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सिपाही की रहस्यमय मौत, MP के नशा मुक्ति केंद्र में पसलियां टूटी और पेट में खून

ग्वालियर नशा मुक्ति केंद्र की आड़ में यातनागृह बने केंद्रों में एक और मौत का मामला सामने आया है। भिंड के रहने वाले सिपाही अजय सिंह भदौरिया की बड़ागांव स्थित नशा मुक्ति केंद्र में मौत हो गई। उसे पिछले माह केंद्र में ले जाया गया था। स्वजन का आरोप है कि मंथन नशा मुक्ति केंद्र में अजय के साथ मारपीट की गई। उसकी पसलियां तोड़ दी गईं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डेढ़ लीटर रक्त पेट में मिलने की बात कही गई है। घरवालों ने हत्या का मामला दर्ज कराया पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्वजन ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत कर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। स्वजन के अनुसार, अजय के शव को हाईवे पर छोड़कर संचालकगण भाग गए थे। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के नशा मुक्ति केंद्रों में लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। अरुण सिंह भदौरिया ने बताया कि उनके भाई अजय सिंह भदौरिया (40) निवासी धर्मनगर भिंड वर्तमान में रायसेन में सिपाही के रूप में पदस्थ थे। पिछले माह वह अवकाश पर घर आए थे।   पिछले महीने अजय को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया नशे की लत के कारण 23 जुलाई 2025 को मंथन नशा मुक्ति केंद्र बड़ागांव ग्वालियर में उन्हें भर्ती करने के लिए भेजा गया था। केंद्र के संचालक अजय पांडेय और मनीष दुबे तीन और लोगों के साथ गाड़ियों से आए थे और अजय को साथ ले गए। अगले दिन अजय की तबीयत खराब होने की सूचना दी और फिर आधा घंटे बाद मौत की सूचना दे दी। अरुण ने बताया कि इससे कुछ देर पहले ही अजय द्वारा परेशान करने की बात केंद्र वालों ने बताई थी और अस्वस्थ बताया था। अजय के एक बेटा व दो बेटी हैं। बता दें कि 14 अगस्त को संस्कार नशा मुक्ति केंद्र महाराजपुरा में पंजाब नेशनल बैंक के फील्ड ऑफिसर पंकज शर्मा की भी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा 18 अगस्त को शिवपुरी के एक नशा मुक्ति केंद्र में वाहन चोरी के एक आरोपित की संदिग्ध परिस्थितियों मौत हो गई थी।

लड़कियों को बंधक बनाकर घरों में संचालित किया गया जिस्म का धंधा, बेचने की भी थी तैयारी

मुरादाबाद यूपी के मुरादाबाद से एक देह व्यापार का पर्दाफाश हुआ है। यहां पर लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर उन्हें अलग-अलग घरों में रखा जाता था, फिर उनसे देह व्यापार कराया जाता था। दरअसल, जम्मूतवी-कोलकाता एक्सप्रेस ट्रेन में मिली तीन लड़कियों को पुलिस अपने साथ ले आई। तीनों लड़कियों ने देह व्यापार का मामला बताया। तीनों लड़कियों ने पुलिस को जानकारी दी कि उन्हें बंधक बनाकर रखा गया था। पुलिस ने उन तीनों लड़कियों से जानकारी लेकर छापेमारी की और इस गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। तीनों को बंधक बनाकर रखा गया था  बता दें कि जम्मूतवी-कोलकाता एक्सप्रेस ट्रेन में तीन लड़कियां बिना टिकट के सफर कर रही थी। गाजियाबाद में टीटीई जितेंद्र सिंह ने टिकट चेक किया और जब उन्हें टिकट नहीं मिला, तो उन्होंने जानकारी ली। तीनों ने देह व्यापार का मामला बताया। मुरादाबाद पहुंचने पर जीआरपी पुलिस को बुलाया गया। पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों से जानकारी ली। पूछताछ पर उन्होंने बताया कि उन्हें बंधक बनाकर रखा गया था। मधुबनी (बिहार) की एक किशोरी तीन माह पहले घर से नाराज होकर निकली थी। इसी तरह बस्ती की युवती भी दो माह पहले नाराज होकर घर से निकली और मुरादाबाद पहुंच गई। अमरोहा की किशोरी एक साल से मुरादाबाद में ही है। तीनों ने दिये बयानों में बताया कि उन्हें अलग-अलग दिन यहां लाया गया था। कई लोगों ने किया दुष्कर्म  पूछताछ के बाद पुलिस ने उन जगहों पर छापेमारी की। जिन घरों में उन्हें बंधक बनाकर रखा गया था। बिहार की किशोरी ने बताया कि उसे सचिन नाम के युवक ने दिल्ली रेलवे स्टेशन पर काम दिलाने के बहाने मुरादाबाद लाया और दुष्कर्म किया। इसके बाद उसे पिंकी के घर ले जाया गया, जहां सचिन के अलावा विजय ठाकुर और अवनीश ने दुष्कर्म किया। बस्ती निवासी युवती को विजय ठाकुर ने बंधक बना रखा था। पुलिस ने इस मामले में चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (सीडब्ल्यूसी) के अध्यक्ष अमित कौशल के शिकायती पत्र पर मझोला पुलिस ने सचिन, पिंकी, मुकेश ठाकुर और अवनीश के खिलाफ प्राथमिकी लिखी है। इनकी गिऱफ्तारी के लिए टीमें लगा दी गई है। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।  लड़कियों को बेचने की भी चल रही थी तैयारी  पुलिस को आशंका है कि कई और लड़कियों को भी बंधक बनाकर रखा गया है। लड़कियों को फंसाकर उन्हें अलग-अलग घरों में रखा जाता है और फिर उनसे देह व्यापार कराया जाता है। कई युवतियों को बेचने की भी तैयारी चल रही थी। फिलहाल, पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश करने में जुटी है। 

मोतिहारी में गोलियों की तड़तड़ाहट, वर्चस्व की लड़ाई में दो की गई जान

मोतिहारी बिहार के मोतिहारी में गुरुवार की देर रात वर्चस्व की लड़ाई में दो गुटों द्वारा ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गई। वहीं इस फायरिंग की घटना में दो लोगों की मौत हो गई। सनसनीखेज वारदात से पूरा इलाका दहल उठा। मिली जानकारी के अनुसार, घटना संग्रामपुर थाना क्षेत्र में दरियापुर मठ के पास हुई है। मृतकों की पहचान धनंजय गिरी और गुड्डू यादव के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि गुरूवार देर रात सनोवर खान ने धनंजय गिरी और गुड्डू यादव को जानबूझकर फोन कर किसी बहाने से बुलाया था। सनोवर खान के बुलाने पर दोनों युवक बाइक पर सवार होकर उसे मिलने पहुंच गए।  बताया जा रहा है कि सनोवर खान पहले से ही दोनों की हत्या करने की फिराक में बैठा था, जैसे ही धनंजय गिरी और गुड्डू यादव  वहां पहुंचे तो सनोवर खान ने दोनों को गोलियों से भून दिया। वहीं दोनों की मौत हो गई। वारदात को अंजाम दे सनोवर खान फरार हो गया। दोनों मृतकों पर कई आपराधिक मामले दर्ज थे। बताया जा रहा है कि धनंजय गिरी हत्या के मामले में कुछ समय पहले ही  जमानत पर रिहा होकर आया था। सनोवर खान का भी आपराधिक इतिहास है, उस पर 25,000 का इनाम घोषित है। इधर घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। फिलहाल पुलिस सनोवर खान की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी  कर रही है।

मुख्यमंत्री साय का जापान प्रवास: छत्तीसगढ़ के लिए तकनीक, व्यापार और संस्कृति के नए आयाम

वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री साय का जापान दौरा बना तकनीकी और औद्योगिक सहयोग का सेतु रायपुर, ओसाका वर्ल्ड एक्सपो में छत्तीसगढ़ की भागीदारी से पूर्व मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय ने 22 अगस्त को टोक्यो प्रवास की शुरुआत आध्यात्मिकता, तकनीक और व्यापार कूटनीति के संगम के साथ की। टोक्यो पहुंचते ही मुख्यमंत्री   साय ने ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर के दर्शन किए। यह टोक्यो का सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिर है, जो शांति और सामर्थ्य का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की खुशहाली, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। उन्होंने कहा कि यह मंदिर जिस प्रकार शांति और शक्ति का संदेश देता है, उसी प्रकार छत्तीसगढ़ की जनता भी छत्तीसगढ़ शांति, सामर्थ्य और समृद्धि से परिपूर्ण राज्य के रूप में सतत विकास की ओर अग्रसर राज्य बने, यह आकांक्षा करती है। सूचना प्रौद्योगिकी में नवाचार की दिशा में कदम मुख्यमंत्री  साय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एनटीटी लिमिटेड (NTT Ltd.) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री कायो इतो से मुलाकात की। एनटीटी विश्व की शीर्ष आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल समाधान कंपनियों में से एक है, जिसकी वार्षिक आय 90 अरब अमेरिकी डॉलर है और जो 50 से अधिक देशों में कार्यरत है। इस बैठक में छत्तीसगढ़ में तकनीक आधारित निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने राज्य में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर जोर दिया। एनटीटी विश्वभर में क्लाउड कम्प्यूटिंग और साइबर सुरक्षा सहित अत्याधुनिक आईटी समाधान प्रदान कर रही है और डिजिटल परिवर्तन की अग्रणी शक्ति बनी हुई है। सांस्कृतिक रिश्तों और व्यापारिक साझेदारी को मजबूती शाम को भारत के जापान में राजदूत सिबी जॉर्ज द्वारा आयोजित औपचारिक रात्रिभोज में मुख्यमंत्री साय और प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया। इस अवसर पर हुई चर्चा में इंडो-पैसिफिक देशों को उद्योग और व्यापार के माध्यम से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया गया। इसमें आर्थिक स्थिरता, व्यापारिक सुरक्षा, पारिस्थितिकीय संतुलन और औद्योगिक वृद्धि की अहम भूमिका को रेखांकित किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जापान की उन्नत तकनीक और भारत के कुशल जनशक्ति के संयोजन से व्यापक औद्योगिक सहयोग की संभावनाएँ हैं। उन्होंने सांस्कृतिक संबंधों को प्रोत्साहित करने और छत्तीसगढ़ को जापानी पर्यटकों के लिए आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने पर भी जोर दिया। वैश्विक सेतु निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मुख्यमंत्री साय और उनके प्रतिनिधिमंडल का यह पहला दिन उपलब्धियों से परिपूर्ण  रहा। इसमें व्यापार, तकनीक और कूटनीति से जुड़े अहम अवसरों की खोज की गई। इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ को तीव्र औद्योगिक विकास, डिजिटल नवाचार और वैश्विक साझेदारी के एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए।

श्रावस्ती में बंद मदरसों को खोलने का आदेश, मुस्लिम पक्ष को मिली न्यायालय से राहत

लखनऊ इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने बृहस्पतिवार को श्रावस्ती जिले के ढाई दर्जन से अधिक मदरसों को बंद करने के लिए जारी किए गए नोटिस को रद्द कर दिया। हालांकि, पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को कानून के अनुसार नये नोटिस जारी करने की छूट प्रदान की। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की पीठ ने मदरसा मोइनुल इस्लाम क़समिया समिति और अन्य मदरसों द्वारा अलग-अलग दायर की गयी रिट याचिकाओं का निपटारा करते हुए यह फैसला सुनाया। मदरसों को बंद करने से पहले कोई नोटिस नहीं दिया पीठ ने इससे पहले पांच जून, 2025 को इन नोटिसों पर रोक लगाते हुए अंतरिम आदेश पारित किया था। आदेश पारित करते हुए, पीठ ने याचिकाकर्ताओं की इस दलील पर विचार किया कि मदरसों को बंद करने का निर्देश देने से पहले उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया था। पीठ के समक्ष यह भी रखा गया कि नोटिस बिना सोचे-समझे जारी किए गए थे क्योंकि सभी नोटिसों में एक ही नंबर था। कार्रवाई पूरी तरह से अवैध और दुर्भावनापूर्ण है याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी, ‘‘राज्य प्रशासन ने मदरसों को अपनी बात रखने का कोई अवसर दिए बिना ही उनके खिलाफ कार्रवाई की है और इसलिए राज्य की यह कार्रवाई पूरी तरह से अवैध और दुर्भावनापूर्ण है।'' इन दलीलों का विरोध करते हुए, राज्य सरकार ने कहा कि यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश गैर-सरकारी अरबी और फ़ारसी मदरसा मान्यता, प्रशासन और सेवा नियमावली, 2016 के तहत की गई थी और राज्य की कार्रवाई में कोई अवैध बातें नहीं थीं राज्य सरकार चाहे तो नया आदेश पारित कर सकती है उच्च न्यायालय ने माना कि नोटिस त्रुटिपूर्ण थे और मदरसों के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया था। इसी के साथ पीठ ने नोटिस को रद्द कर दिया और राज्य सरकार को, यदि वह चाहे तो, नया आदेश पारित करने की छूट दी।   

जांच के लिए आई IAS अफसर को सेंटर में रोका, CCTV फुटेज से उजागर हुआ अनुचित व्यवहार

अकबरपुर जिले के अकबरपुर क्षेत्र में स्थित अथर्व स्कैन एंड लैब प्राइवेट लिमिटेड पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें एसडीएम व जॉइंट मजिस्ट्रेट प्रतीक्षा सिंह और स्वास्थ्य विभाग की टीम शामिल रही। जांच की भनक लगते ही वहां अफरातफरी बता दें कि जांच के दौरान सेंटर पर अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड सेवाएं संचालित होने की पुष्टि हुई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस चिकित्सक द्वारा जांच की जा रही थी, उसका पीएनडीटी एक्ट के तहत कोई पंजीकरण नहीं है। मौके पर मौजूद टीम ने बताया कि जांच की भनक लगते ही वहां अफरातफरी मच गई और कर्मचारी इधर-उधर भागने लगे। वहीं दूसरी ओर, आईएएस अधिकारी प्रतीक्षा सिंह करीब दो घंटे तक सेंटर पर मौजूद रहीं, लेकिन प्रबंधन की ओर से किसी प्रकार का सहयोग नहीं किया गया। बिना रजिस्ट्रेशन चल रही थी जांच प्रबंधन की दबंगई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टीम की मौजूदगी में ही सीसीटीवी फुटेज के साथ छेड़छाड़ की गई। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि सेंटर के जिस डॉक्टर के नाम पर पंजीकरण था, उसने दो दिन पहले ही इस्तीफा दे दिया था। जॉइंट मजिस्ट्रेट प्रतीक्षा सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह सेंटर बिना पंजीकृत डॉक्टर के अल्ट्रासाउंड संचालन कर रहा था, जो कानून का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी और आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम में अकबरपुर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. नूर अहमद भी मौजूद रहे। प्रशासन ने सेंटर की अल्ट्रासाउंड मशीन को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है।  

ठगी का नया जाल: शराब भट्टी खुलवाने का लालच देकर हिस्ट्रीशीटर ने ठगे लोग

दुर्ग भिलाई में निगरानीशुदा बदमाश का नया कारनामा सामने आया है। उसने लोगों से लाखों रुपए की ठगी की है। चरोदा बस्ती निवासी भवानी शंकर तिवारी ने लोगों को उनके भवन में शराब भट्ठी खुलवाने के नाम पर पैसे लेकर न सिर्फ उनसे ठगी की बल्कि इसके लिए उसने फर्जी आबाकरी अधिकारी भी बनाया। अब जाकर लोगों ने पुरानी भिलाई थाना में बदमाश भवानी सिंह के खिलाफ अपराध दर्ज कराया है। दरअलस भवानी सिंह पर पहले से ही चाकूबाजी, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं के करीब एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। अब एक नई ठगी के मामले में आरोपी बना है। भवानी ने एक महिला को आबकारी विभाग का अधिकारी बताकर गांव-गांव में शराब भट्टी खुलवाने का झांसा दिया। किसानों और ग्रामीणों को झांसे में फंसाकर उनसे लाखों की रकम वसूली और फरार हो गया। अब तक सामने आए मामलों के मुताबिक, 10 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई है। 5 पीड़ितों ने थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस की माने तो इस ठगी में भवानी के साथ उसका साथी अपराधी फरीद भी शामिल था। फरीद को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन भवानी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।

कश्‍मीर के लग्‍जरी शिकारे का मजा कैमूर में! लोगों को जल्‍द मिलेगी ‘सुकून डेस्टिनेशन’ की सौगात

10-12 झरनों और हरियाली के बीच हाउसबोट की सैर! करमचट डैम बनेगा नया आकर्षण पटना/कैमूर, वो लोग जो शिकारे पर सफर के लिए कश्‍मीर जाने की इच्‍छा दिल में दबाए बैठे हैं। उनकी ये दिली हसरत बिहार में पूरी होने वाली है। वो भी उनके मन लायक मौसम में! यहां न तो बहुत ठंड होगी और न ही दूर से आने की थकान। कैमूर जिले के दुर्गावती जलाशय का करमचट डैम अब पर्यटन के नक्शे पर उभरने वाला है। यहां पहली बार आधुनिक सुविधाओं से लैस हाउसबोट सेवा शुरू होने वाली है। यह हाउसबोट डैम में पहुंच भी चुके हैं। इसका उद्घाटन 24 अगस्त को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. सुनील कुमार करेंगे। लेकिन लंबे ट्रायल के बाद इसे आम लोगों के लिए खोला जाएगा। ऐसा दिखेगा नजारा इस करमचट डैम पर हाउसबोट पर यात्रा करने वालों को प्राकृतिक की जबरदस्‍त सुंदरता का अनुभव होने वाला है। हाउसबोट के सफर के रास्‍ते में उन्‍हें 10 – 12 झरने दिखेंगे। इसके अलावा डैम के चारों ओर फैली हरियाली इस रोमांचित करेन वाले सफर को और खास बनाएगी। लहरों पर यह सफर सुकून का नया ठिकाना होगा। यह जगह पर्यटकों के लिए सूकून के डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगी। जहां लोग पानी की लहरों पर रोमांचित करने वाली सुकून भरी शाम बिताने पहुंचेंगे। हाउसबोट की खासियत अभी इस हाउसबोट का ट्रायल चल रहा है। जिसे अच्‍छी तरह से टेस्‍ट करने और सभी सुविधाओं से लैस कर आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इस हाउसबोट होटल वाली तमाम सुविधा होंगी। बोट एसी कमरे, आधुनिक बाथरूम और किचन से लैस होंगे। जिस पर 8 से 10 लोगों के लिए आरामदायक सुविधा होगी। जहां लोग पानी की लहरों पर हरी भरी प्राकृतिक वादियों के बीच खाने पीने के साथ सुकून का वक्‍त बिता पाएंगे। 10 -12 झरनों से घिरा होगा रोमांचित नजारा : सीएफ इकोटूरिज्म सीएफ इकोटूरिज्म सत्यजीत कुमार ने बताया कि 24 अगस्‍त को इसका उद्घाटन कर दिया जाएगा। फिलहाल ये हाउसबोट ट्रायल के चरण में हैं। हाउसबोट पर सभी तरह की सुविधाएं मुहैया कराने और सुरक्षा मानकों के टेस्टिंग के पूरे होने के बाद इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। पर्यटन और रोजगार, दोनों को मिलेगा सहारा हाउसबोट सेवा से इस इलाके में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। कैमूर ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों से समृद्ध है। नई सुविधा से यहां आने वाले सैलानियों की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेंगे। होटल, रेस्टोरेंट, गाइड, परिवहन और हस्तशिल्प जैसे व्यवसायों को भी रफ्तार मिलेगी। करमचट डैम अब केवल पिकनिक और प्राकृतिक नजारों का ही ठिकाना नहीं रहेगा, बल्कि यह बिहार के पर्यटन मानचित्र पर एक रोमांचक और लग्जरी अनुभव के रूप में अपनी पहचान बनाएगा।

नीतीश कुमार का बड़ा ऐलान, 50,000 लोगों को मिलेगा रोजगार

बोधगया बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को बोधगया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के साथ मंच साझा करते हुए युवाओं और जन कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। गया जी में जनसभा को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की कि बिहार में एनडीए सरकार बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को मिलेगी नौकरी नीतीश कुमार ने कहा, चुनाव से पहले, हम 50,000 और लोगों को नौकरी और रोजगार प्रदान करेंगे। अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोज़गार दिया जाएगा। हमने हमेशा रोज़गार के लिए काम किया है जबकि अन्य (राजद) ने कुछ नहीं किया। हाल के फैसलों पर प्रकाश डालते हुए, मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन 400 रुपये से बढ़ाकर 1,100 रुपये प्रति माह कर दी गई है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों- महिलाओं, अल्पसंख्यकों और गरीबों के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा, "पहले बिहार की स्थिति बहुत खराब थी। किसी ने महिलाओं या मुसलमानों के लिए काम नहीं किया था। लेकिन हमने सबके लिए काम किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के लिए बहुत काम किया मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने याद दिलाया कि 2018 तक हर घर में बिजली पहुंच गई थी। उन्होंने आगे कहा कि बिहारवासियों को प्रति माह 125 यूनिट बिजली पहले ही मुफ्त दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए गया का नाम बदलकर गया जी करने, फल्गु नदी पर रबर डैम और पुल का निर्माण, और बोधगया में एक गेस्ट हाउस और अन्य सुविधाओं के विकास सहित अन्य उपलब्धियों का जिक्र किया मुख्यमंत्री ने केंद्र की एनडीए सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस साल के केंद्रीय बजट में बिहार को एक विशेष पैकेज मिला है और राज्य ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स की मेजबानी की है। उन्होंने कहा, "बिहार को केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के लिए बहुत काम किया है।"  

गोयनका समुदाय को समर्थन, उद्योग जगत को आमंत्रित किया मुख्यमंत्री ने

फतेहपुर  राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने देश के  गोयनका समुदाय के चोटी के उद्यमियों को राजस्थान में निवेश के लिए आमन्त्रित किया है। आज फतेहपुर शेखावाटी में गोयनका समुदाय के वार्षिक 'गोयनका संगम' को वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस समय राज्य में ऊर्जा, पर्यटन सौर ऊर्जा, खनन और इन्फ्रास्ट्र्रक्चर विकास में  निवेश की असीम संभावनाएं हैं और राज्य सरकार औद्योगिक विकास में गोयनका समुदाय के उद्योगपतियों की सक्रिय हिस्सेदारी सुनिश्चित करना चाहती है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि नई सरकार ने पारदर्शिता और ईमानदारी  से कार्य करते हुए प्रदेश में अनुकूल औद्योगिक माहौल तैयार किया है तथा राज्य सरकार औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए कृत संकल्प है। उन्होंने कहा की सरकार औद्योगिक निवेश की निरंतरता बनाये रखने के लिए कृत संकल्प है ताकि प्रदेश की जी.डी.पी. को बढ़ाया जा सके तथा युवाओं को उनके नजदीकी स्थानों पर आकर्षक रोगजार के अवसर मिल सकें। उन्होंने श्री शक्ति गोयनका ट्रस्ट द्वारा राजस्थान में सामाजिक क्षेत्रों में किये गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए उनकी सराहना की और उन्हें समाज सेवा के अतिरिकत दूसरे क्षेत्रों में भी सकारत्मक हिस्सेदारी करने की अपील की। इस सम्मान समारोह की अध्यक्षता करते हुए राजस्थान विधान सभा के स्पीकर बासुदेव जी देवनानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के टैरिफ से निपटने के लिए स्वदेशी अपनाने का मूल मन्त्र दिया।  बासुदेव जी  देवनानी ने कहा कि हर भारतीय अगर स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करेगा तो अमेरिकी टैरिफ का भारतीय अर्थ व्यवस्था पर कतई असर नहीं होगा और इसके लिए उन्होंने सभी को एकजुट होने की अपील की ताकि भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत रखा जाये और भारत को विकसित देशो की श्रेणी में खड़ा किया जा सकें।  वासुदेव देवनानी ने कहा की प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी की गतिशील नीतियों के वजह से बर्ष 2014 में 11वें स्थान से आज भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है जोकि उनके कुशल नेतृत्व का जीता जागता उदहारण है। उन्होंने इस सम्मान समारोह में पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने गोयनका समुदाय के बजुर्गो द्वारा स्थापित उच्च मूल्यों को आगे बढ़ाया है जिसके लिए वह बधाई के पात्र हैं।   उन्होंने कहा कि गोयनका समुदाय ने भारत के अलावा दुबई, जापान, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका जैसे देशो में व्यापार के साथ-साथ भारतीय सांस्कृति का परचम लहराया है जोकि दूसरे समुदाय के लिए  प्रेरणा का स्त्रोत है। उन्होंने कहा की समाज की प्रगति ऊंची गगन चुम्बी इमारतों से नहीं बल्कि मानवीय मूल्यों से आंकी जाती है। उन्होंने गोयनका समुदाय को व्यापार के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्रों में अपनी भागीदारी बढ़ाने का आग्रह किया ताकि वह मातृभूमि के ऋण को चुकता कर सकें। उन्होंने कहा कि जब शुरू में यह कहा गया था की 21वीं शताब्दी भारत की होगी तो उन्हें कुछ संशय था लेकिन वर्ष 2014 में नरेन्द्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद यह अहसास हो गया कि यह सपना साकार होने जा रहा  है। इससे पहले  विधानसभा के स्पीकर वासुदेव जी देवनानी का गोयनका मन्दिर में पहुंचने पर ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी सुशील गोयनका, अवार्ड समिति के अध्यक्ष अरुण गोयनका  और सभी ट्रस्टियों ने उनका फूलमालाओं से पूरी गर्म जोशी से स्वागत किया।  उन्होंने  दादी जी के मन्दिर में पूजा अर्चना की और श्रद्धा सुमन अर्पित किये। इस अवसर पर मात्र ढाई साल की उम्र में ही हेयांश गोयनका ने भारत के मानचित्र में राज्य चिन्हित करने और उसकी राजधानी बताने के लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करने के लिए उसकी प्रसंशा की गई  है। 4 साल की उम्र से ही वह कई श्लोक, मंत्र, आरती और पौराणिक कथाओं का कंठस्त उच्चारण करते हैं। वे सार्वजनिक रूप से भारी भीड़ के सामने पौराणिक कथाएं सुनते  हैं और उन्होंने विधान सभा स्पीकर के सामने भी मंत्रोच्चारण किया।  इस अवसर पर बोलते हुए श्री शक्ति ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी सुशील गोयनका ने फतेहपुर शेखावाटी में सड़कों और अन्य ढांचागत सुविधाओं को सुदृड़ करने की आवश्यकता पर बल दिया और इसमें ट्रस्ट की सक्रिय हिस्सेदारी का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर गिरधारी लाल गोयनका ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। 5 दिन तक चलने वाले इस उत्सव में पूज्य भूपेंद्र भाई पंड्या जी ने हनुमान कथा का उच्चारण किया। इसके अलावा अनेक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गए जिसमे  युवाओं की सक्रिय हिस्सेदारी सुनिश्चित की गई ताकि वह अपनी जड़ों से जुड़े रहें और उनका राजस्थानी संस्कृति से कनेक्ट रखा जा सके। इस दौरान गोयनका समुदाय की कुल देवी दादी जी के मन्दिर में रोज भजन संध्या का आयोजन किया गया ।