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10 युवाओं को ‘विवेकानंद यूथ अवॉर्ड’ से सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री

लखनऊ,  योगी सरकार स्वामी विवेकानंद की जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ पर वृहद आयोजन करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में होने वाले मुख्य आयोजन में राज्य स्तरीय विवेकानंद यूथ अवॉर्ड (2024-25) प्रदान करेंगे। इस दौरान खेल व युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खेलो इंडिया खेलो योजना के अंतर्गत 21 करोड़ रुपये से निर्मित 5 मल्टीपर्पज हॉल (लखनऊ में दो, हरदोई, कन्नौज व सहारनपुर में एक-एक) का लोकार्पण भी करेंगे। मुख्यमंत्री यहीं से 26 करोड़ से निर्मित होने वाले तीन ग्रामीण स्टेडियम (सुल्तानपुर, कासगंज व फतेहपुर) का शिलान्यास भी करेंगे।    युवा कल्याण विभाग के उपनिदेशक अजात शत्रु शाही ने बताया कि व्यक्तिगत श्रेणी में चयनित 10 युवाओं व मंगल दल श्रेणी में चयनित युवक व महिला मंगल दल के सदस्यों को राज्य स्तरीय विवेकानंद यूथ अवार्ड प्रदान किया जाएगा। व्यक्तिगत श्रेणी में चयनित युवाओं को 50 हजार रुपये, स्मृति चिह्न, अंगवस्त्र व प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। वहीं युवक व महिला मंगल दल को राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार स्वरूप एक-एक लाख रुपये, ट्रॉफी, मोमेंटो, शॉल, प्रमाण पत्र आदि प्रदान किया जाएगा। लखनऊ में होने वाले विवेकानंद यूथ अवार्ड वितरण कार्यक्रम में मंगल दल के 1500 से अधिक युवा सम्मिलित होंगे। व्यक्तिगत श्रेणी में इन युवाओं को राज्य स्तर पर सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री 1-    अभिनीत कुमार मौर्य- हरदोई 2-    महिका खन्ना- शाहजहांपुर 3-    देवानंद राय- देवरिया 4-    अभिषेक पांडेय- मऊ 5-    संजना सिंह- बरेली 6-    प्रणव द्विवेदी- गोरखपुर 7-    साक्षी झा- गाजियाबाद 8-    सचिन गौरी वर्मा- गोरखपुर 9-    अवधेश कुमार- लखनऊ 10-    शिखा सहलोद- गाजियाबाद चयनित युवक मंगल दल 1-    संतकबीर नगर- सेमरियावां ग्राम पंचायत- रिजवान मुनीर (अध्यक्ष) 2-    बिजनौर- शहदपुरगुलाल ग्राम पंचायत- घनश्याम सिंह (अध्य़क्ष) 3-    शाहजहांपुर- चौधेरा ग्राम पंचायत- इंद्रजीत लोधी (अध्यक्ष) महिला मंगल दल 1-    बिजनौर- नहटौर विकास खंड- बसेड़ाखुर्द ग्राम पंचायत- ज्योति (अध्यक्ष) 2-    फिरोजाबाद- अरांव विकास खंड- अकबरपुर सराय ग्राम पंचायत- शिवानी चंदेल (अध्यक्ष) 3-    संतकबीर नगर- सांथा विकास खंड- पसाई ग्राम पंचायत- सुमन कुमारी (अध्यक्ष)

शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मनाया विश्व हिंदी दिवस

सूरजपुर. शासकीय रेवती रमण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूरजपुर में विगत दिवस विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने राष्ट्रीय हिंदी दिवस एवं अंतर्राष्ट्रीय हिंदी दिवस के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एच.एन. दुबे उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में हिंदी भाषा की वैश्विक स्तर पर बढ़ती लोकप्रियता और इसके महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में सहायक प्राध्यापक हिंदी श्री बुधलाल साहू, अतिरिक्त शिक्षक डॉ. श्रीकांत यादव, डॉ. विनोद साहू ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वरिष्ठ छात्रा रोशनी यादव ने छात्रों के दृष्टिकोण से हिंदी के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम में एम.ए. हिंदी प्रथम सेमेस्टर के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

सीएम कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का पूरी तरह होगा ऑनलाइन संचालन, फरवरी 2026 तक होगी प्रक्रिया पूरी

लखनऊ,  उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के मुताबिक किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में राजस्व परिषद मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। योजना के डिजिटलीकरण की समय सीमा फरवरी 2026 तय की गई है। मुख्य सचिव की बैठक में राजस्व परिषद के अधिकारियों ने बताया कि प्रक्रिया के पूरी होने के बाद योजना के संचालन को पूरी तरह से ऑनलाइन किया जाएगा। जिससे किसान परिवारों को दुर्घटना की स्थिति में आसानी से घर बैठे मुआवजा मिल सके। साथ ही डिजिटलीकरण से योजना का संचालन और अधिक समयबद्ध, प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सकेगा। बैठक में राजस्व परिषद के अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत दिसंबर 2025 तक लगभग 29,394 किसानों के आवेदन स्वीकृत किये जा चुके हैं। योजना के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया फरवरी 2026 तक होगी पूरी मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के मुताबिक राजस्व परिषद योजना का पूरी तरह डिजिटलीकरण कर रहा है। इसके लिए एनआईसी की मदद से एक आधुनिक वेब पोर्टल और सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है। इस पोर्टल के माध्यम से आवेदन, दस्तावेज अपलोड, सत्यापन, स्वीकृति और लाभ वितरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। पहले भी योजना के लिए आवेदन एनआईसी के वेब पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता था, लेकिन अन्य प्रक्रियाएँ भौतिक सत्यापन के द्वारा पूरी होती थीं। जिससे किसान परिवारों को समस्या का सामना करना पड़ता था। योजना के पूरी तरह ऑनलाइन हो जाने से किसानों को बार-बार तहसील या जिला कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और भ्रष्टाचार की संभावनाएँ भी समाप्त हो जाएंगी। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पोर्टल के अपडेशन का कार्य चल रहा है और इसे फरवरी 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। दिसंबर 2025 तक लगभग 29,394 किसानों के आवेदन हुए स्वीकृत मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की शुरुआत सीएम योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2019 में की थी। राजस्व परिषद ने अपनी मण्डलवार रिपोर्ट में बताया कि इस योजना के तहत दिसंबर 2025 तक लगभग 29,394 किसानों के आवेदन स्वीकृत किये जा चुके हैं। इनमें से सबसे ज्यादा आवेदन लखनऊ मण्डल में 3,569, गोरखपुर मण्डल में 3,143 जबकि अयोध्या और कानपुर मण्डल में क्रमशः 2,491 और 2,436 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। योजना प्रदेश के किसानों और उनके परिवारों को दुर्घटना की स्थिति में एक सुरक्षा कवच प्रदान करती है। योजना के तहत किसानों को दुर्घटना से मृत्यु या स्थायी रूप से दिव्यांगता की स्थिति में अधिकतम 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। राजस्व परिषद की यह डिजिटल पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। योजना के डिजिटलीकरण से एक ओर घर बैठे आवेदन करने, आवेदन की स्थिति ट्रैक करने और लाभ की राशि सीधे बैंक खाते में प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। वहीं दूसरी ओर समय की बचत और योजना के संचालन में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे।

युवा दिवस पर सुबह 9 बजे से मॉडल स्‍कूल में होगा सामूहिक सूर्य नमस्‍कार

उप मुख्यमंत्री देवड़ा होंगे मुख्य अतिथि. जबलपुर स्‍वामी विवेकानंद जी की जयंती युवा दिवस पर सामूहिक सूर्य नमस्‍कार का जिला स्‍तरीय कार्यक्रम 12 जनवरी की सुबह 9 बजे पंडित लज्‍जाशंकर झा उत्‍कृष्‍ट उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय मॉडल स्‍कूल में आयोजित किया जायेगा। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री जगदीश देवड़ा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित सामूहिक सूर्य नमस्कार के कार्यक्रम में सुबह 9 बजे विद्यार्थियों का मॉडल स्‍कूल के मैदान में एकत्रिकरण होगा तथा वे योग एवं सूर्य नमस्‍कार हेतु निर्धारित स्‍थल पर अपेक्षित दूरी पर पंक्तिबद्ध होकर अपना स्‍थान लेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से होगा तथा मुख्य अतिथि एवं सभी आमंत्रित अतिथियों के स्वागत के बाद सुबह 9.30 बजे से आकाशवाणी के माध्यम से राष्‍ट्रगीत वंदेमातरम्, स्‍वामी विवेकानंद जी की वाणी एवं मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश के प्रसारण के पश्चात सूर्य नमस्‍कार और प्राणायाम होगा। सामूहिक सूर्य नमस्‍कार के जिला स्‍तरीय कार्यक्रम का समापन सुबह 10.30 बजे होगा। जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने बताया कि स्वामी विवेकानंद जी की जयंती युवा दिवस पर जिले की सभी शिक्षण संस्थाओं में भी सुबह 9 बजे से सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन किया जायेगा।

ऑयल पाम की खेती में अतिरिक्त अनुदान से किसानों की बढ़ेगी आय

रायपुर. खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बनाने तथा किसानों की आय में दीर्घकालीन और स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा संयुक्त रूप से नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत ऑयल पाम की खेती को प्रोत्साहित करने हेतु केंद्र सरकार के अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा विभिन्न घटकों में टॉप-अप अनुदान प्रदान किया जा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक संबल मिल सके। सहायक संचालक उद्यानिकी मुंगेली ने बताया कि ऑयल पाम की खेती में प्रारंभिक लागत अधिक होने तथा 03 से 04 वर्षों की गेस्टेशन अवधि को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा विशेष सहायता का प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा देय न्यूनतम 1.30 लाख प्रति हेक्टेयर अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन किसानों को टॉप-अप अनुदान प्रदान कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक कृषक इस फसल की ओर आकर्षित हों। ऑयल पाम एक दीर्घकालीन, कम श्रम वाली और उच्च उत्पादकता वाली फसल है। इसमें रोग प्रकोप की संभावना अत्यंत कम होती है। एक बार रोपण के पश्चात चौथे वर्ष से उत्पादन प्रारंभ हो जाता है और यह फसल 25 से 30 वर्षों तक निरंतर उपज देती है। पारंपरिक तिलहन फसलों की तुलना में ऑयल पाम प्रति हेक्टेयर 4 से 6 गुना अधिक तेल उत्पादन क्षमता रखती है, जिससे किसानों को स्थायी एवं सुनिश्चित आय का लाभ प्राप्त होता है। विभिन्न मदों में अतिरिक्त अनुदान राज्य शासन द्वारा ऑयल पाम रोपण करने वाले पात्र किसानों को निम्नानुसार अतिरिक्त अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, इनमें रखरखाव मद में पूर्व निर्धारित 05 हजार 250 प्रति हेक्टेयर की 01 हजार 500 रूपए की वृद्धि कर कुल 06 हजार 750 रूपए प्रति हेक्टेयर, अंतरवर्तीय फसलों हेतु वृद्धि के साथ कुल 10 हजार 250 रूपए प्रति हेक्टेयर, ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने वाले किसानों को 08 हजार 635 रूपए की अतिरिक्त सहायता सहित कुल 22 हजार 765 रूपए प्रति हेक्टेयर, रोपित पौधों एवं अंतरवर्तीय फसलों को जानवरों से बचाने हेतु फेंसिंग के लिए 54 हजार 485 रूपए प्रति हेक्टेयर का अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। इस प्रकार राज्य शासन द्वारा रखरखाव, फेंसिंग, अंतरवर्तीय फसल एवं ड्रिप सिंचाई मद में कुल 69 हजार 620 रूपए तक का अतिरिक्त अनुदान ऑयल पाम रोपण करने वाले किसानों को प्रदान किया जा रहा है। यह अनुदान केवल उन्हीं कृषकों को देय होगा, जो योजना के अंतर्गत ऑयल पाम का रोपण करेंगे। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं तकनीकी मार्गदर्शन के लिए किसान उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों अथवा अधिकृत प्रतिनिधि कंपनियों से संपर्क कर सकते हैं। ऑयल पाम की खेती न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाएगी, बल्कि देश को खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगी।

उप मुख्‍यमंत्री जगदीश देवड़ा का आगमन सोमवार को

जबलपुर प्रदेश के उप मुख्‍यमंत्री एवं जबलपुर जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा का सोमवार 12 जनवरी की सुबह 5.35 बजे इंदौर-जबलपुर सुपरफास्‍ट एक्‍सप्रेस द्वारा भोपाल से जबलपुर आगमन होगा। देवड़ा यहां सुबह 9 बजे मॉडल स्‍कूल में स्वामी विवेकानन्द की जयंती "युवा दिवस" पर आयोजित सामूहिक सूर्य नमस्‍कार के जिला स्तरीय कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे तथा स्‍थानीय कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद शाम 5.30 बजे श्रीधाम एक्‍सप्रेस द्वारा भोपाल प्रस्‍थान करेंगे।

राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता में 75 जनपदों के 1651 प्रतिभागी लेंगे भाग

योगी सरकार के कौशल अभियान को मिलेगी गति, 12 जनवरी से होगा शुभारंभ तीन चरणों में होगी प्रतियोगिता, 20 स्किल्स में दिखेगी युवाओं की दक्षता राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाली श्रेष्ठ प्रतिभाओं का किया जाएगा चयन शंघाई, चीन में आयोजित होने वाली विश्व कौशल प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने का भी प्राप्त हो सकेगा अवसर लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आधुनिक एवं रोजगारपरक कौशल से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता का आयोजन 12 जनवरी 2026 से किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता प्रदेश के 75 जनपदों से चयनित 1651 से अधिक प्रतिभागियों की सहभागिता के साथ 20 विभिन्न स्किल्स में आयोजित होगी। तीन चरणों में होगी प्रतियोगिता उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का युवा तकनीकी रूप से दक्ष, नवाचारी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो। राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता युवाओं की प्रतिभा को पहचान देने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि यह प्रतियोगिता इंडिया स्किल्स कंपटीशन–2026 की चयन प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है, जिसके माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाली श्रेष्ठ प्रतिभाओं का चयन किया जाएगा। प्रतियोगिता तीन चरणों में 23 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी, जबकि 24 जनवरी 2026 को एक समारोह में चयनित प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। पहले चरण में 570 प्रतिभागी लेंगे हिस्सा कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने जानकारी दी कि 12 एवं 13 जनवरी 2026 को आयोजित प्रथम चरण में प्रदेश के सभी 75 जनपदों से लगभग 570 प्रतिभागी प्रतिभाग करेंगे, जो एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, वेल्डिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन टेक्नोलॉजी, सीएनसी मिलिंग एवं सीएनसी टर्निंग सहित 6 स्किल्स में अपनी दक्षता का प्रदर्शन करेंगे। प्रथम दिन प्रतिभागियों को विशेषज्ञों द्वारा उनकी स्किल से संबंधित ओरिएंटेशन, वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता के प्रारूप की जानकारी तथा उन्नत मशीनों पर अभ्यास कराया जाएगा, जबकि वास्तविक प्रतियोगिता 13 जनवरी 2026 को आयोजित होगी। श्रेष्ठ प्रतिभाओं को मिलेगा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मौका उन्होंने बताया कि प्रथम चरण की प्रतियोगिता लखनऊ स्थित आईटीआई अलीगंज, आईटीआई मोहनलालगंज, आईटीओटी, रेमंड सेंटर, राजकीय पॉलिटेक्निक, आईटीआई चारबाग, पॉलिटेक्निक (महिला) एवं सीआईपीईटी सहित विभिन्न संस्थानों में आयोजित की जाएगी। प्रत्येक चरण में प्रतिभागियों की कौशल दक्षता, नवीनता, रचनात्मक सोच एवं प्रदर्शन क्षमता का निष्पक्ष मूल्यांकन कर प्रदेश की श्रेष्ठ प्रतिभाओं का चयन किया जाएगा, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ शंघाई, चीन में आयोजित होने वाली विश्व कौशल प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने का अवसर प्राप्त हो सके।

पटना वापसी पर तेजस्वी यादव का अल्टीमेटम: नीतीश सरकार को 100 दिन में वादे पूरे करने की चुनौती

पटना नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव करीब डेढ़ महीने बाद रविवार को पटना लौटे। सपरिवार विदेश यात्रा पर गए तेजस्वी पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हम सरकार को 100 दिनों का समय देते हैं। महिलाओं के खाते में दो लाख दिए जाएं। अपराध कम हो और रोजी रोजगार के वायदे पूरा हो। सरकार ने जो भी घोषणा पत्र में वादे किए थे, वो पूरा करे।   उन्‍होंने एक बार फिर बिहार विधानसभा चुनाव में धांधली का आरोप लगाया। जनतंत्र को इन लोगों ने धनतंत्र और मशीन तंत्र बना दिया है। क्‍या षडयंत्र रचा गया, सबको पता है। छल-कपट से चुनाव जीते। बिहार की नई सरकार कैसे बनी पूरा देश जानता है। तेजस्वी ने कहा कि हम सकारात्‍मक राजनीति‍ करते हैं इसलिए 100 दिन तक सरकार की नीत‍ि ओर निर्णय पर कुछ नहीं बोलेंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देखते हैं कब हमारी माता-बहनों को दो-दो लाख रुपये दिए जाते हैं। कब एक करोड़ युवाओं को नौकरी दी जाती है। हर जिले में चार-पांच कारखाने कब लगते हैं। इन सबको देखेंगे। अब सरकार की जिम्‍मेदारी है कि जो घोषणापत्र जारी किया था, उसे जमीन पर उतारें। आपको बता दें विदेश यात्रा से तेजस्वी 2 दिसंबर को दिल्ली लौट आए थे। जिसके बाद वे एक शादी समारोह में उत्तराखंड गए थे। और आज पटना लौटे हैं। वहीं राजद चीफ लालू यादव भी कल दिल्ली से पटना लौटे हैं। उनके साथ बेटी मीसा भारती भी पहुंची थी। दिल्ली में तेजस्वी और तेज प्रताप का भी आमना-सामना हुआ था। जब लैंड फॉर जॉब केस में दिल्ली की कोर्ट में दोनों पेश हुए थे। तेजस्वी की लंबी छुट्टी पर जाने को लेकर विपक्ष ने कई सवाल उठाए थे।  

बिजली व्यवस्था प्रभावित न हो- इसलिये चालू

220 के वी  सिस्टम में किया गया मेंटेनेंस एम.पी. ट्रांसको की मेंटेनेंस टीम का उल्लेखनीय कार्य जबलपुर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की विद्युत आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) की  ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस टीम द्वारा एक सराहनीय तकनीकी कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया। गत दिवस 400 के.वी. सबस्टेशन सूखी सेवनिया, भोपाल में 220 के.वी. मेन बस के आइसोलेटर के पार्ट्स क्षतिग्रस्त हो गए थे। सामान्य परिस्थितियों में इसकी मरम्मत हेतु शटडाउन लेना आवश्यक था, किंतु इससे राजधानी भोपाल सहित आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका थी। हाट लाइन मेंटेनेंस तकनीक से किया गया महत्वपूर्ण सुधार कार्य इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में अतिरिक्त मुख्य अभियंता  श्री प्रदीप राघव ने बिना विद्युत आपूर्ति बाधित किए मेंटेनेंस कार्य संपन्न कराने का निर्णय लिया। उनके  और कार्यपालन अभियंता श्री अनुराग पंत के मार्गदर्शन में ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस भोपाल की हॉट लाइन में प्रशिक्षित टीम ने इन्सुलेटेड प्लेटफॉर्म पर बेयर हैंड तकनीक का उपयोग करते हुए, सभी सुरक्षा मानकों का पालन कर 220 के.वी. आइसोलेटर जॉ को सफलतापूर्वक बदला। यह कार्य लाइन मेंटेनेंस स्टाफ श्री जाधव पवार एवं श्री मधुर मौसम के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान 400 के.वी. सबस्टेशन भोपाल के सहायक अभियंता श्री आर. के. गायकी एवं वरिष्ठ सबस्टेशन मेंटेनेंस कर्मी श्री रणवीर सिंह का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। तकनीकी दक्षता के कारण संभव हुआ जटिल कार्य उल्लेखनीय है कि दोनों 220 के.वी. मेन बस पर लगभग 1000 मेगावाट का लोड था, जो एक बस की क्षमता से कहीं अधिक था। यदि 220 के.वी. मेन बस का शटडाउन लिया जाता, तो राजधानी भोपाल सहित अन्य क्षेत्रों में व्यापक विद्युत आपूर्ति बाधित हो सकती थी। एम.पी. ट्रांसको की तकनीकी दक्षता, त्वरित निर्णय क्षमता एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन के कारण यह जटिल कार्य बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जिससे राजधानी की विद्युत व्यवस्था सुरक्षित और सुचारू बनी रही। सादर प्रकाशनार्थ शशिकांत ओझा जनसंपर्क अधिकारी मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ऊर्जा विभाग मध्यप्रदेश शासन जबलपुर

निजी शिक्षण संस्थानों में पारदर्शी प्रवेश पर ही मिलेगा छात्रवृत्ति का लाभ

पात्र विद्यार्थियों के हित में योगी सरकार का बड़ा कदम नियमावली-2023 में संशोधन, अब केवल वास्तविक पात्रों को मिलेगा फायदा मैनेजमेंट कोटा और स्पॉट एडमिशन के दुरुपयोग पर लगेगी सख्त रोक लखनऊ,  पात्र विद्यार्थियों को ही छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का वास्तविक लाभ दिलाने के उद्देश्य से योगी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना की नियमावली-2023 में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। यह संशोधन अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के साथ-साथ सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों पर भी समान रूप से लागू होंगे। यह योजना समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। योगी सरकार का यह कदम निजी शिक्षण संस्थानों की प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के साथ-साथ वास्तविक पात्र विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा का प्रभावी प्रयास माना जा रहा है। योजना के दुरुपयोग पर लगेगी प्रभावी रोक समाज कल्याण उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि संशोधन का मुख्य उद्देश्य निजी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया को तकनीकी रूप से पारदर्शी एवं स्पष्ट बनाना है, ताकि पात्र विद्यार्थियों को ही छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिल सके। इससे मैनेजमेंट कोटा, स्पॉट एडमिशन तथा अन्य गैर-पारदर्शी प्रवेश प्रक्रियाओं के माध्यम से योजना के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगेगी। अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्रों के लिए नई व्यवस्था संशोधित नियमों के अनुसार निजी शिक्षण संस्थानों में व्यावसायिक अथवा तकनीकी पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्रों को योजना का लाभ तभी मिलेगा, जब उनका प्रवेश पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया से हुआ हो। इसके तहत संस्थान द्वारा सार्वजनिक विज्ञापन जारी कर आवेदन आमंत्रित करना, रैंक सूची तैयार करना, चयन सूची प्रकाशित करना अनिवार्य होगा। साथ ही छात्रों से केवल सक्षम प्राधिकारी अथवा शुल्क नियामक समिति द्वारा अनुमोदित शुल्क ही लिया जाएगा। सामान्य वर्ग के छात्रों को भी मिलेगा समान लाभ संशोधित नियमों के तहत सामान्य वर्ग के छात्रों को भी शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिलेगा, बशर्ते उनका प्रवेश पारदर्शी प्रक्रिया के अंतर्गत हुआ हो और उनसे केवल अनुमोदित शुल्क ही वसूला गया हो। मैनेजमेंट कोटा और स्पॉट एडमिशन पर सख्ती उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि मैनेजमेंट कोटा, स्पॉट एडमिशन या किसी भी प्रकार की गैर-पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश लेने वाले छात्रों को योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। साथ ही संस्था द्वारा निर्धारित से अधिक फीस वसूलने की स्थिति में भी लाभ देय नहीं होगा।