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सुविख्यात पार्श्व गायक किशोर कुमार ने जीवन के हर रंग से साक्षात्कार कराया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के गौरव, सुविख्यात पार्श्वगायक एवं अभिनेता किशोर कुमार की जयंती पर उनका पुण्य स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीवन के हर रंग से साक्षात्कार कराते खंडवा की माटी के लाल स्व. किशोर कुमार के कालजयी गीत और सदाबहार आवाज का जादू आज भी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किशोर कुमार ने आपातकाल के दौर में तत्कालीन निरंकुश सत्ता का प्रतिकार करते हुए राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण दिखाया था।  

MP हाउसिंग बोर्ड की प्रॉपर्टी अब डिजिटल! 80 लाख दस्तावेज डिजीलॉकर में होंगे संरक्षित

भोपाल  मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड से जुड़ी 80 लाख प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट अब डिजी लॉकर पर भी मिलेंगे। ऐसे में अब डॉक्यूमेंट आग लगने या चोरी होने पर भी सुरक्षित रहेंगे। अभी 75 हजार आवंटियों की प्रॉपर्टी को सुरक्षित किया गया है। हाउसिंग बोर्ड ने अपने आवंटियों की प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित करने के लिए डिजिटाइजेशन का काम करीब पूरा कर लिया है। अब तक बोर्ड 75 हजार से ज्यादा आवंटियों की 80 लाख संपत्तियों के दस्तावेज और नस्तियां ऑनलाइन कर चुका है 80 लाख प्रॉपर्टी दस्तावेज और नस्तियां 8 महीने तक स्केन करके ऑनलाइन किए गए हैं। इस डॉक्यूमेंट को हाउसिंग बोर्ड ने डिजी लॉकर एप पर भी अपलोड कर दिया है। यानी, किसी आवंटी को अपने डॉक्यूमेंट की जरूरत है या देखना है तो वह अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करके अपने दस्तावेज डिजी लॉकर पर देख सकता है। कुल 101 तहत के डॉक्यूमेंट ऑनलाइन डिजी लॉकर पर मप्र शासन के 101 तरह के दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध हैं। उनमें अब हाउसिंग बोर्ड भी आ गया है। चोरी होने, आग लगने या किसी प्राकृतिक आपदा में डॉक्यूमेंट गायब होने की समस्या अब खत्म हो जाएगी। बोर्ड से किसी भी तरह की प्रॉपर्टी खरीदने वाले लोग अब बिना ऑफिस के चक्कर लगाए 30-40 साल पुरानी प्रॉपर्टी के भी पेपर ऑनलाइन देख सकते हैं। बोर्ड अपने डेढ़ लाख से ज्यादा आवंटियों के लेजर (खाता) पहले ही ऑनलाइन कर चुका है। बोर्ड के डिप्टी कमिश्नर एवं चीफ आईटी ऑफिसर एमके साहू ने बताया कि पूरे डॉक्यूमेंट्स को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लाने में करीब 8 महीने लगे हैं। अभी भी टीम काम कर रही है। इससे आवंटियों को बड़ा फायदा मिलेगा। डिजिटलाइजेशन से ये फायदा     चोरी होने, आग लगने या किसी भी प्राकृतिक आपदा में दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे।     आवंटी को अपने किसी भी डॉक्यूमेंट की जानकारी के लिए बोर्ड के लोकल ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने होंगे।     किसी कानूनी विवाद की स्थिति में आवंटी के पास सभी पेपर उसके मोबाइल में मौजूद रहेंगे।     30-40 सल पुराने दस्तावेज ढूंढने में कोई परेशानी नहीं होगी।     नामांतरण और हस्तांतरण जैसी प्रक्रिया में फाइल न मिलने जैसी समस्या दूर होगी। काम आसान होगा।     जो जानकारी आरटीआई के तहत मांगी जाती थी वो ऑनलाइन मिल जाएगी।     प्रॉपर्टी के एग्रीमेंट पेपर, लीज एग्रीमेंट, पेमेंट की रसीद जैसे पेपर ऑनलाइन अपलोड होंगे।     50 साल बाद भी नामांतरण-हस्तांतरण के लिए दस्तावेज ढूंढने नहीं पड़ेंगे। प्रॉपर्टी की खरीद-बेच में पारदर्शिता आएगी। 40 साल पुराने डॉक्यूमेंट भी ऑनलाइन हाउसिंग बोर्ड अपने डेढ़ लाख से ज्यादा आवंटियों के 30 से 40 साल पुराने दस्तावेज भी ऑनलाइन कर रहा है। बोर्ड की वेबसाइट पर आवंटी अपने 40 साल पुराने पेपर भी घर बैठे देख सकता है। 75 हजार लोगों का प्रॉपर्टी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड हो गया है और बाकी लोगों के डॉक्यूमेंट की स्कैनिंग फेज वाइज चल रही है। सभी 15 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हाउसिंग बोर्ड ने संपत्ति के नामांतरण, हस्तांतरण, एनओसी जैसी अपनी सभी 15 सुविधाएं ऑनलाइन कर दी हैं। इन सुविधाओं के लिए पहले आवंटी को बोर्ड के कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब सभी प्रकार की राशि ऑनलाइन ही जमा हो रही हैं। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस द्वारा सूचना दी जाती है। हर पेमेंट की डिटेल ऑटो मोड में ऑनलाइन अपडेट होती है। कमिश्नर बोले-डेटा और दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर डॉ. राहुल हरिदास फटिंग ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड में प्रॉपर्टी बुक करने से लेकर पेमेंट तक सभी काम ऑनलाइन होता है। डिजिटल होते जमाने में आवंटियों की सुविधा और पारदर्शिता के लिए डिजिटलाइजेशन का काम भी तेजी से किया जा रहा है। हमारा उद्देश्य है कि सभी आवंटी घर बैठे अपने सभी डॉक्यूमेंट एक्सेस कर पाएं। साथ ही उनका दस्तावेज सुरक्षित रहे।

UP में शराब की दुकान खोलने का क्रेज, एक ठेके के लिए 265 आवेदन – ये हैं लाइसेंस के नियम और फायदे

लखनऊ  देश में शराब की बिक्री लगातार बढ़ रही है, राज्य सरकारों की इससे झोली भरती है, अप्लीकेशन फीस, लाइसेंस चार्ज और फिर हर बोतल पर कमीशन यानी TAX से सरकार को मोटी कमाई होती है. राज्य सरकारें अपने हिसाब से आबकारी नीतियों पर बदलाव करती रहती हैं, ताकि पारदर्शिता के साथ-साथ सरकार की आय भी बढ़ती रहे.   इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कई महत्वपूर्ण बदलावों के साथ लागू की गई है. उत्तर प्रदेश सरकार की मानें तो नई आबकारी नीति 2025-26 का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना, शराब व्यापार में पारदर्शिता लाना और मिलावट को रोकना है. ई-लॉटरी के माध्यम से लाइसेंस आवंटन प्रक्रिया को निष्पक्ष और आसान बनाया गया है.  अगर उत्तर प्रदेश में आप शराब की दुकान का लाइसेंस लेना चाहते हैं तो आपको ऑनलाइन आवेदन करना होगा. इसकी पूरी जानकारी आपको आबकारी विभाग की वेबसाइट या जिला आबकारी विभाग से मिल जाएगी. लाइसेंस के लिए आवेदन उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (www.upexcise.in) पर ऑनलाइन जमा करना होगा.  एक अनुमान के मुताबिक वित्त-वर्ष 2024-25 के दौरान उत्तर प्रदेश में करीब 12533 शराब और बीयर दुकानें थीं. इनमें अंग्रेजी शराब की 6,563 और बीयर की 5970 दुकानें थीं. कंपोजिट दुकानों को लेकर आबकारी विभाग ने अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकानों की कुल संख्या 9,362 कर दी है. अब आइए बताते हैं, आप कैसे उत्तर प्रदेश में शराब और बीयर की दुकान खोल सकते हैं…  सरकार का दावा है कि शराब की दुकान का लाइसेंस प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया गया है. उत्तर प्रदेश आबकारी नीति 2025-26 के अनुसार कंपोजिट दुकानों पर अंग्रेजी शराब, बीयर और वाइन की बिक्री एक साथ की जा सकेगी. यानी सूबे में कुल शराब की दुकानों की संख्या में जो कमी आई है, उसकी ये वजह है. पहले अंग्रेजी शराब, बीयर और वाइन की अलग-अलग दुकानें होती थीं, जिसे अब एकसाथ खोलने की अनुमति दे दी गई है, जिससे दुकानों की संख्या घटी है, यानी दुकानें बंद नहीं हुई हैं, विलय कर दिया गया है.   ई-लॉटरी सिस्टम से लाइसेंस का वितरण उत्तर प्रदेश में शराब (देशी, विदेशी, बीयर) और भांग की दुकानों के लाइसेंस अब ई-लॉटरी के माध्यम से आवंटित किए जा रहे हैं. पुराने लाइसेंस का नवीनीकरण (रिन्यूवल) इस बार नहीं होगा. हालांकि, वित्तीय वर्ष 2026-27 में लाइसेंस रिन्यूवल का विकल्प उपलब्ध होगा. एक व्यक्ति, फर्म या कंपनी पूरे प्रदेश में अधिकतम दो दुकानों का लाइसेंस प्राप्त कर सकती है. एक व्यक्ति को दो से अधिक दुकानों का लाइसेंस नहीं मिलेगा, जिससे शराब व्यापार में एकाधिकार (मोनोपॉली) को रोका जा सके. कंपोजिट दुकान किसे कहते हैं? इस आर्टिकल में ऊपर कंपोजिट दुकानों का जिक्र है. दरअसल सूबे की सरकार ने पहली बार 'कंपोजिट शॉप्स' का नया विकल्प दिया है. जहां एक ही दुकान पर देशी शराब, विदेशी शराब, बीयर और वाइन बेची जा सकती है. इससे पहले बीयर की दुकानें अलग थीं. अभी भी इन दुकानों पर शराब पीने की अनुमति नहीं होगी. हालांकि ग्राहकों को शराब पीने की सुविधा देने के लिए कंपोजिट दुकानों को मॉडल शॉप में परिवर्तित किया जा सकेगा. इसके लिए अलग से शुल्क देना पड़ेगा. मॉल या मल्टीप्लेक्स में प्रीमियम दुकानें खोलने की अनुमति नहीं है. लेकिन हवाई अड्डों, मेट्रो और रेलवे स्टेशनों पर अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के साथ खोली जा सकती हैं.  प्रोसेसिंग शुल्क यानी आवदेन शुल्क (ये रकम वापस नहीं की जाएगी): देशी शराब की दुकान: 65,000 रुपये कंपोजिट दुकान: 90,000 रुपये मॉडल शॉप: 1,00,000 रुपये भांग की दुकान: 25,000 रुपये उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में आबकारी नीति 2025-26 के तहत करीब 1,987.19 करोड़ रुपये प्रोसेसिंग शुल्क के रूप में जमा हुए थे. यह शुल्क गैर-वापसी योग्य है, यानी ये वापस नहीं किए गए. सरकार को केवल अप्लीकेशन से करीब 2000 करोड़ रुपये की कमाई हुई. बता दें, यूपी आबकारी विभाग चार श्रेणियों में 27,308 शराब की दुकानों के लिए ऑनलाइन लॉटरी आयोजित की थी, लॉटरी में 2 लाख से ज्यादा आवेदन आए थे, जिनमें औसतन प्रति दुकान के लिए 15 आवेदक थे. सबसे ज्यादा आवेदन मिश्रित शराब (Composite Liquor) की दुकानों के लिए मिले, ग्रेटर नोएडा में एक दुकान के लिए 265 आवेदन प्राप्त मिले. राज्य में 1 अप्रैल 2025 से नई आबकारी नीति लागू हो गई है.  अगर आप उत्तर प्रदेश में कंपोजिट दुकान के लिए आवेदन करते हैं, तो आपको कुल 90,000 रुपये प्रोसेसिंग शुल्क या आवेदन शुल्क के तौर जमा करना होगा, और ये किसी भी स्थिति में वापस नहीं किया जाएगा. भले ही आपका आवेदन अस्वीकार हो जाए, आप लॉटरी में चयनित न हों, या आप बाद में प्रक्रिया से हट जाएं. इसलिए नई आबकारी नीति को देखते हुए कह सकते हैं, अब केवल गंभीर आवेदक ही प्रक्रिया में भाग लें, और लाइसेंस मिले या ना मिले आवेदन शुल्क के तौर पर 25 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक चुकाने ही पड़ेंगे.  लाइसेंस पाने की योग्यता  आवेदक कम से कम 21 वर्ष का भारतीय नागरिक होना चाहिए. एक व्यक्ति केवल एक आवेदन कर सकता है, लेकिन विभिन्न दुकानों के लिए आवेदन संभव है. आवेदक का आपराधिक रिकॉर्ड साफ होना चाहिए. परिवार (पति/पत्नी, आश्रित पुत्र, अविवाहित पुत्रियां, आश्रित माता-पिता) के सदस्यों को अलग-अलग आवेदन करने की अनुमति है.  आवेदन के लिए ये दस्तावेज जरूरी- पहचान पत्र (आधार कार्ड, वोटर आईडी) आयकर रिटर्न (पिछले तीन वर्ष का) शपथ पत्र (ई-लॉटरी आवेदन के साथ) प्रोसेसिंग शुल्क का भुगतान रसीद अन्य दस्तावेज- निवास प्रमाण पत्र और बैंक विवरण.  सभी पात्र आवेदनों की जांच जिला आबकारी अधिकारी द्वारा की जाती है. लॉटरी माध्यम से चयन के बाद आवेदकों को ईमेल और SMS के माध्यम से सूचित किया जाता है. परिणाम आबकारी विभाग की वेबसाइट पर भी उपलब्ध होते हैं.  नई आबकारी नीति में ये बदलाव भी: – चयन के बाद, लाइसेंस शुल्क (254-260 रुपये प्रति लीटर) और अन्य शुल्क जमा करना होगा. – देशी शराब अब एसेप्टिक ब्रिक पैक (टेट्रा पैक) में उपलब्ध होगी, जिससे मिलावट की संभावना कम होगी.  – सूबे के प्रत्येक जिले में फल आधारित शराब (फ्रूट वाइन) की एक दुकान होगी. मंडल मुख्यालयों पर लाइसेंस शुल्क 50,000 रुपये और अन्य जिला मुख्यालयों पर 30,000 रुपये है.  – सभी दुकानों पर दो CCTV कैमरे और जियो-फेंसिंग अनिवार्य होगी. … Read more

शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए बेहतर प्रयासों से विश्वविद्यालय को मिली नैक की ए ग्रेडिंग

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल को नेशनल असेंसमेंट एंड एक्रिडिटेशन काउंसिल ‘नैक’ की “ए ग्रेडिंग” मिलने पर बधाई दी है। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रबंधन, संकाय और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि यह प्रदेश में शैक्षणिक गुणवत्ता के लिये बेहतर प्रयासों का सुफल है। राज्यपाल पटेल को यह जानकारी बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरु सुरेश कुमार जैन ने राजभवन पहुंच कर दी। राज्यपाल पटेल ने कहा है कि विश्वविद्यालय को नैक द्वारा “ए ग्रेडिंग” मिलना शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान, कार्य कुशल प्रबंधन और नवाचारों की उत्कृष्टता का प्रमाण है। इससे विश्वविद्यालय की पहचान मजबूत होगी। विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय शोध और उच्च अध्ययन के नये अवसर सृजित होंगे। विद्यार्थियों के लिए प्लेसमेंट संभावनाएं भी बढ़ेंगी। साथ ही विश्व के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के साथ समन्वय, सहभागिता और शोध अनुदान आदि की स्थिति बेहतर होगी।  

कैदियों से राखी पर मुलाकात सीमित: बहनों को सिर्फ 15 मिनट, मिठाई पर पाबंदी

उज्जैन  केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में बंद कैदियों को रक्षाबंधन पर्व पर उनकी बहनें राखी बांध सकेंगी। सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक जेल प्रशासन विशेष मुलाकात करवाएगा। जेल कैंटीन से महिलाएं मिठाई, फल व नारियल खरीद सकेंगी। केंद्रीय जेल अधीक्षक मनोज कुमार साहू ने बताया कि 9 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में विभिन्न मामलों में बंद कैदियों को उनकी बहनों द्वारा राखी बांधने की विशेष व्यवस्था की जा रही है। हालांकि रक्षाबंधन पर शासकीय अवकाश होने के बावजूद पूर्व वर्षों से जारी परंपरा को देखते हुए भाई-बहनों के मुलाकात की व्यवस्था की गई है। बंदियों से उनकी बहनों की मुलाकात एवं रक्षाबंधन विशेष सुरक्षा प्रबंध के दायरे में होंगे। इन निर्देशों का करना होगा पालन     रक्षाबंधन पर केवल महिलाओं को मुलाकात दी जाएगी।     मुलाकात का समय सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक रहेगा।     समय-सीमा 15 मिनट रहेगी।     बहनों के साथ तीन वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।     मुलाकात पंजीयन के लिए फोटोयुक्त परिचय-पत्र अथवा आधार कार्ड की छायाप्रति साथ होना अनिवार्य है।     एक बंदी से एक ही बार मुलाकात होगी। सभी बहनें एक साथ आएं।     स्टील की थाली जेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।     मुलाकात के पूर्व महिला स्टाफ को सघन तलाशी देना जरूरी होगा।     थाली में राखी, कुमकुम, चावल, फूटा हुआ नारियल, एक फल व 250 ग्राम मिठाई जेल कैंटीन से खरीदी जा सकेगी। मुलाकात के दौरान इन वस्तुओं पर रहेगा प्रतिबंध महिलाएं अपने साथ झोला, बैग, पर्स, केरीबैग आदि नहीं ले जा सकेंगी। इसके अलावा नकद राशि, मोबाइल, नशीली वस्तु, धारादार वस्तुएं एवं बाहर से निर्मित खाद्य सामग्री एवं मिठाई नहीं ले जा पाएंगी। नियम एवं निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित के विरूद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

भीषण सड़क हादसा: दर्शन के लिए निकले भाजयुमो नेता की पुल से गिरने से मौत, तीन गंभीर

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पुल के नीचे गिर गई. इस भीषण हादसे में भाजपा मंडल अध्यक्ष समेत दो लोगों की मौत हो गई है. हादसे के वक्त कार में 5 लोग सवार थे. सभी बिलाईगढ़ भटगांव से भूतेश्वरनाथ मंदिर जा रहे थे. इस दौरान उनकी कार फिंगेश्वर सरगी नाला पर हादसे का शिकार हो गई. हादसे में तीन लोग घायल हैं, जिनका इलाज जारी है. घटना फिंगेश्वर थाना क्षेत्र की है. जानकारी के मुताबिक, बिलाईगढ़ के भटगांव थाना क्षेत्र के 5 लोग गरियाबंद के भूतेश्वरनाथ मंदिर में दर्शन के लिए आ रहे थे. फिंगेश्वर सरगी नाला पार के दौरान कार चला रहे पंकज को झपकी आ गई. कार पत्थर से टकराकर पुल से नाले में जा गिरी. दर्दनाक हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई, जिनकी पहचान लोकेश साहू और पंकज दास (भाजपा मंडल अध्यक्ष) के रूप में हुई है. वहीं हादसे में घायल 3 युवकों का इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुल में रेलिंग नही होने से यहां आए दिन यहां हादसे हो रहे हैं. इसके बावजूद प्रशासन इसपर कोई सुध नही ले रहा है. फिलहाल फिंगेश्वर पुलिस हादसे की जांच में जुट गई है. 

खाद वितरण में पारदर्शिता की तैयारी: किसानों के लिए बनेगा डेबिट कार्ड, ब्लैक मार्केटिंग होगी बंद

 राजगढ़ मध्यप्रदेश में खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए किसानों को डेबिट कार्ड पर खाद देने की व्यवस्था बनाई जा रही है। राजगढ़ में भी जिले की 140 सहकारी समितियों में किसानों को डेबिट कार्ड के जरिए खाद देने की व्यवस्था की जा रही है। सहकारी बैंकों से सबद्ध किसानों को अब डेबिट कार्ड मुहैया कराया जाएगा। इसी के माध्यम से उन्हें रबी और खरीफ के सीजन में खाद मिलेगा। यानी एटीएम की तर्ज पर कम्प्यूटरीकृत ब्रांच में जाकर उन्हें कार्ड स्वैप करना होगा, तभी खाद मिल पाएगा। डेबिट कार्ड से मिलेगा किसानों को खाद सहकारी समितियों की हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में हाल ही में वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं। राजगढ़ जिले में भी सहकारी समितियों के तहत आने वाले किसानों के अब डेबिट कार्ड बनेंगे। एटीएम में जिस तरह से कैश निकाला जाता है उसी हिसाब से उक्त कार्ड के माध्यम से खाद मिलेगा। जिससे खाद की पूरी एंट्री ऑनलाइन रहेगी। हालांकि प्रबंधक का कहना है कि अभी भी खाद का वितरण पीओएस मशीन से किया जाता है लेकिन नई व्यवस्था से और पारदर्शिता आएगी। 15 अगस्त से कार्ड बनना शुरू होंगे। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि अगस्त माह के बाद बिना डेबिट कार्ड के किसी भी किसान को खाद नहीं दिया जाएगा। सभी बैंकों की ओर से इस पर सख्ती से अमल करवाने के लिए निर्देशित किया गया। सभी समिति प्रबंधकों इसकी जिम्मेदारी दी गई है। डेबिट कार्ड से खाद बांटने पर ये होंगे फायदे..     खाद की कालाबाजारी पर अंकुश लगेगा, ये फायदे भी-     डेबिट कार्ड होने से वही किसान खाद ले पाएगा जिसका कार्ड हो।     एक तय लिमिट तक ही डेबिट कार्ड के माध्यम से खाद खरीदा जा सकेगा।     जरूरत से ज्यादा कोई खाद नहीं ले सकेगा, जितना तय होगा उतना ही मिलेगा।     किसानों को जारी खाद की डिटेल उनके मोबाइल फोन पर आएगी, मैसेज आएगा।     खाद लेने के लिए किसानों परमिट की जरूरत नहीं पड़ेगी।     किसान किसी भी समिति से कार्ड के जरिए खाद ले सकेंगे।

बिजुरी उपकेन्‍द्र के अंतर्गत आने वाले बिजुरी टाउन में 05 अगस्‍त को विद्युत आपूर्ति रहेगी अवरुद्ध

अनूपपुर  म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड अनूपपुर के अधीक्षण अभियंता (संचा./संधा.) ने बताया है कि उपसंभाग कोतमा के वितरण केन्‍द्र बिजुरी अंतर्गत ग्राम लोहसरा फीडर में स्थित स्‍टेडियम के ऊपर से गुजरी हुई 33 के.व्‍ही. लाइन शिफ्ट करने एवं रखरखाव करने हेतु मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। इस कार्य के प्रभावी रूप से सम्पादन हेतु 05 अगस्‍त को 132 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र कोतमा से निकलने वाली 33 के.व्‍ही. बहेराबांध कॉलरी एवं बिजुरी उपकेन्‍द्र के अंतर्गत आने वाले बिजुरी टाउन एवं सभी ग्राम की विद्युत आपूर्ति प्रातः 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक अवरुद्ध रहेगी। कार्य के अनुसार विद्युत आपूर्ति अवरुद्ध रहने की समयावधि को बढ़ाया या घटाया जा सकता है।

शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिक्षा विभाग मनेन्द्रगढ़ में साहित्यिक समागम

तुलसीदास व प्रेमचंद जयंती मनाकर दी महान साहित्यकारों को श्रद्धांजलि तुलसीदास और प्रेमचंद जयंती पर साहित्य साधकों ने दी श्रद्धांजलि, याद किए अमर रचनाकार शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिक्षा विभाग मनेन्द्रगढ़ में साहित्यिक समागम मनेन्द्रगढ़  साहित्य जगत की दो महान विभूतियों—गोस्वामी तुलसीदास और मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिक्षा विभाग मनेन्द्रगढ़ में एक भव्य साहित्यिक आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने श्रद्धा, सम्मान और प्रेरणा के साथ इन दोनों महापुरुषों को स्मरण किया और उनके कृतित्व व व्यक्तित्व पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य  सत्येन्द्र सिंह ने की। इस अवसर पर विशेष रूप से श्रीमती अर्चना वैष्णव, राजीव सोनी, टी. विजय गोपाल राव, रामरक्षा द्विवेदी, जसवंत डहरिया, श्रीमती अंजली सिंह, एवं श्रीमती कंचन त्रिपाठी उपस्थित रहे। साहित्य से संस्कार तक की प्रेरणा-कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई। तत्पश्चात विद्यालय प्राचार्य  सत्येन्द्र सिंह ने गोस्वामी तुलसीदास की साहित्यिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए कहा—"तुलसीदास न केवल एक कवि थे, बल्कि भारतीय समाज की आध्यात्मिक चेतना के मार्गदर्शक भी थे। रामचरितमानस के माध्यम से उन्होंने धर्म, भक्ति, मर्यादा और नैतिकता को जन-जन तक पहुँचाया।"उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे तुलसीदास जैसे संत कवियों के आदर्शों को आत्मसात करें। वहीं व्याख्याता श्रीमती अर्चना वैष्णव ने मुंशी प्रेमचंद के यथार्थवादी साहित्य पर बोलते हुए कहा कि "प्रेमचंद ने कलम से क्रांति की, उन्होंने किसानों, मजदूरों और आम जनजीवन की पीड़ा को शब्दों में ढालकर साहित्य को जनमुखी बनाया। ‘गोदान’, ‘निर्मला’ जैसी रचनाएँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं।" साहित्यिक प्रस्तुतियाँ और प्रेरक वक्तव्य छात्राओं द्वारा तुलसीदास जी की चौपाइयों का वाचन, प्रेमचंद की कहानियों पर लघुनाटिका, और भजन प्रस्तुति ने माहौल को पूरी तरह भक्ति और प्रेरणा से भर दिया। शिक्षकों द्वारा दोनों साहित्यकारों की रचनाओं से प्रेरित संस्मरण भी साझा किए गए। टी. विजय गोपाल राव एवं रामरक्षा द्विवेदी ने कहा कि"भविष्य के नागरिकों को तुलसी और प्रेमचंद जैसे चरित्र निर्माताओं से प्रेरणा लेनी चाहिए।" वहीं  राजीव सोनी और श्रीमती अंजली सिंह ने बच्चों से आग्रह किया कि वे साहित्य को केवल विषय न मानें, बल्कि जीवन-दर्शन के रूप में अपनाएं। सम्मान और समापन अंत में प्राचार्य श्री सिंह द्वारा सभी प्रतिभागी छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

किसानों को राहत: पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी, हजारों को मिला लाभ

पीएम किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत 20वीं किस्त की राशि का हुआ अंतरण, जिले के 28 हजार से अधिक किसानों को मिला लाभ पीएम किसान योजना: जिले के 28 हजार से ज्यादा किसानों के खातों में पहुंची 20वीं किस्त किसानों को राहत: पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी, हजारों को मिला लाभ एमसीबी  जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत किसानों को 20वीं किस्त की राशि का अंतरण 2 अगस्त को प्रातः 11 बजे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कर कमलों से वाराणसी, उत्तर प्रदेश से वेबकास्ट के माध्यम से किया गया। यह राशि डीबीटी प्रणाली के अंतर्गत सीधे पात्र किसानों के बैंक खातों में अंतरित की गई। इस अवसर पर जिले में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन उप संचालक कृषि श्री इन्द्रासन सिंह पैकरा के मार्गदर्शन में कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के सभागार में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती सुखमंती सिंह सभापति कृषि स्थायी समिति जिला पंचायत, श्री रामजीत लकड़ा जिला पंचायत सदस्य तथा श्री रविशंकर वैश्य सभापति कृषि स्थायी समिति जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ उपस्थित रहे। श्रीमती सुखमंती सिंह ने अपने संबोधन में किसानों को राष्ट्र की रीढ़ बताते हुए उन्हें पालनहार का दर्जा प्रदान किया और कहा कि शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ प्रत्येक कृषक तक समय पर पहुंचे, यह हम सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए। उप संचालक कृषि श्री पैकरा ने जानकारी दी कि जिले के कुल 28477 कृषकों को इस 20वीं किस्त के रूप में 5 करोड़ 89 लाख रुपये की राशि अंतरित की गई है। साथ ही उन्होंने अपील की कि कोई भी पात्र किसान इस योजना के लाभ से वंचित न रहे, इसके लिए सभी कृषक समय पर एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराएं और अनिवार्य रूप से ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण करें। जिले के कई लाभान्वित किसानों ने इस योजना से प्राप्त राशि को खेती के कार्यों में उपयोगी बताते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त किया और योजना को किसानों के लिए संजीवनी बताया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के उप संचालक, अनुविभागीय कृषि अधिकारी, सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और जिले के अनेक कृषक गण उपस्थित रहे।