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बिहार के चार जिलों से गुजरेगा 610 किलोमीटर लंबा सिक्सलेन एक्सप्रेसवे, जानें क्यों चौथे फेज की मंजूरी में हुआ बदलाव

पटना    वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाना है. इस बीच खबर है कि इस एक्सप्रेसवे के चौथे पैकेज की मंजूरी को लेकर केंद्र ने नए सिरे से प्रस्ताव मांगा है. इस प्रस्ताव में सड़क निर्माण के साथ ही उसमें ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस की रेट सहित पूरी जानकारी भी मांगी गई है. क्यों नए सिरे से मांगा गया प्रस्ताव? जानकारी के मुताबिक, इसका मकसद सड़क निर्माण और उस पर आवागमन शुरू होने के बाद उसकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए बेहतर मेंटेनेंस की व्यवस्था करना है. अब यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वाराणसी-रांची-कोलकाता के चौथे पैकेज को केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अधीन आर्थिक कार्य विभाग के सचिव की अध्यक्षता में गठित पीपीपीएसी (पब्लिक प्राइवेट पाटर्नरशिप एप्रेजल कमेटी) की मंजूरी मिलेगी. चौथे फेज में किस जिले में बनेगी सड़क? सूत्रों के अनुसार, बिहार में वाराणसी कोलकाता एक्सप्रेसवे के चौथे फेज की लंबाई 41 किलोमीटर है. इस फेज में यह सड़क रोहतास और कैमूर जिले से गुजरेगी. इसका निर्माण हाइब्रिड एन्यूटी मोड में किया जाना है. इसके तहत निर्माण एजेंसी को अपनी ओर से 60 प्रतिशत राशि खर्च करनी होगी. जबकि 40 प्रतिशत राशि सरकार खर्च करेगी. निर्माण एजेंसी टोल के रूप में अपनी लागत की वसूली करेगी. बिहार में एक्सप्रेसवे की लंबाई जानकारी के मुताबिक, बिहार में यह एक्सप्रेसवे करीब 159 किलोमीटर लंबाई में चार जिलों से होकर गुजरेगा. इसमें रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद और गया शामिल हैं. फिलहाल बिहार में इस सड़क का निर्माण रोहतास जिले में हो रहा है. साथ ही कैमूर जिले में भी निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है. टोटल 13 फेज में निर्माण होगा पूरा सूत्रों के अनुसार, वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे का निर्माण 13 फेज में होगा. इसकी पूरी लंबाई करीब 610 किलोमीटर है. सिक्सलेन एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के वाराणसी से बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ेगा. साल 2027 तक इसके निर्माण का लक्ष्य है.

सावधान, क्या आपको भी आया है गैस कनेक्शन कटने का कॉल, पटना पुलिस ने जारी की बड़ी चेतावनी

पटना   अगर आपके पास भी गैस एजेंसी के नाम पर कोई कॉल आ रहा है, जिसमें आपकी रसोई गैस की सेवा बंद होने या KYC अपडेट न होने की धमकी दी जा रही है, तो ठहर जाइए. यह एक शातिर चाल है जो आपको पलक झपकते ही कंगाल बना सकती है. पटना में इन दिनों साइबर अपराधियों ने ‘गैस बुकिंग’ को ठगी का नया हथियार बना लिया है. आपकी गैस सेवा बंद हो जाएगी रसोई गैस हर घर की बुनियादी जरूरत है. साइबर ठग इसी का फायदा उठा रहे हैं. वे खुद को नामी गैस एजेंसियों का कर्मचारी बताकर लोगों को फोन करते हैं. ठग अक्सर कहते हैं, “आपका आधार कार्ड गैस कनेक्शन से लिंक नहीं है, इसलिए आपकी सब्सिडी रोक दी गई है और आज शाम तक आपका कनेक्शन काट दिया जाएगा. ” यह सुनते ही उपभोक्ता घबरा जाता है और ठगों के बताए निर्देशों का पालन करने लगता है. अपराधी ग्राहकों को एक संदिग्ध लिंक भेजते हैं या कोई अनजान ऐप डाउनलोड करने को कहते हैं. जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करते हैं, आपके फोन का पूरा एक्सेस ठगों के पास चला जाता है. इसके बाद वे आपके फोन में आने वाले ओटीपी (OTP) को खुद ही पढ़ लेते हैं और आपके बैंक खाते से बड़ी रकम पार कर देते हैं. सतर्कता ही सुरक्षा है पटना साइबर थाने के डीएसपी नितिश चंद्र धारिया ने इस बढ़ते खतरे को देखते हुए नागरिकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं. पुलिस का कहना है कि कोई भी सरकारी या निजी गैस एजेंसी कभी भी फोन पर आपसे पिन या ओटीपी नहीं मांगती. गैस बुकिंग के लिए केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही सहारा लें. अगर आपको केवाईसी अपडेट करना है, तो फोन के बजाय सीधे अपनी गैस एजेंसी के दफ्तर जाएं. किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए ‘रिमोट एक्सेस ऐप’ को भूलकर भी इंस्टॉल न करें. शिकायत कहां करें? यदि आप या आपका कोई परिचित इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो बिना समय गंवाए नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें. इसके साथ ही आप आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

JET एग्जाम डेट घोषित: 26 अप्रैल को परीक्षा, 22 अप्रैल से एडमिट कार्ड जारी

रांची. झारखंड लोक सेवा आयोग की झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) 26 अप्रैल को पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न एक बजे तक आयोजित होगी। आयोग ने बुधवार को परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया। इसके तहत तीन घंटे यह परीक्षा छह जिलों रांची, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), हजारीबाग तथा देवघर में आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के प्रश्नपत्र के पहले भाग में शिक्षण व शोध क्षमता से संबंधित 50 प्रश्न होंगे। प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का होगा। इसी तरह, दूसरे भाग में संबंधित विषय से 100 प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें भी प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का होगा। आयोग ने अभ्यर्थियों के लिए अनुदेश, प्रवेश पत्र से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाएं वेबसाइट पर प्रकाशित कर दी है। अभ्यर्थियों को आवंटित जिलों की सूची 15 अप्रैल को आयोग के वेबसाइट पर जारी कर दी जाएगी। प्रवेश पत्र 22 अप्रैल से वेबसाइट से डाउनलोड होगा प्रवेश पत्र भी 22 अप्रैल से वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकेगा। आयोग ने अभ्यर्थियों को निर्देशित किया है कि वेबसाइट से डाउनलोड किये गए प्रवेश पत्र, उपस्थिति पत्रक एवं आवेदन के समय दिये गए फोटो की दो स्वहस्ताक्षरित रंगीन फोटो तथा एक वैध फोटोयुक्त पहचान पत्र अपने परीक्षा केंद्र पर अवश्य साथ लाएं। अन्यथा परीक्षा में सम्मिलित होने नहीं दिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर जांच के लिए बायोमेट्रिक तथा आइआरआइएस की व्यवस्था की गई है। परीक्षा केंद्र परिसर में मोबाइल फोन या अन्य कोई डिजिटल गजट रखने की अनुमति नहीं होगी। JSSC: आइटीआई प्रशिक्षण अधिकारी के लिए 10 चयनित झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने बुधवार को आइटीआई प्रशिक्षण अधिकारी पद के लिए आयोजित प्रतियोगिता का अतिरिक्त परिणाम जारी किया। इसके तहत कुल 10 अभ्यर्थियों का चयन इस पद के लिए किया गया है। विद्युत ट्रेड में पांच, फीटर में चार और रेफ्रीजरेशन एंड एयर कंडिशनर टेक्निशियन में एक अभ्यर्थी का चयन हुआ है। आयोग के अनुसार, कोटिवार अंतिम चयनित अभ्यर्थियों का प्राप्तांक एवं अभ्यर्थियों का अंक पत्र सभी पदों के सापेक्ष अंतिम परिणाम प्रकाशित करने के बाद वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी। साथ ही अधियाचित शेष पदों के विरूद्ध परिणाम यथाशीघ्र प्रकाशित किया जाएगा। आयोग ने उन 21 अभ्यर्थियों की सूची भी कारण सहित जारी की जिनकी अभ्यर्थिता रद कर दी गई है।

पलामू के मेडिकल कॉलेज में मची अफरातफरी, मेस में एलपीजी खत्म होने से बंद हुई छात्रों की चाय और अंडा

 मेदिनीनगर झारखंड के पलामू के पोखराहा स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में एलपीजी गैस की किल्लत से मेडिकल कालेज में अध्ययनरत विद्यार्थियों को सुबह नाश्ता में कटौती की गई है. चाय और अंडा बंद कर दिया गया है. एलपीजी गैस की व्यवस्था नही हो पायी तो लकड़ी व कोयले पर खाना बनाना पड़ सकता है. एलपीजी गैस की व्यवस्था नही हो पायी तो लकड़ी व कोयले पर खाना बनाना पड़ सकता है. छात्र हुए नाराज छात्रों ने बताया कि पिछले एक माह से नाश्ता में केला दिया जा रहा है. एलपीजी गैस की सुविधा रहने से अंडा, केला और चाय सुबह में मिलता था. गैस की कमी के कारण मेस संचालक को काफी परेशानी हो रही है. छात्रों ने बताया कि मेंस संचालक ने छात्रों को जानकारी दिया था कि गैस की कमी के कारण खाना तैयार करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अल्टीमेटम दिया है कि सुबह का नाश्ता और खाना उपलब्ध कराना मुश्किल हो रहा है. इससे छात्र काफी नाराज हो गए थे. संचालक को मेस चलाना मुश्किल मेस संचालक ने ब्लैक में गैस लेकर नाश्ता और खाना बनाना शुरू किया. जो काफी महंगा पड़ रहा है. ब्लैक में गैस लेने के कारण में संचालक को मेस चलाना मुश्किल हो रहा है. उसने विद्यार्थियों को पैसा बढ़ाने की बात कही, जिससे इस समस्या से निजात मिल सके. लेकिेन छात्र संचालक के बात से सहमत नहीं हुए. इस कारण मेस संचालक को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है. मेडिकल कालेज मेस में हर तीन सिलिंडर की खपत मेदिनीराय मेडिकल कालेज के मेस में खाना बनाने के लिए हर दिन 40 केजी गैस की जरूरत है. कालेज में करीब 500 छात्र और छात्राएं पढ़ाई करते हैं. सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना और रात का खाना बनाने के लिए हर दिन गैस की जरूरत पड़ती है. इसके लिए महीने में 60 सिलेंडर की आवश्यकता पड़ती है. गैस की किल्लत के कारण मेस संचालक को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है. जिसके कारण उन्हें ब्लैक में सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है. ऊंचे दामों पर सिलेंडर खरीदने के कारण मेस का खर्च बढ़ जा रहा है. मेस का खर्च बढ़ने के कारण संचालक काफी परेशान हैं. मेस संचालक ने बताया कि गैस की किल्लत होने के कारण लकड़ी या कोयले से खाना बनाना पड़ सकता है. इससे काफी परेशानी होगी. समय पर भोजन नहीं मिल पाएगा. मेडिकल कॉलेज जिला प्रशासन को भेजेगा पत्र मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ जक्का श्रीनिवासन राव ने कहा कि मेस संचालक को आवेदन देने के लिए कहा गया है. आवेदन को जिला प्रशासन को भेजा जाएगा, जिससे कि गैस की उपलब्धता आसानी से हो सके.

शिक्षा में सख्त नियम: पटना के प्राइवेट स्कूलों को चेतावनी, गरीब बच्चों के दाखिले से इनकार पर भारी जुर्माना

पटना. शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के प्रविधानों के तहत राज्य सरकार से प्रस्वीकृति प्राप्त निजी विद्यालयों की मनमानी पर नकेल कसेगी। ऐसे विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीट पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग एवं अलाभकारी समूह के बच्चों का नामांकन नहीं लेने वाले विद्यालय प्रबंधन पर एक लाख रुपये तक आर्थिक जुर्माना लगाने की कार्रवाई होगी। विद्यालय द्वारा नर्सरी या कक्षा एक में नामांकन के लिए लाभुक वर्ग के बच्चे की साक्षात्कार या टेस्ट (स्क्रीनिंग प्रक्रिया) लिया तो आर्थिक दंड भी लगेगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को निर्देश जारी किया है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा अभियान) को निर्देश पत्र भेजकर कहा है कि आरटीई कानून का पहली बार उल्लंघन करने पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा। इसके बाद विद्यालय द्वारा दूसरी बार उल्लंधन करने पर 50 हजार रुपये आर्थिक दंड लगाया जाएगा। सरकार ने बिना स्वीकृति प्राप्त किए कोई प्रारंभिक विद्यालय संचालित रखने पर दोषी व्यक्ति या संस्था को एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। निर्धारित तिथि के बाद भी विद्यालय संचालित रखने पर प्रतिदिन 10-10 हजार रुपये की दर से जुर्माना वसूल किया जाएगा।

पुराने नंबर प्लेट वाले सावधान, परिवहन मंत्री श्रवण कुमार का सख्त निर्देश, अब बिहार में अनिवार्य हुई हाई सिक्योरिटी प्लेट

पटना बिहार में बड़ी संख्या में वाहन अब भी पुरानी नंबर प्लेट के साथ चल रहे हैं. परिवहन विभाग के अनुसार, करीब 52 लाख गाड़ियों में अब तक हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) नहीं लगी है. परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट किया है कि साल 2019 से पहले रजिस्टर्ड सभी वाहनों में HSRP लगाना अनिवार्य है. इसके लिए वाहन मालिकों को एक महीने का समय दिया गया है. कहां और कैसे लगवाएं HSRP वाहन मालिक अपने नजदीकी आथोराइज्ड डीलर या एजेंसी के पास जाकर HSRP लगवा सकते हैं. इसके अलावा, जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) कार्यालय से संपर्क कर भी पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली जा सकती है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपना डेटा अपडेट कराएं और नियमों का पालन करें. नियम तोड़ा तो लगेगा भारी जुर्माना अगर तय समय सीमा के भीतर HSRP नहीं लगवाई गई, तो वाहन मालिकों पर सख्त कार्रवाई होगी.     मोटर वाहन अधिनियम की धारा 192 और 50 के तहत कार्रवाई     5,000 रुपया से 10,000 तक का जुर्माना मैसेज आने पर घबराएं नहीं अगर आपकी गाड़ी में पहले से HSRP लगी है, लेकिन फिर भी प्लेट बदलवाने का मैसेज आ रहा है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. ऐसी स्थिति में संबंधित DTO कार्यालय जाकर सॉफ्टवेयर में डेटा अपडेट करवा लें. क्या है HSRP और क्यों है जरूरी? हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट एक खास तरह की एल्युमिनियम प्लेट होती है, जिसमें कई सुरक्षा फीचर्स होते हैं.     10 अंकों का यूनिक लेजर कोड     नीले रंग का अशोक चक्र होलोग्राम     छेड़छाड़ करना बेहद मुश्किल अपराध रोकने में मिलेगी मदद पहले साधारण नंबर प्लेट को आसानी से बदला जा सकता था, जिससे अपराधी नकली नंबर लगाकर वारदात को अंजाम देते थे. इसी समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी वाहनों में HSRP अनिवार्य किया है. नए वाहनों में यह प्लेट पहले से लगी होती है, जबकि पुराने वाहनों में अब इसे अनिवार्य रूप से बदला जा रहा है. सरकार की सख्ती: अब कोई ढिलाई नहीं सरकार का साफ संदेश है- सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं. HSRP लगाने से न सिर्फ चोरी और अपराध पर लगाम लगेगी, बल्कि वाहन की पहचान भी सुरक्षित और ट्रैक करने योग्य हो जाएगी.

कोल्हान की संपदा पर पहला हक स्थानीय लोगों का, टाटा स्टील और खनिज कंपनियों के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी

  चाईबासा झारखंड के चाईबासा में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में कोल्हान क्षेत्र की दयनीय स्थिति और संसाधनों के दोहन पर गहरी चिंता जताई गई. बैठक में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है जब कोल्हान की दशा को एक नई दिशा दी जाए. ​ मुख्य अतिथि ने क्या कहा? बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि कोल्हान रक्षा संघ के अध्यक्ष डीबार जोंकों ने कहा यह कितनी बड़ी विडंबना है कि टाटा स्टील जैसी कंपनियां जमशेदपुर को दुल्हन की तरह सजाने में लगी हैं, लेकिन जिस सारंडा और कोल्हान की कोख से वह लोहा निकलता है, वहां के लोग आज भी प्यासे हैं. हमारे पास न शुद्ध पीने का पानी है, न रहने को पक्का आवास और न चलने को सड़कें. आज भी यहां का युवा लकड़ी, दातुन और पत्ते बेचकर पेट भरने को मजबूर है. शिक्षा और स्वास्थ्य की व्यवस्थाएं कागजों तक सिमट कर रह गई हैं. बैठक में पेश किया आंकड़ा बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, कोल्हान क्षेत्र झारखंड के लौह अयस्क उत्पादन का 70-80% हिस्सा प्रदान करता है. मात्र एक महीने में 18.72 लाख टन उत्पादन हुआ, जिसका मूल्य ₹585.89 करोड़ है. कोल्हान से होने वाले वार्षिक उत्खनन का मूल्य लगभग 7,000 रू से 7,500 रू करोड़ बैठता है. ​कोल्हान रक्षा संघ के सदस्य रविन्द्र मंडल ने इन आंकड़ों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा अगर सालाना 7,500 करोड़ रुपये का खनिज हमारे पैरों के नीचे से निकाला जा रहा है, तो यहां की जनता दर-दर की ठोकरें क्यों खा रही है? रॉयल्टी और DMF (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन) का पैसा कहां जा रहा है? कोल्हान की जनता अब मूकदर्शक बनी नहीं रहेगी. हमें विकास में हिस्सेदारी चाहिए, केवल आश्वासन नहीं. ​बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कोल्हान के अधिकारों की रक्षा के लिए एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा.  खनिज उत्खनन में लगी कंपनियों में 75% स्थानीय युवाओं को अनिवार्य रोजगार मिलना चाहिए.सारंडा के सुदूर गांवों तक पक्की सड़कें और शुद्ध पेयजल की तत्काल व्यवस्था होनी चाहिए. प्रभावित क्षेत्रों में अत्याधुनिक अस्पताल और तकनीकी शिक्षण संस्थानों की स्थापना होनी चाहिए. जिसके लिये कोल्हान रक्षा संघ ग्रामीणों के हित के लिये उग्र आंदोलन करेगा.   इस संकल्प के साथ बैठक का समापन बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि कोल्हान की संपदा का लाभ सबसे पहले यहां के आदिवासियों और मूलवासियों को मिलना चाहिए. जब तक सारंडा के अंतिम व्यक्ति तक विकास नहीं पहुंचता, खनिज संपदा के इन आंकड़ों का जनता के लिए कोई मोल नहीं है. इस मौके पर महासचिव मानसिंह हेंब्रम, जय सिंह हेम्ब्रम, अधिवक्ता पूनम हेंब्रम, शिवनंदन किस्कू ,लक्ष्मण मंडल, सुमित्रा जोंको,रमेश केराई,हरीश लागुरी,बागुन केराई ,राजेन्द्र केराई,महती बोयपाई,विशाला बोयपाई ,डूरा केराई,रोया बोयपाई,मुर्गा केराई समेत काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.

झारखंड जनगणना 2027 के प्रथम चरण का आगाज, सरायकेला में मास्टर ट्रेनर्स दे रहे हैं फील्ड ट्रेनर्स को ट्रेनिंग

 सरायकेला झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले में जनगणना 2027 के प्रथम चरण की तैयारियों को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं. भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) कार्य के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर तीन दिनों का प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ प्रखंड कार्यालय सभागार, सरायकेला में किया गया. 8 से 10 अप्रैल तक आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 08 अप्रैल 2026 से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें अलग-अलग प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर परिषद और नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी-सह-चार्ज जनगणना पदाधिकारी और नामित फील्ड ट्रेनर्स भाग ले रहे हैं. प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य स्तर के मास्टर ट्रेनर एमड़ी तासिकुर रहमान और अविनाश ठाकुर द्वारा प्रदान किया जा रहा है. इस दौरान प्रशिक्षण लेने वाले प्रतिभागियों के सवालों का समाधान कर और उनकी सभी शंकाओं को दूर किया जा रहा है. इससे मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का काम निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरा कराया जा सके.  सरायकेला-खरसावां में जनगणना 2027 के पहले चरण की तैयारी शुरू हो गई है. मकान सूचीकरण के लिए अधिकारियों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है. ये अधिकारी रहे मौजूद 8 अप्रैल को जिला स्तर के फील्ड ट्रेनर के रूप में नामित प्रतिभागियों द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त किया गया. ये सभी प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स प्रखंड और नगर क्षेत्र के प्रगणक और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण देंगे. प्रशिक्षण कार्यशाला में अपर जिला जनगणना पदाधिकारी श्री कमलेश कुमार दास और अन्य संबंधित पदाधिकारी कर्मी उपस्थित रहे.

झारखंड शिक्षा विभाग की बड़ी बैठक, हजारीबाग में बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन और खेलकूद से जोड़ने पर जोर

  हजारीबाग झारखंड के हजारीबाग जिले के सभी 1800 से अधिक सरकारी स्कूल (कक्षा एक से 12वीं) में इस महीने अप्रैल से निर्धारित समय पर नए सत्र 2026-27 की पढ़ाई शुरू हो गई है. विद्यार्थियों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समग्र शिक्षा अभियान के तहत स्कूली विद्यार्थियों को मिल रही तमाम सुविधाएं और अन्य विषयों को लेकर डीईओ प्रवीण रंजन और डीएसई आकाश कुमार दोनों ने बुधवार यानी 8 मार्च को जिले भर के प्रभारी शिक्षकों को संबोधित किया. जिला स्कूल सभागार में माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापक जुटे थे. इसमें शिक्षकों को कई टास्क दिए गए हैं. डीईओ ने क्या कहा? डीईओ ने कहा टीचर नियमित समय पर स्कूल पहुंचेंगे. छुट्टी होने के बाद स्कूलों का बेहतर रखरखाव कर अपने-अपने घर लौटेंगे. एक-एक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए शिक्षक जवाबदेह हैं. बीआरसी सिलवार में गुरु गोष्ठी आयोजित हुई इससे पहले मंगलवार यानी सात अप्रैल को दोनों शिक्षा अधिकारी सदर प्रखंड के बीआरसी सिलवार में प्रारंभिक स्तर के शिक्षकों की आयोजित गुरू गोष्ठी को संबोधित किया. यहां डीएसई आकाश कुमार ने कहा सभी स्कूलों में मध्यान भोजन योजना नियमित रूप से जारी रहेगा. इसमें किसी प्रकार की लापरवाही पर स्कूल के शिक्षक (सचिव) दोषी होंगे. उन्होंने कहा स्कूलों को मिलने वाली ग्रांट राशि समय सीमा पर खर्च करना है. बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन से जोड़ना है. शिक्षा के साथ-साथ रूचि अनुसार विद्यार्थियों को खेलों के लिए प्रेरित करना है. वहीं, सरकार की ओर से लागू तमाम लाभकारी योजनाओं की जानकारी बच्चे और अभिभावक तक पहुंचाना है. अधिकारियों को जिम्मेदारी का एहसास कराया डीएसई ने बीआरपी-सीआरपी सहित शिक्षण व्यवस्था से जुड़े प्रखंड एवं जिला स्तर के पदाधिकारी को उनके जिम्मेदारी और जवाबदेही का एहसास कराया है. मौके पर बीईईओ राकेश कुमार, बीपीओ रश्मि सिंह, सीआरपी अजय नारायण दास, मुकेश कुमार सहित शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मी मौजूद थे.

सख्त चेतावनी, काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं और मंत्री ने दिए जीरो टॉलरेंस के निर्देश

 रांची झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता और उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बुधवार को रांची स्थित नेपाल हाउस में विभागीय कार्यालय का औचक निरीक्षण किया. इस अचानक हुई कार्रवाई से कार्यालय में हड़कंप मच गया. मंत्री ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्यप्रणाली और कार्यालयीन अनुशासन का बारीकी से जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान मंत्री ने विशेष रूप से लंबित फाइलों की स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया. उन्होंने पाया कि कई फाइलें बिना किसी ठोस कारण के लंबित पड़ी हैं, जिससे आम जनता के कार्य प्रभावित हो रहे हैं. इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जनता के कामों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश निरीक्षण के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सख्त लहजे में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जनता को मिलने वाली मूलभूत सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने को कहा. समयबद्ध उपस्थिति और शिकायतों के समाधान पर जोर मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचें और अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें. इसके साथ ही उन्होंने आम लोगों की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी समाधान पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि शिकायतों को नजरअंदाज करना या अनावश्यक रूप से लंबित रखना गंभीर लापरवाही मानी जाएगी. गर्मी से पहले पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने का आदेश आगामी गर्मी को देखते हुए मंत्री ने पेयजल आपूर्ति को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि हर हाल में लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाए. खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत युद्धस्तर पर की जाए और जलापूर्ति से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई हो. लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने दो टूक शब्दों में कहा कि काम में ढिलाई, जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति और लापरवाही अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी. दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय होगी. ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम करने का निर्देश उन्होंने विभाग को जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य करने का निर्देश दिया. मंत्री ने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता, जवाबदेही और सेवा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. मंत्री ने कहा कि जनता की सेवा ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसमें किसी भी तरह की चूक बर्दाश्त नहीं होगी. उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जो भी इस जिम्मेदारी को निभाने में असफल रहेगा, उसके लिए विभाग में कोई जगह नहीं होगी.