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पंजाब में स्टील उद्योग को नई उड़ान! ₹342 करोड़ का निवेश, 1,500 रोजगार के अवसर खुलेंगे

चंडीगढ़ पंजाब सरकार, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दूरदर्शी नेतृत्व में, राज्य को औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने में लगातार सफल हो रही है। कभी किसानों का गढ़ रहा पंजाब आज उद्योगों का मजबूत आधार बन चुका है। यह सफलता घरेलू चैंपियंस और भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बड़े ग्रीनफील्ड निवेशों और विस्तारों से मिल रही है। पंजाब सरकार की निवेशक-अनुकूल नीतियों और सक्रिय सहयोग से ये कंपनियां नई फैक्ट्रियां लगा रही हैं और मौजूदा इकाइयों का विस्तार कर रही हैं, जिससे हजारों नौकरियां पैदा हो रही हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है। यह विकास पंजाब सरकार के औद्योगिक विकास और रोजगार बढ़ाने के विजन से पूरी तरह मेल खाता है। राज्य की सक्रिय नीतियां, निवेशक-अनुकूल पहलें और बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति प्रतिबद्धता ऐसे बड़े निवेशों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करती हैं। लुधियाना की वर्धमान स्पेशल स्टील्स लिमिटेड इसका जीता-जागता उदाहरण है। पंजाब सरकार की सुविधाओं का लाभ उठाते हुए इस घरेलू चैंपियन ने मिश्रधातु स्टील और विशेष स्टील क्षेत्र में 342 करोड़ रुपये का नया ग्रीनफील्ड निवेश किया है। यह प्रोजेक्ट 1,469 नई नौकरियां पैदा करेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को अच्छी रोजगार के अवसर मिलेंगे। आधुनिक तकनीक से लैस यह नई फैक्ट्री न केवल देश की स्टील मांग को पूरा करेगी, बल्कि पंजाब सरकार के प्रयासों से पंजाब को भारत के स्टील उद्योग में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करेगी। यह निवेश पंजाब सरकार की क्षमता को दर्शाता है कि वह उच्च मूल्य वाले घरेलू निवेश को कैसे आकर्षित कर रहा है, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन कर रहा है और स्टील सहित विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक ढांचे को मजबूत बना रहा है। यह उपलब्धि पंजाब सरकार की व्यापक विकास कहानी का हिस्सा है। पिछले 32 महीनों में पंजाब सरकार की 'इन्वेस्ट पंजाब' पहल के तहत 5,265 निवेश हुए हैं, जिनकी कुल राशि लगभग 89,000 करोड़ रुपये है। इससे पूरे राज्य में 3,87,806 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। पंजाब सरकार का ऑनलाइन निवेश पोर्टल 28 राज्यों में प्रथम स्थान पर है और 58,000 से अधिक छोटे-मध्यम उद्यमों (एसएमई) का पंजीकरण हुआ है, जो उद्योगी उद्यमिता का नया रिकॉर्ड है। वर्धमान स्पेशल स्टील्स के अलावा अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स भी पंजाब सरकार के मार्गदर्शन में पंजाब को चमका रहे हैं। टाटा स्टील ने लुधियाना में द्वितीयक स्टील उत्पादन के लिए 2,600 करोड़ रुपये का विस्तार किया है। होशियारपुर में सोनालिका ट्रैक्टर्स ने विनिर्माण और फाउंड्री यूनिट्स में 1,300 करोड़ रुपये का निवेश किया है। चंडीगढ़ क्षेत्र में बीएमडब्ल्यू ग्रुप ऑटोमोटिव क्षेत्र में नई ग्रीनफील्ड फैक्ट्री लगा रहा है, जो हजारों नौकरियां पैदा करेगी। ये सभी निवेश पंजाब सरकार की नीतियों से पंजाब को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए आकर्षक बना रहे हैं और पंजाब सरकार की निवेशक-अनुकूल नीतियों का प्रमाण हैं। पंजाब सरकार ने 100 प्रतिशत भूमि उपयोग बदलाव (सीएलयू) में छूट और एसजीएसटी की वापसी (निश्चित पूंजी निवेश के 125% तक) जैसी सुविधाएं प्रदान की हैं, जिससे निवेशकों को आसानी हो रही है। पंजाब सरकार की 'सरकार आपरे द्वार' पहल के जरिए प्रशासन उद्योगपतियों के द्वार पर पहुंच रहा है, मुद्दों का तुरंत समाधान कर रहा है और प्रोजेक्ट्स को सुचारू रूप से आगे बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "यह तो शुरुआत मात्र है। पंजाब सरकार के नेतृत्व में पंजाब व्यवसाय के लिए हमेशा खुला है। हम अपने युवाओं और निवेशकों के लिए टिकाऊ और समृद्ध औद्योगिक माहौल बनाने के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं।"वर्धमान स्पेशल स्टील्स जैसे निवेशों और अन्य औद्योगिक प्रोजेक्ट्स से पंजाब सरकार के प्रयासों से पंजाब एक नए युग में प्रवेश कर रहा है, जहां उच्च मूल्य वाले निवेश, बड़े स्तर पर रोजगार और औद्योगिक नवाचार साथ-साथ चल रहे हैं। पंजाब सरकार की अच्छी शासन व्यवस्था और निवेशक-अनुकूल नीतियों से राज्य निवेश का पसंदीदा गंतव्य बन रहा है।

सरकारी काम होंगे आसान! सेवा केंद्रों पर शुरू हुई ये नई सुविधाएं

जालंधर  पंजाब सरकार ने ट्रांसपोर्ट विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और दलालों के नैक्सस को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ट्रांसपोर्ट विभाग की सभी सेवाओं को सेवा केंद्रों के माध्यम से फेसलेस बनाने की योजना लागू कर दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज लुधियाना में इन फेसलेस सेवाओं का औपचारिक शुभारंभ किया, जिसके बाद अब 30 अक्टूबर से राज्य के सभी जिलों के सेवा केंद्रों में ये सेवाएं शुरू हो जाएंगी। इसी कड़ी में आज जिला ट्रांसपोर्ट अधिकारी (आर.टी.ओ.) अमनपाल सिंह ने सेवा केंद्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उनके साथ एडीशनल आर.टी.ओ. विशाल गोयल भी मौजूद रहे। आर.टी.ओ. ने बताया कि फिलहाल जिला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स स्थित सेवा केंद्र में 2 काऊंटर ट्रांसपोर्ट सेवाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा लॉन्च की गई नई प्रणाली के तहत अब प्रत्येक सेवा केंद्र में ट्रांसपोर्ट विभाग की 56 तरह की सेवाएं उपलब्ध होंगी, जबकि पहले केवल 28 सेवाएं ही मिलती थीं। हालांकि इन सेवाओं के लिए आवेदक को बेहद किफायती अतिरिक्त शुल्क देना होगा, लेकिन अब उसे ट्रांसपोर्ट दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके अलावा आरटीओ अमनपाल सिंह ने आज दोपहर बाद जिले के 35 सेवा केंद्रों के कर्मचारियों को ट्रेनिंग सैशन दिया। यह ट्रेनिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डीसी कार्यालय में आयोजित की गई, ताकि 30 अक्तूबर से सभी केंद्रों पर फेसलेस सेवाओं का संचालन सुचारू रूप से किया जा सके।

बेटे की मौत का मामला फिर गरमाया, पूर्व DGP मुस्तफा पर बढ़ा दबाव

चंडीगढ़  पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की रहस्यमय मौत की जांच में एसआईटी लगातार जुटी हुई है। ये मामला उलझता ही जा रही है। इसी बीच बुधवार देर रात तक पुलिस ने मुस्तफा के घर पर काम करने वाले 4 नौकरों के बयान दर्ज किए। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में नौकरों ने बताया कि पूर्व डीजीपी और उनके बेटे के बीच कुछ समय से मनमुटाव चल रहा था। पुलिस ने इन बयानों की बारीकी से समीक्षा शुरू कर दी है। वहीं, वीरवार को 3 अन्य नौकरों से भी पूछताछ की जाएगी। जांच टीम अकील की पत्नी के अलग रहने की वजह जानने की कोशिश कर रही है। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच विवाद के चलते दोनों अलग रह रहे थे। पुलिस अब इस पहलू की भी पुष्टि करने में जुटी है, ताकि अकील की मौत से जुड़ी सभी कड़ियों को जोड़ा जा सके। जानकारी के मुताबिक, एसआईटी अभी तक अकील के राइटिंग सैंपल (हस्तलेख नमूने) नहीं ले पाई है। सूत्रों मिली जानकारी के अनुसार पुलिस आज उसके कॉलेज या यूनिवर्सिटी जाकर ये सैंपल एकत्र करेगी। आम तौर पर पुलिस हस्ताक्षर (सिग्नेचर) के आधार पर ही मिलान करती है और इसके लिए बैंक से रिकॉर्ड जुटाया जाता है। लेकिन इस मामले की हाईप्रोफाइल केस और बरामद नोटों की संख्या अधिक होने के कारण जांच एजेंसी को अब बड़े पैमाने पर राइटिंग सैंपल की जरूरत महसूस हो रही है। 

पंजाब के नागरिकों के लिए बड़ी राहत! सरकार ने खातों में ट्रांसफर किए करोड़ों रुपये

चंडीगढ़/जालंधर पंजाब की मंडियों में धान की आमद 100 लाख मीट्रिक टन (LMT) के आंकड़े को पार कर गई है, जिसमें से 97 लाख मीट्रिक टन से अधिक फसल की खरीद हो चुकी है। धान की खरीद के बदले किसानों के खातों में अब तक 21,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। फसल की तेज़ खरीद को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की किसान-हितैषी नीतियों का सबूत बताते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि मंडियों में सभी जरूरी प्रबंध किए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी हितधारक—चाहे वह किसान, कमीशन एजेंट (आढ़ती) या मज़दूर हो—को किसी तरह की परेशानी न हो। जहां तक फसल की लिफ्टिंग का सवाल है, खरीदी गई फसल में से 77 लाख मीट्रिक टन से अधिक की  लिफ्टिंग  पूरी की जा चुकी है। किसानों के भुगतान के संबंध में 21,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में स्थानांतरित कर दी गई है।  

इंटेलिजेंस रिपोर्ट से मचा हड़कंप! पाक एजेंसियों की गतिविधियों के बाद पंजाब में बढ़ी सुरक्षा

कपूरथला पाकिस्तानी सीमा से महज 100 किलोमीटर की दूरी पर पड़ते कपूरथला के न्यू आर्मी कैंट में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़े गए एक सफाई सेवक की गिरफ्तारी ने जहां पंजाब पुलिस सहित देश की सभी खुफिया एजेंसियों को हिला डाला है। वहीं देश के विभिन्न आर्मी स्टेशनों में प्राइवेट तौर पर काम कर रहे उन व्यक्तियों पर अब सख्त सुरक्षा निगरानी रखने की जरूरत महसूस होने लगी है, जो अपने काम के लिए अक्सर सख्त सुरक्षा घेरे के लिए जाने जाते मिल्टरी स्टेशनों में आते-जाते रहते हैं। इस पूरे मामले में आने वाले दिनों में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं। गौरतलब है कि कपूरथला पुलिस ने न्यू कैंट स्टेशन में पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहे एक प्राइवेट सैनिटेशन वर्कर को गिरफ्तार किया है। देश की सुरक्षा से जुड़ी इस गिरफ्तारी मामले ने जहां दुश्मन देश के नापाक खतरनाक इरादों को जाहिर किया है। वहीं इस गिरफ्तारी ने यह भी साबित कर दिया है कि दुश्मन देश से जुड़ी एजैंसियां किस प्रकार गरीब परिवारों से संबंधित व्यक्तियों को मोटा लालच देकर अपने जाल में फंसा रहे हैं। गौर हो कि जिस स्थान पर न्यू मिल्टरी स्टेशन कपूरथला स्थित है, उसके आसपास कई ऐसे संवेदनशील क्षेत्र व गांव स्थित हैं, जहां पर लंबे समय से बड़ी संख्या में अपराधिक गतिविधियां देखने को मिली हैं। इन गांवों से संबंधित बड़ी संख्या में समाज विरोधी तत्व ड्रग तस्करी, हथियारों की बरामदगी तथा गैंगवार जैसे खतरनाक मामलों को लेकर जेलों में बंद हैं तथा पिछले दिनों ही पंजाब पुलिस ने न्यू मिल्टरी स्टेशन के नजदीक पड़ते एक गांव के कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी संख्या में खतरनाक विदेशी हथियार बरामद किए थे। अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल तो यह उठता है कि गरीब परिवार से संबंधित उक्त युवक तक पाकिस्तान से संबंधित एजैंसियां कैसे पहुंची तथा उसे देश विरोधी एजेंसियों से मिलवाने वाले लोग आखिर कौन थे।  वर्णनीय है कि गिरफ्तार आरोपी राजा को जासूसी के बदले पाकिस्तान से मिलने वाली रकम हवाला के जरिए दी जाती थी। इस पूरे मामले में अहम सवाल यह भी है कि आखिर राजा को हवाला के जरिए देश विरोधी गतिविधियों के लिए कौन रकम पहुंचाने कपूरथला आता था। गौर हो कि पंजाब पुलिस पिछले कुछ महीनों के दौरान पाकिस्तान से जुड़े ड्रग तस्करों की करोड़ों रुपये की काली कमाई को हवाला के जरिए देश-विदेश में पहुंचाने के मामले में कई हवाला कारोबारियों को गिरफ्तार कर चुके हैं। इनमें से कई हवाला कारोबारी तो मनी एक्सचेंजर के कारोबार की आड़ में समाज विरोधी तत्वों के लिए हवाला का काम कर रहे थे। अब इस संवेदनशील मामलें ने पंजाब पुलिस सहित देश की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार एजेंसियों की चिंताओं को बढ़ा दिया है तथा अब आने वाले 3 दिनों में पुलिस रिमांड के समय देश की अहम सुरक्षा एजेंसियां भी आरोपी से पूछताछ कर सकती है। जिसको लेकर आने वाले दिनों में कई अहम खुलासे देखने को मिल सकते हैं। वहीं इस पूरे प्रकरण में कपूरथला पुलिस ओर भी कई गिरफ्तारियां कर सकती हैं। इसके अलावा आर्मी कैंट के आसपास फैले कई किलोमीटर लंबे संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार सर्च मुहिम चलाने व संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखना अब समय की बड़ी जरूरत बन गई है। क्या कहते हैं एस.एस.पी. जब एस.एस.पी. गौरव तूरा से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है। पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले आरोपी से पूछताछ का दौर जारी है। पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली है। जिसके आधार पर आने वाले दिनों में इस मामले में ओर भी कई गिरफ्तारियां हो सकती है। एस.एस.पी. तूरा ने कहा कि इस संवेदनशील मामले में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में छापामारी जारी है, जिसको लेकर आने वाले दिनों में बड़ी कामयाबी मिल सकती है।

मौसम में बदलाव को ध्यान में रखते हुए पंजाब के सभी स्कूलों का बदला समय

चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने मौसम में बदलाव और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए राज्य के सभी स्कूलों के समय में बदलाव किया है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, स्कूलों के समय में बदलाव संबंधी आदेश 1 नवंबर से लागू होंगे। सरकार के नए निर्देशों के मुताबिक, प्राथमिक स्कूल सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक चलेंगे। वहीं मिडल और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में कक्षाएं सुबह 9:00 से दोपहर 3:20 बजे तक लगेंगी। बता दें कि उक्त आदेश 20 फरवरी 2026 तक लागू रहेंगे।  

2 नवंबर तक पंजाब में बारिश और ठंड की दस्तक, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

पंजाब  पंजाब के मौसम में बदलाव आना शुरू हो गया है। ठंड ने धीरे-धीरे दस्तक देनी शुरू कर दी है। वहीं मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए बड़ी भविष्यवाणी की है। मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार आज से लेकर 2 नवंबर तक पंजाब में मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क रहेगा। राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं है।   मौसम विभाग ने आज से 2 नवंबर तक की जानकारी साझा की है, जिसमें पूरे सप्ताह मौसम साफ रहने के आसार बताए गए हैं। 2 नवंबर के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा और ठंड में और बढ़ोतरी होगी। विभाग के अनुसार इस सप्ताह अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा। हालांकि इसके बाद ठंड बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव आ सकता है। वहीं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी किए गए बुलेटिन के मुताबिक जालंधर में सबसे खराब एयर क्वालिटी इंडेक्स 209 दर्ज किया गया। खन्ना का एयर क्वालिटी इंडेक्स 190, लुधियाना का 125 और मंडी गोबिंदगढ़ का 186 है। 

कांग्रेस ने कसा शिकंजा: पार्टी में ‘अनुशासन अभियान’ 2 नवंबर से

चंडीगढ़ हरियाणा कांग्रेस में अब ‘अनुशासन की घंटी’ बज चुकी है। पार्टी अब ‘मनमानी की राजनीति’ नहीं, बल्कि ‘मर्यादा की राजनीति’ की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है। चरखी दादरी में मनीषा सांगवान के समर्थकों द्वारा प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह की मौजूदगी में किए गए हंगामे और नारेबाजी ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को झकझोर कर रख दिया। यह घटना सिर्फ एक संगठनात्मक असहमति नहीं, बल्कि कांग्रेस की अनुशासन परंपरा पर सीधा सवाल थी और इसी ने पार्टी हाईकमान को ‘एक्शन मोड’ में ला दिया। तीन दिन पहले ही कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने हरियाणा के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति का गठन किया है। अब 2 नवंबर को चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में इस समिति की पहली अहम बैठक होने जा रही है। बैठक में तय होगा कि हरियाणा कांग्रेस में अब आगे अनुशासन तोड़ने वालों का क्या अंजाम होगा। यह बैठक केवल औपचारिक नहीं, बल्कि संगठन के भीतर ‘संविधान से ऊपर कोई नहीं’ का संदेश देने वाली सख्त शुरुआत मानी जा रही है। इस समिति की कमान पूर्व सांसद और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष धर्मपाल सिंह मलिक को सौंपी गई है। उन्हें पार्टी में संयम और सख्ती दोनों के प्रतीक के तौर पर देखा जा सकता है। उनके नेतृत्व में 2 अक्तूबर को होने वाली बैठक में समिति की कार्यप्रणाली तय की जाएगी। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में बैठकों की तैयारी जोरों पर है और समिति के सभी सदस्यों को औपचारिक सूचना भेज दी गई है। समिति की घोषणा के बाद ही अब इसकी पहली रणनीतिक बैठक को लेकर संगठन के भीतर हलचल तेज है। बैठक में नहीं होंगे हुड्डा और राव यह बैठक केवल समिति सदस्यों की होगी, जिसमें प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा शामिल नहीं होंगे। राव नरेंद्र सिंह ने खुद निर्देश दिया है कि समिति पूरी तरह स्वायत्त होकर अपने फैसले और प्रक्रिया तय करे। सूत्रों का कहना है कि राव पिछले कुछ हफ्तों से अनुशासन और जवाबदेही को लेकर बेहद गंभीर हैं। चरखी दादरी की घटना के बाद उन्होंने साफ कहा था – ‘पार्टी की गरिमा सर्वोपरि है। कांग्रेस में कोई भी नेता या कार्यकर्ता संगठन से बड़ा नहीं हो सकता। अगर हम खुद पर नियंत्रण नहीं रखेंगे, तो जनता पर भरोसा कैसे कायम करेंगे।’ राव का यह बयान हरियाणा कांग्रेस में एक ‘नई कार्यशैली’ की नींव माना जा रहा है, जिसमें संगठन पहले, व्यक्ति बाद में होगा। समिति यानी अनुभव और कानून की जोड़ी समिति का गठन बेहद सोच-समझकर किया गया है। इसमें राजनीतिक अनुभव और कानूनी दृष्टि का संतुलित मेल दिखता है। चेयरमैन धर्मपाल सिंह मलिक के साथ जगाधरी विधायक अकरम खान, पूर्व सांसद कैलाशो सैनी और पूर्व विधायक अनिल धन्तौड़ी शामिल हैं। वहीं अंबाला सिटी के वरिष्ठ अधिवक्ता रोहित जैन को सदस्य सचिव बनाया गया है ताकि अनुशासनात्मक मामलों में कानूनी स्पष्टता और प्रक्रिया सुनिश्चित हो सके। मनीषा सांगवान विवाद ने खींची लकीर चरखी दादरी की घटना ने पार्टी में गहरी प्रतिक्रिया पैदा की थी। जब मनीषा सांगवान के समर्थकों ने सार्वजनिक मंच पर प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र की मौजूदगी में नारेबाजी की, तो कांग्रेस नेतृत्व ने इसे सीधा अनुशासन भंग माना। प्रदेश प्रभारी और केंद्रीय नेताओं ने इसे ‘संगठनात्मक मर्यादा के उल्लंघन’ के तौर पर देखा और तुरंत सख्ती के निर्देश दिए। इसी घटना के बाद यह समिति बनी ताकि आगे से किसी भी स्तर पर ‘भीड़ की राजनीति’ या ‘गुटों का दबाव’ पार्टी अनुशासन से ऊपर न जा सके। ‘डिसिप्लिन कोड’ का खाका होगा तैयार होगा बैठक में समिति ‘डिसिप्लिन कोड’ तैयार कर सकती है, जिसमें पहली गलती पर चेतावनी। दोहराने पर निलंबन और और बार-बार उल्लंघन करने पर निष्कासन जैसी तीन स्तरीय दंड प्रक्रिया प्रस्तावित की जा सकती है। साथ ही, समिति यह भी तय करेगी कि सोशल मीडिया पर अनुशासनहीन बयानबाजी, कार्यक्रमों में विरोध प्रदर्शन या वरिष्ठ नेताओं के प्रति असम्मानजनक व्यवहार को किस श्रेणी में रखा जाएगा। कमेटी की भी अपनी सीमाएं कांग्रेस संविधान के अनुसार, राज्य अनुशासन समिति विधायकों, पूर्व विधायकों, प्रदेश, जिला और ब्लॉक पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। लेकिन एआईसीसी सदस्यों, सांसदों और राष्ट्रीय पदाधिकारियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई का अधिकार नहीं है। ऐसे मामलों में समिति सिफारिशें तैयार कर पार्टी हाईकमान को भेजेगी। इससे यह स्पष्ट है कि समिति का मकसद ‘संगठन में डर नहीं, व्यवस्था पैदा करना’ है ताकि हर स्तर पर अनुशासन एक समान मानदंड से लागू हो। अनुशासन ही कांग्रेस की आत्मा है : धर्मपाल मलिक समिति चेयरमैन धर्मपाल सिंह मलिक ने कहा कि यह बैठक केवल दंडात्मक नहीं होगी, बल्कि संगठनात्मक मर्यादा को पुनर्स्थापित करने का संकल्प होगी। कांग्रेस में अनुशासन ही असली पहचान है, और जो इसे बनाए रखेगा वही संगठन का सच्चा सिपाही कहलाएगा। उन्होंने कहा कि कमेटी किसी गुट या व्यक्ति को निशाना नहीं बनाएगी, बल्कि यह सुनिश्चित करेगी कि हर कार्यकर्ता पार्टी के संविधान के दायरे में काम करे।

अकाली-भाजपा गठबंधन पर बोले कैप्टन अमरिंदर सिंह- ऐसा फैसला पंजाब की राजनीति बदल देगा

मोगा 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अकाली दल और भाजपा के बीच संभावित गठबंधन को लेकर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का अहम बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि समझौते तो होते हैं, लेकिन ऐसे फैसले राष्ट्रीय इकाई (नेशनल बॉडी) लेती है। गठबंधन पर अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान ही करता है। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह का माहौल इस समय बन रहा है और बड़ी संख्या में लोग भाजपा में शामिल हो रहे हैं, हो सकता है कि हमें किसी गठबंधन की ज़रूरत ही न पड़े। पंजाब सरकार की “नशे के खिलाफ युद्ध” मुहिम पर बोलते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि नशे को खत्म करने के लिए राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर सभी को एकजुट होकर लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि जितनी तरक्की भाजपा के शासनकाल में हुई है, उतनी किसी अन्य सरकार के समय नहीं हुई। देश की प्रगति के लिए भाजपा की सरकार ज़रूरी है। कैप्टन ने कहा, “मोदी का हर तरफ डंका बज रहा है। भारत की जीडीपी चीन से आगे निकल चुकी है। देश की तरक्की के लिए जरूरी है कि भाजपा की सरकार बनी रहे।” तरनतारन उपचुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्हें कोई जानकारी नहीं है क्योंकि वे वहां नहीं गए हैं। मजीठिया मामले पर क्या कहा बिक्रम मजीठिया से जुड़े मामले पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि इस मामले की जांच हरप्रीत सिंह सिद्धू ने की थी, जिसकी बंद रिपोर्ट माननीय हाईकोर्ट में जमा कराई जा चुकी थी। ऐसे में दोबारा जांच करने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा, “बिक्रम मेरा कोई रिश्तेदार नहीं है कि मैं उसका पक्ष लूं, लेकिन हमारे देश में हर काम कानून के दायरे में रहकर होना चाहिए। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जिस तरह मजीठिया मामले में दोबारा जांच के आदेश दिए हैं, वह पूरी तरह गलत है।” 

पर्यटन में बड़ा दांव! पंजाब में शुरू हुए 6 मेगा प्रोजेक्ट्स, PPP मॉडल से होगी विकास की रफ्तार तेज

चंडीगढ़ पंजाब के पर्यटन और मेहमान नवाज़ी (Hospitality) के क्षेत्र को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए राज्य सरकार ने एक साहसिक और दूरदर्शी कदम उठाया है! यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगी कि पंजाब के लोगों को बेहतर सुविधाएँ मिलें और राज्य की अर्थव्यवस्था मज़बूत हो। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में, पंजाब बुनियादी ढांचा विकास बोर्ड (पी.आई.डी.बी.) ने चंडीगढ़ में एक ऐतिहासिक निवेशक सम्मेलन आयोजित किया, जिसका मकसद सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पी.पी.पी.) मॉडल के ज़रिए निवेश आकर्षित करना और राज्य की पर्यटन क्षमता को वैश्विक स्तर पर लाना है। यह कदम दर्शाता है कि पंजाब सरकार राज्य के गौरवशाली इतिहास को आधुनिक विकास के साथ जोड़कर एक 'नया पंजाब' बनाने के लिए कितनी प्रतिबद्ध है।  ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि इस महत्वपूर्ण बैठक में, सरकार ने देशभर के प्रमुख निवेशकों, डेवलपर्स और सलाहकारों के सामने छह महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की रूपरेखा पेश की, जो पंजाब के हर कोने में पर्यटन के लिए नए रास्ते खोलेंगी। अमृतसर की धार्मिक और ऐतिहासिक गलियों में अब अर्बन रोपवे (Urban Ropeway) परियोजना शुरू होगी, जिससे न केवल यातायात आसान होगा, बल्कि शहर का नजारा भी शानदार दिखेगा। वहीं, हमारी सदियों पुरानी विरासतों जैसे सरहिंद के आम-खास बाग और कपूरथला के दरबार हाल को पुनर्जीवित कर उन्हें लक्ज़री विरासती होटलों में बदला जाएगा। इसके अलावा, रोपड़ के आम-खास बाग में पिंकासिया टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स बनाकर पर्यटकों की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि व्यापारिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए, मोहाली और लुधियाना जैसे औद्योगिक केंद्रों में अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर कम प्रदर्शनी केंद्र बनाए जाएंगे। ये केंद्र पंजाब को उत्तर भारत का व्यापार और सम्मेलन हब बनाकर नए निवेश के अवसर खोलेंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य इन परियोजनाओं को 'अधिक निवेशक-अनुकूल' बनाना था। पी.आई.डी.बी., पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग और आवास निर्माण एवं शहरी विकास विभाग के अधिकारियों ने निवेशकों के साथ गहन विचार-विमर्श किया। परियोजनाओं की संभावनाओं, समय-सीमाओं और कानूनी स्वीकृतियों पर चर्चा हुई। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि सरकार ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि पी.पी.पी. फ्रेमवर्क के तहत प्रतिस्पर्धी बोली की प्रक्रिया और राजस्व-साझा (Revenue-Sharing) मॉडल पूरी तरह पारदर्शी होंगे। निवेशकों को खुलकर अपनी प्रतिक्रिया साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया ताकि परियोजना से संबंधित शर्तों को भरोसेमंद और निवेशक-अनुकूल बनाया जा सके। यह पहल स्पष्ट करती है कि सरकार निजी क्षेत्र के साथ एक सार्थक संवाद और सहयोग के लिए मंच तैयार कर रही है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वह निवेशकों के लिए एक पारदर्शी और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करेगी, ताकि विश्व-स्तरीय पर्यटन और आतिथ्य बुनियादी ढांचे का विकास किया जा सके। सरकार ने कहा कि यह जन और निजी क्षेत्रों की साझेदारी, पंजाब आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान करने और पर्यटन क्षेत्र में सतत विकास को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि यह पहल स्पष्ट करती है कि पंजाब सरकार एक समृद्ध, पारदर्शी और प्रगतिशील राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां निवेश का स्वागत है और विकास की गति तेज़ है। पंजाब, अब पर्यटन और विकास के मानचित्र पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है!