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सीएम योगी ने 4.60 लाख से अधिक छात्राओं के खातों में भेजे 148 करोड़ रुपये से अधिक

छात्रवृत्ति से खिले सपनों के पंख, योगी सरकार ने आसान की पढ़ाई की राह सीएम योगी ने 4.60 लाख से अधिक छात्राओं के खातों में भेजे 148 करोड़ रुपये से अधिक छात्रों ने कहा- आर्थिक मदद से पढ़ाई का बोझ हुआ कम, किताबों और फीस में मिलेगी राहत डॉक्टर बनने से पुलिस सेवा तक के सपनों को छात्रवृत्ति से मिला संबल छात्रों ने कहा- सीएम योगी के हाथों स्वीकृति पत्र मिलना गौरव का पल लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोकभवन में पूर्वदशम (कक्षा 9-10) और दशमोत्तर कक्षाओं की 4.60 लाख से अधिक छात्राओं के खातों में 148 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि हस्तांतरित की। छात्रवृत्ति पाने वाले छात्र-छात्राओं ने सीएम की सराहना करते हुए कहा कि आर्थिक सहायता से पढ़ाई जारी रखने में परिवार को बड़ी राहत मिलेगी। छात्रवृत्ति केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि उनके भविष्य के सपनों को आगे बढ़ाने का सहारा है। पढ़ाई के खर्च में मिलेगी राहत, किताबें खरीदेंगे छात्र गोसाईंगंज के सत्यम ने कहा कि छात्रवृत्ति मिलने से पढ़ाई के खर्च में परिवार को राहत मिलेगी। वह राशि का इस्तेमाल किताबों और जरूरी शैक्षणिक सामग्री खरीदने में करेंगे। सुरियामऊ के विवेक कनौजिया ने कहा कि छात्रवृत्ति से फीस और किताबों का खर्च पूरा करने में मदद मिलेगी। इससे आगे की पढ़ाई के लिए उनका उत्साह बढ़ा है। रकीबखेड़ा के अमन कुमार ने कहा कि वह नई किताबें खरीदकर अपनी पढ़ाई को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाएंगे। गोसाईंगंज के मयंक रावत ने भी कहा कि छात्रवृत्ति से शिक्षा से जुड़ी जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी। सीएम योगी के हाथों स्वीकृति पत्र मिलना गौरव की बात है। डॉक्टर और पुलिस अधिकारी बनने का सपना इटौंजा की साक्षी ने कहा कि छात्रवृत्ति मिलने से आगे पढ़ाई करने का हौसला बढ़ा है। इससे पढ़ाई से जुड़ी जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी। डॉक्टर बनने का सपना संजोए सत्येंद्र रावत ने कहा कि आर्थिक सहायता मिलने से परिवार को पढ़ाई का खर्च संभालने में सहूलियत होगी। इससे वह डॉक्टर बनने के लक्ष्य की तैयारी पर बेहतर तरीके से ध्यान दे सकेंगे। पुलिस विभाग में सेवा देने का लक्ष्य रखने वाले छात्र ने कहा कि छात्रवृत्ति से परिवार पर आर्थिक बोझ कम होगा और उन्हें अपने भविष्य की तैयारी के लिए प्रोत्साहन मिला है। आर्थिक दबाव कम होने से पढ़ाई पर रहेगा ध्यान  इटौंजा की आकांक्षा गौतम ने कहा कि छात्रवृत्ति से किताबें और अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने में मदद मिलेगी। इससे परिवार पर पढ़ाई का आर्थिक दबाव कम होगा। अर्चना ने कहा कि आर्थिक सहयोग उनके लिए पढ़ाई आगे बढ़ाने में बड़ी मदद है। छात्र-छात्राओं ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से दी जा रही छात्रवृत्ति जैसी सहायता से आर्थिक परिस्थितियां उनकी पढ़ाई में बाधा नहीं बनेंगी। मजदूर के बेटे रणवीर के लिए यादगार रहा पल   कक्षा 12 के छात्र रणवीर वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों छात्रवृत्ति का स्वीकृति पत्र मिलना उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि उनके पिता मजदूरी करते हैं। ऐसे में छात्रवृत्ति मिलने से उनके परिवार पर आर्थिक बोझ कम होगा और पढ़ाई आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। रणवीर ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों स्वीकृति पत्र मिलने का यह पल वह कभी नहीं भूलेंगे। हिमांशु वर्मा ने भी छात्रवृत्ति मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि सरकार की यह सहायता उन्हें पढ़ाई जारी रखने और भविष्य के लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी। ओबीसी के 2.23 लाख विद्यार्थियों को 60.01 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति अन्य पिछड़ा वर्ग के 2,23,615 विद्यार्थियों के खाते में 60.01 करोड़ रुपये भेजे गए। जबकि अनुसूचित जाति के 1,59,959 विद्यार्थियों के खाते में 64.54 करोड़ रुपये और सामान्य वर्ग के 38,084 विद्यार्थियों के खाते में 11.43 करोड़ रुपये भेजे गए हैं। इसी तरह अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 विद्यार्थियों के खाते मे 12.06 करोड़ रुपये भेजे गए हैं।

प्राथमिक शिक्षा से विदेश पढ़ाई तक आर्थिक मदद, 2.24 करोड़ SC छात्रों को मिला छात्रवृत्ति का लाभ

पिछले 12 वर्षों में 2.24 करोड़ से अधिक अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को 7 हजार 788 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति वितरित प्राथमिक शिक्षा से विदेश अध्ययन तक विद्यार्थियों को मिल रहा आर्थिक सहायता का संबल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च, तकनीकी, व्यावसायिक एवं विदेश अध्ययन तक विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश में वर्ष 2014-15 से वर्ष 2025-26 तक अनुसूचित जाति के कुल 2 करोड़ 24 लाख 59 हजार 478 विद्यार्थियों को विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से 7 हजार 788 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। छात्रवृत्ति की राशि डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। राज्य छात्रवृत्ति से 1 करोड़ 40 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिला लाभ अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही शिक्षा से जोड़ने और उनकी शैक्षणिक निरंतरता बनाए रखने के लिए राज्य छात्रवृत्ति योजना संचालित की जा रही है। वर्ष 2014-15 से अब तक कक्षा पहली से आठवीं तक के 1 करोड़ 40 लाख 41 हजार 131 विद्यार्थियों को 466 करोड़ 93 लाख रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। योजना के अंतर्गत कक्षा पहली से पांचवीं तक की बालिकाओं को 10 माह की अवधि के लिए 250 रुपये प्रतिमाह, कक्षा छठवीं से आठवीं तक के बालकों को 200 रुपये प्रतिमाह और बालिकाओं को 600 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। यह राशि शत-प्रतिशत राज्य शासन द्वारा वहन की जाती है। प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति से 35 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिला शैक्षणिक संबल कक्षा 9वीं एवं 10वीं के विद्यार्थियों की शिक्षा में निरंतरता बनाए रखने के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना संचालित की जा रही है। वर्ष 2014-15 से अब तक योजना के अंतर्गत 35 लाख 73 हजार 613 विद्यार्थियों को 993 करोड़ 71 लाख रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है। योजना के अंतर्गत 2.50 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले पालकों के बालकों को 600 रुपये और बालिकाओं को 1,200 रुपये 10 माह के लिए प्रदान किए जाते हैं। वहीं 2.50 लाख रुपये तक की वार्षिक आय सीमा वाले परिवारों के छात्रावासी विद्यार्थियों को 7 हजार रुपये तथा गैर-छात्रावासी विद्यार्थियों को 3 हजार 500 रुपये वार्षिक अकादमिक भत्ता दिया जाता है। कक्षा 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों को 620 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता उच्चतर माध्यमिक शिक्षा तथा पॉलिटेक्निक डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की शैक्षणिक निरंतरता बनाए रखने के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति समूह-4 संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत अब तक 21 लाख 11 हजार 249 छात्र-छात्राओं को 620 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति वितरित की जा चुकी है। केंद्र एवं राज्य शासन के 60:40 अनुपात में संचालित इस योजना के अंतर्गत कक्षा 11वीं-12वीं के गैर-छात्रावासी विद्यार्थियों को 2 हजार 500 रुपये और छात्रावासी विद्यार्थियों को 4 हजार रुपये वार्षिक अकादमिक भत्ता दिया जा रहा है। उच्च, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए 5 हजार 708 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों की उच्च, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा में भागीदारी बढ़ाने के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत महाविद्यालयीन एवं विश्वविद्यालयीन स्तर के 27 लाख 33 हजार 485 छात्र-छात्राओं को 5 हजार 708 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति एवं शिक्षण शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ दिया गया है। समूह-1 में एमबीबीएस, इंजीनियरिंग, एमडी, एमएस, एमबीए, एमसीए, एमफिल, पीएचडी आदि पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को शिक्षण शुल्क के साथ गैर-छात्रावासी विद्यार्थियों को 7 हजार रुपये तथा छात्रावासी विद्यार्थियों को 13 हजार 500 रुपये वार्षिक अकादमिक भत्ता दिया जाता है। समूह-2 में बी.फार्मा, नर्सिंग, होटल मैनेजमेंट, एमएससी, एमकॉम, एमएड आदि पाठ्यक्रमों के लिए गैर-छात्रावासी विद्यार्थियों को 6 हजार 500 रुपये एवं छात्रावासी विद्यार्थियों को 9 हजार 500 रुपये तथा समूह-3 में बीए, बीएससी, बीकॉम, बीएड आदि पाठ्यक्रमों के लिए गैर-छात्रावासी विद्यार्थियों को 3 हजार रुपये एवं छात्रावासी विद्यार्थियों को 6 हजार रुपये वार्षिक अकादमिक भत्ता दिया जाता है। शासकीय शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए शुल्क भुगतान के संबंध में आय सीमा का बंधन समाप्त कर दिया गया है। विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति से विद्यार्थियों को मिल रहे उच्च शिक्षा के वैश्विक अवसर अनुसूचित जाति वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए ‘विदेश में उच्च शिक्षा ग्रहण करने हेतु छात्रवृत्ति योजना’ संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष 50 प्रतिभावान विद्यार्थियों का चयन किया जाता है। पात्र विद्यार्थियों के पालकों की वार्षिक आय सीमा 8 लाख रुपये तक निर्धारित है। योजना के माध्यम से अब तक 150 से अधिक शोधार्थी एवं विद्यार्थी अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, रूस, स्विट्जरलैंड, पोलैंड, चीन, मलेशिया और सिंगापुर सहित विभिन्न देशों में अध्ययन कर चुके हैं। योजना के अंतर्गत इंजीनियरिंग, प्योर एवं एप्लाइड साइंस, एग्रीकल्चर, मेडिकल, मैनेजमेंट, इंटरनेशनल कॉमर्स, लॉ, फॉरेस्ट्री एवं मानविकी विषयों में अध्ययन के लिए शिक्षण शुल्क, मेडिकल इंश्योरेंस, वीजा शुल्क, निर्वाह भत्ता एवं हवाई यात्रा का किराया राज्य शासन द्वारा वहन किया जाता है।  

पंजाब में 1.17 लाख से अधिक अनुसूचित छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप, विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत

चंडीगढ़  पंजाब के अनुसूचित जाति (एससी) विद्यार्थियों के लिए राज्य सरकार की ओर से छात्रवृत्ति योजना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के उद्देश्य से चलाई जा रही प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 94,092 विद्यार्थियों को लाभ मिला है। इन विद्यार्थियों के लिए पंजाब सरकार ने 13.30 करोड़ रुपये जारी किए हैं। सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि सरकार आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना का दायरा और बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत 1,17,142 एससी विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाने के लिए 40 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक परेशानी के कारण किसी भी बच्चे को स्कूल स्तर पर अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़नी पड़े। प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का लाभ किसे मिलेगा ? प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना मुख्य रूप से स्कूल स्तर पर पढ़ने वाले पात्र एससी विद्यार्थियों के लिए है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एससी परिवारों के बच्चों को शिक्षा जारी रखने में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। जानकारी अनुसार छात्रवृत्ति से बच्चों और उनके परिवारों पर पढ़ाई का अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलती है। मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि शिक्षा सामाजिक और आर्थिक बदलाव की सबसे मजबूत नींव है। सरकार का प्रयास है कि छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ पात्र विद्यार्थियों तक समय पर पहुंचे और सहायता मिलने में किसी प्रकार की देरी न हो। 2026-27 में बढ़ेगा लाभ का दायरा, 40 करोड़ मंजूर सरकार की योजना के अनुसार अगले वित्तीय वर्ष में 1.17 लाख से अधिक विद्यार्थियों को योजना के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 40 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। विभाग पात्र परिवारों तक योजना की जानकारी पहुंचाने और छात्रवृत्ति की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर जोर देगा। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार बच्चों को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाने और युवाओं का भविष्य मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Scholarship 2026: बीड़ी एवं खदान श्रमिकों के बच्चों को मिलेगा छात्रवृत्ति का लाभ, जानें आवेदन की अंतिम तारीख

बीड़ी एवं खदान श्रमिकों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति आवेदन 31 अक्टूबर तक भोपाल श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। योजना के अंतर्गत बीड़ी एवं खदान श्रमिकों के अध्ययनरत संतानों को स्‍कूली शिक्षा से लेकर उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को पात्र विद्यार्थियों तक योजना की जानकारी पहुंचाने तथा समय-सीमा में आवेदन एवं सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। उच्च शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छात्रवृत्ति आवेदन राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) पर एक जून से प्रारंभ हो चुके हैं। पात्र विद्यार्थी 31 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विभाग ने महाविद्यालयों से अधिकाधिक पात्र विद्यार्थियों को योजना से जोड़ने और उनके आवेदनों का समयबद्ध सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा है। योजना के अंतर्गत कक्षा एक से लेकर व्यावसायिक पाठ्यक्रमों तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष 1,000 रुपये से 25,000 रुपये तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। कक्षा एक से चौथी तक के विद्यार्थियों को 1,000 रुपये, कक्षा 5 से 8 तक 1,500 रुपये, कक्षा 9 एवं 10 के विद्यार्थियों को 2,000 रुपये, कक्षा 11 एवं 12 के विद्यार्थियों को 3,000 रुपये तथा आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं डिग्री पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को 6,000 रुपये की सहायता दी जाती है। वहीं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को 25,000 रुपये प्रतिवर्ष तक की छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाती है। यह सहायता राशि सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से हस्तांतरित की जाती है। योजना का लाभ बीड़ी श्रमिकों, लौह अयस्क, मैंगनीज एवं क्रोम अयस्क खदान श्रमिकों, चूना पत्थर एवं डोलोमाइट खदान श्रमिकों के पात्र बच्चों को दिया जाता है। यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा जारी रखने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है।  

सरकारी स्कूलों के होनहार छात्रों के लिए खुशखबरी, शिक्षा निदेशालय ने मांगी मेरिट सूची

हिसार  सरकारी स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले अनुसूचित वर्ग के होनहारों के लिए खुशखबरी है। जिन विद्यार्थियों ने वार्षिक परीक्षा में 90 प्रतिशत व इससे अधिक अंक प्राप्त किए तो उन्हें वन टाइम छात्रवृति दी जाएगी। इसके लिए शिक्षा निदेशालय ने पत्र जारी कर उपरोक्त कक्षा के होनहारों की सूची मांगी है। जिले स्तर पर डीईओ कार्यालय में डिटेल भेजी जाएगी। जिसके बाद रिपोर्ट को शिक्षा निदेशालय भेज दिया जाएगा। इससे पहले निदेशालय ने डीईओ को आदेश दिए है कि वे संबंधित कक्षा के होनहारों के बैंक की कापी की जांच कर सत्यापित करें। यह पूरी प्रक्रिया 30 जून तक पूरी करनी होगी।बता दें कि सरकार की ओर से अनुसूचित वर्ग के विद्यार्थियों को पढ़ाई के प्रति जागरूक करने के लिए वन टाइम छात्रवृति शुरू की गई है। 12 कॉलम पर स्कूल मुखिया देंगे होनहारों की जानकारी स्कूल मुखिया को 12 कालम पर होनहारों को जानकारी देनी होगी। जिनमें विद्यार्थी का नाम, लड़का-लड़की, कक्षा, स्कूल का नाम, एसआरएन नंबर, जिला का नाम, राज्य का नाम, देश, बैंक का नाम, आईएफएससी कोड, खाता नंबर, आधार नंबर व मोबाइल नंबर शामिल है। जिनमें कक्षा इंचार्ज बच्चे की पूरी डिटेल उपरोक्त कालम अनुसार भरेंगे। जिसके बाद कक्षा प्रभारी अपनी रिपोर्ट संबंधित स्कूल मुखिया को देंगे। जिसके बाद रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भेजी जाएगी। छात्रवृति देने के ये है फायदें     स्लम एरिया में अनुसूचित वर्ग से संबंध रखने वाले अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं। उनको छात्रवृति देकर हौंसलावर्धन होता है     अनुसूचित वर्ग के विद्यार्थियों के ड्रापआउट की संभावना अधिक रहती है।     उपरोक्त वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृति से एक तो आर्थिक मदद मिलती है। साथ ही प्रोत्साहन राशि से वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे।     शिक्षा निदेशालय से हमें पत्र मिला है। जिसमें हमसे सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले अनुसूचित वर्ग के होनहार जिन्होंने 90 प्रतिशत व इससे अधिक अंक प्राप्त किए है तो उन्हें वन टाइम छात्रवृति मिलेगी। जिससे उन्हें आर्थिक मदद भी मिलेगी। साथ ही पढ़ाई में प्रोत्साहन भी मिलेगा। -रामरतन, जिला शिक्षा अधिकारी, हिसार।  

राष्ट्रीय मीन्स कम मेरिट छात्रवृत्ति योजना पर राज्य स्तरीय कार्यशाला 25 जून को, शिक्षा विभाग की बड़ी पहल

राष्ट्रीय मीन्स कम मेरिट छात्रवृत्ति योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय कार्यशाला 25 जून को राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा भोपाल में किया जाएगा कार्यशाला का आयोजन योजना के प्रभावी संचालन, छात्रवृत्ति चयन प्रक्रिया, मॉनिटरिंग एवं अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से की जाएगी चर्चा, दिया जाएगा प्रशिक्षण भोपाल  प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित राष्ट्रीय मीन्स कम मेरिट छात्रवृत्ति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा राज्य स्तरीय कार्याशाला का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यशाला 25 जून को पलाश रेसीडेन्सी भोपाल में होगी। इसमें राज्य शिक्षा केंद्र के संबंधित अधिकारी, कर्मचारी और सभी जिलों के नोडल अधिकारी तथा उनके सहायक शामिल होंगे। कार्यशाला में योजना के प्रभावी संचालन, छात्रवृत्ति चयन प्रक्रिया, मॉनिटरिंग एवं अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। साथ ही राष्ट्रीय मीन्स कम मेरिट छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल NSP पर नवीन/ नवीनीकरण पंजीयन से संबंधित संपूर्ण प्रक्रिया के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, भारत सरकार के सीनियर कन्सलटेंट राघवेन्द्र खरे उपस्थित सहभागियों को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए संचालित है राष्ट्रीय मीन्स कम मेरिट छात्रवृत्ति योजना राष्ट्रीय मीन्स कम मेरिट छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत भारत सरकार स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग नई दिल्ली द्वारा चयन परीक्षा में पात्र छात्रों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक प्रतिवर्ष 12000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। भारत सरकार द्वारा छात्रवृत्ति की राशि सीधे हितग्राही छात्र के खाते में भेजी जाती है। राष्ट्रीय मीन्स कम मेरिट छात्रवृत्ति योजना राज्य के शासकीय, अनुदान प्राप्त एवं नगरीय निकायों के विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 8वीं के आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए संचालित की जाती है। योजना का लाभ पाने के लिए छात्र को विगत वर्ष कक्षा 7वीं में न्यूनतम ‘सी’ ग्रेड से उत्तीर्ण होना आवश्यक है। साथ ही, अभिभावक की सकल वार्षिक आय 3.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। राज्य के लिए निर्धारित कोटा में मेरिट सूची के अनुसार प्रतिवर्ष मध्यप्रदेश के 6 हजार 446 विद्यार्थियों का चयन इस छात्रवृत्ति के लिए किया जाता है।  

एससी-एसटी छात्रों की स्कॉलरशिप में देरी, केंद्रांश अगले महीने खाते में आने की संभावना

लखनऊ  प्रदेश में छात्रवृत्ति एवं शुल्क भरपाई योजना के तहत अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों को केंद्रांश की राशि अगले माह मिलने की संभावना है। पांच लाख से ज्यादा छात्रों के खातों में अब तक केंद्रांश नहीं पहुंचा है। इससे छात्रों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है प्रदेश में ढाई लाख रुपये तक सालाना आमदनी वाले एससी-एसटी परिवारों के विद्यार्थियों को शुल्क की भरपाई के साथ छात्रवृत्ति का भुगतान किया जाता है। इस वर्ग के विद्यार्थियों को होने वाले भुगतान का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और शेष 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार देती है। राज्य सरकार ने विद्यार्थियों के खातों में 40 फीसदी हिस्सा भेज दिया है, लेकिन अभी काफी विद्यार्थी बचे हैं, जिनके खातों में केंद्रांश नहीं पहुंचा है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में जिन विद्यार्थियों के खातों में अभी तक केंद्रांश नहीं पहुंचा है, वो 15 मई तक पहुंचने की उम्मीद है। जब राज्य सरकार भुगतान करती है, तो वही डाटा ऑटो फेच होकर केंद्र के पोर्टल पर चला जाता है। इस प्रक्रिया के पूरा होने में थोड़ा वक्त लगता है। इसलिए विद्यार्थी परेशान न हों, शीघ्र ही उनके खातों में शेष राशि भी पहुंच जाएगी।  

छात्रवृत्ति की फिर होगी व्यवस्था, योगी सरकार वंचित छात्रों के लिए पोर्टल फिर से खोलेगी

छात्रवृत्ति से वंचित छात्रों को दूसरा मौका, योगी सरकार फिर खोलेगी पोर्टल सामान्य, एससी-एसटी और ट्रांसजेंडर छात्रों को मिलेगा लाभ, किसी भी पात्र छात्र को नहीं रहने दिया जाएगा वंचित 2025-26 सत्र के छूटे छात्रों के लिए दोबारा आवेदन का अवसर, पिछले वर्ष 53 हजार से अधिक छात्रों को ₹81 करोड़ से ज्यादा की सहायता हर वर्ग तक शिक्षा और आर्थिक सहयोग पहुंचाना योगी सरकार का लक्ष्य लखनऊ उत्तर प्रदेश में छात्र-छात्राओं के हित में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए योगी सरकार ने छात्रवृत्ति से वंचित रह गए छात्रों को बड़ा मौका देने का फैसला किया है। समाज कल्याण विभाग जल्द ही शैक्षिक सत्र 2025-26 के अंतर्गत संचालित छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के छूटे हुए छात्रों के लिए पोर्टल दोबारा खोलेगा, ताकि वे पुनः आवेदन कर इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र छात्र केवल तकनीकी या अन्य कारणों से छात्रवृत्ति से वंचित न रह जाए। इस योजना का लाभ सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) के साथ-साथ ट्रांसजेंडर समुदाय के विद्यार्थियों को भी मिलेगा, जो सामाजिक समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समाज कल्याण विभाग के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी इसी तरह की पहल के तहत पोर्टल खोला गया था, जिसके माध्यम से 53,041 छात्रों को कुल 81.12 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति प्रदान की गई। इनमें अनुसूचित जाति के 25,395 छात्रों को 30.65 करोड़ रुपये तथा सामान्य वर्ग के 27,646 छात्रों को 50.47 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर जरूरतमंद छात्र तक शिक्षा का लाभ पहुंचे और कोई भी छात्र आर्थिक कारणों से अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े। योगी सरकार की यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में समावेशी विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे हजारों छात्रों को अपनी शिक्षा जारी रखने का अवसर मिलेगा और उनका भविष्य मजबूत होगा।

छात्रों के लिए जरूरी खबर: पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप अटकी तो 15 मार्च तक ठीक कराएं बैंक खाता और आधार सीडिंग

रायपुर. भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को अपने बैंक खाते की जानकारी में सुधार करने के लिए 15 मार्च 2026 तक का अंतिम अवसर दिया गया है। रायपुर जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक तथा आईटीआई में अध्ययनरत ऐसे अनुसूचित जाति विद्यार्थी, जिनका शिक्षा सत्र 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 के दौरान बैंक खाता बंद होने या आधार से सीडिंग नहीं होने के कारण छात्रवृत्ति की राशि उनके खाते में जमा नहीं हो पाई है, वे अपने बैंक खाते की जानकारी में सुधार कर सकते हैं। विद्यार्थियों को अपने बैंक खाते और आधार सीडिंग से संबंधित त्रुटियों का सुधार http://postmatric-scholarship.cg.nic.in/ वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन 15 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से करना होगा। निर्धारित तिथि के बाद बैंक खाता या आधार सीडिंग से संबंधित सुधार का अवसर नहीं दिया जाएगा। यदि तय समय सीमा तक विद्यार्थी अपने खाते की त्रुटि में सुधार नहीं करते हैं और छात्रवृत्ति की राशि नहीं मिल पाती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यार्थी की होगी। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर विद्यार्थी अपने संस्थान के छात्रवृत्ति प्रभारी से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा वे कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग, रायपुर (कलेक्टोरेट परिसर, कक्ष क्रमांक 40, छात्रवृत्ति शाखा) में कार्यालयीन समय के दौरान भी संपर्क कर सकते हैं।

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के 28 फरवरी तक ऑनलाइन करें आवेदन

चंडीगढ़. पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग व विमुक्त जनजाति के विद्यार्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। 28 फरवरी तक www.scholarships.gov.in पर छात्र आवेदन कर सकते हैं। विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद सरकारी या निजी शिक्षण संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। योजना के तहत उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है ताकि कोई भी छात्र पैसों की कमी के कारण पढ़ाई से वंचित न रहे। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए अनुसूचित जाति के विद्यार्थी पीएमएस-एससी श्रेणी तथा अन्य पिछड़ा वर्ग या विमुक्त जनजाति के विद्यार्थी पीएम-यशस्वी घटक-2 के तहत आवेदन कर सकते हैं। आवेदक हरियाणा का निवासी हो और परिवार की वार्षिक आय 2 लाख 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए।