samacharsecretary.com

गोतमा-कोतासुरा मार्ग के लोकार्पण से क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत, विकास को मिली नई रफ्तार

गोतमा-कोतासुरा मार्ग के लोकार्पण से क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात, विकास की राह हुई और आसान 3.92 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सड़क से आवागमन होगा सुगम, ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ रायपुर,  वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ में 3 करोड़ 92 लाख रुपये की लागत से निर्मित गोतमा-कोतासुरा मार्ग का लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था अधिक सरल, सुरक्षित और सुगम हो जाएगी तथा ग्रामीणों को आवागमन में बेहतर सुविधा मिलेगी। बेहतर सड़क संपर्क से लोगों की आवाजाही होगी आसान             लोकार्पण अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती हैं। बेहतर सड़क संपर्क से लोगों की आवाजाही आसान होती है, व्यापार और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर होती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आधारभूत अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। विकास कार्यों का उद्देश्य केवल सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन को अधिक सुगम और समृद्ध बनाना है। मार्ग के निर्माण से गांवों के लोगों को सीधे मिलेगा लाभ         वित्त मंत्री ने कहा कि गोतमा-कोतासुरा मार्ग के निर्माण से आसपास के गांवों के लोगों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा और क्षेत्र के विकास को नई गति प्राप्त होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मार्ग सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।             इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

रायपुर: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ‘नवगुरुकुल’ पहुंचे, छात्राओं को दी आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच की सीख

120 छात्राएँ ले रही हैं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण रायपुर रायगढ़ जिले के मेहनती और वंचित युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित नवगुरुकुल प्रशिक्षण केंद्र का रविवार को वित्त मंत्री ओ.पी. चैधरी ने गढ़उमरिया पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न कोर्स का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही 120 छात्राओं से संवाद किया और अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए उन्हें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वित्त मंत्री चैधरी ने छात्राओं से बातचीत करते हुए अपने बचपन के संघर्षों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मात्र 8 वर्ष की उम्र में पिता का साया उठ जाने के बाद उन्होंने सरकारी स्कूल से बारहवीं तक की पढ़ाई पूरी की और कठिन परिस्थितियों के बावजूद धैर्य, मेहनत और आत्मविश्वास से सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि जीवन में कठिनाइयों से घबराना नहीं चाहिए। आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि नवगुरुकुल को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। वर्तमान में 120 छात्राएँ प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं, भविष्य में इसे और विस्तारित किया जाएगा। छात्राओं की सफलता इस विस्तार की मजबूत नींव बनेगी। उन्होंने अधिकारियों को प्रशिक्षण में फिटनेस, योग और खेलकूद जैसी गतिविधियाँ शामिल करने का सुझाव दिया, ताकि छात्राओं का शारीरिक और मानसिक विकास समान रूप से हो सके। वित्त मंत्री ने नवगुरुकुल में छात्राओं के लिए उपलब्ध भोजन, आवास, इंटरनेट, बिजली और पाठ्य सामग्री जैसी व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कहा कि यदि किसी भी प्रकार की परेशानी हो तो छात्राएँ बेहिचक बताएं, ताकि समय रहते समाधान किया जा सके। नवगुरुकुल: सशक्तिकरण का नया अवसर वित्त मंत्री ओपी चैधरी के मार्गदर्शन में रायगढ़ में जिला प्रशासन की पहल से संचालित नवगुरुकुल में 120 छात्राओं को निःशुल्क आवासीय दो वर्षीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भोजन और आवास सहित सभी सुविधाएँ निःशुल्क उपलब्ध हैं। नवगुरुकुल एक गैर-लाभकारी संगठन है, जिसका उद्देश्य वंचित युवाओं को गरिमामय करियर दिलाना है। यहाँ छात्राओं को इंजीनियरिंग, प्रोग्रामिंग, डिजिटल मार्केटिंग, बिजनेस आदि क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाता है। प्रशिक्षण के बाद उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलते हैं और कई पूर्व छात्राएँ आज 12-18 लाख रुपये वार्षिक तक का वेतन कमा रही हैं। नवगुरुकुल की नेतृत्व टीम में आईआईटी, एनआईटी, सेंट स्टीफेंस कॉलेज और हार्वर्ड जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के पूर्व छात्र शामिल हैं। इस संस्थान ने शिक्षा और पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भी एकीकृत किया है, ताकि छात्राएँ भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार हो सकें। वर्तमान में देशभर में नवगुरुकुल के 9 परिसरों में 1,100 से अधिक छात्राएँ अध्ययनरत हैं। रायगढ़ में यह केंद्र जिला प्रशासन के सहयोग से केआईटी कॉलेज परिसर में संचालित हो रहा है, जिससे यहाँ की बालिकाएँ आत्मनिर्भरता और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।