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तीन साल तक मासूम से हैवानियत, 54 साल का आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

खैरागढ़ नाबालिग के साथ तीन साल तक दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पीड़िता को चॉकलेट-आइसक्रीम का लालच देकर अपने घर ले जाता था और फिर उसके साथ घिनौनी करतूत करता था. 19 जुलाई को पीड़िता की बड़ी बहन ने थाने में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई. उसने बताया कि आरोपी, जिसे गांव में सभी ‘साहेब’ के नाम से जानते हैं, उसकी अबोध नाबालिग बहन के साथ बीते करीब 3 वर्षों से यौन शोषण करता आ रहा है. पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लगभग 4 घंटों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की. चॉकलेट-आइसक्रीम का लालच देकर करता था घिनौना कृत्य जानकारी के अनुसार, आरोपी पुनित दास उर्फ ‘साहेब’ (54), जो ग्राम करमतरा का निवासी है और खेती किसानी का कार्य करता है. वह रोजाना स्कूल से लौटती बालिका को चॉकलेट, आइसक्रीम और अन्य खाद्य सामग्री का लालच देकर अपने घर ले जाता था और वहां दुष्कर्म करता था. यह सिलसिला करीब तीन वर्षों से जारी था. प्राथमिकी दर्ज होते ही थाना जालबांधा में अपराध क्रमांक 362/25 के तहत धारा 64, 64(2)(m), 65(2) भा.दं.सं. एवं POCSO Act की धारा 4 और 6 के तहत मामला दर्ज कर तत्काल विवेचना शुरू की गई. जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई पुलिस (सीजी टीम) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और प्रथम सूचना दर्ज होने के चार घंटे के भीतर आरोपी को उसके गांव से गिरफ़्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मामलों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी, बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, घटना के सामने आने के बाद ग्राम करमतरा में आक्रोश फैल गया है. ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी का व्यवहार पहले से ही संदिग्ध था, लेकिन उसकी धार्मिक छवि के कारण कोई खुलकर सामने नहीं आया. अब जब पूरा मामला सामने आ चुका है, तो गांव में शोक और गुस्से का माहौल है. ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि सभी शालाओं में विशेष जागरूकता शिविर लगाए जाएं, जिनमें बच्चों को ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि वे किसी भी तरह की अनहोनी की स्थिति में निडर होकर परिजनों से बात कर सकें.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. ब्रम्हानंद यादव को पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विदेश यात्रा से लौटने के बाद नई दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचकर अपने ससुर स्वर्गीय श्री ब्रम्हानंद यादव के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा में संजय नगर में स्व. ब्रम्हानंद यादव के आवास पर पहुंचकर परिजन से भेंटकर सांत्वना दी तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा को श्री चरणों में स्थान देने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. ब्रम्हानंद यादव के पुत्र श्री रामानंद यादव, श्री सदानंद यादव तथा श्री सच्चिदानंद यादव से भेंट कर उन्हें ढाढ़स बंधाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव भी साथ थी। इस अवसर पर विधायक श्री नागेन्द्र सिंह, श्री सिद्धार्थ तिवारी, श्री नरेन्द्र प्रजापति एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड में 1.08 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण विधायक श्री राजेश मूणत द्वारा संपन्न हुआ

रायपुर शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड (क्रमांक 37) में कुल 1.08 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले विकास कार्यों का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया  गया ।यह कार्यक्रम 20 जुलाई 2025, रविवार को दोपहर 3 बजे वंदना ऑटो के पास स्थित सामुदायिक भवन में संपन्न हुआ इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मा. विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री राजेश मूणत जी  ,  अध्यक्षता मीनल चौबे महापौर रायपुर,विशिष्ट अतिथि श्री सूर्यकांत राठौर सभापति, नगर पालिक निगम रायपुर, mic सदस्य मनोज वर्मा एवं वार्ड के गणमान्य नागरिक सम्मिलित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती मीनल चौबे माननीय महापौर, नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा की गई। कार्यक्रम में श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा, अध्यक्ष नगर निगम जोन 07 ,mic सदस्य मनोज वर्मा तथा श्री आनंद अग्रवाल पार्षद वार्ड 38 भी विशेष रूप से शामिल हुए। यह समस्त विकास कार्य दीपक जायसवाल, अध्यक्ष – लोककर्म विभाग एवं पार्षद, शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड क्रमांक 37 के प्रयासों से संभव हो पाए हैं। उन्होंने वार्ड की बहुप्रतीक्षित आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए इन कार्यों को  सुनिश्चित कर वार्ड का गौरव बढ़ाया ।

किशोर की हत्या में भाजयुमो नेता शामिल, प्रेम प्रसंग से नाराज होकर साथियों संग दिया वारदात को अंजाम

मऊगंज/रीवा मऊगंज जिले की नईगढ़ी पुलिस ने 11 महीने पहले हुए एक किशोर सुमित शर्मा की हत्या का खुलासा कर दिया है। इस जघन्य हत्या को प्रेम संबंध से नाराज भाजयुमो नेता और उसके साथियों ने अंजाम दिया था। पुलिस ने इस मामले में भाजयुमो रामपुर मंडल के उपाध्यक्ष दुर्गेश त्रिपाठी (27), अर्पित त्रिपाठी (20) और अनीत त्रिपाठी (18) को गिरफ्तार किया है। एक अन्य आरोपी अभी फरार है। पुलिस ने शनिवार को तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। हैरानी की बात यह है कि दुर्गेश त्रिपाठी ने ही पुलिस को सुबह शव मिलने की सूचना दी थी। ऐसे हुआ खुलासा एसपी दिलीप कुमार सोनी के अनुसार, 15 अगस्त 2024 को नईगढ़ी थाना क्षेत्र के देवरी सेंगरान निवासी 17 वर्षीय सुमित शर्मा घर से निकला था। अगले दिन उसका शव घर से महज 300 मीटर दूर खेत में पड़ा मिला। उसके शरीर पर चाकू के गहरे घाव थे। पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने शव को बिजली करंट से जलाने की कोशिश भी की थी।   गर्म पानी डाला, चाकू मारा, करंट से जलाया पुलिस जांच में पता चला कि सुमित का गांव की एक लड़की से प्रेम संबंध था, जिससे आरोपी नाराज थे। 15 अगस्त की रात आरोपियों ने उसे बुलाया और जमकर पिटाई की। शोर मचाने पर उन्होंने सुमित के ऊपर गर्म पानी डाला। फिर गले पर चाकू से कई वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद हाथ-पैर जलाने के लिए पानी गर्म करने वाले हीटर का इस्तेमाल किया गया। पहचान मिटाने के इरादे से शव को जलाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। आरोपियों ने लाश को बहुती जलप्रपात में फेंकने की योजना बनाई थी, लेकिन ग्रामीणों की आहट सुनकर घबरा गए और शव को खेत में छोड़कर भाग निकले। 

पेंशन और वेतन दोनों लेने पर फंसे पूर्व कुलपति, चुकाने होंगे 54 लाख रुपये

अंबिकापुर संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा अंबिकापुर के पूर्व कुलपति प्रो अशोक सिंह को 54 लाख तीन हजार रुपये का अधिक भुगतान कर दिए जाने का दावा प्रबंधन ने किया है। प्रो अशोक सिंह पर वेतन और पेंशन एक साथ लेने का आरोप है। उधर पूर्व कुलपति प्रो अशोक सिंह का कहना है कि उनके चले जाने के बाद बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रबंधन के दावे में कोई सच्चाई नहीं है। प्रबंधन की माने तो प्रो अशोक सिंह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त होने के लगभग दो वर्ष बाद संत गहिरा गुरु विश्विद्यालय सरगुजा अंबिकापुर के कुलपति नियुक्त हुए थे। नियमों के तहत वेतन अथवा पेंशन में से किसी एक का लाभ उन्हें लेना था लेकिन वे बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से पेंशन और संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय से वेतन लेते रहे। यहां उनका कुल वेतन दो लाख 10 हजार रुपये था। यदि वे पेंशन ले रहे थे तो यहां पेंशन की राशि कटौती कर वेतन भुगतान होना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वे तीन अगस्त 2021 से 19 अक्टूबर 2024 तक कुलपति के पद पर पदस्थ रहे। पेंशन और वेतन दोनों के चक्कर मे उन्हें 54 लाख का अधिक भुगतान हो गया। मार्च 2025 में ही यह प्रकरण सामने आ गया था। संत गहिरा गुरु विश्विद्यालय प्रबंधन ने उन्हें रकम जमा कर देने के लिए उनके सेवा पुस्तिका के पते पर नोटिस भेजा जो वापस लौट आया है। किसी ने भी रजिस्टर्ड पत्र को स्वीकार ही नहीं किया। तत्कालीन कुलसचिव और वित्त अधिकारी ने नहीं दिया ध्यान सेवानिवृत्ति के बाद कुलपति नियुक्त हुए प्रो अशोक सिंह को वेतन भुगतान के लिए तत्कालीन वित्त अधिकारी और कुलसचिव को नियमों को ध्यान में रखना था। तत्कालीन कुलसचिव और वित्त अधिकारी को भी स्वयं पहल कर कुलपति से यह जानकारी लेनी चाहिए थी कि कहीं उन्हें शासन स्तर से हर महीने राशि (पेंशन) तो नहीं मिलती है, लेकिन तत्कालीन कुलसचिव और वित्त अधिकारी ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। बीएचयू के पत्र से दोहरा लाभ हुआ उजागर संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलसचिव प्रो एसपी त्रिपाठी ने नियम प्रक्रियाओं के तहत कामकाज को व्यवस्थित कराने की पहल शुरू की तो प्रबंधन की ओर से बनारस हिंदू विश्वविद्यालय को भी पत्र भेजा गया। इस पत्र के माध्यम से बनारस हिंदू विश्वविद्यालय ने स्पष्ट कर दिया कि प्रो अशोक सिंह वहां से भी पेंशन ले रहे हैं। बकायदा पेंशन भुगतान आदेश भी प्रेषित कर दिया तब संत गहिरा गुरु विश्विद्यालय प्रबंधन ने तत्कालीन कुलपति को भुगतान की गई अतिरिक्त राशि की गणना की तो वह 54 लाख से अधिक हुई। पहले मौखिक रूप से राशि वापस कर देने को लेकर चर्चा हुई। अब बकायदा लिखित रूप से पत्राचार किया जा रहा है। धारा 52 के तहत हटाए गए थे प्रो अशोक सिंह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त प्रो अशोक सिंह को पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल में संत गहिरा गुरु विश्विद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया था। छत्तीसगढ़ में भाजपा के सत्तासीन होने के बाद धारा 52 के तहत उन्हें पद से हटा दिया गया था। उनके कामकाज के तरीके को सही नहीं माना गया था। वे दूसरे कुलपति थे जिन्हें धारा 52 के तहत हटाया गया है।  

संस्कृति और कला को मिलेगा नया आयाम, MP में बनेंगे थीम पार्क : यादव

  बार्सिलोना/भोपाल,  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पेन यात्रा के दौरान बार्सिलोना में भारतीय समुदाय से मुलाकात की और कहा कि वहां का माहौल उन्हें उनके अपने शहर उज्जैन जैसा लगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी भारतीय जाते हैं, वे अपनी परंपराओं और त्योहारों से गहराई से जुड़े रहते हैं। यह केवल संवाद नहीं, बल्कि आत्मीय जुड़ाव है। सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री यादव ने स्पेन की राजधानी में स्थित विश्वप्रसिद्ध "पार्क गेल" का दौरा किया और कहा कि इसी प्रकार के आकर्षक थीम आधारित सांस्कृतिक और कलात्मक पार्क मध्यप्रदेश में भी विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने इस पार्क की प्राकृतिक सुंदरता और वास्तुकला की समरसता की सराहना की। मुख्यमंत्री 13 से 19 जुलाई तक दुबई और स्पेन की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जहां उन्होंने शीर्ष व्यापारिक प्रतिनिधियों से मुलाकात कर मध्यप्रदेश की निवेशक हितैषी नीतियों का प्रचार प्रसार किया। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश संभावनाओं की भूमि नहीं, बल्कि निवेश के लिए एक ठोस मंच बन चुका है, जहां नीति, प्रक्रिया और प्रोत्साहनों से जुड़ी व्यापक सुधार योजनाएं लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार चिकित्सा कॉलेज स्थापित करने वाले संस्थानों को मात्र 1 रुपये में 25 एकड़ भूमि उपलब्ध कराएगी, जिससे ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें। इसके अलावा, 100 करोड़ रुपये तक के होटल परियोजनाओं को 30 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी, ताकि राज्य में विश्वस्तरीय पर्यटन ढांचा विकसित किया जा सके। आईटी सेक्टर को छोटे शहरों तक विस्तार देने की दिशा में भी सरकार तेजी से काम कर रही है और प्रत्येक क्षेत्र के लिए पृथक नीति व सहायता तंत्र विकसित किया गया है। पार्क गेल के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने आर्किटेक्ट एंटोनी गौदी की कला की सराहना करते हुए कहा कि वहां की "ड्रैगन सीढ़ियां", 86 स्तंभों वाला हाइपोस्टाइल हॉल और रंग बिरंगे मोजैक से सजा सर्पाकार बेंच जैसे कलात्मक तत्व शहरी सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक सजीवता का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में भी पारंपरिक कला और आधुनिक शिल्प के समन्वय से ऐसे थीम आधारित आर्ट पार्क विकसित किए जा सकते हैं जो पर्यावरण के साथ सामंजस्य बनाते हुए जन सहभागिता को बढ़ावा दें।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता सेनानी बटुकेश्वर दत्त को दी श्रद्धांजलि

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान स्वतंत्रता सेनानी एवं क्रांतिकारी स्व. बटुकेश्वर दत्त की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र उनकी अमर गाथा को सदैव स्मरण करता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसियेशन की सदस्यता लेकर बटुकेश्वर दत्त ने सुखदेव और राजगुरु के साथ स्वतंत्रता संग्राम के प्रयासों को नई दिशा दी। उनके अद्वितीय साहस और बलिदान ने स्वतंत्रता के संकल्प को और अधिक मजबूत किया। राष्ट्र सदैव आपका ऋणी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए बटुकेश्वर दत्त ने जिस निडरता और आत्म-बलिदान की भावना का परिचय दिया, वह हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उल्लेखनीय है कि स्व. बटुकेश्वर दत्त ने भगत सिंह के साथ 1929 में दिल्ली स्थित केंद्रीय विधानसभा में बम फेंककर ब्रिटिश शासन के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंका था। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने न्यायालय में ब्रिटिश सरकार की नीतियों का डटकर विरोध किया, इस कारण उन्हें आजीवन कारावास की सजा भुगतनी पड़ी।  

मुख्यमंत्री साय ने कहा- रजक समाज की भूमिका सनातन परंपराओं की निरंतरता में अत्यंत महत्वपूर्ण

रायपुर  शिक्षा ही वह साधन है, जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने लक्ष्यों की प्राप्ति कर सकता है और अपने सपनों को साकार कर सकता है। शिक्षा से ही रोजगार के अवसर सृजित होते हैं। व्यक्तिगत और सामाजिक विकास के लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। "सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” हमारी सरकार का मूलमंत्र है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प में छत्तीसगढ़ की महत्त्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित है। हमने राष्ट्रीय विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ विजन डॉक्युमेंट भी जारी किया है, और उसके प्रत्येक बिंदु को धरातल पर उतारने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर के सिम्स ऑडिटोरियम में आयोजित रजक युवा गाडगे सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने संत गाडगे महाराज की पूजा-अर्चना कर राज्य स्तरीय गाडगे सम्मेलन का शुभारंभ किया। उन्होंने सम्मेलन में रजक समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं, प्रबुद्धजनों एवं समाजसेवियों को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि रजक समाज का सामाजिक समरसता और सेवा भाव हमेशा से अनुकरणीय रहा है।छत्तीसगढ़ के प्रत्येक गांव में इस समाज की उपस्थिति है, और शादी-विवाह, छठ्ठी सहित अन्य सनातन परंपराएं इनके सहयोग के बिना पूर्ण नहीं होतीं। इनके पुश्तैनी व्यवसाय के सशक्तिकरण हेतु राज्य सरकार ने रजककार विकास बोर्ड का गठन किया है, जिसके माध्यम से उन्हें किफायती दर पर ऋण सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं को उन्नति के नए आयाम तक पहुँचाने के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और सुशासन की स्थापना के लिए राज्य सरकार ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया है। आज अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन मोड में संचालित की जा रही हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश समाप्त हुई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रत्येक गारंटी को वचनबद्धता के साथ पूर्ण कर रही है। हमने 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख महिलाओं को प्रति माह एक-एक हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। तेन्दूपत्ता की खरीदी 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से की जा रही है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के माध्यम से महिलाओं, अनुसूचित जातियों, जनजातियों एवं दिव्यांगजनों को रोजगार एवं उद्योग स्थापित करने हेतु विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। नई उद्योग नीति से आकर्षित होकर बीते छह से आठ महीनों में लगभग साढ़े छह लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार ने युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के अवसर सृजित किए हैं। डेढ़ वर्षों में लगभग 10 हजार सरकारी नौकरियाँ प्रदान की गई हैं। पाँच हजार शिक्षकों की भर्ती हेतु शीघ्र ही विज्ञापन जारी किया जाएगा। साथ ही, स्वरोजगार के लिए भी सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से हमें अलग छत्तीसगढ़ राज्य मिला। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के 15 वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से राज्य को भुखमरी की समस्या से मुक्ति मिली और जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक ने की। कार्यक्रम का संचालन सुप्रसिद्ध लोकगायिका श्रीमती रजनी रजक द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री श्देवड़ा ने किया महर्षि वाल्मीकि एवं महर्षि वेदव्यास की प्रतिमा का अनावरण

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने तुलसी मानस प्रतिष्ठान मानस भवन भोपाल के प्रमुख प्रवेश द्वार पर रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि और महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास की प्रतिमाओं का अनावरण किया। इस अवसर पर तुलसी मानस प्रतिष्ठान के कार्याध्यक्ष श्री रघुनंदन शर्मा, श्री सुरेश पचौरी, श्री रमेश शर्मा, पदमश्री श्री विजयदत्त श्रीधर और प्रतिष्ठान के सदस्य उपस्थित थे।  

ट्रेन में बच्ची की भूख ने किया परेशान, रेलवे की मदद बनी राहत की मिसाल

भोपाल रेल यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का माध्यम नहीं, बल्कि यह मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा अनुभव भी होता है। ऐसा ही एक संवेदनशील और मार्मिक दृश्य शनिवार की सुबह भोपाल रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला, जब रेलवे ने एक भूख से बिलखती सात माह की मासूम बच्ची को समय पर राहत पहुंचाकर इंसानियत की मिसाल पेश की। फिरोजपुर छावनी से हजूर साहिब नांदेड़ जा रही साप्ताहिक एक्सप्रेस (ट्रेन 14622) के एम-4 कोच में सफर कर रहे गुरप्रीत सिंह अपनी पत्नी और सात माह की बेटी सुखमणि के साथ यात्रा पर थे। जब ट्रेन बीना स्टेशन के आसपास थी, तभी बच्ची को भूख लगी, लेकिन उनके पास जो दूध था वह खराब हो चुका था। उन्होंने बीना और विदिशा स्टेशनों पर दूध की कोशिश की, लेकिन सुबह का समय होने के कारण कहीं भी दूध उपलब्ध नहीं हो सका।   ट्विटर के माध्यम से मांगी मदद बच्ची की भूख से व्याकुल हालत को देखकर गुरप्रीत सिंह ने रेलवे मंत्रालय को ट्विटर के माध्यम से मदद की गुहार लगाई। रेलवे मंत्रालय ने तुरंत ही भोपाल रेल मंडल को इसकी सूचना दी और मानवीय संवेदनाओं को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की गई। भोपाल स्टेशन पर दोनों प्रकार का दूध उपलब्ध कराया भोपाल रेल मंडल के वाणिज्य विभाग की टीम अलर्ट मोड में आई और ट्रेन के भोपाल स्टेशन पहुंचते ही बच्ची के लिए गर्म और ठंडा दोनों प्रकार का दूध उपलब्ध करवाया गया। अधिकारियों ने बताया कि यात्री द्वारा गर्म या ठंडे दूध की स्पष्ट मांग नहीं की गई थी, इसीलिए दोनों विकल्प मुहैया कराए गए ताकि बच्ची को तुरंत राहत दी जा सके।