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’ये वक्त हमारा है’ अभियान का शुभारंभ एवं वार्षिक कैलेंडर का विमोचन भी होगा

स्व-सहायता समूहों का तीन दिवसीय राखी मेला भोपाल हाट में 5 अगस्त से राखी मेला :पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री पटेल करेंगे मेले का उद्घाटन ’ये वक्त हमारा है’ अभियान का शुभारंभ एवं वार्षिक कैलेंडर का विमोचन भी होगा भोपाल मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व-सहायता समूहों का तीन दिवसीय राखी मेला भोपाल 5 अगस्त को प्रात: 10 बजे प्रारंभ होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल मेले का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह भी उपस्थित रहेंगीं। मेले के शुभारंभ के साथ ही आजीविका मिशन के तहत स्व-सहायता समूहों की दीदियों की खुशहाली और सशक्तिकरण के अभियान ‘’ये वक्त हमारा है’’ की शुरुआत भी होगी। मेले में अभियान के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन भी किया जाएगा, जो समूहों की गतिविधियों और उपलब्धियों को रेखांकित करेगा। मेले में विभिन्न जिलों से आ रही स्व-सहायता समूहों की दीदियों द्वारा समूह उत्पादों का विक्रय सह प्रदर्शन किया जायेगा। मेले की साज-सज्जा में खास तौर पर ग्रामीण परिवेश की झलक के लिये “सावन की थीम” के साथ पर्यावरण हितैषी बस्तुओं का उपयोग किया जायेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को वृहद बाजारों से जोड़ने के लिये अनेक प्रयास आजीविका मिशन द्वारा किये जा रहे हैं। इसी क्रम में स्व-सहायता समूहों का तीन दिवसीय राखी मेला भोपाल हाट में आयोजित किया जा रहा है। मेले में विभिन्न जिलों से आ रही स्व-सहायता समूहों की दीदियों द्वारा 40 स्टॉल लगाये जायेंगे। राखी के त्यौहार को ध्यान में रखते हुये विशेष रूप से राखी, मिठाईयां वस्त्र एवं सजावटी सामान सहित विभिन्न प्रकार की समूहों द्वारा निर्मित बस्तुएं उपलब्ध रहेंगी। मेले में आने बाले आगन्तुकों को झूला, खटिया, बैलगाड़ी, मटके, विभिन्न जिलों के जनजातीय समुदाय द्वारा बांस एवं अन्य पत्तियों आदि से बनाई जाने वाली टोपी एवं खान-पान में मिलेट्स, महुआ आदि के व्यंजन एवं प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के अन्य व्यंजन पूरे ग्रामीण परिवेश का एहसास करायेंगे। इस दौरान विभिन्न लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जायेंगीं। यह मेला न केवल स्व-सहायता समूहों की मेहनत और हुनर का उत्सव होगा, बल्कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर और सामुदायिक एकजुटता का भी शानदार प्रदर्शन करेगा उत्पादों की विविधता मेले में चार चांद लगाएगी। मेला न केवल लोगों को खरीदारी का अवसर प्रदान करेगा, बल्कि लोगों को समूह से जुडी ग्रामीण महिलाओं के आत्म-निर्भरता और उद्यमिता के प्रेरक सफर को देखने का अवसर भी प्रदान करेगा।  

इंदौर में डिजिटल रजिस्ट्रेशन की शुरुआत, अब शादी का रजिस्ट्रेशन घर बैठे और वीडियो कॉल से

इंदौर  नगर निगम इंदौर का पोर्टल बनकर तैयार हो चुका है। 15 अगस्त से इसके शुरू होने की संभावना है। अभी इसका ट्रायल किया जा रहा है। वार्ड 82 में सबसे पहले काम शुरू होगा फिर पूरे शहर में इसे लागू किया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से लोग घर बैठे ही जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा सकेंगे। संपत्तिकर भर सकेंगे। इंदौर में संपत्तिकर के सात लाख खाते हैं।  नागरिकों को घर बैठे मिलेगी पारदर्शी और सरल सेवा महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि डिजिटल इंदौर की अवधारणा को साकार करने के लिए एकीकृत नगर निगम पोर्टल की आवश्यकता है, जिससे नागरिकों को विभिन्न सेवाएं घर बैठे सरल, सुलभ और पारदर्शी तरीके से मिल सकें। इस पोर्टल के माध्यम से संपत्ति कर, जल कर और कचरा प्रबंधन शुल्क जैसे करों की वसूली अब एक ही करदाता आईडी के माध्यम से संभव होगी। डिजिटल पता भी जुड़ेगा डिजिटल पते को इस नई प्रणाली में जोड़कर एक एकीकृत पहचान प्रणाली विकसित करने का प्रस्ताव सामने आया है। इससे करदाताओं को बार-बार जानकारी भरने की आवश्यकता नहीं होगी और दोहरे खाते की समस्या भी समाप्त हो सकेगी। विशेषज्ञों के द्वारा बताया गया है कि पोर्टल पर भुगतान के लिए कई विकल्प उपलब्ध रहेंगे, जिससे नागरिक अपनी सुविधा अनुसार भुगतान कर सकेंगे। संपत्तिकर से जुड़ी प्रक्रिया में एआरओ, बिल कलेक्टर और कैशियर की भूमिकाएं पोर्टल के माध्यम से स्पष्ट रूप से तय की जाएंगी। विवाह पंजीयन के लिए वीडियो कॉल भी विकल्प होगा जन्म-मृत्यु पंजीकरण के साथ-साथ विवाह पंजीयन प्रक्रिया भी सरल होगी। यदि पति-पत्नी में से कोई एक इंदौर में मौजूद है और दूसरा किसी अन्य शहर में है, तो ऐसी स्थिति में एक की भौतिक उपस्थिति और दूसरे की वर्चुअल उपस्थिति (वीडियो कॉल) के माध्यम से विवाह पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इससे नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा।  

रक्षाबंधन गिफ्ट: लाड़ली बहनों के खाते में इस दिन आएंगे ₹1500

भोपाल   मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की अगस्त महीने में आने वाली 27वीं किस्त की तारीख का ऐलान हो गया है। मध्य प्रदेश की लाडली बहनों के लिए बड़ी खुशखबरी है। पहले कहा जा रहा था कि रक्षाबंधन से पहले खाते में 250 रुपये आएंगे। अब राज्य सरकार की ओर से ऐलान हो गया कि मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 27वीं किस्त के रूप में एक साथ 1500 रुपये खाते में आएंगे। राज्य सरकार के मुताबिक 7 अगस्त को राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ से लाडली बहना योजना की 27वीं किस्त के 1250 रुपये और रक्षाबंधन शगुन के 250 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। रक्षाबंधन से पहले मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए यह बड़ी सौगात है। आमतौर पर लाडली बहना योजना की किस्त 10 तारीख के बाद आती है, लेकिन इस बार सरकार ने रक्षाबंधन को खास बनाते हुए 7 अगस्त को ही 1.27 करोड़ महिलाओं के खाते में पूरे 1500 रुपये भेजने का फैसला कर लिया है। पहले कहा जा रहा था कि पैसा दो किस्तों में आएगा। 9 अगस्त को रक्षाबंधन से पहले 250 रुपये का शगुन मिलेगा। इसके बाद 1250 रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी। भाई दूज से हर महीने मिलेंगे 1500 हालांकि अब वो दिन दूर नहीं है, जब खाते में हर महीने 1500 रुपये आना शुरू हो जाएंगे। अगले महीने सितंबर में आने वाली लाडली बहना योजना की 28वीं किस्त के रूप में 1250 रुपये मिलेंगे। हालांकि अक्टूबर यानी महज सिर्फ एक महीने के बाद से ही हर महीने खाते में 1500 रुपये आने शुरू हो जाएंगे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि हर साल लाडली बहनों को मिलने वाली राशि को बढ़ाया जाएगा और साल 2028 तक लाभार्थियों के खाते में 3000 रुपये आने शुरू हो जाएंगे लाडली बहनों को किस्त के अलावा मिल सकते हैं 5000 मुख्‍यमंत्री लाडली बहना योजना के अलावा राज्य सरकार ने एक और योजना शुरू की है। इसके तहत मुख्‍यमंत्री लाडली बहना योजना की लाभार्थियों को अलग से 5000 रुपये मिल सकते हैं। जो लाभार्थी महिलाएं फैक्टरी या मिल में नौकरी करेंगी, उन्हें सरकार की ओर से 5000 रुपये अलग से दिए जाएंगे। सीएम मोहन योदव ने अपने एक बयान में कहा कि रक्षाबंधन पर 1 करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के बैंक खातों में 1500 रुपये की किस्त भेजे जाएंगे. इससे पहले लाड़ली बहना योजना के तहत राज्य की लाभार्थी महिलाओं को योजना की 26वीं किस्त 12 जुलाई 2025 को जारी की गई थी. उज्जैन के नलवा गांव में आयोजित ‘लाड़ली बहना सम्मेलन’ में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1543.16 करोड़ रुपये की राशि सीधे 1.27 करोड़ बहनों के बैंक खातों में ट्रांसफर की थी. जुलाई की इस किस्त में हर पात्र महिला को 1250 रुपये की मासिक सहायता दी गई थी, जो योजना की नियमित मंथली पेमेंट का हिस्सा है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने 56.74 लाख वृद्ध, विधवा, दिव्यांग और अन्य पात्र नागरिकों को 340 करोड़ रुपये की राशि पेंशन के रूप में ट्रांसफर की थी. रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए 30 लाख से अधिक उज्ज्वला योजना लाभार्थी बहनों को 46.34 करोड़ रुपये की राशि रिफिलिंग के लिए सीधे खातों में दी गई थी. क्या है लाड़ली बहना योजना? शुरुआत: जून 2023 में, महिलाओं की आर्थिक मदद और सम्मान बढ़ाने के लिए लाभार्थी: 21 से 60 वर्ष की विवाहित, तलाकशुदा या विधवा महिलाएं वर्तमान लाभ: मंथली 1250 रुपये नई घोषणा: अक्टूबर से मंथली 1500 रुपये सहायता राशि इस बार: 9 अगस्त को 1250 रुपये और 250 रुपये का रक्षाबंधन शगुन यह योजना क्यों है खास? 'लाड़ली बहना योजना' केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. हर महीने की राशि से महिलाएं अपने छोटे-छोटे फैसले खुद ले सकती हैं, परिवार में उनकी भागीदारी बढ़ती है और आत्मसम्मान भी.  

IAS अधिकारियों के हुए तबादले, पदस्थापना आदेश जारी, देखें लिस्ट

भोपाल. मध्य प्रदेश शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों (IAS Transfer) के तबादला आदेश जारी किये हैं, सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिकारियों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किये हैं। GAD MP द्वारा जारी तबादला आदेश में 5 अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है वहीं तीन IAS अधिकारियों से अतिरिक्त प्रभाव वापस लिया है और अन्य अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इन IAS अधिकारियों की पदस्थापना में बदलाव  राज्य शासन ने मंत्रालय में पदस्थ पदस्थापना की प्रतीक्षा कर रहे सीनियर IAS अधिकारी मनीष सिंह को प्रमुख सचिव, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग की जिम्मेदारी दी है इसके अलावा उन्हें प्रमुख सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग (अतिरिक्त प्रभार) सौंपा है। शासन ने पदस्थापना की प्रतीक्षा कर रहीं IAS जी व्ही रश्मि को सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी दी है। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश में प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश बीज एवं फार्म विकास निगम तथा उप सचिव, , किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग (अतिरिक्त प्रभार) अनुराग सक्सेना को अपर प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड, भोपाल पदस्थ किया है। IAS अभिलाष मिश्रा को राज्य शासन ने अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम, इन्दौर के पद से ट्रांसफर करते हुए आयुक्त नगर पालिक निगम उज्जैन पदस्थ किया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी श्रीमती अर्चना सोलंकी मुख्य महाप्रबंधक (प्रशासन), मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, भोपाल की पदस्थापना में बदलाव करते हुए शासन ने उप सचिव, “कार्मिक”, सामान्य प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी दी है। 

धर्म परिवर्तन विवाद में बड़ा एक्शन: रईस खान की संपत्ति पर चला बुलडोजर

बुरहानपुर/नेपानगर नावरा निवासी भाग्यश्री धानुक की लव जिहाद में गला रेत कर हत्या करने वाले आरोपित शेख रईस के अवैध निर्माण पर सोमवार दोपहर प्रशासन का बुलडोजर चला। एसडीएम भागीरथ वाखला, थाना प्रभारी ज्ञानू जायसवाल, नगर पालिका के अधिकारी और नेपा मिल के संपदा विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से दोपहर तीन बजे के आसपास पुलिस बल के साथ पहुंचे थे। साथ ले जाए गए बुलडोजरों के माध्यम से रेलवे ओवरब्रिज के पास किए गए अतिक्रमण और अवैध रूप से बनाए गए टीनशेड को ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा संजय नगर के मकान में किया गया अवैध निर्माण और आंगनबाड़ी के पीछे किया गया अतिक्रमण भी गिराया गया है। मातापुर स्थित दुकान किराए की होने के कारण उस पर कार्रवाई नहीं की जा सकी। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में आसपास के लोग भी मौजूद थे। शाम पांच बजे के आसपास कार्रवाई समाप्त हुई। ज्ञात हो कि भाग्यश्री की हत्या के बाद स्वजन और हिंदूवादी संगठनों ने रईस के अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की थी। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने भी इसे लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए थे। प्रशासन की इस कार्रवाई पर लोगों ने संतोष जताया है। निकाह और मतांतरण से किया था इनकार     उल्लेखनीय है कि शुक्रवार देर रात आरोपित शेख रईस ने भाग्यश्री धानुक पर फिर से निकाह करने और मतांतरण के लिए दबाव बनाया था।     उसके द्वारा स्पष्ट रूप से इनकार करने पर वह भड़क गया। चाकू से गला रेत कर उसकी हत्या कर दी थी।     जिसे लेकर हिंदू संगठन भड़क गए थे और नावरा में शव रखकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था।     साथ ही बाजार भी बंद करा दिया था। करीब चार घंटे बाद अधिकारियों के आश्वासन पर प्रदर्शन समाप्त कर भाग्यश्री का अंतिम संस्कार किया था।     आरोपित शेख रईस पेशे से दूध का व्यापारी है। पुलिस ने उसे सोमवार को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। ज्ञापन सौंपकर की फांसी देने की मांग     सोमवार को हिंदू महासभा और संत रविदास समिति के पदाधिकारियों ने भी कलेक्टर व एसपी के नाम ज्ञापन सौंपा है।     इसमें यह मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने और आरोपित रईस को फांसी की सजा दिलाने की मांग की गई है।     इसके अलावा भीम आर्मी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दत्तू मेढ़े ने भी पीड़ित परिवार से भेंट कर सांत्वना दी है। उन्होंने कहा कि अपराधी का कोई धर्म और जाति नहीं होती।     अखिल भारत हिंदू महासभा के जिलाध्यक्ष आंनद मेहता ने ज्ञापन सौंपते हुए जल्द फांसी देने की मांग की है।     इस दौरान इंद्रजीत सोनी, शैलेष निंभोरे, ओमप्रकाश सिंह, मुकेश डालमिया, प्रवीण देवताले, दीपा अठवाल, सीमा तायड़े सहित युवतियां मौजूद थीं।  

5 अगस्त को मध्यप्रदेश शिखर खेल अलंकरण एवं 38वें नेशनल गेम्स के पदक विजेता होंगे सम्मानित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में मध्यप्रदेश शिखर खेल अलंकरण एवं 38वें नेशनल गेम्स 2025 के पदक विजेता खिलाड़ियों का सम्मान समारोह मंगलवार 5 अगस्त को होगा। रवीन्द्र भवन में शाम 5 बजे शुरू होने वाले सम्मान समारोह की अध्यक्षता खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग करेंगे। समारोह में संचालक खेल एवं युवा कल्याण राकेश गुप्ता भी शामिल होंगे। 11 खिलाड़ियों को एकलव्य पुरस्कार समारोह में शूटिंग खिलाड़ी रितुराज बुंदेला, क्याकिंग-कैनोइंग (स्लॉलम) खिलाड़ी भूमि बघेल, स्क्वैश खिलाड़ी कृष्णा मिश्रा, फेंसिंग खिलाड़ी पूजा दांगी, रोइंग खिलाड़ी प्रभाकर सिंह राजावत, सेलिंग खिलाड़ी नेहा ठाकुर, तैराकी खिलाड़ी प्रखर जोशी, एथलेटिक्स खिलाड़ी अर्जुन वास्कले, कुश्ती खिलाड़ी प्रियांशी प्रजापत, हॉकी खिलाड़ी अंकित पाल और पावरलिफ्टिंग खिलाड़ी गौरव पचौरी को एकलव्‍य पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा। 12 खिलाड़ियों को विक्रम पुरस्कार शूटिंग खिलाड़ी ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, क्याकिंग-कैनोइंग (स्लॉलम) खिलाड़ी जान्हवी श्रीवास्तव, तीरंदाजी खिलाड़ी रागिनी मार्को, कुश्ती खिलाड़ी शिवानी पवार, बॉक्सिंग खिलाड़ी श्रुति यादव, जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य, खोखो खिलाड़ी सचिन भार्गो, हॉकी खिलाड़ी नीलू डाडिया, सॉफ्टबाल खिलाड़ी प्रवीण कुमार दवे, शूटिंग (दिव्यांग श्रेणी) रूबिना फ्रांसिस, पावरलिफ्टिंग खिलाड़ी अपूर्व दुबे और एडवेंचर स्पोर्टस् के लिये भावना डेहरिया को विक्रम पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा। विश्वामित्र/लाइफटाइम एचीवमेंट पुरस्कार सम्मान समारोह में क्याकिंग-कैनोइंग प्रशिक्षक पीजूष कांती बारोई, तीरंदाजी प्रशिक्षक अशोक कुमार यादव और हॉकी प्रशिक्षक लोकेन्द्र शर्मा को विश्वामित्र पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा। जिम्नास्टिक के रतनलाल वर्मा को लाइफटाइम एचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा। सम्मान समारोह में 38वें नेशनल गेम्स 2025 के 34 स्वर्ण पदक विजेता, 25 रजत और 23 कास्य पदक विजेता, कुल 82 पदक विजेताओं को भी सम्मानित किया जायेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया ‘माटी गणेश- सिद्ध गणेश’ अभियान का शुभारंभ

भगवान गणेश, मां दुर्गा और महालक्ष्मी की प्रतिमाएं मिट्टी से ही निर्मित हों : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगवान गणेश सबके मनोरथ पूरे करें, कृपावंत का शुभाशीष सब पर बरसे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया ‘माटी गणेश- सिद्ध गणेश’ अभियान का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा संचालित ‘माटी गणेश–सिद्ध गणेश’ अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान गणेश के पूजन से व्यक्ति को ज्ञान, बुद्धि और रिद्धि-सिद्धि की प्राप्ति होती है। भगवान गणेश सबके मनोरथ पूर्ण करें। कृपावंत भगवान का शुभाशीष हम सब पर बरसे और हमारे प्रदेश में सुख-समृद्धि का सतत् संचार हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन अभियान परिषद के पदाधिकारियों से कहा कि भगवान गणेश, नवरात्रि में मां दुर्गा और दीपावली पर्व पर महालक्ष्मी की प्रतिमाएं भी मिट्टी से ही निर्मित हो। इसके लिये जागरूकता अभियान भी चलाएं। उन्होंने कहा कि मिट्टी की प्रतिमाएं मिट्टी में ही समाहित हो जाती हैं, इससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होता। इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और गणेश चतुर्थी पर्व पर जन-जन को पवित्र माटी और गौमाता के गोबर से निर्मित गणेश प्रतिमाओं के उपयोग को प्रोत्साहित करना है, ताकि जल स्रोतों की स्वच्छता बनी रहे और प्राकृतिक संतुलन भी अक्षुण्ण रहे। पर्यावरण संरक्षण की नवाचारी पहल है "माटी गणेश-सिद्ध गणेश अभियान" मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान में निहित संकल्पना पर केन्द्रित एक सचित्र पोस्टर का विमोचन भी किया। परिषद् द्वारा पर्यावरण संरक्षण की नवाचारी पहल करते हुए 'माटी गणेश-सिद्ध गणेश अभियान चलाया जायेगा। इस अभियान में पर्यावरण हितैषी संस्थान नर्मदा समग्र द्वारा प्रशिक्षण के माध्यम से प्रदेश के सभी 313 विकासखण्ड में परिषद् के नेटवर्क से जुड़ी नवांकुर सखियों को प्रशिक्षित किया जायेगा। प्रशिक्षित सखियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से अपने ग्रामों में स्थानीय महिलाओं को प्रेरित-प्रशिक्षित कर मिट्टी की 10 लाख गणेश प्रतिमाओं की घर-घर स्थापना करायी जायेगी। अभियान का लक्ष्य 10 लाख गणेश प्रतिमाओं का निर्माण कर 25 लाख लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान के संकल्पना गीत एवं पोस्टर का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर भी उपस्थित थे। सभी ने संकल्प लिया कि इस वर्ष घरों में केवल मिट्टी और गौमाता के गोबर से बनी गणेश प्रतिमाएं ही स्थापित की जाएंगी और इन प्रतिमाओं का विसर्जन भी नितांत प्राकृतिक तरीके से ही किया जाएगा। म.प्र. जन अभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड़ ने बताया कि परिषद् ने नर्मदा समग्र संस्था के साथ "माटी गणेश-सिद्ध गणेश" अभियान की नई पहल की है। परिषद् के प्रशिक्षित नेटवर्क द्वारा अपने ग्राम की महिलाओं को मिट्टी के गणेश भगवान की प्रतिमा बनाने के लिए प्रेरित और प्रशिक्षित किया जायेगा, जिससे 'माटी गणेश-सिद्ध गणेश' घर-घर विराजित और विसर्जित होंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुकता बढ़ेगी।  

त्योहार से पहले खुशखबरी! लाड़ली बहनों के खातों में जल्द आएंगे ₹1500

भोपाल   मध्यप्रदेश की करोड़ों लाड़ली बहनों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जहां रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव बहनों के खाते में 1500 सौ रुपए ट्रांसफर करेंगे। सीएम ने कहा कि मैं उज्जैन में इस परंपरा का पालन करता रहा हूं। अब लाड़ली बहन के माध्यम से हम पूरे प्रदेश में यह कार्यक्रम कर रहे हैं। नरसिंहगढ़ में जारी होगी 27वीं किस्त सीएम डॉ मोहन यादव ने बताया कि इस साल नरसिंहगढ़ में हमारी बहनों के लिए इस महीने की रक्षाबंधन की किश्त वहीं से जारी होगी। हम इस साल अपनी लाडली बहनों की राशि बढ़ाकर 1500 रुपये करने जा रहे हैं, और खासकर रक्षाबंधन पर हम 250 रुपये अलग से दे रहे हैं।  7 अगस्त को शगुन के रूप में मिलेंगे 250 रुपए सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं मेरी बहने हैं यह मेरा मान है, सम्मान है, बहनों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आए इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार कृत संकल्पित है। आने वाले 7 अगस्त को लाड़ली बहनों के खातों में 250 रुपए की अतिरिक्त राशि रक्षाबंधन के शगुन के रूप में दी जाएगी। जो रक्षाबंधन पर भाई की तरफ से छोटा सा उपहार है। यह राशि प्रतिमाह मिलने वाली 1250 रुपए से अतिरिक्त होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन की बेस्ट लाइफ स्टाइल कंपनी में वर्तमान में 1500 बहनों को रोजगार मिल रहा है। आने वाले समय में 4 हजार बहनों को रोजगार मिलेगा। भाईदूज पर मिलेंगे 1500 रुपए सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार बहनों के जीवन में समृध्दि लाने के लिए कार्य कर रही है। राज्य सरकार बहनों के उत्थान के लिए सदैव कार्य करती रहेगी। लाड़ली बहनों को वर्तमान में 1250 रुपए की राशि दी जा रही है। आगे उसे बढ़ाकर भाईदूज से 1500 रूपए कर दिए जाएंगे।  सीएम ने सैकड़ों महिलाओं से बंधवाई राखी नागझिरी क्षेत्र की बेस्ट लाइफस्टाइल अपैरल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी परिसर, रघुनंदन गार्डन, राधाकृष्ण गार्डन और होटल अथर्व में रखे रक्षाबंधन कार्यक्रम में उन्होंने सैकड़ों महिलाओं से राखी बंधवाई और यह संदेश दिया कि बहनों के सशक्तिकरण में सरकार पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने जबलपुर-रायपुर, रीवा-पुणे (हड़पसर) और भावनगर टर्मिनस-अयोध्या एक्सप्रेस ट्रेनों को यहीं से वीडियो कॉंफ्रेंसिंग कर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रेल दो स्टेशनों के साथ-साथ दो संस्कृतियों और जीवन शैलियों को जोड़ने का कार्य करती है, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करती है। सीएम मोहन योदव ने अपने एक बयान में कहा कि रक्षाबंधन पर 1 करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के बैंक खातों में 1500 रुपये की किस्त भेजे जाएंगे. इससे पहले लाड़ली बहना योजना के तहत राज्य की लाभार्थी महिलाओं को योजना की 26वीं किस्त 12 जुलाई 2025 को जारी की गई थी. उज्जैन के नलवा गांव में आयोजित ‘लाड़ली बहना सम्मेलन’ में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1543.16 करोड़ रुपये की राशि सीधे 1.27 करोड़ बहनों के बैंक खातों में ट्रांसफर की थी. जुलाई की इस किस्त में हर पात्र महिला को 1250 रुपये की मासिक सहायता दी गई थी, जो योजना की नियमित मंथली पेमेंट का हिस्सा है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने 56.74 लाख वृद्ध, विधवा, दिव्यांग और अन्य पात्र नागरिकों को 340 करोड़ रुपये की राशि पेंशन के रूप में ट्रांसफर की थी. रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए 30 लाख से अधिक उज्ज्वला योजना लाभार्थी बहनों को 46.34 करोड़ रुपये की राशि रिफिलिंग के लिए सीधे खातों में दी गई थी. क्या है लाड़ली बहना योजना? शुरुआत: जून 2023 में, महिलाओं की आर्थिक मदद और सम्मान बढ़ाने के लिए लाभार्थी: 21 से 60 वर्ष की विवाहित, तलाकशुदा या विधवा महिलाएं वर्तमान लाभ: मंथली 1250 रुपये नई घोषणा: अक्टूबर से मंथली 1500 रुपये सहायता राशि इस बार: 9 अगस्त को 1250 रुपये और 250 रुपये का रक्षाबंधन शगुन यह योजना क्यों है खास? 'लाड़ली बहना योजना' केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. हर महीने की राशि से महिलाएं अपने छोटे-छोटे फैसले खुद ले सकती हैं, परिवार में उनकी भागीदारी बढ़ती है और आत्मसम्मान भी.  

मुख्य सचिव अनुराग जैन का कार्यकाल अंतिम दौर में, विस्तार को लेकर हलचल

भोपाल  प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ऐसे में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि क्या उन्हें सेवा विस्तार मिलेगा या किसी नए वरिष्ठ अधिकारी को शीर्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रशासनिक हलकों में इसे लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। 1989 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को पिछले वर्ष सितंबर में उस समय मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था, जब वे केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर थे।  उनकी नियुक्ति को केंद्र की प्राथमिकता माना गया था। यही वजह है कि अब उनके संभावित सेवा विस्तार को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। हाल ही में केंद्र सरकार ने हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को सेवानिवृत्ति के दिन ही एक साल का सेवा विस्तार दिया, जबकि छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन को तीन माह का विस्तार मिला। हालांकि उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को सेवा विस्तार नहीं दिया गया। ऐसे में मध्यप्रदेश में मुख्य सचिव को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।  यदि अनुराग जैन को सेवा विस्तार नहीं मिलता है, तो नए मुख्य सचिव के रूप में डॉ. राजेश राजौरा और अलका उपाध्याय के नामों की चर्चा है। जानकारों के मुताबिक, डॉ. राजेश राजौरा को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। राजौरा वर्तमान में नर्मदा घाटी विकास विभाग में अपर मुख्य सचिव और उपाध्यक्ष के पद पर पदस्थ है। वहीं अलका उपाध्याय केंद्र सरकार के मंत्रालय में कार्यरत हैं। जब अनुराग जैन को मुख्य सचिव बनाया गया था, तब राज्य में नई सरकार बनी ही थी और उन्हें मुख्यमंत्री की पसंद के बजाय केंद्र से आए निर्देश के आधार पर चुना गया था।  अब जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगभग 20 माह से पद पर हैं और प्रशासनिक ढांचे से पूरी तरह परिचित हो चुके हैं, ऐसे में वे अपनी प्राथमिकता के अनुसार निर्णय ले सकते हैं। पिछले वर्षों में प्रदेश में कई मुख्य सचिवों को सेवा विस्तार मिल चुका है। इनमें आर  परशुराम, बीपी सिंह, इकबाल सिंह बैन्स और वीरा राणा शामिल हैं। वीरा राणा की सेवानिवृत्ति के अंतिम दिन ही केंद्र से निर्देश आने के बाद अनुराग जैन की नियुक्ति की गई थी। कुछ घटनाएं बन सकती हैं बाधा जल जीवन मिशन में कथित अनियमितताओं के मामले को संभालने को लेकर भी मौजूदा मुख्य सचिव कार्यालय की भूमिका पर सवाल उठे थे। हालांकि, सरकार ने बाद में मंत्री को क्लीन चिट दे दी, लेकिन यह माना गया कि पूरे प्रकरण को सही ढंग से नहीं संभाला गया।   जेएन कंसोटिया भी हो जाएंगे सेवानिवृत्त  अनुराग जैन के साथ अगस्त में जेएन कंसोटिया भी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। कंसोटिया 12 अगस्त को 60 साल के हो जाएंगे। जैन और कंसोटिया दोेनों ही अधिकारियों ने 21 अगस्त 1989 को एक साथ भारतीय प्रशासनिक सेवा ज्वाइंन की थी और अब दोनों ही सेवा नियमों के अनुसार 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। हालांकि मुख्य सचिव के लिए प्रदेश में पदस्थ और केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अन्य आईएएस अधिकारी भी दावेदारों में शामिल है। अब तक केंद्र सरकार की तरफ से सीएस के नाम को लेकर चौंकाने वाले निर्णय लिए गए है। यहीं वजह है कि प्रदेश में अनुराग जैन के सेवा विस्तार को लेकर फिलहाल अभी स्थिति साफ नहीं है।