे विमानों का संचालन संभव हुआ। वर्ष 2020 में छत्तीसगढ़ सरकार ने हवाई अड्डे का नामकरण बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के नाम पर किया। सितंबर 2020 में जगदलपुर से रायपुर और हैदराबाद के लिए एलायंस एयर द्वारा नियमित व्यावसायिक उड़ानें शुरू की गईं। इसके बाद दिल्ली, जबलपुर और बिलासपुर के लिए भी उड़ान सेवाएँ प्रारंभ हुईं। मार्च 2024 से इंडिगो एयरलाइंस ने जगदलपुर को हैदराबाद और रायपुर से जोड़ते हुए दैनिक सेवा शुरू की। पैरामिलिट्री बलों के लिए विशेष दिल्ली सेवा का संचालन भी किया जा रहा है। वर्तमान में जगदलपुर एयरपोर्ट से अब तक लगभग तीन लाख यात्री हवाई यात्रा कर चुके हैं। इससे न केवल स्थानीय नागरिकों को सुविधा मिली है, बल्कि व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। गंभीर मरीजों को बड़े शहरों तक शीघ्र उपचार हेतु पहुंचाना संभव हो पाया है। विद्यार्थी और युवा रोजगार एवं उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों तक आसानी से पहुँच रहे हैं। बस्तर के हस्तशिल्प, वनोपज और हर्बल उत्पाद अब देश के बड़े बाजारों तक सरलता से पहुँच रहे हैं। वहीं चित्रकूट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और ऐतिहासिक बस्तर दशहरा जैसे पर्यटन स्थलों तक देश-विदेश से पर्यटकों की पहुँच भी सहज हुई है। जगदलपुर एयरपोर्ट का संचालन बस्तर अंचल के लिए विकास का नया द्वार सिद्ध हो रहा है। इससे आंतरिक क्षेत्रों तक आधुनिक सुविधाएँ पहुँच रही हैं और बस्तर को राष्ट्रीय परिदृश्य पर नई पहचान मिल रही है। आने वाले समय में यह एयरपोर्ट क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

गोबरी नाला निर्माण कार्य का मंत्री राजवाड़े ने लिया जायजा, दिए जरूरी निर्देश

रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भैयाथान विकासखंड की जीवनरेखा कही जाने वाली गोबरी नदी पर निर्माणाधीन अस्थायी रपटा पुल का आज  स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की प्रगति का विस्तार से जायजा लेते हुए लोक निर्माण सेतु विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण में तेजी लाई जाए और कार्य को हर हाल में शीघ्र पूरा किया जाए। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने पुल निर्माण में लगे तकनीकी अमले और जिम्मेदार अधिकारियों से जानकारी ली तथा आवश्यक निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि यह कार्य जनहित से जुड़ा हुआ है और इसकी प्राथमिकता सर्वोच्च स्तर पर है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गौरतलब है कि भारी वर्षा के कारण दो माह पूर्व गोबरी नाला का पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके चलते खुटरापारा, डबरीपारा, गंगोटी, बांसापारा सहित 10 से अधिक ग्राम पंचायतों के हजारों ग्रामीण आवागमन में कठिनाई का सामना कर रहे थे। रोजमर्रा की जरूरतें, बच्चों की शिक्षा और मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। ग्रामीणों को 20 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा था। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों से भी चर्चा की और उन्हें आश्वस्त किया कि अस्थायी रपटा निर्माण शीघ्र ही पूर्ण होगा, जिससे आवागमन सामान्य हो जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि कार्य की गुणवत्ता और गति दोनों पर बराबर ध्यान दिया जाए।अस्थायी रपटा पुल के शीघ्र तैयार हो जाने से डुमरिया से गंगोटी मार्ग पर यातायात बहाल होगा और हजारों ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी।    

रायपुर: स्कूल शिक्षा मंत्री यादव बोले- सरकार की योजनाओं से जुड़ें, भविष्य को बनाएं उज्ज्वल

रायपुर स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने आज रिसाली दशहरा मैदान, भिलाई में छत्तीसगढ़ झेरिया यादव समाज द्वारा आयोजित विशाल अभिनंदन समारोह में शामिल होकर समाज के विकास हेतु कई घोषणाएं कीं। उन्होंने चार सामुदायिक भवनों के निर्माण के लिए प्रत्येक को 20-20 लाख रुपये, कुल 80 लाख रुपये तथा 5 लाख रुपये की स्वेच्छानुदान राशि देने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने दुर्ग स्थित पचरीपारा में आयोजित सम्मान समारोह में यादव महिला छात्रावास निर्माण हेतु 30 लाख रुपये देने की घोषणा की। कार्यक्रम में समाजजनों ने पारंपरिक नृत्य-गान के साथ मंत्री यादव का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्हें समाज की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक स्वरूप पारंपरिक वेशभूषा और सजी हुई लाठी भेंट की गई। विभिन्न जिलों से आए यादव समाज के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। अपने उद्बोधन में मंत्री यादव ने कहा कि समाज का एक बड़ा वर्ग आज भी आर्थिक रूप से पिछड़ा है, जिसे मुख्यधारा में लाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर समाज के लोग आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि वे सरकार की योजनाओं से जुड़ें और अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाकर समाज को नई दिशा प्रदान करें। मंत्री यादव ने इस अवसर पर पाटन सरपंच की मांग पर शासकीय प्राथमिक शाला परेवाडीह के जीर्णाेद्धार की भी घोषणा की, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। इस अवसर पर दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, झेरिया यादव समाज प्रदेश अध्यक्ष जगनीक यादव, प्रदेश संरक्षक जगतराम यादव एवं सुकालु राम यदु, प्रदेश उपाध्यक्ष भगत सिंह यादव, रिसाली पूर्व मंडल अध्यक्ष शैलेन्द्र शेन्डे, प्रदेश सचिव सुंदर लाल यादव सहित समाज के जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। क्रमांक-3737/चन्द्रवंशी

रायपुर: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ‘नवगुरुकुल’ पहुंचे, छात्राओं को दी आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच की सीख

120 छात्राएँ ले रही हैं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण रायपुर रायगढ़ जिले के मेहनती और वंचित युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित नवगुरुकुल प्रशिक्षण केंद्र का रविवार को वित्त मंत्री ओ.पी. चैधरी ने गढ़उमरिया पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न कोर्स का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही 120 छात्राओं से संवाद किया और अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए उन्हें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वित्त मंत्री चैधरी ने छात्राओं से बातचीत करते हुए अपने बचपन के संघर्षों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मात्र 8 वर्ष की उम्र में पिता का साया उठ जाने के बाद उन्होंने सरकारी स्कूल से बारहवीं तक की पढ़ाई पूरी की और कठिन परिस्थितियों के बावजूद धैर्य, मेहनत और आत्मविश्वास से सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि जीवन में कठिनाइयों से घबराना नहीं चाहिए। आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि नवगुरुकुल को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। वर्तमान में 120 छात्राएँ प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं, भविष्य में इसे और विस्तारित किया जाएगा। छात्राओं की सफलता इस विस्तार की मजबूत नींव बनेगी। उन्होंने अधिकारियों को प्रशिक्षण में फिटनेस, योग और खेलकूद जैसी गतिविधियाँ शामिल करने का सुझाव दिया, ताकि छात्राओं का शारीरिक और मानसिक विकास समान रूप से हो सके। वित्त मंत्री ने नवगुरुकुल में छात्राओं के लिए उपलब्ध भोजन, आवास, इंटरनेट, बिजली और पाठ्य सामग्री जैसी व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कहा कि यदि किसी भी प्रकार की परेशानी हो तो छात्राएँ बेहिचक बताएं, ताकि समय रहते समाधान किया जा सके। नवगुरुकुल: सशक्तिकरण का नया अवसर वित्त मंत्री ओपी चैधरी के मार्गदर्शन में रायगढ़ में जिला प्रशासन की पहल से संचालित नवगुरुकुल में 120 छात्राओं को निःशुल्क आवासीय दो वर्षीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भोजन और आवास सहित सभी सुविधाएँ निःशुल्क उपलब्ध हैं। नवगुरुकुल एक गैर-लाभकारी संगठन है, जिसका उद्देश्य वंचित युवाओं को गरिमामय करियर दिलाना है। यहाँ छात्राओं को इंजीनियरिंग, प्रोग्रामिंग, डिजिटल मार्केटिंग, बिजनेस आदि क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाता है। प्रशिक्षण के बाद उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलते हैं और कई पूर्व छात्राएँ आज 12-18 लाख रुपये वार्षिक तक का वेतन कमा रही हैं। नवगुरुकुल की नेतृत्व टीम में आईआईटी, एनआईटी, सेंट स्टीफेंस कॉलेज और हार्वर्ड जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के पूर्व छात्र शामिल हैं। इस संस्थान ने शिक्षा और पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भी एकीकृत किया है, ताकि छात्राएँ भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार हो सकें। वर्तमान में देशभर में नवगुरुकुल के 9 परिसरों में 1,100 से अधिक छात्राएँ अध्ययनरत हैं। रायगढ़ में यह केंद्र जिला प्रशासन के सहयोग से केआईटी कॉलेज परिसर में संचालित हो रहा है, जिससे यहाँ की बालिकाएँ आत्मनिर्भरता और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।  

रायपुर: महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े संबलपुर में करमा तिहार उत्सव में हुईं शामिल

रायपुर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपराओं और जनभावनाओं से जुड़े करमा तिहार पर्व का आयोजन सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत संबलपुर में हर्षाेल्लास और पारंपरिक रंग-रस के साथ किया गया। इस अवसर पर प्रदेश की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। श्रीमती राजवाड़े ने क्षेत्रवासियों संग करमा पर्व के पारंपरिक गीतों और नृत्यों की छटा का आनंद लिया और ग्रामीणों को करमा तिहार की बधाई दी। उन्होंने कहा कि करमा तिहार भाईचारे, सामूहिकता और श्रम संस्कृति का पर्व है, जो हमारी ग्रामीण परंपराओं और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं, युवाओं और बच्चों को अपने सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान संबलपुर और आसपास के गांवों के कलाकारों द्वारा करमा नृत्य, पारंपरिक गीत और लोककला की प्रस्तुतियां दी गईं, जिनसे वातावरण उल्लास और उत्सव की भावना से सराबोर हो गया। ग्रामीणजनों ने मंत्री श्रीमती राजवाड़े का पारंपरिक स्वागत किया और कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

रायपुर में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दिव्यांग युवक को दी स्कूटी, कहा- आगे बढ़ने से मत रुको

 रायपुर उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के कवर्धा विधायक कार्यालय में आज एक भावुक पल देखने को मिला। जब बोड़ला विकासखंड के ग्राम घोंघा निवासी अमर मरकाम, जो शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं। उन्होंने अपनी पीड़ा उप मुख्यमंत्री के समक्ष व्यक्त की। उन्होंने बताया कि बाहर आने-जाने में उन्हें अत्यधिक कठिनाई होती है और उन्हें स्कूटी की आवश्यकता है। अमर मरकाम की व्यथा सुनते ही उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अत्यंत संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तत्काल उन्हें स्कूटी प्रदान की।  उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जरूरतमंदों तक वास्तविक रूप से पहुंचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता समाज के अंतिम छोर तक विकास और सुविधा पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी असमर्थताओं के कारण कठिनाई झेल रहे हैं, उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना ही सच्ची जनसेवा है। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार समाज के कमजोर, वंचित और दिव्यांग वर्ग के साथ खड़ी है। सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है, जिससे हर व्यक्ति सम्मानपूर्वक और आत्मनिर्भर जीवन जी सके। अमर मरकाम को दी गई स्कूटी केवल एक सहायता नहीं, बल्कि सरकार की संवेदनशीलता और आमजन के प्रति समर्पण का प्रतीक है। इस पहल ने पूरे जिले में संदेश दिया है कि जरूरतमंद की आवाज सरकार तक न केवल पहुंचती है, बल्कि उस पर त्वरित कार्रवाई भी होती है।

बस्तर एयरपोर्ट से तीन लाख यात्रियों ने भरी उड़ान, नियमित सेवा से बड़े शहरों से जुड़ा संभाग

रायपुर रायपुर : छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव 2025 छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्षों की विकास यात्रा में आवागमन की सुविधाओं का विस्तार महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है। जहां राजधानी रायपुर पहले से ही देश के प्रमुख शहरों से वायु मार्ग से जुड़ा था, वहीं अब बस्तर, बिलासपुर और अंबिकापुर जैसे शहर भी विमान सेवाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। विशेषकर बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में एयरपोर्ट और नियमित यात्री उड़ानों की सुविधा से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुली हैं। जगदलपुर स्थित माँ दंतेश्वरी हवाई अड्डा का ऐतिहासिक महत्व है। इसका निर्माण वर्ष 1939 में ब्रिटिश शासनकाल में किया गया था और इसे उस समय ‘‘जहाज भाटा’’ नाम से जाना जाता था। वर्ष 2017 में केंद्र सरकार की उड़ान योजना के अंतर्गत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा हवाई अड्डे के उन्नयन का कार्य प्रारंभ किया गया। वर्ष 2019 में इसे 3-सी श्रेणी में अपग्रेड किया गया, जिससे एटीआर-72 जैसे विमानों का संचालन संभव हुआ। वर्ष 2020 में छत्तीसगढ़ सरकार ने हवाई अड्डे का नामकरण बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के नाम पर किया। सितंबर 2020 में जगदलपुर से रायपुर और हैदराबाद के लिए एलायंस एयर द्वारा नियमित व्यावसायिक उड़ानें शुरू की गईं। इसके बाद दिल्ली, जबलपुर और बिलासपुर के लिए भी उड़ान सेवाएँ प्रारंभ हुईं। मार्च 2024 से इंडिगो एयरलाइंस ने जगदलपुर को हैदराबाद और रायपुर से जोड़ते हुए दैनिक सेवा शुरू की। पैरामिलिट्री बलों के लिए विशेष दिल्ली सेवा का संचालन भी किया जा रहा है। वर्तमान में जगदलपुर एयरपोर्ट से अब तक लगभग तीन लाख यात्री हवाई यात्रा कर चुके हैं। इससे न केवल स्थानीय नागरिकों को सुविधा मिली है, बल्कि व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। गंभीर मरीजों को बड़े शहरों तक शीघ्र उपचार हेतु पहुंचाना संभव हो पाया है। विद्यार्थी और युवा रोजगार एवं उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों तक आसानी से पहुँच रहे हैं। बस्तर के हस्तशिल्प, वनोपज और हर्बल उत्पाद अब देश के बड़े बाजारों तक सरलता से पहुँच रहे हैं। वहीं चित्रकूट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और ऐतिहासिक बस्तर दशहरा जैसे पर्यटन स्थलों तक देश-विदेश से पर्यटकों की पहुँच भी सहज हुई है। जगदलपुर एयरपोर्ट का संचालन बस्तर अंचल के लिए विकास का नया द्वार सिद्ध हो रहा है। इससे आंतरिक क्षेत्रों तक आधुनिक सुविधाएँ पहुँच रही हैं और बस्तर को राष्ट्रीय परिदृश्य पर नई पहचान मिल रही है। आने वाले समय में यह एयरपोर्ट क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।