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गोल्फ और पर्यावरण साथ-साथ: रायपुर में भारत गोल्फ महोत्सव में रोपे पौधे

रायपुर राजधानी रायपुर में 17 सितंबर से ‘भारत गोल्फ महोत्सव’ का भव्य आगाज होने जा रहा है। गोल्फ के जरिए देशभर के खिलाड़ी और युवा खेल, स्वास्थ्य और समाज को जोड़ने की पहल करेंगे। यह महोत्सव गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा प्रस्तुत GFI Tour 2025 का हिस्सा है। इस कार्यक्रम के तहत आज गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया ने परोपकार फाउंडेशन के साथ मिलकर आर्मी और बीएसएफ के जवानों के साथ वृक्षारोपण अभियान चलाया। आयोजन में करीब 3 हजार पौधे लगाए गए। फेडरेशन के फाउंडर आर्यवीर आर्य ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देश कि सीमा की रक्षा में लगे जवान हमारे लिए प्रेरणा हैं, इसलिए उनके साथ मिलकर हरियाली बढ़ाना गर्व की बात है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम जनता को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना है, ताकि वे अपने आसपास हरियाली बढ़ाने में योगदान दें। आर्यवीर आर्य ने कहा, वृक्षारोपण से न सिर्फ पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि स्वस्थ जीवन और समाज में सकारात्मक बदलाव भी आएगा। बता दें कि भारत गोल्फ महोत्सव का उद्घाटन 17 सितंबर 2025 को रायपुर के Fairway Golf & Lake Resort में होगा और इसका समापन 12 जनवरी 2026 को किया जाएगा।

सीएम योगी के विजन व कुशल मार्गदर्शन में आधुनिक तकनीक का केंद्र बनकर उभर रहे यूपी की शक्ति की साक्षी बनेगी दुनिया

  -ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में हो रहे भव्य आयोजन में एआई मॉडल के लाइव डेमॉन्सट्रेशन के जरिए तकनीकी उन्नति को किया जाएगा प्रदर्शित -आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग द्वारा 200 स्क्वेयर मीटर क्षेत्र में पवेलियन का होगा निर्माण, यूपीएलसी द्वारा कार्य पूरा किया जाएगा लखनऊ, उत्तर प्रदेश को उन्नत तकनीकी का गढ़ बनाने की दिशा में कार्य कर रही योगी सरकार ने यूपीआईटीएस 2025 को लेकर विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन व कुशल मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश का कायाकल्प न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया के लिए सुखद आश्चर्य का विषय बना हुआ है। योगी सरकार की नीतियों का ही परिणाम है कि कभी पिछड़ा कहा जाने वाला प्रदेश आज देश में उद्यम, उत्पादकता, तकनीकी कौशल व नवाचार का केंद्र बनकर उभरा है। प्रदेश की इसी सकारात्मक शक्ति को प्रदर्शित करने के लिए ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में 25 से 29 सितंबर के बीच यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तृतीय संस्करण (यूपीआईटीएस 2025) का आयोजन किया जा रहा है।          इस कड़ी में, आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने के साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मॉडल का लाइव डेमॉन्सट्रेशन भी करेगा, जो दुनियाभर से यहां आने वाले आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा। इस उद्देश्य से विभाग ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। कार्ययोजना के अनुसार, आयोजन स्थल के हॉल-5 के 200 वर्ग मीटर क्षेत्र में भव्य पवेलियन का संचालन किया जाएगा, जिसे उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीएलसी) की देखरेख में तैयार किया जाएगा। कर्व्ड एलईडी वॉल समेत विभिन्न आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा पवेलियन योजना के अनुसार, यूपीएलसी की देखरेख में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग का थीम आधारित कॉन्सेप्च्युलाइज्ड पवेलियन बनाया जाएगा। इसमें स्टार्टअप्स के लिए विशेष क्षेत्र भी तैयार किया जाएगा। विभाग के पंडाल में स्मार्ट एलईडी वीडियो वॉल तथा स्टार्टअप्स के लिए अलॉटेड एरिया में आधुनिक कर्व्ड वीडियो वॉल लगाई जाएगी। इनके माध्यम से योगी सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और तकनीकी प्रगति की गाथाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। पंडाल में मुख्य मंच (स्टेज) के साथ ही बैठकों के लिए वीआईपी लाउंज, कैफेटेरिया और कॉमन विजिटिंग एरिया जैसी सुविधाएं भी वैश्विक मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे आगंतुकों को भव्यता के साथ ही भविष्य की तकनीकों तथा इस दिशा में योगी सरकार के प्रयासों की जानकारी मिलेगी। लाइव सेटअप के आधार पर कार्य करेगा एआई मॉडल आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के पवेलियन में प्रस्तुत किया जाने वाला एआई मॉडल लाइव सेटअप पर आधारित होगा। यह न केवल कई भविष्य आधारित विशेषताओं से युक्त होगा, बल्कि तकनीकी क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की प्रगति को प्रदर्शित करने का माध्यम भी बनेगा। उल्लेखनीय है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। जहां एआई प्रज्ञा जैसे कार्यक्रम प्रदेश की युवा पीढ़ी व वर्कफोर्स को एआई दक्ष बना रहे हैं, वहीं महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों से लेकर विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों और रोजमर्रा के कार्यों के कुशल निष्पादन में एआई की भूमिका अहम रही है। इसके अतिरिक्त,पंडाल में कंटेंट डिस्प्ले के लिए करीब 150 वर्ग फीट की एनामॉर्फिक डिस्प्ले स्क्रीन लगाई जाएगी। साथ ही, पंडाल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए लाइव फीड सेटअप भी उपयोग में लाया जाएगा।

रात 10 बजे के बाद डीजे बजाने पर होगी कार्रवाई, कबीरधाम पुलिस ने उठाया कदम

कबीरधाम आज सोमवार को कबीरधाम एसपी धमेन्द्र सिंह ने जिले के डीजे संचालकों की बैठक ली। बैठक के दौरान यह प्रमुख विषय सामने आया कि निर्धारित सीमा से अधिक आकार और ध्वनि वाले डीजे आम जनता के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनते हैं। अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण से बुजुर्गों और मरीजों की नींद बाधित होती है, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और आम लोगों में तनाव की स्थिति उत्पन्न होती है। बड़े आकार के डीजे लगाने से भीड़ प्रबंधन कठिन हो जाता है और कई बार सामाजिक कार्यक्रम में अव्यवस्था फैल जाती है। बैठक में यह सुनिश्चित किया गया कि रात 10 बजे के बाद किसी भी परिस्थिति में डीजे या धुमाल का संचालन नहीं होगा। साथ ही, 10 इनटू 8 फीट (लंबाई-चौड़ाई) से बड़े डीजे व निर्धारित डेसिबल सीमा से अधिक ध्वनि पर सख्त रोक रहेगी। एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में कोई भी संचालक नियम का उल्लंघन न करे। यदि रात 10 बजे के बाद डीजे बजाया गया या निर्धारित आकार और ध्वनि सीमा से बाहर डीजे लगाए गए तो संबंधित संचालक का डीजे व सभी उपकरण वाहन समेत जब्त कर कोर्ट में पेश किया जाएगा। साथ ही कड़ी कार्रवाई होगी। पुलिस द्वारा सभी से अनुरोध किया कि नियमों का पालन करे। बैठक में उपस्थित डीजे संचालक ने आश्वस्त किया कि वे पुलिस प्रशासन द्वारा बनाए गए सभी नियम का पालन। यदि उनके द्वारा नियमों का पालन नहीं किया जाता है तो कार्रवाई किए जाने पर सहमत हैं।

‘परिक्रमा-कृपा सार’ से झलका आध्यात्मिक अनुभव, प्रहलाद पटेल ने लॉन्च की नई पुस्तक

इंदौर  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने मध्य प्रदेश के श्रम, पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल की किताब ‘परिक्रमा-कृपा सार’ का विमोचन किया. यह किताब नर्मदा परिक्रमा के अनुभवों पर लिखी गई है. प्रहलाद पटेल ने सूबे की नदियों के उद्गम को बचाने के लिए ‘उद्गम मानस यात्रा’ शुरू की थी. उन्होंने बुक लॉन्चिंग के दौरान कहा कि अगर वो केंद्र से मध्य प्रदेश की राजनीति में न लौटते, तो शायद नदियों के उद्गम को बचाने का संकल्प न ले पाते.  प्रहलाद पटेल नर्मदा परिक्रमा के अनुभवों पर लिखी अपनी किताब ‘परिक्रमा-कृपा सार’ के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित किया. उन्होंने 2 साल पहले ‘उद्गम मानस यात्रा’ शुरू की थी. इसके तहत वो अब तक 108 नदियों के उद्गम स्थलों तक पहुंच चुके हैं. प्रहलाद पटेल की इस यात्रा का मकसद मध्य प्रदेश की जीवनदायिनी नदियों के पुनर्जीवन और संरक्षण को लेकर जनता में जागरूकता फैलाना है. इसके साथ ही पर्यावरण के प्रति लोगों में चेतान फैलाना भी है.  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे मोहन भागवत प्रहलाद पटेल की किताब ‘परिक्रमा-कृपा सार’ का विमोचन इंदौर के ‘ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर’ में 14 सितंबर (हिंदी दिवस) पर मोहन भागवत और महामंडलेश्वर श्री ईश्वरानंद जी महाराज की विशेष उपस्थिति में किया गया. विमोचन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. भागवत ने कहा, ‘नर्मदा परिक्रमा में जो कुछ प्रहलाद जी को बोध मिला होगा, उस बोध (पुस्तक) को सरसरी तौर पर जो मैंने पढ़ा है, उसमें तो यही है कि मैं और मेरा छोड़ो; अंतःकरण पवित्र करो. स्वार्थ बिल्कुल मत रखो. कर्तव्य, कर्म करते चलो, सबको अपना मानकर चलते जाओ.’ कार्यक्रम के दौरान प्रहलाद पटेल ने किताब के लेखन से जुड़े अनुभव साझा करते हुए कहा कि 30 साल पहले उन्होंने अपने आराध्य श्रीश्री बाबाश्री जी की सेवा करते हुए नर्मदा परिक्रमा की थी. इस यात्रा का राजनीति से कोई संबंध नहीं था. उसी दौरान के अनुभव और अनुभूतियों को संकलन करके यह किताब सामने आई है. पुस्तक विमोचन से पहले मोहन भागवत को प्रहलाद पटेल ने अपनी ‘उद्गम मानस यात्रा’ के दौरान इकट्ठा किए गए 108 नदियों का पवित्र जल भी सौंपा.

राष्ट्रीय लोक अदालत में 39 हजार से ज्यादा बिजली मामलों का समाधान, ऊर्जा मंत्री तोमर ने दी जानकारी

राष्ट्रीय लोक अदालत में हुए 39 हजार से अधिक बिजली संबंधी प्रकरण निराकृत : ऊर्जा मंत्री तोमर उपभोक्ताओं को मिली 14 करोड़ रूपये की छूट भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी है कि गत दिनों आयोजित हुई राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रदेश में 39 हजार 337 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। राष्ट्रीय लोक अदालत में पात्रता अनुसार बिजली उपभोक्ताओं को 14 करोड़ 3 हजार रूपये की छूट दी गई है। बिजली कम्पनियों को 45 करोड़ 13 लाख रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 17 हजार 486 प्रकरणों का निराकरण कर विद्युत उपभोक्ताओं को 7 करोड 33 लाख 83 हजार रूपये की छूट दी गई है। कम्पनी को 21 करोड़ 8 लाख रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। इसी तरह पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 13 हजार 233 प्रकरणों का निराकरण कर विद्युत उपभोक्ताओं को 3 करोड़ 92 लाख रूपये की छूट दी गई है। बिजली कम्पनी को 13 करोड़ 22 लाख रूपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 8 हजार 618 प्रकरणों का निराकरण कर विद्युत उपभोक्ताओं को 2 करोड़ 77 लाख रूपये की छूट दी गई है। बिजली कम्पनी को 10 करोड़ 11 लाख रूपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। उल्लेखनीय है कि लोक अदालत में 10 लाख रूपए तक के सिविल दायित्व के प्रकरणों में समझौते की सीमा निर्धारित थी। विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135, धारा 126 के तहत दर्ज बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरणों का समझौता किया गया। प्री लिटिगेशन स्तर सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट, लिटिगेशन स्तर के प्रकरणों में आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट प्रदान की गई। धारा 126 के प्रकरणों में सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं विलंब होने पर ब्याज में सौ प्रतिशत की छूट देय थी।  

रोड और एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़े स्तर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही योगी सरकार

– राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क दोगुना से ज्यादा बढ़ा – सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे के साथ यूपी बनेगा लॉजिस्टिक हब – 2047 तक हर मंडल को एक विश्वस्तरीय एयरपोर्ट देने का मुख्यमंत्री का संकल्प – पीएमजीएसवाई से गांव-गांव तक पहुंची सड़क – जेवर एयरपोर्ट बनेगा एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश 'विकसित यूपी @2047' के विजन की ओर बढ़ते हुए परिवहन और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव का साक्षी बन रहा है। पिछले साढ़े आठ वर्षों में जिस तेजी से सड़क, एक्सप्रेसवे और एविएशन सेक्टर में प्रगति हुई है, उसने न केवल प्रदेश की रफ्तार बढ़ाई है बल्कि इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश और विकास का नया केंद्र बना दिया है। 2017 से पहले की स्थिति : धीमी प्रगति, सीमित संसाधन वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सड़क और एविएशन अवसंरचना विकास की रफ्तार बेहद धीमी थी। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत सड़क लंबाई 2013-14 में 51,549 किलोमीटर से बढ़कर 2016-17 में मात्र 56,846 किलोमीटर हो सकी। हवाई कनेक्टिविटी भी सीमित थी और 17 वर्षों (1999 से 2016 तक) में विमान यात्रियों की संख्या में केवल 55 लाख की वृद्धि हुई थी। प्रदेश में उस समय मात्र तीन एक्सप्रेसवे और गिने-चुने हवाई अड्डे संचालित थे। साढ़े आठ साल में बड़ा बदलाव : जमीन से आकाश तक नई उड़ान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 2017 के बाद सड़क, हवाई और जल परिवहन में समन्वित दृष्टिकोण के साथ ठोस कदम उठाए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क लंबाई 2024-25 तक 77,425 किलोमीटर तक पहुंच गई। वहीं, एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश ने देश में सबसे आगे निकलते हुए 22 एक्सप्रेसवे का जाल बिछाने के महाअभियान में जुटी हुई है। एविएशन सेक्टर में भी यूपी ने छलांग लगाई और 12 घरेलू तथा 4 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे संचालित हो चुके। एक्सप्रेसवे प्रदेश बना उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश अब 'एक्सप्रेसवे प्रदेश' के रूप में जाना जा रहा है। 1949-50 में जहां कोई एक्सप्रेसवे नहीं था, वहीं 2016-17 तक यह संख्या केवल 3 तक पहुंच सकी थी। लेकिन 2025-26 तक यह बढ़कर 22 हो गई है, इसमें संचालित और निर्माणाधीन दोनों शामिल हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट न केवल आंतरिक कनेक्टिविटी बढ़ा रहे हैं, बल्कि लॉजिस्टिक हब के रूप में यूपी की स्थिति को मजबूत कर रहे हैं। प्रमुख निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और व्यापक बनाने के लिए कई नए प्रोजेक्ट शुरू हो गये हैं। इनमें गंगा एक्सप्रेसवे के साथ ही चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे, विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे (मुजफ्फरनगर के रास्ते) और चित्रकूट-रीवा लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद प्रदेश का सड़क नेटवर्क न केवल और मजबूत होगा बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी कनेक्टिविटी बेहतर होगी। राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का विस्तार 2004-05 में उत्तर प्रदेश का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क 5,599 किलोमीटर था, जो 2023-24 तक बढ़कर 12,292 किलोमीटर हो गया। इस दोगुनी से अधिक वृद्धि ने राज्य के भीतर व्यापार, माल ढुलाई और औद्योगिक विकास को नई गति दी है। इससे न केवल रसद लागत कम हुई है, बल्कि यूपी उत्तर भारत में एक रणनीतिक ट्रांजिट हब बन गया है। हवाई कनेक्टिविटी में आई क्रांति 1950 में जहां प्रदेश में एक भी हवाई अड्डा नहीं था, वहीं 2025 तक इनकी संख्या 16 (पांच निर्माणाधीन सहित) हो चुकी है। इसमें 12 घरेलू और 4 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट शामिल हैं। विशेष रूप से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आने वाले समय में एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शुमार होगा और कार्गो तथा ट्रांजिट हब के रूप में उत्तर प्रदेश को नई पहचान देगा। विमान यात्रियों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि 2017 से पहले 17 वर्षों में हवाई यात्रियों की संख्या में 55 लाख की वृद्धि हुई थी, जबकि पिछले आठ वर्षों में यह वृद्धि 82 लाख तक पहुंच गई। 2025 में विमान यात्रियों की संख्या 1.42 करोड़ तक अनुमानित है। इस तेजी ने यूपी को विमानन क्षेत्र में नई उड़ान दी है। भविष्य की राह 2030 तक : कनेक्टिविटी का महाजाल प्रदेश में पूरब से पश्चिम की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव के बाद अब योगी सरकार 2030 तक उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी का विशाल नेटवर्क खड़ा करने की दिशा में काम कर रही है। सभी जिला मुख्यालयों को एक्सप्रेसवे से जोड़ने, नेपाल सीमा पर बहुउद्देशीय ट्रांजिट हब विकसित करने और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर विश्वस्तरीय रोपवे निर्माण की योजना है। विजन 2047 : एक मंडल-एक एयरपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रमुख विजन है कि 2047 तक उत्तर प्रदेश में हर मंडल का अपना एक विश्वस्तरीय एयरपोर्ट हो। सभी 75 जिलों को एक्सप्रेसवे और एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही ग्रीन स्मार्ट हाईवे, एयर कार्गो हब, हेलिपोर्ट और आधुनिक एविएशन इकोसिस्टम से उत्तर प्रदेश को एक ग्लोबल कनेक्टिविटी सेंटर के रूप में स्थापित करने की योजना है।

मंत्री राजवाड़े ने कोरिया जिले में योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की

रायपुर, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सरगुजा संभाग प्रवास के दौरान कोरिया जिले के बैकुंठपुर कलेक्टरेट परिसर में विभागीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा समाज कल्याण विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और जनकल्याणकारी कार्यों की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। मंत्री राजवाड़े ने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुँचना चाहिए, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान विशेष रूप से महिला सुरक्षा, पोषण आहार वितरण, आंगनबाड़ी सेवाओं, मातृ-शिशु स्वास्थ्य योजनाओं, दिव्यांग कल्याण, नशा मुक्ति अभियान तथा वरिष्ठजन कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों से इन योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी ली और कहा कि इनका उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन, बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण आहार की गुणवत्ता तथा समय पर वितरण की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही सखी वन स्टॉप सेंटर, पुनर्वास गृह, वृद्धाश्रम एवं विशेष बच्चों के लिए संचालित विद्यालयों की गतिविधियों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए गए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार जनहित से जुड़े मुद्दों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देती है। योजनाओं का लाभ यदि समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुँचेगा तो ही उनका वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा। उन्होंने अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य कर जिले को महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण के क्षेत्र में आदर्श मॉडल बनाने का आह्वान किया।

बाढ़ पीड़ितों के बीच राहुल गांधी का सानिध्य, बाबा बुड्ढा साहिब गुरुद्वारे में श्रद्धांजलि

चंडीगढ़ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज पंजाब दाैरे पर हैं। वे प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। राहुल गांधी अमृतसर के श्री गुरु रामदास इंटरनेश्नल एयरपोर्ट पर पहुंचे। वहां से अजनाला, रमदास के गांव में जाकर लोगों से मिले। राहुल गांधी रमदास स्थित गुरुद्वारा श्री समाध बाबा बुड्ढा जी साहिब में भी नतमस्तक हुए। इसके बाद वह गुरदासपुर गए और वहां के हालातों का जायजा लिया। इस दाैरान उन्होंने ट्रैक्टर की सवारी की। राहुल गांधी हवाई सर्वे के बजाय सीधे गांव-गांव जाकर लोगों से रुबरु हो रहे हैं। बिट्टू ने कसा तंज, बोले, बाढ़ के समय मना रहे थे छुट्टियां राहुल गांधी के पंजाब दौरे पर लुधियाना के पूर्व सांसद और राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने तंज कसा है। बिट्टू ने सोशल मीडिया पर लिखा कि राहुल गांधी पंजाब आ रहे हैं। जब उपराष्ट्रपति के लिए चुनाव हो रहे थे, तब वह छुट्टियों का आनंद लेने में व्यस्त थे। जब पंजाब डूब रहा था और लोग रो रहे थे तो वह मलेशिया में ऐश कर रहे थे। यह दौरे लोगों का दर्द मिटाने के लिए नहीं, सियासी स्टेज पर ड्रामेबाजी करने के लिए लग रहे हैं।

कोर्ट की चेतावनी: गड़बड़ी मिलने पर पूरे मामले की प्रक्रिया रद्द, अंतिम दलीलों की तारीख की तय

नई दिल्ली/ बिहार सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में एसआईआर प्रक्रिया की वैधता पर अंतिम दलीलें सुनने के लिए 7 अक्तूबर की तारीख तय की है। कोर्ट ने कहा कि हम मानते हैं कि एक संवैधानिक संस्था भारत निर्वाचन आयोग बिहार एसआईआर प्रक्रिया में कानून और अनिवार्य नियमों का पालन कर रहा है। अगर हमें बिहार एसआईआर के किसी भी चरण में भारत निर्वाचन आयोग की ओर से अपनाई गई कार्यप्रणाली में कोई अवैधता मिलती है, तो पूरी प्रक्रिया रद्द कर दी जाएगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि बिहार एसआईआर पर टुकड़ों में राय नहीं दी जा सकती, अंतिम फैसला पूरे भारत के लिए लागू होगा। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया के खिलाफ मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि वह यह मानकर चल रही है कि एक संवैधानिक प्राधिकारी होने के नाते चुनाव आयोग ने एसआईआर के संचालन में कानून और अनिवार्य नियमों का पालन किया है। इसके अलावा शीर्ष अदालत ने इस मुद्दे पर कोई भी विस्तृत राय देने से इनकार कर दिया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उसके अंतिम फैसले का एसआईआर प्रक्रिया पर अखिल भारतीय प्रभाव पड़ेगा। 'देश भर में प्रक्रिया करने से नहीं रोक सकते' पीठ ने स्पष्ट किया कि वह चुनाव आयोग को देश भर में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए इसी तरह की प्रक्रिया करने से नहीं रोक सकती। हालांकि, पीठ ने बिहार एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ याचिकाकर्ताओं को 7 अक्तूबर को अखिल भारतीय एसआईआर पर भी बहस करने की अनुमति दे दी। एक अन्य याचिका पर नोटिस इस बीच शीर्ष अदालत ने 8 सितंबर के उस आदेश को वापस लेने की मांग वाली एक याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें चुनाव आयोग को बिहार एसआईआर में आधार कार्ड को 12वें निर्धारित दस्तावेज के रूप में शामिल करने का निर्देश दिया गया था। 8 सितंबर को सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं होगा और निर्वाचन आयोग मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए मतदाता की ओर से प्रस्तुत किए जाने पर इसकी वास्तविकता का पता लगा सकता है।

झारखंड पुलिस अलर्ट मोड में, पर्व के दौरान अधिकारियों और कर्मियों की छुट्टियां रद्द

रांची झारखंड में दुर्गा पूजा का त्योहार सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने को लेकर राज्य की पुलिस खास सुरक्षा सतर्कता बरत रही है। राज्य के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने इस संदर्भ में महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां 20 सितंबर से 4 अक्टूबर तक रद्द कर दी हैं। यह कदम त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए उठाया गया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्य पुलिस मुख्यालय ने आदेश दिया है कि इस अवधि के दौरान केवल विशेष परिस्थितियों में ही संबंधित अधिकारी की अनुमति से छुट्टियां दी जाएंगी। इसके अलावा, जोनल आईजी, रेंज के डीआईजी, जिले के एसपी और कमांडेंट जैसे वरिष्ठ अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि हर जिले में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहे। इस तैयारी का मकसद यह है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जवाब दिया जा सके और शांति भंग न हो। दुर्गा पूजा के समय राज्य के सभी जिलों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी, ताकि भक्त श्रद्धा से त्योहार मना सकें। पुलिस विभाग ने सभी स्तरों के अधिकारियों और कर्मियों को तत्पर रहने का निर्देश दिया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे तुरंत ड्यूटी पर लौट सकें। वहीं राज्य सरकार की ओर से भी सभी संबंधित विभागों को सहयोग के लिए निर्देश दिए गए हैं। पुलिस की सतकर्ता और प्रशासनिक तैयारी के चलते उम्मीद है कि इस बार दुर्गा पूजा पूरी तरह से सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से मनाई जाएगी।