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‘तन्वी द ग्रेट’ को प्रदेश में टैक्स‑फ्री घोषित किया गया — मुख्यमंत्री यादव की घोषणा

फिल्म  तन्वी द ग्रेट मध्यप्रदेश में कर मुक्त होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में कर मुक्त: ‘तन्वी द ग्रेट’ को मिली बड़ी सरकारी घोषणा — मुख्यमंत्री डॉ. यादव ‘तन्वी द ग्रेट’ को प्रदेश में टैक्स‑फ्री घोषित किया गया — मुख्यमंत्री यादव की घोषणा डीबी माल के सिनेमाघर में हुआ फिल्म का प्रदर्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म "तन्वी द ग्रेट" का देखा विशेष प्रदर्शन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में फिल्म "तन्वी द ग्रेट" कर मुक्त होगी। मध्यप्रदेश शासन द्वारा ऐसी सार्थक फिल्मों को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म अभिनेता और निर्देशक अनुपम खेर के साथ मंगलवार की रात्रि भोपाल में फिल्म "तन्वी द ग्रेट" का विशेष प्रदर्शन देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म सिने प्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा कि फिल्म का विषय चयन, कलाकारों का अभिनय, गीत संगीत, सभी दर्शकों का दिल जीतने योग्य रहा। यह फिल्म मानवीय संवेदनाओं और हमारे तानेबाने से संबंधित सार्थक संदेश देती है। यह फिल्म नहीं बल्कि एक सीख और एक पाठ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी सेना से जुड़े विषयों पर ऐसी फिल्मों को प्रोत्साहित करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आटिज्म से प्रभावित बच्चे भी सक्षम होते हैं और वे सेना में भर्ती होने की योग्यता भी रखते हैं। यह फिल्म में बखूबी दिखाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फिल्मकार अनुपम खेर और सभी कलाकार अभिनंदन के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डीबी मॉल स्थित सिनेमाघर परिसर में अनेक नागरिकों से भेंट और चर्चा भी की। फिल्म के प्रदर्शन के प्रारंभ में अभिनेता और निर्देशक अनुपम खेर ने सभी का स्वागत किया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। खेर ने फिल्म प्रदर्शन के बाद कहा कि पिता का स्वप्न पूरा करने के लिए बेटी सभी जतन करती है। कोई व्यक्ति सबसे अलग हो सकता है लेकिन वह कमजोर नहीं होता। इस फिल्म की नायिका ने सिद्ध किया है, कि उसकी योग्यता से ही भारतीय सेना में उसका चयन होता है। फिल्म प्रदर्शन के अवसर पर हेमंत खण्डेलवाल, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोंविद सिंह राजपूत, संस्कृति, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी, विधायक भगवान दास सबनानी, समाजसेवी रविन्द्र यति सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से अभिनेता श्री खेर ने की भेंट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से अभिनेता श्री खेर ने की भेंट तन्वी द ग्रेट के विशेष प्रदर्शन के अवसर पर भोपाल आए श्री अनुपम खेर भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मंगलवार की शाम मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में जाने-माने अभिनेता और फिल्म निर्देशक श्री अनुपम खेर ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री अनुपम खेर का अंग वस्त्र से सम्मान किया। श्री खेर भोपाल में फिल्म "तन्वी द ग्रेट" के विशेष प्रदर्शन के अवसर पर आए हैं। इस अवसर पर फिल्म की अभिनेत्री सुश्री शुभांगी दत्त और बाल कलाकार विराज अग्रवाल भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिनेता खेर और उनकी टीम को एक श्रेष्ठ उद्देश्य पूर्ण फिल्म के निर्माण के लिए बधाई दी। श्री अनुपम खेर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अपनी अपनी पुस्तक डिफरेंट बट नो लेस भी भेंट की।  

आल फार्मेसिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुग्रीव साहू ने कई महत्वपूर्ण पदों पर सदस्यों को जिम्मेदारियां दी

भोपाल  आल फार्मेसिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुग्रीव साहू के नेतृत्व में आयोजित यूनियन की बैठक में नवीन नियुक्तियाँ की गई जिसमें राजेश रंगडाले को प्रदेश मीडिया प्रभारी, जीतू शर्मा को जिला अध्यक्ष भोपाल (शहरी), तपन शर्मा को जिला अध्यक्ष भोपाल (ग्रामीण), के.के. बाड़ोनिया को सागर प्रदेश कार्यकारिणी में विशेष आमंत्रित सदस्य, सुजल विश्वकर्मा को आई.टी. सेल, रोशनी रजक को जिला भोपाल का प्रभार दिया गया वही लाखन रूहेला भोपाल (युवा) का जिला अध्यक्ष एवं पाँच जिलों का प्रभार दिया गया। वही प्रदेश अध्यक्ष सुग्रीव साहू ने नव नियुक्तियों से यूनियन को और अधिक मज़बूती प्रदान करने तथा संचालित गतिविधियों में पारदर्शिता लाने की बात कही।

फ्लाइट से राखी पहुंचाना हुआ महंगा, ग्वालियर से बड़े शहरों की टिकट में तीन गुना उछाल

 ग्वालियर  रक्षा बंधन पर विमान कंपनियां भी मौके का फायदा उठाकर लोगों की जेब हल्की करने की तैयार में हैं। रक्षा बंधन (Raksha Bandhan 2025) के आसपास हवाई सफर महंगा हो गया है । ग्वालियर से दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के लिए महंगे किराये (Flight Fare Expensive)के बावजूद फ्लाइट को अच्छी बुकिंग मिल रही है, जो फेयर रक्षा बंधन से पहले कम है, वह त्योहार के सीजन में दो से तीन गुना तक हो गए हैं। महंगा किराया रक्षा बंधन के दो दिन बाद भी रहेगा। 15-16 और 17 अगस्त तीन दिन भी फ्लाइट किराया बढ़ने की उम्मीद इस त्योहार के छह दिन बाद ही 15 अगस्त की छुट्टी भी लोगों को मिलने वाली है। इस बार 15 अगस्त शुक्रवार की है 16 को जन्माष्टमी और 17 को रविवार है। ऐसे में ये तीन दिन भी छुट्टी के रहेंगे, इन दिनों में भी फ्लाइट का किराया बढ़ा रहने की उम्मीद है। अहमदाबाद की हवाई सेवा भी बंद सप्ताह में एक दिन चलने वाली अहमदाबाद की फ्लाइट पिछले महीने से बंद है। ऐसे में अब लोगों को अहमदाबाद के लिए ट्रेन का ही सहारा है। इससे कुछ दिन पहले भी हैदराबाद के साथ कोलकाता की फ्लाइट बंद हो गई थी। ट्रेनों में मिल रहा नो रूम रक्षा बंधन पर ट्रेनों में भी बुरा हाल है। मुंबई, बेंगलुरू, सहित लंबी दूरी की ट्रेनों में भी यात्रियों को टिकट नहीं मिल रहे है। इससे परेशान होकर यात्री दूसरे शहरों से ट्रेनें छोड़कर अब फ्लाइट से जाने का प्लान भी बनाने लगे हैं। यहां जानें कितना किराया देना होगा शहर           – पहले        – अब नई दिल्ली – 3071 रुपए – 10303 रुपए मुंबई – 4354 रुपए – 9179 रुपए बेंगलुरू- 5271 रुपए – 9226 रुपए 24 हजार से ज्यादा मिलते हैं यात्री ग्वालियर से हर महीने दूसरे शहरों के आने जाने वाले यात्रियों की संख्या 24 हजार के पार है। इसमें मुंबई और दिल्ली के यात्री सबसे ज्यादा होते है। लेकिन पिछले महीने जून में मुंबई के बाद दूसरे नंबर पर बेंगलुरु के यात्री थे।

कूनो नेशनल पार्क में बारिश से बिगड़े हालात, चीतों के फंसने का खतरा गहरा

 ग्वालियर  कूनो नेशनल पार्क में लगातार हो रही भारी वर्षा ने एक बार फिर चीतों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि मादा चीता 'आशा' और उसके तीन शावक रविवार को पार्क की सीमा पार कर बागचा क्षेत्र की ओर निकल गए। इस समय जंगल में चारों ओर जलभराव और दलदल जैसी स्थिति है, जिससे ट्रैकिंग में भारी बाधा आ रही है। जंगल के बाहर पहुंचना जोखिम भरा पार्क की सीमा पार कर चुके चीतों के सामने नहर में डूबने और गड्ढों में फंसने का खतरा बना हुआ है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल चीता 'पवन' की मौत पानी से भरे एक गड्ढे में गिरने से हो चुकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए, वन विभाग की टीम विशेष सतर्कता बरत रही है, लेकिन वर्षा और रास्तों के बाधित होने के कारण ट्रैकिंग बेहद मुश्किल हो गई है। गार्ड्स और ट्रैकर्स की सीमाएं हालांकि सभी चीतों के गले में कालर आइडी लगे हुए हैं, फिर भी ट्रैकिंग टीमें बारिश के चलते मौके पर जल्दी नहीं पहुंच पा रहीं। पानी से भरे रास्तों और कीचड़ के कारण न तो गाड़ियों से पहुँचना संभव है और न ही पैदल ट्रैकिंग आसान रह गई है। इसी कारण, ट्रैकर्स और वनरक्षकों ने एक प्रस्ताव प्रबंधन के सामने रखा है कि मानसून खत्म होने तक चीतों को सुरक्षित बाड़ों में रखा जाए। संक्रमण से बचाव के उपाय कूनो डीएफओ थिरूकुरल आर ने बताया कि सभी चीतों को संक्रमण से बचाने के लिए एंटी एक्टो परजीवी दवा दी जा चुकी है। साथ ही लगातार निगरानी जारी है। कूनो नेशनल पार्क में इस समय कुल 26 चीते हैं, जिनमें 9 वयस्क (6 मादा, 3 नर) और 17 भारत में जन्मे शावक शामिल हैं। इनमें से 16 चीते अब खुले जंगल में विचरण कर रहे हैं। शावकों के लिए स्थिति ज्यादा संवेदनशील मादा चीतों के साथ मौजूद शावकों के लिए बारिश के मौसम में खुले जंगल में रहना और भी खतरनाक है। पानी भरे गड्ढों और दलदली जमीन में उनके फिसलने या फंसने का खतरा लगातार बना हुआ है। ट्रैकिंग रूट्स में पानी भरने से निगरानी टीमों की गतिविधि सीमित हो गई है, जो किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता में बाधा बन सकती है।

उर्दू शिक्षा को लेकर हाईकोर्ट सख्त, कहा- बिना छात्र वाले स्कूल में टीचर की पोस्टिंग नहीं

जबलपुर  मध्यप्रदेश हाई कोर्ट (MP High Court) ने उर्दू शिक्षक स्थानांतरण विवाद (Teacher Transfer Dispute) पर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि उर्दू विषय पढ़ाने वाले शिक्षक को वहीं कार्य करने दिया जाए, जहां उर्दू शिक्षक का पद स्वीकृत है और विद्यार्थी उपलब्ध हैं। साथ ही, ट्रांसफर आदेश के खिलाफ दिए गए रिप्रेजेंटेशन का 30 दिन के भीतर निपटारा करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। यह आदेश हाई कोर्ट की एकलपीठ के न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी ने आजाद चौक, कटनी निवासी इलियास अहमद की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शंकर प्रसाद सिंह और पद्मावती जायसवाल ने पक्ष रखा। क्या है मामला? याचिकाकर्ता इलियास अहमद की नियुक्ति उर्दू विषय के शिक्षक के रूप में शासकीय माध्यमिक शाला, खमरिया नंबर-दो में हुई थी। लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी, कटनी ने उनका ट्रांसफर शासकीय प्राथमिक शाला कोठी, ढीमरखेड़ा में कर दिया। यहीं विवाद शुरू हुआ क्योंकि जहां उनका स्थानांतरण हुआ वहां उर्दू विषय का न तो कोई पद स्वीकृत है और न ही छात्र हैं। इलियास अहमद ने इस अन्याय के खिलाफ डीईओ कटनी, कलेक्टर कटनी और लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल को अभ्यावेदन दिया, जिसमें स्थानांतरण रद्द करने की मांग की गई। साथ ही, यह भी कहा गया कि मप्र शासन के सर्कुलर के अनुसार मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी होने के नाते उन्हें स्थानांतरण में छूट मिलनी चाहिए। लेकिन, लगातार आवेदन देने के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई, जिससे विवश होकर उन्हें हाई कोर्ट का रुख करना पड़ा। हाई कोर्ट का फैसला कोर्ट ने माना कि शिक्षक की नियुक्ति विशिष्ट विषय उर्दू के लिए हुई थी। ऐसे में उस स्कूल में भेजना जहां न तो उर्दू पढ़ने वाले छात्र हैं और न ही पद स्वीकृत है, न केवल व्यावहारिक रूप से गलत है बल्कि यह शैक्षिक हितों के भी खिलाफ है। इसलिए कोर्ट ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता को उसी मौजूदा स्कूल में कार्य करने दिया जाए, जहां उर्दू के विद्यार्थी और पद दोनों मौजूद हैं। स्थानांतरण के विरुद्ध प्रस्तुत अभ्यावेदन का निराकरण 30 दिन के भीतर किया जाए।

जांच के घेरे में सौरभ शर्मा: करोड़पति कांस्टेबल की जमानत याचिका खारिज, हाईकोर्ट सतर्क, जांच तेज

भोपाल  जबलपुर हाईकोर्ट में  आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल से करोड़पति बिल्डर बने सौरभ शर्मा की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। ईडी ने सौरभ शर्मा और उनके परिवार के सदस्यों समेत 12 लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है, जिसके बाद शर्मा 4 फरवरी से न्यायिक हिरासत में हैं। जिला न्यायालय से जमानत याचिका खारिज होने के बाद शर्मा ने हाईकोर्ट में अपील की थी। 12 व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज है मामला हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल ने सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखने के आदेश जारी किए हैं। लोकायुक्त ने आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा के घर पर दबिश दी थी। बेनामी संपत्ति मिलने पर ईडी ने सौरभ शर्मा सहित उसके पारिवारिक सदस्यों समेत 12 व्यक्तियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। 4 फरवरी से पुलिस की अभिरक्षा में है सौरभ आरोपी सौरभ शर्मा विगत 4 फरवरी से न्यायिक अभिरक्षा में है। ईडी द्वारा दर्ज प्रकरण में जिला न्यायालय ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट में याचिका की सुनवाई के दौरान सौरभ शर्मा के वकील ने दलील दी कि ईडी द्वारा जब्त की गई संपत्ति सौरभ शर्मा के नाम पर नहीं है और उनका उन संपत्तियों से कोई लेना-देना नहीं है। 108 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच ईडी की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता विक्रम सिंह ने अदालत को बताया कि सह-आरोपियों का कहना है कि सौरभ शर्मा ने उनके नाम पर उक्त संपत्तियां खरीदी हैं। ईडी के अधिवक्ता ने एकलपीठ को बताया कि 108 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई है, जिसे सौरभ शर्मा ने सह-आरोपियों के नाम पर खरीदा था। अटैच की गई संपत्ति से संबंधित एक सिविल प्रकरण दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित है। आरोपी सौरभ शर्मा द्वारा अवैध रूप से अर्जित धन से उक्त संपत्तियां खरीदी गई थीं। जिला न्यायालय में खारिज हुई थी जमानत अर्जी मामला तब शुरू हुआ जब लोकायुक्त ने आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा के घर पर छापा मारा और बेनामी संपत्ति का पता लगाया। इसके बाद, ईडी ने शर्मा, उनके परिवार और 12 अन्य व्यक्तियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया। शर्मा को 4 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह न्यायिक हिरासत में हैं। शर्मा ने जिला न्यायालय में जमानत के लिए अर्जी दी, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की।  

माता-पिता की सेवा ही सच्चा धर्म: बेटा बना श्रवण कुमार, 20 KM पैदल चला कोटेश्वर धाम

बालाघाट/लांजी  कहते हैं भक्ति और सेवा जब साथ चलें, तो वह दृश्य अद्वितीय बन जाता है। सावन माह में भगवान शिव की भक्ति के ऐसे ही एक अलौकिक दृश्य ने हर किसी को भावुक कर दिया। लांजी के प्रसिद्ध कोटेश्वर धाम में जब तीन बेटों ने अपने वृद्ध माता-पिता को खाट पर बैठाकर 20 किलोमीटर पैदल यात्रा पूरी की, तो हर किसी को श्रवण कुमार की याद आ गई। यह दृश्य सोमवार शाम को कोसमारा से लांजी के बीच दिखा। भीमराज नेताम, अनोत नेताम और दुर्गेश नेताम नामक 3 भाई अपने माता-पिता जयलाल नेताम और सुगन बाई नेताम को खाट पर बिठाकर कांवड़ यात्रा के रूप में कोटेश्वर धाम ले जा रहे थे। उनके साथ चाचा जलम नेताम और अन्य स्वजन भी थे। वर्षों पुरानी मनोकामना हुई पूरी भीमराज नेताम ने बताया कि दो वर्ष पहले उनके मन में यह संकल्प आया था कि वे अपने माता-पिता को कांवड़ में लेकर भगवान कोटेश्वर का जलाभिषेक करवाएंगे। गांव में शिव मंदिर का निर्माण हो चुका था, लेकिन कोटेश्वर धाम ले जाने की मनोकामना अधूरी रह गई थी। इस बार सावन में सभी भाइयों ने मिलकर प्रण किया कि इस बार वह यह सेवा पूर्ण करेंगे और अंततः सोमवार को उन्होंने अपने संकल्प को पूरा कर दिखाया। बोल बम के जयकारों के साथ जैसे-जैसे वे रास्ता तय कर रहे थे, हर कोई उन्हें श्रद्धा से निहार रहा था। रास्ते में पड़ने वाले गांवों के लोगों ने उन्हें पानी पिलाया, विश्राम करवाया और श्रवण कुमार की उपाधि दी। कोटेश्वर धाम पहुंचकर उन्होंने विधिपूर्वक भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इसके बाद उसी मार्ग से वे अपने माता-पिता को वापस कोसमारा ले गए। हर-हर महादेव का जयकारा करते निकले कांवड़िये पवित्र श्रावण माह के दूसरे सोमवार को शहपुरा-भिटौनी में करीब 7 km की कांवड़ यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में हजारों की संख्या में महिलाएं, बच्चे और बड़े शामिल हुए, जिन्होंने नर्मदा तट के मालकछार घाट से जल भरकर प्रसिद्ध सफेद शिवलिंग सीतासरोवर मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। आयोजक विश्वजीत सिंह और राजदीप राय ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से यह यात्रा निकाली जा रही है, जिससे वे शिव भक्त भी जुड़ पाते हैं जो लंबी कांवड़ यात्रा नहीं कर सकते। इस यात्रा से वे अपनी आस्था और महत्वाकांक्षाओं को नर्मदा जल से अभिषेक कर पूरा कर पा रहे हैं। बेलखाड़ू में कांवड़ यात्रा का किया स्वागत श्रावण मास के दूसरे सोमवार को विश्व हिंदू परिषद महिला शक्ति द्वारा गौरीघाट से कटंगी तक की 56 km लंबी कांवड़ यात्रा निकाली। यात्रा की शुरुआत मां नर्मदा के पूजन-अर्चन से हुई, जिसके बाद लड़कियों और महिला कांवड़धारियों ने 'बम भोले' के जयकारे लगाते हुए पैदल चलकर अपने कंधे पर कांवड़ रखी। ग्राम बेलखाडू के माल बाबा मंदिर, सिमरिया तिराहा और अन्य स्थानों पर शिव भक्तों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान जगह-जगह स्टॉल लगाकर फल, मिठाई और भोजन-पानी भी वितरित किया गया। स्वागत करने के लिए कटंगी नगर परिषद अध्यक्ष अमिताभ साहू, मंडल अध्यक्ष कटंगी भूपेंद्र सिंह ठाकुर, राजू शुक्ला, अरविंद साहू, जतिन उपाध्याय, रज्जी शुक्ला, तनु जानू शिवहरे, गनेश साहू, पीयूष साहू आदि उपस्थित रहे।

नागरिक सेवाएँ ई-नगर पालिका 2.0 एवं ऐप के माध्यम से देने का प्रयास

भोपाल प्रदेश में नगरीय निकायों को कम्प्यूटरीकृत करने के लिये केंद्रीयकृत वेब आधारित ई-नगर पालिका 2.0 संचालित हो रही है। यह परियोजना डिजिटल इंडिया के उद्देश्य को बढ़ावा देने तथा पारदर्शी एवं त्वरित नागरिक सेवा देने के उद्देश्य से नगरीय निकायों में चल रही है। मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है जहां प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों को एक सिंगल पोर्टल पर लाया गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने वर्ष 2025-26 में ई-गवर्नेंस-आईटी के माध्यम से नागरिक सुविधाओं के विस्तार की कार्ययोजना तैयार की है। नगरीय निकायों की सभी सेवाओं को ऑनलाइन नवीन तकनीक से अपग्रेड किया जायेगा। समस्त नगरीय निकायों में नागरिक सेवाओं को ई-नगर पालिका 2.0 पोर्टल एवं मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से प्रदाय किया जाएगा। एनालिटिल डेशबोर्ड नगरीय क्षेत्रों के सतत् और योजनाबद्ध विकास तथा विभागीय कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिये रियल टाइम डेशबोर्ड विकसित किया जा रहा है। विभाग की एआई गार्ड योजना में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के प्रयोग किये जाने की भी योजना तैयार की गई है। ई-गवर्नेंस में ज्योग्रोफिकल इन्फॉरमेशन सिस्टम (जीआईएस) के संयोजन के साथ शहरी विकास और सेवा विस्तार में आधुनिक पारदर्शी और डेटा संचालित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जायेगी। जीआईएस पोर्टल पर 90 से अधिक महत्वपूर्ण डाटा लेयर्स का प्रयोग कर इसका विकास किया जायेगा। नवीन 3.0 पोर्टल ऑटोमेटेड बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम 3.0 पोर्टल (एबीपीएएस) के माध्यम से ऑनलाइन भवन अनुज्ञा की सुविधा समस्त नगरीय निकायों में प्रदाय की जायेगी। इसके साथ ही कॉलोनी विकास अनुज्ञा को भी ऑनलाइन किये जाने को इस वर्ष की कार्ययोजना में शामिल किया गया है। नगरीय निकायों में ई-गवर्नेंस एवं आईटी के विस्तार में व्हाट्सएप चेटबोट के माध्यम से नगरीय निकायों के सभी प्रकार के कर एवं गैर करों के बिल भुगतान की सुविधा एवं सेवाओं की जानकारी देने का प्रयास किया जायेगा।  

तेजस एक्सप्रेस की शुरुआत आज से, इंदौर से मुंबई तक सुपरफास्ट सफर लेकिन बढ़ेगा खर्च

इंदौर  मुंबई और इंदौर के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पश्चिम रेलवे पहली बार इंदौर से मुंबई के लिए सुपरफास्ट तेजस स्पेशल ट्रेन की शुरुआत करने जा रही है। यह ट्रेन आज 23 जुलाई से मुंबई से रवाना होगी, जबकि इंदौर से पहली तेजस ट्रेन 24 जुलाई को चलेगी। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन चलाई जाएगी। यात्रा का समय और रूट मुंबई सेंट्रल से इंदौर के लिए ट्रेन संख्या 09085 हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को रात 11:20 बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 1 बजे इंदौर पहुंचेगी। इसी तरह, इंदौर से मुंबई के लिए ट्रेन संख्या 09086 हर मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को शाम 5 बजे चलेगी और दूसरे दिन सुबह 7:10 बजे मुंबई पहुंचेगी।तेजस एक्सप्रेस मुंबई और इंदौर के बीच बोरिवली, वापी, सूरत, वडोदरा, दाहोद, रतलाम और उज्जैन स्टेशनों पर ठहरेगी। ट्रेन में फर्स्ट एसी, सेकंड एसी और थर्ड एसी की सुविधा रहेगी। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन चलेगी। इसका किराया इंदौर-मुंबई के बीच चलने वाली अवंतिका एक्सप्रेस से से ज्यादा है, लेकिन यात्रा में अवंतिका से भी ज्यादा समय लेगी। इस ट्रेन का एसी-3 टियर का किराया एक हजार 805 रुपये है, जबकि एसी-2 टियर का किराया दो हजार 430 रुपये है। एसी फर्स्ट क्लास का किराया तीन हजार 800 रुपये रखा गया है। राखी त्योहार के समय शुरू की गई इस स्पेशल ट्रेन की बुकिंग 21 जुलाई से शुरू हो गई थी। ट्रेन मंगलवार को मुंबई से रवाना होगी और बुधवार सुबह इंदौर पहुंचेगी। इस ट्रेन में यात्रियों को आटोमेटिक डोर व वाईफाई की सुविधा मिलेगी। यह स्पेशल ट्रेन ( संख्या 09085) हर मंगलवार, गुरुवार व शनिवार को इंदौर से शाम पांच बजे रवाना होगी। ट्रेन अगले दिन सुबह सात बजे तक मुंबई पहुंचेगी। मुंबई सेंट्रल से यह ट्रेन रात को 11.20 बजे रवाना होगी, जो सुबह 11 बजे तक इंदौर पहुंचेगी। इस ट्रेन का फायदा गुजरात जाने वाले यात्रियों को भी होगा। ट्रेन का ठहराव सूरत, वड़ोदरा, दाहोद, रतलाम और उज्जैन रहेगा। दूरंतो ट्रेन सूरत व वापी में नहीं रुकती है। किराया अन्य ट्रेनों से ज्यादा तेजस एक्सप्रेस का किराया इस रूट की दुरंतो एक्सप्रेस और अवंतिका एक्सप्रेस से अधिक रखा गया है। थर्ड एसी का किराया 1805, सेकंड एसी का किराया 2430 जबकि फर्स्ट एसी का किराया 3800 है। जबकि दुरंतो एक्सप्रेस में फर्स्ट एसी का किराया 3425 और अवंतिका एक्सप्रेस में 2870 है। यात्रा समय भी ज्यादा तेजस ट्रेन, दुरंतो और अवंतिका की तुलना में अधिक समय लेगी। दुरंतो एक्सप्रेस इंदौर से मुंबई का सफर 11 घंटे 10 मिनट में पूरा करती है। वही अवंतिका एक्सप्रेस 12 घंटे 15 मिनट में पहुंचती है। जबकि तेजस एक्सप्रेस को 14 घंटे 10 मिनट का समय लगेगा। तेजस ट्रेन की खासियत तेजस एक्सप्रेस देश की पहली कॉर्पोरेट ट्रेन है, जिसे आईआरसीटीसी संचालित करता है। इसमें एलसीडी स्क्रीन, वाई-फाई, स्वचालित दरवाजे, बायो-वैक्यूम टॉयलेट और आरामदायक सीटें जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। बुकिंग शुरू और सीटें उपलब्ध तेजस ट्रेन की बुकिंग 21 जुलाई से शुरू हो चुकी है। मुंबई से 23 जुलाई की ट्रेन में थर्ड एसी में 338, सेकंड एसी में 112 और फर्स्ट एसी में 81 सीटें उपलब्ध हैं। इंदौर से 24 जुलाई की ट्रेन में थर्ड एसी में 317 सीटें, सेकंड एसी में 101 और फर्स्ट एसी में 77 सीटें खाली हैं। दुरंतो और अवंतिका से ज्यादा है किराया इंदौर-मुंबई के बीच चलने वाली तेजस स्पेशल का किराया इसी मार्ग पर चल रही दुरंतो एक्सप्रेस और अवंतिका एक्सप्रेस से अधिक है। इंदौर-दुरंतो में फिलहाल सेकेंड सीटिंग का किराया 460 रुपए, एसी इकोनॉमी का 2070 रुपए, थर्ड एसी का 2205 रुपए, सेकेंड एसी का 2975 रुपए और फर्स्ट एसी का किराया 3670 रुपए है। वहीं, अवंतिका एक्सप्रेस में स्लीपर का किराया 465 रुपए, एसी इकोनॉमी का 1130 रुपए, थर्ड एसी का 1220 रुपए, सेकेंड एसी का 1715 रुपए और फर्स्ट एसी का किराया 2870 रुपए है। तेजस स्पेशल ट्रेन के किराए निर्धारण का अधिकार आईआरसीटीसी को होगा, जो आवश्यकता अनुसार किराया बढ़ा सकती है। तेजस का किराया और समय ज्यादा     इंदौर-मुंबई तेजस का किराया और समय दोनों ही इंदौर से मुंबई के लिए चलने वाली दुरंतो एक्सप्रेस और अवंतिका एक्सप्रेस के मुकाबले ज्यादा है। तेजस ट्रेन इंदौर से मुंबई का सफर पूरा करने में दूरंतो से 3 घंटे और अवंतिका से 1 घंटे ज्यादा लेगी।     इंदौर से सप्ताह में दो दिन चलने वाली दुरंतो एक्सप्रेस (12228) इंदौर से रात को 9 बजे निकलकर दूसरे दिन सुबह 8.20 बजे मुंबई पहुंचती है। यानी इस दौरान यह ट्रेन पूरे 11 घंटे 20 मिनट का समय लेती है।     सप्ताह में सातों दिन चलने वाली अवंतिका एक्सप्रेस (12962) शाम को 5.40 बजे इंदौर से निकलकर दूसरे दिन सुबह 6.40 बजे मुंबई पहुंचती है। यानी इस दौरान यह पूरे 13 घंटे का सफर तय करती है।     इसी तरह तेजस एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 09086 इंदौर से शाम 5 बजे रवाना होगी और दूसरे दिन सुबह 7.10 बजे मुंबई पहुंचेगी। यानी इस दौरान यह ट्रेन पूरे 14 घंटे 10 मिनट का समय लेगी। तेजस के देरी पर चलने पर नहीं मिलेगा रिफंड रेलवे सूत्रों की मानें तो इंदौर-मुंबई-इंदौर के बीच चलने वाली तेजस अगर देरी से चलेगी तो किसी भी प्रकार कर रिफंड नहीं दिया जाएगा। यह सुविधा आईआरसीटीसी ने बंद कर दी है। पहले ट्रेन के 1 घंटे से अधिक लेट होने पर 100 रुपए और 2 घंटे से अधिक लेट होने पर 250 रुपए का रिफंड मिलता था, लेकिन दिसंबर 2024 के बाद से इस सुविधा को बंद कर दिया है। देश की पहली प्राइवेट तेजस ट्रेन की खासियत तेजस ट्रेन, भारतीय रेलवे की एक अर्ध-उच्च गति वाली पूरी तरह से वातानुकूलित ट्रेन है। यह आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसमें स्वचालित दरवाजे, आरामदायक सीटें, एलसीडी स्क्रीन, वाई-फाई और बायो-वैक्यूम शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह देश की पहली निजी और कॉर्पोरेट ट्रेन है, जिसका संचालन आईआरसीटीसी करती है। पहली तेजस ट्रेन 24 मई 2017 को शुरू हुई थी भारत की पहली तेजस ट्रेन 24 मई 2017 को मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से करमाली, गोवा के बीच शुरू हुई थी। यह एक सेमी-हाई स्पीड, पूरी तरह … Read more