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राज्य स्तरीय वन खेल-कूद प्रतियोगिता-2025 का समापन

अखिल भारतीय वन खेल-कूद प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ी करेंगे प्रदेश का नेतृत्व भोपाल राज्य स्तरीय 28वीं वन खेल-कूद प्रतियोगिता का समापन रविवार को टी.टी. नगर स्टेडियम, भोपाल में हुआ। प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ी उत्तराखण्ड में 12 से 16 नवम्बर तक 28वीं अखिल भारतीय वन खेल-कूद प्रतियोगिता में भाग लेकर प्रदेश का नेतृत्व करेंगे। अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल ने प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को मेडल एवं प्रमाण-पत्र देकर पुरस्कृत किया। प्रतियोगिता में बेस्ट एथलेटिक्स का पुरस्कार प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ डॉ. समिता राजौरा को दिया गया। अखिल भारतीय वन खेल-कूद प्रतियोगिता में शामिल होने के लिये भोपाल में एक अभ्यास शिविर का आयोजन किया गया। समापन समारोह में पुलिस बैण्ड पार्टी द्वारा शानदार प्रस्तुति दी गयी और खिलाड़ियों द्वारा मार्चपास्ट किया गया। इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन बल प्रमुख श्री व्ही.एन. अंबाड़े और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

घर वापसी की धमकी और गंगाजल-गौमूत्र का ज़िक्र: गरबा आयोजन में लगा भड़काऊ पोस्टर

भोपाल  मध्य प्रदेश में नवरात्रि से पहले गरबा उत्सवों को लेकर सनातनी संगठनों का सख्त रुख देखने को मिल रहा है. राजधानी भोपाल में श्रीकृष्ण सेवा समिति ने गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर चेतावनी जारी की है. कमेटी ने पंडालों पर पोस्टर लगाए हैं, जिनमें लिखा है कि गैर-हिंदू यदि गरबा में आएंगे तो उनकी 'घर वापसी' कराई जाएगी.  पोस्टर पर जूते-चप्पल, लट्ठ की फोटो के साथ 'जिहादियों की उचित व्यवस्था की जाएगी' का संदेश दिया गया है. कमेटी के कार्यकर्ता हाथों में लट्ठ लेकर पंडालों पर तैनात रहेंगे. श्रीकृष्ण सेवा समिति के अध्यक्ष गोपाल ठाकुर ने कहा, "हम गरबा देखने आने वालों को गंगाजल पिलाएंगे और गौमूत्र छिड़केंगे." पूछने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यकर्ता आत्मरक्षा के लिए लट्ठ लेकर नजर रखेंगे. हाथों में लट्ठ लेकर तैनात रहेंगे समिति के कार्यकर्ता. उधर, गरबा पंडालों पर मुस्लिम लोगों की एंट्री को लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि जिस तरह सनातन हिंदू विचारधारा के लोग हज यात्रा में नहीं जाते, उसी तरह उनके लोगों को भी गरबा में नहीं आना चाहिए. उन्होंने गरबा के मुख्य दरवाजे पर गोमूत्र रखने की सलाह भी दी.  

सम्पदा 2.0 को मिला ई-गवर्नेंस अवार्ड

पेपरलेस और फेसलेस पंजीयन की दिशा में अग्रणी बना मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करते हुए मध्यप्रदेश ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अभिनव पहल संपदा 2.0 को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार-2025 से नवाजा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि पेपरलेस और फेसलेस पंजीयन की दिशा में मध्यप्रदेश अग्रणी बना है। यह सम्मान तकनीक के माध्यम से शासन व्यवस्था में परिवर्तन लाने की श्रेणी- गवर्नमेंट प्रोसेस री-इंजीनियरिंग बाई यूज ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन-में प्रदान किया गया है। विशाखापट्टनम में ई-गवर्नेंस पर आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस में केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह एवं सचिव भारत सरकार डीएआरपीजी श्री वी. श्रीनिवास ने महानिरीक्षक पंजीयन श्री अमित तोमर तथा संपदा परियोजना अधिकारी श्री स्वप्नेश शर्मा को यह अवार्ड प्रदान किया। ई-गर्वेनेंस अवार्ड मिलना प्रदेश के लिए ऐतिहासिक : उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि सम्पदा 2.0 ने संपत्ति एवं दस्तावेजों के पंजीयन को पूर्णत: पेपरलेस और फेसलेस बना दिया है। उन्होंने बताया कि यह प्रणाली नागरिकों को बिना कार्यालय आए सुरक्षित और सरल पंजीयन की सुविधा देती है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि इस पुरस्कार ने केवल प्रदेश की तकनीकी दक्षता को प्रमाणित किया है, बल्कि सुशासन और नागरिक सेवाओं में पारदर्शिता और गति लाने की दिशा में मध्यप्रदेश की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और गुड गवर्नेंस के क्षेत्र में लगातार नई पहचान बना रहा है। सम्पदा 2.0 से न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार हुआ है, बल्कि निवेश और व्यावसायिक वातावरण को भी मजबूती मिली है। उन्होंने परियोजना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह पुरस्कार मध्यप्रदेश के सुशासन मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा को दर्शाता है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने दस्तावेजों का पूर्णतः पेपरलेस ई-पंजीयन प्रारंभ किया है। भारतीय स्टाम्प अधिनियम के अंतर्गत लगभग 140 प्रकार के दस्तावेजों में से 75 दस्तावेजों का फेसलेस पंजीयन वीडियो केवाईसी के माध्यम से संभव हुआ है। यह प्रक्रिया छद्मरूपण एवं भूमि विवादों को कम करने में सहायक सिद्ध हो रही है। सम्पदा 2.0 में जीआईएस तकनीक सहित आधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब नागरिक कहीं से भी, कभी भी www.sampada.mpigr.gov.in पोर्टल अथवा मोबाइल एप से ई-स्टाम्प प्राप्त कर सकते हैं और राज्य की किसी भी क्षेत्र की गाइडलाइन दरें तत्काल देख सकते हैं। पंजीयन पूर्ण होते ही दस्तावेज ईमेल और व्हाट्सऐप पर उपलब्ध हो जाते हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार राज्य को लास्ट माइल कनेक्टिविटी श्रेणी में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्राप्त हुआ था। लगातार दूसरे वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर हासिल यह उपलब्धि प्रदेश की तकनीक आधारित पारदर्शी कार्यप्रणाली और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।  

ग्रामीण क्षेत्रों से तीन लाख से ऊपर और शहरी क्षेत्रों से करीब एक लाख सुझाव मिले

 आगरा के ललित वर्मा ने निजी स्कूलों की मनमानी रोकने की मांग की शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि सबसे बड़े मुद्दे, युवाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा कन्नौज के अखिलेश पांडेय ने वेटरनरी छात्रों की तैनाती का सुझाव दिया बस्ती के गोबिंद ने ग्राम सचिवालय को पारदर्शिता का केंद्र बनाने की बात कही देवरिया से शिशिरा प्रजापति ने ग्रामीण क्षेत्रों में एआई व रोबोटिक्स सिखाने का सुझाव दिया जनता से मिलने वाले अच्छे सुझावों को विजन डॉक्युमेंट में शामिल करेगी योगी सरकार लखनऊ, समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान के तहत प्रदेश के 75 जनपदों में नोडल अधिकारीऔर प्रबुद्ध जन आम जनता से संवाद कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा और भविष्य की रूपरेखा पर चर्चा जारी है, जिसमें ग्रामीण जनता की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। सोमवार तक अभियान में करीब चार लाख सुझाव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें तीन लाख से ऊपर सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और करीब एक लाख सुझाव नगरीय क्षेत्रों से आए हैं। सबसे अधिक भागीदारी 31 से 60 वर्ष आयु वर्ग की दिख रही है, जबकि जेन-ज़ी और वरिष्ठ नागरिकों ने भी सक्रियता दिखाई है। सुझावों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, नगरीय एवं ग्रामीण विकास, आईटी-टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री जैसे क्षेत्रों पर जनता का ज़्यादा जोर है। खासकर शिक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होने वाली नीतियों में पारदर्शिता को लेकर नागरिकों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। ये हैं कुछ प्रमुख सुझाव देवरिया की शिशिरा प्रजापति ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में एआई, रोबोटिक्स और हरित ऊर्जा जैसी तकनीकें सिखाई जाएं। साथ ही उच्च शिक्षा व कौशल प्रशिक्षण सस्ता और सुलभ बनाया जाए, तेज़ इंटरनेट, स्मार्ट क्लास और विश्वविद्यालयों में शोध केंद्र व स्टार्टअप इनक्यूबेटर स्थापित किए जाएं। आगरा के ललित वर्मा ने निजी विद्यालयों की मनमानी रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि किताबें और ड्रेस कम से कम पांच साल तक न बदलें, एक समान सिलेबस हो और शिकायत निवारण के लिए राज्य स्तरीय पोर्टल बने। कन्नौज के अखिलेश कुमार पांडेय ने सुझाव दिया कि पशुपालन विभाग में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए अंतिम वर्ष के वेटरनरी छात्र एक साल के लिए व्यवहारिक प्रशिक्षण के तहत पशु चिकित्सालयों में तैनात किए जाएं। बस्ती के गोबिंद ने ग्राम सचिवालय को पारदर्शिता का केंद्र बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि पंचायत सहायक हर योजना का पैसा कब आया, कितना और कहां खर्च हुआ, इसकी ऑनलाइन रिपोर्ट अपलोड करें और ग्राम लेखाकार के रूप में मान्यता पाएँ। अभियान में अब तक प्रयागराज, फिरोजाबाद, बस्ती, जौनपुर, कानपुर नगर, गोरखपुर, सहारनपुर, मेरठ, फर्रुखाबाद और महाराजगंज जैसे जनपदों से सबसे अधिक सुझाव आए हैं। सरकार का कहना है कि जनता की इन रायों को विकास रोडमैप में शामिल कर उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित राज्य बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

सात-समंदर पार धार के बाग-प्रिंट की धूम

मध्यप्रदेश के शिल्पकार मोहम्मद खत्री "मास्टर ऑफ द बेस्ट क्रॉफ्ट" अवॉर्ड से सम्मानित कोकन अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प महोत्सव में बाग प्रिंट को मिली मान्यता भोपाल भारत की अनमोल धरोहर और मध्यप्रदेश के धार जिले की शान बाग प्रिंट ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी चमक बिखेरी है। उज़्बेकिस्तान के ऐतिहासिक शहर कोकन में 19 से 21 सितंबर तक आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प महोत्सव-2025 में बाग प्रिंट के युवा शिल्पकार मोहम्मद खत्री ने अपनी अद्भुत कारीगरी से सबका मन मोह लिया। इस महोत्सव में 70 देशों के 278 मास्टर कारीगरों ने भाग लिया। भारत से केवल 2 शिल्पकार महोत्सव में शामिल हुए। महोत्सव में श्री मोहम्मद खत्री को उनकी बाग प्रिंट कला और परंपरा के संरक्षण के लिये "मास्टर ऑफ द बेस्ट क्रॉफ्ट" के अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह अवार्ड उन्हें उज़्बेकिस्तान के फरगना रीजन के गवर्नर ख़ैरुल्लो बोज़ारोव ने प्रदान किया। विदेशी फैशन डिजाइनर्स और कला समीक्षकों ने भी माना कि श्री खत्री की बाग प्रिंट कला "विश्वस्तरीय फैशन का भविष्य" है। उन्होंने इसे सस्टेनेबल टेक्सटाइल की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। वर्ष 2017 में श्री खत्री को बैंकॉक (थाईलैंड) में इंटरनेशनल फैशन डिजाइनर क्रिएशन अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। वहीं मलेशिया के कुआलालम्पुर इंटरनेशनल क्रॉफ्ट्स फेस्टिवल में भी उन्होंने बाग प्रिंट की अद्वितीय छाप छोड़ी थी। देश में भी श्री खत्री निरंतर बाग प्रिंट की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। देशभर में कई राष्ट्रीय प्रदर्शनियों में उन्होंने अपनी कला से दर्शकों का दिल जीता है। बाग प्रिंट कला के साथ संस्कृति की पहचान मोहम्म्द खत्री ने कहा कि इस सम्मान के पीछे मेरे पूर्वजों की मेहनत, परिवार की परंपरा और भारत की मिट्टी की खुशबू है। बाग प्रिंट सिर्फ एक कला नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की पहचान है। इस कला को दुनिया के कोने-कोने तक पहुँचाना चाहता हूँ ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी अपनी परंपरा और संस्कृति से जुड़ी रहें।  

अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार पर सीएम योगी ने जनसंर्पक कर व्यापारियों व ग्राहकों से किया संवाद

  दुकानदारों को दिया जीएसटी की घटी दरों का स्टीकर, एक दुकान पर खुद किया चस्पा किया गोरखपुर, नेक्स्ट जेन जीएसटी रिफॉर्म (अगली पीढ़ी के लिए जीएसटी सुधार) सोमवार से लागू हो गए। इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व में तय जीएसटी रिफॉर्म जागरूकता अभियान के पहले चरण की शुरुआत खुद व्यापारियों और ग्राहकों के बीच जनसंर्पक करके की। सीएम ने सोमवार पूर्वाह्न पदयात्रा कर झूलेलाल मंदिर से गोरखनाथ मंदिर मार्ग तक कारोबारी प्रतिष्ठानों में जाकर कारोबारियों और वहां मिले ग्राहकों से बात की, जीएसटी सुधारों पर उनकी प्रतिक्रिया जानी। उन्होंने कारोबारियों से आग्रह किया मोदी सरकार से उपहार स्वरूप घटी जीएसटी का लाभ ग्राहकों को अवश्य दें। साथ ही स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिष्ठानों पर ‘गर्व से कहो यह स्वदेशी है’ का पोस्टर भी लगाएं। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जीएसटी परिषद ने तीन सितंबर की बैठक में कर सुधारों का निर्णय लिया था। ये निर्णय सोमवार से प्रभावी हो गए। इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गत दिनों एक समीक्षा बैठक में 22 सितंबर से 29 सितंबर तक ‘जीएसटी रिफॉर्म जागरूकता अभियान’ का पहला चरण शुरू करने का निर्णय लिया था। इसका शुभारंभ सोमवार को उन्होंने खुद पदयात्रा, जनसंर्पक और संवाद से किया। ‘जीएसटी रिफॉर्म जागरूकता अभियान’ के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झूलेलाल मंदिर से गोरखनाथ मंदिर मार्ग तक पदयात्रा की और मार्ग पर स्थित कई दुकानों में जाकर व्यापारियों और ग्राहकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जीएसटी की घटी दरों को लेकर उनसे संवाद किया। उन्हें जीएसटी की घटी दरों से संबंधित एक स्टीकर और गुलाब का फूल दिया। साथ ही कहा कि जीएसटी की घटी दरों का लाभ ग्राहकों को जरूर दीजिए। इससे आपका कारोबार और समृद्ध होगा। अभियान के दौरान सीएम योगी सबसे पहले स्टाइल बाजार गए। यहां प्रतिष्ठान के उच्च प्रबंधन ने उनका स्वागत किया। यहां मुख्यमंत्री ने खुद प्रतिष्ठान के मुख्य द्वार पर जीएसटी की घटी दरों का स्टीकर चस्पा किया। उन्होंने स्नेहिल भाव से प्रतिष्ठान के मेंटर राजेंद्र खुराना, एमडी श्रेयांश खुराना और निदेशक प्रदीप अग्रवाल से पूछा कि कपड़ों पर जीएसटी में कितनी कमी आई है। यह बताए जाने पर कि 12 प्रतिशत घटकर 5 प्रतिशत हो गया है, सीएम ने कहा कि इससे आपका बाजार और मजबूत होगा। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए ग्राहकों को कम हुई जीएसटी का फायदा जरूर दीजिए। प्रतिष्ठान प्रबंधन ने बताया कि जीएसटी कमी का लाभ दिया जाना शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री जब यहां से जाने लगे तो उन्होंने प्रतिष्ठान संचालक को गुलाब का फूल भेंट किया। इसके बाद मुख्यमंत्री पैदल चलकर न्यू स्वीट्स पैलेस पर आए। यहां उन्होंने दुकानदार बिहारी लाल व जतिन लाल से जीएसटी की कम हुई दरों पर संवाद किया। दुकानदार ने बताया कि कम हुई कीमतों का लाभ उन्होंने ग्राहकों को देना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री ने उन्हें जीएसटी रिफॉर्म का स्टीकर देकर कहा कि सभी लोगों को जीएसटी सुधार के लिए पीएम मोदी के प्रति आभार व्यक्त करना चाहिए। व्यापारियों और ग्राहकों से संपर्क और संवाद के क्रम में मुख्यमंत्री ने गीता होलसेल मार्ट में प्रतिष्ठान संचालक शम्भू शाह से कहा कि जीएसटी दरों में कमी को लेकर ग्राहकों को आप लोग खुद भी जागरूक करिए। इससे ग्राहक को फायदा होगा ही, आपका भी बाजार समृद्ध होगा। प्रेम मेडिकल्स में जाकर उन्होंने दवाओं की कीमतों में आई कमी पर चर्चा की। दुकानदार विनय प्रजापति और आकाश प्रजापति ने बताया कि जीवनरक्षक दवाओं पर टैक्स जीरो हो गया है। कई दवाओं में टैक्स अब सिर्फ 5 प्रतिशत रह गया है। आज से इसका लाभ वह ग्राहकों को देने लगे हैं। मुख्यमंत्री ने सिटी कार्ट, श्री होम्यो स्टोर्स के सामने, रंगोली कलेक्शन के सामने, गोरखनाथ मिष्ठान के सामने, जयदेव भवन के सामने, श्री हुनमान कटरा के सामने खड़े दुकानदारों और गोरखनाथ मार्ग मंदिर मार्ग पर खड़े चौधरी कैफुलवरा के परिवार से जीएसटी रिफॉर्म पर संवाद कर उन्हें स्टीकर भेंट किया। उन्होंने कहा कि आप लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दें कि उन्होंने लंबे समय से चली आ रही व्यापारियों की मांग के अनुसार जीएसटी रिफॉर्म लागू किया है। इस दौरान दुकानदारों और आमजन ने जगह जगह पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री की पदयात्रा में ‘घटी जीएसटी बढ़ा व्यापार, धन्यवाद मोदी सरकार’ के खूब नारे लगे। इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी और भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, नगर निगम के उप सभापति पवन त्रिपाठी आदि भी मुख्यमंत्री के साथ पदयात्रा में शामिल रहे। जीएसटी सुधार से मजबूत होगा टेक्सटाइल सेक्टर : शम्भू शाह जीएसटी रिफॉर्म पर पदयात्रा करते हुए संवाद करने गीता होलसेल मार्ट पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस प्रतिष्ठान के संचालक शम्भू शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने जीएसटी की दरों को कम करके टेक्सटाइल सेक्टर को फिर मजबूत कर दिया है। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल सेक्टर, कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि टैक्स की दर घटकर 5 प्रतिशत तक होने से बिक्री बढ़ेगी। उन्होंने इसके लिए पीएम मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। सपना था सीएम योगी से मिलना, आज पूरा हो गया : राजेन्द्र खुराना जीएसटी रिफॉर्म जागरूकता अभियान में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सहजता ने कारोबारियों का दिल छू लिया। स्टाइल बाजार के मेंटर, कोलकाता से आए राजेन्द्र खुराना ने मुख्यमंत्री से संवाद करने के बाद कहा कि महाराज जी ने जिस आत्मीयता से बात की, वह उन्हें हमेशा याद रहेगा। उन्होंने कहा कि महाराज जी (सीएम योगी) से मिलना उनका सपना था और आज उनका यह सपना पूरा हो गया।

प्रधानमंत्री जन-मन योजना से सहरिया समुदाय को मिला नव जीवन : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल ने युवाओं से समाज सेवा के लिए आगे आने का किया आह्वान भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना और आयुष्मान कार्ड की सुविधाओं से जनजातीय समुदाय को नव जीवन मिला है। उन्होंने कहा कि जनजातीय बहुल क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान उन्होंने आवास हितग्राहियों से चर्चा की है। सभी का कहना है कि उनके मकान पक्के होंगे, सोचा भी नहीं था। लोक शक्ति रथ के यात्रियों ने आयुष्मान भारत योजना को सभी के लिए जीवन दायिनी बताया है। राज्यपाल  पटेल सोमवार को मुरैना विकासखंड के ग्राम धनेला में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने टीबी रोगियों से मुलाकात की और रोगियों को निक्षय मित्र के रूप में फलों की टोकरी भेंट की। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि युवा पीढ़ी को समाज सेवा के कार्यों में सहभागिता करनी चाहिए। वंचितों और गरीबों की सेवा के लिए अपना कर्तव्य समझकर आगे आना चाहिए। समाज की सेवा का सबसे प्रभावी तरीका शिक्षा है। शिक्षित युवाओं का आव्हान किया है कि सेवा पखवाड़े के दौरान सेवा के कार्यों में आगे बढ़कर सहभागिता करें। उन्होंने कहा कि टी.बी. एक रोग मात्र है और नियमित दवाएं, उचित पोषण से मरीज 6 माह में ठीक हो सकते हैं। जरूरत रोग के बारे में सही जानकारी होने और उचित दवाएं लेने की है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा चलाए गए सेवा पखवाड़े के दौरान 2 अक्टूबर तक स्वास्थ्य शिविर लग रहे हैं। जाँच के साथ ही जरूरत के अनुसार दवाएं भी निःशुल्क दी जा रही है। राज्यपाल   पटेल ने कहा कि सरकार द्वारा जनजातीय आबादी के कल्याण और विकास के लिए प्रदेश में धरती आबा योजना लागू की है। अत्यंत पिछड़े जनजातीय समूह बैगा, भारिया और सहरिया के विकास और कल्याण के लिए क्रांतिकारी पहल प्रधानमंत्री जन-मन योजना के द्वारा की गई है। योजना के लिए केन्द्र सरकार ने 24 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। जनजातीय बहनों, भाईयों के लिए विकास और कल्याण के सभी कार्य और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना का क्रियान्वयन सुनियोजित तरीके से किया जाए। सबसे वंचित को सबसे पहले लाभान्वित करने के लिए प्राथमिकता निर्धारित कर हितग्राहियों को लाभान्वित करना चाहिए। राज्यपाल ने श्रीअन्न से बने हलवे का स्वाद चखा  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास और आजीविका मिशन की प्रदर्शिनी का अवलोकन किया। आगनवाड़ी कार्यक्रर्ताओं द्वारा पोषण अभियान के तहत बाटे जाने वाले विभिन्न व्यंजनों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने श्रीअन्न (मोटे अनाज) से बने हलवे का स्वाद भी चखा और स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में उपस्थित महिलाओं और कार्यकर्ताओं से चर्चा की। स्व-सहायता समूह द्वारा बनाए गए उत्पादों का अवलोकन किया। हितग्राहियों के गृह प्रवेश में शामिल हुए राज्यपाल  पटेल ने ग्राम धनेला में हितग्राही   दिलीप,  बंटी एवं   पप्पू सहरिया को नये आवास में प्रवेश कराया।   दिलीप सहरिया की पत्नी ने अपने घर की सुखद अनुभूतियां राज्यपाल के साथ साझा की। इस अवसर पर सांसद   शिवमंगल सिंह तोमर, जिला पंचायत अध्यक्ष  आरती गुर्जर, सबलगढ़ विधायक  सरला रावत एवं प्रशासनिक अधिकारी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

चलती ट्रेन में आग से हड़कंप: जामताड़ा के पास रुकी हावड़ा–नई दिल्ली सुपरफास्ट

जामताड़ा झारखंड के जामताड़ा जिले में सोमवार को एक बड़ी घटना टल गई, जब हावड़ा-नई दिल्ली रेल मार्ग पर टाटा 18184 सुपरफास्ट ट्रेन की एक बोगी में अचानक आग लग गई। घटना जामताड़ा के कालाझरिया रेलवे ट्रैक के पास हुई, जिससे ट्रेन में सवार यात्री घबरा गए और बोगियों से कूदने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इंजन से जुड़ी तीसरी बोगी से अचानक धुआं और आग की लपटें निकलने लगीं। लोको पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत ट्रेन रोक दी और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। रेलवे स्टाफ ने तत्काल फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग पर काबू पाया। मौजूद रेलवे अधिकारी के मुताबिक, बोगी के अंडर-गियर से चिंगारी उठने के कारण आग लगी थी। लगभग 45 मिनट तक ट्रेन रुकी रही और स्थिति नियंत्रण में आने के बाद उसे दोबारा रवाना किया गया। जामताड़ा स्टेशन पर पहुंचने के बाद ट्रेन की पूरी तकनीकी जांच की गई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घटना की विस्तृत जांच की जा रही है और यात्रियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।  

मुख्यमंत्री ने जताया विश्वास – मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त भारत का सपना होगा साकार

नारायणपुर के अबूझमाड़ में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता : दो इनामी नक्सली ढेर रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने नारायणपुर ज़िले के अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों की ओर से चलाए गए सफल अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक निर्णायक उपलब्धि है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 2 नक्सली न्यूट्रलाइज किए गए हैं। दोनों पर 40-40 लाख रुपये का इनाम घोषित था।  मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता केवल नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक निर्णायक पड़ाव ही नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ में शांति, सुरक्षा और विकास की प्रक्रिया को और भी गति प्रदान करती है। मुख्यमंत्री ने इस अभियान में शामिल सुरक्षाकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी बहादुरी और समर्पण से ही प्रदेश आज शांति और विकास की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के विज़न और माननीय केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह जी के नेतृत्व में नक्सलवाद का अंत अब पहले से कहीं अधिक निकट और निश्चित होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त भारत का संकल्प अवश्य साकार होगा।

61 साल बाद यूपी में लौटा जम्बूरी, प्रधानमंत्री करेंगे उद्घाटन

– लखनऊ में लगेगा सेवा, समर्पण और अनुशासन का 'महाकुम्भ', बसेगी टेंट सिटी, सीएम योगी करेंगे मेजबानी – योगी सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रीगण करेंगे 29 सितंबर को भूमि पूजन, दुनिया भर की नजर   – भारत स्काउट एंड गाइड्स की ओर से आयोजित किया जाता है राष्ट्रीय जम्बूरी – देश-विदेश के 32 हजार युवा लेंगे 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी में हिस्सा – इससे पहले 1964 में प्रयागराज में हो चुका है चौथे राष्ट्रीय जम्बूरी का आयोजन – एडवेंचर, स्पोर्ट्स, विज्ञान और सांस्कृतिक आयोजनों का होगा संगम – आयोजन बनेगा युवा शक्ति का महापर्व, मिलेगी अनुशासन, आत्मनिर्भरता और टीमवर्क की सीख – 2009 में पीएम नरेन्द्र मोदी स्वयं रह चुके हैं जम्बूरी का हिस्सा लखनऊ, प्रदेश की राजधानी लखनऊ इस नवंबर एक ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। 61 वर्षों बाद उत्तर प्रदेश को भारत स्काउट एंड गाइड्स की 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी की मेजबानी का अवसर मिला है। भारत स्काउट एंड गाइड्स द्वारा आयोजित होने वाला यह विशाल शिविर न केवल युवाओं की ऊर्जा को दिशा देगा बल्कि वैश्विक भाईचारे का अनूठा संदेश भी फैलाएगा। कार्यक्रम 23 से 29 नवंबर तक होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 24 नवंबर को इसका उद्घाटन करेंगे। इसके लिए राजधानी के वृंदावन योजना में एक विशाल टेंट सिटी बसाई जाएगी। सीएम योगी करेंगे मेजबानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देशन में उत्तर प्रदेश को 61 साल बाद यह मेजबानी मिली है। 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए योगी सरकार ने लखनऊ में विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ गेटेड टेंट सिटी तैयार करने का निर्णय लिया है, ताकि देश-विदेश से आने वाले हजारों युवा प्रतिभागियों को एक सुरक्षित, आधुनिक और प्रेरणादायी माहौल मिल सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पूरे आयोजन की मेजबानी करेंगे। भूमि पूजन कार्यक्रम 29 सितंबर को 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी के आयोजन स्थल पर बनने वाली भव्य टेंट सिटी के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम 29 सितंबर को सुबह आयोजित किया जाएगा। योगी सरकार के वरिष्ठ मंत्री भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, कैबिनेट मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, मंत्री गुलाब देवी, भारत स्काउट गाइड उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह और स्टेट चीफ कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार मौजूद रहेंगे। जिस स्थान पर भूमि पूजन होगा, वहीं पर 35 हजार लोगों के रहने की व्यवस्था वाली अस्थायी "गेटेड टेंट सिटी" विकसित की जानी है। 1964 में प्रयागराज में आयोजित हुआ था जम्बूरी भारत में पहली बार जम्बूरी का आयोजन 1953 में हैदराबाद में हुआ था। उसके बाद से अब तक 18 राष्ट्रीय जम्बूरी हो चुकी हैं। 1964 में प्रयागराज ने चौथे जम्बूरी की मेजबानी कर उत्तर प्रदेश का नाम इतिहास में दर्ज कराया था। अब, छह दशकों से अधिक समय बाद, योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रयासों से यूपी को फिर से यह मौका मिला है। युवा शक्ति का महापर्व बनेगा आयोजन जम्बूरी एक सप्ताह का ऐसा आयोजन है जिसमें देश-विदेश से हजारों युवा स्काउट और गाइड्स एक अस्थायी टेंट सिटी में रहेंगे। वे न केवल एडवेंचर, खेलकूद, विज्ञान और सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे, बल्कि अनुशासन, आत्मनिर्भरता और टीमवर्क जैसी जीवन मूल्यों को भी आत्मसात करेंगे। प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं जम्बूरी का हिस्सा जम्बूरी का प्रधानमंत्री मोदी से भी गहरा रिश्ता है। 2009 में जब स्काउटिंग के 100 वर्ष पूरे हुए थे, उस वक्त अहमदाबाद में आयोजित जम्बूरी में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने भाग लिया था। अब बतौर प्रधानमंत्री, वे देशभर के 32 हजार से ज्यादा प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे। युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा जम्बूरी 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी सिर्फ एक शिविर नहीं बल्कि नई पीढ़ी को नेतृत्व, जिम्मेदारी और सामाजिक दायित्व सिखाने का एक मंच है। यह आयोजन साबित करेगा कि जब युवा संगठित होकर आगे बढ़ते हैं तो वे राष्ट्र के भविष्य की दिशा बदल सकते हैं।