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वायरल वीडियो पर CM भगवंत मान का जवाब, बोले- ‘बचपन के कट का निशान नहीं, इसलिए वीडियो फेक’

चंडीगढ़. पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वीरवार को दावा किया है कि सोशल मीडिया पर जो कथित वीडियो प्रसारित हो रहा है, उसमें वे नहीं, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति को उनके चेहरे का मास्क पहनाकर वीडियो बनाया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल दो वीडियो मीडिया को दिखाए। उन्होंने दावा किया कि उनकी कद काठी से मिलते व्यक्ति को उनके चेहरे का मास्क पहनाकर वीडियो शूट किए गए। मान ने कहा कि उनके गले के पास बचपन से ही कट का निशान है, लेकिन उनका फर्जी वीडियो बनाने वाले इस पर ध्यान देने से चूक गए। साजिश बेनकाब होगी। साजिश में जगमन समरा का है हाथ भगवंत मान ने एक और वीडियो दिखाते हुए यह भी स्पष्ट किया कि इस साजिश में कनाडा में रहने वाले जगमन समरा का हाथ है, जिसने कार में मास्क की डिलीवरी ली और फिर हाथ में मास्क डालकर फेस ते फेस बोलता सुनाई दे रहा है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि वीडियो पूरी तरह फर्जी है और उन्हें धार्मिक तौर पर बदनाम करने की विपक्षी पार्टियों की सोची-समझी साजिश है। उन्होंने कहा कि वीडियो की सच्चाई सामने आने के बाद मुझे नहीं लगता कि अब इस बारे में कोई सफाई देने की जरूरत है। अब नानक नाम लेवा संगत का जो भी फैसला होगा, वह उन्हें मंजूर होगा। मान 2016 के बाद नहीं गए कनाडा मोहाली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मान ने दावा किया कि 2016 के बाद वे कभी कनाडा नहीं गए। वीडियो में दिखाया गया कमरा कनाडा के एबाट्सफोर्ड स्थित एक होटल का है। कमरे का डिजाइन दर्शाता है कि वह वर्ष 2017-18 के बाद का है। उन्होंने कहा कि विरोधियों ने कनाडा में एक होटल का कमरा बुक कर उनकी कद काठी से मेल खाते व्यक्ति को मेरे चेहरे का मास्क पहनाकर इस वीडियो को शूट किया। उन्होंने दावा किया कि इस तरह के कई वीडियो उसी दिन यहां तैयार किए गए।

तरनतारन में ASI ने सर्विस रिवॉल्वर से की आत्महत्या, पुलिस विभाग में मचा हड़कंप

तरनतारन. विधानसभा हलका पट्टी के गांव कैरो पुलिस चौकी के प्रभारी एएसआई अमरजीत सिंह ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। अमृतसर निवासी अमरजीत सिंह का शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि अभी तक आत्महत्या की वजह का पता नहीं चल पाया। एएसआई अमरजीत सिंह करीब 4 माह से पुलिस चौकी में पत्थर प्रभारी तैनात थे। उनके साथ चौकी में तीन अन्य कर्मचारी भी तैनात थे। गुरुवार की शाम को नाकाबंदी के बाद खाना खाकर 9:30 बजे रात अपने क्वार्टर में गए वहां विश्राम के दौरान कमरे से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। क्योंकि मैं तैनात आने कर्मी ने मौके पर जाकर देख के ऐसी अमरजीत सिंह लहू लुहान पड़े थे और हाथ में उनके सर्विस पिस्टल थी। अमरजीत ने खुद की कनपटी पर पिस्टल लगाकर गोली चलाई जो उनकी मौत का कारण बनी। सूचना मिलते ही डीएसपी रविशेर सिंह मौके पर पहुंचे आशी का कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल के शव ग्रह में रखवा दिया गया है। कम नफरी के बीच ड्यूटी का था बोझ एएसआई अमरजीत सिंह ने खुद को गोली क्यों मारी इस बाबत अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई। हालांकि सूत्रों का कहना है कि पुलिस चौकी में नौकरी की कमी के चलते एएसआई अमरजीत सिंह कई बार अपना तबादला करवाने लिए अधिकारियों को कह चुके थे। एक ही सब डिवीजन में दूसरी घटना अभी 15 जून को पट्टी की अदालती परिसर में सुरक्षा में तैनात एएसआई गुरमीत सिंह ने खुद को गोली मारी थी जिनकी 7 दिन बाद अमृतसर के निजी अस्पताल में मौत हुई है।डीएसपी रविशेर सिंह ने बताया कि सब कब्जे में लेकर विभिन्न पहलुओं पर पड़ताल की जा रही है।

गुलाबचंद कटारिया और CM सुखविंदर सुक्खू की मुलाकात, पंजाब-हिमाचल से जुड़े कई मुद्दों पर मंथन

चंडीगढ़ हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया से पंजाब लोकभवन में मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच कई द्विपक्षीय मुद्दों पर बैठक होगी। बैठक में शानन पावर प्रोजेक्ट हिमाचल प्रदेश को सौंपने, चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश की हिस्सेदारी 7:19 फीसदी करने और चंडीगढ़ में हिमाचल भवन के नए परिसर के निर्माण के लिए भूमि देने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।

Punjab News: ED ने मंत्री संजीव अरोड़ा की ₹55.57 करोड़ की संपत्ति की अटैच, दुबई कंपनियों के नाम पर बिलिंग का आरोप

लुधियान  प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में कार्रवाई करते हुए पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़ी कंपनी मैसर्स हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (पूर्व नाम-मैसर्स रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड) और संबंधित लोगों की 55.57 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क हुई कुर्क।  यह कार्रवाई कथित तौर पर मोबाइल फोन के फर्जी निर्यात से जुड़े करोड़ों रुपए के घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, दुबई की जिन कंपनियों के नाम पर मोबाइल निर्यात के बिल बनाए गए, वे भी कथित रूप से आरोपी पक्ष से जुड़ी हुई थीं। ईडी ने इस मामले के मुख्य आरोपी और कंपनी के तत्कालीन चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर को पहले ही गिरफ्तार किया है और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। एजेंसी ने संकेत दिया है कि मामले में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। इन शहरों की संपत्तियां हुईं कुर्क ED द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों में बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), जमीन, कमर्शियल स्पेस और आलीशान आवासीय अपार्टमेंट शामिल हैं। ये संपत्तियां लुधियाना, गुरुग्राम और चंडीगढ़ जैसे प्रमुख शहरों में स्थित हैं और कंपनी, संजीव अरोड़ा तथा उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज हैं। कैसे खुला फर्जीवाड़े का यह खेल, जानिए..     गुरुग्राम में दर्ज FIR से शुरू हुई जांच: यह मामला सबसे पहले गुरुग्राम (हरियाणा) के उद्योग विहार थाने में दर्ज एक FIR के बाद सामने आया था। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धाराओं (जो पहले IPC की धारा 420, 467, 471 और 120-B थीं) के तहत धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया गया था। चूंकि ये मामले PMLA एक्ट के तहत आते हैं, इसलिए ED ने इसकी जांच अपने हाथ में ली थी।   कागजों पर बेच डाले ₹157 करोड़ के मोबाइल: ED की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। रियल एस्टेट सेक्टर की इस कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान करीब 157 करोड़ रुपये के मोबाइल फोन की बिक्री दिखाई थी। इसमें से करीब 102.50 करोड़ रुपए का मोबाइल एक्सपोर्ट दुबई (UAE) की दो कंपनियों मैसर्स फोर्टबेल टेलीकॉम FZCO और मैसर्स ड्रैगन ग्लोबल FZCO को करना दिखाया गया था।     शेल कंपनियों का नेटवर्क: एक ही नंबर और ईमेल से खुलीं फर्में: जब ED ने गहराई से जांच की तो पता चला कि जिन स्थानीय सप्लायर्स से मोबाइल खरीदना दिखाया गया था, वे असल में केवल कागजी (शेल) कंपनियां थीं। कई फर्में एक ही मोबाइल नंबर और एक ही ईमेल आईडी पर चल रही थीं। इनका काम सिर्फ फर्जी बिल बनाना और बिना किसी सामान की डिलीवरी के केवल कागजी एंट्री घुमाना था।     दुबई कनेक्शन भी खुद का ही: ED के मुताबिक, दुबई जिन कंपनियों को मोबाइल का निर्यात दिखाया गया, वे असल में कोई बाहरी कंपनियां नहीं थीं, बल्कि उनका रिमोट कंट्रोल भी इसी आरोपी ग्रुप के हाथों में था। यानी बिना किसी मोबाइल की आवाजाही के सिर्फ कागजों पर करोड़ों का एक्सपोर्ट-इंपोर्ट चल रहा था। ₹102.99 करोड़ की 'अपराध की कमाई ED ने अब तक की जांच में इस पूरे घोटाले से हुईअपराध की कमाई की कुल रकम करीब 102.99 करोड़ रुपए आंकी है। एजेंसी ने बीते 9 मई 2026 को इस मामले में धारा 17 के तहत बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया था, जिसके बाद मुख्य आरोपी संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार किया गया था। ED का कहना है कि मोबाइल एक्सपोर्ट के नाम पर की गई मनी लॉन्ड्रिंग की परतें खोली जा चुकी हैं, जबकि इस मामले में लोकल सेल (स्थानीय बिक्री) को लेकर जांच अभी भी जारी है, जिससे कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।  

पंजाब में मानसून ने दी दस्तक, फिरोजपुर में तेज बारिश से गर्मी से मिली बड़ी राहत

फिरोजपुर. शुक्रवार सुबह से शुरू हुई झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बारिश ने बड़ी राहत दी है। सुबह से लगातार हो रही वर्षा के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और वातावरण में ठंडक घुल गई। बारिश शुरू होते ही सड़कों और बाजारों का नजारा भी बदल गया। लोगों ने गर्मी से राहत मिलने पर खुशी जताई। ठंडी हवाओं के चलने से मौसम सुहावना हो गया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम में आए इस बदलाव से जहां आम जनजीवन को राहत मिली है, वहीं किसानों ने भी बारिश को फसलों के लिए लाभदायक बताया। हालांकि, लगातार बारिश जारी रहने पर कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका भी बनी हुई है। फिलहाल लोगों के लिए यह बारिश भीषण गर्मी से राहत लेकर आई है।

हड़ताली कर्मचारियों पर पंजाब सरकार सख्त, नए निर्देशों से बढ़ी हलचल

नूरपुरबेदी/चंडीगढ़. पंजाब के नूरपुरबेदी में पिछले 25 दिनों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे मनरेगा कर्मचारियों के खिलाफ राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपना लिया है। सरकार ने इन हड़ताली कर्मचारियों पर दबाव बनाने और उन्हें डराने के उद्देश्य से ‘काम नहीं, तो वेतन नहीं’ का सिद्धांत लागू करते हुए हड़ताल के दिनों का वेतन काटने का सख्त फरमान जारी किया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के प्रशासनिक सचिव के निर्देश पर डिप्टी डायरैक्टर द्वारा सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों और समन्वयकों को ये आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस फैसले की जानकारी मिलते ही नूरपुरबेदी में धरने पर बैठे कर्मचारियों में भारी रोष फैल गया और उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना कड़ा विरोध जताया। कर्मचारी नेताओं ने सरकार के इस कदम की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा 1 जुलाई को सुबह 11 बजे जत्थेबंदी के साथ बैठक तय की गई थी। लेकिन इस प्रस्तावित बातचीत से ठीक पहले वेतन काटने के आदेश जारी करना सरकार की बौखलाहट को दर्शाता है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि उन्हें पंचायत विभाग में मर्ज करके नियमित किया जाए, जिसे सरकार लंबे समय से गंभीरता से नहीं ले रही है। कर्मचारियों ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले समय में जन मिलनियों के दौरान विधायकों, हलका इंचार्जों और मंत्रियों का घेराव किया जाएगा। यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि विभागीय अफसरशाही के रवैये ने कर्मचारियों के भीतर गुस्से की आग को और भड़का दिया है और अब वे किसी भी झूठे आश्वासन से रुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि चाहे उन पर लाठीचार्ज किया जाए, मुकदमे दर्ज हों या जेल भेजा जाए, मनरेगा कर्मचारी अपना हक लेकर ही रहेंगे। जिला प्रधान कुलदीप सिंह, सतनाम सिंह, जसपाल सिंह और अन्य मौजूद कर्मचारियों ने साफ किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक संघर्ष और हड़ताल इसी तरह जारी रहेगी।

GYM में एक्सरसाइज करते समय युवक की गई जान, मोहाली की घटना से लोग सहमे

मोहाली. फेज-3बी2 स्थित एक जिम में वर्कआउट के दौरान 23 वर्षीय युवक की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतक की पहचान मुकेश, निवासी सेक्टर-56, चंडीगढ़ के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों और जिम में मौजूद लोगों में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, मुकेश रोजाना की तरह जिम में वर्कआउट कर रहा था। इसी दौरान उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले उसे चक्कर आए और फिर वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। जिम में मौजूद लोगों और उसके दोस्तों ने तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बुधवार शाम पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल पुलिस और परिवार पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद ही मौत के सही कारण का पता चल सकेगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, वर्कआउट के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें पहले से मौजूद लेकिन अनजान हृदय संबंधी बीमारी, अत्यधिक शारीरिक दबाव, शरीर में पानी की कमी, पर्याप्त नींद न लेना, हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज, अनियंत्रित ब्लड प्रेशर या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज करना शामिल है। कुछ मामलों में अत्यधिक सप्लीमेंट्स या स्टेरॉयड का सेवन भी जोखिम बढ़ा सकता है। हालांकि, मुकेश की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। 

बकाया गन्ना भुगतान को लेकर किसानों का बड़ा ऐलान, हाईवे जाम करने की तैयारी

समराला लंबे समय से लंबित चला आ रहा गन्ने के बकाए का भुगतान न होने से क्षुब्ध गन्ना किसानों ने एक बार फिर सरकार से टक्कर लेने का फैसला कर लिया है। प्राप्त जानकारी अनुसार दोआबा किसान कमेटी पंजाब ने जालंधर-जम्मू नेशनल हाईवे को 1 जुलाई से अनिश्चितकाल के लिए जाम करने का बड़ा ऐलान किया है। इस फैसले के चलते आने वाले दिनों में आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दोआबा किसान कमेटी पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष जंगवीर सिंह चौहान ने बताया कि गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर 18 मई को जालंधर स्थित गन्ना विभाग के कार्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया था। उस समय परियोजना अधिकारी और संबंधित विभाग ने आश्वासन दिया था कि 30 मई तक किसानों के खातों में 68.50 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 142 करोड़ रुपये की बकाया राशि जमा करवा दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि एक महीना बीत जाने के बावजूद किसानों के खातों में अभी तक एक भी रुपया नहीं पहुंचा है। अधिकारियों ने केवल आश्वासन दिए हैं और उनके द्वारा बनाया गया नया पोर्टल भी पूरी तरह विफल साबित हुआ है। किसान नेता ने कहा कि अब गन्ने की अगली फसल तैयार होने वाली है, लेकिन किसानों को पिछली फसल का भुगतान भी नहीं मिला है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। सरकार किसानों की मदद करने के बजाय उनका वैध बकाया देने से भी बच रही है। जंगवीर सिंह चौहान ने पंजाब सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 30 जून तक किसानों के खातों में 68.50 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बकाया राशि जमा नहीं करवाई गई, तो 1 जुलाई को दोआबा किसान कमेटी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे और टांडा में जालंधर-जम्मू नेशनल हाईवे को अनिश्चितकाल के लिए पूरी तरह जाम कर देंगे।

पुलिस और बदमाशों के बीच चली गोलियां, गुरदासपुर में एनकाउंटर के दौरान आरोपी घायल

गुरदासपुर. कुछ दिन पहले बटाला शहर में एक नामी कपड़ा व्यापारी के घर पर हुई फायरिंग के मामले में गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों में से एक आरोपी पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हो गया। पुलिस ने इस मामले में पहले दो युवकों को गिरफ्तार किया था, जिनकी पहचान बलदेव सिंह उर्फ करण और कुलदीप सिंह, निवासी गांव खजाला, के रूप में हुई थी। जानकारी के अनुसार, थाना सिविल लाइन की पुलिस बलदेव सिंह उर्फ करण को अवैध हथियार की बरामदगी के लिए थाना घुमाण क्षेत्र में लेकर गई थी। इस दौरान आरोपी ने मौके का फायदा उठाते हुए पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी की टांग में लगी और वह घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी बटाला डॉ. महिताब सिंह, एसपी Investigation रमणिंदर सिंह, डीएसपी सिटी सुखइंदर सिंह, डीएसपी श्री हरगोबिंदपुर, थाना सिविल लाइन के एसएचओ गुरमीत सिंह तथा सीआईए स्टाफ के प्रभारी सुखराज सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। घायल आरोपी को तुरंत इलाज के लिए सिविल अस्पताल बटाला में भर्ती कराया गया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई थी। साथ ही पुलिस मुठभेड़ और हथियार बरामदगी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। 

बेअदबी मामले में CM मान का बड़ा खुलासा, कहा- गले के निशान बताते हैं पूरी साजिश

चंडीगढ़  बेअदबी मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा पलटवार करते हुए दावा किया है कि उनके खिलाफ सुनियोजित साजिश रची गई है. वीडियो में दिख रहा शख्स वह नहीं, बल्कि उनके चेहरे का मास्क पहनने वाला व्यक्ति है. इस दौरान, सीएम मान ने गले के निशान से लेकर हुलिये तक कई सबूत पेश भी किए. साथ ही, उन्‍होंने दावा किया कि लोगों के मन में उनके खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने साफ कहा कि धर्म का इस्तेमाल राजनीति के लिए करना गलत है और आने वाले दिनों में इस पूरे मामले के पीछे पैसे देने वालों का भी खुलासा किया जाएगा।  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर कई बड़े दावे किए हैं. उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर वायरल की गई वीडियो पूरी तरह फर्जी है और इसे सियासी फायदे के लिए तैयार कराया गया है. इस नकली वीडियो के जरिए सिर्फ उनकी छवि खराब करने की कोशिश नहीं है, बल्कि लोगों के मन में उनके खिलाफ धार्मिक आधार पर नफरत पैदा करने की साजिश भी है।      प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भगवंत मान ने एक वीडियो भी दिखाई. उनका कहना था कि वीडियो बनाने का दावा करने वाले जगमन समरा के हाथ में उनके चेहरे वाला मास्क साफ दिखाई देता है. वीडियो में जिस व्यक्ति को दिखाया गया है, उसने उनका मास्क पहना हुआ है।      उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वीडियो असली होती तो उसमें उनके गले पर बचपन के ऑपरेशन का निशान क्यों नहीं दिखाई देता. उन्होंने कहा कि मेरे गले पर बचपन से ऑपरेशन का निशान है, लेकिन वायरल वीडियो में ऐसा कोई निशान नहीं है।      मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति हमेशा चश्मा लगाए हुए नजर आता है, क्योंकि आंखों से असली पहचान छिपाई नहीं जा सकती. होटल के कमरे में गुरु साहब की तस्वीर लगाए जाने की बात भी पूरी तरह गलत है।      उन्होंने कहा कि नवंबर 2016 के बाद वह कभी कनाडा गए ही नहीं, जबकि वीडियो बनाने वाला व्यक्ति कनाडा में बैठा है. सीएम भगवंत मान ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में राजनीतिक साजिश रची गई है. कांग्रेस, अकाली दल और बीजेपी मिलकर उनके खिलाफ सांझा मोर्चा बनाकर काम कर रहे हैं।      उनका कहना था कि उनकी सरकार ने बेअदबी कानून, पालकी साहब वाली गाड़ियों के टोल और पवित्र शहरों को विशेष दर्जा देने जैसे कई अहम फैसले किए हैं, जिन्हें पहले की सरकारें नहीं कर सकीं. इसी वजह से उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है।      मुख्यमंत्री मान ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) पर भी सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि गुरुद्वारों के बाहर उनके खिलाफ बोर्ड क्यों लगाए जा रहे हैं, जबकि पहले ऐसा कभी नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि एसजीपीसी के प्रधान खुद सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि वह सुखबीर बादल के सिपाही हैं।      भगवंत मान ने कहा कि वह पहले भी अकाल तख्त साहिब गए थे और अगर दोबारा बुलाया जाएगा तो फिर जाएंगे. उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने कार्यवाही को लाइव करने की भी अपील की थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. अब अलग-अलग क्लिप जारी कर लोगों को गुमराह किया जा रहा है।  गुरु नानक नाम लेवा संगत के हाथों अंतिम फैसला मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि वह इस नकली वीडियो को अकाल तख्त साहिब को भी भेजेंगे ताकि उसकी निष्पक्ष जांच हो सके. उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला गुरु नानक नाम लेवा संगत पर छोड़ते हैं. साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि जगमन समरा को इंटरपोल की मदद से भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में यह भी सामने लाया जाएगा कि इस वीडियो को बनवाने के लिए पैसा किसने दिया था. मान ने कहा कि चाहे जितनी कोशिश कर ली जाए, पंजाब के लोगों के मन में उनके खिलाफ नफरत पैदा करने की यह साजिश सफल नहीं होगी।