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हरियाणा सरकार का निर्देश ग्रुप-डी कर्मचारियों के खाली पदों की पोर्टल पर तुरंत दें जानकारी

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों को ग्रुप-डी कर्मचारियों के सुचारू समायोजन और पोस्टिंग की सुविधा के लिए हरियाणा नॉलेज कारपोरेशन लिमिटेड पोर्टल पर ग्रुप-डी के खाली पदों का विवरण तुरंत अपलोड करने का निर्देश दिया है। मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी एक पत्र में, विभागों को एक सप्ताह के भीतर हरियाणा नॉलेज कारपोरेशन लिमिटेड पोर्टल रिक्विजिशन पोर्टल पर खाली पदों की जानकारी अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिन ग्रुप-डी कर्मचारियों ने अभी तक ज्वाइन नहीं किया है, उन्हें पोर्टल पर पहले से जमा की गई उनकी पोस्ट प्राथमिकताओं के अनुसार बिना किसी परेशानी के समायोजित या दोबारा पोस्ट किया जा सके। सरकार ने आगे निर्देश दिया है कि विभागों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा विधिवत सत्यापित एक प्रमाण पत्र भी अपलोड करना होगा, जो हरियाणा नॉलेज कारपोरेशन लिमिटेड पोर्टल पोर्टल पर अपलोड किए गए ग्रुप-डी रिक्तियों से संबंधित डेटा की सटीकता और सही होने को प्रमाणित करता हो। नए अनुशंसित ग्रुप-डी कर्मचारियों की पोस्टिंग संबंधित विभागों द्वारा प्रदान की गई प्रमाणित जानकारी के अनुसार ही की जाएगी।

कल्याणपुर-बदलापारा कोल ब्लॉक में सर्वेक्षण और बॉउंड्रेशन हुआ: ऊर्जा मंत्री

चंडीगढ़. झारखंड के कल्याणपुर-बदलापारा कोल ब्लॉक को लेकर केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) को शोकॉज नोटिस जारी किया था। नोटिस के माध्यम से कोल ब्लॉक से संबंधित कुछ प्रक्रियात्मक पहलुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया था जिसका एचपीजीसीएल ने निर्धारित समय के भीतर विस्तृत जवाब भेज दिया है, साथ ही कोल ब्लॉक का आवंटन रद्द न करने की सिफारिश भी की गई है। एचपीजीसीएल पिछले डेढ़ वर्ष से इस कोल ब्लॉक के विकास कार्य में जुटा हुआ है। इस पर अब तक करीब 2.5 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। हरियाणा सरकार के अनुसार, इस कोल ब्लॉक में लगभग 102.35 मिलियन टन कोयले का भंडार होने का अनुमान है। यहां खनन की अनुमानित लागत करीब 1,501 रुपये प्रति टन आंकी गई है। 33 वर्ष की अवधि के लिए कुल अनुमानित संविदा मूल्य लगभग 15,364 करोड़ रुपये बताया गया है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि कोल ब्लॉक के विकास के लिए एचपीजीसीएल पहले ही माइन डेवलपर एंड ऑपरेटर (एमडीओ) की नियुक्ति कर चुका है। भूमि सर्वेक्षण एवं सीमा निर्धारण (बाउंड्री वर्क) का कार्य पूरा हो चुका है जबकि ड्रिलिंग का काम तेजी से प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त, अन्य विकासात्मक गतिविधियां भी स्वीकृत समय-सीमा के अनुसार शुरू कर दी गई हैं। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि हिसार के खेदड़ में स्थित राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट के विस्तार के तहत स्थापित की जा रही 800 मेगावाट की नई यूनिट के लिए केंद्र सरकार की शक्ति योजना के अंतर्गत कोल लिंकेज मंजूर कर दी गई है। इस यूनिट के चालू होने से प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों, कृषि क्षेत्र और घरेलू उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि वर्तमान परियोजना कार्यक्रम के अनुसार वर्ष 2030 तक इस कोल ब्लॉक से यमुनानगर स्थित थर्मल पावर प्लांट को कोयले की आपूर्ति शुरू होने की संभावना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोल ब्लॉक का आवंटन पूरी तरह सुरक्षित है और सभी विकास कार्य योजनानुसार जारी हैं। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय कोयला मंत्रालय की एक विशेष सर्वे एजेंसी द्वारा कोल ब्लॉक के आवंटन में हुई देरी के कारण हरियाणा सरकार की प्रक्रिया भी विलंब से शुरू हो सकी। इसके अलावा, झारखंड में हरियाणा को आवंटित यह कोल ब्लॉक नक्सल प्रभावित क्षेत्र में स्थित है, जिससे कुछ गतिविधियों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

हिसार में 12 एकड़ में बने ‘पंचतत्व’ पार्क का CM सैनी करेंगे उद्घाटन

हिसार. शहर की हरियाली और सौंदर्य को नया आयाम देने वाला टाउन पार्क आज एक नई पहचान के साथ शहरवासियों को समर्पित होगा। चार जून 2000 को जनता को समर्पित किया गया यह पार्क अब पंचमहाभूत जल, वायु, अग्नि, पृथ्वी और आकाश की अवधारणा पर आधारित भव्य थीम में निखर उठा है। करीब 12 एकड़ क्षेत्र में फैले इस पार्क का 14.72 करोड़ रुपये की लागत से ऐसा नवीनीकरण किया गया है कि यह देश के आधुनिक और कलात्मक पार्कों की श्रेणी में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने को तैयार है। आज प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस नवसज्जित पार्क का विधिवत उद्घाटन कर इसे जनता को समर्पित करेंगे। ताऊ देवी लाल टाउन पार्क पंचतत्व (पंचमहाभूत) थीम पर आधारित है, जहां प्रकृति के पांच तत्व अपनी-अपनी अदृश्य ध्वनियों और स्वरूपों में सजीव हो उठते हैं। झील में लहराता जल, पेड़ों की शाखाओं में बहती वायु, रोशनी में झलकती अग्नि, धरती की हरियाली और खुला आकाश सब मिलकर सृष्टि के संतुलन और जीवन के मूल संदेश को प्रतिध्वनित करते है। आधुनिक सौंदर्य से है सुसज्जित वार्ड-15 में स्थित यह पार्क करीब 12 एकड़ भूमि पर विकसित किया गया है। बीचोंबीच बना छोटा टापू, झील के किनारे आकर्षक सेल्फी प्वाइंट, आधुनिक पगडंडियां और कलात्मक संरचनाएं इसे विशिष्ट पहचान देती हैं। यह हरियाली का ठिकाना ही नहीं, बल्कि प्रकृति और आधुनिक शहरी जीवन का सुंदर संगम है। पूर्व मंत्री डॉ. कमल गुप्ता की परिकल्पना और तत्कालीन निगमायुक्त प्रदीप दहिया के नेतृत्व में शुरू हुए इस कार्य को निगमायुक्त नीरज के नेतृत्व में गति मिली। मुख्य द्वार के पास महात्मा बुद्ध की प्रतिमा बढ़ा रही अध्यात्म की छटा पार्क के मुख्य द्वार के पास स्थापित भगवान महात्मा बुद्ध की भव्य प्रतिमा इस स्थल को विशेष आध्यात्मिक गरिमा प्रदान करती है। शांत मुद्रा में विराजमान बुद्ध की यह प्रतिमा करुणा, शांति और आत्मबोध का संदेश देती है, जो पार्क में आने वाले लोगों के मन में सहज ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। पंचमहाभूत थीम से सुसज्जित इस पार्क में बुद्ध प्रतिमा मानो प्रकृति और चेतना के बीच सेतु का कार्य करती है। यहां पहुंचने वाले लोग केवल प्रकृति का सौंदर्य ही नहीं, बल्कि आत्मिक शांति का अनुभव भी करते हैं। प्रतिमा के समीप विकसित सेल्फी प्वाइंट युवाओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गया है, जो स्मृतियों को सहेजता है। प्रतिदिन हजारों लोग सुकून के पल बिताने आते हैं इस पार्क में सन् 1968 में बने मधुबन पार्क के बाद वर्ष 2000 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी ओम प्रकाश चौटाला ने यह ताऊ देवी लाल टाउन पार्क जनता को समर्पित किया था। आज यह पार्क शहरवासियों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है, जहां प्रतिदिन हजारों लोग सैर, योग, मनोरंजन और सुकून के पल बिताने पहुंचते हैं। पार्क की प्रमुख विशेषताएं सूर्य नमस्कार प्रतिमा वाकिंग ट्रैक संगीतमय फव्वारा व जल निकाय बच्चों के लिए खेल कोना द्वीप सहित झील झील के दृश्य वाला कांच का डेक आउटडोर जिम उपकरण पंचतत्व थीम पर आधारित टाउन पार्क जनता के लिए पूरी तरह तैयार है। इस पर 14.72 करोड़ रुपये की लागत आई है। – नीरज, निगमायुक्त, हिसार मुख्यमंत्री आज टाउन पार्क का उद्घाटन करेंगे। शहर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। शहरवासियों को नवीनीकरण के साथ टाउन पार्क विधिवत समर्पित होगा। – प्रवीण पोपली, मेयर, हिसार सीएम प्री-बजट पर भी करेंगे चर्चा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 15 जनवरी हिसार होंगे। वह दिल्ली रोड पर शहर के हर्ट पंचभूत थीम पर बने टाउन पार्क का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वह प्री-बजट पर चर्चा करेंगे। प्रस्तावित हिसार दौरे को लेकर जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।         मुख्यमंत्री के दौरे को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार को उपायुक्त महेंद्र पाल एवं पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने विभिन्न कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के दौरे के दृष्टिगत धारा-163 लागू कर दी गई है।         निरीक्षण के दौरान उपायुक्त महेंद्र पाल एवं पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय व गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का दौरा कर वहां किए जा रहे प्रबंधों का निरीक्षण किया। इन स्थलों पर मुख्यमंत्री प्री-बजट परामर्श कार्यक्रमों को संबोधित करेंगे।

हरियाणा सरकार आपराधिक मामलों को जल्द निपटाने दलील व्यवस्था को करेगी प्रभावी

चंडीगढ़. आपराधिक मामलों के जल्द निपटारे की दिशा में हरियाणा सरकार ने दलील (प्ली बार्गेनिंग) व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने का फैसला किया है। कानून के तहत आरोप तय होने की तारीख से 30 दिन के अंदर आरोपी प्ली बार्गेनिंग के लिए आवेदन कर सकता है। इससे वर्षों तक चलने वाले मुकदमों का समय रहते समाधान संभव हो सकेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि प्ली बार्गेनिंग एक न्याय हितैषी कानूनी व्यवस्था है जिसका उद्देश्य ऐसे आपराधिक मामलों का जल्दी निपटारा करना है जिनमें अधिकतम सजा सात वर्ष या उससे कम है। इस प्रक्रिया में अदालत की निगरानी में अभियोजन पक्ष और आरोपी आपसी सहमति से समाधान पर पहुंचते हैं और इसके बाद अदालत कानून के अनुसार फैसला सुनाती है। डॉ. मिश्रा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अध्याय-23 में शामिल इन प्रावधानों को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए हरियाणा पुलिस और अभियोजन विभाग को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं गृह विभाग ने सभी जिलों में   जांच अधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और अभियोजन कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण और क्षमता-विकास कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्ली बार्गेनिंग के कानूनी प्रावधानों, प्रक्रिया और नैतिक मानकों की जानकारी दी जाएगी, ताकि इसका सही, एकरूप और कानूनसम्मत उपयोग सुनिश्चित हो सके। डॉ. सुमिता मिश्रा ने पुलिस और अभियोजन एजेंसियों के बीच निरंतर समन्वय पर भी जोर दिया। इसके लिए समय-समय पर समीक्षा बैठकें की जाएंगी, ताकि प्रगति की निगरानी हो और सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान किया जा सके।

बीमा क्लेम घोटाले पर हरियाणा सरकार ने कृषि सयुंक्त निदेशक को किया निलंबित

चंडीगढ़. फसल बीमा क्लेम घोटाले के खिलाफ चल रही कानूनी लड़ाई में किसानों को बड़ी सफलता मिली है। कृषि विभाग हरियाणा के संयुक्त निदेशक राजीव मिश्रा को घोटाले में प्रथमदृष्टया दोषी मानते हुए हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव पंकज अग्रवाल ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से बीमा क्लेम घोटाले में शामिल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का रास्ता खुल गया है और किसानों को लंबे समय से लंबित बीमा राशि मिलने की उम्मीद जगी है। यह महत्वपूर्ण निर्णय हरियाणा सचिवालय, चंडीगढ़ में हुई SGRC (स्टेट ग्रिवांस रिड्रेसल कमेटी) की सुनवाई के दौरान लिया गया। इस सुनवाई में किसानों की ओर से अपीलार्थियों के पैरोकार किसान नेता डॉ. बलवीर सिंह ठाकन ने बीमा कंपनी और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ मजबूत और तथ्यात्मक दलीलें पेश कीं। डॉ. ठाकन के सटीक और प्रभावी तर्कों के आगे बीमा कंपनी के अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिससे पूरे मामले की गंभीरता उजागर हो गई। सुनवाई के दौरान फसल बीमा क्लेम घोटाले की मुख्य आरोपी कंपनी क्षेमा जनरल इंश्योरेंस द्वारा समय पर जवाब प्रस्तुत न करने पर मुख्य सचिव ने कंपनी के अधिकारियों को कड़ी फटकार भी लगाई। यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार अब इस घोटाले को लेकर कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। इस कार्रवाई का सीधा लाभ भिवानी-दादरी जिले के उन हजारों किसानों को मिलने की संभावना है, जिनका खरीफ फसल 2023 का बीमा क्लेम अब तक अटका हुआ था। संयुक्त निदेशक के निलंबन के बाद यह माना जा रहा है कि घोटाले में शामिल अन्य दोषी अधिकारियों पर भी शिकंजा कसेगा और किसानों का बकाया बीमा क्लेम जल्द जारी होने का रास्ता साफ होगा। किसान संगठनों ने इस कार्रवाई को सत्य और संघर्ष की जीत बताया है और उम्मीद जताई है कि अब सरकार किसानों के हक की राशि बिना किसी और देरी के दिलाएगी।

हरियाणा पुलिस ने गैंगस्टर कल्चर बढ़ा रहे 67 गाने किए डिलीट

चंडीगढ़. हरियाणा में गिरोह संस्कृति और हथियारों की हिंसक छवि को बढ़ावा देने वाले गीतों पर स्पैशल टास्क फोर्स (एस.टी.एफ.) व साइबर यूनिट की ऐतिहासिक कार्रवाई ने डिजिटल स्पेस में बड़ा बदलाव लाया है। एस.टी.एफ. और साइबर टीमों द्वारा की गई गहन जांच में पाया गया कि ऐसे गीत युवाओं को प्रभावित करते हैं, गैंगस्टरों की दिखावटी चमक-दमक को महिमामंडित करते हैं और अपराध की ओर आकर्षित करते हैं। इस खतरनाक रुझान को रोकते हुए हरियाणा पुलिस ने यू-ट्यूब, स्पॉटिफाई, अमेजन म्यूजिक, गाना और जियोसावन जैसे प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध 67 आपत्तिजनक गीतों पर कार्रवाई की जिसके बाद अधिकांश डिजीटल कंटेंट हटाया गया या ब्लॉक कर दिया गया। हरियाणा पुलिस का संदेश साफ है कि यह सिर्फ शुरूआत है और आगे भी ऐसे कंटेंट के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे। अपराध रोकथाम के साथ युवाओं को बचाना भी लक्ष्य : डी.जी.पी. हरियाणा के डी.जी.पी. अजय सिंघल ने इस कार्रवाई को युवाओं और समाज के हित में उठाया गया महत्त्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा हरियाणा पुलिस का लक्ष्य केवल अपराध रोकना नहीं बल्कि युवाओं को अपराध की दुनिया में कदम रखने से भी बचाना है। अपराध संस्कृति को बढ़ावा देने वाले गाने अपराधियों को एक आदर्श के रूप में प्रस्तुत करते हैं और उनकी जिंदगी में ऐशो-आराम की छवि दर्शाते हैं जबकि सच्चाई बिल्कुल इससे विपरित है। ऐसे अपराधियों का जीवन केवल और केवल कठिनाइयों व चुनौतियों से भरा होता है और आखिरकार एक दिन वे कानून की गिरफ्त में जरूर आते हैं। कई बार उनकी आपराधिक प्रवृति का खमियाजा उनके परिजनों को भी भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस ने स्पष्ट नीति बनाई है कि किसी भी प्लेटफॉर्म पर ऐसा कंटेंट बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 67 गीतों पर कार्रवाई हमारे बड़े अभियान का हिस्सा है और आने वाले समय में इस दिशा में और भी सख्ती देखने को मिलेगी। उन्होंने कलाकारों और कंटेंट क्रिएटर्स से अपील करते हुए कहा कि वे सामाजिक जिम्मेदारी को समझें और ऐसा कंटेंट न बनाएं जो युवा पीढ़ी को गलत दिशा में ले जाए। हिंसा व गैंगस्टर संस्कृति का महिमामंडन न करें कलाकार एस.टी.एफ. आई.जी. सतीश बालन का कहना है कि युवा वर्ग पर डिजिटल कंटेंट के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पुलिस ने कलाकारों और गीतकारों के साथ बैठकें भी आयोजित की हैं, जिसमें उन्हें हिंसा, गैंगस्टर संस्कृति और हथियारों के महिमामंडन से बचने की सलाह दी गई है। ऐसी सामग्री केवल अपराध की सोच को जन्म देती है और समाज में असुरक्षा फैलाती है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अपराधियों की पोस्ट को लाइक व शेयर करने वाले लोगों पर भी एस.टी.एफ. व साइबर की टीम द्वारा कड़ी नजर रखी जाती है। ऐसे प्लैटफार्म का इस्तेमाल करके गैंगस्टर युवाओं को अपने गैंग में शामिल करते हैं और उन्हें अपराध की दुनिया में मरने के लिए छोड़ देते हैं। ऐसे में हमारा प्रयास है कि युवाओं को ऐसा करने से रोका जाए ताकि वे अपनी प्रतिभा का इस्तेमाल देशहित में करें न कि अपराध जगत को बढ़ावा देने में।

हरियाणा में हाइड्रोजन ट्रेन के तकनीकी ट्रायल के कारण देरी

चंडीगढ़. सोनीपत-जींद स्टेशन के बीच प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल तकनीकी परीक्षणों के चलते जनवरी में पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। ट्रैक, ट्रेन और हाइड्रोजन प्लांट से जुड़े तकनीकी पहलुओं में आ रही – जटिलताओं के कारण ट्रायल की समय-सीमा आगे बढ़ सकती है। ऐसे में अब हाइड्रोजन ट्रेन के फरवरी में ही ट्रैक पर दौड़ने की संभावना है। पहले जनवरी के अंत तक ट्रायल शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन मौजूदा प्रगति को देखते हुए यह – कार्य फरवरी में पूरा होने की संभावना बन रही है। दरअसल, हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन से पहले केवल ट्रैक की जांच ही नहीं, बल्कि ट्रेन की कार्यक्षमता, सुरक्षा मानकों और इंधन आपूर्ति प्रणाली की भी बारीकी से टेस्टिंग की जानी है। खास तौर पर हाइड्रोजन गैस के भंडारण और उपयोग को लेकर अतिरिक्त सामभानी बरती जा रही है। हाइड्रोजन गैस अत्यधिक संवेदनशील होती है और इसमें मौजूद नमी ट्रेन के इंजन व फ्यूल सेल सिस्टम को प्रभावित कर मकती है। इसी समस्या के समाधान के लिए हाइड्रोजन प्लांट में विशेष हीटर लगाए जाएंगे, ताकि गैस में मौजूद नमी को पूरी तरह सुखाया जा सके। हाइड्रोजन ट्रेन 360 किलोग्राम हाइड्रोजन ईंधन में करीब 180 किलोमीटर का सफर तय करने में सक्षम होगी। जींद से सोनीपत की दूरी लगभग २० किलोमीटर है। ट्रेन की अधिकतम गति 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। संचालन से पहले सुरक्षा नियंत्रण उपकरण, स्पीड सेसर और कंट्रोल सिस्टम को अलग-अलग गति स्तरों पर परखा जाएगा, ताकि ट्रेन निधारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित रूप से संचालित हो सके। स्टेशनरी ट्रायल के बाद रनिंग ट्रायल किया जाएगा, जिसमें अभी कुछ और समय लग सकता है। अभी सोनीपत ट्रैक और हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल होना की है। इनकी टेस्टिंग को जाएगी। इन कायों में अभी समय लगेगा। बिजेंद्र कुमार, एसएसई, नई दिल्ली रेलवे प्रबंधन इस परियोजना में किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं करना चाहता और न ही सुरक्षा से समझौता। इसी कारण सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों पर खरा उतरने के बाद ही हाइड्रोजन ट्रेन के ट्रायल को अंतिम रूप दिया जाएगा।

हरियाणा लोक सेवा आयोग ने इंजीनियर भर्ती परीक्षाएं अचानक कीं स्थगित

चंडीगढ़. हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) ने जनवरी महीने में प्रस्तावित अपनी सात प्रमुख भर्ती परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। आयोग की ओर से जारी ताजा नोटिस में इन सभी परीक्षाओं को टालने की जानकारी दी गई है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि परीक्षाएं स्थगित करने के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। इसके साथ ही आयोग ने अभी नई परीक्षा तिथियों को लेकर भी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। इन परीक्षाओं के टलने से हजारों अभ्यर्थियों की तैयारी और आगे की योजना पर असर पड़ सकता है। खासकर वे उम्मीदवार, जो लंबे समय से इन भर्तियों की तैयारी कर रहे थे, अब असमंजस की स्थिति में हैं। इन प्रमुख परीक्षाओं पर लगा ब्रेक HPSC द्वारा स्थगित की गई परीक्षाओं में ट्रेजरी अफसर (TO) और असिस्टेंट ट्रेजरी अफसर (ATO) की मुख्य परीक्षाएं सबसे अहम मानी जा रही हैं। इसके अलावा तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न लेक्चरर और इंस्ट्रक्टर पदों की परीक्षाएं भी फिलहाल टाल दी गई हैं। स्थगित की गई परीक्षाओं का विवरण सिविल इंजीनियरिंग (लेक्चरर) – 19 जनवरी 2026 कंप्यूटर इंजीनियरिंग (लेक्चरर) – 19 जनवरी 2026 मैकेनिकल इंजीनियरिंग (लेक्चरर) – 20 जनवरी 2026 (सुबह) फोरमैन इंस्ट्रक्टर – 20 जनवरी 2026 (शाम) इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (लेक्चरर) – 21 जनवरी 2026 फार्मेसी लेक्चरर – 21 जनवरी 2026 ट्रेजरी अफसर एवं असिस्टेंट ट्रेजरी अफसर – 25 जनवरी 2026 35 पदों के लिए चल रही है भर्ती प्रक्रिया ट्रेजरी अफसर और असिस्टेंट ट्रेजरी अफसर की भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 35 पदों पर चयन होना है। ट्रेजरी अफसर के 5 पदों के लिए मेंस परीक्षा में 83 अभ्यर्थी योग्य पाए गए हैं, जबकि असिस्टेंट ट्रेजरी अफसर के 30 पदों के लिए 843 उम्मीदवारों ने क्वालिफाई किया है। आयोग द्वारा जारी परिणामों के अनुसार ट्रेजरी अफसर भर्ती में 8 ऐसे अभ्यर्थी हैं, जो आरक्षित वर्ग से होते हुए भी जनरल कैटेगरी की कट-ऑफ में शामिल हुए हैं। वहीं असिस्टेंट ट्रेजरी अफसर भर्ती में 164 उम्मीदवार ऐसे हैं, जो रिजर्व कैटेगरी से जनरल कैटेगरी में चयनित हुए हैं।

सुभाष बराला बोले: ‘कांग्रेस के पास नाम के सिवा कुछ नहीं, भाजपा करती है जमीन पर काम’

जींद देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस 'विकसित भारत-जी राम जी' (वीबी-जी राम जी) का विरोध कर रही है और भाजपा सरकार पर मनरेगा को खत्म करके गरीब वर्ग से रोजगार की गारंटी का अधिकार छीनने का गंभीर आरोप लगा रही है, जबकि भाजपा इसे सुधारात्मक प्रक्रिया बता रही है। इस बीच मंगलवार को भाजपा सांसद सुभाष बराला ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया। हरियाणा से राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि कांग्रेस केवल नाम में विश्वास करती है, जबकि भाजपा काम में विश्वास करती है। जब भी देश में अच्छे काम शुरू होते हैं, कांग्रेस विरोध करने का काम करती है। बराला ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि 'वीबी-जी राम जी' अधिनियम, 2025 के तहत मनरेगा योजना में सुधार किया गया है। पुरानी मनरेगा में 100 दिनों का रोजगार था, अब नए कानून में 125 दिनों का काम देने का फैसला किया गया है। न्यूनतम मजदूरी 400 रुपए देने की बात कही गई है, लेकिन कांग्रेस को विकास की बात हजम नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने संविधान बदलने की झूठी बातें फैलाईं और कहा कि मोदी आए तो संविधान खतरे में है। कांग्रेस के ही नेता मनरेगा खत्म करने की झूठी अफवाहें फैलाते थे। बराला ने कहा, "कांग्रेस ने जवाहरलाल नेहरू के समय मनरेगा जैसी योजना शुरू की, तब नाम बदलने पर कोई आपत्ति नहीं थी, अब क्यों?" राज्यसभा सांसद ने बताया कि भाजपा ने आजीविका के संसाधनों को बनाए रखने और नए रोजगार स्थापित करने का संकल्प लिया है। नए अधिनियम के तहत भैंस पालन, डेयरी काम, गांव के अंदर तालाबों का सौंदर्यीकरण जैसे कार्य किए जा सकते हैं। यह ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आजीविका और बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा। बराला ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष मनरेगा के नाम पर राजनीति कर रहा है, जबकि मोदी सरकार ने योजना को आधुनिक और प्रभावी बनाया है। पुरानी योजना में भ्रष्टाचार और कमियां थीं, नए कानून से पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्रामीण मजदूरों को ज्यादा फायदा होगा।

हरियाणा में घायलों का तुरंत इलाज करवाने डायल 112 से जुड़ेगी निजी एंबुलेंस

चंडीगढ़. सड़क दुर्घटना में घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अब निजी अस्पतालों की एंबुलेंस को 112 प्रणाली से जोड़ा जाएगा। वर्तमान में पार्क हास्पिटल ग्रुप की पांच एंबुलेंस इस पायलट माडल में शामिल होकर सफलतापूर्वक सेवाएं दे रही हैं। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने बताया कि प्रदेश में डायल 112 के माध्यम से पुलिस, स्वास्थ्य और अग्निशमन सेवाओं तक पहुंच और आसान होगी। पंचकूला जिले में शुरू किया गया आटो डिस्पैच पायलट सफल रहा है, जिसके बाद इसे अब पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। कोई भी काल प्राप्त होते ही मानवीय हस्तक्षेप के बिना स्वत: ईआरवी (इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल) भेज दिया जाएगा। इसके अलावा जीपीएस आधारित ईआरवी परफारमेंस आडिट माडयूल को भी लागू किया गया है, जो प्रत्येक घटना के बाद वाहन की गति, प्रतिक्रिया और घटना स्थल से दूरी जैसे महत्वपूर्ण मापदंडों का स्वत: विश्लेषण करता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि सुधारों का यही क्रम जारी रहा, तो हरियाणा 112 देश के सबसे श्रेष्ठ आपातकालीन सेवा माडल के रूप में स्थापित होगा। एडीजीपी हरदीप दून ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 तक इस प्रणाली पर 2.75 करोड़ से अधिक काल दर्ज हुई। यह आंकड़ा दर्शाता है कि नागरिक अब हर आपातकालीन स्थिति में सबसे पहले ‘112’ को ही सहायता के लिए याद करते हैं। औसत रिस्पांस टाइम अब 16 मिनट 14 सेकंड से घटाकर 9 मिनट 33 सेकंड तक आ गया है। 92.60 प्रतिशत कालर्स ने सेवाओं पर संतुष्टि जताई है। डायल-112 को जल्द ही पूरी तरह आटो डिस्पैच आधारित, एआइ संचालित और रियल-टाइम मानिटरिंग से सुसज्जित किया जाएगा, जिसमें निजी एंबुलेंस और ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से पहुंचने के लिए उन्नत रूटिंग सिस्टम को शामिल किया जाएगा। तेजी से प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में ईआरवी की तैनाती, जीपीएस ट्रैकिंग और डिस्पैच सिस्टम को निरंतर अपग्रेड किया गया है, जिसके उत्कृष्ट परिणाम सामने आये हैं।