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17 IPS और 3 HPS अफसरों के तबादले, गुरुग्राम को मिला नया पुलिस कमिश्नर

चंडीगढ़. हरियाणा में पुलिस विभाग में अधिकारियों के स्थानांतरण का क्रम जारी है। हरियाणा पुलिस सेवा (एचपीएस) के 27 अधिकारियों को बदलने के बाद अब प्रदेश सरकार ने 17 आईपीएस और तीन एचपीएस अधिकारियों का स्थानांतरण किया है। साेमवार को इनमें से कई अधिकारियों ने नया कार्यभार संभाल भी लिया। गृह सचिव सुधीर राजपाल द्वारा जारी आदेशों में आईपीएस चारू बाली को राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निराेधक ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) पद से हटा दिया गया है। हालांकि वह पहले की तरह एडीजीपी पुलिस कॉम्प्लेक्स भोंडसी की जिम्मेदारी संभालती रहेंगी। उनकी जगह आईपीएस माटा रवि किरण को राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निराेधक ब्यूरो में एडीजीपी लगाया गया है। सिबास कबिराज को मिली नई जिम्मेदारी पंचकूला के पुलिस आयुक्त और साइबर व राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो मुख्यालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे सिबाश कबिराज को गुरुग्राम का नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर रहे विकास अरोड़ा को एडीजीपी प्रशासन पुलिस मुख्यालय पंचकूला बनाया गया है। आईपीएस केके राव को एडीजीपी आरटीसी भौंडसी लगाया गया है। इसी प्रकार गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा को अब पंचकूला में एडीजीपी प्रशासन लगाया गया है। राकेश कुमार आर्य को आइजी क्राइम ब्रांच, अशोक कुमार को आइजी करनाल रेंज, ओम प्रकाश को आइजी साउथ रेंज रेवाड़ी, नाजनीन भसीन को आइजी एचएपी मधुबन व आइजीपी आरटीसी भोंडसी, कुलदीप सिंह को आइजी हिसार रेंज लगाया है। सुरिंदर पाल सिंह डीआईजी-सीआईडी इसी तरह हामिद अख्तर को डीआइजी एचएपी मधुबन, सुरिंदर पाल सिंह को डीआईजी सीआईडी, राजेंद्र कुमार मीणा को डीआइजी हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, सोनीपत के पद पर तैनात किया गया है। आईपीएस मनबीर सिंह को डीआइजी एचएसएनसीबी रोहतक, सुनील कुमार को डीआईजी स्टेट क्राइम ब्यूरो पंचकूला, एसएस भोरिया को एसपी एसटीएफ पंचकूला तथा अदिति सिंह को एसपी स्टेट विजिलेंस के पद पर तैनात किया गया है। एचपीएस अधिकारियों में सिद्धार्थ ढांडा और पूनम को एसपी राज्य अपराध शाखा मुख्यालय बनाया गया है। पूजा डाबला को आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस) में एसपी लगाया गया है।

CCTV से बढ़ी निगरानी, पंचकूला में ई-चालान सिस्टम का दायरा हुआ और मजबूत

 पंचकूला  पंचकूला में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी वाहन चालकों पर भारी पड़ रही है। नियमों को तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस सख्ती से निपट रही है। ट्रैफिक पुलिस के अलावा तीसरी आंख सीसीटीवी से भी ज्यादा चालान काटे जा रहे हैं। ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर काटे गए चालानों के आंकड़ों में पिछले दो वर्षों के दौरान बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वर्ष 2024 और 2025 में हुए चालानों का आंकड़ों में खासा अंतर हैं। वर्ष 2025 में हर महीने औसतन सात हजार से ज्यादा चालान हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 में कुल 87,618 चालान किए गए थे। इनमें 74,635 सीसीटीवी चालान और 12,983 ट्रैफिक पुलिस द्वारा किए गए (आफलाइन) चालान भी शामिल हैं। औसतन हर महीने औसतन 7301 चालान हुए हैं। वहीं वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 91,709 पहुंच गया। इसमें 72,294 सीसीटीवी और 19,415 आफलाइन चालान हैं। मार्च में सबसे ज्यादा चालान वर्ष 2025 में मार्च माह में सबसे अधिक 10,301 चालान हुए थे। इनमें सीसीटीवी से 8912 और आफलाइन 1389 चालान शामिल हैं। वहीं दिसंबर में सबसे कम 4927 चालान हुए थे। फरवरी में 9,975 और जनवरी में 9,911 चालान हुए थे।   वर्ष 2026 में 31 मार्च तक कुल तीन महीनों में कुल 11,750 चालान किए गए हैं। इनमें 7,819 सीसीटीवी और 3,928 आफलाइन चालान शामिल हैं। जनवरी 2026 में सबसे अधिक 5,756 चालान हुए थे, जबकि फरवरी में यह संख्या घटकर 2,566 रह गई। मार्च में 3,428 चालान किए गए हैं। आंकड़ों से स्पष्ट है कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन करने वाल वाहन चालकों पर पुलिस सीसीटीवी और सड़कों पर उतरकर निगरानी कर रही है। सीसीटीवी के जरिये ई-चालान प्रणाली का दायरा लगातार बढ़ा है। महीना       सीसीटीवी (CCTV)     ऑफलाइन (Offline)     कुल चालान (Total) जनवरी         7,430                         2,481                 9,911 फरवरी         8,218                           1,757                  9,975 मार्च            8,912                          1,389                  10,301 अप्रैल          8,104                            1,556                 9,660 मई           7,570                              370                   7,940 जून         4,590                               696                   5,286 जुलाई       6,104                                2,195                8,299 अगस्त     5,311                                1,794                   7,105 सितंबर     5,323                                  1,435              6,758 अक्टूबर    4,291                                 1,426                5,717 नवंबर      4,080                                  1,750                 5,830 दिसंबर     2,361                                2,566                   4,927 महीना     सीसीटीवी (CCTV)     ऑफलाइन (Offline)     कुल चालान (Total) जनवरी     4,192                           1,564                        5,756 फरवरी     1,249                            1,317                        2,566 मार्च     2,378                                1,047                      3,428      पंचकूला शहर में 473 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। हालांकि इनमें से 200 से ज्यादा कैमरे खराब पड़े हैं। सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम के पास है। खराब कैमरों को लेकर बीते महीने हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट मांगी थी। वहीं कैमरों को ठीक करवाने के निर्देश दिए गए थे।  

हुड्डा को हाई कोर्ट से बड़ा झटका, AJL प्लॉट मामले में ED की अर्जी पर जारी हुआ नोटिस

चंडीगढ़. हरियाणा के बहुचर्चित एजेएल (एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड) प्लाट आवंटन मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व अन्य आरोपितों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिखाई दे रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंचकूला की विशेष पीएमएलए अदालत द्वारा मनी लान्ड्रिंग मामले की कार्यवाही बंद करने के आदेश को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी है। ईडी की ओर से दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिका में न केवल निचली अदालत के 3 अप्रैल 2026 के आदेश को रद्द करने की मांग की गई है, बल्कि उस पर तत्काल अंतरिम रोक लगाने की भी अपील की गई है। पूरा मामला पंचकूला सेक्टर-6 स्थित प्लाट नंबर सी-17 से जुड़ा है, जिसे वर्ष 2005 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान एजेएल को दोबारा आवंटित किया गया था। आरोप है कि यह बहुमूल्य भूखंड वर्ष 1982 की पुरानी दरों करीब 91 रुपये प्रति वर्ग मीटर पर दिया गया, जबकि उस समय बाजार मूल्य कहीं अधिक था। जांच एजेंसियों के अनुसार इस निर्णय से सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा। इसी आधार पर ईडी ने वर्ष 2016 में धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया और वर्ष 2018 में लगभग 64 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति को कुर्क कर लिया था। मामले में महत्वपूर्ण मोड़ 25 फरवरी 2026 को आया, जब पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने मूल आपराधिक मामले में आरोपितों को राहत प्रदान की। इसके बाद पंचकूला की विशेष पीएमएलए अदालत ने यह कहते हुए ईडी की कार्यवाही समाप्त कर दी कि जब मूल अपराध ही समाप्त हो गया तो मनी लॉन्ड्रिंग की कार्यवाही स्वत टिक नहीं सकती। हालांकि अदालत ने यह छूट दी थी कि यदि भविष्य में सुप्रीम कोर्ट मूल मामले को बहाल करता है तो ईडी पुन कार्रवाई शुरू कर सकती है। अब ईडी ने हाई कोर्ट में दलील दी है कि पीएमएलए अदालत ने कानून की गलत व्याख्या की। एजेंसी के अनुसार मनी लॉन्ड्रिंग एक स्वतंत्र अपराध है और ‘विजय मदनलाल चौधरी’ मामले में सुप्रीम कोर्ट स्पष्ट कर चुका है कि अपराध से अर्जित संपत्ति की जांच केवल मूल एफआईआर पर निर्भर नहीं रहती। ईडी ने यह भी बताया कि सीबीआई पहले ही हाई कोर्ट के फरवरी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे चुकी है, जहां नोटिस जारी हो चुका है। ऐसे में कार्यवाही बंद रहने से कुर्क संपत्ति मुक्त कराने की कोशिशें जांच को अपूरणीय क्षति पहुंचा सकती हैं। सोमवार को हाई कोर्ट के जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने याचिका पर सुनवाई करते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा व अन्य आरोपितों को आठ जुलाई के लिए नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

ट्रैफिक उल्लंघन करने वालों की अब खैर नहीं, पंचकूला में सख्त निगरानी शुरू

पंचकूला. शहर में ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वालों पर सख्ती बरती जा रही है। नाकों पर पुलिस मुस्तैद रहती है और लाइट प्वॉइंट पर सीसीटीवी कैमरे नजर रखते हैं। ऐसे में हर महीने हजारों चालान हो रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 में कुल 87,618 चालान किए गए थे। 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 91,709 पहुंच गया। इस वर्ष की बात करें तो 31 मार्च तक 11,750 चालान किए गए हैं। इनमें 7,819 सीसीटीवी कैमरों के जरिये और 3,928 ऑफलाइन चालान हुए।  इन चालानों की संख्या और बढ़ सकती है, अगर शहर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे चालू हों। शहर में 473 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिनमें  से 200 से ज्यादा कैमरे खराब पड़े हैं। सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम की है। खराब सीसीटीवी कैमरों को लेकर अप्रैल में हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट मांगी थी। वहीं, कैमरों को ठीक करवाने के निर्देश दिए गए थे। वर्ष 2026 में मार्च महीने तक हुए चालान का आंकड़ा महीना     सीसीटीवी     आफलाइन     कुल जनवरी     4192     1564     5756 फरवरी     1249     1317     2566 मार्च     2378     1047     3428

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम, झज्जर में शुरू हुआ नेचुरोपैथी ट्रेनिंग सेंटर

झज्जर. पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में देवरखाना स्थित केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। आयुष मंत्रालय के अधीन कार्यरत यह केंद्र अब वेलनेस क्षेत्र के लिए ''प्रशिक्षित प्राकृतिक चिकित्सा सहायक'' तैयार करने वाला देश का दूसरा ऐसा संस्थान बन गया है। इससे पहले यह विशेष प्रशिक्षण केवल राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान, पुणे (एनआइएन) में ही दिया जाता था। इस दृष्टिकोण से देवरखाना में इस पाठ्यक्रम की शुरुआत होना उत्तर भारत के लिए मील का पत्थर है। दरअसल, वैश्विक स्तर पर समग्र स्वास्थ्य के बढ़ते चलन से इस क्षेत्र में करियर की असीम संभावनाएं खुली हैं। इस विशेष पाठ्यक्रम को पूरा करने के बाद युवा देश-विदेश के बड़े प्राकृतिक चिकित्सालयों, योग केंद्रों, वेलनेस रिसार्ट्स और लक्ज़री स्पा में ''प्राकृतिक चिकित्सा सहायक'' या ''थेरेपिस्ट'' के रूप में सम्मानजनक व आत्मनिर्भर करियर बना सकते हैं। दो साल पहले अस्तित्व में आया संस्थान करीब दो साल पहले अस्तित्व में आए संस्थान में 200 बेड का विशाल और अत्याधुनिक चिकित्सालय सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है, जहां निरंतर आंतरिक एवं बाह्य रोगियों को विश्वस्तरीय प्राकृतिक उपचार सेवाएं दी जा रही हैं। अब यहां परिसर में ''उपचार सहायक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम'' (टीएटीसी) के प्रथम बैच का विधिवत शुभारंभ कर दिया गया है। संस्थान के नोडल अधिकारी डा. एलांचेझियन और डा. घनश्याम यादव ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें इस क्षेत्र में स्वर्णिम व उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया। 20 सीटों से शुरुआत, प्रशिक्षण के साथ मिलेगा 8,000 मानदेय : संस्थान प्रशासन द्वारा तैयार किए गए इस विशेष और रोजगारपरक एक वर्षीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रथम चरण के तहत 20 सीटों पर प्रवेश दिया गया है, जिसकी नियमित कक्षाएं बीती 15 मई से प्रारंभ हो चुकी हैं। प्रशिक्षण अवधि के दौरान विद्यार्थियों को 8,000 प्रतिमाह का मानदेय भी दिया जाएगा। संस्थान प्रबंधन के अनुसार, भविष्य में यहां होने वाले वैज्ञानिक अनुसंधानों के साथ-साथ इस तरह के अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों का दायरा और बढ़ाया जाएगा। साथ ही, पाठ्यक्रम के प्रति युवाओं के बढ़ते रुझान और मांग को देखते हुए आने वाले समय में सीटों की संख्या में भी इजाफा किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के बेहतरीन अवसर मिल सकें। पाठ्यक्रम का स्वरूप और प्रशिक्षण  भाग      विधा का नाम                    मुख्य प्रशिक्षण क्षेत्र 1.     प्राकृतिक चिकित्सा का दर्शन     परिभाषाएं, सिद्धांत, इतिहास और प्राकृतिक जीवन शैली। 2     मालिश (थ्योरी व प्रैक्टिकल)     इतिहास, नियम, विभिन्न प्रकार की मालिश (वृद्धावस्था, प्रसवपूर्व) एवं तकनीकें। 3     शरीर रचना और शरीर क्रिया विज्ञान                     मानव शरीर के प्रमुख तंत्रों (श्वसन, पाचन, तंत्रिका आदि) का बुनियादी ज्ञान। 4     योग प्रशिक्षण     अष्टांग योग, सूर्यनमस्कार, आसन, प्राणायाम, ध्यान और चिकित्सीय योग। 5     जल चिकित्सा     जल के गुण, ठंडे-गर्म पानी का प्रभाव, विभिन्न प्रकार के पैक, टब बाथ और स्प्रे। 6     मिट्टी चिकित्सा     मिट्टी के गुण, शुद्धिकरण, मिट्टी के पैक तैयार करना और मड बाथ। 7     आहार और पोषण     संतुलित भोजन, कच्चे आहार (सलाद, अंकुरित), प्राकृतिक चिकित्सा व्यंजन। 8     उपवास     उपवास के प्रकार, महत्व, शरीर पर प्रभाव और इसकी वैज्ञानिक प्रक्रिया। 9     चुंबक चिकित्सा     चुंबक के प्रकार, उपयोग के तरीके और पानी व तेल को चार्ज करने की विधि। 10     रंग चिकित्सा     रंगों के प्रभाव, सूर्य स्नान और क्रोमो थर्मोलियम। 11     एक्यूप्रेशर     एक्यूप्रेशर की मूल अवधारणाएं, प्रमुख बिंदु और दबाव देने का सही तरीका। 12     फिजियोथेरेपी     मोम स्नान (Wax Bath), विद्युत चिकित्सा और व्यायामशाला प्रबंधन। 13     क्लिनिकल ट्रेनिंग व नर्सिंग केयर     मरीजों की बुनियादी देखभाल, शारीरिक मापदंडों (वजन, बीपी, तापमान) की जांच। 14     अंग्रेजी संचार कौशल     मरीजों और डॉक्टरों के साथ संवाद के लिए मौखिक संचार का विशेष प्रशिक्षण।

नहरों में नहाना पड़ सकता है भारी! जींद पुलिस ने लगाया प्रतिबंध, लोगों को चेतावनी

जींद. पुलिस ने नहरों में नहाने से होने वाले हादसों को रोकने के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। गर्मी के मौसम में नहरों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों में नहाने के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए एसपी कुलदीप सिंह ने आमजन के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को नहरों और तालाबों में नहाने से रोकें। पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने कहा कि हर वर्ष गर्मियों में कई युवक और बच्चे बिना सुरक्षा उपायों के नहरों और गहरे जल स्रोतों में नहाने चले जाते हैं, जिससे हादसों की आशंका बढ़ जाती है। तेज बहाव, अधिक गहराई और पानी की सही जानकारी न होने के कारण छोटी सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान दें और उन्हें जोखिम भरे स्थानों पर जाने से रोकें। युवाओं से भी अनुरोध किया गया है कि वे मनोरंजन या सोशल मीडिया वीडियो बनाने के लिए खतरनाक स्थानों पर न जाएं। एसपी ने स्पष्ट किया कि नहरों में नहाना या नशा करके जल स्रोतों के आसपास बैठना खतरनाक और कानूनन गलत है। ऐसे मामलों में पुलिस कार्रवाई करेगी। सभी थाना प्रभारियों को संवेदनशील स्थानों पर गश्त बढ़ाने और जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए हैं।

अस्थाई कर्मचारियों पर सरकार की नजर, हरियाणा में विभागों से तलब किया गया पूरा डेटा

जालंधर. हरियाणा में कच्चे कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा सरकार के मानव संसाधन विभाग (HR Department) ने एक नया आदेश जारी कर प्रदेश के महकमों में हड़कंप मचा दिया है। सरकार ने उन संविदा (Contractual) कर्मचारियों की कुंडली मांगी है जो मोटा वेतन ले रहे हैं। सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशकों को पत्र लिखकर निम्नलिखित जानकारी 30 मई 2026 तक अनिवार्य रूप से मांगी है। वे कर्मचारी जिनका मासिक वेतन ₹50,000 से अधिक है। जिन्होंने 15 अगस्त 2024 तक अपनी सेवा के 5 साल पूरे कर लिए हैं। पद का नाम, काम की प्रकृति, स्वीकृत पद के विरुद्ध नियुक्ति है या नहीं, और वेतन का पूरा ब्यौरा। क्या होगा इन कर्मचारियों का? सरकार के इस कदम के बाद गलियारों में चर्चा तेज है। क्या सरकार इन उच्च वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए किसी विशेष नीति (Policy) पर विचार कर रही है? लेकिन असली सवाल तो उन लाखों कच्चे कर्मचारियों का है जो वर्षों से मामूली वेतन पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। क्या सरकार सिर्फ ₹50,000 से ऊपर वालों का डेटा जुटाएगी, या कम वेतन वाले 'कच्चे' कर्मचारियों के घर भी कभी 'पक्का' होने की खुशखबरी आएगी?

सरकारी फंड ट्रांसफर पर बड़ी कार्रवाई, सभी विभागों से बैंक अकाउंट डिटेल तलब

चंडीगढ़ हरियाणा में 590 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले की चल रही सीबीआइ जांच के बीच प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) ने सभी विभागों से वर्ष 2025-26 में आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (डीडीओ) बैंक अकाउंट में स्थानांतरित किए गए सभी तरह के फंड की जानकारी मांगी है। वित्त विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों को तत्काल प्रभाव से वांछित ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा है। आहरण एवं संवितरण अधिकारी खाते सरकारी कार्यालयों के ऐसे बैंक खाते होते हैं जिनका उपयोग मुख्य रूप से सरकारी धन को निकालने और संवितरित करने के लिए किया जाता है। ये खाते सामान्य बचत खाते नहीं, बल्कि सरकारी वित्तीय प्रणाली का हिस्सा होते हैं। प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) ने बीते वित्तीय वर्ष में राज्य की समेकित निधि से सरकारी विभागों के डीडीओ बैंक खातों में स्थानांतरित की गई निधियों की जानकारी मांगी है, जिसे मसौदा वित्त लेखा एवं विनियोजन लेखा में शामिल किया जाना है। सभी विभागों को बताना होगा कि एक अप्रैल तक 2025 तक बैंक खाते रखने वाले डीडीओ की कुल संख्या क्या था और बीते वित्तीय वर्ष में कितने बैंक खाते खोले गए। ओपनिंग बैलेंस क्या था और वर्ष 2025-26 के दौरान डीडीओ बैंक खातों में कितनी राशि जमा की गई। निधि का स्रोत क्या रहा। कितनी राशि व्यय हुई और कितनी राशि को खर्च नहीं किया जा सका। नए खाते खोलने के लिए किसकी अनुमति ली गई और किस प्रविधान में। विभागों को संबंधित डीडीओ के नाम भी बताने होंगे, जिन पर खातों के संचालन की जिम्मेदारी थी।

IDFC और AU बैंक घोटाले में बड़ा खुलासा, तीन और IAS अधिकारी जांच के घेरे में

चंडीगढ़ हरियाणा में आइडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनांस बैंक में हुए 590 करोड़ रुपये के घोटाले में तीन और सीनियर आइएएस अधिकारी जांच के लपेटे में आ गए हैं। हाल ही में सीबीआई को पांच आइएएस अधिकारियों से पूछताछ की अनुमति दे चुकी प्रदेश सरकार ने तीन और आइएएस अधिकारियों से भी सवाल-जवाब करने की मंजूरी दे दी है। आठ आइएस अधिारियों से होगी पूछताछ वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही सीबीआई ने मामले में कुल आठ आइएएस अधिकारियों से पूछताछ की अनुमति मांगी थी, जो मिल गई है। सरकार की ओर से लिखित स्वीकृति मिलते ही सीबीआई टीम जांच पर आगे बढ़ेगी। जांच की कमान सीबीआई द्वारा संभालने के बाद से ही बैंक घोटाले को लेकर लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। सबसे पहले 2014 बैच के आइएएस अनीश यादव ने घोटाले काे पकड़ा था। वर्ष 2024 में तत्कालीन कृषि निदेशक अनीश यादव ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी। तब जांच में सामने आया कि आइडीएफसी बैंक में 50 करोड़ और एयू स्मॉल फाइनांस बैंक में नियमों को ताक पर रखकर 25 करोड़ रुपये जमा किए गए। घोटाले के खुलासे के बाद विजिलेंस जांच में भी इसी कमेटी की रिपोर्ट को आधार बनाया गया। अब सीबीआई भी कमेटी की उसी रिपोर्ट को आधार बनाकर जांच को आगे बढ़ा रही है। अभी तक की जांच में सामने आया है कि पंचायत विभाग में तैनात एक बड़े आइएएस अधिकारी ने मातहत अधिकारियों पर दोनों बैंकों में अकाउंट खोलने का दबाव बनाया गया। इसी दबाव में अन्य आइएएस अधिकारी की ओर से बाकायदा एक पत्र जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि विभाग के सीनियर अधिकारी से टेलीफोन पर चर्चा के बाद दो नए बैंकों में खाता खोलने के ऑर्डर जारी किए गए हैं। आरोप है कि एक मंत्री ने घोटाले में आरोपित पंचायत विभाग के सुपरिंटेंडेंट के पद से बर्खास्त नरेश कुमार की बहाली की सिफारिश भी की। हालांकि यह सिफारिश इस घोटाले के खुलासे से पहले की गई थी। विजिलेंस जांच में नरेश कुमार के खाते में 11 करोड़ रुपये आने के साथ और भी कई सबूत मिल चुके हैं। नरेश कुमार ने इस राशि से एक फार्च्यूनर गाड़ी ली, मोहाली में फ्लैट लिया और बेटी के खाते में 10 लाख रुपए भी जमा किए। जेल में बंद नरेश कुमार से भी सीबीआई पूछताछ कर रही है।  

ताशकंद में चमका हरियाणा का नाम, हरनूर कौर ने एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में मारी बाजी

अंबाला अंबाला की होनहार मुक्केबाज़ हरनूर कौर ने ताशकंद में U15 और U17 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में (1 से 15 मई 2026 तक आयोजित ताशकंद में U15 और U17 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में)  66 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया। इस प्रतियोगिता में उन्होंने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। हरनूर कौर गांव शाहपुर की निवासी हैं तथा वर्तमान में पुलिस डीएवी पब्लिक स्कूल, अंबाला सिटी में कक्षा 10वीं की छात्रा हैं तथा वर्तमान में आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट, पुणे में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।उल्लेखनीय है कि हरनूर कौर इससे पहले भी जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।   इसके साथ ही उन्होंने बहरीन में आयोजित यूथ एशियन गेम्स में रजत पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। अब उनका चयन मई माह में कजाकिस्तान में आयोजित होने वाली जूनियर एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप के लिए भी हो गया है। उनकी इस उपलब्धि पर खेल प्रेमियों एवं क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। कोच संजय कुमार ने उनकी इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हरनूर कौर भविष्य में भी देश के लिए और अधिक पदक जीतेंगी।