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अमेरिका में 440 करोड़ की डील पर बवाल, ट्रंप ने पूर्व वकील के समझौते को बताया ‘भयानक’

वाशिंगटन  डीसी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पूर्व वकील अलीना हब्बा मिल्डन को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। मामला 50 मिलियन डॉलर यानी करीब 440 करोड़ रुपये के एक कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा है। आरोप है कि हब्बा ने अमेरिकी न्याय विभाग में काम करते हुए वेनेजुएला के एक कारोबारी परिवार के साथ करोड़ों डॉलर का समझौता किया था। इस खबर के सामने आने के बाद ट्रंप ने भी इसे गलत बताते हुए कहा है कि ऐसा बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जा सकता। ट्रंप ने पूरे मामले को बताया 'भयानक' फ्लोरिडा के पाम बीच स्थित अपने मार-ए-लागो क्लब में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने इस मामले पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह गलत और हैरान करने वाला है। उन्होंने हब्बा से कहा था कि वह इस तरह का भुगतान नहीं चाहेंगे। ट्रंप ने इस पूरे मामले को 'भयानक' बताते हुए कहा कि यह किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता। 4 साल में 50 मिलियन डॉलर मिलने का था समझौता इस मामले का खुलासा अमेरिकी अखबार 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की एक रिपोर्ट में हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला के बैंकर जूलियो हेरेरा वेलुटिनी के परिवार ने अलीना हब्बा मिल्डन को चार साल में 50 मिलियन डॉलर से अधिक देने की गारंटी वाला समझौता किया था। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत उन्हें हर साल 10 मिलियन डॉलर यानी करीब 88 करोड़ रुपये मिलने थे। इसके अलावा बोनस का भी प्रावधान था। जूलियो हेरेरा वेलुटिनी पर अमेरिका में रिश्वतखोरी से जुड़े गंभीर आरोप लगे थे। हालांकि, अगस्त 2025 में उन्होंने एक समझौते के तहत अपना मामला सुलझा लिया था। इसके बाद उनके परिवार की कंपनी कॉनकॉर्ड पार्टनर्स ने हब्बा के साथ यह समझौता किया। सरकारी पद पर रहते हुए हुआ था करार रिपोर्ट के मुताबिक, हब्बा जब न्यू जर्सी में अमेरिका की कार्यवाहक अटॉर्नी के पद पर थीं, उसी दौरान उन्होंने हेरेरा के परिवार की कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए थे खास बात यह है कि कॉनकॉर्ड पार्टनर्स कंपनी का रजिस्ट्रेशन अक्टूबर 2025 के आखिरी दिनों में ही हुआ था। इसके कुछ ही दिनों बाद हब्बा ने कंपनी के साथ समझौता कर लिया। हब्बा को बाद में देना पड़ा इस्तीफा हालांकि, इस बीच उनकी सरकारी भूमिका पर भी सवाल उठने लगे थे। एक अमेरिकी अपील अदालत ने 1 दिसंबर 2025 को उन्हें अमेरिकी अटॉर्नी के पद पर बने रहने से अयोग्य ठहरा दिया था। इसके बाद हब्बा ने 8 दिसंबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उसी दिन उन्हें अमेरिकी अटॉर्नी जनरल का वरिष्ठ सलाहकार नियुक्त किया गया। अखबार के मुताबिक, वह इस पद पर रहते हुए भी 1 जनवरी 2026 से कॉनकॉर्ड पार्टनर्स के साथ जुड़ गई थीं।

दुर्गा विसर्जन जुलूस पर अंडा फेंकने का आरोप, हैदराबाद में सड़कों पर उतरे लोग

हैदराबाद हैदराबाद में देवी दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन जुलूस के पास अंडा फेंके जाने की घटना सामने आई है। रविवार तड़के हुई इस घटना के बाद जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली गई है। आपको बता दें कि यह घटना मदान्नापेट पुलिस थाना क्षेत्र में रात करीब 2 बजे हुई। इसके बाद जुलूस में शामिल लोगों और कुछ स्थानीय निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अंडा जुलूस के पास गिरा था। उन्होंने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह धारा किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक मान्यताओं का अपमान करके उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के जानबूझकर किए गए दुर्भावनापूर्ण कार्यों से संबंधित है। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया, "हमें सूचना मिली थी कि रात करीब 2 बजे जब दुर्गा माता की प्रतिमा का जुलूस एक गली से गुजर रहा था, तब एक अंडा फेंका गया।" एक संदिग्ध हिरासत में अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जुलूस के आयोजकों से बात की। एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है और पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि इलाके में स्थिति शांतिपूर्ण है और पुलिस ने लोगों से अफवाहें न फैलाने की अपील की है। मामले की आगे की जांच चल रही है। भगवान राम की प्रतिमा हटाए जाने पर विवाद एक अन्य मामले में हैदराबाद में शनिवार को एक मंदिर से भगवान राम की बड़ी प्रतिमा हटाए जाने के बाद राजनीतिक विवाद पैदा हो गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने इस कदम को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। यह प्रतिमा यहां दशहरा उत्सव के दौरान बशीरबाग स्थित देवी कनक दुर्गा मंदिर में स्थापित की गई थी। विहिप के नेताओं ने उस समय घोषणा की थी कि इस इलाके को बशीरबाग के बजाय श्रीराम चौक के नाम से जाना जायेगा। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मंदिर प्रबंधन समिति ने शनिवार को प्रतिमा हटा दी। सूत्रों ने कहा कि दशहरा उत्सव संपन्न होने के बाद प्रतिमा हटाना सामान्य प्रक्रिया है। नेहरू ने भी डाला था दबाव: BJP अध्यक्ष प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने कहा कि लोग प्रतिमा हटाने के लिए कांग्रेस सरकार को न तो भूलेंगे और न ही माफ करेंगे। उन्होंने कहा, '' यह पहली बार नहीं है जब किसी कांग्रेस सरकार ने भगवान श्रीराम की प्रतिमा हटाने की कोशिश की है। वर्ष 1949 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार पर अयोध्या में रामलला की प्रतिमा हटाने के लिए दबाव डाला था। आज उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का सफाया हो चुका है।'' उन्होंने कहा कि बशीरबाग में प्रतिमा हटाए जाने के बाद तेलंगाना में भी कांग्रेस का यही हश्र होगा। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता रविनुथला शशिधर ने कहा कि भविष्य में मंदिर में 108 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब हैदराबाद समेत राज्य के कई शहरों के पुराने नाम बहाल किए जाएंगे।

रावण-मेघनाद के साथ कॉकरोच का भी होगा दहन, सफाई अभियान से जोड़ रहे आयोजक

नई दिल्ली दिल्ली में एक रामलीला कार्यक्रम में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के साथ-साथ कॉकरोच का 30 फुट ऊंचा पुतला भी जलाया जाएगा. इसे लेकर कुछ सोशल मीडिया यूजर्स उठा रहे हैं. वहीं, आयोजकों का कहना है कि इस पहल का मकसद सफाई को बढ़ावा देना है. पीतमपुरा में सालाना कार्यक्रम आयोजित करने वाली श्री केशव राम लीला समिति ने कहा कि कॉकरोच गंदगी और मैल का प्रतीक है और इस पहल का मकसद 'स्वच्छ भारत' और 'स्वच्छ दिल्ली' अभियानों के तहत सफाई के बारे में जागरूकता फैलाना है. समिति के अध्यक्ष और बीजेपी विधायक अशोक गोयल का कहना है कि यह फैसला राजनीतिक कारणों से नहीं लिया गया है और इसका मकसद बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देना और साथ ही सफाई के महत्व को उजागर करना है. उन्होंने कहा कि कॉकरोच को रावण की सेना में 'असुरों' के बीच दिखाया जाएगा. हालांकि, इस फैसले को हाल ही में राजधानी में हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के प्रदर्शनों से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे विवाद पैदा हो गया है. CJP ने शुरू में पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ विरोध किया था और अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शनों में शामिल हो गई है. कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं. उनका तर्क है कि धार्मिक आयोजन में मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रमों को लाने से लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं और त्योहार के पारंपरिक महत्व से ध्यान भटक सकता है. एक यूजर ने लिखा, 'दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. इस खूबसूरत परंपरा को मौजूदा राजनीतिक राइवलरीज का मंच क्यों बनाया जाए? उन्होंने लोगों से अपील की कि त्योहार समुदायों को एकजुट करें, न कि राजनीतिक विभाजन को गहरा करें.' एक अन्य यूजर ने कहा कि रावण की तुलना कॉकरोच से करने पर CJP पर तो कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन इससे हिंदुओं की भावनाएं आहत हो सकती हैं. कुछ अन्य लोगों ने इस पहल के धार्मिक आधार पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि त्योहार का इस्तेमाल राजनीतिक संदेश को आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा है.

क्रिकेट एसोसिएशन में कानूनी विवाद से ठप हुआ कामकाज, रणजी ट्रॉफी मैच में नहीं उतरी अरुणाचल की टीम

नई दिल्ली  अरुणाचल प्रदेश के घरेलू क्रिकेट अभियान को एक और झटका लगा है। टीम ने नागालैंड के खिलाफ अपना रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप का पहला मैच गंवा दिया है। ऐसा प्रशासनिक गतिरोध के कारण हुआ है, जिससे क्रिकेट एसोसिएशन के पास टीम चयन और अन्य कामकाज संभालने के लिए कोई काम करने वाली अथॉरिटी नहीं बची है। यह मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होना था, जो 2026-27 रणजी ट्रॉफी सीजन की शुरुआत के साथ ही हो रहा था। इससे पहले, इस हफ्ते की शुरुआत में भुवनेश्वर में सिक्किम के खिलाफ वीनू मांकड़ ट्रॉफी मैच के लिए अरुणाचल प्रदेश टीम नहीं उतार पाया था। गुवाहाटी हाई कोर्ट पहुंच चुका है मामला यह संकट अरुणाचल क्रिकेट एसोसिएशन (एसीए) के सितंबर में हुए चुनावों को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई से पैदा हुआ है, जिसमें नबम विवेक को अध्यक्ष चुना गया था। इसके बाद कई जिला एसोसिएशन ने चुनावों को चुनौती दी, जिसमें गड़बड़ी का आरोप लगाया गया और नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की गई। यह मामला गुवाहाटी हाई कोर्ट की ईटानगर बेंच के सामने लंबित है, जिसने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट की कार्यवाही ने एसोसिएशन के कामकाज को पूरी तरह ठप कर दिया है, जिससे बीसीसीआई के लिए मामले के लंबित रहने के दौरान कोई वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था बनाने के लिए दखल देना मुश्किल हो गया है। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने पहले बताया था कि कानूनी गतिरोध के कारण अरुणाचल प्रदेश की जूनियर घरेलू प्रतियोगिताओं में भागीदारी पहले ही बाधित हो चुकी है, क्योंकि राज्य की कोई काम करने वाली संस्था न होने से टीम चयन और तैयारी असंभव हो गई है। उन्होंने बताया था, 'अरुणाचल क्रिकेट एसोसिएशन में दो गुट हैं, और गुवाहाटी हाई कोर्ट की ईटानगर बेंच में उनके बीच कानूनी विवाद चल रहा है। हाई कोर्ट ने कुछ महीने पहले बोर्ड के कामकाज पर रोक लगाने का आदेश दिया था। इसी कारण उस बेंच के सामने मौजूद मामले के कारण, अरुणाचल क्रिकेट एसोसिएशन में कोई पदाधिकारी नहीं है। मामले की सुनवाई आखिरकार सितंबर के पहले हफ्ते में हुई थी, लेकिन बेंच की ओर से अभी फैसला आना बाकी है। वहां काफी समय से कोई बोर्ड नहीं है, इसलिए वीनू मांकड़ ट्रॉफी के लिए टीम बनाने की कोई तैयारी नहीं हो पाई।' जिला निकायों ने लगाए नियम के उल्लंघन के आरोप रणजी ट्रॉफी मैच गंवाने से राज्य की सीनियर पुरुष टीम के लिए चिंताएं बढ़ गई हैं और टीम के लिए यह एक बड़ा झटका साबित हुआ है। अगर प्रशासनिक कामकाज में यह खालीपन बना रहता है, तो इस विवाद ने घरेलू सीजन के बाकी मैचों में अरुणाचल प्रदेश की भागीदारी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एसोसिएशन के सितंबर के चुनाव तब विवादों में घिर गए जब छह जिला निकायों – लोअर सियांग, अपर सुबनसिरी, कामले, तवांग, वेस्ट सियांग और पापुम पारे – ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। उनकी चुनौती के कारण कोर्ट ने एसोसिएशन के कामकाज पर अंतरिम रोक लगा दी, जिससे प्रतिस्पर्धी गुट बिना किसी तय प्रशासनिक ढांचे के ही अपनी वैधता का दावा करने लगे।

समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लैटेंट 2’ पर विवाद, मुकेश छाबड़ा के खिलाफ शिकायत

समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट 2' पर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. कास्टिंग डायरेक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है. शो के लेटेस्ट एपिसोड में गलत भाषा का इस्तेमाल करने को लेकर मुकेश छाबड़ा के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है. शिकायत में मामले की जांच की मांग की गई है. क्या है पूरा मामला? लेटेस्ट एपिसोड में एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी, भुवन बाम, मुकेश छाबड़ा और स्टैंड-अप कॉमेडियन कौस्तुभ अग्रवाल बतौर पैनलिस्ट शामिल हुए. शिकायतकर्ता अनुराग श्रीवास्तव ने ये शिकायत दर्ज कराई है. शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने 22 सितंबर 2026 की शाम मुंबई के एक होटल के कमरे में लैपटॉप पर नेटफ्लिक्स देखते समय यह एपिसोड देखा. इसी दौरान उन्होंने मुकेश छाबड़ा की ओर से इस्तेमाल की गई भाषा पर आपत्ति जताई. शिकायत के मुताबिक, छाबड़ा को कहते हुए सुना गया- मेरे आराम नगर में आओ, **… श्रीवास्तव ने इस टिप्पणी को “बेहद अनुचित, आपत्तिजनक और यौन संकेतों वाली” बताया है. उन्होंने मामले की जांच की मांग की है और कहा है कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए. शिकायत में जांच की मांग शिकायत में यह भी साफ तौर पर कहा गया है कि मामले के कई पहलुओं की अभी पुष्टि होनी बाकी है. इसमें बयान की वास्तविकता, आवाज और व्यक्ति की पहचान, पूरी बातचीत का संदर्भ और सही टाइमस्टैम्प शामिल हैं. शिकायतकर्ता ने ओरिजनल और बिना एडिट किए गए वीडियो की जांच की मांग की है, ताकि यह पता चल सके कि टिप्पणी वास्तव में किसने, किस संदर्भ में और कब की थी. इसके अलावा, शिकायत में नेटफ्लिक्स इंडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं. शिकायतकर्ता ने पूछा है कि प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम करने से पहले कंटेंट की समीक्षा और मंजूरी किस तरह दी गई. उन्होंने नेटफ्लिक्स इंडिया की कंटेंट प्रमुख मोनिका शेरगिल की भूमिका की भी जांच करने का अनुरोध किया है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि अगर टिप्पणी सही साबित होती है, तो इससे दर्शकों की गरिमा और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े सवाल उठ सकते हैं. हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं. रिपोर्ट में भी ये पुष्टि नहीं की गई है कि टिप्पणी किसने की, उसका संदर्भ क्या था या वीडियो में वास्तव में क्या कहा गया था. पहले भी विवादों में रहा है शो ‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ इससे पहले भी विवादों में रह चुका है. फरवरी 2025 में शो के पहले सीजन के एक एपिसोड में कंटेंट क्रिएटर और पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया की माता-पिता और सेक्स से जुड़ी टिप्पणी पर काफी विवाद हुआ था. विवाद बढ़ने के बाद समय रैना के यूट्यूब चैनल से शो का पहला सीजन हटा दिया गया था.

राहुल गांधी की टिप्पणी पर बीजेपी का पलटवार, सीआर केसवन और केंद्रीय मंत्रियों ने बोला हमला

नई दिल्ली  इंदौर में विपक्षी पार्टी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणियों को लेकर बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की है। राहुल गांधी ने स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि के साथ मंच पर कुछ बातें कहीं और इशारे किए, जिनसे साफ पता चलता था कि वे प्रधानमंत्री मोदी का मजाक उड़ा रहे थे। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने आज सुबह एक वीडियो बयान में कहा कि राहुल गांधी ने एक मां का मजाक उड़ाकर महिलाओं का अपमान किया है। 'असभ्य संस्कृति को बढ़ावा दे रहे राहुल गांधी' केशवन ने कहा, "कोई भी सभ्य और सही सोच वाला व्यक्ति ऐसी अभद्र और घटिया हरकतों को मजेदार नहीं मानेगा लेकिन राहुल गांधी को उस मंच पर जोर-जोर से हंसते हुए देखा गया जिसे वे उनके साथ साझा कर रहे थे। राहुल गांधी द्वारा ऐसी असभ्य संस्कृति को बढ़ावा देने की वजह से ही वे और कांग्रेस युवाओं से जुड़ने में नाकाम रहे हैं।" 'दिल्ली यूनिवर्सिटी से भी खदेड़ दिया गया' उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अपने नेता शशि थरूर ने भी इस मोर्चे पर पार्टी की नाकामी को माना है। दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "राहुल गांधी की कड़वी नफरत वाली राजनीति ही वह वजह है जिसकी वजह से कांग्रेस पार्टी और उसके छात्र संगठन एनएसयूआई को दिल्ली यूनिवर्सिटी से खदेड़ दिया गया।" 'बुजुर्गों का बेशर्मी से अपमान किया गया' बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, "एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बुज़ुर्ग व्यक्ति के लिए कुर्सी का इंतजाम करके संवेदनशीलता दिखाई, वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी को कल तब मजा करते हुए देखा गया जब ऐसे ही बुज़ुर्गों का बेशर्मी से अपमान किया जा रहा था। राहुल गांधी, जो मसखरों और ऐसे भद्दे सर्कस शो का समर्थन करते हैं, उन्हें एक राजनीतिक नेता के तौर पर गंभीरता से नहीं लिया जा सकता।" केंद्रीय मंत्रियों ने क्या कहा? केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी नैतिक दिवालियापन के सबसे निचले स्तर पर गिर गए हैं। छात्रों के साथ बातचीत का इस्तेमाल करके पीएम मोदी जी की दिवंगत मां का मजाक उड़ाना और उनका अपमान करना, बुनियादी मानवीय संवेदना और राजनीतिक संस्कृति की चौंकाने वाली कमी को दर्शाता है।" केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा, "कांग्रेस अब कॉमेडियन्स और जोकरों की पार्टी बनकर रह गई है। वे हमेशा के लिए बाहर हो गए हैं

BRICS गाला डिनर में शाकाहारी खाना बना सियासी मुद्दा, राहुल गांधी ने साधा निशाना

 नई दिल्ली नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के भव्य रात्रिभोज (गाला डिनर) में परोसे गए पूरी तरह शाकाहारी मेनू को लेकर राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल ने कहा कि भारत में 80 फीसदी लोग मांसाहारी हैं और भारतीय मांसाहारी खाना स्वादिष्ट होता है। राहुल की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर विदेशी मेहमानों को परोसे गए भोजन का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया और कहा कि ब्रिक्स नेताओं ने भारतीय शाकाहारी व्यंजनों का भरपूर आनंद लिया है। क्या कहा था राहुल गांधी ने ? दरअसल, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित एक भव्य भोज में परोसे गए विस्तृत शाकाहारी भोजन के एक दिन बाद राहुल गांधी ने भारत के मांसाहारी भोजन की तारीफ की। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर छोले भटूरे की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "जानकारी के लिए बता दूं, 80% भारतीय मांसाहारी हैं। भारतीय मांसाहारी भोजन स्वादिष्ट होता है। और मेरी बहन के छोले भटूरे भी लाजवाब हैं। रिजिजू ने किया पलटवार राहुल गांधी की इस टिप्पणी के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बिना किसी का नाम लिए कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी ब्रिक्स देशों के नेताओं को परोसे गए भोजन को मुद्दा बना रही है। रिजिजू ने कहा, "मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि कांग्रेस पार्टी ब्रिक्स देशों के नेताओं को परोसे जाने वाले भोजन के मेनू में भी राजनीति कर रही है। हमारे मेहमानों ने भारतीय शाकाहारी व्यंजनों का भरपूर आनंद लिया, जो स्वाद और पोषण से भरपूर होने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रीय परंपराओं से परिपूर्ण हैं।" ब्रिक्स गाला डिनर में क्या परोसा गया था? स्टार्टर्स     खांडवी मिले- सरसों, नारियल और करी पत्तों के तड़के के साथ भाप में तैयार किया गया बेसन रोल।     खुम्ब गलौटी- पुदीने के दानों के साथ परोसे जाने वाले पैन-ग्रिल्ड मशरूम कबाब। मेन कोर्स-     पनीर लबाबदार।     गुच्ची मार्मिक: हिमालयी मोरेल मशरूम और कोमल शतावरी से तैयार विशेष व्यंजन।     गाजर बीन पोरियल। इसके साथ 'थक्कली बेले सारू' (हल्का दाल का शोरबा), बाजरा पुलाव, चुकंदर रायता और विभिन्न प्रकार की भारतीय ब्रेड्स शामिल की गईं। वहीं मिठाई के रूप में वीवीआईपी मेहमानों के लिए 'ओल्ड दिल्ली फ्रूट क्रीम विद जलेबी' और 'शाहतूत फिरनी' परोसी गई।  

BRICS डिनर में वेज खाना, राहुल गांधी के पोस्ट से सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस

नई दिल्ली कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के एक पोस्ट ने सोशल मीडिया पर एक अलग बहस छेड़ दी है। अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने वेजिटेरियन और नॉन-वेजिटेरियन खाने का जिक्र किया, जिसके बाद लोगों उनकी पोस्ट पर काफी कमेंट कर रहे हैं । राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि भारत में 80% लोग नॉन-वेजिटेरियन हैं। भारत का नॉन-वेज खाना बहुत स्वादिष्ट होता है। राहुल के इस पोस्ट को BRICS समिट में परोसे गए वेज फूड से जोड़कर देखा जा रहा है। राहुल गांधी ने किया ये पोस्ट बता दें कि, राहुल गांधी ने रविवार 13 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर किया। इस पोस्ट में उन्होंने छोले-भटूरे की फोटो शेयर की। साथ ही कैप्शन में उन्होंने इंडियन नॉन-वेज का जिक्र किया। X पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने लिखा, "80 प्रतिशत इंडियन नॉन-वेजिटेरियन हैं और इंडियन नॉन-वेज खाना बहुत ही ज्यादा स्वादिष्ट होता है। उन्होंने पोस्ट पर मजाकिया अंदाज में ये भी कहा कि उनकी बहन के बनाए छोले-भटूरे भी उतने ही स्वादिष्ट हैं। पोस्ट में शेयर की गई तस्वीर देखकर ऐसा लगता है कि ये छोले-भटूरे कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने अपने हाथों से तैयार किए थे। पोस्ट पर छिड़ी बहस दरअसस, BRICS के आधिकारिक गाला डिनर के मेन्यू में कोई नॉन-वेज डिश शामिल नहीं थी। शाकाहारी मेन्यू को लेकर सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। वहीं राहुल गांधी के इस पोस्ट को BRICS समिट में परोसे गए वेज फूड से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पोस्ट करते हुए लिखा कि मुझे यकीन नहीं हो रहा कि कांग्रेस पार्टी ब्रिक्स देशों के नेताओं को परोसे गए खाने के मेन्यू पर भी राजनीति कर रही है। हमारे मेहमानों ने भारतीय शाकाहारी भोजन का आनंद लिया, जो स्वाद और पोषण से भरपूर था और जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों की परंपराओं की झलक थी। BRICS के मेन्यू में थे ये डिश दरअसल 12 सितंबर को आयोजित डिनर के मेन्यू में पनीर के साथ सूखी सब्जी, चुकंदर का रायता, गुजराती खांडवी और मिलेट्स का पुलाव रखा गया था। कश्मीर की मशरूम डिश और मिठाई में फ्रूट क्रीम विद जलेबी परोसी गई थी। मेन्यू के मुताबिक, स्टार्टर के तौर पर खांडवी मिल-फ्यूई थी। मेन स्टार्टर में पनीर लबाबदार से लेकर गुच्छी मार्मिक, केसर, किशमिशन और मामरा बदाम के साथ पकाए गए हिमाचली गुच्छी मशरूम और मिलेट पुलाव था। भारत ने की मेजबानी बता दें कि, भारत में आयोजित दो दिवसीय 18वां BRICS शिखर सम्मेलन रविवार को खत्म हुआ। इस सम्मेलन में 11 सदस्य देशों के नेता एक मंच पर जुटे और कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। BRICS की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ हुई थी। साल 2024 में इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब को शामिल किया गया। इसके बाद 2025 में इंडोनेशिया भी BRICS का सदस्य बन गया। इसके अलावा, पिछले साल बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम को BRICS के साझेदार देशों का दर्जा दिया गया था।

पटना कोचिंग विवाद में नया मोड़, खान सर केस में नोटिस जारी कर थाने बुलावा

पटना  केस मुकदमे में फंसे कोचिंग गुरु फैसल खान उर्फ खान सर के कोचिंग सेंटर खान ग्लोबल स्टडीज से मैनेजर कन्हैया सिंह समेत तीन कर्मियों को पटना पुलिस ने नोटिस भेजकर तलब किया है। कोचिंग सेंटर पर नोटिस चस्पा करके तीनों को कदमकुआं थाने पर की गयी है। कोचिंग पर हमला, हंगामा और तोड़फोड़ के मामले में मैनेजर कन्हैया सिंह ने एफआईआर दर्ज कराया था। बार-बार बुलाने और रिमांडर देने पर भी वे पुलिस के पास नहीं जा रहे थे। रविवार को बजरिए नोटिस उन्हें थाने पर तलब किया गया है। खान ग्लोबल स्टडीज के 2 अन्य कर्मियों अजित कुमार और अंकित कुमार पांडे को भी पुलिस ने थाने पर तलब किया गया है। तीनों के नाम से निकले नोटिस में कहा गया है कि कदमकुआं थाना कांड संख्या 410/26 में अनुसंधान के क्रम में पूछताछ के लिए आपका सहयोग नहीं मिल रहा है। पहले से मौखिक और लिखित रुप से सूचना देने पर भी आप लोग थाने पर केस सी जानकारी देने के लिए नहीं आ। कहा गया है कि आपकी उपस्थिति थाने में अनिवार्य है। थाने में उपस्थित होकर पूछताछ में सहयोग करें। निर्देश का पालन नहीं करने पर कार्वाई की चे यह भी कहा गया है कि यदि आप बिना उचित कारण के इस नोटिस का अनुपालन नहीं करते हैं तो आपके खिलाफ विधि सम्मत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी जिसके लिए आप स्वयं उतरदायी होंगे। चार बजे तक उन्हें थाने पर पहुंचने का निर्देश दिया गया था। जानकारी के अनुसार निर्धारित समय पर ये लोग नहीं पहुंचे थे। कोचिंग में तोड़ फोड़ मामले में कन्हैया सिंह ने पटना पुलिस को आवेदन दिया गया था। इसी के आधार पर केस दर्ज हुआ और ज्ञान बिन्दु के संचालक रोशन सर की गिरफ्तारी हुई। इसी दौरान खान सर के गार्ड द्वारा फायरिंग किए जाने पर एक और एफआईआर दर्ज किया गया और दो गार्ड को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इसी मामले में खान सर की गिरफ्तारी पर हाई कोर्ट से रोक लगी है। ज्ञान बिंदु कोचिंग के छात्र-छात्राओं ने खान सर की गिरफ्तारी के लिए गांधी मैदान के पास जोरदार प्रदर्शन किया। गिरफ्तारी की आशंका के बीच खान सर अंडर ग्राउंड हो गए। कोर्ट में सरेंडर की खबरें भी आईं।खान सर की ओर से एंटिसिपेटरी बेल पेटिशन दाखिल किया गया। इससे पहले खान सर प्रकरण में दिन रात हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। इधर कोचिंग विवाद में जेल में बंद रोशन सर के भाई प्रिंस यादव की नेपाल के एक होटल में मौत हो गई। प्रिंस की हत्या की बात बताई जा रही है।

गंभीर धाराओं में FIR के बाद भी खान सर गिरफ्त से दूर, बढ़ा विवाद

पटना  खान सर लापता हो गए हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। लेकिन खान सर का कुछ भी पता नहीं चल सका है। आखिर गंभीर धाराओं में FIR दर्ज होने के बाद खान सर कहां अंडरग्राउंड हो गए हैं और पुलिस उन्हें क्यों नहीं गिरफ्तार कर पा रही है? ज्ञान बिंदू जी.एस एकेडमी ने यह गंभीर सवाल उठाए हैं। एकेडमी प्रबंधन की तरफ से कहा गया है कि जिस तरह से ज्ञान बिंद् के डायरेक्टर रौशन आनंद को गिरफ्ताार करने में पुलिस ने त्वरित ऐक्शन दिखाया आखिर उस तरह का ऐक्शन खान सर को अरेस्ट करने में क्यों नहीं दिखाया गया? ज्ञान बिंदु एकेडमी के टीचर ने खान सर की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने पर आमरण अनशन की धमकी तक दे दी है। ज्ञान बिंदु के शिक्षक वरुण ने न्यूज एजेंसी से बातचीत में सवाल उठाते हुए कि रौशन सर की गिरफ्तारी के लिए जिस तरह से प्रशासन ने तत्परता दिखाई वैसी तत्परता वो आज क्यों नहीं दिखा रही है? खान की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? 4 तारीख को एफआईआऱ दर्ज कराई गई थी और अब 8 तारीख हो गया है। केस दर्ज होने के बाद वो अपने क्लासरूम में डिजीटल बोर्ड पर सीसीटीवी फुटेज को चला कर कह रहे हैं कि इस व्यक्ति की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। जबकि खुद उस व्यक्ति (खान सर) पर ऐसी-ऐसी धाराएं लगी हैं कि उसकी तो उसी समय गिरफ्तारी होनी चाहिए थी ज्ञान बिंदु एकेडमी के टीचर ने आगे कहा कि जो शख्स उस वक्त वहां नहीं थे यानी रौशन सर की इसमें कोई संलिप्ता नहीं है उसे आपने गिरफ्तार कर रखा है। जिस शख्स पर प्रत्यक्ष एफआईआर है आज वो आसानी से और आराम से अपना जीवन जी रहा है। हमारी मांग है कि उनकी (खान सर) गिरफ्तारी अविलंब होनी चाहिए। टीचर वरुण ने कहा कि हमलोगों ने पहले भी कहा है कि जो गार्ड इस मामले में है वो कैंपस का गार्ड है, खान का गार्ड नहीं है। गार्ड ने खुद कहा कि हम कैंपस के गार्ड हैं। उस गार्ड को सुरक्षाा मिलनी चाहिए। अगर उस गार्ड के साथ कुछ भी गलत होता है तो उसका सारा बोझ रौशन सर पर डाल दिया जाएगा इसलिए उसे सुरक्षा मिलनी चाहिए। वरुण ने आगे कहा कि अगर खान सर गिरफ्तार नहीं होते हैं तो हम आमरण अनशन करेंगे। हमने न्यायालय से भी गुहार लगाई है कि जल्द इस प्रक्रिया को देख कर रौशन सर को बेल दी जाए और जो दोषी है उसपर कार्रवाई करने का आदेश प्रशासन को दिया जाए। बहरहाल आपको बता दें कि खान सर के वकील कोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत की याचिका दायर करने की तैयारी में हैं। खान सर पर हत्या के प्रयास और आर्म्स ऐक्ट के तहत संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया है। 2 जून को खान ग्लोबल इंस्टीच्यूट में हुए बवाल के बाद खान सर पर बीएनएस की धारा 109 के अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 25(9), 27 और 35 के तहत केस दर्ज किया गया है। ये धाराएं बेहद कड़ी हैं और इनसे खान सर की मुश्किलें निश्चित तौर से बढ़ सकती हैं।