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डायल-112 की तत्परता से सड़क दुर्घटना में घायल 12 व्यक्तियों को समय पर मिली चिकित्सा सहायता

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने और जरूरतमंदों तक समय पर पहुँचने के लिए तत्परता से कार्य कर रही है। इसी क्रम में रायसेन जिले के थाना औबेदुल्लागंज क्षेत्र में 34 मील के पास पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलटने से घायल हुए 12 व्यक्तियों को डायल-112 के जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एफआरव्ही एवं चिकित्सा वाहन की सहायता से शासकीय अस्पताल औबेदुल्लागंज पहुँचाया। 23 अक्टूबर को दुर्घटना की सूचना राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल में प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही संबंधित क्षेत्र की एफआरव्ही को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल-112 के प्रधान आरक्षक  विनय दुबे, प्रधान आरक्षक  दुर्गेश तथा पायलट  करण एवं  महेन्द्र ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लेते हुए राहत कार्य प्रारंभ किया। दुर्घटना में घायल सभी 12 व्यक्तियों को एफआरव्ही वाहन एवं चिकित्सा वाहन की सहायता से शासकीय अस्पताल औबेदुल्लागंज में भर्ती कराया। डायल-112 की यह त्वरित एवं समन्वित कार्यवाही आपात परिस्थितियों में पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही सहायता के लिए रवाना होना, घटनास्थल पर पहुँचकर राहत कार्य करना और घायलों को अस्पताल पहुँचाने की व्यवस्था करना पुलिस की जनहितैषी कार्यशैली का परिचायक है। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की सुरक्षा एवं सहायता के लिए सदैव तत्पर है।     

डायल-112 से क्राइम सीन तक, BHEL मैदान में दिखी न्याय प्रक्रिया की पूरी तस्वीर

डायल-112 से क्राइम सीन और वैज्ञानिक साक्ष्य तक—न्याय की पूरी प्रक्रिया का सजीव प्रदर्शन बीएचईएल दशहरा मैदान में 14 विशेष ज़ोन में नवीन न्याय संहिताओं की दी जा रही है जानकारी नाट्य मंचन से समझाई जा रही पुलिस और न्याय व्यवस्था की कार्यप्रणाली भोपाल  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा 03 अक्टूबर को भेल दशहरा मैदान में शुभारंभ की गई नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित भव्य प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा आधुनिक पुलिसिंग और न्याय प्रक्रिया को आमजन के लिए सरल एवं सहज तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रदर्शनी में अपराध की सूचना प्राप्त होने से लेकर पुलिस रिस्पॉन्स, घटनास्थल की जांच, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन, फॉरेंसिक जांच, अभियोजन और न्यायालयीन प्रक्रिया तक की पूरी यात्रा को 14 विशेष ज़ोन में मॉडल, डिजिटल तकनीक, वीडियो और सजीव नाट्य मंचनके माध्यम से समझाया जा रहा है।नागरिकों, विद्यार्थियों और अन्य आगंतुकों को पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा इस व्यवस्था की कार्यप्रणाली की जानकारी दी जा रही है। 07 अक्टूबर तक चलने वाली इस पांच दिवसीय प्रदर्शनी में प्रतिदिन सुबह 11:30 बजे, दोपहर 1:00 बजे, 3:30 बजे तथा शाम 5:00 बजेस्थानीय रंगकर्मियों, पुलिस अधिकारियों, डॉक्टर्स एवं अभियोजन अधिकारियों द्वारा सजीव नाट्य मंचन किया जा रहा है। संजीव नाट्य मंचन के माध्यम से यह बताया जा रहा है कि किसी घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस किस प्रकार कार्रवाई करती है और विभिन्न चरणों से गुजरते हुए मामला न्यायालय तक कैसे पहुंचता है। डायल-112—एक कॉल से पुलिस रिस्पॉन्स तक की पूरी प्रक्रिया लाइव प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश पुलिस कीडायल-112 की प्रर्दशनी प्रमुख आकर्षण बनी हुई है। इसमें आपातकालीन कॉल प्राप्त होने से लेकर पुलिस टीम के घटनास्थल तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया को लाइव डेमो के माध्यम से प्रदर्शित किया जा रहा है। कंपनी प्रतिनिधियों द्वाराकॉल टेकरकी भूमिका निभाते हुए आपातकालीन कॉल प्राप्त करने, कॉलर से आवश्यक जानकारी लेने और घटना का विवरण दर्ज करने की प्रक्रिया दिखाई जा रही है। इसके बाद पुलिस कर्मचारियों द्वाराडिस्पैचरकी भूमिका में सूचना का विश्लेषण कर संबंधित पुलिस टीम को घटनास्थल के लिए रवाना करने की प्रक्रिया समझाई जा रही है। प्रदर्शनी में यह भी बताया जा रहा है कि डायल-112 पर प्राप्त सूचना की रिसीविंग, सूचना संकलन, डिस्पैच, पुलिस रिस्पॉन्स और वरिष्ठ अधिकारियों की मॉनिटरिंग किस प्रकार एक समन्वित व्यवस्था के तहत की जाती है। प्रदेश स्तर से लेकर संभागीय एवं जिला स्तर तक 1200 FRV वाहनोंकी गतिविधियों की निगरानी और समीक्षा की व्यवस्था को भी प्रदर्शित किया गया है। डायल-112 के माध्यम से आधुनिक संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी प्रणालियों, त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स और विभिन्न स्तरों के बीच समन्वय को सरल भाषा में समझाया जा रहा है। क्राइम सीन से न्यायालय तक—हर साक्ष्य की अपनी भूमिका प्रदर्शनी के एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्से में 3D क्राइम सीन मॉडलके माध्यम से गंभीर अपराध के घटनास्थल की वैज्ञानिक जांच को सजीव रूप में प्रदर्शित किया जा रहा है। नाट्य मंचन के माध्यम से ग्रामीण परिवेश में एक झोपड़ी के सामने का घटनास्थल दिखाया गया है, जहां गोली चलने और चाकू से हमला किए जाने की सूचना प्राप्त होती है। घटनास्थल पर चाकू, बोतल, बटन, कारतूस का खोखा और रक्त के संभावित निशान जैसे साक्ष्यों को प्रदर्शित किया गया है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस द्वारा सबसे पहले घटनास्थल को सुरक्षित किए जाने और साक्ष्यों के संरक्षण पर ध्यान देने की प्रक्रिया समझाई जा रही है। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार FSL टीम, फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ और डॉग स्क्वाडकी सहायता लेकर वैज्ञानिक जांच किस प्रकार आगे बढ़ाई जाती है, इसे रोल-प्ले के माध्यम से प्रदर्शित किया जा रहा है। घटनास्थल कीस्केल फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी, संभावित फिंगरप्रिंट और जैविक साक्ष्यों का परीक्षण, कारतूस के खोखे के आधार पर आसपास के क्षेत्र की व्यवस्थित सर्च तथा अन्य भौतिक साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन की प्रक्रिया को भी सरल भाषा में बताया जा रहा है। यदि घटना की परिस्थितियों के अनुसार किसी संदिग्ध की पहचान होती है, तो मोबाइल फॉरेंसिक वैन में उपलब्ध GSR परीक्षण किटसे प्राथमिक परीक्षण की प्रक्रिया भी प्रदर्शित की जा रही है। प्राथमिक परीक्षण का परिणाम प्राप्त होने के बाद अंतिम वैज्ञानिक निष्कर्ष के लिए आवश्यक नमूनों को कन्फर्मेटरी परीक्षण हेतु राज्य न्यायालय विज्ञान प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया समझाई जा रही है। इसी प्रकार फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ द्वारा संभावित फिंगरप्रिंट विकसित एवं लिफ्ट किए जाने तथा उन्हें नियमानुसार सुरक्षित रखने की प्रक्रिया बताई जा रही है। साइबर सुरक्षा—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें प्रदर्शनी में साइबर अपराधों से बचाव और ठगी की स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी जा रही है। नागरिकों को बताया जा रहा है कि साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। साइबर ठगी के मामलों में ‘गोल्डन ऑवर’ का विशेष महत्व है। घटना की सूचना जितनी जल्दी मिलेगी, ठगी की रकम को ट्रैक करने और उपलब्ध प्रक्रिया के माध्यम से उसे फ्रीज कराने के प्रयास उतने ही प्रभावी हो सकते हैं। प्रदर्शनी में ₹25,000 से अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी में E-Zero FIR, ऑनलाइन जॉब स्कैम, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड एवं इन्वेस्टमेंट फ्रॉड जैसे मामलों से सावधान रहने की जानकारी दी जा रही है। नागरिकों को म्यूल अकाउंट के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है—किसी अन्य व्यक्ति को अपना बैंक खाता उपयोग करने देना अथवा अनजान लोगों से खाते में राशि लेकर नकद देना साइबर अपराध में संलिप्तता का कारण बन सकता है। साथ ही ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर होने वाली ठगी के प्रति सचेत करते हुए बताया जा रहा है कि पुलिस में डिजिटल अरेस्ट का कोई प्रावधान नहीं है। किसी भी संदिग्ध कॉल, वीडियो कॉल या धनराशि की मांग पर घबराएं नहीं और तत्काल संबंधित माध्यम से शिकायत करें। आज नाट्य मंचन से आगे बढ़ेगी प्रदर्शनी की कहानी प्रदर्शनी मेंआज 06 अक्टूबर को वैज्ञानिक अनुसंधान चरणका विशेष रूप से नाट्य मंचन किया जाएगा। इस चरण में घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों को वैज्ञानिक जांच के लिए आगे बढ़ाने की प्रक्रिया को FSL विशेषज्ञों, फोरेंसिक विशेषज्ञों तथा डॉक्टर/मेडिकल टीमकी भूमिका के माध्यम से समझाया जाएगा। इसके अतिरिक्‍त प्रदर्शनी में ‘ऑपरेशन मुस्कान’को विशेष फीचर के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके माध्यम से गुम हुए बालक-बालिकाओं की तलाश, विभिन्न स्थानों पर पुलिस टीमों की कार्रवाई, पहचान एवं सत्यापन तथा उन्हें सुरक्षित रूप से … Read more

डायल-112 हीरोज: आधी रात दो अलग-अलग घटनाओं में डायल 112 बनी मददगार—आधी रात रास्ता भटकी 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला को जवानों ने परिजनों से मिलाया

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में त्वरित पुलिस सहायता के साथ-साथ संवेदनशील मानवीय जरूरतों में भी तत्परता से लोगों की मदद कर रही है। 23 सितम्बर की देर रात प्रदेश में सामने आई दो अलग-अलग घटनाओं में डायल-112 के जवानों ने अपनी तत्परता और संवेदनशीलता से एक ओर रास्ता भटकी 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला को उनके परिजनों से मिलाया, वहीं दूसरी ओर घर में घुसे सांप को सुरक्षित पकड़वाकर परिवार को राहत दिलाई। सागर में आधी रात रास्ता भटकी बुजुर्ग महिला को मिला परिवार का सहारा सागर जिले के थाना बीना क्षेत्र में खुरई रोड स्थित पावर हाउस के पास 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला रास्ता भटक जाने के कारण अकेली मिलीं। इस संबंध में 23 सितम्बर को रात्रि करीब 1 बजे राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही बीना थाना क्षेत्र में तैनात एफआरवी वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ आरक्षक विक्रम प्रताप एवं पायलट फरहान खान ने मौके पर पहुंचकर बुजुर्ग महिला को सुरक्षित संरक्षण में लिया। जवानों ने एफआरवी वाहन से आसपास के क्षेत्रों में जाकर परिजनों की तलाश की और लोगों से पूछताछ की। इसी दौरान महिला के परिजन भी उनकी तलाश करते हुए वहां पहुंच गए। पहचान एवं सत्यापन के बाद डायल-112 जवानों ने बुजुर्ग महिला को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। देवास में घर में घुसे सांप को सुरक्षित पकड़वाकर जंगल में छुड़वाया देवास जिले के थाना औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत विकास नगर में 23 सितम्बर की रात करीब 2:20 बजे एक घर में सांप घुस आने की सूचना राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल से जिला देवास डायल-112 कंट्रोल रूम को प्राप्त हुई। सूचना पर तत्काल एफआरवी क्रमांक 08 को मौके के लिए रवाना किया। एफआरवी स्टाफ एएसआई सुरेश चंद्र शिवर एवं पायलट विजय मालवीय ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। घर के अंदर सांप मौजूद होने की जानकारी मिलने पर एफआरवी स्टाफ ने तत्काल सर्पमित्र को मौके पर बुलवाया। सांप को सुरक्षित पकड़वाकर जंगल में छुड़वा दिया गया, जिससे परिवार को राहत मिली और सांप को भी सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया। डायल-112 एफआरवी स्टाफ की त्वरित कार्रवाई से कॉलर को तत्काल सहायता मिली। कॉलर ने डायल-112 की तत्परता की सराहना करते हुए पुलिस जवानों का धन्यवाद व्यक्त किया। डायल-112 — संकट की घड़ी में त्वरित सहायता और संवेदनशीलता का भरोसा मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही जरूरतमंदों की सुरक्षा और सहायता के लिए निरंतर तत्पर है। आमजन किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में डायल-112 पर कॉल कर पुलिस सहायता प्राप्त कर सकते हैं। 

मध्य प्रदेश में डायल 112 की नई व्यवस्था, 2 मिनट में नहीं पहुंची टीम तो बजेगा अलर्ट

भोपाल  मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में पुलिस की आपकालीन सेवा डायल- 112 में कुछ जिलों में रिस्पांस में देरी की शिकायतों के बाद व्यवस्था में परिवर्तन किया गया है। पुलिस रेडियो मुख्यालय द्वारा अब डायल-112 के आपातकालीन वाहनों के सिस्टम से जिले के जिम्मेदार पुलिस अफसरों को जोड़ा गया है। यानी की अब डायल 112 में घटना की सूचना आने के बाद यदि वाहन दो मिनट के भीतर घटनास्थल के लिए रवाना नहीं होता है तो सीधे एडिशनल एसपी के पास अलर्ट जाएगा। जिसमें वाहन नंबर और थाना क्षेत्र भी होगा। दरअसल इस व्यवस्था से पहले सभी जिलों के एसपी को जोड़ा गया था। लेकिन बाद में परिवर्तन करते हुए यह जिम्मेदारी एडिशनल एसपी को दी गई है। 2 मिनट के भीतर करना होगा पायलट को एनरूट फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल (एफआरवी) यानी डायल- 112 के पायलट के पास जैसे ही कोई इवेंट आता है तो सबसे पहले उसे एकनॉलेज करना होता है यानी की उसे इवेंट की जानकारी प्राप्त हो गई है। उसके बाद उसे घटनास्थल रवाना होने से पहले एनरूट करना होता है यानी की वो मौके के लिए रवाना हो गया है। अब इस प्रक्रिया को एफआरवी का पायलट 2 मिनट तक नहीं करते है तो सिस्टम सीनियर अधिकारियों को देरी का अलर्ट देने लगेगा। 78 लाख लोगों ने मांगी 9 माह में मदद डॉयल 112 के ताजा आंकड़ों के मुताबिक सिंतबर 2025 ले 26 मई 2026 तक यानी नौ माह में 78 लाख लोगों ने फोन कर आपातकालीन सेवा से मदद मांगी। जिसमें 21 लाख से ज्यादा जगहों पर एफआरवी वाहन मदद के लिए भेजे गए। जिसमें सबसे ज्यादा साइबर क्राइम, महिला अपराध से जुड़े है। रिस्पांस टाइम बढ़ने की शिकायतों के बाद बदलाव पुलिस रेडियो मुख्यालय की मॉनिटरिंग में यह शिकायत लगातार सामने आ रही थी कि एफआरवी समय से कई जगहों पर मूवमेंट नहीं मूवमट कर रही है, जिस कारण रिस्पांस टाइम बढ़ रहा है। पड़ताल में पता चला कि पायलट गाड़ी खड़ी कर किसी अन्य काम में लग जाता था। जिस कारण इवेंट आने पर घटनास्थल पर पहुंचने में समय लगता था। खामी सामने आने के बाद सिस्टम में ही बदलाव कर दिया है। सीएम ने दी थी सौगात जानकारी के लिए बता दें कि एमपी में साल 2025 में एमपी पुलिस को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आधुनिक सुविधाओं और तकनीकों से लैस 1200 नई महिंद्रा स्कॉर्पियो और बोलोरो गाड़ियों की सौगात दी इसी के साथ पुलिस सहायता का नंबर भी डायल-100 के बजाए डायल-112 किया गया। यानी पुलिस सहायता के लिए आपको 112 पर कॉल करना होगा। कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और त्वरित बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया थी। बीते स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेश के विभिन्न पुलिस थानों को ये नए तकनीकी डायल-112 के वाहन सौंपे गए। इन अत्याधुनिक वाहनों के माध्यम से पुलिस रिस्पॉन्स टाइम को कम करने और आमजन तक त्वरित सहायता पहुंचाने में उल्लेखनीय सुधार होने का दावा किया गया। इसी पर अब काम किया जा रहा है।

अब और तेज होगा पुलिस रिस्पांस, बिलासपुर में 24 नई Dial-112 वाहनों की एंट्री

बिलासपुर. आपातकालीन स्थिति में लोगों तक तेजी से सहायता पहुंचाने वाली डायल 112 सेवा अब बिलासपुर जिले में और अधिक मजबूत होने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की पहल पर जिले के पुलिस बेड़े में 24 नए आधुनिक वाहन शामिल किए जाएंगे। इन वाहनों के शामिल होने से जिले में रियल टाइम रिस्पांस सिस्टम पहले से ज्यादा प्रभावी होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के लिए 400 नए आपातकालीन वाहनों को हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें से 24 वाहन बिलासपुर पुलिस को सौंपे जाएंगे। पुराने और जर्जर वाहनों से मिलेगी राहत वर्तमान में जिले के 19 थानों में एक-एक डायल 112 वाहन तैनात है। ये वाहन सूचना मिलते ही घटना स्थल के लिए रवाना होते हैं। हालांकि लगातार कई वर्षों तक चौबीसों घंटे इस्तेमाल होने के कारण अधिकांश वाहन जर्जर और कंडम हो चुके थे। इससे पुलिस के रिस्पांस टाइम पर भी असर पड़ रहा था। इसी समस्या को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के लिए 400 नए वाहनों की स्वीकृति दी है। बिलासपुर में पुराने वाहनों की जगह नए आधुनिक वाहन तैनात किए जाएंगे। संवेदनशील इलाकों में रहेंगे अतिरिक्त वाहन बिलासपुर को मिलने वाले 24 वाहनों में से 19 वाहन जिले के सभी थानों में पुराने वाहनों की जगह लगाए जाएंगे। इसके अलावा बचे पांच अतिरिक्त वाहनों को उन क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा, जहां दुर्घटनाओं और अपराध की घटनाएं अधिक होती हैं। इन थाना क्षेत्रों में अतिरिक्त वाहन तैनात किए जाएंगे सरकंडा सिविल लाइन तोरवा कोतवाली सकरी तेजी से मिलेगी मदद पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संवेदनशील और व्यस्त क्षेत्रों में अतिरिक्त वाहन तैनात करने का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में पुलिस की पहुंच का समय (रिस्पांस टाइम) कम करना है। इससे दुर्घटना या किसी अन्य आपदा की स्थिति में पीड़ितों को गोल्डन ऑवर के भीतर त्वरित सहायता मिल सकेगी।

भोपाल के डायल 112 हीरोज सतर्कता और त्वरित कार्यवाही से तालाब में कूदी युवती की बचाई जान

भोपाल  भोपाल के थाना तलैया क्षेत्र में डायल-112 जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया और संवेदनशील कार्यवाही से आत्महत्या के उद्देश्य से तालाब में कूदी एक युवती को सुरक्षित बाहर निकालकर उसकी जान बचाई गई। समय रहते की गई कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। 14 मई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना तलैया क्षेत्र अंतर्गत राजा भोज सेतु के पास एक महिला तालाब में कूद गई है और तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही तलैया थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ प्रधान आरक्षकशाहीद खान एवं पायलटविपिन श्रीवास ने मौके पर पहुँचकर पाया कि अज्ञात कारणों से 25 वर्षीय युवती आत्महत्या के उद्देश्य से तालाब में कूद गई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 जवानों ने स्थानीय लोगों की सहायता से तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाकर युवती को सुरक्षित तालाब से बाहर निकाला। इसके बाद युवती को डायल 112 वाहन की सहायता से हमीदिया अस्पताल पहुँचाया। डायल-112 जवानों द्वारा संबंधित थाने में सूचना दर्ज कराते हुए युवती को समझाइश दी गई तथा मेडिकल परीक्षण उपरांत परिजनों के सुपुर्द किया गया। डायल 112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन सहायता ही नहीं, बल्कि संकटग्रस्त लोगों को समय पर संवेदनात्मक सहयोग और जीवन रक्षा प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। 

रतलाम के डायल-112 हीरोज सड़क हादसे में घायल हुए तीन लोगों को समय पर पहुँचाया अस्पताल भोपाल रतलाम जिले के थाना रिंगनोद क्षेत्र मेंडायल-112 जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया और संवेदनशील कार्यवाहीसे सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल तीन व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार दिलाया गया। समय पर मिली सहायता से घायलों को शीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी। 07 मई को सुबह राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना रिंगनोद क्षेत्र अंतर्गतबिनोलीफंटा रोडपर दो मोटर साइकिलों की आमने-सामने से टक्कर हो गई है, जिसमें तीन व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही रिंगनोद थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल 112 स्‍टॉफआरक्षक चंद्रपाल सिंह एवं पायलट मंगलेश्वर सूर्यवंशीने मौके पर पहुँचकरपाया कि मोटरसाइकिल दुर्घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। डायल-112 जवानों ने बिना समय गंवाए सभी घायलों कोएफआरव्ही वाहनकी सहायता से तत्कालशासकीय अस्पताल जावरापहुँचाया।डायल-112 जवानों की तत्परता से घायलों को समय पर उपचार मिल सका। डायल 112 हीरोजश्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा हर आपात परिस्थिति में त्वरित सहायता, संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना के साथ आमजन के लिए सदैव सक्रिय और प्रतिबद्ध है।

भोपाल  रतलाम जिले के थाना रिंगनोद क्षेत्र मेंडायल-112 जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया और संवेदनशील कार्यवाहीसे सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल तीन व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार दिलाया गया। समय पर मिली सहायता से घायलों को शीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी। 07 मई को सुबह राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना रिंगनोद क्षेत्र अंतर्गतबिनोलीफंटा रोडपर दो मोटर साइकिलों की आमने-सामने से टक्कर हो गई है, जिसमें तीन व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही रिंगनोद थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल 112 स्‍टॉफआरक्षक  चंद्रपाल सिंह एवं पायलट  मंगलेश्वर सूर्यवंशीने मौके पर पहुँचकरपाया कि मोटरसाइकिल दुर्घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। डायल-112 जवानों ने बिना समय गंवाए सभी घायलों कोएफआरव्ही वाहनकी सहायता से तत्कालशासकीय अस्पताल जावरापहुँचाया।डायल-112 जवानों की तत्परता से घायलों को समय पर उपचार मिल सका। डायल 112 हीरोजश्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा हर आपात परिस्थिति में त्वरित सहायता, संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना के साथ आमजन के लिए सदैव सक्रिय और प्रतिबद्ध है।  

रतलाम के डायल 112 हीरोज संवेदनशीलता और तत्परता से भटकी बीमार महिला को दिलाया उपचार

भोपाल रतलाम जिले के थाना इंडस्ट्रियल एरिया क्षेत्र में डायल-112 जवानों की मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्यवाही से मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं बीमार महिला को सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराया गया। इस कार्यवाही ने यह स्पष्ट किया कि डायल-112 सेवा हर जरूरतमंद तक सहायता पहुँचाने के लिए सदैव सजग है। 03 मई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना इंडस्ट्रियल एरिया क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बड़बड़ में 40 वर्षीय महिला भटकी हुई अवस्था में मिली है, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं बीमार है तथा पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही संबंधित क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। घटनास्थल पर पहुँचकर प्रधान आरक्षक  शेर सिंह एवं पायलट  विशाल राव ने महिला को सुरक्षित संरक्षण में लिया और आसपास के क्षेत्र में उसके परिजनों की तलाश एवं पूछताछ की, किंतु महिला की पहचान संबंधी कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए डायल-112 जवानों ने मानवता का परिचय देते हुए महिला को एफआरव्ही वाहन के माध्यम से तत्काल मेडिकल कॉलेज रतलाम पहुँचाया। डायल-112 जवानों की इस संवेदनशील और जिम्मेदार कार्रवाई से एक असहाय महिला को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकी। डायल 112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा केवल आपात घटनाओं में ही नहीं, बल्कि बेसहारा, बीमार एवं असहाय व्यक्तियों की सहायता के लिए भी समान रूप से प्रतिबद्ध और तत्पर है।  

शहडोल के डायल-112 हीरोज रास्ता भटके 10 वर्षीय बालक को सुरक्षित परिजनों से मिलाया

भोपाल  शहडोल जिले के थाना बुढ़ार क्षेत्र में डायल-112 जवानों की संवेदनशील एवं तत्पर कार्रवाई से घर का रास्ता भटक गए 10 वर्षीय बालक को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया गया। समय पर की गई इस मानवीय पहल से बालक को सुरक्षा एवं परिवार का सान्निध्य पुनः प्राप्त हो सका। 30 अप्रैल को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल में सूचना प्राप्त हुई कि थाना बुढ़ार क्षेत्र अंतर्गत कॉलेज तिराहा के पास एक 10 वर्षीय बालक अकेला मिला है, जो घर का रास्ता भटक गया है। पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही बुढ़ार थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ आरक्षक  प्रिंस अग्रवाल एवं पायलट  पंकज लोधी ने बालक को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। बालक से स्नेहपूर्वक बातचीत करने पर बालक ने बताया कि वह बरतरा गाँव का निवासी है। डायल-112 टीम ने तत्परता दिखाते हुए बालक के बताए स्थान के आधार पर उसके परिजनों से संपर्क स्थापित किया एवं उन्हें मौके पर बुलाया । बालक द्वारा पहचान एवं आवश्यक सत्यापन उपरांत उसे सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया गया। बालक के सुरक्षित मिलने पर परिजनों द्वारा डायल-112 सेवा के प्रति आभार व्यक्त किया। डायल-112 जवानों की संवेदनशील एवं समर्पित कार्यवाही से एक मासूम बालक को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुँचाया जा सका। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आमजन, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा एवं सहायता हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।  

डायल-112 हीरोज की बहादुरी: विदिशा में सूखे कुएँ से मिली नवजात बच्ची को अस्पताल पहुँचाया

भोपाल  विदिशा जिले के थाना कुरवाई क्षेत्र में डायल-112 जवानों की संवेदनशील एवं मानवीय कार्रवाई से सूखे कुएँ में परित्यक्त अवस्था में मिली नवजात बच्ची को सुरक्षित बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया। समय पर किए गए इस प्रयास से मासूम बच्ची को जीवनदान मिल सका। दिनांक 10 अप्रैल को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना कुरवाई क्षेत्र अंतर्गत ग्राम परसरी में एक सूखे कुएँ में नवजात बच्ची परित्यक्त अवस्था में मिली है, जिसे कोई अज्ञात व्यक्ति छोड़कर चला गया है। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही कुरवाई थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया तथा वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत कराया गया। मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ आरक्षक श्री नेतराम अहिरवार एवं पायलट श्री नरेंद्र दांगी ने नवजात बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में लिया।डायल-112 जवानों ने त्वरित एवं मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बच्ची को एफआरव्ही वाहन से तत्काल शासकीय चिकित्सालय, कुरवाई पहुँचाया, जहाँ प्राथमिक उपचार उपरांत उसे जिला चिकित्सालय, विदिशा रेफर किया गया।  इस कार्रवाई में डायल-112 जवानों की सजगता एवं संवेदनशीलता से एक नवजात को समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल सकी। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आमजन, विशेषकर असहाय एवं जरूरतमंदों की सुरक्षा हेतु सदैव तत्पर, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।