samacharsecretary.com

जीआरपी विदिशा ने मेमो ट्रेन में 10 लाख रुपये से भरे बैग की चोरी का किया खुलासा

भोपाल  मध्यप्रदेश रेल पुलिस द्वारा रेल यात्रियों की सुरक्षा एवं चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जीआरपी थाना विदिशा पुलिस ने मेमो ट्रेन में 10 लाख रुपये से भरे बैग की चोरी के मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 9 लाख 36 हजार रुपए नगद, एक मोबाइल फोन, बैग और मोबाइल चार्जर सहित लगभग  9 लाख 43 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। 06 अक्टूबर को फरियादी अपने मालिक के निर्देश पर बीना स्थित एक प्लायवुड दुकान से 10 लाख रुपए की राशि लेने गया था। राशि प्राप्त करने के बाद उसने 500-500 रुपये की 20 गड्डियां अपने काले रंग के पिट्ठू बैग में रखीं और बीना से भोपाल जाने वाली मेमो ट्रेन में सवार हो गया। गंजबासौदा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में भीड़ अधिक होने के कारण उसने बैग को सीट के ऊपर लगी रेलिंग पर रख दिया। इसके बाद नींद लग जाने से उसे बैग के गायब होने का पता  चला। विदिशा रेलवे स्टेशन पर जागने के बाद बैग नहीं मिलने पर उसने जीआरपी थाना विदिशा में शिकायत दर्ज कराई। इस पर अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल श्री अंकित जायसवाल के निर्देशन  में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने फरियादी के आने-जाने के मार्गों एवं संबंधित स्थानों पर लगे लगभग 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से अवलोकन किया। इसके साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई। विवेचना के दौरान प्राप्त संदिग्ध के हुलिए का रेल इकाई भोपाल के विभिन्न थानों में पूर्व अपराधों में संलिप्त आरोपियों के रिकॉर्ड से मिलान किया गया। तकनीकी एवं मैदानी जांच के आधार पर संदिग्ध की पहचान कर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने चोरी की वारदात करना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किया गया काले रंग का बैग, 9 लाख 36 हजार रुपए नगद, फरियादी का मोबाइल चार्जर तथा चोरी की रकम से खरीदा गया मोबाइल फोन जब्त किया।  मध्यप्रदेश पुलिस रेल यात्रियों से अपील करती है कि यात्रा के दौरान अपने सामान एवं नकदी की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। कीमती सामान को खुला या अपने से दूर न रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल रेलवे पुलिस को दें।  

खेतों से वैश्विक बाजार तक पहुंचा मध्य प्रदेश का सोया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश का सोया खेतों से निकलकर दुनिया के बाजारों में बना रहा है अपनी पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों की आय बढ़ने के साथ ही उद्योगों को भी मिल रही है गति भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषक कल्याण वर्ष में किसानों के लिए खेत में खाद-बीज, बिजली-पानी की बेहतर व्यवस्था करने से लेकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने के लिए राज्य सरकार प्रयास कर रही है। वर्तमान में देश-दुनिया में न्यूट्रिशन बेस्ड फूड की मांग लगातार बढ़ रही है ऐसे में मध्यप्रदेश विशेष लाभ की स्थिति में है। प्रदेश अन्न उत्पादन में दूसरे और दुग्ध उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर है। दलहन, मिलेट और मत्स्य उत्पादन में भी मध्यप्रदेश, देश में अग्रणी है। प्रदेश का खाद्य उत्पादन से लेकर खाद्य प्रसंस्करण तक मजबूत इको-सिस्टम है। प्रदेश में बड़े पैमाने पर हो रहा सोयाबीन का उत्पादन हमारे किसानों के साथ-साथ प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था के लिए विशेष महत्व रखता है। सोयाबीन हमारे किसानों की गाढ़ी कमाई होने के साथ-साथ घर-घर का पोषण और उद्योगों के लिए कच्चा माल है। प्रदेश का सोया खेतों से निकलकर दुनिया के बाजारों में अपनी पहचान बना रहा है। इससे किसानों की आय भी बढ़ रही है, साथ ही प्रदेश में उद्योगों को भी गति मिल रही है। देश में सोयाबीन की कुल खेती का 45 प्रतिशत क्षेत्रफल मध्यप्रदेश में है। देश के कुल उत्पादन में मध्यप्रदेश का हिस्सा 35 प्रतिशत से अधिक है। प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में सोयाबीन का उत्पादन होता है। प्रदेश के सोयाबीन किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य और मेहनत का पूरा सम्मान दिलाने के लिए अक्टूबर 2025 में राज्य सरकार ने सोयाबीन भावांतर योजना की शुरूआत की थी। पिछले वर्ष सोयाबीन उत्पादक लगभग 7 लाख 17 हजार किसानों के खाते में 1 हजार 475 करोड़ रूपए की भावांतर राशि का अंतरण किया गया। इस वर्ष भी पंजीयन की व्यवस्था की जा रही है। वर्ष 2025-26 में सोयाबीन का समर्थन मूल्य 5 हजार 328 रूपए प्रति क्विंटल किया गया था। खेतों में सोयाबीन उत्पादन को प्रोत्साहित करने के साथ ही प्रदेश में सोयाबीन से जुड़ी फूड प्रोसेसिंग इकाइयों तथा संबंधित उद्योगों पर सब्सिडी भी दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि सोयाबीन की वास्तविक ताकत इससे जुड़ी वैल्यू एडेड चेक में है। खेत में सोयाबीन का उत्पादन, उद्योगों में इसका प्रसंस्करण और खाद्य तेल तथा प्रोटीन उत्पादों का निर्माण और उनकी देश-दुनिया के बाजारों तक पहुंच, किसानों को समृद्धि और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हैं। किसानों की आय, देश की पोषण सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को शक्ति देने की इस प्रक्रिया को सशक्त करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। सोयाबीन से संबंधित वैज्ञानिक अनुसंधान और उद्योगों में आधुनिक तकनीक तथा निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों की मेहनत को पूरा सम्मान देने के लिए समन्वित रूप से संचालित इन गतिविधियों से अन्नदाता किसानों की समृद्धि का नया अध्याय आरंभ होगा।  

भोपाल में होगा फिशरीज इन्वेस्टर्स एंड एक्सपोर्टर्स कॉन्क्लेव-2026

भोपाल मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन क्षेत्र में निवेश, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और निर्यात की संभावनाओं को नई दिशा देने के उद्देश्य से 23 अक्टूबर 2026 को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में फिशरीज इन्वेस्टर्स एंड एक्सपोर्टर्स कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन किया जाएगा। मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्य मंत्री श्री नारायण सिंह पंवार ने बताया कि कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश सहित देश के अंतर्देशीय मत्स्य उत्पादन को आधुनिक प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड-चेन अधोसंरचना, मूल्य संवर्धन और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय निर्यात बाजारों से जोड़ना है। सम्मेलन में देश के प्रमुख निवेशक, निर्यातक, मत्स्य उद्यमी, स्टार्ट-अप्स और संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ भाग लेकर मत्स्य उद्योग में निवेश एवं व्यापार विस्तार की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करेंगे। मध्यप्रदेश में लगभग 4 लाख 50 हजार हेक्टेयर जल क्षेत्र उपलब्ध है, जो अंतर्देशीय मत्स्य पालन, केज कल्चर और मत्स्य आधारित उद्योगों के विकास की व्यापक संभावनाएं प्रदान करता है। राज्य सरकार का प्रयास इस जल संपदा का बेहतर उपयोग कर मत्स्य उत्पादन के साथ प्रसंस्करण, विपणन और निर्यात को प्रोत्साहित करना तथा मत्स्य पालकों की आय एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि करना है। कॉन्क्लेव में 'मध्यप्रदेश राज्य मत्स्य निवेश एवं निर्यात प्रोत्साहन नीति-2026' तथा अंतर्देशीय राज्यों की मत्स्य निर्यात क्षमता को बढ़ाने से संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का विमोचन किया जाएगा। कार्यक्रम में एकीकृत केज कल्चर इकाइयों का वर्चुअल उद्घाटन भी होगा। साथ ही प्रदेश के जलाशयों एवं अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास से संबंधित परियोजनाओं के प्रशासनिक स्वीकृति-पत्र प्रदान किए जाएंगे। सम्मेलन में मत्स्य पालन से जुड़े हितग्राहियों को प्रोत्साहित करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), मत्स्य सहकारी समितियों, स्टार्ट-अप्स तथा प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए जाएंगे। कॉन्क्लेव मध्यप्रदेश को अंतर्देशीय मत्स्य उत्पादन के साथ मत्स्य प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और निर्यात के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। इससे मत्स्य क्षेत्र में नवीन निवेश आकर्षित करने, आधुनिक अधोसंरचना विकसित करने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने को गति मिलेगी।  

जीआरपी विदिशा ने मेमो ट्रेन में 10 लाख रुपये से भरे बैग की चोरी का किया खुलासा

आरोपी गिरफ्तार 9 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति बरामद भोपाल मध्यप्रदेश रेल पुलिस द्वारा रेल यात्रियों की सुरक्षा एवं चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जीआरपी थाना विदिशा पुलिस ने मेमो ट्रेन में 10 लाख रुपये से भरे बैग की चोरी के मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 9 लाख 36 हजार रुपए नगद, एक मोबाइल फोन, बैग और मोबाइल चार्जर सहित लगभग  9 लाख 43 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। 06 अक्टूबर को फरियादी अपने मालिक के निर्देश पर बीना स्थित एक प्लायवुड दुकान से 10 लाख रुपए की राशि लेने गया था। राशि प्राप्त करने के बाद उसने 500-500 रुपये की 20 गड्डियां अपने काले रंग के पिट्ठू बैग में रखीं और बीना से भोपाल जाने वाली मेमो ट्रेन में सवार हो गया। गंजबासौदा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में भीड़ अधिक होने के कारण उसने बैग को सीट के ऊपर लगी रेलिंग पर रख दिया। इसके बाद नींद लग जाने से उसे बैग के गायब होने का पता  चला। विदिशा रेलवे स्टेशन पर जागने के बाद बैग नहीं मिलने पर उसने जीआरपी थाना विदिशा में शिकायत दर्ज कराई। इस पर अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल श्री अंकित जायसवाल के निर्देशन  में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने फरियादी के आने-जाने के मार्गों एवं संबंधित स्थानों पर लगे लगभग 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से अवलोकन किया। इसके साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई। विवेचना के दौरान प्राप्त संदिग्ध के हुलिए का रेल इकाई भोपाल के विभिन्न थानों में पूर्व अपराधों में संलिप्त आरोपियों के रिकॉर्ड से मिलान किया गया। तकनीकी एवं मैदानी जांच के आधार पर संदिग्ध की पहचान कर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने चोरी की वारदात करना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किया गया काले रंग का बैग, 9 लाख 36 हजार रुपए नगद, फरियादी का मोबाइल चार्जर तथा चोरी की रकम से खरीदा गया मोबाइल फोन जब्त किया।  मध्यप्रदेश पुलिस रेल यात्रियों से अपील करती है कि यात्रा के दौरान अपने सामान एवं नकदी की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। कीमती सामान को खुला या अपने से दूर न रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल रेलवे पुलिस को दें।  

गरबा में एंट्री पास नहीं मिला तो भड़का विवाद! जबलपुर में चले लात-घूंसे, महिलाओं-बच्चों से मारपीट का आरोप

जबलपुर  गरबा आयोजन में एंट्री को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मामला लात-घूंसों और हंगामे तक पहुंच गया। आयोजकों ने बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ताओं पर चाकू लेकर आयोजन स्थल में घुसने और महिला-बच्चों के साथ मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। वहीं विवाद की शुरुआत पास को लेकर हुई बताई जा रही है। घटना के बाद आयोजन स्थल पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। प्रवेश के लिए पास की व्यवस्था की गई थी बताया गया कि गरबा कार्यक्रम में प्रवेश के लिए पास की व्यवस्था की गई थी। इसी दौरान कुछ लोग आयोजन स्थल पर पहुंचे और अंदर जाने की मांग की। कुछ कार्यकर्ता जबरन अंदर जाने लगे आयोजकों के मुताबिक पास नहीं होने के कारण उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद कुछ कार्यकर्ता जबरन अंदर जाने लगे और वहां मौजूद लोगों से धक्का-मुक्की करने लगे। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के पास चाकू भी थे आयोजकों का आरोप है कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के पास चाकू भी थे। उन्होंने महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट किए जाने का दावा किया है। देखते ही देखते विवाद हाथापाई में बदल गया और दोनों पक्षों के बीच लात-घूंसे चलने लगे। हंगामा बढ़ने पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों में भी भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। प्रवेश के लिए पहले से नियम तय किए गए थे आयोजकों का कहना है कि गरबा आयोजन में प्रवेश के लिए पहले से नियम तय किए गए थे और उन्हीं के आधार पर लोगों को अंदर जाने दिया जा रहा था। उनका आरोप है कि पास नहीं मिलने पर कुछ लोगों ने जानबूझकर विवाद खड़ा किया और आयोजन को बाधित करने की कोशिश की।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- प्रदेश का सोया खेतों से निकलकर दुनिया के बाजारों में बना रहा है अपनी पहचान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषक कल्याण वर्ष में किसानों के लिए खेत में खाद-बीज, बिजली-पानी की बेहतर व्यवस्था करने से लेकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने के लिए राज्य सरकार प्रयास कर रही है। वर्तमान में देश-दुनिया में न्यूट्रिशन बेस्ड फूड की मांग लगातार बढ़ रही है ऐसे में मध्यप्रदेश विशेष लाभ की स्थिति में है। प्रदेश अन्न उत्पादन में दूसरे और दुग्ध उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर है। दलहन, मिलेट और मत्स्य उत्पादन में भी मध्यप्रदेश, देश में अग्रणी है। प्रदेश का खाद्य उत्पादन से लेकर खाद्य प्रसंस्करण तक मजबूत इको-सिस्टम है। प्रदेश में बड़े पैमाने पर हो रहा सोयाबीन का उत्पादन हमारे किसानों के साथ-साथ प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था के लिए विशेष महत्व रखता है। सोयाबीन हमारे किसानों की गाढ़ी कमाई होने के साथ-साथ घर-घर का पोषण और उद्योगों के लिए कच्चा माल है। प्रदेश का सोया खेतों से निकलकर दुनिया के बाजारों में अपनी पहचान बना रहा है। इससे किसानों की आय भी बढ़ रही है, साथ ही प्रदेश में उद्योगों को भी गति मिल रही है। देश में सोयाबीन की कुल खेती का 45 प्रतिशत क्षेत्रफल मध्यप्रदेश में है। देश के कुल उत्पादन में मध्यप्रदेश का हिस्सा 35 प्रतिशत से अधिक है। प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में सोयाबीन का उत्पादन होता है। प्रदेश के सोयाबीन किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य और मेहनत का पूरा सम्मान दिलाने के लिए अक्टूबर 2025 में राज्य सरकार ने सोयाबीन भावांतर योजना की शुरूआत की थी। पिछले वर्ष सोयाबीन उत्पादक लगभग 7 लाख 17 हजार किसानों के खाते में 1 हजार 475 करोड़ रूपए की भावांतर राशि का अंतरण किया गया। इस वर्ष भी पंजीयन की व्यवस्था की जा रही है। वर्ष 2025-26 में सोयाबीन का समर्थन मूल्य 5 हजार 328 रूपए प्रति क्विंटल किया गया था। खेतों में सोयाबीन उत्पादन को प्रोत्साहित करने के साथ ही प्रदेश में सोयाबीन से जुड़ी फूड प्रोसेसिंग इकाइयों तथा संबंधित उद्योगों पर सब्सिडी भी दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि सोयाबीन की वास्तविक ताकत इससे जुड़ी वैल्यू एडेड चेक में है। खेत में सोयाबीन का उत्पादन, उद्योगों में इसका प्रसंस्करण और खाद्य तेल तथा प्रोटीन उत्पादों का निर्माण और उनकी देश-दुनिया के बाजारों तक पहुंच, किसानों को समृद्धि और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हैं। किसानों की आय, देश की पोषण सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को शक्ति देने की इस प्रक्रिया को सशक्त करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। सोयाबीन से संबंधित वैज्ञानिक अनुसंधान और उद्योगों में आधुनिक तकनीक तथा निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों की मेहनत को पूरा सम्मान देने के लिए समन्वित रूप से संचालित इन गतिविधियों से अन्नदाता किसानों की समृद्धि का नया अध्याय आरंभ होगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहरी विकास परियोजनाओं पर की आंध्र प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आंध्र प्रदेश के अमरावती में "आंध्र प्रदेश कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी" के अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से सुनियोजित शहरीकरण, आधुनिक बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्ण डिजिटल, स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल एकीकृत टाउनशिप परियोजना का अवलोकन कर इसकी प्रमुख विशेषताओं एवं विकास संबंधी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में इंदौर – उज्जैन और भोपाल मेट्रोपॉलिटन परियोजनाओं के लिए की गई पहल और भविष्य में जबलपुर एवं ग्वालियर के लिए तैयार की जा रही योजनाओं का भी उल्लेख किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंध्र प्रदेश में की प्रमुख निवेशकों से भेंट

जीआईएस 2027 के लिये किया आमंत्रित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आंध्र प्रदेश में निवेशकों से मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापना का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा मध्यप्रदेश सरकार की औद्योगिक विकास की प्रोत्साहनकारी नीतियों के कारण निवेशकों द्वारा किए गए निवेश पर उन्हें हर स्थिति में लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को आंध्र प्रदेश में निवेशकों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेश के नए अवसरों और औद्योगिक साझेदारियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में हो रहे कार्यों की जानकारी निवेशकों को दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा में बताया कि मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश की व्यापक संभावनाओं और अनुकूल औद्योगिक वातावरण का लाभ सभी को मिल रहा है। राज्य सरकार की निवेश प्रोत्साहन की 25 सरलीकृत नीतियां विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आने में सहायक बन रही हैं। मध्यप्रदेश में धार जिले में पीएम मित्र पार्क और ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग इकाई में महत्वपूर्ण निवेश अब क्रियान्वयन की ओर है। हाल ही में जबलपुर-इंदौर औद्योगिक कॉरिडोर की योजना तैयार की गई है। यह कॉरिडोर प्रदेश के बड़े व्यापक भू-भाग की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की विजयवाड़ा में सुप्रसिद्ध अभिनेता श्री विजय देवरकोंडा एवं अभिनेत्री श्रीमती रश्मिका मंदाना से भी भेंट हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश फिल्म शूटिंग के क्षेत्र में देश में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। प्रदेश की फिल्म-फ्रेंडली नीतियां, फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करने में सफल हुई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को जीआईएस : 2027 का आमंत्रण देते हुए आयोजन की रूपरेखा की जानकारी दी जिसमें भोपाल में विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख उद्योगपति और निवेशक एकत्र होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हुई थी जिसमें 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए थे। इन प्रस्तावों में से एक तिहाई प्रस्तावों को धरातल पर उतारा जा चुका है। यह एक बड़ी उपलब्धि है। निवेशकों से की वन-टू-वन चर्चा टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहन स्पिनटेक्स इंडिया लिमिटेड के संस्थापक एवं प्रबंध संचालक श्री वी. सुधाकर चौधरी तथा श्री अनंत लक्ष्मी स्पिनिंग मिल्स के अध्यक्ष श्री सामिनेनी कोटेश्वर राव से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने दोनों उद्योगपतियों को धार स्थित पीएम मित्रा पार्क और प्रदेश के कपास उत्पादक क्षेत्रों में इकाइयां स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। चर्चा में स्पिनिंग, होम टेक्सटाइल, बुनाई और प्रसंस्करण इकाइयों के लिए प्रदेश में उपलब्ध अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। श्री चौधरी के साथ कृभको के अध्यक्ष के रूप में जैव-उर्वरक, कृषि आदान और कृषि लॉजिस्टिक्स में निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में तेनाली डबल हॉर्स के प्रबंध संचालक श्री मोहन श्याम प्रसाद के साथ प्रदेश के दलहन उत्पादक क्षेत्रों के समीप दाल मिल स्थापित करने की संभावनाओं पर संवाद हुआ। कॉन्टिनेंटल कॉफी के महाप्रबंधक श्री मीनावल्ली बलराम से उत्तर और मध्य भारत के बाजारों में आपूर्ति के लिए मध्यप्रदेश में कॉफी ब्लेंडिंग, पैकिंग एवं वितरण केंद्र विकसित करने पर विचार-विमर्श किया गया। इंजीनियरिंग क्षेत्र में क्रिस्टना इंजीनियरिंग वर्क्स के संचालक श्री बी. राजा शेखर के साथ प्रदेश के सीमेंट, खनन और विद्युत उत्पादन क्षेत्रों की औद्योगिक आवश्यकताओं पर चर्चा हुई। इन उद्योगों के समीप कास्टिंग, मशीनिंग, कलपुर्जों और सर्विस सेंटर से संबंधित इकाइयों की स्थापना की संभावनाओं पर विचार किया गया। रामकोर ग्रुप के अध्यक्ष श्री के.वी.एस. प्रकाश राव से प्रदेश में वाणिज्यिक वाहनों और ट्रैक्टरों के डीलर नेटवर्क के विस्तार तथा ऑटो-सर्विस क्षेत्र में कौशल विकास पर चर्चा हुई। सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में निवेश को लेकर फॉर्च्यून मुरली ग्रुप के प्रबंध संचालक श्री मुत्तवरपु मुरली (कृष्णा) से संवाद हुआ। मुख्यमंत्री ने उज्जैन, इंदौर और ओंकारेश्वर में होटल व्यवसाय एवं पर्यटन सुविधाओं के विकास की संभावनाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधोसंरचना और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। ऋत्विक प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर एवं लोकसभा सांसद डॉ. सी.एम. रमेश तथा कंपनी के कार्यकारी संचालक श्री सी.एम. राजेश के साथ प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। कंपनी अधोसंरचना विकास, इंजीनियरिंग एवं निर्माण, सिंचाई, बांध निर्माण और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में कार्यरत है। बोंडाडा ग्रुप के अध्यक्ष एवं प्रबंध संचालक डॉ. बोंडाडा राघवेंद्र राव के साथ भी प्रदेश में निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। समूह नवकरणीय ऊर्जा, सोलर परियोजनाओं, टेलीकॉम और रेलवे अधोसंरचना के क्षेत्रों में कार्य करता है। नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड के प्रमोटर एवं संचालक श्री सी. गोविंद विश्वेश से अधोसंरचना और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की संभावनाओं पर चर्चा हुई। सीवीआर समूह से जुड़ी नवयुग इंजीनियरिंग एवं चिंता ग्रीन एनर्जी कंपनियां पुल, टनल, बंदरगाह, सिंचाई, सौर ऊर्जा, बैटरी भंडारण और पंप्ड स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं।  

भोपाल में बच्ची की हत्या के बाद भड़का गुस्सा, लोगों ने थाने का किया घेराव; आरोपी को सौंपने की मांग

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बैरागढ़ एरिया में 13 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और हत्या की घटना के बाद शहर में भारी आक्रोश फैल गया है। शनिवार को बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया।प्रदर्शनकारियों ने बैरागढ़ से भोपाल और सीहोर की ओर जाने वाले मुख्य मार्गों को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे करीब दो किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और सैकड़ों लोग जाम में फंसे रहे। भोपाल में 12 साल की बच्ची की निर्मम हत्या के बाद शनिवार को 3 घंटे विरोध प्रदर्शन हुआ। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए।उनका कहना था कि पुलिस आरोपी मोबिन को फांसी दे या हमें सौंपे। हम उसे सजा देंगे। भीड़ ने थाने में जबरदस्ती घुसने का प्रयास किया। इसके लिए उन्होंने थाने के गेट पर धक्का-मुक्की भी की। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। वहीं वारदात वाली रात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें आरोपी बच्ची को ले जाते हुए और कुछ देर बाद अकेले निकलते हुए दिख रहा है। रात से लापता, सुबह खंडहर में मिला शव बता दें बैरागढ़ में 15 अक्टूबर यानी गुरुवार रात से लापता बच्ची का शव 16 अक्टूबर को कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे खंडहर में मिला था। उसके सामने के दो दांत टूटे हुए थे। मुंह में कपड़ा ठुंसा हुआ था। शरीर के निचले हिस्से पर कपड़े नहीं थे। शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा, गला घोंटने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया था। बताया जा रहा है कि उसने भी जुर्म कबूल कर लिया। थाने का घेराव के बाद अंदर घुसने का प्रयास गुस्साई भीड़ ने बैरागढ़ थाने का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आरोपी को उनके हवाले किया जाए, वे उसे खुद सजा देंगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने थाने के दोनों मुख्य गेट बंद कर दिए और भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इस दौरान भीड़ ने थाने के अंदर जबरदस्ती घुसने का भी प्रयास किया, जिसे पुलिस बल ने बाहर ही रोक लिया। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास कर रही है कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर आरोपी को सख्त सजा दिलाई जाएगी, लेकिन प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नहीं हैं। बुलडोजर कार्रवाई के साथ फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग सड़क पर डटे प्रदर्शनकारियों और हिंदू संगठनों ने मांग की है कि आरोपी के अवैध मकान पर तुरंत बुलडोजर चलाकर उसे जमींदोज किया जाए। इसके साथ ही इस सनसनीखेज मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में जल्द से  प्रदर्शनकारियों की यह भी मांग है कि पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारी मौके पर आकर पीड़ित परिवार से मिलें और लिखित आश्वासन दें। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। 2 किमी तक जाम रहा भोपाल-सीहोर रोड प्रदर्शनकारियों ने भोपाल-सीहोर रोड पर जाम लगा दिया था। प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि आरोपी को बीच सड़क पर फांसी दी जाए। उसके मकान पर बुलडोजर चलाया जाए। जाम के कारण करीब 2 किलोमीटर तक वाहनों की कतार लगी रही। एसीपी बोले- विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद धाराएं बढ़ाएंगे मामले में एसीपी रत्नेश तोमर का कहना था कि पुलिस ने हत्या और बहला-फुसलाकर ले जाने सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी को पकड़ लिया है। शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है। विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने पर अतिरिक्त कानूनी धाराएं जोड़ी जाएंगी। क्या है पूरा मामला? गौरतलब है कि बैरागढ़ में कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे स्थित एक खंडहरनुमा इमारत में 13 वर्षीय बच्ची का शव बरामद हुआ था। मृतका के सामने के दो दांत टूटे हुए थे, मुंह में कपड़ा ठुंसा हुआ था और शरीर के निचले हिस्से पर कपड़े नहीं थे। प्रारंभिक शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा और गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को दबोच लिया है, लेकिन जनता का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है और क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

मोहन भागवत का तीन दिवसीय जबलपुर दौरा, कॉलेज के युवाओं और RSS पदाधिकारियों से करेंगे चर्चा

 जबलपुर युवाओं के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने और उनसे सीधे संवाद करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत मध्य प्रदेश के जबलपुर पहुंचेंगे. उनका यह दौरा 24 अक्टूबर से शुरू होकर तीन दिन चलेगा. इस दौरान भागवत कॉलेज में पढ़ने वाले युवा स्वयंसेवकों से मुलाकात करेंगे. 25 अक्टूबर को होने वाले एक विशेष शिविर में उनका संबोधन भी प्रस्तावित है.इसके अलावा वे स्थानीय पदाधिकारियों और प्रांतीय कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ बैठकें करेंगे।  RSS के महाकौशल प्रांत के प्रचार प्रमुख विनोद कुमार ने शनिवार को एक न्यूज एजेंसी को इसकी जानकारी दी. मोहन भागवत 25 अक्टूबर को महाकौशल प्रांत के Gen-Z स्वयंसेवकों के शिविर में शामिल होंगे. यहां वे कॉलेज में पढ़ने वाले स्वयंसेवकों से बातचीत करेंगे और उन्हें संबोधित करेंगे।  हालांकि, इस संवाद में किन मुद्दों पर चर्चा होगी, इसे लेकर अभी कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. भागवत के कार्यक्रम में संगठन के स्थानीय पदाधिकारियों और प्रांतीय कार्यकारिणी की टीमों के साथ बैठकें भी शामिल हैं. इन बैठकों में संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी।  38 जिलों तक फैला है महाकौशल प्रांत RSS का महाकौशल प्रांत संगठन के मध्य क्षेत्र के अंतर्गत आता है. इसमें मध्य प्रदेश के 38  जिले शामिल हैं. जबलपुर, सागर और रीवा यहां के संभागीय मुख्यालय हैं. इस लिहाज से जबलपुर का दौरा संघ के लिए क्षेत्रीय स्तर पर भी अहम है।  युवा स्वयंसेवकों के शिविर में भागवत की मौजूदगी ऐसे समय में हो रही है, जब संगठन इस क्षेत्र में युवाओं से संपर्क बढ़ाने पर जोर दे रहा है. अब देखना यह होगा कि 25 अक्टूबर को होने वाले शिविर में भागवत युवाओं से किन मुद्दों पर बात करते हैं और उनके संबोधन में किन विषयों पर जोर रहता है।