samacharsecretary.com

US की कड़ा रुख अपनाया, पंजाब के युवाओं के सपनों पर लगा ब्रेक?

पंजाब  America जाने की चाह रखने वालों को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, अब अमेरिका या वीजा पानी और भी मुश्किल हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार अमेरिका में H-1B वीजा के लिए आवेदन करने वाले हजारों भारतीय आवेदकों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। अमेरिकी दूतावास ने मंगलवार को जारी एक नोटिस में स्पष्ट कर दिया कि जिन आवेदकों की सितंबर और दिसंबर के बीच अपॉइंटमेंट (Appointment) तय थी और जिन्हें पुनर्निर्धारण की सूचना दी गई है, वे पुरानी तारीख पर दूतावास पहुंचकर इंटरव्यू नहीं दे सकेंगे। प्रवेश केवल नई निर्धारित अपॉइंटमेंट पर ही मिलेगा। सूत्रों के मुताबिक, दिसंबर महीने की सभी वीजा अपॉइंटमेंट्स को स्थगित कर मार्च 2026 तक के लिए टाल दिया गया है।  सोशल मीडिया वेरिफिकेशन बना नई मुश्किल कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग ने H-1B तथा H-4 वीजा आवेदकों के लिए सोशल मीडिया वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया है। 15 दिसंबर से लागू होने जा रही इस नई प्रक्रिया के तहत सभी आवेदकों को अपना सोशल मीडिया प्रोफाइल “पब्लिक” मोड में रखना होगा। अमेरिकी अधिकारियों को ऑनलाइन व्यवहार की गहन जांच का अधिकार होगा। इस दौरान सुरक्षा के लिए संभावित खतरा पैदा करने वाले आवेदकों को छांटा जाएगा। इसी वजह से कई इंटरव्यू अचानक रद्द कर मार्च तक के लिए पुनर्निर्धारित कर दिए गए हैं। वहीं कई कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि, दूतावास ने कुछ अपॉइंटमेंट (Appointment) को रद्द करके मार्च तक पुननिर्धारित कर दिया है। H-1B वीजा प्रोग्राम पर बढ़ी सख्ती अमेरिकी प्रशासन पहले ही H-1B वीज़ा प्रोग्राम पर कड़ी नजर रखे हुए है। इससे पहले सितंबर में नए H-1B वीजा पर $1,00,000 का शुल्क लगाया गया था। जानकारी के अनुसार, सिक्योरिटी चिंताजनक देशों के आवेदकों के ग्रीन कार्ड और नागरिकता प्रक्रियाएं अस्थायी रूप से रोकी गईं। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट का कहना है कि हर वीजा निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होता है, और सोशल मीडिया स्क्रीनिंग इसी सुरक्षा नीति का हिस्सा है। क्या है H-1B वीजा आपको बता दें कि, अमेरिका का H-1B वीज़ा उन अत्यधिक कुशल विदेशी पेशेवरों के लिए बनाया गया है, जो किसी अमेरिकी कंपनी में निश्चित समयावधि के लिए काम करना चाहते हैं। यह वीजा मुख्य रूप से आईटी, इंजीनियरिंग, फाइनेंस, हेल्थकेयर, साइंस और अन्य विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों के कर्मचारियों को दिया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, H-1B वीज़ा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि L वीजा और E वीजा के विपरीत इसमें अमेरिकी कंपनी पर किसी विशेष पात्रता या निवेश से जुड़ी शर्तें लागू नहीं होतीं। यानी कोई भी अमेरिकी नियोक्ता, जो योग्य विदेशी कर्मचारी की जरूरत साबित कर सके, H-1B वीजा स्पॉन्सर कर सकता है। यह वीजा 3 साल के लिए दिया जाता है, जिसे बाद में बढ़ाकर अधिकतम 6 साल तक किया जा सकता है। H-1B धारक अपने पति/पत्नी और बच्चों को भी H-4 वीजा पर अमेरिका ले जा सकते हैं, हालांकि H-4 आश्रितों के लिए काम करने की अनुमति अलग नियमों के तहत मिलती है। हर साल लाखों आवेदन आने के कारण H-1B प्रक्रिया अत्यधिक प्रतिस्पर्धी होती जा रही है। अमेरिकी एजेंसियों द्वारा हाल में लागू किए गए सख्त जाँच मानकों, खासतौर पर सोशल मीडिया वेरिफिकेशन, ने इस वीजा को हासिल करना और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

स्कूलों में विंटर वेकेशन का बिगुल! अब बच्चों-परिवार की होगी जमकर मस्ती

चंडीगढ़ शहर के स्कूलों में इस महीने सर्दियों की छुट्टियां पड़ने जा रही हैं। इसे लेकर लोगों ने पहले से ही छुट्टियों में घूमने-फिरने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। परिवार यात्रा की जगहों पर चर्चा कर रहे हैं और बच्चे अपनी पसंदीदा जगहें चुन रहे हैं। हर घर में छुट्टियों का माहौल बन चुका है। सर्दियों को आमतौर पर यात्रा के लिए सबसे आरामदायक मौसम माना जाता है। इसी अवसर पर IRCTC ने चंडीगढ़ से नए रेल टूर पैकेज पेश किए हैं। IRCTC ने चंडीगढ़ से विशेष रेल टूर पैकेज लॉन्च किए हैं, जिनमें ज्योतिर्लिंग दर्शन से लेकर राजस्थान के मरुस्थल और गुजरात तक घूमने के कई विकल्प शामिल हैं। टिकट, होटल या लोकल ट्रैवल की चिंता नहीं सर्दियों की छुट्टियों के ये टूर पैकेज चंडीगढ़वासियों को अलग-अलग जगहों पर घूमने का मौका देंगे। चाहे कोई धार्मिक यात्रा करना चाहता हो, मरुस्थल का अनुभव लेना चाहता हो या गुजरात के आधुनिक व ऐतिहासिक स्थलों को देखना चाहता हो—हर तरह के यात्रियों के लिए विकल्प मौजूद हैं। ये पैकेज खास तौर पर उन परिवारों के लिए हैं, जो बिना झंझट और पूरी तरह प्लान की हुई यात्रा चाहते हैं। ट्रेन यात्रा से लेकर होटल में ठहराव, स्थानीय आवागमन और रोजाना नाश्ता—सब कुछ इसमें शामिल है। यानी टिकट बुक करने, होटल तलाशने या लोकल ट्रांसपोर्ट की चिंता करने की जरूरत नहीं। छुट्टियों में बस परिवार के साथ घूमिए, आराम कीजिए और यादें संजोइए। इन जगहों की कर सकते हैं यात्रा 1. दो ज्योतिर्लिंग दर्शन – 6 रातें / 7 दिन छुट्टियों में लोग धार्मिक यात्राओं की भी योजना बनाते हैं। इस पैकेज में इंदौर स्थित ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर के दर्शन शामिल हैं। हर शनिवार चंडीगढ़ स्टेशन से ट्रेन रवाना होगी। शुरुआती कीमत: ₹15,515 2. राजस्थान सर्किट: उदयपुर, आबू रोड, जोधपुर, अजमेर – 7 रातें / 8 दिन अगर बच्चों को किले, झीलें और ऐतिहासिक स्थल पसंद हैं, तो यह टूर खास है। इसमें दिलवाड़ा जैन मंदिर, ब्रह्माकुमारी केंद्र, माउंट आबू की खूबसूरत नक्की झील, अरावली पर्वतों में सनसेट पॉइंट, सिटी पैलेस, एकलिंगजी मंदिर, हल्दीघाटी, रणकपुर जैन मंदिर, मेहरानगढ़ किला, उमैद भवन संग्रहालय, पुष्कर मंदिर और दरगाह शरीफ शामिल हैं। ट्रेन हर शुक्रवार रवाना होगी।  शुरुआती कीमत: ₹23,215 3. बीकानेर, जैसलमेर और जयपुर की रंगीन यात्रा – 7 रातें / 8 दिन सर्दियों में राजस्थान की खूबसूरती चरम पर होती है। मरुस्थल, ऊंट सफारी, जैसलमेर किला और जयपुर देखने का सुनहरा मौका। इस पैकेज में पुष्कर, आना सागर झील, ब्रह्मा मंदिर, बीकानेर का ऊंट प्रजनन फार्म, देशनोक मंदिर, जूनागढ़ किला, जैसलमेर के सैम सैंड ड्यून्स, कुलधारा गांव, आर्मी म्यूज़ियम, जोधपुर का मेहरानगढ़ किला, उमैद भवन संग्रहालय, जयपुर का हवा महल, सिटी पैलेस, जंतर-मंतर और नाहरगढ़ किला शामिल हैं। ट्रेन हर शुक्रवार चलेगी। शुरुआती कीमत: ₹21,895 4. राजस्थान और गुजरात टूर: केवड़िया, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, अहमदाबाद, उदयपुर – 7 रातें / 8 दिन यह पैकेज परिवारों में काफी लोकप्रिय हो रहा है। इसमें स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, म्यूज़ियम, ऐतिहासिक स्थल, उदयपुर की झीलें, माउंट आबू, दिलवाड़ा मंदिर, ब्रह्माकुमारी केंद्र, नक्की झील, सनसेट पॉइंट, उदयपुर सिटी पैलेस, फतेह सागर झील, केवड़िया, अहमदाबाद का साबरमती आश्रम, साबरमती रिवरफ्रंट और वडोदरा शामिल हैं। ट्रेन हर शुक्रवार रवाना होगी। शुरुआती कीमत: ₹23,780 पैकेज में मिलेंगी ये खास सुविधाएं थर्ड एसी या स्लीपर में कन्फर्म ट्रेन टिकट पिक-अप और ड्रॉप सहित स्थानीय आवागमन होटल में रात्रि ठहराव रोजाना नाश्ता छुट्टियों में यात्रा करते समय सबसे बड़ी चिंता होटल, टिकट और लोकल ट्रांसपोर्ट की होती है, लेकिन IRCTC के इन पैकेजों में सभी सुविधाएं शामिल हैं, जिससे पारिवारिक यात्रा बेहद आसान हो जाती है। ऐसे करें बुकिंग IRCTC की टूरिज्म वेबसाइट पर जाकर चंडीगढ़ से शुरू होने वाले पैकेज चुनें। जानकारी के लिए WhatsApp: 7888696843 पर संपर्क कर सकते हैं या IRCTC सेक्टर-34ए स्थित कार्यालय में जाकर भी विवरण प्राप्त किया जा सकता है।  

राज्य में सख्ती चरम पर! पंजाब के सभी मुख्य बॉर्डर बंद, भारी पुलिस फोर्स तैनात

जालंधर/चंडीगढ़   पंजाब को सुरक्षित और शांतिपूर्ण राज्य बनाने के मकसद से मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों पर पंजाब पुलिस ने मंगलवार को विशेष अभियान ‘ऑपरेशन सील-23’ चलाया। इस अभियान का उद्देश्य पंजाब में प्रवेश या बाहर जाने वाले सभी वाहनों की गहन जांच कर असामाजिक तत्वों, नशा तस्करों और अवैध शराब से जुड़े लोगों पर कड़ी निगरानी रखना है।   पंजाब के डी.जी.पी. पंजाब गौरव यादव के आदेशों पर सभी जिलों में यह एकसमान ऑपरेशन चलाया गया। सभी बॉर्डर जिलों के एस.एस.पी. को रणनीतिक स्थानों पर संयुक्त नाकाबंदी लगाने और अधिकतम पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए, ताकि गजेटेड अधिकारियों और एस.एच.ओ. की देखरेख में मजबूत नाके स्थापित किए जा सकें।   जानकारी सांझा करते हुए विशेष डी.जी.पी. (कानून-व्यवस्था) अर्पित शुक्ला ने बताया कि 10 अंतरराज्यीय सीमा जिलों— पठानकोट, श्री मुक्तसर साहिब, फाजिल्का, रूपनगर, एस.ए.एस. नगर, पटियाला, संगरूर, मानसा, होशियारपुर और बठिंडा में 65 एंट्री/एग्जिट प्वाइंट्स पर 600 से अधिक पुलिस कर्मियों की तैनाती के साथ समन्वित और मजबूत नाकाबंदी लगाई गई। उन्होंने कहा कि इस दौरान राज्य में प्रवेश/निर्गमन कर रहे 1182 वाहनों की जांच की गई, जिनमें से 234 का चालान किया गया और 2 वाहनों को जब्त किया गया। इसके अलावा पुलिस ने पांच एफआईआर दर्ज कर तीन व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया।    इसके साथ ही, पंजाब पुलिस ने अपने नशा विरोधी अभियान (कासो) को 283वें दिन भी जारी रखते हुए राज्यभर में 346 स्थानों पर छापेमारी की। इन कार्रवाइयों में 95 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया और 68 एफ.आई.आर. दर्ज की गईं। इस प्रकार पिछले 283 दिनों में गिरफ्तार कुल नशा तस्करों की संख्या 39,864 हो गई है। विशेष डी.जी.पी. ने बताया कि छापेमारी के दौरान 1.5 किलो हैरोइन, 429 ग्राम अफीम, 6 किलो गांजा, 21 किलो पोपी हस्क और 2.95 लाख रुपए ड्रग मनी बरामद की गई। 70 गजेटेड अधिकारियों की देखरेख में 1000 से अधिक पुलिस कर्मियों वाली 120 से अधिक टीमों ने पूरे राज्य में कार्रवाई करते हुए 340 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू की गई तीन-स्तरीय रणनीति एन्फोर्समैंट, डी-एडिक्शन और प्रिवैंशन (ई.डी.पी.) के तहत पंजाब पुलिस ‘डि-एडिक्शन’ अभियान को भी मजबूत कर रही है और आज 40 लोगों को नशामुक्ति एवं पुनर्वास उपचार के लिए प्रेरित किया गया।

पंजाब में बूथ लेवल अफसर की बल्ले-बल्ले! चुनावों के दौरान ड्यूटी को लेकर आया ये बड़ा फैसला

पंजाब  पंजाब में बूथ लेवल अफसर (BLO) के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंजाब के दफ़्तर की ओर से एक अहम कदम उठाया गया है। आदेश जारी करते हुए बताया गया है कि BLO को जिला परिषद और ब्लॉक समिती की चुनावों में बतौर पोलिंग स्टाफ की ड्यूटी से छूट दे दी गई है। सूत्रों के अनुसार, कई क्षेत्रों में महिला और पुरुष BLO को इस समय वोटर सूची अपडेट, वोटर शिनाख्त कार्य, और अपने क्षेत्र से जुड़े SIR के प्री-रिवीजन व voter mapping जैसे महत्वपूर्ण काम करने पड़ रहे हैं। कई BLO के लगातार आग्रह के बाद यह फैसला लिया गया है। चुनाव दफ़्तर का कहना है कि इससे BLO को अपने नियमित चुनाव कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी। इसी के साथ ही सभी डिप्टी कमिश्नरों-कम- जिला चुनाव अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि आने वाले समय में किसी भी BLO की ड्यूटी किसी अतिरिक्त काम के लिए न लगाई जाए। 

पंजाब में ड्रग मनी की पड़ताल हाई कोर्ट की निगरानी में हो—BJP ने CM मान पर डाला दबाव

चंडीगढ़  भ्रष्टाचार को समाज के लिए अभिशाप बताते हुए पंजाब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से राज्य के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं की जांच कराने की मांग की है, साथ ही यह पता लगाने का आग्रह किया कि क्या किसी को भ्रष्ट गतिविधियों से धन प्राप्त हुआ है. पूर्व कांग्रेस विधायक नवजोत कौर सिद्धू के आरोपों के बाद कांग्रेस में मचे घमासान के बीच, सुनील जाखड़ ने भगवंत मान को उनके 16 जून को लिखे पत्र की याद दिलाई, जिसमें उन्होंने ड्रग मनी ट्रेल की जांच पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पंजाब के कई राजनेताओं की किस्मत बदल गई है, जिसे महज संयोग कहकर खारिज नहीं किया जा सकता.उन्होंने कहा कि कई कि विधायक जो साइकिल से आते थे, अब उनके पास लग्जरी कारें हैं और कई के पास फार्महाउस हैं.इतनी बड़ी मात्रा में पैसा कहां से आया, इसकी जांच जरूरी है. ‘भ्रष्टाचार समाज में नासूर बन गया’ मंगलवार को जाखड़ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया जिसमें कांग्रेस और नवजोत कौर सिद्धू द्वारा लगाए गए आरोपों का ज़िक्र किए बिना लिखा, ‘इस समय भ्रष्टाचार समाज में नासूर बन गया है. अब तो 70 साल तक देश पर राज करने वाली पार्टी के वरिष्ठ नेता भी एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा रहे हैं’. ‘सभी दलों के नेताओं की हो जांच’ जाखड़ ने पोस्ट में कहा, ‘भगवंत मान जी, आपने इस भ्रष्टाचार को कैंसर कहा था. आपने यह भी कहा था कि आपके पास फाइलें हैं, तो आप उन फाइलों को क्यों नहीं खोलते? मैंने आपको पहले भी लिखा था और मैं फिर से मांग करता हूं कि हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की निगरानी में सभी दलों के नेताओं (जिनमें मैं भी शामिल हूं) की समयबद्ध जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और पता चले कि भ्रष्टाचारों से पैसा किसने प्राप्त किया है’. उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है अगर आपकी सरकार ड्रग्स के खिलाफ अपनी लड़ाई में अपनी विश्वसनीयता और दृढ़ संकल्प स्थापित करना चाहती है’. 16 जून को लिखे अपने पत्र में बीजेपी नेता ने मांग की थी कि ‘ड्रग-धन के मामले में ताकतवर और प्रभावशाली लाभार्थियों का पता लगाने के लिए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू की निगरानी में जांच की जाए’. ‘धन का पता लगाना जरूरी’ जाखड़ ने आगे कहा ‘यह उचित होगा कि आप, मुख्यमंत्री के रूप में, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर, उनकी निगरानी में एक विश्वसनीय एजेंसी या यहां तक कि एकएजेंसी जांच द्वारा समयबद्ध जांच स्थापित करने के लिए हस्तक्षेप करने का अनुरोध करें ताकि ड्रग-धन के जाल में अंतिम लाभार्थियों का पता लगाया जा सके’. उन्होंने कहा कि ड्रग-धन के जाल में धन का पता लगाना जरूरी है, जिसके बिना पंजाब से ड्रग्स को जड़ से उखाड़ने की कवायद न केवल निरर्थक है, बल्कि एक दिखावा भी है. ‘छोटे कारोबारियों को गिरफ्तार करने से कुछ नहीं होगा’ उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि हज़ारों नशेड़ियों और छोटे कारोबारियों को गिरफ्तार करने से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि बड़ी मछलियों को पकड़ने और अंतिम लाभार्थियों को गिरफ्तार करने के लिए धन का प्रवाह स्थापित करना होगा, चाहे वे विभिन्न दलों के राजनेता हों या अधिकारी. उन्होंने कहा कि पंजाब में ड्रग कार्टेल किसी न किसी तरह के संरक्षण के बिना फल-फूल नहीं सकते. उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं के कारोबार में पैसे का पता लगाना ज़रूरी है, क्योंकि इसके बिना पंजाब से नशीली दवाओं को जड़ से उखाड़ने की कोशिश न केवल निरर्थक है, बल्कि एक दिखावा भी है.  

चुनाव से ठीक पहले SSP वरुण शर्मा ने ली छुट्टी, पटियाला में वायरल ऑडियो क्लिप पर आज अदालत का फैसला

पटियाला जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव से ठीक पहले पटियाला में बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है। मतदान 14 दिसंबर को होना है और इसी बीच पटियाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) वरुण शर्मा अचानक एक सप्ताह की छुट्टी पर चले गए हैं। यह कदम उस समय उठाया गया है जब पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में आज वायरल ऑडियो-क्लिप विवाद पर अहम सुनवाई होनी है। पुलिस विभाग के सूत्रों ने पुष्टि की है कि SSP शर्मा मंगलवार शाम को अवकाश पर चले गए। फिलहाल संगरूर SSP सरताज चाहल को पटियाला की पुलिस व्यवस्था का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। हालांकि, यह राज्य चुनाव आयोग पर निर्भर करेगा कि वह पटियाला जिले के चुनाव-सम्बंधित कार्यों की निगरानी के लिए किसी अन्य अधिकारी की आधिकारिक तौर पर नियुक्ति करता है या नहीं। एक वरिष्ठ IPS अधिकारी ने कहा, “SSP वरुण शर्मा छुट्टी पर हैं। इसकी जानकारी चंडीगढ़ मुख्यालय को भी दे दी गई है।” हाईकोर्ट ने दिया था जांच तेज करने का निर्देश छुट्टी का यह निर्णय उस समय आया है जब हाईकोर्ट ने सोमवार को राज्य चुनाव आयोग को वायरल ऑडियो क्लिप की जांच तेज करने का आदेश दिया था। शिरोमणि अकाली दल (SAD) अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पिछले सप्ताह एक ऑडियो क्लिप जारी की थी, जिसमें कथित रूप से SSP शर्मा अपने अधीनस्थ अधिकारियों को विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन भरने से रोकने के निर्देश देते सुनाई दे रहे हैं। निष्पक्ष चुनाव की मांग, CBI जांच की अपील पूर्व विधायक डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने इस मामले में जनहित याचिका दायर की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान विपक्षी दलों को व्यवस्थित रूप से रोका गया। याचिका में SSP शर्मा के निलंबन, और सात दिनों के भीतर CBI-निगरानी में FIR दर्ज करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि जब आरोप पुलिस व्यवस्था के कामकाज से जुड़े हों तो राज्य पुलिस द्वारा ‘आंतरिक जांच’ का कोई अर्थ नहीं है। याचिका में उस कथित वायरल कॉन्फ्रेंस कॉल का भी जिक्र है, जिसे कोर्ट में प्रस्तुत किया गया है। इसमें कथित रूप से कहा गया है कि विपक्षी उम्मीदवारों को घरों और रास्तों में रोका जाए, स्थानीय विधायकों के निर्देश माने जाएं, सत्ताधारी दल AAP से जुड़े लोगों को “सकारात्मक रिपोर्ट” मिले और रिटर्निंग अधिकारी विपक्षी नामांकन रद्द कर दें ताकि कई सीटें बिना मुकाबले जीत ली जा सकें—जो आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है।   राजनीतिक तापमान बढ़ा पटियाला SSP के छुट्टी पर जाने से राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। अब नजरें आज होने वाली हाईकोर्ट की सुनवाई और चुनाव आयोग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

इंडस्ट्री बूस्ट: कोरियन कंपनियों ने पंजाब में निवेश के लिए दिखाई गहरी रुचि

मोहाली दक्षिण कोरिया दौरे के अंतिम दिन व्यापारिक नेताओं के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब स्थिर एवं पारदर्शी शासन वाला राज्य है. तथा भविष्य के निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि पंजाब का मजबूत औद्योगिक इको-सिस्टम, विश्वसनीय और सस्ती बिजली, कुशल एवं मेहनती श्रमिक बल तथा बड़े बाजारों से सुगम संपर्क सुविधाएं इसे निवेश के लिए सबसे पसंदीदा गंतव्य बनाती हैं.भगवंत मान ने दोहराया कि पंजाब का शासन मॉडल निवेशक-अनुकूल है, जो कार्य-कुशलता और कारोबारी चक्र के दौरान पूर्ण सहयोग पर आधारित है. उन्होंने कहा कि पंजाब का विज़न प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में दक्षिण कोरिया के साथ प्रौद्योगिकी, नवाचार और परस्पर लाभकारी संबंधों से प्रेरित है. सीएम भगवंत सिंह मान ने दक्षिण कोरियाई कंपनियों का स्वागत किया और कहा कि नवाचार-आधारित औद्योगिक विकास, दीर्घकालिक संबंध और परस्पर लाभकारी साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा. भगवंत सिंह मान ने कहा कि इससे विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण और अनुसंधान क्षेत्रों में बड़ी संभावनाएं हैं.   मुख्यमंत्री ने अपना विज़न किया साझा अपना विज़न साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की मजबूत आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंधों के माध्यम से समृद्ध भविष्य सृजन करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि पंजाब को साहस, मेहनत, उद्यमिता, रचनात्मकता और मजबूत सामुदायिक समझ वाली धरती के रूप में जाना जाता है. उन्होंने कहा कि पंजाब ने हमेशा भारत के विकास, विशेष रूप से खाद्य उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज पंजाब आधुनिक औद्योगिक, प्रौद्योगिकी और वैश्विक सहयोग का केंद्र बनने की ओर अग्रसर है. मुख्यमंत्री ने राज्य के शासन एवं नियामक सुधारों को भी रेखांकित किया, जिनमें फास्टट्रैक पंजाब सिंगल-विंडो सिस्टम शामिल है, जिसमें 173 सेवाएं, ऑटो-डीम्ड मंजूरियां, पैन-आधारित व्यवसाय पहचानकर्ता और पंजाब बिजनेस राइट्स एक्ट में संशोधन शामिल हैं, जो समयबद्ध सैद्धांतिक मंजूरियों को सक्षम बनाते हैं. उन्होंने पंजाब के औद्योगिक बुनियादी ढांचे पर भी प्रकाश डाला और बताया कि 1.4 लाख करोड़ रुपए से अधिक का ग्राउंड इन्वेस्टमेंट पहले ही इन्वेस्ट पंजाब के माध्यम से सुनिश्चित किया जा चुका है. इस दौरान भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनका दृष्टिकोण सरल और स्पष्ट हैनीतिगत स्थिरता, निर्णय लेने में गति और निवेशकों के समय एवं विश्वास का सम्मान करने वाली शासन प्रणाली पेश करके पंजाब को विश्व उद्योग के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाना. मोहाली में छठा प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर समिट मुख्यमंत्री ने निवेशकों को 13 से 15 मार्च 2026 तक आई.एस.बी. मोहाली कैंपस में होने वाले छठे प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर समिट में शामिल होने का निमंत्रण दिया. भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह सम्मेलन पंजाब की प्रगति को प्रदर्शित करेगा, अग्रणी उद्योगपतियों को एकत्र करेगा और साझेदारी एवं सहयोग के नए अवसर प्रस्तुत करेगा. उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार राज्य में औद्योगिक विकास को और बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह समर्पित है और इसके लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी. इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा बिछाए गए रेड कारपेट से उत्साहित दक्षिण कोरियाई कंपनियों ने पंजाब में निवेश करने में गहरी दिलचस्पी दिखाई. भगवंत सिंह मान ने उम्मीद जताई कि ऐसे निवेश न केवल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेंगे, बल्कि राज्य के आर्थिक विकास को और तेज करेंगे. उन्होंने दक्षिण कोरियाई निवेशकों को राज्य सरकार की ओर से हर मोर्चे पर पूर्ण समर्थन एवं सहयोग का भरोसा भी दिया और कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास को और बढ़ावा देना समय की जरूरत है. प्रभावशाली रहा निवेश रोड शो मुख्यमंत्री ने कहा कि सियोल में यह प्रभावशाली निवेश रोड शो दक्षिण कोरिया के साथ गहरी आर्थिक साझेदारी बनाने और राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए उनकी अंतरराष्ट्रीय पहुंच का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि इस आयोजन में कॉर्पोरेट नेता, वित्तीय सलाहकार, अनुसंधान एवं विकास संगठन, व्यापारिक संगठन और कोरिया में भारतीय एवं पंजाबी समुदाय के सदस्यों की जोरदार भागीदारी देखने को मिली. भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस रोड शो ने दक्षिण कोरिया एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों की एक विस्तृत श्रृंखला के वरिष्ठ प्रतिनिधियों को आकर्षित किया, जिनमें ਮਾਂ ब्लूमबर्ग, ब्रिक्स इंडिया ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड, प्रमुख कानूनी फर्म किम एंड चांग एवं शिन एंड किम एल.एल.सी., कोरियन एसोसिएशन ऑफ सीनियर साइंटिस्ट्स एंड इंजीनियर्स, कोट्रा, डायंग कॉर्पोरेशन, गावोन इंटरनेशनल कंपनी लिमिटेड, टैगहाइव, पंजाबी एसोसिएशन ऑफ कोरिया, इनमैक ग्लोबल आदि शामिल हैं.  

रंधावा बनाम सिद्धू: लीगल नोटिस के बाद बढ़ा विवाद, नवजोत कौर ने दिया पलटवार

चंडीगढ़  पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही उठापटक एक बार फिर तेज हो गई है। नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी व पूर्व विधायक नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस सांसद व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा से मिले लीगल नोटिस का कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि वह अपने सभी बयानों पर अडिग हैं और यदि रंधावा नोटिस वापस नहीं लेते तो वह स्वयं उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगी। कौर ने अपने बयान में कहा कि उनकी टिप्पणियां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के तहत आती हैं और वह विभिन्न मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं।   क्या है विवाद? मंगलवार को कांग्रेस सांसद और राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर रंधावा ने कौर को लीगल नोटिस भेजा था। इसमें कहा गया कि 7 और 8 दिसंबर को कौर ने उन पर भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप लगाए खासतौर पर “पार्टी टिकट पैसे लेकर बांटे जाने” का आरोप। नोटिस में दावा किया गया कि कौर ने “बिना किसी साक्ष्य के” ये बयान दिए, जिससे रंधावा की छवि धूमिल हुई। उन्होंने इसे भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 356 के तहत मानहानि बताया और सात दिनों के भीतर सार्वजनिक माफी की मांग की है। माफी उसी मीडिया प्लेटफॉर्म पर देने के लिए कहा गया, जहां कौर के बयान प्रकाशित हुए थे। कांग्रेस में बढ़ी हलचल, निलंबन के बाद कानूनी मोर्चा यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब पंजाब कांग्रेस ने सोमवार को नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था। यह कार्रवाई उनके विवादित “500 करोड़ कैश-फॉर-सीएम” बयान के बाद की गई। उधर, पार्टी के अन्य नेता भी उनके खिलाफ कानूनी कदम उठा रहे हैं राजबीर सिंह भुल्लर, जिलाध्यक्ष (तरनतारन), ने कौर को नोटिस भेजा है। उन पर आरोप है कि कौर ने दावा किया कि कांग्रेस प्रत्याशी करनबीर सिंह बुर्ज ने टिकट के लिए 10 करोड़ का भुगतान किया।   पूर्व मंत्री अनिल जोशी ने भी उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का केस दायर करने की तैयारी की घोषणा की है। कौर ने कथित तौर पर कहा था कि जोशी ने पार्टी में शामिल होने के लिए पैसे दिए। जोशी ने कहा, “उन्हें अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए, वरना मैं कानूनी कार्रवाई करूंगा।” कौर का पलटवार: 'हमारे पास पैसे नहीं, लेकिन पंजाब बदलने की क्षमता है' सोमवार को पटियाला में कौर ने कहा था कि न तो उनके पास और न ही उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू के पास कोई राजनीतिक पद खरीदने के लिए पैसा है, लेकिन वे “पंजाब को स्वर्ण नगरी बना सकते हैं”। हाल ही में उन्होंने यह भी कहा था कि यदि कांग्रेस उन्हें पंजाब में मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करती है तो उनके पति सक्रिय राजनीति में वापसी करेंगे। पंजाब कांग्रेस में आपसी टकराव अब कानूनी मोर्चे तक पहुंच चुका है। नवजोत कौर सिद्धू जहां अपने बयानों पर कायम हैं, वहीं पार्टी के कई नेता उनके खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना है, खासकर यदि दोनों पक्ष अदालत का दरवाजा खटखटाते हैं।

डेयरी सेक्टर पर कड़ी निगरानी: पंजाब सरकार ने 25 दिसंबर की दी अंतिम डेडलाइन

पटियाला  नगर निगम पटियाला की सीमा में संचालित हो रही डेयरियों को एक सुव्यवस्थित एवं स्वच्छ स्थान पर स्थापित करने के उद्देश्य से बनाए गए श्री गुरु नानक देव डेयरी प्रोजैक्ट को लेकर नगर निगम पटियाला के मेयर कुंदन गोगिया और कमिश्नर परमजीत सिंह द्वारा सख्त दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। मेयर कुंदन गोगिया एवं नगर निगम पटियाला के कमिश्नर परमजोत सिंह, आई. ए. एस. ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में मौजूद 65 डेयरी मालिकों की वर्ष 2021 में श्री गुरु नानक देव डेयरी प्रोजैक्ट में प्लॉट आबंटित किए गए थे। इन डेयरी मालिकों द्वारा नियमों के अनुसार देय 5 प्रतिशत राशि नगर निगम पटियाला में जमा करवाई जा चुकी है। हालांकि, प्लॉट आबंटित होने और 5 प्रतिशत राशि जमा करवाने के बावजूद ये सभी डेयरी मालिक अब तक डेयरी प्रोजेक्ट स्थल पर शिफ्ट नहीं हुए हैं, जिसके कारण शहर में स्वच्छता और पर्यावरण से संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो ही हैं। मेयर एवं कमिश्नर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन डेयरी मालिकों को डेयरी प्रोजेक्ट में प्लॉट आबंटित किए जा चुके हैं। उन्हें हर हाल में दिनांक 25 दिसम्बर तक डेयरी प्रोजैक्ट स्थल पर शिफ्ट होना होगा। कमिश्नर परमजीत सिंह ने कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई भी डेयरी मालिक प्रोजैक्ट स्थल पर शिफ्ट नहीं होता है, तो उसका प्लॉट आबंटन तत्काल रद्द कर दिया जाएगा और जमा 5 प्रतिशत राशि जब्त कर ली जाएगी। इसके बाद संबंधित डेयरी मालिक को पुनः नए सिरे से प्लॉट आबंटन की प्रक्रिया से गुजरना होगा। उन्होंने सख्त शब्दों में यह भी कहा कि ऐसे डेयरी मालिकों को उनकी वर्तमान स्थान पर डेयरी संचालन की किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं दो जाएगी। मेयर और कमिश्नर ने कहा कि नगर निगम पटियाला शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  

Diljit Dosanjh की शूटिंग के दौरान हुआ पंगा, माहौल गरमाया… पंजाब पुलिस की बड़ी तैनाती

पंजाब  दिलजीत दोसांझ को लेकर इस समय की बड़ी खबर सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार पटियाला में दिलजीत दोसांझ की एक फिल्म की शूटिंग चल रही थी। इस दौरान वहां पर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला है। इस दौरान लोगों ने बाजार में चल रही शूटिंग का विरोध किया।    बताया जा रहा है कि, शूटिंग के दौरान पटियाला के बाजार में उर्दू भाषा से लिखे बोर्ड दुकानों के बाहर लगा दिए गए, जिससे दुकानदारों में रोष पाया गया। फिल्म में पाकिस्तानी बाजार के सीने फिलमाया जा रहा था। जब मौके पर दुकानदार वहां पर पहुंचे तो देखकर हैरान रह गए। दुकानदारों का कहना है कि उनसे बिना पूछे और उन्हें बताए उनकी दुकानों के बाहर उर्दू भाषा में लिखे बोर्ड लगाए गए हैं। दुकानदारों ने कहा कि, किसी ने यहां पर शूटिंग की हमसे परमिशन नहीं ली थी। ये दुकानें हमारी प्राइवेट प्रापर्टी है। शूटिंग की सूचना किसी ने नहीं दी। दुकानदारों ने बताया कि जैसे वह सुबह 9 बजे दुकानें खोलने के लिए पहुंचे तो उन्हें दुकाने खोलने से भी रोक दिया गया। इस दौरान वहां थाना कोतवाली की पुलिस ने बैरेकेडिंग कर दी गई। पुलिस ने दुकानदारों को रोकर कहा कि यहां पर अभी शूटिंग चल रही है। यही नहीं दुकानदारों के बोर्ड भी फाड़े गए थे। बता दें कि इस हंगाम के दौरान दिलजीत दोसांझ भी कैमरे में कैद हो गए। दिलजीत दोसांझ ने शूटिंग पूरी की और वहां अभी निकल गए।