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अब और तेज होगा पुलिस रिस्पांस, बिलासपुर में 24 नई Dial-112 वाहनों की एंट्री

बिलासपुर. आपातकालीन स्थिति में लोगों तक तेजी से सहायता पहुंचाने वाली डायल 112 सेवा अब बिलासपुर जिले में और अधिक मजबूत होने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की पहल पर जिले के पुलिस बेड़े में 24 नए आधुनिक वाहन शामिल किए जाएंगे। इन वाहनों के शामिल होने से जिले में रियल टाइम रिस्पांस सिस्टम पहले से ज्यादा प्रभावी होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के लिए 400 नए आपातकालीन वाहनों को हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें से 24 वाहन बिलासपुर पुलिस को सौंपे जाएंगे। पुराने और जर्जर वाहनों से मिलेगी राहत वर्तमान में जिले के 19 थानों में एक-एक डायल 112 वाहन तैनात है। ये वाहन सूचना मिलते ही घटना स्थल के लिए रवाना होते हैं। हालांकि लगातार कई वर्षों तक चौबीसों घंटे इस्तेमाल होने के कारण अधिकांश वाहन जर्जर और कंडम हो चुके थे। इससे पुलिस के रिस्पांस टाइम पर भी असर पड़ रहा था। इसी समस्या को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के लिए 400 नए वाहनों की स्वीकृति दी है। बिलासपुर में पुराने वाहनों की जगह नए आधुनिक वाहन तैनात किए जाएंगे। संवेदनशील इलाकों में रहेंगे अतिरिक्त वाहन बिलासपुर को मिलने वाले 24 वाहनों में से 19 वाहन जिले के सभी थानों में पुराने वाहनों की जगह लगाए जाएंगे। इसके अलावा बचे पांच अतिरिक्त वाहनों को उन क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा, जहां दुर्घटनाओं और अपराध की घटनाएं अधिक होती हैं। इन थाना क्षेत्रों में अतिरिक्त वाहन तैनात किए जाएंगे सरकंडा सिविल लाइन तोरवा कोतवाली सकरी तेजी से मिलेगी मदद पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संवेदनशील और व्यस्त क्षेत्रों में अतिरिक्त वाहन तैनात करने का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में पुलिस की पहुंच का समय (रिस्पांस टाइम) कम करना है। इससे दुर्घटना या किसी अन्य आपदा की स्थिति में पीड़ितों को गोल्डन ऑवर के भीतर त्वरित सहायता मिल सकेगी।

भोपाल के डायल 112 हीरोज सतर्कता और त्वरित कार्यवाही से तालाब में कूदी युवती की बचाई जान

भोपाल  भोपाल के थाना तलैया क्षेत्र में डायल-112 जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया और संवेदनशील कार्यवाही से आत्महत्या के उद्देश्य से तालाब में कूदी एक युवती को सुरक्षित बाहर निकालकर उसकी जान बचाई गई। समय रहते की गई कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। 14 मई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना तलैया क्षेत्र अंतर्गत राजा भोज सेतु के पास एक महिला तालाब में कूद गई है और तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही तलैया थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ प्रधान आरक्षकशाहीद खान एवं पायलटविपिन श्रीवास ने मौके पर पहुँचकर पाया कि अज्ञात कारणों से 25 वर्षीय युवती आत्महत्या के उद्देश्य से तालाब में कूद गई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 जवानों ने स्थानीय लोगों की सहायता से तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाकर युवती को सुरक्षित तालाब से बाहर निकाला। इसके बाद युवती को डायल 112 वाहन की सहायता से हमीदिया अस्पताल पहुँचाया। डायल-112 जवानों द्वारा संबंधित थाने में सूचना दर्ज कराते हुए युवती को समझाइश दी गई तथा मेडिकल परीक्षण उपरांत परिजनों के सुपुर्द किया गया। डायल 112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन सहायता ही नहीं, बल्कि संकटग्रस्त लोगों को समय पर संवेदनात्मक सहयोग और जीवन रक्षा प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। 

रतलाम के डायल-112 हीरोज सड़क हादसे में घायल हुए तीन लोगों को समय पर पहुँचाया अस्पताल भोपाल रतलाम जिले के थाना रिंगनोद क्षेत्र मेंडायल-112 जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया और संवेदनशील कार्यवाहीसे सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल तीन व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार दिलाया गया। समय पर मिली सहायता से घायलों को शीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी। 07 मई को सुबह राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना रिंगनोद क्षेत्र अंतर्गतबिनोलीफंटा रोडपर दो मोटर साइकिलों की आमने-सामने से टक्कर हो गई है, जिसमें तीन व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही रिंगनोद थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल 112 स्‍टॉफआरक्षक चंद्रपाल सिंह एवं पायलट मंगलेश्वर सूर्यवंशीने मौके पर पहुँचकरपाया कि मोटरसाइकिल दुर्घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। डायल-112 जवानों ने बिना समय गंवाए सभी घायलों कोएफआरव्ही वाहनकी सहायता से तत्कालशासकीय अस्पताल जावरापहुँचाया।डायल-112 जवानों की तत्परता से घायलों को समय पर उपचार मिल सका। डायल 112 हीरोजश्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा हर आपात परिस्थिति में त्वरित सहायता, संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना के साथ आमजन के लिए सदैव सक्रिय और प्रतिबद्ध है।

भोपाल  रतलाम जिले के थाना रिंगनोद क्षेत्र मेंडायल-112 जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया और संवेदनशील कार्यवाहीसे सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल तीन व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार दिलाया गया। समय पर मिली सहायता से घायलों को शीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी। 07 मई को सुबह राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना रिंगनोद क्षेत्र अंतर्गतबिनोलीफंटा रोडपर दो मोटर साइकिलों की आमने-सामने से टक्कर हो गई है, जिसमें तीन व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही रिंगनोद थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल 112 स्‍टॉफआरक्षक  चंद्रपाल सिंह एवं पायलट  मंगलेश्वर सूर्यवंशीने मौके पर पहुँचकरपाया कि मोटरसाइकिल दुर्घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। डायल-112 जवानों ने बिना समय गंवाए सभी घायलों कोएफआरव्ही वाहनकी सहायता से तत्कालशासकीय अस्पताल जावरापहुँचाया।डायल-112 जवानों की तत्परता से घायलों को समय पर उपचार मिल सका। डायल 112 हीरोजश्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा हर आपात परिस्थिति में त्वरित सहायता, संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना के साथ आमजन के लिए सदैव सक्रिय और प्रतिबद्ध है।  

रतलाम के डायल 112 हीरोज संवेदनशीलता और तत्परता से भटकी बीमार महिला को दिलाया उपचार

भोपाल रतलाम जिले के थाना इंडस्ट्रियल एरिया क्षेत्र में डायल-112 जवानों की मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्यवाही से मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं बीमार महिला को सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराया गया। इस कार्यवाही ने यह स्पष्ट किया कि डायल-112 सेवा हर जरूरतमंद तक सहायता पहुँचाने के लिए सदैव सजग है। 03 मई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना इंडस्ट्रियल एरिया क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बड़बड़ में 40 वर्षीय महिला भटकी हुई अवस्था में मिली है, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं बीमार है तथा पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही संबंधित क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। घटनास्थल पर पहुँचकर प्रधान आरक्षक  शेर सिंह एवं पायलट  विशाल राव ने महिला को सुरक्षित संरक्षण में लिया और आसपास के क्षेत्र में उसके परिजनों की तलाश एवं पूछताछ की, किंतु महिला की पहचान संबंधी कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए डायल-112 जवानों ने मानवता का परिचय देते हुए महिला को एफआरव्ही वाहन के माध्यम से तत्काल मेडिकल कॉलेज रतलाम पहुँचाया। डायल-112 जवानों की इस संवेदनशील और जिम्मेदार कार्रवाई से एक असहाय महिला को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकी। डायल 112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा केवल आपात घटनाओं में ही नहीं, बल्कि बेसहारा, बीमार एवं असहाय व्यक्तियों की सहायता के लिए भी समान रूप से प्रतिबद्ध और तत्पर है।  

शहडोल के डायल-112 हीरोज रास्ता भटके 10 वर्षीय बालक को सुरक्षित परिजनों से मिलाया

भोपाल  शहडोल जिले के थाना बुढ़ार क्षेत्र में डायल-112 जवानों की संवेदनशील एवं तत्पर कार्रवाई से घर का रास्ता भटक गए 10 वर्षीय बालक को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया गया। समय पर की गई इस मानवीय पहल से बालक को सुरक्षा एवं परिवार का सान्निध्य पुनः प्राप्त हो सका। 30 अप्रैल को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल में सूचना प्राप्त हुई कि थाना बुढ़ार क्षेत्र अंतर्गत कॉलेज तिराहा के पास एक 10 वर्षीय बालक अकेला मिला है, जो घर का रास्ता भटक गया है। पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही बुढ़ार थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ आरक्षक  प्रिंस अग्रवाल एवं पायलट  पंकज लोधी ने बालक को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। बालक से स्नेहपूर्वक बातचीत करने पर बालक ने बताया कि वह बरतरा गाँव का निवासी है। डायल-112 टीम ने तत्परता दिखाते हुए बालक के बताए स्थान के आधार पर उसके परिजनों से संपर्क स्थापित किया एवं उन्हें मौके पर बुलाया । बालक द्वारा पहचान एवं आवश्यक सत्यापन उपरांत उसे सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया गया। बालक के सुरक्षित मिलने पर परिजनों द्वारा डायल-112 सेवा के प्रति आभार व्यक्त किया। डायल-112 जवानों की संवेदनशील एवं समर्पित कार्यवाही से एक मासूम बालक को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुँचाया जा सका। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आमजन, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा एवं सहायता हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।  

डायल-112 हीरोज की बहादुरी: विदिशा में सूखे कुएँ से मिली नवजात बच्ची को अस्पताल पहुँचाया

भोपाल  विदिशा जिले के थाना कुरवाई क्षेत्र में डायल-112 जवानों की संवेदनशील एवं मानवीय कार्रवाई से सूखे कुएँ में परित्यक्त अवस्था में मिली नवजात बच्ची को सुरक्षित बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया। समय पर किए गए इस प्रयास से मासूम बच्ची को जीवनदान मिल सका। दिनांक 10 अप्रैल को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना कुरवाई क्षेत्र अंतर्गत ग्राम परसरी में एक सूखे कुएँ में नवजात बच्ची परित्यक्त अवस्था में मिली है, जिसे कोई अज्ञात व्यक्ति छोड़कर चला गया है। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही कुरवाई थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया तथा वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत कराया गया। मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ आरक्षक श्री नेतराम अहिरवार एवं पायलट श्री नरेंद्र दांगी ने नवजात बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में लिया।डायल-112 जवानों ने त्वरित एवं मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बच्ची को एफआरव्ही वाहन से तत्काल शासकीय चिकित्सालय, कुरवाई पहुँचाया, जहाँ प्राथमिक उपचार उपरांत उसे जिला चिकित्सालय, विदिशा रेफर किया गया।  इस कार्रवाई में डायल-112 जवानों की सजगता एवं संवेदनशीलता से एक नवजात को समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल सकी। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आमजन, विशेषकर असहाय एवं जरूरतमंदों की सुरक्षा हेतु सदैव तत्पर, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।  

कटनी डायल-112 की टीम ने पलटी बस के घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया

कटनी के डायल-112हीरोज: अनियंत्रित होकर पलटी यात्री बस, घायलों को त्वरित सहायता से पहुँचाया अस्पताल कटनी कटनी जिले के थाना कुठला क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्पर एवं संवेदनशील कार्रवाई से अनियंत्रित होकर पलटी यात्री बस में घायल यात्रियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। इस त्वरित राहत कार्य से घायलों को शीघ्र चिकित्सकीय सहायता मिल सकी। दिनांक 30 मार्च 2026 को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना कुठला क्षेत्र अंतर्गत लंतरा के पास यात्रियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई है, जिसमें लगभग 08 यात्री घायल हो गए हैं एवं तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही कुठला थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112एफआरव्ही वाहनों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ आरक्षक दुर्गेश एवं पायलट दीपक कुमार ने पाया कि दुर्घटना में 08 यात्री घायल हो गए थे। डायल-112 जवानों ने त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई करते हुए सभी घायलों को एफआरव्ही वाहन एवं चिकित्सा वाहनों की सहायता से शासकीय चिकित्सालय, कुठला पहुँचाया। डायल-112 की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से सभी घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध हो सका। डायल-112हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में त्वरित राहत एवं सहायता प्रदान करने हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।  

हृदयघात से बेहोश व्यक्ति को डायल-112 जवानों ने समय पर सीपीआर देकर बचाया

भोपाल  डायल-112 आपात स्थितियों में केवल त्वरित पहुँच ही नहीं, बल्कि प्रशिक्षित मानवीय हस्तक्षेप के माध्यम से वन रक्षा का भरोसेमंद माध्यम है। देवास जिले में डायल-112 जवानों ने समय पर सीपीआर देकर हृदयघात से पीड़ित व्यक्ति की जान बचाकर अपनी दक्षता और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। दिनांक 24 फरवरी 2026 को देवासजिले के थाना टोकखुर्द अंतर्गत ग्राम कलमा स्थित शर्मा  पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति के अचानक हृदयघात का दौरा पड़ने से बेहोश हो जाने की सूचनाडायल-112 राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूमभोपालको प्राप्त हुई। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना टोकखुर्द क्षेत्र में तैनात नजदीकी डायल-112 को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर डायल-112 एफआरवी में तैनातप्रधान आरक्षक  राकेश डामोरएवंपायलट  यशवंत पटेलने पाया कि व्यक्ति बेहोशी की अवस्था में है। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए डायल-112 जवानों ने बिना समय गंवाएसीपीआरदेना प्रारंभ किया। कुछ मिनटों की निरंतर और सटीक प्रक्रिया के पश्चात पीड़ित को होश आया। इसके पश्चात डायल-112 जवानों द्वारा चिकित्सा वाहन की सहायता से पीड़ित व्यक्ति को उपचार हेतुजिला अस्पताल देवासपहुँचाया। डायल-112 टीम की तत्परता, नियमित प्रशिक्षण और व्यावसायिक दक्षता के कारण यह वन रक्षक सहायता समय पर संभव हो सकी। पीड़ित के परिजनों ने डायल-112 सेवा की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए पुलिस स्टाफ का आभार व्यक्त किया। डायल-112 हीरोज द्वारा प्रदर्शित यह साहसिक एवं मानवीय कार्य पुलिस के “जन-सेवा, जन-सुरक्षा” के संकल्प को सुदृढ़ करता है।  

स्कूल के लिए तैयार होकर घर से निकलकर रास्ता भटकी दो बालिकाओं को डायल-112 जवानों ने परिजनों से मिलाया

भोपाल डायल-112 केवल आपात स्थितियों में सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों, महिलाओं और नागरिकों की सुरक्षा में मानवीय संवेदनशीलता का भरोसेमंद सहारा है। इंदौर जिले में डायल-112 जवानों ने त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ से रास्ता भटकी दो मासूम बालिकाओं को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलाकर जन-सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। दिनांक 24 फरवरी को इंदौर के थाना एरोड्रम क्षेत्र अंतर्गत सेंट्रल वेयर हाउस के सामने दो बालिकाएँ मिलने की सूचना डायल-112 राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम भोपाल को प्राप्त हुई। सूचना में बताया गया कि दोनों बालिकाएँ घर का रास्ता भटक गई हैं तथा पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही थाना एरोड्रम क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ सउनि  कैलाश मेडा, आरक्षक  पुष्पेंद्र शर्मा एवं पायलट  अजय प्रजापति ने दोनों बालिकाओं को अपने संरक्षण में लिया। बालिकाएँ स्कूल की यूनिफॉर्म में थीं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वे विद्यालय जाने की तैयारी में थीं। डायल-112 जवानों ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए संबंधित स्कूल से संपर्क किया, जहाँ से बालिकाओं के परिजनों की जानकारी प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही परिजन चौकी पहुँचे, जहाँ पहचान एवं सत्यापन उपरांत दोनों बालिकाओं को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बालिकाओं की माता उन्हें स्कूल के लिए तैयार कर बैग एवं टिफिन लेने घर के भीतर गई थीं, इसी दौरान बालिकाएँ खेलते-खेलते घर से बाहर निकल गईं और रास्ता भटक गईं। अपने बच्चों को सुरक्षित पाकर परिजनों ने डायल-112 जवानों का आभार व्यक्त किया। डायल-112 हीरोज द्वारा प्रदर्शित यह मानवीय कार्य पुलिस के प्रति समाज के विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करता है। 

972 करोड़ की योजना पर हाई कोर्ट भड़का: ‘क्या डायल 112 के लिए मर्सिडीज चलानी है?’

जबलपुर  मध्य प्रदेश में डायल 112 फेज-2 प्रोजेक्ट को लेकर छिड़ा विवाद अब हाई कोर्ट की दहलीज पर पहुंच गया है। 972 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत और टेंडर की शर्तों को लेकर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार पर तीखी टिप्पणी की है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान परियोजना की लागत पर हैरानी जताई। जब यह तथ्य सामने आया कि 1200 वाहनों के इस प्रोजेक्ट पर 972 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं, तो कोर्ट ने मौखिक रूप से पूछा- 'क्या आप डायल 112 में मर्सिडीज कार चला रहे हैं?' यह टिप्पणी सीधे तौर पर सरकारी धन के उपयोग और प्रोजेक्ट की प्लानिंग पर सवाल उठाती है। अदालत ने 6 करोड़ 29 लाख रुपए के सीएडी (कंप्यूटर आधारित प्रेषण) सॉफ्टवेयर के लिए जारी नए टेंडर पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने सरकार को एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है और पुलिस विभाग से वर्तमान सॉफ्टवेयर की कार्यक्षमता पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। विवाद की क्या है मुख्य वजह? ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विसेज (EMRI) के अनुसार, उन्हें मार्च 2025 में सिस्टम इंटीग्रेटर नियुक्त किया गया था और सितंबर 2025 से सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। कंपनी का आरोप है कि दिसंबर 2025 में सॉफ्टवेयर के लिए अलग टेंडर जारी करना मूल अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन है। राज्य सरकार और पुलिस विभाग का तर्क है कि 972 करोड़ रुपए में केवल वाहन ही नहीं, बल्कि डेटा सेंटर, तकनीकी ढांचा और परिचालन लागत भी शामिल है। उनका दावा है कि वर्तमान सॉफ्टवेयर में तकनीकी खामियां हैं, जिन्हें दूर करने के लिए नया टेंडर अनिवार्य था। प्रोजेक्ट की क्या है स्थिति? फेज-2 के तहत 1200 वाहनों के माध्यम से पुलिस सहायता को आधुनिक बनाने का लक्ष्य है। हालांकि, तकनीकी और कानूनी पेच ने फिलहाल इस महत्वाकांक्षी परियोजना की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।