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पटना कोचिंग विवाद में नया मोड़, खान सर केस में नोटिस जारी कर थाने बुलावा

पटना  केस मुकदमे में फंसे कोचिंग गुरु फैसल खान उर्फ खान सर के कोचिंग सेंटर खान ग्लोबल स्टडीज से मैनेजर कन्हैया सिंह समेत तीन कर्मियों को पटना पुलिस ने नोटिस भेजकर तलब किया है। कोचिंग सेंटर पर नोटिस चस्पा करके तीनों को कदमकुआं थाने पर की गयी है। कोचिंग पर हमला, हंगामा और तोड़फोड़ के मामले में मैनेजर कन्हैया सिंह ने एफआईआर दर्ज कराया था। बार-बार बुलाने और रिमांडर देने पर भी वे पुलिस के पास नहीं जा रहे थे। रविवार को बजरिए नोटिस उन्हें थाने पर तलब किया गया है। खान ग्लोबल स्टडीज के 2 अन्य कर्मियों अजित कुमार और अंकित कुमार पांडे को भी पुलिस ने थाने पर तलब किया गया है। तीनों के नाम से निकले नोटिस में कहा गया है कि कदमकुआं थाना कांड संख्या 410/26 में अनुसंधान के क्रम में पूछताछ के लिए आपका सहयोग नहीं मिल रहा है। पहले से मौखिक और लिखित रुप से सूचना देने पर भी आप लोग थाने पर केस सी जानकारी देने के लिए नहीं आ। कहा गया है कि आपकी उपस्थिति थाने में अनिवार्य है। थाने में उपस्थित होकर पूछताछ में सहयोग करें। निर्देश का पालन नहीं करने पर कार्वाई की चे यह भी कहा गया है कि यदि आप बिना उचित कारण के इस नोटिस का अनुपालन नहीं करते हैं तो आपके खिलाफ विधि सम्मत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी जिसके लिए आप स्वयं उतरदायी होंगे। चार बजे तक उन्हें थाने पर पहुंचने का निर्देश दिया गया था। जानकारी के अनुसार निर्धारित समय पर ये लोग नहीं पहुंचे थे। कोचिंग में तोड़ फोड़ मामले में कन्हैया सिंह ने पटना पुलिस को आवेदन दिया गया था। इसी के आधार पर केस दर्ज हुआ और ज्ञान बिन्दु के संचालक रोशन सर की गिरफ्तारी हुई। इसी दौरान खान सर के गार्ड द्वारा फायरिंग किए जाने पर एक और एफआईआर दर्ज किया गया और दो गार्ड को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इसी मामले में खान सर की गिरफ्तारी पर हाई कोर्ट से रोक लगी है। ज्ञान बिंदु कोचिंग के छात्र-छात्राओं ने खान सर की गिरफ्तारी के लिए गांधी मैदान के पास जोरदार प्रदर्शन किया। गिरफ्तारी की आशंका के बीच खान सर अंडर ग्राउंड हो गए। कोर्ट में सरेंडर की खबरें भी आईं।खान सर की ओर से एंटिसिपेटरी बेल पेटिशन दाखिल किया गया। इससे पहले खान सर प्रकरण में दिन रात हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। इधर कोचिंग विवाद में जेल में बंद रोशन सर के भाई प्रिंस यादव की नेपाल के एक होटल में मौत हो गई। प्रिंस की हत्या की बात बताई जा रही है।

गंभीर धाराओं में FIR के बाद भी खान सर गिरफ्त से दूर, बढ़ा विवाद

पटना  खान सर लापता हो गए हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। लेकिन खान सर का कुछ भी पता नहीं चल सका है। आखिर गंभीर धाराओं में FIR दर्ज होने के बाद खान सर कहां अंडरग्राउंड हो गए हैं और पुलिस उन्हें क्यों नहीं गिरफ्तार कर पा रही है? ज्ञान बिंदू जी.एस एकेडमी ने यह गंभीर सवाल उठाए हैं। एकेडमी प्रबंधन की तरफ से कहा गया है कि जिस तरह से ज्ञान बिंद् के डायरेक्टर रौशन आनंद को गिरफ्ताार करने में पुलिस ने त्वरित ऐक्शन दिखाया आखिर उस तरह का ऐक्शन खान सर को अरेस्ट करने में क्यों नहीं दिखाया गया? ज्ञान बिंदु एकेडमी के टीचर ने खान सर की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने पर आमरण अनशन की धमकी तक दे दी है। ज्ञान बिंदु के शिक्षक वरुण ने न्यूज एजेंसी से बातचीत में सवाल उठाते हुए कि रौशन सर की गिरफ्तारी के लिए जिस तरह से प्रशासन ने तत्परता दिखाई वैसी तत्परता वो आज क्यों नहीं दिखा रही है? खान की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? 4 तारीख को एफआईआऱ दर्ज कराई गई थी और अब 8 तारीख हो गया है। केस दर्ज होने के बाद वो अपने क्लासरूम में डिजीटल बोर्ड पर सीसीटीवी फुटेज को चला कर कह रहे हैं कि इस व्यक्ति की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। जबकि खुद उस व्यक्ति (खान सर) पर ऐसी-ऐसी धाराएं लगी हैं कि उसकी तो उसी समय गिरफ्तारी होनी चाहिए थी ज्ञान बिंदु एकेडमी के टीचर ने आगे कहा कि जो शख्स उस वक्त वहां नहीं थे यानी रौशन सर की इसमें कोई संलिप्ता नहीं है उसे आपने गिरफ्तार कर रखा है। जिस शख्स पर प्रत्यक्ष एफआईआर है आज वो आसानी से और आराम से अपना जीवन जी रहा है। हमारी मांग है कि उनकी (खान सर) गिरफ्तारी अविलंब होनी चाहिए। टीचर वरुण ने कहा कि हमलोगों ने पहले भी कहा है कि जो गार्ड इस मामले में है वो कैंपस का गार्ड है, खान का गार्ड नहीं है। गार्ड ने खुद कहा कि हम कैंपस के गार्ड हैं। उस गार्ड को सुरक्षाा मिलनी चाहिए। अगर उस गार्ड के साथ कुछ भी गलत होता है तो उसका सारा बोझ रौशन सर पर डाल दिया जाएगा इसलिए उसे सुरक्षा मिलनी चाहिए। वरुण ने आगे कहा कि अगर खान सर गिरफ्तार नहीं होते हैं तो हम आमरण अनशन करेंगे। हमने न्यायालय से भी गुहार लगाई है कि जल्द इस प्रक्रिया को देख कर रौशन सर को बेल दी जाए और जो दोषी है उसपर कार्रवाई करने का आदेश प्रशासन को दिया जाए। बहरहाल आपको बता दें कि खान सर के वकील कोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत की याचिका दायर करने की तैयारी में हैं। खान सर पर हत्या के प्रयास और आर्म्स ऐक्ट के तहत संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया है। 2 जून को खान ग्लोबल इंस्टीच्यूट में हुए बवाल के बाद खान सर पर बीएनएस की धारा 109 के अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 25(9), 27 और 35 के तहत केस दर्ज किया गया है। ये धाराएं बेहद कड़ी हैं और इनसे खान सर की मुश्किलें निश्चित तौर से बढ़ सकती हैं।

अंडे-पत्थर फेंकने की घटना पर विवाद, सोनारपुर हमले की जांच में जुटी पुलिस

पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर सियासत गर्म हो गई है. एक तरफ टीएमसी इसे बीजेपी का सुनियोजित हमला बता रही है, तो दूसरी तरफ बीजेपी ने पलटवार करते हुए इसे टीएमसी के अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा बताया है. आरोप-प्रत्यारोप के बीच पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया है और जांच जारी है. दरअसल, शनिवार को अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में चुनाव बाद हिंसा में मारे गए एक टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंचे थे. इसी दौरान रास्ते में कुछ लोगों ने उनके काफिले को रोक लिया. उन पर अंडे और पत्थर फेंके गए. मौके पर मौजूद लोगों ने 'चोर-चोर' के नारे भी लगाए. हालात बिगड़ते देख सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें सुरक्षा घेरे में लिया. इस दौरान अभिषेक क्रिकेट हेलमेट पहने भी नजर आए. घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी कार्यकर्ता उन्हें जान से मारने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि बीजेपी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया. TMC ने BJP पर लगाया सुनियोजित हमले का आरोप घटना के तुरंत बाद टीएमसी ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की. पार्टी का दावा है कि बीजेपी के मंडल अध्यक्ष अभिजीत बिस्वास खुद मौके पर मौजूद रहकर भीड़ को उकसा रहे थे. टीएमसी ने यह सवाल उठाया कि अगर यह जनता का स्वाभाविक गुस्सा था, तो फिर इतनी भीड़ किसने जुटाई? यह हमला आखिर किसके इशारे पर हुआ? पार्टी ने बाद में एक और तस्वीर जारी करते हुए आकाश गयान नाम के एक शख्स को हमलावर बताया. टीएमसी का दावा है कि वह बीजेपी से जुड़ा कार्यकर्ता है. पार्टी ने सोशल मीडिया गतिविधियों का हवाला देते हुए बीजेपी पर हमला करवाने का आरोप दोहराया. BJP का पलटवार, बोली- यह अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने टीएमसी के आरोपों को खारिज किया. उन्होंने दावा किया कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोग पहले टीएमसी की पूर्व विधायक लवली मैत्रा के करीबी रहे हैं. मालवीय ने सवाल उठाया कि कहीं यह टीएमसी की अंदरूनी खींचतान का मामला तो नहीं. वहीं, बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य ने कहा कि उनकी पार्टी का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं स्वस्थ समाज के लिए ठीक नहीं हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह कई सालों से परेशान स्थानीय लोगों के गुस्से का नतीजा हो सकता है. पुलिस क्या कह रही है? पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद रातभर छापेमारी की गई और वीडियो फुटेज के आधार पर कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है. अब तक न तो अभिषेक बनर्जी और न ही टीएमसी की तरफ से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई थी. पुलिस ने अपने स्तर पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है.

‘हम इसका ख्याल रखेंगे’ अस्पताल CEO को ममता की कथित चेतावनी वायरल, भाजपा ने घेरा

कोलकाता तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में राजनीति तेज होती जा रही है। अभिषेक को कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराए जाने के दौरान ममता बनर्जी का हॉस्पिटल सीईओ को धमकाते हुए एक ऑडियो क्लिप वायरल हो रहा है। इस क्लिप के वायरल होते ही राजनीति तेज हो गई है। वायरल रिकॉर्डिंग में, ममता बनर्जी कथित तौर पर बेले व्यू अस्पताल के सीईओ प्रदीप टंडन पर जमकर बरस रही हैं,उन पर गलत काम करने का आरोप लगा रही हैं और उन्हें अंजाम भुगतने की चेतावनी दे रही हैं। दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में अभिषेक पर हुए हमले के बाद उन्हें बेले व्यू हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। ममता का आरोप है कि हॉस्पिटल ने अभिषेक की चोटों को कम करके दिखाया। इतना ही नहीं सरकार के निर्देश पर उन्होंने अभिषेक बनर्जी को भर्ती करने से भी इनकार कर दिया। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक वायरल ऑडियो क्लिप में ममता बनर्जी को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “माफ कीजिए मिस्टर टंडन, आपने गलत काम किया है।” ममता बनर्जी आगे कहती हैं, "याद रखिए कि हमने आपकी कितनी मदद की है। भगवान आपको माफ नहीं करेंगे। आप लोगों को गुमराह कर रहे हैं। आपको शर्म आनी चाहिए। हर कोई आपके अहंकार को याद रखेगा। आप अस्पताल चला रहे हैं और भाजपा सत्ता में है। कल, अगर केंद्र सरकार नहीं रही, तो हम इसका ख्याल रखेंगे।" गौरतलब है कि ममता बनर्जी का यह वीडियो ऐसे समय में लीक हुआ है, जब बंगाल के भाईपो (बंगाली में भतीजा) पर सोनारपुर में हमला हुआ था। चुनावी हिंसा में मारे गए तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता के परिवार वालों से मिलने के लिए पहुंचे अभिषेक के सामने लोगों ने चोर-चोर के नारे लगाए। इसके बाद उन पर अंडे और पत्थर फेंके गए। सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में ही अभिषेक के साथ मारपीट कर दी गई। इतना ही नहीं उनकी शर्ट को भी फाड़ डाला गया। सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़े कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें अभिषेक के सुरक्षाकर्मी उन्हें हेलमेट पहनाकर सुरक्षित निकालते हुए दिख रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अभिषेक बनर्जी ने हमले का आरोप भारतीय जनता पार्टी के ऊपर लगाया। उन्होंने कहा, "यह सब भाजपा की किया हआ है। यह इनका लोकतंत्र है। अभी सत्ता में आए 6 महीने नहीं हुए हैं। यह कानून व्यवस्था है। मेरी सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने घटनाक्रम से पहले ही अपने अधिकारियों को सूचित कर दिया था लेकिन इसके बाद भी कोई अतिरिक्त फोर्स नहीं भेजी गई।" इस घटना के बाद अभिषेक कार्यकर्ता के घर गए और फिर वहां से उन्हें कोलकाता के अपोलो हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां से उन्हें बैले व्यू हॉस्पिटल शिफ्ट कर दिया गया। यहां पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सामने आईं और उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और एक पुलिस अधिकारी ने अस्पताल को फोन करके अभिषेक को जल्द से जल्द डिस्चार्ज करने के लिए दबाव डाला है। ममता ने कहा कि अभिषेक की चोटें गंभीर हैं, लेकिन इसके बाद भी उन्हें भर्ती नहीं करने दिया गया। बता दें, इस मामले में बंगाल पुलिस ने अभी तक पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक घटना के दौरान के वीडियो और लोगों से पूछताछ के आधार पर 5 संदिग्ध लोगों को अभिषेक बनर्जी पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है।

मोमिना इकबाल विवादों में घिरीं, पाक नेता साकिब खान ने 10 करोड़ के गिफ्ट वापस मांगे

मोमिना इकबाल पाकिस्तानी सिनेमा की मशहूर एक्ट्रेस हैं. 33 साल की मोमिना की खूबसूरती पर फैंस मर मिटते हैं. एक्ट्रेस के दिलकश अंदाज पर पाकिस्तानी नेता साकिब खान चधर भी अपना दिल हार बैठे थे. दोनों के रिलेशनशिप में होने की खबरें थीं. मगर शादी से पहले उनका रिश्ता धोखे और फरेब में फंसकर खत्म हो गया. मोमिना पर Pak नेता ने लगाए आरोप एक्ट्रेस मोमिना इकबाल और साकिब खान चधर कभी प्यार में थे. मगर अब उनके बीच का प्यार नफरत में बदल चुका है. साकिब ने मोमिना पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं और रिश्ता टूटने पर एक्ट्रेस से करोड़ों के तोहफे वापिस मांगे हैं. साकिब ने अपने बयान में कहा है कि वो मोमिना इकबाल को बिल्कुल भी परेशान नहीं कर रहे हैं. वो सिर्फ उनसे अपने कीमती तोहफे वापस मांग रहे हैं, क्योंकि अब वो किसी और से शादी कर रही हैं और उन्हें इससे कोई दिक्कत नहीं है. एमपीए ने यह आरोप भी लगाया कि मोमिना के होने वाले नए पति ने उन्हें धमकी दी थी और उन्होंने उसके खिलाफ मामला भी दर्ज करा दिया है. मोमिना और इकबाल के बीच छिड़े विवाद पर अब पाकिस्तानी सिनेमैटोग्राफर इरशाद भट्टी ने बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि एमपीए साकिब के वकील मियां अली अशफाक ने उन्हें बताया है कि साकिब ने मोमिना को एक फॉर्च्यूनर (Fortuner) और एक होंडा सिविक (Honda Civic) कार तोहफे में दी थी. उस फॉर्च्यूनर का इस्तेमाल अब मोमिना की मां करती हैं. इसके अलावा 84 लाख रुपये की एक घड़ी और अन्य लग्जरी चीजें भी गिफ्ट में दी थीं. इन सभी तोहफों की कुल कीमत करीब 10 करोड़ रुपये है, जिसे साकिब अब वापस मांग रहे हैं. मोमिना ने गुपचुप रचाई शादी मगर इस पूरे विवाद के बीच मोमिना इकबाल ने हमजा हबीब से गुपचुप शादी रचा ली है. शादी की खबर को खुद हमजा हबीब ने कंफर्म किया. उन्होंने मीडिया संग बातचीत में कहा कि दोनों ने सादगी से निकाह कर लिया है. उनकी ये अरेंज मैरिज है. अब वो कानूनी तौर पर खुद को मोमिना का पति मानते हैं. वहीं, नेता साकिब संग रिश्ते के विवाद पर एक्ट्रेस मोमिना इकबाल ने चुप्पी साधी हुई है. हालांकि, कुछ समय पहले मोमिना इकबाल ने बिना किसी का नाम लिए अपने इंस्टाग्राम पर खुलासा किया था कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) का एक एमपीए (MPA) उन्हें धमकियां दे रहा है और उनकी शादी को खराब करने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने सरकार से इस पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया था. बाद में इस एमपीए की पहचान साकिब के रूप में हुई. उन्होंने मोमिना इकबाल संग रिलेशनशिप में होने का दावा किया था. उन्होंने आरोप लगाया कि एक्ट्रेस ने उनसे करोड़ों के तोहफे लिए थे. अब कौन कितना सच बोल रहा है और कितना झूठ…इसका खुलासा भी जल्द हो जाएगा. लेकिन फिलहाल दोनों के रिश्ते का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है.

सारा तेंदुलकर का पैपराजी पर गुस्सा, भद्दे कैप्शन को लेकर लगाई फटकार

फैन्स अपने फेवरेट सेलिब्रिटी की झलक पाने को बेताब रहते हैं. इसलिए पैपराजी सेलिब्रिटीज को देखते ही हर एंगल से उन्हें कैप्चर करने की कोशिश करते हैं. कई दफा सोशल मीडिया सेलेब्स के ऊट-पटांग वीडियोज-फोटोज वायरल होते हैं. इस दफा सारा तेंदुलकर ने अपनी वायरल फोटो पर रिएक्ट किया है. भद्दे कैप्शन के साथ उनका वीडियो वायरल करने के लिए उन्होंने पैप्स को लताड़ लगाई है. सारा का फूटा गुस्सा सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा तेंदुलकर ने इंस्टाग्राम स्टोरी शेयर करते हुए पैप्स पर गुस्सा निकाला है. सारा ने जो पोस्ट शेयर की है, उसमें वो ब्लू जींस में एयरपोर्ट पर एंट्री लेते दिख रही हैं. तस्वीर में सारा का बैक दिखाई दिया. तस्वीर का कैप्शन था मोटी वाली सारा है, बगल वाली भाभी है. जब ये पोस्ट सारा की नजरों के सामने आई, तो उनका पारा हाई हो गया. सारा ने पोस्ट शेयर करते हुए पैप्स को टैग किया और लिखा कि ये बहुत घटिया हरकत है. हमें अकेला छोड़ दो. उन्होंने ये भी लिखा कि पोस्ट डिलीट करने से आप कम घटिया नहीं हो जाओगे.   सारा तेंदुलकर की इंस्टाग्राम पोस्ट सारा को उनके फैन्स का सपोर्ट मिल रहा है. क्योंकि इतने भद्दे कैप्शन पर ऐसी नाराजगी जाहिर है. सारा से पहले सलमान खान भी पैपराजी पर भड़क चुके हैं. दो दिन पहले सलमान खान मुंबई के एक हॉस्पिटल के बाहर स्पॉट हुए. उन्हें देखकर पैपराजी की भीड़ जमा हो गई. सलमान ने पैपराजी पर गुस्सा निकालते हुए कहा कि अगर अस्पताल में तुम्हारा कोई अपना होता, तो क्या तब भी ऐसी हरकत करते. कई बार हमें सेलेब्स का गुस्सा दिखता है, लेकिन ये देखना भूल जाते हैं आखिर उन्हें गुस्सा आया क्यों. गुस्से के लिए सेलेब्स को ट्रोल करना आसान है. पर उसकी तह तक पहुंचना आसान है. हर बार सेलेब्स का गुस्सा फिजूल नहीं होता है. आज तक कभी सारा को इस तरह नाराज होते नहीं देखा गया. हद पार करने पर उनका ऐसा रिएक्शन बिल्कुल जायज है.

तमिलनाडु में शपथ समारोह पर विवाद, ‘तमिल थाई वाजथु’ की अनदेखी से सियासत गरमाई

चेन्नई  तमिलनाडु में जोसेफ विजय के मुख्यमंत्री बनते ही एक नया विवाद खड़ा हो गया है। CPI केराज्य सचिव एम. वीरपांडियन ने रविवार को कहा कि सरकारी समारोहों में प्रोटोकॉल में 'तमिल थाई वाजथु' (तमिलनाडु का राज्य गीत) को सबसे पहला स्थान दिया जाना चाहिए। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के शपथ ग्रहण समारोह के बाद जारी एक पत्र में वीरपांडियन ने समारोह के दौरान गीतों के बजाए जाने के क्रम पर आपत्ति जताई। समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' से हुई, उसके बाद राष्ट्रगान 'जन गण मन' बजाया गया, जबकि 'तमिल थाई वाजथु' तीसरे नंबर पर बजाया गया। CPI नेता ने कहा कि यह क्रम तमिलनाडु की पुरानी परंपरा का उल्लंघन है, जहां सरकारी समारोहों की शुरुआत पारंपरिक रूप से 'तमिल थाई वाजथु' से होती है और समापन राष्ट्रगान से होता है। वीरपांडियन ने पत्र लिखकर उठाए सवाल वीरपांडियन ने पत्र में लिखा कि राजभवन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, तमिलनाडु सरकार द्वारा आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के कार्यक्रम में 'वंदे मातरम' गीती को प्राथमिकता देना और तमिल गीत को तीसरे स्थान पर रखना,स्थापित परंपरा का उल्लंघन है। तमिलनाडु सरकार को जनता को यह बताना चाहिए कि इस चूक के लिए कौन जिम्मेदार था। टीवीके को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि 'तमिल थाई वाजथु' को ही प्राथमिकता दी जाए। 'तमिल थाई वाजथु' सबसे पहले बजाया जाए- वीरपांडियन उन्होंने लिखा कि इस तरह की गलती को जारी रखने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय और प्रोटेम स्पीकर को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कल होने वाले विधानसभा सत्र में, जो विधायकों के शपथ ग्रहण के लिए बुलाया गया है, साथ ही सभी सरकारी कार्यक्रमों और समारोहों में 'तमिल थाई वाजथु' सबसे पहले बजाया जाए और राष्ट्रगान अंत में बजाया जाए। वीरपांडियन ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे के ऐतिहासिक और वैचिरिक निहितार्थ हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ही यह तय हो गया था कि 'वंदे मातरम' राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार्य नहीं हो सकता, क्योंकि यह गीत एक विशिष्ट देवी को समर्पित था और इसका स्वरूप सांप्रदायिक-धार्मिक था। यह विवाद विजय के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान शुरू हुआ, जिसमें लोगों की भारी भीड़ और कई प्रमुख राजनेता भी शामिल हुए थे।

नियमों की अनदेखी कर आउटसोर्स भर्ती? MP की व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

भोपाल स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के तहत वित्तीय वर्ष 2024–25 एवं 2025–26 में प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में कुल 18,653 पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्तियां की जानी हैं। इन नियुक्तियों को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नियमों का खुलेआम उल्लंघन आरोप है कि निजी एजेंसियों के जरिए की जा रही भर्तियों में नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है और धनबल के सहारे प्रक्रियाओं को प्रभावित किया जा रहा है। मप्र संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह ने बताया कि कई स्थानों पर तय मापदंडों और पारदर्शी चयन प्रक्रिया को नजरअंदाज कर नियुक्तियां की जा रही हैं। योग्य उम्मीदवारों को अवसर नहीं इससे योग्य उम्मीदवारों को अवसर नहीं मिल पा रहा है और पूरी व्यवस्था पर सवालिया निशान लग रहे हैं। यदि इन नियुक्तियों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ गंभीर खिलवाड़ होगा। मौजूदा व्यवस्था में पूंजी और प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है, जबकि आम युवाओं और जरूरतमंद अभ्यर्थियों को दरकिनार किया जा रहा है।

टीपू-अकबर से ‘ग्रेट’ हटाने पर सियासी घमासान, CM हिमंता का बयान सुर्खियों में

  एनसीईआरटी ने इतिहास के पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है। एनसीईआरटी ने बादशाह अकबर और टीपू सुल्तान  जैसे महत्वपूर्ण मुगल शासकों  के सामने से महान (ग्रेट) शब्द को हटा दिया है। यह फैसला लंबे समय से चल रही उस बहस को आगे बढ़ाता है, जिसमें भारतीय इतिहास को सही और संतुलित नजरिए से दिखाने की मांग की जा रही थी। एनसीईआरटी के इस फैसले का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) नेता सुनील आंबेकर और असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने स्वागत किया है। वहीं एनसीईआरटी के इस फैसले का विपक्ष ने विरोध किया है। हालांकि अभी ये सिर्फ दावा किया जा रहा है। एनसीईआरटी ने फिलहाल इसपर कुछ भी प्रतिक्रिया नहीं दी है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपनी खुशी जताते हुए कहा कि बहुत अच्छा हुआ है… मैंने अभी देखा नहीं है कि ऐसा हुआ। लेकिन अगर ये काम कर दिया गया है तो NCERT को मेरी ओर से धन्यवाद। आगे वह बोले- “टीपू-इपू को मारो एकदम, जहाँ भेजना है उधर भेज दो। समुद्र में फेंक दो। वहीं RSS नेता सुनील आंबेकर ने कहा कि कक्षा 9, 10 और 12 की किताबों में ये संशोधन अगले साल से लागू होंगे। इन बदलावों से नई पीढ़ी को इतिहास की पूरी सच्चाई बताने में मदद मिलेगी। RSS नेता ने साफ किया कि किसी भी ऐतिहासिक व्यक्ति को किताबों से पूरी तरह हटाया नहीं गया है। इसके बजाय उनके अच्छे और बुरे.. यानी सकारात्मक और क्रूर, दोनों कामों का सही मूल्यांकन पेश किया गया है।   इतिहास की किताबों में सकारात्मक बदलाव RSS नेता सुनील आंबेकर के दावे के अनुसार, NCERT की इतिहास की पाठ्यपुस्तकों से अब मुगल शासक अकबर और मैसूर के शासक टीपू सुल्तान के नाम के साथ जुड़े ‘महान’ जैसे विशेषण हटा दिए गए हैं। यह फैसला इस विचार पर आधारित है कि किसी भी शासक को ‘महान’ कहने से पहले उसके सभी तरह के कामों और भारतीय समाज पर पड़े उनके प्रभाव का निष्पक्ष मूल्यांकन होना चाहिए। किस क्लास की किताबों में हुआ बदलाव? दावा किया गया है कि NCERT ने कुल 15 कक्षाओं की पाठ्यपुस्तकों में से 11 कक्षाओं की किताबों में ये सकारात्मक बदलाव लागू कर दिए हैं। कक्षा 9, 10 और 12 की किताबों में ये संशोधन अगले शैक्षणिक वर्ष से पूरी तरह से लागू किए जाएंगे। यह बदलाव धीरे-धीरे लागू किया जा रहा है। इससे छात्रों और शिक्षकों को नए सिलेबस के साथ तालमेल बिठाने में आसानी होगी।

‘मुझे तो 10-10 थप्पड़ मारते थे’ — SDM छोटूलाल पर पत्नी पूनम के गंभीर आरोप से मचा हड़कंप

भीलवाड़ा भीलवाड़ा सीएनजी पंप विवाद में निलंबित आरएएस अधिकारी छोटूलाल शर्मा का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। एक ओर जहां शर्मा ने अपनी पत्नी दीपिका व्यास के साथ सामने आकर खुद को निर्दोष बताया था, वहीं अब उनकी पहली पत्नी पूनम जखोड़िया भी खुलकर सामने आई हैं और कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पूनम ने न केवल घरेलू हिंसा की बात कही है, बल्कि यह भी दावा किया है कि दोनों के बीच तलाक की प्रक्रिया अभी न्यायालय में लंबित है।   ‘मैं आज भी उनके नाम का सिंदूर भरती हूं’ पिलानी निवासी पूनम जखोड़िया ने कहा कि वह आज भी छोटूलाल शर्मा के नाम का सिंदूर भरती हैं और उन्हें अपना पति मानती हैं। उन्होंने बताया कि जब शर्मा संघर्ष के दौर में थे, तब उन्होंने गरीबी में पढ़-लिखकर परिवार को संभाला और हर मुश्किल में उनका साथ दिया। लेकिन जैसे ही छोटूलाल आरएएस अधिकारी बने, उनका व्यवहार पूरी तरह बदल गया। पूनम ने भावुक होकर कहा कि गरीबी के दिनों में मैंने बच्चों को पालने के लिए खुद मेहनत की, लेकिन आरएएस बनते ही उनका दिमाग फिर गया। अब वह मुझे और बच्चों को नजरअंदाज करते हैं।   ‘मुझे थप्पड़ मारते थे, बच्चे डर से कुर्सियों के पीछे छिप जाते थे’ पूनम जखोड़िया ने अपने बयान में दावा किया कि छोटूलाल शर्मा का स्वभाव हिंसक था। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि उन्होंने पंप वाले को एक थप्पड़ मारा, लेकिन मुझे तो 10-10 थप्पड़ मारते थे। बच्चे डर के मारे बिस्तर और कुर्सियों के पीछे छिप जाते थे।   पूनम ने आगे बताया कि उन्होंने 2022 में भी छोटूलाल शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि शर्मा उन्हें धमकाते थे और कहते थे कि मैं आरएएस हूं, कानून और पुलिस मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती। उनका दावा है कि कई बार पुलिसकर्मी खुद उनके घर के बाहर खड़े रहते थे और शर्मा को सलाम करते थे। इस वजह से वह लंबे समय तक शिकायत करने से डरती रहीं।