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खेल अकादमियों और निर्माणाधीन अधोसंरचनाओं का किया निरीक्षण

भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग से प्रधानमंत्री कार्यालय, नई दिल्ली के निदेशक श्री ऋग्वेद मिलिंद ठाकुर ने शनिवार को भेंट की। यह भेंट श्री ठाकुर के दो दिवसीय भोपाल प्रवास के दौरान संपन्न हुई, जिसका उद्देश्य “खेलो इंडिया” योजना के अंतर्गत राज्य में खेल अधोसंरचना, नवाचार, प्रशिक्षण और खिलाड़ियों के विकास संबंधी पहलुओं का प्रत्यक्ष अध्ययन करना था। मंत्री श्री सारंग ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से प्रेरित ‘खेलो इंडिया’ पहल को प्रदेश में सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए क्रियान्वित किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा ‘खेलो बढ़ो अभियान’ के माध्यम से भी नवोदित खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, संसाधन और प्रतिस्पर्धा के मंच उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में खेल अधोसंरचना को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है, जिससे राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। श्री ठाकुर ने भेंट के दौरान मध्यप्रदेश सरकार द्वारा खेलो इंडिया योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश ने न केवल योजनाओं को धरातल पर उतारा है, बल्कि खेल अधोसंरचना और प्रतिभा संवर्धन के क्षेत्र में कई अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। खेलो इंडिया में मध्यप्रदेश बना अग्रणी राज्य मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की प्रेरणा से खेलों के प्रति युवाओं में जोश और उत्साह का जो वातावरण बना है, वह भविष्य में भारत को ओलंपिक जैसे वैश्विक आयोजनों में और अधिक पदक दिलाने में सहायक सिद्ध होगा। श्री ठाकुर ने अपने दौरे की समापन टिप्पणी में कहा कि मध्यप्रदेश में खेलो इंडिया योजना को अत्यंत समर्पण एवं व्यावसायिक दक्षता के साथ लागू किया गया है। राज्य की खेल अधोसंरचना, नवाचारों और अकादमिक पहल से यह स्पष्ट है कि प्रदेश खेलों के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहा है। खिलाड़ियों से संवाद कर प्रशिक्षण सुविधाओं का लिया जायजा अपने दो दिवसीय दौरे के पहले दिन 4 जुलाई 2025 को श्री ठाकुर ने भोपाल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा खेलो इंडिया योजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में “खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” (रोइंग, शूटिंग और हॉकी), राज्य में संचालित 52 खेलो इंडिया सेंटर्स और खेलो इंडिया एथलीट स्कीम की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान अधिकारियों ने योजना को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। बैठक में वर्ष 2022 में भोपाल में सफलतापूर्वक आयोजित ‘खेलो इंडिया यूथ गेम्स’ के अनुभवों और उससे प्राप्त प्रशासनिक सीखों पर भी चर्चा की गई। चर्चा के दौरान योजना की संचालन व्यवस्था, लॉजिस्टिक प्रबंधन, खिलाड़ियों की सहभागिता और जन-भागीदारी जैसे विषयों पर गहन संवाद हुआ। खेल अकादमियों और निर्माणाधीन अधोसंरचनाओं का किया निरीक्षण दौरे के दूसरे दिन 5 जुलाई 2025 को श्री ठाकुर ने खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, भोपाल का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे खिलाड़ियों, उनके प्रशिक्षकों, सहायक स्टाफ और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से संवाद कर उनके अनुभवों एवं सुझावों को जाना। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, चिकित्सा सहायता, पोषण, खेल मनोविज्ञान और तकनीकी सुविधाओं की उपलब्धता जैसे पहलुओं का बारीकी से अध्ययन किया। उन्होंने मध्यप्रदेश की प्रमुख खेल अकादमियों इक्वेस्ट्रियन, शूटिंग, हॉकी तथा वॉटर स्पोर्ट्स का दौरा कर खिलाड़ियों से बातचीत की और उनकी आवश्यकताओं को प्रत्यक्ष रूप से समझा। दौरे के अंतर्गत वे नाथू बरखेड़ा में निर्माणाधीन आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी पहुंचे और वहां प्रगति की समीक्षा की।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर को दी 265.56 करोड़ लागत के विकास कार्यों की सौगात

अब बीहड़ की बिजली से जगमगायेंगे मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश ग्वालियर में 77 करोड़ से निर्मित आईएसबीटी और 112 करोड़ से बने 132 केवी सब स्टेशन सहित फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए खेल कॉम्पलेक्स का भी हुआ लोकार्पण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए संकल्पित है। हम सबके जीवन में उजाला लाने के लिए कटिबद्ध हैं। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र शीघ्र ही राज्य का सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय किसानों से अपील की कि वे अपनी जमीन बेचने की कतई न सोंचे, क्योंकि इस क्षेत्र में शीघ्र ही रोजगार के नए अवसर और विकास की नई धाराएं बहने वाली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को ग्वालियर के आईएसबीटी परिसर में विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां 265.56 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का रिमोट का बटन दबाकर लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। उन्होंने विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को मंच से हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नदियों को जोड़ने का अभियान चल रहा है। केंद्र सरकार की मदद से यहां पार्वती, कालीसिंध और चंबल नदियों को आपस में जोड़ने की राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजना पर करीब 70 हजार करोड़ रुपये की लागत से काम किया जा रहा है। साथ ही केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजना से भी ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के किसानों को व्यापक स्तर पर लाभ मिलने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस क्षेत्र के बीहड़ों को अब बेहतर तरीके से विकसित किया जा रहा है। यहां के बीहड़ों में जल्द ही केंद्र सरकार के सहयोग से 2000 मेगावाट क्षमता का एक बड़ा सोलर पॉवर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। यह मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की संयुक्त परियोजना होगी। इस परियोजना से दोनों ही प्रदेशों को ऊर्जा आपूर्ति होगी। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश 6-6 माह बराबरी से इस परियोजना से उत्पादित बिजली का उपभोग करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आगरा से ग्वालियर के बीच बन रहे नये सिक्स-लेन नेशनल हाई-वे के चलते बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने इस क्षेत्र में बड़ा निवेश करने में अपनी रुचि दिखाई है। इससे यहां तेजी से औद्योगिक विकास होगा और इस क्षेत्र का कायाकल्प भी सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर के गौरवशाली अतीत का स्मरण करते हुए कहा कि यह भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मभूमि और राजमाता विजयाराजे सिंधिया की कर्मभूमि रही है। प्रदेश की धरती से भारत के विकास का दीपक अटलजी के रूप में प्रज्ज्‍वलित हुआ था। भारत मानवता के लिए जीता है। ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने तीन-तीन देशों से लड़ाई लड़ी। सर्जिकल स्टाइक में पाकिस्तान को माकूल जवाब देने के लिए हमारे सुखोई विमान ग्वालियर से ही उड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के स्वर्णिम भविष्य के निर्माण के लिए सरकार ने शुक्रवार को ही 94 हजार से अधिक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए राशि दी है। उन्होंने ग्वालियर की जनता को बधाई देते हुए कहा कि वाकई यहां अतिभव्य आईएसबीटी लोकार्पित हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर का हजीरा अस्पताल प्रदेश में नंबर-1 आया है। चंबल के नौजवान हमारी सेना की ताकत बढ़ा रहे हैं। ग्वालियर में 6 लेन हाई-वे का निर्माण प्रारंभ होने से आगरा के बड़े व्यापारी अपने उद्योग-धंधे स्थापित करने के लिए ग्वालियर आ रहे हैं। ग्वालियर के विकास की बात पर हम सबके साथ हैं, जो भी मांगा है, उसे क्रमबद्ध रूप से पूरा किया जाएगा। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर राज्य विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास की नई इबारत लिख रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी विश्व पटल पर भारत के गौरव को प्रतिस्थापित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिन-रात एक कर प्रदेश की जनता के लिए औद्योगिक क्रांति की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव शगुन का लिफाफा लेकर ग्वालियर आए हैं। हमारी मांग थी कि ग्वालियर-चंबल संभाग में डॉ. अंबेडकर धाम की स्थापना हो, जो बाबा साहेब की विचारधारा का मंथन केंद्र बने। उन्होंने बताया कि ग्वालियर जिले के डबरा के जौरासी गांव में 8 करोड़ रुपए की लागत से डॉ. अंबेडकर धाम बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज इसी अंबेडकर धाम के विकास के दूसरे चरण में 50 हजार वर्गफीट भूमि में एक भव्य इमारत चौरासी गांव में ही बनाने की मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बन रहे सांदिपनि विद्यालयों में निजी स्कूलों के जैसी शिक्षा बच्चों को मिलेगी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा आगरा से ग्वालियर तक 5000 करोड़ रुपए लागत से नये 6 लेन हाई-वे की सौगात दी गई है। इस 6 लेन हाई-वे के बनने पर सिर्फ 45 मिनट में आगरा से ग्वालियर पहुंचा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि ग्वालियर में वेस्टर्न हाई-वे बन रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से ग्वालियर क्षेत्र में करीब 12 हजार करोड़ रुपए की लागत वाले विभिन्न विकास कार्य हो रहे हैं। सांसद ग्वालियर श्री भारत सिंह कुशवाहा ने कहा कि जिसकी नीयत और नीति नेक होती है, वही देश ओर प्रदेश को आगे ले जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। देश को कर्मठ प्रधानमंत्री और प्रदेश को कर्मनिष्ठ मुख्यमंत्री मिले हैं। उन्होंने कहा कि ग्वालियर में भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का भव्य स्मारक बन रहा है।  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि आज ग्वालियर के लिए गौरवशाली दिन है। ग्वालियर के हजीरा अस्पताल को पहला स्थान मिला है। इसे जिला अस्पताल के समकक्ष बनाया जाए। उन्होंने कहा कि ग्वालियर में अब मरीजों की बायपास सर्जरी की व्यवस्था भी की जाए। ग्वालियर में बड़े उद्योगों की स्थापना की जाए। कार्यक्रम के अंत में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार विकास के कामों को तेजी से बढ़ा रही है। प्रदेश का कोई भी क्षेत्र विकास के लाभ से वंचित नहीं रहेगा। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण तथा उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा, विधायक श्री मोहन सिंह राठौर, श्री प्रीतम लोधी, … Read more

इंदौर में सड़क गड्ढा मामला: नगर निगम ने एयरटेल कंपनी पर ठोका आरोप, दर्ज होगी एफआईआर

इंदौर विजय नगर क्षेत्र में गहरा गड्ढा होने की घटना सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई। नगर निगम ने पहले ताबड़तोड़ गड्ढा भरवा दिया, लेकिन शनिवार को फिर खुदाई कर फूटी पाइप लाइन को सुधारा गया। इंदौर के विजयनगर क्षेत्र में शुक्रवार को सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंसने और उसमें चार फीट गहरा गड्ढा होने की जांच पूरी हो गई। नगर निगम ने एयरटेल कंपनी को गड्ढे के लिए जिम्मेदार बताया। अफसरों का कहना है कि बगैर अनुमति कंपनी ने खुदाई की और नर्मदा लाइन फोड़ दी। रिसाव होने के कारण सड़क पर गड्ढा हो गया था। शुक्रवार को विजय नगर क्षेत्र में गहरा गड्ढा होने की घटना सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई। नगर निगम ने पहले ताबड़तोड़ गड्ढा भरवा दिया, लेकिन शनिवार को फिर खुदाई कर फूटी पाइप लाइन को सुधारा गया। यह घटना में मेघदूत गार्डन के सामने से स्कीम नंबर 54 की तरफ जाने वाले मार्ग पर हुई थी। गड्ढे कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन सोशल मीडिया पर गड्ढे को लेकर लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रिया दी। गड्ढे में गिरकर कोई वाहन चालक हादसे का शिकार न हो जाए, इसलिए उसके आसपास ट्रैफिक पुलिस ने बैरिकेड लगा दिए थे। रहवासियों ने अफसरों को बताया था कि सुबह के समय जिस हिस्से में सड़क धंसी थी, वहां पर पानी का रिसाव हो रहा था। इसे लेकर मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने जांच के आदेश दिए थे। जांच में सामने आया कि एयरटेल कंपनी ने बिना नगर निगम की अनुमति के केबल लाइन डाली थी, जिससे सड़क पर गड्ढा बन गया। नगर निगम आयुक्त ने एयरटेल पर चार लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। मेयर ने कहा कि कंपनी के खिलाफ एफआईआर करने के निर्देश भी दिए गए है ताकि भविष्य में कोई भी कंपनी बिना नगर निगम की अनुमति कार्य नहीं करेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मूंग उत्पादन का 40 प्रतिशत खरीदी का लक्ष्य निर्धारित करने का किया आग्रह

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से किसानों के हित में मूंग के कुल उत्पादन का 40 प्रतिशत समर्थन मूल्य पर क्रय करने का लक्ष्य निर्धारित करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विपणन वर्ष 2025-26 में ग्रीष्मकालीन मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,682 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। प्रदेश में इस वर्ष मोबाइल ऐप के माध्यम से की गई गिरदावरी में ग्रीष्मकालीन मूंग के क्षेत्रफल में वृद्धि हुई है।  

रेबीज टीके के लिए भटका पद्मश्री डॉक्टर का परिवार, हेल्थ सेंटर ने नहीं दी मदद

मांडू पर्यटन नगरी मांडू में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की खराब तस्वीर देखने को मिली। बड़ौदा के पद्मश्री प्राप्त डॉक्टर सुब्रत राय और उनकी पत्नी मांडू भ्रमण पर आए थे। इस दौरान एक कुत्ते ने उनकी पत्नी को काट लिया। इसके बाद जब इलाज के लिए रेबीज इंजेक्शन लगवाने परिवार मांडू के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा, तो उन्हें कह दिया गया कि रेबीज का इंजेक्शन नहीं है। आपको नालछा जाना पड़ेगा। मीडिया के हस्तक्षेप के बाद परिवार दूसरी बार अस्पताल पहुंचा और रेबीज का इंजेक्शन लग सका। देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री अवॉर्ड प्राप्त डॉक्टर सुब्रत राय व्यवस्थाओं को लेकर बेहद आहत नजर आए। दरअसल, मांडू में आम और विशिष्ट अतिथियों के साथ दुर्घटनाएं होना आम बात हो गई है। उसके बाद भी यहां व्यवस्थाओं में सुधार देखने को नहीं मिलता है।   हेल्थ सेंटर ने टीके के लिए कर दिया मना ऐसी ही शर्मसार करने वाली घटना शनिवार को हुई। डॉक्टर सुब्रत राय की पत्नी सुषमा राय को पैर में कुत्ते ने काट लिया। रेबीज का इंजेक्शन लगवाने वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मांडू पहुंचे। एक कक्ष से दूसरे कक्ष घूमते रहे, संतोषप्रद जवाब नहीं मिला। जानकारी मिलने के बाद मीडिया कर्मी अस्पताल पहुंचे। मीडिया की उपस्थिति में पहले डॉक्टर ने कहा कि रेबीज का इंजेक्शन नहीं है, आपको नालछा जाना पड़ेगा। मीडिया की एंट्री से लग पाया टीका जब डॉक्टर राय और मीडिया ने रेबीज ना होने की वजह पूछी, तो डॉक्टर ने स्टाफ को आवाज लगाकर पूछा – 'रेबीज का इंजेक्शन है क्या? इसके बाद उपस्थित नर्स ने कहा कि कुछ इंजेक्शन रखे हैं। इसके बाद सुषमा राय को रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया। इस विषय में डॉक्टर का कहना था कि "मुझे नहीं पता था कि इंजेक्शन रखा है।" 'लाइफ लाइन' संस्था के सीईओ हैं सुब्रत राय दरअसल, डॉक्टर सुब्रत राय को देश का सर्वोच्च पद्मश्री सम्मान मिला है। वह 'लाइफ लाइन' संस्था के सीईओ हैं। 1999 में पत्नी के साथ हाईवे पर सफर के दौरान दुर्घटना होने पर उन्हें 6 घंटे तक इलाज नहीं मिला था। उसके बाद लोगों को सही समय पर दुर्घटना के बाद इलाज मिले, इसी को लेकर वह समाज में लगातार काम कर रहे हैं। अब तक कई लोगों की जान वह बचा चुके हैं और उनकी पत्नी सुषमा राय इस काम में उनका पूरा सहयोग करती हैं। उनके परिवार को 'हाईवे का मसीहा' कहा जाता है। देश में आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा 108 एम्बुलेंस सेवा शुरू करवाने में भी उनका बड़ा योगदान है।  

भारी बारिश से बने बाढ़ जैसे हालात, रास्ते बंद और वाहन जलमग्न

शिवपुरी शिवपुरी शहर सहित जिले में शुक्रवार को आधी रात के बाद लगातार हो रही बारिश सुबह नौ बजे तक लगातार जारी रही। जिले भर में आठ घंटे में औसत 42.44 एमएम बारिश रिकाॅर्ड की गई। इस बारिश ने शहर सहित कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात निर्मित कर दिए, जिससे लोग कुछ घंटों के लिए अपने घरों में कैद होकर रह गए। शहर की कई कॉलोनियां जलमग्न हो गईं।   रेलवे स्टेशन रोड पर वार्ड क्रमांक एक में नई पुलिस लाइन के पीछे बनी कालोनी पूरी कॉलोनी में कमर तक पानी भर गया, कई लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया। पोहरी बस स्टैंड के पीछे मनीयर में पुलिया जलमग्न हो गई। वहीं रेलवे स्टेशन रोड पर पानी इतना ज्यादा था कि किसी नदी-नाले जैसा अहसास हो रहा था। इसके अलावा कई पाॅश कॉलोनियों में भी गलियों में पानी भर गया। बैराड़ के ग्राम जरिया में तो स्थिति यह बनी कि घरों के बाहर खड़ी गाड़ियां तक पानी में डूब गईं। इसके अलावा शहर के मनीयर, रातौर, पिपरसमां अंडर ब्रिज जलमग्न हो गए, जिसके कारण शहर आने के लिए लोगों को पांच से दस किमी का फेर खाकर आना पड़ा, हालांकि कुछ लोगों ने जोखिम उठाकर इन अंडर ब्रिज को क्रास करने का भी प्रयास किया। इसके अलवा पोहरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम हर्रई में भी आवागमन का रास्ता जलमग्न हो गया, जिससे गांव का अन्य जगहों से संपर्क कट गया।

यूपी में दर्दनाक हादसा, दूल्हे समेत आठ की मौत, 400 मीटर की दूरी तय करने में पुलिस को लग गए 40 मिनट

संभल  यह हादसा जिस स्थान पर हुआ है वहां आबादी नहीं है। बस्ती से कुछ दूरी पर कॉलेज बना है। गांव धनीपुर निवासी राजू ने बताया कि कार की रफ्तार काफी तेज थी। अचानक से ही कार को पलटते हुए देखा और तेज धमाके की आवाज हुई। मौके पर पहुंचे तो कार में सवार लोग चीख रहे थे लेकिन उनको बाहर निकालना मुश्किल था, क्योंकि खिड़कियां चिपक गई थीं।  हादसा चालक की लापरवाही से हुआ है। रफ्तार बेकाबू थी। इसके चलते ही चालक ने स्टेयरिंग से नियंत्रण खो दिया और अचानक से गाड़ी पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि दूर तक आवाज पहुंची, लोग मौके पर आए लेकिन मदद नहीं कर सके क्योंकि क्षतिग्रस्त कार दीवार से चिपक जैसी गई थी। पुलिस के पहुंचने पर शव और घायल कार से बाहर निकाले गए। यह कहना है एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई का। वह हादसे के बाद मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने पुलिस के साथ आम लोगों से भी हादसे की जानकारी ली।   आधार कार्ड से हुई मृतकों की पहचान एसपी ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तो हादसा चालक की लापरवाही से हुआ है। कार की रफ्तार तेज थी। अचानक से ही पलट गई और कॉलेज की दीवार से जा भिड़ी। इस भीषण हादसे में आठ लोगों की जान चल गई है, एक घायल का उपचार चल रहा है, जिसकी हालत गंभीर है। तीन वर्षीय बालिका की हालत ठीक है। मौके पर पांच लोगों ने दम तोड़ा था। घटनास्थल पर पुलिस को आधार कार्ड मिले थे। उसके माध्यम से सूचना पीड़ित परिवार तक पहुंचाई गई।   जेसीबी से की गई दीवार से अलग कार एसपी ने बताया कि हादसे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो जेसीबी से कार को दीवार से अलग किया गया। इसके बाद मशीन से कार के दरवाजे काटे गए। तब शव और घायलों को निकाला गया। पहले सीएचसी भर्ती कराया और बाद में अलीगढ़ के लिए रेफर कराया गया।   तेज धमाका हुआ और उड़ गए कार के परखच्चे यह हादसा जिस स्थान पर हुआ है वहां आबादी नहीं है। बस्ती से कुछ दूरी पर कॉलेज बना है। गांव धनीपुर निवासी राजू ने बताया कि कार की रफ्तार काफी तेज थी। अचानक से ही कार को पलटते हुए देखा और तेज धमाके की आवाज हुई। मौके पर पहुंचे तो कार में सवार लोग चीख रहे थे लेकिन उनको बाहर निकालना मुश्किल था, क्योंकि खिड़कियां चिपक गई थीं। जो हाथ से नहीं खोली जा सकती थीं। इसके बाद जेसीबी से कार को सीधा किया गया। फिर जेसीबी से ही गेट तोड़े गए।

सावधान! यूपी सहित इन राज्यों में अगले हफ्ते झमाझम बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

नई दिल्ली देशभर में इन दिनों भारी बारिश हो रही है। यूपी समेत उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वोत्तर भारत में अगले 7 दिनों के दौरान, पूर्वी भारत में 07 जुलाई तक भारी से बहुत भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 05 जुलाई और हिमाचल प्रदेश में 06 जुलाई और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में 06 और 07 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा की संभावना है। पूर्वी और मध्य भारत की बात करें तो पांच से 11 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके अलावा, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में 5-8 जुलाई, सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में पांच, 8-10 जुलाई, अंडमान और निकोबार द्वीप में छह जुलाई को बहुत भारी बारिश होने वाली है। वहीं, छत्तीसगढ़ में 5-7 जुलाई, विदर्भ में 7 और 8 जुलाई, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा में 5, 6 जुलाई को भारी वर्षा होगी। उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान में 5-11 जुलाई, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान में 5, छह जुलाई, 10 और 11 जुलाई, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश, 5-9 जुलाई के दौरान जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, 7 और 8 जुलाई को हिमाचल प्रदेश, 5-7 जुलाई उत्तराखंड, छह और सात को पंजाब, हरियाणा, पांच, 9 और 10 जुलाई को पूर्वी राजस्थान में बहुत भारी बारिश होने वाली है। पश्चिम भारत की बात करें तो अगले सात दिनों के दौरान कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र के घाट इलाकों, गुजरात, पांच से सात जुलाई के दौरान सौराष्ट्र, कच्छ में अलग अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने वाली है। इसके अलावा, छह और सात जुलाई को मराठवाड़ा में भारी बरसात होगी। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अगले सात दिनों के दौरान ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम व गरज के साथ तूफान, बिजली चमकने की संभावना है। पांच जुलाई को मेघालय में बहुत भारी बारिश हो सकती है।  

चमड़ा उद्योग बना स्वास्थ्य संकट! कानपुर में 157 लोगों के खून में मिला खतरनाक क्रोमियम

गोरखपुर चमड़ा उद्योग से निकलने वाला प्रदूषण कानपुर के लोगों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। लेदर में इस्तेमाल क्रोमियम की चपेट में आने वालों की संख्या में और इजाफा हुआ है। 24 जून को शहर के छह इलाकों के 157 लोगों के खून में भी क्रोमियम तय मानक से अधिक निकला है। शुक्रवार को सैंपल की जारी रिपोर्ट में 20 लोगों में मर्करी (पारा) भी तय मानक से ज्यादा पाया गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश पर 24 जून को स्वास्थ्य विभाग ने रूमा, जाजमऊ व पनकी औद्योगिक क्षेत्र, तेजाब मिल का हाता, राखी मंडी, नौरेयाखेड़ा में शिविर लगाया गया था। छह जगह के 177 लोगों का ब्लड सैंपल राममनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ जांच के लिए भेजा गया था। इनमें महिलाएं 102 और पुरुषों की संख्या 75 थी। सीएमओ ने कहा-शासन के आदेश पर आगे बढ़ाएंगे कदम : सीएमओ डॉ. उदयनाथ ने 24 जून को छह जगह में शिविर लगाकर 177 लोगों के ब्लड सैंपल की रिपोर्ट आने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि राममनोहर लोहिया अस्पताल में जांच के लिए सभी ब्लड सैंपल भेजे गए थे। 157 लोगों में क्रोमियम मानक से अधिक पाया गया है। वहीं 20 लोगों के ब्लड में मर्करी भी तय मानक से अधिक मिला है। अब इन इलाकों को लेकर क्या योजनाएं बननी हैं, इसको लेकर शासन के आदेश का इंतजार है। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है। क्या बोले विशेषज्ञ जीएसवीएम मेडिसिन के विभागाध्यक्ष बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि ब्लड में क्रोमियम या मर्करी स्तर से अधिक होना खतरनाक है। इससे शरीर के तमाम अहम अंगों के पूरी तरह खराब होने व गंभीर रोगों की चपेट में आने की आशंका काफी बढ़ जाती है। अगर क्रोमियम अधिक तो इन रोगों का हो सकता है खतरा -लिवर, किडनी के लिए बेहद खतरनाक -नसों को नुकसान पहुंचने से सुन्नता और दर्द -पेट में जलन, मतली, और उल्टी की परेशानी -हार्ट, त्वचा संबंधी रोग, कैंसर की भी आशंका हालिया सैंपलिंग रिपोर्ट में खुलासा -एनजीटी के आदेश पर 6 इलाकों से एकत्र किए थे ब्लड सैंपल -पारा भी तय मानक से ज्यादा मिला, अब शासन के आदेश का हो रहा इंतजार -मर्करी का स्तर अधिक होने से इस तरह की दिक्कतें आ सकतीं -मर्करी जमा होने से गुर्दा फेल होने का डर -मानसिक रोग को बढ़ावा, याददाश्त कम -सांस संबंधी समस्याएं, सांस लेने में दिक्कत -गर्भावस्था में स्तर अधिक तो शिशु को दिक्कत  

युवाओं को स्वावलंबी बनाने का सशक्त माध्यम हैं सहकारी समितियां: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता को मिल रहे नए आयाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नए कार्यों में सहकारी समितियों को दी जा रही है प्राथमिकता युवाओं को स्वावलंबी बनाने का सशक्त माध्यम हैं सहकारी समितियां युवाओं को दिए सहकारिता के मूल मंत्र किसी भी काम में सफल होने के लिए जरूरी है मजबूत आत्मविश्वास सफलता के लिए कार्य अनुभव और उसके संबंध में जानकारी आवश्यक सहकारिता को लेकर लागू है पारदर्शी व्यवस्था, अब 30 दिन में हो रहा नई समिति का पंजीयन महिलाएं समिति बनाकर सतपुड़ा टाइगर रिर्जव में चला रही हैं सफारी मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर युवाओं से किया संवाद विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का किया समाधान भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के सहकारिता क्षेत्र को नए आयाम मिल रहे हैं। दुग्ध-उत्पादन, औद्योगिक विकास सहित अन्य क्षेत्रों में हो रहे नए कार्यों में सहकारी समितियों को प्राथमिकता मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता समाज को एक करने के साथ ही युवाओं को बेरोजगारी से बचाने का माध्यम है। रोजगार का अर्थ सिर्फ सरकारी नौकरी नहीं है। युवाओं को स्वरोजगार और स्वावलंबन से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है और वर्ष 2025 को रोजगार एवं उद्योग वर्ष के रूप में मना रही है। उन्होंने तीन नए आपराधिक कानूनों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में न्याय की देवी की आंखों से पट्टी हटी है, क्योंकि आंख पर पट्टी रहते हुए न्याय कैसे हो सकता है। नागरिकों के मूल अधिकार संविधान में उल्लेखित हैं और इसी भावना से व्यक्तियों के आपसी स्वावलंबन और सहभागिता का समावेश सहकारिता में है। वर्तमान सरकार में सहकारिता को लेकर व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी है। नई समिति की पंजीयन प्रक्रिया 30 दिन में पूर्ण की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय सहकारी दिवस के अवसर पर समन्वय भवन में म.प्र. राज्य सहकारी संघ एवं अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कॉलेज की ओर से आयोजित सहकारी युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता ध्वज फहराकर समन्वय भवन में आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम में अतिथियों को पौधा भेंटकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारी युवा संवाद कार्यक्रम में उपस्थित महाविद्यालयीन विद्यार्थियों से संवाद किया और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता से उद्योग प्राप्त करने वाली 30 महिलाओं को सिलाई मशीन टूल किट वितरण के प्रतीक स्वरूप एक महिला को सिलाई किट प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल ने देश में सहकारिता का आंदोलन खड़ा करने के लिए गुजरात में अमूल की स्थापना की। हजारों लोगों को दुग्ध-उत्पादन से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने और बेरोजगारी खत्म करने का कार्य किया। राज्य सरकार भी दुग्ध-उत्पादन बढ़ाने के लिए संकल्पबद्ध है। अभी दुग्ध-उत्पादन में प्रदेश तीसरे स्थान पर है, जो भविष्य में शीर्ष पर पहुंचेगा। इसी उद्देश्य से दुग्ध-उत्पादन में प्रदेश का योगदान 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें सहकारिता क्षेत्र की बड़ी भूमिका होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को दिए मूल मंत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से संवाद करते हुए उन्हें सहकारिता क्षेत्र से जुड़े मूल मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि सहकारिता में आने का एक सूत्र है- जब भी कोई नया काम करें तो आत्मविश्वास मजबूत रखें। युवा जिस भी क्षेत्र में काम करना चाहते हैं, पहले उसका अनुभव लें और यह भी देखें कि सहकारी समिति के माध्यम से इस क्षेत्र में क्या-क्या किया जा सकता है। सहकारी समिति के नेतृत्वकर्ता का दायित्व है कि पहले वह स्वयं पूरी जानकारी रखें और दूसरे साथियों को भी बताएं। सभी क्षेत्रों में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रही सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं के जीवन की असली परीक्षा कॉलेज की शिक्षा पूर्ण होने के बाद शुरू होती है। राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश वन्य संपदा और जलराशियों से संपन्न है। प्रदेश में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार संकल्पित है। हमारे युवा सभी साधनों से संपन्न होकर प्रदेश को आग बढ़ाए, इसी भावना से राज्य सरकार कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से अलग-अलग मंचों पर युवाओं से संवाद किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में उन्हें भी नेतृत्व का अवसर मिले। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत 2047 में विकसित राष्ट्र बनेगा। सहकारिता और भारतीय दर्शन के माध्यम से हम सबके कल्याण की प्रार्थना करते हैं। आय बढ़ाने के साथ समाज को एक करने की पहल है सहकारिता सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि आज विश्व अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में देश की व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन आया है। उन्होंने विकसित भारत के लिए सहकारिता को आगे बढ़ाने पर बल दिया। देश में सहकारिता मंत्रालय बनाकर केन्द्रीय मंत्री अमित शाह को जिम्मेदारी सौंपी। देश का इतिहास है कि जहां व्यक्ति है, वहां सहकारिता है। जब व्यक्ति का एक-दूसरे से समन्वय होगा, तभी देश एक होगा। सहकारिता केवल आय बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि देश और समाज को एक करने की पहल है। हमें रोजमर्रा की जिंदगी में सहकारिता को आत्मसात करना होगा। हमें 2047 तक विकसित भारत बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों की जिज्ञासा का किया समाधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सामने महाविद्यालय छात्र-छात्राओं ने युवा संवाद कार्यक्रम में कई जिज्ञासाएं रखीं। एक छात्रा के सहकारी समिति बनाने की प्रक्रिया और शासकीय कार्य-प्रणाली संबंधी प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में सहकारिता में पारदर्शी व्यवस्था स्थापित की गई है और नई समितियों का पंजीयन 30 दिन में पूर्ण हो रहा है। एक अन्य छात्रा ने सहकारिता संबंधी विषय स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने का सुझाव रखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर विषय पाठ्यक्रम में रखना कठिन है। लोगों को स्वयं सहकारिता की ओर पहल करनी चाहिए। सहकारिता में सबका स्वागत है, इसमें शिक्षा या आय का कोई बंधन नहीं है। … Read more