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गहलोत की टिप्पणी पर राठौड़ का तंज – “क्या आप धनखड़ के निजी चिकित्सक हैं?

जयपुर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद सियासत गरमा गई है। इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने तीखा जवाब दिया है। राठौड़ ने कहा, “गहलोत साहब न तो डॉक्टर हैं और न ही धनखड़ जी के निजी डॉक्टर। जब कोई व्यक्ति स्वयं अपने स्वास्थ्य कारणों से पद से इस्तीफा देता है, तो उस पर अविश्वास जताना या राजनीति करना निंदनीय है। गहलोत जी को ऐसी बातें नहीं कहनी चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “पहला सुख निरोगी काया। जब व्यक्ति बीमार होता है तो राजनीति जरूरी नहीं होती। स्वस्थ होंगे तो फिर से राजनीति कर सकते हैं। खुद गहलोत कुछ समय पहले बीमार पड़े थे, अस्पताल में भर्ती रहे, भाषण के दौरान मंच पर बैठना पड़ा था। ऐसे में उन्हें दूसरों के स्वास्थ्य पर टिप्पणी से बचना चाहिए।” जातीय समीकरणों को लेकर पूछे गए सवाल पर राठौड़ ने दो टूक कहा, “हम भाजपा में जातिवादी राजनीति नहीं करते। हम सर्वसमाज का विकास चाहते हैं। जो भी मेहनती और सेवाभावी व्यक्ति हैं, उसे सेवा का अवसर दिया जाना चाहिए।” उन्होंने अन्य राजनीतिक दलों को भी नसीहत दी और कहा कि, “कोई भील प्रदेश या मरू प्रदेश की बात करता है, कोई जातीय भेद की राजनीति करता है। यह लोकतंत्र के लिए सही नहीं। भाजपा सभी जातियों, धर्मों और संप्रदायों का सम्मान करती है।”

मुख्यमंत्री निवास में हरेली उत्सव: पारंपरिक लोक यंत्रों की गूंज और सुंदर नाचा की छटा

  रायपुर, मुख्यमंत्री निवास में हरेली तिहार के अवसर पर पारंपरिक लोक यंत्रों की गूंज और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक छटा के साथ सुंदर नाचा का आयोजन किया जा रहा है। पूरा परिसर उत्सवमय वातावरण से सराबोर है। ग्रामीण परिवेश की जीवंत छवि इस सुंदर माहौल में साकार हो गई है। कहीं सुंदर वस्त्रों में सजे राउत नाचा कर रहे कलाकारों की रंगत बिखरी है, तो कहीं आदिवासी कलाकार पारंपरिक लोक नृत्य की मोहक प्रस्तुतियाँ दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ का अद्भुत ग्रामीण लैंडस्केप अपनी संपूर्ण सांस्कृतिक सुंदरता के साथ यहां सजीव रूप में अवतरित हो गया है। विभिन्न प्रकार की लोक धुनों में छत्तीसगढ़ी संगीत का माधुर्य अपने चरम पर है। राउत नाचा, छत्तीसगढ़ की लोक-संस्कृति का एक प्रसिद्ध पारंपरिक लोकनृत्य है, जो विशेष रूप से दीपावली के अवसर पर गोधन पूजा के दौरान किया जाता है। यह नृत्य विशेषकर यादव समुदाय (ग्वाला/गोपालक वर्ग) द्वारा प्रस्तुत किया जाता है और भगवान श्रीकृष्ण तथा गोधन की आराधना का प्रतीक माना जाता है। राउत नाचा की परंपरा छत्तीसगढ़ में सदियों पुरानी है। इसे गोवर्धन पूजा से जोड़ा जाता है, जब ग्वाल-बाल भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं की स्मृति में यह नृत्य करते हैं। नर्तक रंग-बिरंगे परिधानों में सजते हैं, सिर पर पगड़ी धारण करते हैं और हाथों में लाठी थामे रहते हैं। उनके वस्त्रों को कौड़ियों, घुंघरुओं और अन्य सजावटी वस्तुओं से अलंकृत किया जाता है। राउत नाचा की प्रस्तुति के दौरान पारंपरिक वाद्य यंत्रों — जैसे ढोल, मांदर और नगाड़ा — का प्रयोग होता है। इनकी थाप पर नर्तक सामूहिक रूप से तालबद्ध होकर नृत्य करते हैं। यह नृत्य केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, श्रम की महत्ता, पशुपालन के योगदान और सांस्कृतिक गौरव का संदेश भी देता है। नाचा के साथ गाए जाने वाले गीतों को ‘राउत गीत’ कहा जाता है, जिनमें धर्म, वीरता, प्रेम और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन होता है।

कैदी की जान के बदले फिरौती: जेल से गैंग चलाकर लाखों वसूले, रवि विठ्ठल समेत 4 गिरफ्तार

दुर्ग केंद्रीय जेल दुर्ग में विचाराधीन बंदी को जान से मारने की धमकी देकर उनके परिवार से अवैध वसूली करने का मामला सामने आया है। आरोपी रवि विठ्ठल उसी जेल में हत्या की सजा काट रहा है। जिसने जेल में बंद कैदी को जान से मारने की धमकी देकर उससे परिजनों से लाखों रुपये वसूले हैं। मामला 10 महीने पुराना बताया जा रहा है। जिसमें पहले ही तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, रवि विठ्ठल ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उस कोर्ट में पेश कर राजनांदगांव जेल वापस भेजा गया। पूरा मामला 4 अक्टूबर 2024 को तब सामने आया जब पीड़ित ने सुपेला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि उसका भाई पिछले दो वर्षों से दुर्ग जेल में बंद है। वहीं, उसी जेल में हत्या के आरोप में सजा काट रहा कैदी रवि विठ्ठल, अपने साथियों विशाल सोनी उर्फ उड़िया, परबदीप सिंह और गुरमीत कौर की मदद से पीड़ित को मोबाइल पर धमकियां दे रहा था। धमकी दी गई कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो जेल में बंद उसके भाई को जान से मार दिया जाएगा। आरोपियों ने जेल में बंद लोकेश पांडेय के परिजनों ने धमकी के चलते रवि विठ्ठल को कुल 7.95 लाख रुपए दिए, जिसमें से 5 लाख रुपए नकद और 2.95 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए। इसके अलावा 11 जुलाई 2023 को आरोपी की बेटी के जन्मदिन पर एक सोने की चेन और लॉकेट भी जबरन मंगवाए गए। 19 जुलाई 2023 को दुर्ग कोर्ट परिसर में भी धमकी देकर आरोपी को 5 लाख रुपए कैश दिए गए। जिसे आरोपी की मां गुरमीत कौर और भाई परबदीप ने लिया था। इस मामले में पुलिस पहले ही महेश्वरी बघेल, गुरमीत कौर और विशाल सोनी को गिरफ्तार कर चुकी है। मुख्य आरोपी रवि विठ्ठल को प्रोडक्शन वारंट के जरिए पेश कर पूछताछ की गई। जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश कर राजनांदगांव जेल वापस भेजा गया। दुर्ग पुलिस प्रवक्ता पद्मश्री तंवर ने बताई कि इस मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस ने अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जेल के भीतर से अपराध संचालित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निवेश प्रस्तावों की पड़ताल: 14 जिलों में जांच के दौरान 40% दिक्कतें सुलझाईं: CM योगी

लखनऊ  वैश्विक निवेशक सम्मेलन में हुए एमओयू को धरातल पर उतारने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की टीम मैदान में उतार दी गई है। इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद के निर्देश पर टीमों ने 14 जिलों का औचक निरीक्षण कर एमओयू में आने वाली दिक्कतों को समझा। इसके लिए जिलों में प्रस्तावित निवेश परियोजनाओं को 24 मानकों की कसौटी पर कसा गया। इस कवायद की खास बात ये रही कि 40 फीसदी से ज्यादा दिक्कतों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। नवंबर में भूमि पूजन समारोह का पांचवां संस्करण प्रस्तावित है। इसके लिए दस लाख करोड़ रुपये की तैयार परियोजनाओं का लक्ष्य रखा गया है। जनवरी-फरवरी में वैश्विक निवेशक सम्मेलन होना है। दोनों बड़े आयोजनों की जिम्मेदारी नोडल एजेंसी के रूप में इन्वेस्ट यूपी की है। इसे देखते हुए इन्वेस्ट यूपी तैयारी चुस्त-दुरुस्त करने में जुटा है। इसी कड़ी में अधिकारियों की टीम बनाकर 14 जिलों का औचक निरीक्षण कराया गया। इन 24 बिंदुओं पर परखा जिलों का प्रदर्शन उद्यमी मित्रों और जिला उद्योग केंद्रों के महाप्रबंधकों ने एमओयू को धरातल पर उतारने के लिए किस तरह से विश्लेषण किया। निवेशकों के साथ कितनी बैठकें कीं। निवेशकों के मुद्दों पर क्या किया। ऑफिस का वातावरण कैसा है। निवेशक ऑफिस में खुद को कितना सहज महसूस करता है। बैठने की व्यवस्थाएं क्या हैं। इन्वेस्ट यूपी की तैयारियों को कैसे पेश कर रहे हैं। कुल कितने लोगों ने निवेश को लेकर रुचि जाहिर की है। कितने एमओयू हुए हैं। कितने एमओयू भूमि पूजन समारोह-4.0 और कितने निवेश समारोह-5.0 के लिए हुए। कितने निवेशक पीछे लौट गए। कितनी इकाइयों का निर्माण और कितने में उत्पादन शुरू हो गया। औद्योगिक भूखंडों की स्थिति। ग्राम सभा की जमीनों की उपलब्धता, बीमार इकाइयों की संख्या और निवेश मित्र से जुड़े मुद्दे आदि। उद्योग बंधु की बैठकों का मांगा तीन महीने का रिकॉर्ड सीईओ विजय किरण आनंद ने उद्योग बंधु की बैठक में उठने वाले मुद्दों को प्राथमिकता से दूर करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत सभी 75 जिलों से पिछले तीन महीने का उद्योग बंधु की बैठकों का रिकॉर्ड मांगा गया है। इसमें निवेशकों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर की गई कार्यवाही का ब्योरा भी तलब किया गया है। उन्होंने उद्यमी एसोसिएशन के फीडबैक को गंभीरता से लेेने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नए निवेश प्रस्तावों को ब्योरा अलग से तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

सड़कों पर बेकाबू रफ्तार अब नहीं चलेगी: चालकों पर कार्रवाई तेज, चालान का सिलसिला जारी

जगदलपुर जगदलपुर में तय गति से तेज वाहन चलाने वालों की अब खैर नहीं है। ट्रैफिक पुलिस दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए तेज गति से वाहन चलाने वालों का चालान इंटरसेप्टर के माध्यम से कर रही है। तय मानक से तेज वाहन चलाने और इससे होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ट्रैफिक पुलिस कमर कस ली है। लगातार ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है। शहर में 14 जुलाई से लगातार विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। हाल ही में जब यात्रियों की जान को जोखिम में डालकर सरपट दौड़ रही यात्री बस अपनी निर्धारित स्पीड से ज्यादा में दौड़ रही थी, तभी यातायात पुलिस के द्वारा ओवरस्पीड को अपने इंटरसेप्ट में कैद होने के कारण यातायात पुलिस के द्वारा कार्रवाई की गई। ओवर स्पिड 95/किमी. से कोंडागांव तरफ से जगदलपुर की ओर आ रही थी, जिसे कैमरा में रिकॉर्ड किया गया, जो निर्धारित अधिकतम गति सीमा 80/किमी. का उल्लंघन करना पाए जाने पर कार्रवाई की गई। यातायात पुलिस के द्वारा लगातार देखा जा रहा था कि यात्री बस चालकों की लापरवाही के कारण कई बड़ी घटनाएं हुईं, जिसे रोकने के लिए हाइवे पर लगातार यातायात पुलिस कार्रवाई कर रही है। पुलिस के इंटरसेप्टर वाहन के कैमरे में ओवर स्पीड रिकॉर्ड दर्ज किया गया। 14 जुलाई से लगातार विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें 10 दिन में 516 वाहनों पर कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक बस्तर शलभ कुमार सिन्हा के निर्देश व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग के मार्गदर्शन में सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क दुर्घटना के रोकथाम एवं बचाव के लिए बस्तर जिले में ओवर स्पीड से वाहन चलाने वाले चालकों पर यातायात पुलिस के द्वारा कार्रवाई की जा रही है। उप पुलिस अधीक्षक यातायात संतोष जैन एवं यातायात प्रभारी मधुसूदन नाग लगातार ऐसे वाहन चालकों को सबक सिखाने में लगे हैं। 

दरवाजे पर खड़े बुजुर्ग को रौंदा कांवड़ियों के वाहन ने, श्रद्धालुओं में मचा हड़कंप

मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर जिले सकरा थाना क्षेत्र में कांवड़ियों के अनियंत्रित वाहन ने एक बुजुर्ग की जान ले ली और खुद भी पलट गया। हादसे में वाहन सवार कई कांवड़िए घायल हो गए। मृतक की पहचान सहदेव राय 80 वर्ष के रूप हुई है। बताया जा रहा है कि देवघर बाबा बैद्यनाथ से जलाभिषेक कर लौट रही कांवड़ियों की एक गाड़ी अचानक बेकाबू हो गई और सड़क से थोड़ी दूर एक घर के पास में खड़े बुजुर्ग को रौंदते हुए पलट गई। हादसे में बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार छह कांवड़ियों को चोट आई है, जिसमें दो गंभीर बताया जा रहा है। इस घटना के बाद मौके पर बनी अफरातफरी की स्थिति मामले की जानकारी के बाद मौके पर पहुंची सकरा थाना की पुलिस मामले की जांच और करवाई में जुटी हुई है। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क को जाम कर दिया। मामला जिले के सकरा थाना क्षेत्र के एनएच 28 मुसहरी के पास की है। इस घटना के बाद मौके पर स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीणों ने दुर्घटना में घायल कांवड़ियों को किसी तरह बाहर निकाला। घायल हुए कांवड़िए पूर्वी चंपारण जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। वहीं इस घटना के बाद नाराज होकर ग्रामीण ने सड़क मार्ग को जाम कर दिया और विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इस दौरान में कांवड़ियों को लेकर आ रहे घायल चालक से भी नोक झोंक हुई। पूरे मामले में सकरा थाना प्रभारी राजू कुमार पाल ने बताया कि एक वाहन अनियंत्रित होकर के घर के पास में खड़े बुजुर्ग को रौंद दिया था। उनकी मौत मौके पर ही हो गई थी। घटना के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए थे। वाहन में कांवड़िए सवार थे। सभी घायल हुए और प्राथमिक उपचार के बाद इलाज के लिए सभी को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भेजा जा रहा है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया जाने की कवायद की जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार को लेकर दिए अहम निर्देश

रायपुर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में  आज नया रायपुर के सेक्टर 27 में स्थित स्वास्थ्य विभाग के उपक्रम सीजीएमएससीएल की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के और सचिव स्वास्थ्य सेवाएं अमित कटारिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में प्रबंध संचालक श्रीमती पद्मिनी भोई ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सीजीएमएससी की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा है कि राज्य की जनता को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें। इस दौरान उन्होंने पारदर्शिता दिखाने के उद्देश्य से सीजीएमएससी की नई वेबसाइट को रिमोट का बटन दबाकर लॉन्च किया।  उन्होंने निर्देशित किया कि जहां भी कोई बाधा हो, उसे शीघ्र दूर किया जाए। मंत्री ने कहा कि ब्रांडेड और गुणवत्ता वाली दवाइयों की खरीदी की जाए तथा दवाइयों की आपूर्ति सुचारु और समयबद्ध हो। उन्होंने कहा कि सीजीएमएससी स्वास्थ्य विभाग का एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपक्रम है, जिसके माध्यम से प्रदेश के तीन करोड़ लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित होती है। इसीलिए इसके उपकरण और दवाइयों की गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्माण कार्यों और खरीदी प्रक्रिया को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि सीजीएमएससी स्वास्थ्य सेवाओं का अभिन्न हिस्सा है और इसके बिना विभाग का काम अधूरा है। उन्होंने कार्यों में प्रशिक्षण को अनिवार्य रूप से शामिल करने की बात कही जिससे कार्य की गुणवत्ता में और सुधार लाया जा सके। बैठक के बाद अध्यक्ष दीपक म्हस्के ने कहा कि आज की समीक्षा बैठक बहुत ही उपयोगी रही। यह तय किया गया है कि आगे और बेहतर तरीके से काम कैसे किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध रूप से कार्य करते हुए इसे आगे बढ़ाना है। साथ ही, पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से एक नई वेबसाइट तैयार की गई है, जिसमें विभाग की सभी जानकारियां उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि यह उपक्रम लगातार बेहतर कार्य कर रहा है और आने वाले समय में इसके कार्यों की गुणवत्ता और बेहतर होगी। समीक्षा बैठक में सीजीएमएससी के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उद्यानिकी फसलों के लिए सशक्त विपणन व्यवस्था की दिशा में सरकार सक्रिय

उद्यानिकी फसलों के लिए बेहतर विपणन व्यवस्था के प्रयास तेज: मंत्री  कुशवाह  उद्यानिकी किसानों को मिलेगा बेहतर बाजार, मंत्री कुशवाह ने दिए निर्देश उद्यानिकी फसलों के लिए सशक्त विपणन व्यवस्था की दिशा में सरकार सक्रिय उद्यानिकी मंत्री की अध्यक्षता में सलाहकार बोर्ड की हुई बैठक भोपाल प्रदेश में उद्यानिकी फसलों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उद्यानिकी फसलों के विपणन के लिए बेहतर बनाए जाने के लिए प्रदेश में तेजी से प्रयास किए गये हैं। इसी कड़ी में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह की अध्यक्षता में उद्यानिकी फसल मार्केटिंग गठन सलाहकार बोर्ड की बैठक बुधवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक बर्णवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि उद्यानिकी फसलों के उत्पादक कृषकों को उनकी फसल का उचित दाम दिलवाने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा पृथक से उद्यानिकी फसल उपज मंडी बोर्ड बनाने पर कार्य प्रारंभ किया गया है। वर्तमान में म.प्र. कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 के अधीन म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड का गठन किया गया है। इनमें कृषि और उद्यानिकी का फसलों का क्रय-विक्रय एक ही परिसर में किया जाता है। प्रदेश की 25 कृषि उपज मंडी समिति है जिसमें फल-सब्जियों के विक्रय के लिये 174 मंडियाँ अधिसूचित है। नवीन व्यवस्था लागू हो जाने पर फल-फूल सब्जी फसल के लिये पृथक नवीन परिसर बनाये जाएंगे। प्रस्तावित मंडियों में ग्रेडिंग, सोर्टिग, पैकिंग, पैकहाउस, कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चैन, भंडारण आदि सुविधाएँ विकसित की जायेंगी। कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक बर्णवाल ने निर्देश दिये हैं कि उद्यानिकी फसलों के लिए पृथक मंडी गठन से पूर्व मंडी बोर्ड और उद्यानिकी विभाग देश के अन्य राज्यों की कृषि मंडी और उद्यानिकी फसल उपज मंडियों का सर्वे कर विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर सलाहकार बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करें। उन्होंने ग्वालियर संभागीय मुख्यालय पर संचालित निजी फल मंडी का अध्ययन करने के निर्देश प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड कुमार पुरूषोत्तम को दिए। ग्वालियर में नवीन कृषि उपज मंडी तथा उद्यानिकी फसल मंडी आवश्यक : मंत्री कुशवाह उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि ग्वालियर में कृषि उपज मंडी और सब्जी मंडी दोनों नगरीय सीमा लक्ष्मीगंज में होने के कारण शहर का यातायात बाधित होता है। साथ ही मंडी प्रांगण भी समय की मांग के अनुसार अब छोटा होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंडी बोर्ड को नवीन कृषि उपज मंडी विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) में शिफ्ट किया जाना चाहिए। इसके लिए मंडी बोर्ड सर्वे कर रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत करे। बैठक में सचिव कृषि निशांत बरबड़े, आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण श्रीमती प्रीति  मैथिल, प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड कुमार पुरूषोत्तम सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।   

मंत्री टेटवाल ने एडीबी मिशन ने एसएसआरजीएसपी संस्थान का किया भ्रमण और छात्रों से किया संवाद

मंत्री टेटवाल से एडीबी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात मंत्री टेटवाल से एडीबी प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य भेंट, विकास परियोजनाओं पर हुई चर्चा मंत्री टेटवाल ने एडीबी मिशन ने एसएसआरजीएसपी संस्थान का किया भ्रमण और छात्रों से किया संवाद भोपाल  मध्यप्रदेश के दौरे पर आई एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी ) की पोर्टफोलियो प्रबंधन मिशन टीम ने कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल से भेंट कर एडीबी सहायता प्राप्त परियोजनाओं की प्रगति और प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की। मंत्री  टेटवाल ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं के कौशल विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क की सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि यहां से प्रशिक्षित युवाओं को देश के साथ-साथ विदेशों में भी रोजगार मिल रहे हैं , जो संस्थान की गुणवत्ता और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण व्यवस्था का प्रत्यक्ष प्रमाण है। मंत्री टेटवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एडीबी द्वारा दिए गए सुझावों का गंभीरता से अनुकरण कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। एडीबी मिशन टीम ने 21 और 22 जुलाई को दो दिवसीय प्रवास के दौरान राजधानी भोपाल स्थित एसएसआरजीएसपी का भ्रमण कर संस्थान की आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था, आधारभूत संरचना और नवाचार आधारित कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। टीम के सदस्यों ने प्रशिक्षुओं से सीधा संवाद कर उनके अनुभव जाने और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। प्रतिनिधियों ने एसएसआरजीएसपी की गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे कौशल विकास के क्षेत्र में एक अनुकरणीय मॉडल बताया। संस्थान के सीईओ गिरीश शर्मा ने टीम को संस्थान की उपलब्धियों, उद्योग साझेदारी मॉडल, नवाचार आधारित प्रशिक्षण और उच्च प्लेसमेंट दर के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एसएसआरजीएसपी कौशल आधारित शिक्षा का एक प्रेरणास्पद मॉडल बन चुका है, जो युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ रहा है। मुख्यमंत्री  यादव के मार्गदर्शन के अनुरूप एडीबी की समीक्षा बैठक में राज्य में संचालित एडीबी सहायता प्राप्त परियोजनाओं की प्रगति , कार्यान्वयन की गुणवत्ता, जोखिम मूल्यांकन और प्रबंधन रणनीतियों पर गहन चर्चा की गई। बैठक में मध्यप्रदेश कौशल विकास परियोजना (एमपी-एसडीपी), सिंचाई दक्षता सुधार परियोजना, शहरी सेवा सुधार परियोजना, सड़क नेटवर्क कनेक्टिविटी एवं लचीलापन परियोजना और सार्वजनिक-निजी भागीदारी आधारित सड़क विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। संबंधित विभागों और परियोजना इकाइयों के प्रतिनिधियों ने जमीनी अनुभव, उपलब्धियों और सामने आ रही चुनौतियों को साझा किया। एडीबी मिशन यात्रा का प्रमुख उद्देश्य राज्य में संचालित परियोजनाओं में जोखिमों की पहचान, उनके समाधान की प्रक्रिया का मूल्यांकन और अनुभवों के आधार पर 'प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन हैंडबुक' (पीआईएच) का प्रारूप तैयार करना है। यह हैंडबुक परियोजना योजना, निष्पादन, निगरानी और समापन की प्रक्रिया में व्यवहारिक मार्गदर्शिका सिद्ध होगी, जिसमें पारदर्शिता और जोखिम प्रबंधन को विशेष महत्व दिया जाएगा। एडीबी मिशन की यह यात्रा न केवल एसएसआरजीएसपी जैसी संस्थाओं की गुणवत्ता को वैश्विक स्तर पर प्रमाणित करती है, बल्कि मध्यप्रदेश की विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण को भी सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इस उच्चस्तरीय मिशन में मनीला (फिलीपींस) स्थित एडीबी मुख्यालय एवं भारत कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल में प्रधान पोर्टफोलियो प्रबंधन विशेषज्ञ युजी ओनो, वरिष्ठ पोर्टफोलियो प्रबंधन अधिकारी सुपामेला बारामेडा, सलाहकार हंस कार्लसन तथा संचालन अधिकारी एवं मिशन समन्वयक अखिलेश साम्याल सम्मिलित रहे। मिशन प्रतिनिधियों ने दो दिनों तक विभिन्न परियोजना स्थलों का भ्रमण कर कार्यान्वयन इकाइयों के प्रतिनिधियों से भी संवाद किया।  

होम्योपैथिक चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा, शासकीय कॉलेज में दो और पीजी कोर्स शुरू होंगे

शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय को दो और विषयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालन की मिली अनुमति शासकीय होम्योपैथिक कॉलेज में दो नए पीजी पाठ्यक्रमों को मिली मंज़ूरी होम्योपैथिक चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा, शासकीय कॉलेज में दो और पीजी कोर्स शुरू होंगे शासकीय होम्योपैथिक महाविद्यालय को मिली दो नए विषयों में पीजी पाठ्यक्रम संचालन की अनुमति अब 9 विषयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम होंगे संचालित भोपाल शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय भोपाल को केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने दो विषयों डर्मेटोलॉजी एवं कम्युनिटी मेडिसिन में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालन की अनुमति प्रदान की है। ज्ञातव्य है कि इससे पहले शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में 7 विषयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित हैं। महाविद्यालय में प्रैक्टिस ऑफ मेडिसिन, पेडियाट्रिक, सायकियाट्री, फार्मेसी, मटेरिया मेडिका, आर्गेनन ऑफ मेडिसिन एवं रिपर्टरी में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम पूर्व से संचालित हैं। शिक्षण सत्र 2025-26 से त्वचा रोग (डर्मेटोलॉजी) एवं कम्युनिटी मेडिसिन विषयों में भी स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित होंगे। अब महाविद्यालय को कुल 9 विषयों में स्नाकोत्तर पाठ्यक्रम संचालन की अनुमति प्राप्त हो गई है। उल्लेखनीय है कि उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार के नेतृत्व में आयुष विभाग सतत् गुणवत्तापूर्ण आयुष चिकित्सा शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है।