samacharsecretary.com

शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड में 1.08 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण विधायक श्री राजेश मूणत द्वारा संपन्न हुआ

रायपुर शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड (क्रमांक 37) में कुल 1.08 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले विकास कार्यों का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया  गया ।यह कार्यक्रम 20 जुलाई 2025, रविवार को दोपहर 3 बजे वंदना ऑटो के पास स्थित सामुदायिक भवन में संपन्न हुआ इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मा. विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री राजेश मूणत जी  ,  अध्यक्षता मीनल चौबे महापौर रायपुर,विशिष्ट अतिथि श्री सूर्यकांत राठौर सभापति, नगर पालिक निगम रायपुर, mic सदस्य मनोज वर्मा एवं वार्ड के गणमान्य नागरिक सम्मिलित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती मीनल चौबे माननीय महापौर, नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा की गई। कार्यक्रम में श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा, अध्यक्ष नगर निगम जोन 07 ,mic सदस्य मनोज वर्मा तथा श्री आनंद अग्रवाल पार्षद वार्ड 38 भी विशेष रूप से शामिल हुए। यह समस्त विकास कार्य दीपक जायसवाल, अध्यक्ष – लोककर्म विभाग एवं पार्षद, शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड क्रमांक 37 के प्रयासों से संभव हो पाए हैं। उन्होंने वार्ड की बहुप्रतीक्षित आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए इन कार्यों को  सुनिश्चित कर वार्ड का गौरव बढ़ाया ।

पेंशन और वेतन दोनों लेने पर फंसे पूर्व कुलपति, चुकाने होंगे 54 लाख रुपये

अंबिकापुर संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा अंबिकापुर के पूर्व कुलपति प्रो अशोक सिंह को 54 लाख तीन हजार रुपये का अधिक भुगतान कर दिए जाने का दावा प्रबंधन ने किया है। प्रो अशोक सिंह पर वेतन और पेंशन एक साथ लेने का आरोप है। उधर पूर्व कुलपति प्रो अशोक सिंह का कहना है कि उनके चले जाने के बाद बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रबंधन के दावे में कोई सच्चाई नहीं है। प्रबंधन की माने तो प्रो अशोक सिंह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त होने के लगभग दो वर्ष बाद संत गहिरा गुरु विश्विद्यालय सरगुजा अंबिकापुर के कुलपति नियुक्त हुए थे। नियमों के तहत वेतन अथवा पेंशन में से किसी एक का लाभ उन्हें लेना था लेकिन वे बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से पेंशन और संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय से वेतन लेते रहे। यहां उनका कुल वेतन दो लाख 10 हजार रुपये था। यदि वे पेंशन ले रहे थे तो यहां पेंशन की राशि कटौती कर वेतन भुगतान होना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वे तीन अगस्त 2021 से 19 अक्टूबर 2024 तक कुलपति के पद पर पदस्थ रहे। पेंशन और वेतन दोनों के चक्कर मे उन्हें 54 लाख का अधिक भुगतान हो गया। मार्च 2025 में ही यह प्रकरण सामने आ गया था। संत गहिरा गुरु विश्विद्यालय प्रबंधन ने उन्हें रकम जमा कर देने के लिए उनके सेवा पुस्तिका के पते पर नोटिस भेजा जो वापस लौट आया है। किसी ने भी रजिस्टर्ड पत्र को स्वीकार ही नहीं किया। तत्कालीन कुलसचिव और वित्त अधिकारी ने नहीं दिया ध्यान सेवानिवृत्ति के बाद कुलपति नियुक्त हुए प्रो अशोक सिंह को वेतन भुगतान के लिए तत्कालीन वित्त अधिकारी और कुलसचिव को नियमों को ध्यान में रखना था। तत्कालीन कुलसचिव और वित्त अधिकारी को भी स्वयं पहल कर कुलपति से यह जानकारी लेनी चाहिए थी कि कहीं उन्हें शासन स्तर से हर महीने राशि (पेंशन) तो नहीं मिलती है, लेकिन तत्कालीन कुलसचिव और वित्त अधिकारी ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। बीएचयू के पत्र से दोहरा लाभ हुआ उजागर संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलसचिव प्रो एसपी त्रिपाठी ने नियम प्रक्रियाओं के तहत कामकाज को व्यवस्थित कराने की पहल शुरू की तो प्रबंधन की ओर से बनारस हिंदू विश्वविद्यालय को भी पत्र भेजा गया। इस पत्र के माध्यम से बनारस हिंदू विश्वविद्यालय ने स्पष्ट कर दिया कि प्रो अशोक सिंह वहां से भी पेंशन ले रहे हैं। बकायदा पेंशन भुगतान आदेश भी प्रेषित कर दिया तब संत गहिरा गुरु विश्विद्यालय प्रबंधन ने तत्कालीन कुलपति को भुगतान की गई अतिरिक्त राशि की गणना की तो वह 54 लाख से अधिक हुई। पहले मौखिक रूप से राशि वापस कर देने को लेकर चर्चा हुई। अब बकायदा लिखित रूप से पत्राचार किया जा रहा है। धारा 52 के तहत हटाए गए थे प्रो अशोक सिंह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त प्रो अशोक सिंह को पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल में संत गहिरा गुरु विश्विद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया था। छत्तीसगढ़ में भाजपा के सत्तासीन होने के बाद धारा 52 के तहत उन्हें पद से हटा दिया गया था। उनके कामकाज के तरीके को सही नहीं माना गया था। वे दूसरे कुलपति थे जिन्हें धारा 52 के तहत हटाया गया है।  

मुख्यमंत्री साय ने कहा- रजक समाज की भूमिका सनातन परंपराओं की निरंतरता में अत्यंत महत्वपूर्ण

रायपुर  शिक्षा ही वह साधन है, जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने लक्ष्यों की प्राप्ति कर सकता है और अपने सपनों को साकार कर सकता है। शिक्षा से ही रोजगार के अवसर सृजित होते हैं। व्यक्तिगत और सामाजिक विकास के लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। "सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” हमारी सरकार का मूलमंत्र है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प में छत्तीसगढ़ की महत्त्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित है। हमने राष्ट्रीय विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ विजन डॉक्युमेंट भी जारी किया है, और उसके प्रत्येक बिंदु को धरातल पर उतारने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर के सिम्स ऑडिटोरियम में आयोजित रजक युवा गाडगे सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने संत गाडगे महाराज की पूजा-अर्चना कर राज्य स्तरीय गाडगे सम्मेलन का शुभारंभ किया। उन्होंने सम्मेलन में रजक समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं, प्रबुद्धजनों एवं समाजसेवियों को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि रजक समाज का सामाजिक समरसता और सेवा भाव हमेशा से अनुकरणीय रहा है।छत्तीसगढ़ के प्रत्येक गांव में इस समाज की उपस्थिति है, और शादी-विवाह, छठ्ठी सहित अन्य सनातन परंपराएं इनके सहयोग के बिना पूर्ण नहीं होतीं। इनके पुश्तैनी व्यवसाय के सशक्तिकरण हेतु राज्य सरकार ने रजककार विकास बोर्ड का गठन किया है, जिसके माध्यम से उन्हें किफायती दर पर ऋण सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं को उन्नति के नए आयाम तक पहुँचाने के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और सुशासन की स्थापना के लिए राज्य सरकार ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया है। आज अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन मोड में संचालित की जा रही हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश समाप्त हुई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रत्येक गारंटी को वचनबद्धता के साथ पूर्ण कर रही है। हमने 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख महिलाओं को प्रति माह एक-एक हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। तेन्दूपत्ता की खरीदी 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से की जा रही है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के माध्यम से महिलाओं, अनुसूचित जातियों, जनजातियों एवं दिव्यांगजनों को रोजगार एवं उद्योग स्थापित करने हेतु विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। नई उद्योग नीति से आकर्षित होकर बीते छह से आठ महीनों में लगभग साढ़े छह लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार ने युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के अवसर सृजित किए हैं। डेढ़ वर्षों में लगभग 10 हजार सरकारी नौकरियाँ प्रदान की गई हैं। पाँच हजार शिक्षकों की भर्ती हेतु शीघ्र ही विज्ञापन जारी किया जाएगा। साथ ही, स्वरोजगार के लिए भी सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से हमें अलग छत्तीसगढ़ राज्य मिला। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के 15 वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से राज्य को भुखमरी की समस्या से मुक्ति मिली और जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक ने की। कार्यक्रम का संचालन सुप्रसिद्ध लोकगायिका श्रीमती रजनी रजक द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

कांवड़ यात्रा हमारी आस्था, एकता और शिवभक्ति का प्रतीक है, यह यात्रा पाटन की पवित्र परंपरा बन चुकी है : जितेंद्र वर्मा

रायपुर  पवित्र श्रावण मास के तीसरे सोमवार को बोल बम कांवड़ यात्रा समिति, पाटन द्वारा भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा पुराना बाजार पाटन से प्रारंभ होकर टोलाघाट तक जाएगी, जिसमें सैकड़ों शिवभक्त भगवा वस्त्र धारण कर हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों के साथ सहभागी बनेंगे। कांवड़ यात्रा को भव्य और दिव्य बनाने के लिए समिति के संयोजक जितेन्द्र वर्मा के मार्गदर्शन में गांव–गांव में बैठकों और तैयारियों का जोर चल रहा है। आज ग्राम सेलूद, पतोरा, पाटन एवं टोलाघाट में बैठक सम्पन्न हुआ। समिति के संयोजक जितेन्द्र वर्मा ने बैठक में यात्रा की रूपरेखा की जानकारी दी और यात्रा को अधिक भव्य, सुरक्षित व अनुशासित रूप देने हेतु विस्तृत चर्चा की गई। पिछले वर्षों की समीक्षा करते हुए इस बार यात्रा में नए उत्साह के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं भक्तिमय वातावरण निर्माण के साथ जल संरक्षण पर विशेष बल दिया गया है। टोलाघाट में प्रसिद्ध सांस्कृतिक एवं भक्तिमय गायिका पायल साहू की संगीतमय प्रस्तुति, जो श्रद्धालुओं को शिवभक्ति में सराबोर करेगी। यात्रा के संयोजक श्री जितेन्द्र वर्मा जी ने कहा कि श्रावण मास में कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी आस्था, एकता और शिवभक्ति का प्रतीक है। यह यात्रा पाटन की पवित्र परंपरा बन चुकी है। मैं सभी शिवभक्तों से अपील करता हूं कि अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस आध्यात्मिक यात्रा को सफल बनाएं। हर हर महादेव की गूंज के साथ हम एक नई ऊर्जा, विश्वास और भक्ति का संचार करेंगे। कांवड़ यात्रा को लेकर जन–जन उत्साहित हैं। बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष योगेश निक्की भाले जी,भाजपा पाटन मण्डल अध्यक्ष रानी बंछोर,विनोद साहू,दिलीप साहू,खेमलाल साहू,केशव बंछोर,निशा सोनी,रवि सिन्हा,गिरधर वर्मा,सुरेश निषाद,दिव्या कलिहारी साहू, प्रवीण मढ़रिया,राकेश आडिल,भावना निषाद,विष्णु निषाद,केवल देवांगन,अमित वर्मा,संतराम कुम्भकार,सुनील वर्मा,राजेन्द्र वर्मा,नीलमणी साहू,संतोष घिरवानी,संगीता धुरंधर, चंद्रप्रकाश देवांगन,अन्नपूर्णा पटेल,विनोद बाग,देवेन्द्र ठाकुर,मनोज वर्मा,अनुपम साहू,चन्द्रिका साहू,रेणुका बिजौरा,अवधेश ठाकुर,गुलशन सोनी,कुणाल वर्मा,घनश्याम सोनी,भुनेश्वर साहू,  देवचरण कौशल,  टीकाराम देवांगन , हर प्रसाद आडिल गोरेलाल श्रीवास , सनत वर्मा, चित्र सेन कलिहारी राजीव साहू ,शशिकांत देवांगन ,मनोज साहू ,राधेश्याम साहू ,करण साहू ,हेमचंद ठाकुर , महेंद्र साहू,श्रीमती सरस्वती साहू ,दीपक साहू, डिलेश्वरी साहू ,एकता साहू ,दीप्ति श्रीवास, कमलेश्वरी साहू ,जितेंद्र देवांगन ,लोकेश्वर ठाकुर, देवनारायण ठाकुर,कालेश्वर शुक्ला,रमेश देवांगन,तारेंद्र बंछोर,महेश्वर बंछोर,खेमिन साहू,केवरा साहू,राजू साहू,चंचल यादव,मनेंद्र वैष्णव,अतीस सपहा,रमेश वर्मा,बेनीराम साहू,विकास साहू,तिलेश्वर निषाद,गजेन्द्र निषाद, लवकुश निषाद,लक्ष्मण विनायक सहित शिव भक्त बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

स्किल इंडिया मिशन ने देश की तस्वीर बदली, अब छत्तीसगढ़ बना रहा है नया इतिहास – मुख्यमंत्री साय

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि “हम विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़” के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर कार्यरत हैं, और  इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।  मुख्यमंत्री श्री साय आज भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज किया जाएगा। गोल्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने 8183 प्रतिभागियों को एक सप्ताह के भीतर दिए गए प्रशिक्षण को प्रमाणित किया है और संस्थान को इसका प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। उन्होंने रूंगटा यूनिवर्सिटी प्रबंधन को इस नि:शुल्क और अभूतपूर्व आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर एवं दक्ष बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भिलाई को इस्पात नगरी के साथ-साथ मिनी इंडिया भी कहा जाता है और शिक्षा के क्षेत्र में रूंगटा यूनिवर्सिटी का योगदान अत्यंत सराहनीय है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने विगत 25 वर्षों में प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और इस वर्ष को हम राज्य की रजत जयंती के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में उच्च शिक्षा संस्थानों का विस्तार हुआ और वर्तमान में राज्य में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, सिपेट, एम्स, और लॉ यूनिवर्सिटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में राज्य सरकार ने समान रूप से उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। बीते डेढ़ वर्षों में सुशासन की स्थापना के लिए ठोस प्रयास हुए हैं। शासन को पारदर्शी बनाने हेतु अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन की गई हैं, जिससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध प्रदेश है और इसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्किल इंडिया मिशन की शुरुआत की थी। जब यह मिशन प्रारंभ हुआ था, भारत विश्व की 10वीं अर्थव्यवस्था था — और आज, केवल एक दशक में भारत चौथे स्थान पर पहुँच चुका है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मेगा प्लेसमेंट कैंप्स के माध्यम से नियोक्ताओं और प्रशिक्षित युवाओं के बीच संतुलन स्थापित हुआ है। यह कार्य डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि यह योजना युवाओं के लिए अनुभव के साथ-साथ आर्थिक प्रोत्साहन प्रदान कर रही है, जिससे उनके लिए संभावनाओं के नए द्वार खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में युवाओं के लिए विशेष अवसर सुनिश्चित किए गए हैं। एक हजार से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को अनुदान देने का प्रावधान है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में अतिरिक्त रियायतें दी गई हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर के सभी 32 विकासखंडों में स्किल इंडिया मिशन की गतिविधियाँ आरंभ हो चुकी हैं।उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को प्रोत्साहन देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को क्लीयरेंस की प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया गया है। इससे राज्य में निवेश को गति मिली है। अब तक 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनके अनुमोदन की प्रक्रिया प्रगति पर है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हाल ही में नवा रायपुर में फार्मास्युटिकल कंपनी का शुभारंभ हुआ है। यह दो कारणों से संभव हुआ—एक, नवा रायपुर को फार्मा हब के रूप में विकसित किया गया है, और दूसरा, फार्मा उद्योग के लिए नई नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का शिलान्यास हाल ही में किया गया है। इसके पीछे एआई और आईटी क्षेत्र में निवेश हेतु विशेष अनुदान का योगदान है।छत्तीसगढ़ सरकार ने देश का पहला एआई डाटा सेंटर पार्क भी नवा रायपुर में स्थापित किया है।  मुख्यमंत्री ने निजी संस्थानों, विशेषकर रूंगटा यूनिवर्सिटी की सराहना करते हुए कहा कि वे राज्य सरकार के प्रयासों में पूर्ण सहभागी बनकर छत्तीसगढ़ को स्किल हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। उन्होंने प्रतिभागियों और यूनिवर्सिटी परिवार को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी। उल्लेखनीय है कि भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ को स्किल हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। कार्यक्रम में 8183 युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया। 25 चयनित प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। गूगल, आईबीएम और इंटरनेशनल काउंसिल के साथ संयुक्त डिग्री कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। हार्वर्ड और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालयों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा एक सप्ताह में सबसे अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देने के कीर्तिमान की पुष्टि की गई। इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल और विधायक श्री रिकेश सेन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल और विधायक श्री रिकेश सेन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। रूंगटा यूनिवर्सिटी के कुलपति श्री संतोष रूंगटा ने स्वागत उद्बोधन में विश्वविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी दी और कहा कि संस्थान राज्य सरकार के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ को ग्लोबल स्किल हब बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर संभागायुक्त श्री एस.एन. राठौर, आईजी श्री आर.जी. गर्ग, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, रूंगटा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर, विषय विशेषज्ञ, प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

स्किल इंडिया मिशन ने देश की तस्वीर बदली, अब छत्तीसगढ़ बना रहा है नया इतिहास – मुख्यमंत्री साय

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि “हम विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़” के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर कार्यरत हैं, और  इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।  मुख्यमंत्री श्री साय आज भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज किया जाएगा। गोल्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने 8183 प्रतिभागियों को एक सप्ताह के भीतर दिए गए प्रशिक्षण को प्रमाणित किया है और संस्थान को इसका प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। उन्होंने रूंगटा यूनिवर्सिटी प्रबंधन को इस नि:शुल्क और अभूतपूर्व आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर एवं दक्ष बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भिलाई को इस्पात नगरी के साथ-साथ मिनी इंडिया भी कहा जाता है और शिक्षा के क्षेत्र में रूंगटा यूनिवर्सिटी का योगदान अत्यंत सराहनीय है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने विगत 25 वर्षों में प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और इस वर्ष को हम राज्य की रजत जयंती के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में उच्च शिक्षा संस्थानों का विस्तार हुआ और वर्तमान में राज्य में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, सिपेट, एम्स, और लॉ यूनिवर्सिटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में राज्य सरकार ने समान रूप से उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। बीते डेढ़ वर्षों में सुशासन की स्थापना के लिए ठोस प्रयास हुए हैं। शासन को पारदर्शी बनाने हेतु अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन की गई हैं, जिससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध प्रदेश है और इसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्किल इंडिया मिशन की शुरुआत की थी। जब यह मिशन प्रारंभ हुआ था, भारत विश्व की 10वीं अर्थव्यवस्था था — और आज, केवल एक दशक में भारत चौथे स्थान पर पहुँच चुका है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मेगा प्लेसमेंट कैंप्स के माध्यम से नियोक्ताओं और प्रशिक्षित युवाओं के बीच संतुलन स्थापित हुआ है। यह कार्य डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि यह योजना युवाओं के लिए अनुभव के साथ-साथ आर्थिक प्रोत्साहन प्रदान कर रही है, जिससे उनके लिए संभावनाओं के नए द्वार खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में युवाओं के लिए विशेष अवसर सुनिश्चित किए गए हैं। एक हजार से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को अनुदान देने का प्रावधान है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में अतिरिक्त रियायतें दी गई हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर के सभी 32 विकासखंडों में स्किल इंडिया मिशन की गतिविधियाँ आरंभ हो चुकी हैं।उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को प्रोत्साहन देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को क्लीयरेंस की प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया गया है। इससे राज्य में निवेश को गति मिली है। अब तक 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनके अनुमोदन की प्रक्रिया प्रगति पर है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हाल ही में नवा रायपुर में फार्मास्युटिकल कंपनी का शुभारंभ हुआ है। यह दो कारणों से संभव हुआ—एक, नवा रायपुर को फार्मा हब के रूप में विकसित किया गया है, और दूसरा, फार्मा उद्योग के लिए नई नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का शिलान्यास हाल ही में किया गया है। इसके पीछे एआई और आईटी क्षेत्र में निवेश हेतु विशेष अनुदान का योगदान है।छत्तीसगढ़ सरकार ने देश का पहला एआई डाटा सेंटर पार्क भी नवा रायपुर में स्थापित किया है।  मुख्यमंत्री ने निजी संस्थानों, विशेषकर रूंगटा यूनिवर्सिटी की सराहना करते हुए कहा कि वे राज्य सरकार के प्रयासों में पूर्ण सहभागी बनकर छत्तीसगढ़ को स्किल हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। उन्होंने प्रतिभागियों और यूनिवर्सिटी परिवार को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी। उल्लेखनीय है कि भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ को स्किल हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। कार्यक्रम में 8183 युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया। 25 चयनित प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। गूगल, आईबीएम और इंटरनेशनल काउंसिल के साथ संयुक्त डिग्री कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। हार्वर्ड और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालयों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा एक सप्ताह में सबसे अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देने के कीर्तिमान की पुष्टि की गई। इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल और विधायक श्री रिकेश सेन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल और विधायक श्री रिकेश सेन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। रूंगटा यूनिवर्सिटी के कुलपति श्री संतोष रूंगटा ने स्वागत उद्बोधन में विश्वविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी दी और कहा कि संस्थान राज्य सरकार के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ को ग्लोबल स्किल हब बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर संभागायुक्त श्री एस.एन. राठौर, आईजी श्री आर.जी. गर्ग, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, रूंगटा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर, विषय विशेषज्ञ, प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

पीड़ितों को राहत: मंत्री देवांगन ने वितरित किए आर्थिक सहायता के चेक

रायपुर, कोरबा विधानसभा अंतर्गत दर्री के कलमीडुग्गु, प्रगतिनगर के 10 लोगों की फरवरी माह में कुम्भ यात्रा के दौरान सड़क हादसे में दुःखद निधन हो गया था। सभी शोक संतृप्त परिवार को वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने 1-1 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की थी। मंत्री देवांगन ने आज कोहड़िया, कोरबा निवास कार्यालय में सभी 10 परिवार को 1-1 लाख की सहायता राशि का चेक वितरण किया। उन्होंने इसके लिए सवेदनशील मुख्यमंत्री माननीय विष्णुदेव साय का बहुत बहुत आभार व्यक्त किया। इस दौरान पार्षद राधा महंत जी, पार्षद मुकुंद सिंह कँवर जी भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री साय के प्रयास रंग लाए, कोतबा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 56 पदों की मंजूरी

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जशपुर जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। पत्थलगांव विकास खंड के कोतबा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उन्नयन करके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कोतबा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के निर्माण करने के लिए 4 करोड़ 37 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति भी दे दी है। कोतबा में लोगों तक बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 56 पद स्वीकृत किए हैं। इनमें अस्पताल अधीक्षक, सर्जन, मेडिकल विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, दंत विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग सिस्टर, लैब टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, स्टाप नर्स, लेखापाल, फार्मासिस्ट, सहायक ग्रेड 3, ड्रेसर, वार्ड बॉय, आया और भृतय के पद स्वीकृत किया गया है। शीघ्र ही उनकी पदस्थापना की जाएगी जिसमें लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराया जा सके।

सरकार के नीतिगत फैसलों ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ के किसानों का मान

साल दर साल बढ़ रहा है किसानों की संख्या, रकबा और उत्पादन रायपुर, मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय सरकार के नीतिगत फैसलों एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के किसान खुशहाल हैं। इन नीतियों से प्रदेश के किसान निरंतर समृद्धि की ओर अग्रसर हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में राज्य में सरकार बनते ही प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए प्रदेश के पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ 21 क्विंटल 31 सौ रूपए प्रति क्विंटल की मान से धान खरीदी कर न सिर्फ किसानों का मान बढ़ाया बल्कि किसानों को उन्नति की ओर ले जाने में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। राज्य सरकार ने बीते 18 महीने में विभिन्न योजनाओं के तहत् लगभग सवा लाख करोड़ रूपए किसानों के खाते में अंतरित की है। इन कल्याणकारी फैसलों और प्रोत्साहन से साल दर साल किसानों की संख्या, खेती-किसानी का रकबा और उत्पादन में वृद्धि हो रही है। बता दें कि देश की जीडीपी में कृषि का बड़ा योगदान है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का मूल आधार भी कृषि ही है और छत्तीसगढ़ धान का कटोरा कहलाता है। मुख्यमंत्री श्री साथ के नेतृत्त्व में प्रदेश सरकार की इन डेढ़ साल की अवधि में किसानों के हित में लिए गए नीति गत फैसलों से खेती-किसानी की नया सम्बल मिला है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों से बीते खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में सर्वाधिक 24.75 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर 144.92 लाख मेट्रिक टन धान की खरीदी कर एक नया रिकार्ड कायम किया है। किसानों को समर्थन मूल्य के रूप में 32 हजार करोड रूपए का भुगतान एवं किसान समृद्धि योजना के माध्यम से मूल्य की अंतर की राशि 13,320 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया था। इसी तरह खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में प्रदेश के किसानों से रिकार्ड 149.25 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी गई और धान खरीदी के एवज में किसानों को 34,500 करोड़ रूपए का तत्काल भुगतान किया गया तथा 12 हजार करोड़ रूपए की अंतर की राशि एकमुश्त सीधे किसानों के खातों में अंतरित किया गया। राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वायदे को पूरा कर यह बता दिया है कि छत्तीसगढ़ की खुशहाली और अर्थव्यवस्था को सुदृढ करने का रास्ता खेती-किसानी से ही निकलेगा। राज्य सरकार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी के साथ ही दो साल के बकाया धान बोनस की राशि 3716 करोड रूपए का भुगतान करके अपना संकल्प पूरा किया, इससे प्रदेश के किसानों में खुशी की लहर है। किसानो का मानना है कि राज्य सरकार के फैसलों से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार किसानों की हितैषी है। खेती-किसानी ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। कृषि के क्षेत्र में सम्पन्नता से ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और विकसित राज्य बनाने का सपना साकार होगा। छत्तीसगढ़ में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पकालीन कृषि ऋण 01 अप्रैल 2014 से उपलब्ध कराया जा रहा है। ऋण की अधिकतम सीमा 5 लाख रूपए तक है। फसल ऋण में नगद एवं वस्तु का अनुपात 60 अनुपात 40 है। सहकारी एवं ग्रामीण बैंकों से व्याज मुक्त कृषि ऋण उपलब्ध कराने के लिए खरीफ वर्ष 2024 में 15.21 लाख किसानों को 6912 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर वितरित किया गया था। वर्ष 2025 में किसानों को 7800 करोड़ रूपए कृषि ऋण वितरित करने का लक्ष्य है। किसानों को 11 जुलाई की स्थिति में 5124 करोड़ रूपए कृषि ऋण वितरित किए गए हैं। यह किसानों के हित में क्रांतिकारी कदम है। छत्तीसगढ़ में किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री सिंचाई योजना लागू की गई है। सौर सुजला योजना के माध्यम से सरकार ने दूरस्थ वनांचल में जहां बिजली की सुविधा नहीं है, वहां किसानों के खेतों में भी इस योजना के माध्यम से सौर सुजला सिंचाई पंप स्थापित कर सिंचाई की व्यवस्था की गई है। छत्तीसगढ़ में किसानों एवं भूमिहीन मजदूरों की स्थिति में सुधार, कृषि एवं सहायक गतिविधियां के लिए समन्वित प्रयास पर राज्य सरकार का फोकस है। कृषि विभाग के बजट में बीते वर्ष की तुलना में वर्ष 2024-25 में 33 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 13 हजार 435 करोड रूपए का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है, इसलिए राज्य के बजट में भी कृषि के साथ-साथ ग्रामीण विकास को फोकस किया गया है। यहां धान और किसान एक-दूसरे के पर्याय है। पिछले वर्ष 149.25 लाख मीट्रिक टन धान समर्थन मूल्य पर राज्य के 25 लाख 48 हजार 798 किसानों से खरीदी की गई है। राज्य सरकार ने बजट में कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया, जिसका उद्देश्य कृषि समृद्धि को बढ़ावा देना है। वहीं किसानों के 5 एचपी तक के कृषि पंपों को मुफ्त बिजली आपूर्ति के लिए 3,500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसी तरह भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत राज्य के 5.65 लाख भूमिहीन मजदूरों को सालाना 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही दलहन एवं तिलहन फसलों समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए 80 करोड़ रुपये तथा फसल बीमा योजना के लिए 750 करोड़ रुपये और मोटे अनाजों के साथ-साथ दलहन, तिलहन, बीज उत्पादन एवं वितरण के लिए कृषक समग्र विकास योजना के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह सरकार की किसान हितैषी नियत को दर्शाता है। केन्द्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के 26 लाख से ज्यादा किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का भी लाभ मिल रहा है। इस योजना में किसानों को तीन किश्तों में साल में 6 हजार रूपए की राशि केन्द्र सरकार के द्वारा सीधे किसानों के बैंक खातों में दी जा रही है। केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में धान के विपुल उत्पादन को देखते हुए केन्द्रीय पूल में 78 लाख मीट्रिक टन चावल जमा करने का लक्ष्य दिया है।

माओवादियों की बिछाई मौत की राह में फंसा किशोर, गंभीर रूप से घायल

 बीजापुर  छत्तीसगढ़ की जमीन से माओवाद के खातमे को लेकर प्रशासन और सुरक्षाबलों की ओर से लगातार प्रयास जारी है। इसी बीच माओवादी भी रह-रहकर कायराना हरकतों को अंजाम दे रहे हैं और निर्दोष लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। बीजापुर के भोपालपटनम थाना क्षेत्र के माओवाद प्रभावित कोंडापडगु में शनिवार की शाम माओवादियों का एक और अमानवीय कृत्य सामने आई, जिसमें जंगल में मवेशी चराने गया एक 16 वर्षीय किशोर माओवादियों के लगाए हुए प्रेशर आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के अनुसार शनिवार की शाम को कोंडापडगु निवासी कृष्णा गोटा पिता फकीर मवेशी चराने जंगल गया हुआ था, तभी जमीन में दबे हुए प्रेशर आइईडी पर उसका पैर पड़ गया। जिससे जोरदार विस्फोट हुआ। इस हादसे में कृष्णा के पैर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। इलाज जारी, स्थिति गंभीर घायल बालक को तत्काल उपचार हेतु जिला अस्पताल बीजापुर लाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, परंतु समय पर चिकित्सा मिलने से उसकी जान बच गई। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने घटनास्थल की घेराबंदी कर तलाशी अभियान प्रारंभ कर दिया है। माओवादियों के लगाए हुए अन्य विस्फोटकों की खोज के लिए विशेष टीम भेजी गई है। माओवादी अपनी जान बचाने खतरे में डाल रहे निर्दोषों की जान बस्तर में सुरक्षा बलों के अभियान से डरे माओवादी अपनी जान बचाने जंगलों में बारूद बिछा रहे हैं, पर इसकी चपेट में निर्दोष ग्रामीण आ रहे हैं। इस वर्ष अब तक एक दर्जन से अधिक ग्रामीण माओवादियों के लगाए विस्फोटक की चपेट में आकर घायल हुए हैं, या मारे गए हैं। पुलिस ने जनता से अपील की गई है कि वे जंगल क्षेत्रों में अत्यधिक सतर्कता बरतें तथा यदि कोई भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत निकटतम पुलिस थाना या सुरक्षा कैंप को सूचित करें। सतर्कता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है।