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तेज रफ्तार टैंकर बना काल, इंदौर में बाइक सवार मां-बेटे को कुचला, तड़पती मां ने तोड़ा दम

इंदौर तिलक नगर थाना क्षेत्र में रविवार सुबह-सुबह दर्दनाक हादसे में महिला की मौत हो गई। लापरवाह टैंकर चालक ने मां-बेटे को चपेट में ले लिया और महिला की मौके पर ही मौत हो गई। टैंकर नगर निगम का अटैच बताया जा रहा है। मौके से चालक फरार भी हो गया है। महिला का बेटा घायल हुआ है। क्या है मामला टीआई मनीष लोधा के मुताबिक घटना में मुमताब बाग कालोनी निवासी 40 वर्षीय अर्चना पति संतोष राठौर की मौत हुई है। वह निजी अस्पताल में नौकरी करती थी। अर्चना अपने बेटे गणेश राठौर के साथ ड्यूटी जा रही थी। जैसे ही वे बंगाली कालोनी पहुंचे, सुलभ शौचालय के समीप ट्रैक्टर पानी का टैंकर लेकर आ गया। चालक ब्रेक नहीं लगा सका और गणेश की बाइक को टक्कर मार दी। गणेश और अर्चना घायल होकर गिर गए। अर्चना खून से सन चुकी थी। घायल अवस्था में भी गणेश ने मां को संभालने की कोशिश की और गोद में लेकर बैठ गया। कुछ देर में अर्चना ने दम तोड़ दिया। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। दृश्य देखकर लोगों की आंखें भर आईं। सूचना पर पुलिस पहुंची और शव को अस्पताल पहुंचाया। गणेश ने बताया कि वह मां को ड्यूटी पर छोड़ने जा रहा था। पुलिस ने टैंकर और ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है। पानी के टैंकर से आठ दिन में दूसरी मौत शहर में पानी भरकर मौत बांट रहे टैंकरों की भरमार हो गई है। आए दिन हादसे हो रहे हैं। पुलिस, नगर निगम और परिवहन विभाग जांच नहीं करता है। 2 फरवरी को ही एक टैंकर ने 25 वर्षीय युवक विजय ठाकुर की जान ले ली थी। विजय साथी रविंद्र के साथ बाइक से जा रहा था। बायपास (कनाड़िया) पर चालक ने टक्कर मार दी और पहिया सिर से निकल गया।  

पर्यटन विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर, गेहूं सर्वे कंपनी को सौंप दिया गया था बरगी क्रूज संचालन

जबलपुर बरगी जलाशय में हुए क्रूज हादसे की जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। प्रारंभिक पड़ताल में पता चला है कि मध्य प्रदेश पर्यटन निगम में क्रूज संचालन आउटसोर्स कर्मचारियों के माध्यम से किया जा रहा था। इसके लिए भोपाल से संचालित आरबी एसोसिएट ग्लोबल कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को ठेका दिया गया था। इस कंपनी के द्वारा ठेके पर मानव संसाधन पर्यटन विभाग को उपलब्ध कराए जाते हैं। कृषि क्षेत्र की कंपनी को मिला पर्यटन का जिम्मा प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मेकल रिसॉर्ट बरगी में कार्य करने वाले अधिकांश कर्मचारी आउटसोर्स में थे। जिस क्रूज हादसे में 13 लोगों की डूबने से मौत हुई थी, उस क्रूज में कार्य करने वाले कर्मचारी भी आउटसोर्स में कार्यरत थे। ये सभी आरबी एसोसिएट के लिए कार्य करते थे। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार यह कंपनी मूल रूप से मानव संसाधन उपलब्ध करवाती है और इसका प्रमुख कार्य कृषि क्षेत्र में है। गेहूं के लिए सर्वेयर की नियुक्ति कंपनी की तरफ से होती है। बिना अनुभव वाली कंपनी पर मेहरबानी कंपनी ने अपने प्रोफाइल में यह जानकारी दी हुई है। कंपनी की तरफ से पर्यटन के क्षेत्र में कार्य करने का कोई खास अनुभव नहीं दर्शाया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि बिना अनुभव वाली नई-नवेली कंपनी को प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में मानव संसाधन का ठेका देना क्या वाजिब था? सिर्फ यहीं मप्र पर्यटन में जल क्रीड़ा के प्रभारी सीडीआर राजेंद्र निगम ने माना कि क्रूज संचालन करने वाले महेश पटेल आउटसोर्स कर्मचारी थे, लेकिन उन्होंने दावा किया कि महेश पर्याप्त अनुभवी थे। विभाग का पक्ष और कर्मचारी का अनुभव महेश पटेल ने खुद अपने बयान में बताया कि उसके पास 12 साल से क्रूज संचालन का अनुभव था। राजेंद्र निगम ने कहा कि ठेका कंपनी कौन थी यह मायने नहीं रखता है। ठेके से संबंधित कार्य उनके विभाग का नहीं है। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ यह कह सकते हैं कि महेश पटेल जो क्रूज चला रहे थे उनके पास पर्याप्त अनुभव था। वेबसाइट पर दर्ज जानकारी और सुरक्षा पर प्रश्न आरबी एसोसिएट ग्लोबल कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2022 में स्थापित यह कंपनी मूल रूप से मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन और राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित के लिए गेहूं गुणवत्ता परीक्षण और सर्वेयर कार्य हेतु आउटसोर्स कर्मचारियों की व्यवस्था करती रही है। अब यही कंपनी पर्यटन निगम के अंतर्गत क्रूज संचालन से जुड़े कर्मचारियों की नियुक्ति कर रही थी। जांच के घेरे में सुरक्षा मानक और आपदा प्रबंधन सूत्रों के अनुसार कंपनी के पास पर्यटन, जल परिवहन या क्रूज संचालन का विशेष अनुभव नहीं था। हालांकि, आउटसोर्स व्यवस्था के तहत अधिकांश पुराने कर्मचारियों को ही दोबारा रखा गया था, जो वर्षों से कार्यरत बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद हादसे के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या संवेदनशील पर्यटन और जल सुरक्षा सेवाओं में विशेषज्ञता रखने वाली एजेंसियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। अधिकारियों का तबादला, देखें लिस्ट जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कर्मचारियों के प्रशिक्षण, सुरक्षा मानकों और आपदा प्रबंधन संबंधी प्रक्रियाओं का पालन किस स्तर तक किया गया था। हादसे के बाद प्रशासनिक और तकनीकी जवाबदेही को लेकर कई गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।     पर्यटन विभाग में सैकड़ों कर्मचारी आउटसोर्स पर कार्य करते हैं। आरबी एसोसिएट ग्लोबल कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को आउटसोर्स का ठेका मिला हुआ है। मैं इस बारे में बहुत कुछ नहीं बोल सकता हूं। मेरा तबादला हो चुका है।- संजय मल्होत्रा, पर्यटन विभाग (क्रूज हादसे के वक्त क्षेत्रीय अधिकारी जबलपुर)  

40 किलो गेहूं गायब होने से भड़का मजदूर, सड़क पर धरने पर बैठ बस रुकवाई

 राजगढ़  मेहनत की कमाई से खरीदे 40 किलो गेहूं का कट्टा गायब हुआ तो एक मजदूर का गुस्सा सड़क पर उतर आया। राजस्थान रोडवेज की बस जैसे ही खिलचीपुर बस स्टैंड से रवाना होने लगी, मजदूर बस के सामने बैठ गया और बोला— “गेहूं नहीं मिला तो बस भी नहीं जाएगी।” करीब 25 मिनट तक बस स्टैंड पर हंगामे जैसी स्थिति बनी रही। यात्री परेशान होते रहे, भीड़ जमा हो गई और आखिरकार मामला 500 रुपये देकर शांत कराया गया। अकलेरा से लेकर आया था परिवार का राशन खिलचीपुर के कालाजी बड़ली निवासी बिरम मोगिया मजदूरी कर परिवार चलाता है। शुक्रवार शाम वह राजस्थान के अकलेरा से 40 किलो गेहूं का कट्टा लेकर कोटा-ब्यावरा रोडवेज बस में सवार हुआ था। उसने गेहूं का कट्टा बस की डिग्गी में रखवाया, लेकिन खिलचीपुर पहुंचने पर उसका सामान गायब मिला। बस कंडक्टर से शिकायत करने पर उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला और उसे खिलचीपुर बस स्टैंड पर उतार दिया गया, जिसके बाद बस आगे निकल गई। आरोप है कि किराया लेने के बावजूद कंडक्टर ने टिकट तक नहीं दिया। अगले दिन बस देखते ही अड़ गया मजदूर शनिवार सुबह वही बस फिर खिलचीपुर बस स्टैंड पहुंची तो बिरम पहले से वहां मौजूद था। बस जैसे ही रवाना होने लगी, वह अचानक बस के सामने बैठ गया। उसने साफ कह दिया कि “जब तक मेरा गेहूं नहीं मिलेगा, बस आगे नहीं जाएगी।” हालात ऐसे बने कि मजदूर ने बस के आगे लेटने तक की चेतावनी दे डाली। यात्रियों की भीड़, बस स्टैंड पर हंगामा मजदूर के विरोध के चलते करीब 25 मिनट तक बस खड़ी रही। बस में बैठे यात्री परेशान होते रहे, वहीं बाहर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थिति बिगड़ती देख बस परिचालक ने मजदूर को 500 रुपये दिए। इसके बाद स्थानीय लोगों ने समझाइश देकर मामला शांत कराया और बस को रवाना किया गया।  

जमीन विवाद में हैवान बनी बड़ी मां, दमोह में मासूम भतीजे की ले ली जान

दमोह/तेंदूखेड़ा. दमोह जिले के महुआखेड़ा गांव में 3 वर्षीय बच्चे अनिरुद्ध सिंह की हत्या का मामला सुलझ गया है। पुलिस ने बच्चे की सगी बड़ी मां राजकुमारी लोधी को गिरफ्तार किया है, जिसने आंगन के विवाद में अपने ही भतीजे को जहर देकर और गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया। मृतक के दादा छोटे सिंह लोधी ने बताया कि विवाद की असली वजह घर का आंगन था। अनिरुद्ध के पिता तीन भाई हैं और सबके पास चार-चार एकड़ जमीन है, लेकिन साझा आंगन दादा के नाम था। राजकुमारी चाहती थी कि वह आंगन उसके नाम हो जाए ताकि वहां से कोई दूसरा न निकल सके। इसी रंजिश में 3 मई, शुक्रवार सुबह 9:30 बजे, जब घर के नल खुले थे और सब काम में व्यस्त थे, उसने अनिरुद्ध को अगवा कर लिया। हत्या का तरीका और शव छिपाने की कोशिश एसपी आनंद कलादगी के अनुसार, आरोपी महिला ने पहले बच्चे को जहर खिलाया, फिर गला दबाया और सिर पर पत्थर पटककर उसकी हत्या कर दी। उसने शव को बोरे में भरकर घर के अंदर ही भूसे के ढेर में छिपा दिया। शुक्रवार रात भर पुलिस गांव में सर्चिंग करती रही, इसलिए वह शव बाहर नहीं निकाल सकी। इस दौरान वह खुद भी परिजन के साथ बच्चे को खोजने का नाटक करती रही। कचरे के ढेर से मिला शव शनिवार सुबह जैसे ही पुलिस घर के पास से हटी, राजकुमारी ने शव को भूसे से निकालकर प्लास्टिक के टब में रखा और बाहर गोबर के ढेर पर फेंक दिया। उसने शव के ऊपर कचरा डाल दिया ताकि किसी को शक न हो। हालांकि, जब डॉग स्क्वायड की टीम गांव पहुंची, तो खोजी कुत्ता सीधे उसी ढेर पर जाकर रुक गया, जहां से पुलिस को बोरे में बंद शव मिला। रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंपा गया। पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल दो बेटियों के बाद हुए इकलौते बेटे की मौत से मां संगीता लोधी का बुरा हाल है। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर पुलिस समय रहते घर के अंदर तलाशी लेती, तो शायद बच्चा जीवित मिल जाता। इस पर एसपी ने कहा कि डीएसपी स्तर के अधिकारी से मामले की जांच कराई जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस आरोपी महिला के पति भगवान सिंह से भी पूछताछ कर रही है।

कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को दायित्वों का समय पूर्व निर्वहन करने के कलेक्टर ने दिए निर्देश

उमरिया  हजरत नौगजा शाहदाता रहमतुल्ला अलैह चंदिया में रात्रिकालीन उर्स का आयोजन 15, 16 एवं 17 मई 2026 को किया जाना है आयोजित रात्रिकालीन हजरत नौगजा शाहदाता रहमतुल्ला अलैह चंदिया उर्स की पूर्व तैयारी बैठक कलेक्टर राखी सहाय की अध्यक्षता में नगर परिषद चंदिया में संपन्न हुई। बैठक में यातायात व्यवस्था , पार्किग व्यवस्था , स्वच्छ पेयजल एवं अग्निशमन व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था,बिजली व्यवस्था, मार्ग का समतलीकरण, नौगजा बाबा मजार मे श्रध्दालुओ के आवागमन एवं दर्शन व्यवस्था, बैरीकेटिंग व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था आदि पर विस्तार से चर्चा की गई।   यातायात की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पार्किग व्यवस्था के लिए 6 स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां पर समुचित रूप से वाहनों की पार्किग की जा सकेगी, ताकि उर्स तक आने वाले लोगो को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नही करना पडे ।  कलेक्टर ने बाजार व्यवस्था  पर कहा कि दुकानों कि इस तरह से लगवाया जाए, जिससे आवागमन में परेशानी का सामना नही करना पडे । उर्स मेला स्थल पर मजार तक पहुंचने वाले लोगो के लिए प्रवेश एवं निकासी अलग अलग बनाएं जाए। उर्स मेला स्थल पर जहां पर कव्वाली का कार्यक्रम आयोजित होना है वहां मंच के सामने पीडब्ल्यूडी विभाग को बैरीकेटिंग उपलब्ध कराने के निर्देश कलेक्टर व्दारा दिए गए ।   सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 4 वॉच टॉवर के माध्यम से पुलिस कर्मियों व्दारा उर्स मेला स्थल पर नजर जाएगी, ताकि लोगो को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नही करना पडे।   कलेक्टर राखी सहाय ने कहा कि मेला स्थल पर जो झूले लगने है, उन्हे परमीशन देने से पहले झूले कि स्थिति का निरीक्षण करें जिससे किसी भी प्रकार की अनहोनी घटित नही हो सके । आपने कहा कि पीडब्ल्यूडी एवं एमपीईबी की एनओसी के उपरांत ही झूले लगने की परमीशन जारी की जाए । उन्होने कहा कि सर्विलेंस कैमरा के माध्यम से मानीटरिंग की जाए ।  उन्होने कहा कि पार्किग स्थल, मजार के पास तथा मंच के चारो तरफ कैमरे लगाए जाए। भीड़ के दौरान चोरी की घटना को रोकने के लिए वालेटिंयर पुलिस के साथ रहे।   कलेक्टर ने कहा कि उर्स मेला स्थल पर एंबुलेंस की व्यवस्था  कि जाए तथा उसमें डॉक्टर की ड्युटी लगाई जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोगो को त्वरित स्वास्थ्य  लाभ उपलब्ध कराया जा सके । उन्होने कथली नदी के किनारे बैरीकेटिंग की व्यवस्था करने के निर्देश पीडब्ल्यूडी विभाग को दिए । उन्होने कहा कि  मेले में शुध्द पेयजल की व्यवस्था की जाए । इस दौरान बताया गया कि मेला के दौरान आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए तीन फायर बिग्रेड की व्यवस्था की गई है।  बैठक उपरांत कलेक्टर राखी सहाय ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करते हुए पार्किग स्थल, मंच व्यवस्था, प्रवेश एवं निकासी व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था का अवलोकन किया तथा अधिकारियों से कहा है कि जिन अधिकारियों को जो दायित्वि सौपे गये है , उसका निर्वहन समय पूर्व करना सुनिश्चित करें ताकि उर्स के दौरान आम जनों को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना नही करना पड़े ।   इस अवसर पर अतिरिक्त  पुलिस अधीक्षक सीताराम सत्या, एसडीएम बांधवगढ अंबिकेश प्रताप सिंह, मुख्य नगर पालिका अधिकारी किशन सिंह, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य  यांत्रिकीय, यातायात प्रभारी, उर्स कमेटी के अध्यक्ष सहित कार्यक्रम व्यवस्था से जुडे अन्य, कर्मचारी उपस्थित रहे ।    

बाघ की दहशत से सहमे ग्रामीण, सूखी सेवनिया क्षेत्र में 15 दिन से बढ़ा खतरा

भोपाल. सूखी सेवनिया क्षेत्र में पिछले 15 दिनों से एक बाघ की लगातार मौजूदगी ने ग्रामीणों में दहशत फैला दी है। बाघ अब तक आधा दर्जन मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है। डर का आलम यह है कि कई ग्रामीण रात में घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं, वहीं किसानों ने खेतों पर जाना भी कम कर दिया है। गांवों तक पहुंच रहा बाघ जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट के अनुसार बाघ कनेरा गांव सहित करोंद खुर्द, कड़ैया, छापर, अगरिया, मुगालिया कोट और चांचेड़ क्षेत्र में लगातार घूम रहा है। वह पहाड़ी और नदी किनारे के रास्तों से गांवों तक पहुंच रहा है और गांव के बाहर बंधे मवेशियों को शिकार बना रहा है। वन विभाग ने लगाए ट्रैप कैमरे वन परिक्षेत्र समरधा अंतर्गत बीट बालमपुर के कक्ष क्रमांक 160 में, जो नेशनल टेक्निकल रिसर्च आर्गेनाइजेशन को हस्तांतरित क्षेत्र से लगा हुआ है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग मध्य प्रदेश की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। क्षेत्र में लगाए गए ट्रैप कैमरों में शिकार स्थल के आसपास बाघ की मौजूदगी दर्ज हुई है। वन विभाग ने पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और टीम तैनात कर दी गई है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह वन अधिकारियों के अनुसार बाघ की गतिविधियों को देखते हुए सभी गांवों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। ग्रामीणों को रात में जंगल किनारे आवाजाही से बचने और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर बांधने की सलाह दी गई है। क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है हलाली नदी के समीप आठ मई को एक गाय के शिकार की सूचना वन विभाग को प्राप्त हुई। वन अमले ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और क्षेत्र में ट्रैप कैमरा लगाए थे। पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। – लोकप्रिय भारती, डीएफओ, वन विभाग

गांधी चौक स्थित पुराने जनपद पंचायत भवन में नवीन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का भूमिपूजन

सारंगपुर नगर के हृदय स्थल गांधी चौक स्थित पुराने जनपद पंचायत भवन परिसर में रविवार को प्रदेश सरकार के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने नवीन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण कार्य का विधिवत पूजा-अर्चना एवं भूमिपूजन किया। यह परियोजना सारंगपुर नगर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। राज्यमंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि सारंगपुर को आधुनिक एवं व्यवस्थित नगर के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। नवीन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनने से स्थानीय व्यापार को नई गति मिलेगी, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। डॉ. टेटवाल के अथक प्रयासों और लगातार की गई पहल का ही परिणाम है कि लंबे समय से प्रतीक्षित यह महत्वपूर्ण परियोजना अब धरातल पर उतर रही है। क्षेत्रवासियों ने भी इस विकास कार्य को लेकर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे सारंगपुर के लिए बड़ी सौगात बताया। कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष  देननारायण नागर, नगरपालिका अध्यक्ष  पंकज पालीवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष महेश पुष्पद, नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रतिनिधि  निलेश वर्मा, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश नागर चाटकीया, जनपद सदस्य  करणसिंह दरबार, मंडल महामंत्री  कमल राठौर, पार्षद  कुलदीप राठौर,  संतोष कुम्भकार,  अंकित अवस्थित,  पवन लाला,  मोहन लववंशी,  योगेश महेश्वरी सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित रहे।

अस्पताल में अचानक गिरी सीलिंग, भिंड में अफरा-तफरी के बीच महिला मरीज और नवजात जख्मी

भिंड. भिंड जिला अस्पताल में रविवार दोपहर करीब 1 बजे स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट (SNCU) वॉर्ड की छत का प्लास्टर भरभराकर गिर गया। हादसे के वक्त वॉर्ड में माताएं अपने नवजात बच्चों को दूध पिला रही थीं। मलबा गिरने से तीन महिलाएं और एक नवजात शिशु घायल हो गए। सभी घायलों को प्राथमिक इलाज के लिए तुरंत ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वॉर्ड में अचानक तेज आवाज आई और छत का प्लास्टर सीधे बेड के पास गिरा, जिससे वहां मौजूद महिलाएं बुरी तरह घबरा गईं। अपने बच्चों की जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगीं। वॉर्ड में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के तुरंत बाद अस्पताल का स्टाफ पहुंचा और घायलों को बाहर निकाला। अन्य बच्चों को किया गया सुरक्षित शिफ्ट अस्पताल स्टाफ ने आनन-फानन में घायल महिलाओं और शिशु को ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक, प्राथमिक उपचार के बाद अब सभी की हालत खतरे से बाहर है। घटना के बाद एहतियात के तौर पर वार्ड में भर्ती अन्य सभी नवजात बच्चों को तुरंत दूसरे सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया। इस अचानक हुए हादसे के चलते अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अव्यवस्था का माहौल बना रहा। जर्जर है बिल्डिंग, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप हादसे के बाद मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने इतने जर्जर भवन में मरीजों और नवजातों को रखने पर गहरी नाराजगी जाहिर की। बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल की यह बिल्डिंग काफी पुरानी और जर्जर स्थिति में है। यहां पहले भी छतों से प्लास्टर गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन मरम्मत को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। फिलहाल, अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच कराने और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया है।

गर्मी में रेलवे का तोहफा: 15 मई से रोजाना चलेगी स्पेशल ट्रेन

भोपाल  इन दिनों स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां हैं, साथ ही शादी – ब्याह का सीजन भी, ऐसे में बड़ी संख्या में लोग यात्रा कर रहे हैं या यात्रा की तैयारी में हैं। ऐसे में भारतीय रेलवे की ओर से राहत भरी खबर सामने आई है। बढ़ती भीड़ और लंबी वेटिंग के बीच रेलवे ने पुणे से गोरखपुर के बीच रोजाना समर स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। ये फैसला ऐसे समय में आया, जब लंबी दूरी की ट्रेनों में 'नो रूम' की स्थिति बनी है और यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल है। इस स्पेशल ट्रेन में कुल 18 कोच रहेंगे। इनमें एसी, स्लीपर और जनरल श्रेणी शामिल है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी वर्गों के लिए सीटें उपलब्ध कराई गई हैं। एमपी के यात्रियों को होगा फायदा रेलवे के इस कदम से मध्य प्रदेश के यात्रियों को भी सीधा फायदा होगा। प्रदेश के इटारसी जंक्शन, रानी कमलापति स्टेशन और बीना जंक्शन पर इस ट्रेन के स्टॉपेज होंगे। इससे भोपाल समेत आसपास के इलाकों से यात्रा करने वालों को सुलभ यात्रा का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। बढ़ती मांग और सीमित सीटों के बीच रेलवे की ये नई सेवा यात्रियों के दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी। 15 मई से 15 जुलाई तक संचालन गाड़ी संख्या 01415/01416 पुणे-गोरखपुर-हड़पसर स्पेशल ट्रेन का संचालन 15 मई से 15 जुलाई तक किया जाएगा। इस दौरान कुल 62 ट्रिप किए जाएंगे। रोजाना चलने वाली ये ट्रेन गर्मियों के पीक सीजन में यात्रियों के लिए राहत का सबब साबित होगी। एमपी में 3 स्टॉपेज समेत इन स्टेशनों पर ठहराव ये ट्रेन मध्य प्रदेश में मुख्य रूप से इटारसी, रानी कमलापति और बीना स्टेशन पर स्टॉप लेगी। इसके अलावा दौंड, मनमाड, भुसावल, खंडवा, झांसी, कानपुर, लखनऊ और गोंडा जैसे बड़े स्टेशनों पर भी ठहराव करेगी। इस तरह महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच ट्रेन के माध्यम से कनेक्टिविटी बढ़ेगी। ट्रेन का टाइमिंग शेड्यूल ट्रेन संख्या 01415 पुणे से सुबह 6:50 बजे रवाना होगी। रात 9:10 बजे इटारसी, 11:15 बजे रानी कमलापति और अगले दिन 1:25 बजे बीना पहुंचेगी। इसके बाद शाम 4:00 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 01416 गोरखपुर से शाम 5:30 बजे चलेगी और तीसरे दिन सुबह 3:15 बजे पुणे पहुंचेगी। 'NO Room' की स्थिति से राहत गर्मियों में ट्रेनों में भारी भीड़ के कारण कई रूट्स पर वेटिंग लिस्ट 100 के पार चली गई है। ऐसे में नई स्पेशल ट्रेन शुरू होने से यात्रियों को कंफर्म टिकट मिल सकेगी। यह खासतौर पर उन लोगों के लिए राहत है, जो लंबे समय से टिकट के लिए परेशान हैं।

फोटो में दिख रहा शख्स भाई, पिता या दोस्त भी हो सकता है: अदालत

ग्वालियर हाईकोर्ट की युगल पीठ ने बच्चों की कस्टडी से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में मानवीय ²ष्टिकोण अपनाते हुए बच्चों को मां के साथ रखने का आदेश दिया है । कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मासूम बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए मां का सानिध्य और ममता अनिवार्य है। पति द्वारा पेश किए गए स्क्रीनशॉट पर टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि अगर वह अपने दोस्त का हाथ भी पकड़े हुए है, तो भी इससे यह निष्कर्ष नहीं निकलेगा कि वह व्यभिचारी जीवन जी रही है। केवल एक फोटो के आधार पर यह मान लेना गलत है कि महिला का आचरण खराब है, क्योंकि फोटो में दिख रहा व्यक्ति उसका भाई, पिता या कोई मित्र भी हो सकता है। पति को कोर्ट ने फटकार भी लगाई। कोर्ट ने 15 हजार रुपए भरण पोषण दिए जाने का आदेश भी दिया है। ग्वालियर निवासी प्रीति (परिवर्तित नाम) ने अपने साढ़े तीन साल और डेढ़ साल के दो मासूम बच्चों की कस्टडी के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता का आरोप था कि पति, सास और ननद ने उसे प्रताडि़त कर घर से निकाल दिया और बच्चों को अपने कब्जे में रख लिया है। सुनवाई के दौरान पति की ओर से पत्नी पर चरित्रहीनता के आरोप लगाते हुए एक स्क्रीनशॉट पेश किया गया था। हालांकि, अदालत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि केवल किसी के साथ हाथ पकड़े हुए फोटो होने से यह साबित नहीं होता कि महिला का आचरण गलत है। कोर्ट ने यह भी पाया कि काउंसङ्क्षलग के दौरान पति ने खुद स्वीकार किया था कि वह पत्नी के साथ मारपीट और गाली-गलौज करता है। कोर्ट ने कहा कि मां बच्चों की प्राकृतिक संरक्षक     कोर्ट ने कहा कि इतने छोटे बच्चों के लिए मां ही उनकी प्राकृतिक संरक्षक है और उन्हें मां की कंपनी की आवश्यकता है।     सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का हवाला देते हुए कोर्ट ने दोहराया कि कस्टडी के मामलों में कानूनी अधिकारों से ऊपर बच्चों का हित, उनका स्वास्थ्य और शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।     अदालत ने पति को निर्देश दिया है कि वह बच्चों के नाम पर खोले गए बैंक खाते में हर महीने 15,000 रुपए जमा करे, जिसका उपयोग उनकी परवरिश के लिए किया जाएगा।     हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए बच्चों को मां के सुपुर्द रखने का आदेश जारी रखा है। हालांकि, कोर्ट ने पति को यह स्वतंत्रता दी है कि वह भविष्य में ’गार्जियन एंड वाड्र्स एक्ट’ के तहत कस्टडी के लिए कानूनी प्रक्रिया अपना सकता है।