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सुखबीर बादल का बड़ा दावा: चुनावों में विपक्ष को दबाने की रणनीति तैयार

पटियाला शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि आगामी ज़िला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों में विपक्षी दलों विशेषकर अकाली दल को निशाना बनाने की संगठित साजिश रची जा रही है। बादल ने सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो क्लिप जारी की, जिसने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। हालांकि दैनिक ट्रिब्यून आडियो की पुष्टि नहीं करता। पुलिस ने आडियो को फर्जी एआई जनरेटेड करार दिया है। बादल के अनुसार, वायरल हुई इस ऑडियो क्लिप में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी नामजदगी प्रक्रिया के दौरान विपक्षी उम्मीदवारों को रोकने की रणनीति बनाते सुने जा रहे हैं। क्लिप में कथित तौर पर अधिकारी कहते हैं कि यदि कोई “कार्रवाई” करनी हो तो वह नामजदगी केंद्रों के बाहर गांवों, घरों या रास्ते में की जाए, न कि केंद्रों के अंदर।   कुछ DSP यह कहते सुनाई देते हैं कि वे स्थानीय राजनीतिक नेताओं के संपर्क में हैं और विपक्षी उम्मीदवारों को पर्चा भरने से रोकना उनकी “प्राथमिकता” है। एक अधिकारी कथित रूप से कहता है कि बल प्रयोग पर कोई आपत्ति नहीं, बशर्ते विपक्षी उम्मीदवार केंद्र तक पहुंचने से पहले ही रोक दिए जाएं। सुखबीर बादल ने इसे “लोकतंत्र की हत्या” करार दिया। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने विपक्ष को रोकने की यह कथित योजना लागू की, तो पंजाब में स्थानीय चुनावों की निष्पक्षता पर गहरा सवाल उठेगा। बादल ने चेतावनी दी कि किसी भी कार्यकर्ता या उम्मीदवार के साथ अन्याय होने पर पुलिस और प्रशासन को कानूनी, सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर जवाब देना होगा। वहीं, पटियाला पुलिस ने क्लिप को फर्जी और एआई जनरेटेड बताया है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसा कोई कॉल या निर्देश कभी जारी नहीं हुआ और न ही किसी अधिकारी को इस तरह के आदेश देने का अधिकार है। पटियाला SSP से संपर्क करने की कोशिशें की गईं, लेकिन वे टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे। बता दें, अकाली दल और अन्य विपक्षी दल पहले भी आरोप लगाते रहे हैं कि उनके उम्मीदवारों के नामांकन पर्चे फाड़े गए, या उन्हें समय पर पर्चा दाखिल करने नहीं दिया गया। इन आरोपों के बाद SAD ने राज्य चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि ज़रूरत पड़ने पर वे अदालत का रुख भी करेंगे।

पशुपालकों के लिए संजीवनी बनी राहत योजना: 59 लाख रुपये से डेयरी सेक्टर को सहारा

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल ही में घोषित इस योजना के तहत होशियारपुर और तारागढ़ गांव के पशुपालकों और डेयरी किसानों को कुल 59 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह पहल पंजाब में पशुपालन और डेयरी उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के सरकार के दृष्टिकोण का हिस्सा है। इस योजना के अंतर्गत राजपुरा में 17 लाख रुपये और तारागढ़ में 42 लाख रुपये की राशि वितरित की जाएगी, जिससे स्थानीय पशु चिकित्सालयों का आधुनिकीकरण और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। पंजाब सरकार ने पशुपालकों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए इस वर्ष 204 डेयरी किसानों को 3 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की है। यह राशि 2 से 20 पशुओं वाली डेयरी इकाइयों की स्थापना के लिए दी गई है। इसके अलावा, 9,150 बेरोज़गार युवाओं को डेयरी प्रशिक्षण प्रदान किया गया है ताकि वे स्वरोज़गार के अवसर प्राप्त कर सके। प्रदेश भर में 47 राज्य और ज़िला स्तरीय सेमिनार और शिविर आयोजित किए गए है, जिनमें पशुधन किसानों को बीमा योजना के लाभ, दावा प्रक्रिया और पशु स्वास्थ्य प्रबंधन के बारे में शिक्षित किया गया है। यह पहल भागीदारी और विश्वास को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रही है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री लाल चंद कटारूचक ने हाल ही में एक समीक्षा बैठक में बताया कि सरकार ने गेहूं खरीद सीज़न के दौरान 8 लाख से अधिक किसानों की सुविधा के लिए व्यापक तैयारी की है। उन्होंने कहा कि होशियारपुर ज़िले में 3.14 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं आने की उम्मीद है, जबकि जालंधर, कपूरथला और शहीद भगत सिंह नगर क्रमशः 5.25 लाख, 3.61 लाख और 2.64 लाख मीट्रिक टन का योगदान देंगे। मंत्री ने किसानों द्वारा लाए गए प्रत्येक अनाज को खरीदने की सरकार की प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया और कहा कि खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान के दूरदर्शी नेतृत्व में पंजाब का डेयरी उद्योग उल्लेखनीय परिवर्तन देख रहा है। माझा क्षेत्र में 135 करोड़ रुपये की एक बड़ी परियोजना शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य स्टरलाइज्ड फ्लेवर्ड दूध और लस्सी तथा दही जैसे किण्वित डेयरी उत्पादों के उत्पादन की क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाना है। यह साहसिक कदम उच्च गुणवत्ता वाले दूध उत्पादन में अग्रणी राज्य के रूप में पंजाब की स्थिति को मजबूत करता है। स्थानीय दूध संयंत्र में अपग्रेड की गई सुविधाएं उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाएंगी, जो क्षेत्र और उससे आगे बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए मूल्य वर्धित दूध उत्पादों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी। पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव राहुल भंडारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 30,000 पशुओं का बीमा किया गया है और किसानों को 7 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की गई है। इस योजना के तहत, पशुओं की मृत्यु या बीमारी की स्थिति में किसानों को तुरंत वित्तीय सहायता मिलती है, जिससे उन्हें अपने परिवार का भरण-पोषण जारी रखने में मदद मिलती है। सरकार ने युवाओं को डेयरी खेती के बारे में सक्रिय रूप से शिक्षित करने और विभागीय योजनाओं के बारे में सूचित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं ताकि अधिकतम लाभ जमीनी स्तर तक पहुंच सके। पशु चिकित्सालयों के आधुनिकीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्र सरकार की योजना के तहत, मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों की खरीद और अनुकूलन के लिए 100% वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। यह सेवा किसानों के दरवाजे पर टोल-फ्री नंबर के माध्यम से उपलब्ध है, जिसमें रोग निदान, उपचार, टीकाकरण, छोटी शल्य चिकित्सा हस्तक्षेप और विस्तार सेवाएं शामिल हैं। पंजाब में वर्तमान में पशु चिकित्सा उपचार की सुविधाएं मजबूत की जा रही हैं, जिससे पशुधन रोगों का शीघ्र पता लगाने और प्रबंधन की क्षमता बढ़ रही है। वेरका ब्रांडेड उत्पादों को अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर लॉन्च किया जा रहा है, जिससे दूध, दही और लस्सी जैसे प्रतिष्ठित उत्पाद वैश्विक उपभोक्ताओं तक पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में, सेलिब्रिटी ब्रांड एंबेसडर की शुरुआत और एक नए शुभंकर ‘वीरा’ सहित नवीन ब्रांडिंग प्रयास उपभोक्ता जुड़ाव को बढ़ाने और वैश्विक मंच पर ब्रांड दृश्यता को ऊंचा करने के लिए तैयार है। राज्य पारंपरिक पसंदीदा जैसे रबड़ी और काजू बादाम दूध सहित नए डेयरी उत्पादों को भी पेश कर रहा है। ये परिवर्धन उपभोक्ता स्वाद की गहरी समझ और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि पिछले डेढ़ साल में पंजाब को 50,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि पंजाब में पूर्ण सांप्रदायिक सद्भाव है और औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण है, जो राज्य के समग्र विकास और समृद्धि को गति दे रहा है। नीदरलैंड स्थित डी ह्यूस कंपनी द्वारा राजपुरा में 138 करोड़ रुपये के पशु आहार संयंत्र की स्थापना इस बात का उदाहरण है कि पंजाब किस प्रकार निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य बन रहा है। यह संयंत्र किसानों को उच्च गुणवत्ता वाला पशु आहार प्रदान करेगा और उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगा। 

शुक्रवार को पंजाब में बड़ा ऐलान! 19 जिलों में बदले हालात, जानें पूरी खबर

चंडीगढ़ ट्रेन का सफर करने वाले यात्रियों के लिए बेहद जरूरी खबर है। दरअसल, कल यानी 5 दिसंबर को पंजाब में किसानों द्वारा रेलवे ट्रैक जाम करने का बड़ा ऐलान किया गया है। किसानों ने एक बार फिर “रेल रोको आंदोलन” की कॉल दी है। इसके चलते कल पंजाब में कई ट्रेनों को रोका जाएगा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अगर आपका भी कल ट्रेन से सफर करने का प्लान है, तो सोच-समझकर ही घर से निकलें। मिली जानकारी के अनुसार, किसान-मज़दूर मोर्चा और किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने यह कॉल दी है। आंदोलन के दौरान दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह ठप रहेगी। किसानों की ओर से राज्य के 19 जिलों में 26 स्थानों पर ट्रेनों को रोका जाएगा। किसानों का कहना है कि उनकी मांगे पूरी नहीं की जा रही हैं, जिसके चलते उन्हें यह विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है।  उनकी प्रमुख मांगों बिजली सुधार बिल 2025 को रद्द करना, एमएसपी की कानूनी गारंटी, प्रीपेड मीटर हटाकर दोबारा पुराने मीटर लगाना शामिल हैं। किसानों का आरोप है कि सरकार उनकी समस्याओं और मांगों पर ध्यान नहीं दे रही, इसलिए वे मजबूरी में आंदोलन कर रहे हैं। साथ ही किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगे नहीं मानीं, तो वे संघर्ष और भी तेज करेंगे। 

ठिठुरन चरम पर! पंजाब का ये शहर गिरा 2.4 डिग्री पर, टूट सकते हैं सभी रिकॉर्ड

पंजाब पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं के कारण पंजाब में तापमान लगातार गिरता जा रहा है। कई जिलों में शीतलहर का असर तेज हो गया है। बुधवार को आदमपुर 2.4 डिग्री के साथ देश का सबसे ठंडा मैदानी शहर दर्ज हुआ, जबकि फरीदकोट में न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछले 24 घंटों में पंजाब के तापमान में 2 डिग्री तक की गिरावट रिकॉर्ड की गई है। आने वाले दिनों में भी इसी तरह ठंड बढ़ने की संभावना है। गुरुवार के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी कर दिया गया है। उधर, हिमाचल में 5 और 7 दिसंबर को ऊंचे क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 8 दिसंबर से हिमाचल में मौसम फिर शुष्क होने की उम्मीद है।   

24 लाख राशनकार्ड धारकों को बड़ी अपडेट: केंद्र के ताज़ा आदेश से बदलेगी वितरण प्रक्रिया

चंडीगढ़  पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सरकार से मुफ्त राशन योजना के लगभग 24 लाख लाभार्थियों के भविष्य पर स्पष्टीकरण मांगा है, क्योंकि केंद्र सरकार ने इन मामलों की आगे जांच के लिए संकेत दिए हैं। उन्होंने बताया कि लोकसभा में लाभार्थियों की जानकारी और उनके प्रमाण पत्रों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने संबंधी सवाल पूछे जाने पर खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई भंभानिया ने बताया था कि पंजाब में कुल 40,93,003 राशन कार्डों के मुकाबले राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राज्य में 1.51 करोड़ लाभार्थी दर्ज थे। वड़िंग ने मंत्री के हवाले से कहा कि 20,69,338 लाभार्थियों की e-KYC अब तक पूरी नहीं हुई है। उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा सत्यापन प्रक्रिया में देरी को लेकर चिंता जताई। उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि दो लाख से अधिक लाभार्थियों को सूची से बाहर क्यों किया गया है, जबकि सरकार का दायित्व है कि कोई भी अयोग्य व्यक्ति मुफ्त राशन का लाभ न ले पाए, और साथ ही कोई योग्य व्यक्ति इस सुविधा से वंचित भी न हो।  

अब मुश्किल होगा असला रखना? पंजाब सरकार रद्द कर सकती है हजारों गन लाइसेंस

चंडीगढ़ पंजाब में हथियार रखने के शौकीनों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, राज्य में अब हज़ारों हथियार लाइसेंस रद्द होने की संभावना बन गई है। एक पंजाबी अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब पुलिस ने राज्य सरकार को करीब 7,000 हथियार लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की है। इससे पहले भी मार्च 2023 में पंजाब सरकार 803 हथियार लाइसेंस रद्द कर चुकी है। जानकारी के अनुसार, विशेष डीजीपी अर्पित शुक्ला ने बताया कि हथियार रखने वाले लोग सोशल मीडिया पर इनका प्रदर्शन कर रहे हैं, शादियों या अन्य कार्यक्रमों में जश्न के तौर पर फायरिंग कर रहे हैं और कई मामलों में हथियारों का इस्तेमाल अपराधी गतिविधियों के लिए भी बढ़ा है। इसी कारण बड़ी संख्या में लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की गई है। राज्य में बढ़ते गन कल्चर और शादी-समारोहों में की जाने वाली फायरिंग से होने वाली मौतों को लेकर पंजाब पुलिस चिंतित है। इसी वजह से बड़े पैमाने पर हथियार लाइसेंस रद्द करने का कदम सुझाया गया है। पंजाब में लगभग 3.46 लाख हथियार लाइसेंस हैं, जो कि जनसंख्या के मुकाबले सबसे अधिक लाइसेंसधारक हथियार रखने वाला राज्य बनाता है। पुलिस के मुताबिक यह आंकड़ा देश की कुल आबादी का 2% है, जबकि देश के कुल लाइसेंसशुदा हथियारों का लगभग 10% पंजाब में है। यह भी उल्लेखनीय है कि 2021 में मोहाली में युवा अकाली दल नेता विक्की मिड्डूखेड़ा और 2022 में गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या सहित कई हाई-प्रोफाइल शूटआउट ने पंजाब के गन कल्चर को सुर्खियों में ला दिया था। हालांकि पंजाब के गन हाउस मालिकों ने इस कार्रवाई से व्यापार में नुकसान की शिकायत की है। उनका कहना है कि लाइसेंसशुदा हथियार अपराधों में बहुत कम इस्तेमाल होते हैं, जबकि असली समस्या अवैध हथियारों की है।  

रूह कंपा देने वाली वारदात: मां पर बेटे की हैवानियत ने पार की सारी हदें

फिरोजपुर  फिरोजपुर के कस्बा गुरुहरसाहाय के गांव मोहनके से एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां नशे के आदी बेटे ने अपनी बुज़ुर्ग मां की बेरहमी से हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार नानक सिंह लंबे समय से नशे की लत में था और कल रात भी नशे में धुत था। उसने मां से नशा खरीदने के लिए पैसे मांगे, लेकिन परिवार बेहद गरीब होने के कारण मां के पास पैसे नहीं थे। इसी बात पर गुस्से में आकर नानक सिंह ने पहले मां से झगड़ा किया और फिर उसे बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला। गांववालों के मुताबिक झगड़े के दौरान नशे में धुत बेटे ने एक गिलास से मां का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना का पता लगते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही गुरुहरसाहाय पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और आरोपी पुत्र नानक सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।

श्री हरमंदिर साहिब नतमस्तक हुए डेरा ब्यास प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों

पंजाब  डेरा राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने आज श्री हरमंदिर साहिब नतमस्तक हुए। इस मौके पर उनके साथ सुरक्षा अधिकारी भी थे। उन्होंने परिक्रमा करने के बाद गुरु घर में मत्था टेका। उन्होंने गुरबानी कीर्तन सुना और सभी की भलाई के लिए अरदास भी की। इस मौके पर उन्होंने मीडिया से दूरी बनाए रखी।

बिक्रम सिंह मजीठिया की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

पंजाब  अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की जमानत याचिका को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मजीठिया को बड़ा झटका देते हुए उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया और उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। बिक्रम मजीठिया इस समय आय से अधिक संपत्ति मामले में नाभा जेल में बंद हैं। गौरतलब है कि अदालत ने 20 नवंबर को मजीठिया की जमानत याचिका पर निर्णय सुरक्षित रख लिया था, जिसका फैसला आज सुना दिया गया है।  

इंडस्ट्री को मिलेगी रफ्तार: जापानी कंपनी के साथ समझौते से पंजाब में खुला 400 करोड़ निवेश का रास्ता

चंडीगढ़  पंजाब में औद्योगिक विकास को बड़ा प्रोत्साहन मिला है. जापान की अग्रणी कंपनी टॉपन स्पेशलिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड (टी.एस.एफ.) ने बुधवार को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार के साथ अपनी विस्तार योजना का समझौता किया है. इसके तहत 400 करोड़ रुपए का निवेश करने के लिए औपचारिक समझौता किया गया है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह सहयोग वर्तमान और उभरते उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करने पर आधारित होगा. जापान दौरे पर गए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि टी.एस.एफ. और इन्वेस्ट पंजाब ने राज्य में एक स्किल एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने के लिए साझेदारी और सहयोग पर सहमति जताई है. इससे हुनरमंद/अर्ध-हुनरमंद व्यक्तियों, कामगारों और युवाओं को उच् स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके. उन्होंने कहा कि यह पहल उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ पंजाब में नए रोजगार अवसर भी उत्पन्न करेगी. पंजाब और पूरे देश में टी.एस.एफ. सीएम मान ने कहा कि यह समझौता (एमओयू )पंजाब और पूरे भारत में टी.एस.एफ. तथा अन्य बड़े उद्योगों में अप्रेंटिसशिप और रोजगार अवसरों के नए रास्ते खोलेगा. मान ने बताया कि यह परियोजना किसी पॉलिटेक्निक/तकनीकी संस्थान के साथ संयुक्त रूप से प्रशिक्षण और शैक्षणिक सहयोग को भी मजबूत करेगी. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उद्योग की जरूरतों के आधार पर टी.एस.एफ. वित्तीय सहायता, तकनीकी जानकारी, प्रशिक्षण सहयोग और पाठ्यक्रम निर्माण में भी मदद करेगा. इस दौरान अप्रेंटिसशिप की सुविधा भी उपलब्ध होगी और योग्य प्रशिक्षुओं को उपयुक्त रोजगार अवसर मिलेंगे. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों के कारण टी.एस.एफ. ने लगभग 400 करोड़ रुपए के निवेश से पंजाब में अपनी मौजूदा विनिर्माण सुविधा का विस्तार करने की औपचारिक इच्छा व्यक्त की है. नये रोजगार सृजन का लक्ष्य मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निवेश का उद्देश्य उत्पादन क्षमता बढ़ाना, नये रोजगार सृजन, उन्नत तकनीक को शामिल करना और भारत में कंपनी की दीर्घकालिक उपस्थिति को मजबूत करना है. उन्होंने बताया कि टी.एस.एफ. ने पंजाब के प्रति अपनी लंबी अवधि की प्रतिबद्धता दोहराई है. मान ने कंपनी को राज्य में विस्तार और संचालन से जुड़े सभी कार्यों में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया. इस दौरान टी.एस.एफ. समूह ने पंजाब में काम करने के अपने अनुभव साझा करते हुए इसे मजबूत उद्योग-सरकार साझेदारी, आसान प्रक्रियाएँ, उच्च गुणवत्ता वाले कार्यबल की उपलब्धता, निर्बाध बिजली आपूर्ति और अनुकूल निवेश माहौल का परिणाम बताया. उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विस्तार परियोजना के माध्यम से यह साझेदारी और मजबूत होगी. उन्होंने इस परियोजना के लिए आवश्यक स्वीकृतियों और संचालन प्रक्रियाओं को सरल बनाने में पंजाब सरकार और इन्वेस्ट पंजाब से निरंतर सहयोग की उम्मीद जताई.