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उज्जैन की सड़कों पर ‘लव जिहाद’ के खिलाफ जबरदस्त हल्ला बोल

उज्जैन मध्य प्रदेश में 'लव जिहाद' की बढ़ती घटनाओं को लेकर हिंदू पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें हजारों हिंदू परिवार शामिल हुए। ऐसी घटनाओं के खिलाफ पूरे शहर में रैली निकाली गई। पंचायत द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर जिहादी समर्थक समाज का आर्थिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान भारी संख्या में महिलाएं भी सड़क पर उतरीं। हिंदू समाज द्वारा खाचरोद नगर बंद का आह्वान किया गया। उज्जैन जिले के खाचरोद नागदा ओर आसपास के ग्रामीण क्षेत्र सहित मध्य प्रदेश में 'लव जिहाद'के बढ़ते मामले को देखते हुए गुरुवार को हिंदू पंचायत का आयोजन हुआ। इसमें हज़ारों की संख्या में महिलाएं, पुरुष सहित हिंदू जागरण मंच के लोगों के साथ साधु संत और हिंदू संगठनों के लोग शामिल हुए। इस दौरान सकल हिंदू समाज के लोगों ने एकत्रित होकर रैली निकाली। रैली उज्जैन गेट से शुक्रवारिया बाजार तक निकाली गई। इस दौरान खाचरोद का पूरा मार्केट बंद रहा। पंचायत द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर जिहादी समर्थक समाज का आर्थिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों के साथ उज्जैन जिले के कई ग्रामीण क्षेत्र तराना,घटिया ओर खाचरोद में हाल ही में 'लव जिहाद' की घटनाएं बढ़ी हैं। खाचरोद में आयोजित पंचायत में साधु संत, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के साथ संपूर्ण हिंदू समाज के लोग एकत्र हुए थे। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता आनंद गिरि महाराज, नरेंद्र गिरी महाराज, हिंदू जागरण मंच के प्रांत संगठक मोहित सेंगर, हिंदू जागरण मंच के प्राण संयोजक नेपाल सिंह डोडिया थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में हिंदू जागरण वंश के प्रांत संयोजक भेरुलाल जी टाक, विश्व हिंदू परिषद के मोहन सिंह जी राठौड़ थे। हिंदू जागरण मंच मालवा प्रांत के संगठन मंत्री मोहित सेंगर ने बताया कि बताया कि देशभर में हिंदू लड़कियों को झूठे जाल में फंसाकर अपनी जनसंख्या बढ़ाकर जनसख्या असंतुलित करने वाले विधर्मी खाचरोद में लगातार घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। इसमें शादीशुदा लड़कियों को भी जाल में फंसाया गया। इसके बाद थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया गया था। हिन्दुओं को जाग्रत करने के लिए रैली का आयोजन किया गया। लड़कियों की सुरक्षित कर घर-घर सन्देश देने देने के लिए विशाल संख्या में लोग जुटे थे।

विजयवर्गीय का बयान – बेटियों पर विधर्मियों की बुरी नजर, सावधान रहने की जरूरत

 इंदौर इंदौर में हिन्दू त्यौहारों पर बन रही आपत्तिजनक रील को लेकर संतो ने चेतावनी दी है। महामंडलेश्वर रामदास महाराज ने हिंदू बहन बेटियों को सिर्फ हिंदुओं को ही राखी बांधने की अपील की है।  हिंदू त्योहारों पर बन रही आपत्तिजनक रील को लेकर साधु संतों ने चेतावनी दी है। महामंडलेश्वर संत रामदास महाराज ने कहा कि- संत समाज इस तरह की रील को लेकर रोष में है। हिंदू बहन बेटियों को कहना चाहूंगा कि सिर्फ हिंदुओं को ही राखी बांधे। मूला मौलवी या मुसलमान के घर जाकर या उन्हें अपने घर बुलाकर राखी मत बांधना। यह आपसे राखी बंधवाते हैं और फिर घात लगाकर आपसे और आपके परिवार से लव जिहाद करते हैं। दंड नहीं मिलेगा तो ये उदण्ड होकर काम करेंगे कहा- हर पवित्र त्यौहार पर इस तरह की रील बनाकर सनातन को बदनाम किया जा रहा है। पूजा की थाली में मदिरा की बोतल रख कर रील बनाने वालो का समाज से बहिष्कार होना चाहिए। सरकार को ऐसे लोगों की रील पर प्रतिबंधित लगाकर केस दर्ज किया जाना चाहिए। किसी को दंड नहीं मिलेगा तो ये उदण्ड होकर काम करेंगे। सरकार को चिन्हित कर कार्रवाई करना चाहिए महामंडलेश्वर रामदास महाराज ने हिन्दू त्यौहारों पर बन रही आपत्तिजनक रील को लेकर कहा कि हर पवित्र त्योहार पर इस तरह की रील बनाकर सनातन को बदनाम किया जा रहा है। पूजा की थाली में मदिरा की बोतल रख कर रील बनाने वालों का समाज से बहिष्कार होना चाहिए। सरकार को ऐसे लोगों की रील पर प्रतिबंधित लगाकर केस दर्ज करना चाहिए। किसी को दंड नहीं मिलेगा तो ये उदण्ड होकर काम करेंगे। ईद पर जब भूमि रक्त रंजीत किया जाता है, तब इस प्रकार के कोई सपेले बाहर आकर ज्ञान नहीं देते है। सनातन को बदनाम करने के लिए मौलवियों के द्वारा इस तरह देश विदेश में फंडिंग की जाती है ताकि सनातन को बदनाम किया जा सके। केंद्र सरकार को इन्हे चिह्नित करके सोशल मीडिया और बैंक अकाउंट पर नजर रख इन्हे दण्डित किया जाए। राखी पर बहन ने भाई को दी शराब, वीडियो वायरल इंदौर में सोशल मीडिया पर रक्षाबंधन त्यौहार का मजाक उड़ाए जाने का मामला गुरुवार को सामने आया था। इंदौर के युवक-युवती की एक रील सोशल मीडिया पर सामने आई थी। जिसमें बहन भाई को राखी बांधने के बाद शराब की बोतल देते दिखाई दे रही है। इस रील को लेकर हिंदू संगठनों ने विरोध जताया था और पुलिस से मांग की थी कि रील बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। बजरंग दल का कहना है कि भारतीय त्यौहारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जो रील वायरल हुई है उसमें बहन अपने भाई को राखी बांधने के लिए आती दिखती है जिसके हाथ में पूजा की थाली होती है और उसमें शराब की बोतल रखी है। वो भाई को टीका लगाती है और शराब की बोतल रखी थाली से आरती उतारती है और इसके बाद राखी बांधती है और फिर भाई को शराब पिलाती है। हिंदू संगठनों ने दी चेतावनी वायरल वीडियो को लेकर हिंदू संगठनों ने विरोध जताया था। बजरंग दल का कहना था कि अगर हिंदू संस्कृति के साथ छेड़छाड़ की तो जवाब देंगे। वहीं हिंदू जागरण मंच के समरसता विभाग के संयोजक तन्नू शर्मा ने कहा कि हिंदू समाज के त्यौहार आते ही कुछ विशेष लोग कई त्यौहारों को लेकर गलत जानकारी वायरल करने लगते हैं। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। सपेले बाहर आकर ज्ञान नहीं देते ईद पर जब भूमि रक्त रंजीत किया जाता है, तब इस प्रकार के कोई सपेले बाहर आकर ज्ञान नहीं देते है। सनातन को बदनाम करने के लिए मौलवियों के द्वारा इस तरह देश विदेश में फंडिंग की जाती है ताकि सनातन को बदनाम किया जा सके। केंद्र सरकारों को इन्हे चिन्हित करके सोशल मीडिया और बैंक अकाउंट पर नजर रख इन्हे दण्डित किया जाए। धर्मांतरण के लिए विदेशों से फंड आ रहा केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का भी बड़ा बयान सामने आया है। कहा- हिंदू बेटियों पर विधर्मियों की बुरी नजर है। धर्मांतरण के लिए विदेशों से फंड आ रहा है। रक्षाबंधन कार्यक्रम में मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि- बच्चों को अच्छे संस्कार देने की जरूरत है। इंदौर में भी धर्मांतरण का बड़ा गिरोह पकड़ाया है। गिरोह को हिंदू लड़कियों से शादी के लिए लाखों रुपए मिल रहे है। ऐसे गिरोह पर हमारी सरकार शिकंजा कस रही है। हम तो मुस्लिम बेटियों को भी देवी ही मानते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी भेजकर महिला केन्द्रित योजनाओं के लिए बहनों ने माना आभार

बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री निवास पहुंची राखियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राखी बंधवाकर की बहनों के सुखद-स्वस्थ जीवन की कामना बहनों के हर सुख-दु:ख में साथ है राज्य सरकार- मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी भेजकर महिला केन्द्रित योजनाओं के लिए बहनों ने माना आभार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रदेश की बहनों ने बड़ी संख्या में डाक से राखियां और स्नेहिल पत्र भेजे। लगभग पांच हजार पत्रों व राखियों में से प्रतीक स्वरूप राखियां सुयशा पटेल, सुशिवा बाथरी, सुदीपल रघुवंशी और सुप्राची पंवार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को तिलक कर उनकी कलाई पर बांधी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों को नेग प्रदान कर उनके सुखद-स्वस्थ जीवन की कामना की। इस अवसर पर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल उपस्थित थे। यह आत्मीय आयोजन मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुआ। इस अवसर पर प्राप्त पत्रों में बहनों ने लाड़ली बहना योजना सहित महिला सशक्तिकरण और उनके कल्याण के लिए संचालित योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना है। पत्रों में बहनों ने अपने स्नेहिल भाव को अभिव्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों को दिए संदेश में कहा कि राज्य सरकार परिवार की तरह बहनों के हर सुख-दुख में उनके साथ है। प्रदेश की बहनों को प्रगति के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पर्व और त्यौहार संस्कृति और संस्कार का आधार हैं, रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बहनों की ओर से आए आत्मीयता से परिपूर्ण पत्र प्राप्त कर मैं अभिभूत हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राखियां भेजने के लिए बहनों का आभार माना।  

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने हर घर तिरंगा अभियान 2025 को व्यापक जन-आंदोलन बनाने का संदेश दिया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश अपनी स्वतंत्रता के 'अमृत काल' में प्रवेश कर रहा है। अमृत काल में 'हर घर तिरंगा' अभियान 2025, राष्ट्रीय ध्वज को हर भारतीय के घर तक पहुंचाने वाला एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन है। यह हमारी साझा पहचान, स्वतंत्रता और एकता का एक भव्य उत्सव है, जो तिरंगे की भावना से ओत-प्रोत है। यह केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि हमारे राष्ट्र के सामूहिक गौरव और आकांक्षाओं का जीवंत प्रतिनिधित्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से 'हर घर तिरंगा' अभियान 2025 में पूरे उत्साह, गर्व और देशभक्ति की भावना के साथ बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। यह अभियान 2 अगस्त से शुरू हुआ है जो 15 अगस्त 2025 तक चलेगा। यह देश की स्वतंत्रता और एकता का एक राष्ट्रव्यापी उत्सव है, जो हमारे गौरवशाली राष्ट्रीय ध्वज, तिरंगे की भावना से ओत-प्रोत है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में 'आजादी का अमृत महोत्सव' के अहम भाग के रूप में शुरू हुआ। यह अभियान अब एक शक्तिशाली जन आंदोलन बन चुका है, जिसमें पूरे भारत और दुनिया भर के भारतीय ले रहे हैं। इसका लक्ष्य प्रत्येक नागरिक में देशभक्ति की भावना को जागृत करना और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान को प्रगाढ़ करना है। तिरंगा, एक अद्वितीय और सार्वभौमिक रूप से मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में, एक शक्तिशाली एकीकृत शक्ति के रूप में कार्य करता है। यह अभियान प्रभावी ढंग से देशवासियों में अपनेपन की सामूहिक भावना को बढ़ावा देगा। 'हर घर तिरंगा' अभियान के इस वर्ष के 3 शक्तिशाली चरण इस वर्ष 'हर घर तिरंगा' अभियान 2 अगस्त से शुरू होकर तीन शक्तिशाली चरणों में चलेगा, जिसमें जागरूकता निर्माण और जन जुड़ाव पर जोर दिया जाएगा। इस वर्ष के अभियान का विषय स्वैच्छिक कार्यों, नागरिक गौरव, स्वच्छता अभियान और हमारे सशस्त्र बलों तथा पुलिस कर्मियों के प्रति कृतज्ञता पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है। यह झंडा फहराने से आगे बढ़कर सक्रिय नागरिकता को बढ़ावा देता है। अभियान में तिरंगा-प्रेरित कला, संगीत समारोह, प्रदर्शनियाँ, रैलियाँ, पुलिस कर्मियों और सैनिकों को राखियाँ और पत्र भेजना, क्विज़ और देशभक्ति फिल्मों की स्क्रीनिंग सहित कई प्रेरक कार्यक्रम और गतिविधियाँ शामिल हैं। अभियान के चरण और प्रमुख गतिविधियाँ अभियान में पहले चरण 8 अगस्त तक जागरूकता बढ़ाने और तिरंगे की भावना को जन-जन तक पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसमें विद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा पर केंद्रित रंगोली निर्माण, प्रमुख स्थानों पर तिरंगे के इतिहास और महत्व पर आधारित प्रदर्शनी, पुलिस कर्मियों और सैनिकों को राखियाँ और पत्र भेजना, शासकीय भवनों पर तिरंगा रौशनी से प्रकाशित करना आदि गतिविधियां हुईं। दूसरे चरण में 9 अगस्त से 12 अगस्त तक लोगों के बीच सामुदायिक जुड़ाव और सामूहिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें तिरंगा महोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम और तिरंगा रैलियाँ प्रमुख रूप से आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तिरंगा क्विज का आयोजन किया जाएगा। अंतिम और तीसरा चरण, 13 से 15 अगस्त तक, व्यक्तिगत स्तर पर देशभक्ति के प्रदर्शन पर केंद्रित रहेगा। इसमें घरों पर झंडा फहराना और तिरंगे के साथ सैल्फी अपलोड करना शामिल है। अभियान में भाग लेने के सरल तरीके 'हर घर तिरंगा' अभियान में भाग लेना सरल और सभी के लिए खुला है। प्रदेशवासी तीन मुख्य तरीकों से इस राष्ट्रीय आंदोलन का हिस्सा बन सकते हैं :      स्वयंसेवक बनें: harghartiranga.com पर पंजीकरण करें और तिरंगे का संदेश अपने परिवार, दोस्तों और समुदाय तक पहुंचाएं। दूसरों को सही ढंग से झंडा फहराने में मदद करें और तिरंगा सैल्फी साझा करने के लिए प्रोत्साहित करें।      राष्ट्रीय ध्वज फहराएं: अपने घर, दुकान, कार्यालय और अन्य स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज खरीदें और प्रदर्शित करें। ध्वज संहिता का पालन करें और दूसरों को भी प्रेरित करें।      तिरंगे के साथ सेल्फी अपलोड करें: राष्ट्रीय ध्वज के साथ अपनी सेल्फी क्लिक करें और इसे harghartiranga.com पर अपलोड करें। अपने पलों को ऑनलाइन #HarGharTiranga और #HarGharTiranga2025 का उपयोग करके साझा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा, हमारे देश की आत्मा, हमारे बलिदानों का प्रतीक और हमारी साझा आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि राष्ट्रीय पर्व में पूरे उत्साह और गौरव के साथ शामिल हों, अपने घरों पर तिरंगा फहराएं, स्वयंसेवक बनें, और तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी साझा कर इस ऐतिहासिक आंदोलन का हिस्सा बनें। हर तिरंगा, हर हाथ जो इसे उठाएगा, भारत के विचार को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारी सामूहिक देशभक्ति का प्रतीक है। आइए, हम सब मिलकर 'हर घर तिरंगा' अभियान को सफल बनाएं।  

रेस्टोरेंट में सूट-सलवार पहनने वाली महिला को नहीं दी एंट्री, मामला सरकार तक पहुंचा

नई दिल्ली सूट-सलवार में हैं तो रेस्टोरेंट में एंट्री नहीं मिलेगी! दिल्ली में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक कपल का आरोप है कि सूट-सलवार और पैंट टीशर्ट में होने की वजह से उन्हें पीतमपुरा के एक रेस्टोरेंट में घुसने से रोक दिया गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद दिल्ली सरकार ने घटना का संज्ञान लिया और जांच का आदेश दिया है। दिल्ली के कानून और संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा ने एक्स पर कहा कि यह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने घटना की जांच का आदेश दिया है। उन्होंने कहा, 'दिल्ली में यह अस्वीकार्य है। पीतमपुरा के एक रेस्टोरेंट में भारतीय परिधानों पर रोक का वीडियो सामने आया है। यह अस्वीकार्य है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी ने घटना का गंभीरता से संज्ञान लिया है। अधिकारियों को इस घटना की जांच और तुरंत कार्यवाही का निर्देश दिया गया है।' एक्स पर वायरल हो रहे वीडियो में एक कपल रेस्टोरेंट के बाहर खड़े होकर बता रहा है कि 3 अगस्त को उनके साथ यह घटना हुई थी। कपल का कहना है कि उनके कपड़ों की वजह से उन्हें रेस्टोरेंट में जाने नहीं दिया गया और अपमानित किया गया। उन्होंने दावा किया कि रेस्टोरेंट में सिर्फ छोटे कपड़े पहने लोगों को प्रवेश दिया जा रहा था और उनसे कहा गया कि एथनिक ड्रेस में जाने की अनुमति नहीं है। रेस्टोरेंट के बाहर जब कपल यह आरोप लगा रहा था तो कोई शख्स इसका वीडियो बनाते हुए कहता है इस तरह के रेस्टोरेंट पर रोक लगनी चाहिए जहां सिर्फ छोटे कपड़ों में जाने की अनुमति दी जाती है। वीडियो में सवाल उठाया गया है कि राष्ट्रपति और दिल्ली की मुख्यमंत्री अभी महिला हैं, क्या वो आएंगी तो उन्हें एंट्री नहीं दी जाएगी।

कन्हैयालाल की याद में थिएटर में खाली सीट, बेटे की अपील ने छू लिया दिल

उदयपुर कन्हैयालाल टेलर हत्याकांड पर आधारित फिल्म उदयपुर फाइल्स आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म की रिलीज के मौके पर कन्हैयालाल के बेटे यश साहू ने भावुक अपील करते हुए कहा कि यह फिल्म सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि देश के लोगों के लिए एक संदेश है कि 28 जून को उनके पिता के साथ क्या हुआ और किस तरह देश में आतंकवाद की जड़ें किस तरह फैल रही हैं। यश साहू ने कहा कि मैं देश के लोगों से अपील करता हूं कि वे यह फिल्म जरूर देखें और सच्चाई जानें। यह फिल्म किसी भी धर्म का विरोध करने या किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं बनाई गई है, बल्कि इसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना और आतंकवाद के खतरनाक चेहरे को उजागर करना है। उन्होंने बताया कि फिल्म के विशेष प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और फिल्म को भरपूर समर्थन दिया। मेरी मां यह फिल्म नहीं देख पाएंगी लेकिन थिएटर में मेरे पिता की आत्मा के लिए एक सीट खाली रखी गई और उस पर उनका फोटो लगाया गया है ताकि उनकी मौजूदगी का अहसास बना रहे। यश ने आगे बताया कि इस फिल्म को बनाने और रिलीज करने में कई हिंदू संगठनों ने सहयोग दिया है। गौरतलब है कि कन्हैयालाल हत्याकांड 28 जून 2022 को उदयपुर में हुआ था, जब दो हमलावरों ने उनके दुकान में घुसकर बेरहमी से उनकी हत्या कर दी थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और इसके बाद पूरे देशभर में कड़ी निंदा हुई थी। जांच एजेंसियों ने इस मामले को आतंकी साजिश से जुड़ा मानते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उदयपुर फाइल्स फिल्म इसी घटना की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे कट्टरपंथी सोच के चलते निर्दोष लोगों की जानें जाती हैं और समाज में भय का माहौल फैलता है। फिल्म का उद्देश्य न केवल घटना की सच्चाई सामने लाना है, बल्कि लोगों को यह समझाना भी है कि आतंकवाद की जड़ें किस तरह पनपती हैं और उन्हें खत्म करने के लिए समाज को एकजुट होना कितना जरूरी है। थिएटर में कई लोगों ने उनके पिता की तस्वीर के सामने श्रद्धांजलि दी और उनके साहस को सलाम किया। यश ने कहा कि यह फिल्म मेरे पिता के न्याय की लड़ाई का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि उनके पिता की कुर्बानी बेकार नहीं जाएगी और इस फिल्म के जरिए उनका संदेश दूर-दूर तक पहुंचेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोग नफरत फैलाने वाली ताकतों को पहचानेंगे और देश में शांति और एकता को मजबूत करेंगे।  

कन्हैयालाल हत्या मामला: गहलोत का BJP पर सीधा निशाना, NIA जांच पर उठाए सवाल

 जयपुर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कन्हैयालाल हत्याकांड को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह हत्याकांड पूरे देश को झकझोर देने वाला था लेकिन तीन साल बीतने के बाद भी आरोपियों को सजा नहीं मिलना बेहद चिंताजनक है। गहलोत ने स्पष्ट किया कि वे फिल्म से जोड़कर बात नहीं कर रहे, बल्कि वास्तविक न्याय प्रक्रिया की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस दिन यह हत्याकांड हुआ था, हमारी सरकार ने कुछ ही घंटों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन उसी रात को केस एनआईए को सौंप दिया गया। एनआईए को यह केस दिए तीन साल हो चुके हैं लेकिन न कोई सजा हुई और न कोई ठोस प्रगति दिखाई दी। गहलोत ने जोर देकर कहा कि अगर यह केस राजस्थान पुलिस के पास रहता तो मात्र 6 से 8 महीने में आरोपियों को सजा हो जाती। इतना ही नहीं गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि कन्हैयालाल हत्याकांड के आरोपी भाजपा से जुड़े हुए हैं। मैं पहले दिन से कह रहा हूं कि आरोपी भाजपा के कार्यकर्ता हैं। यही वजह है कि भाजपा इस केस में निर्णय नहीं चाहती। उन्हें डर है कि अगर सजा हो गई तो यह बात सार्वजनिक हो जाएगी कि उनके कार्यकर्ता दोषी हैं।

प्रयागराज: बदमाशों का आतंक जारी, पूर्व पार्षद पर जानलेवा हमला

प्रयागराज उत्तर प्रदेश क प्रयागराज जिले में पूर्व पार्षद अशोक सोनकर को सरेआम गोली मारी दी गई। अज्ञात हमलावरों ने मार्निंग वॉक पर गए पूर्व पार्षद अशोक सोनकर को परेड मैदान में गोली मारी। गोली अशोक सोनकर के हाथ और पैर में लगी है। उन्हें आनन फानन में SRN हॉस्पिटल में एडमिट किया गया है। मॉर्निंग वॉक पर निकले थे पूर्व पार्षद यह पूरा मामला जिले के दारागंज थाना क्षेत्र का है। जहां, मॉर्निंग वॉक पर निकले पूर्व पार्षद अशोक कुमार सोनकर को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। बदमाश कई दिनों तक उनकी रेकी कर रहे थे। घटना के बाद बाइक सवार बदमाश भाग निकले। आस-पास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। इलाके में दहशत फैल गई बताया जा रहा है कि दिन दहाड़े हुई घटना से इलाके में दहशत फैल गई है। पुलिस ने किसी प्रकारी की लूट की बात को इंकार कर दिया है। डीसीपी अभिषेक भारती का कहना है कि प्रथम दृष्टया रंजिश में वारदात को अंजाम देने बात सामने आ रही है। फिलहाल मामले की जांच पड़ताल चल रही है। आस-पास लगे सारे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे है।

हर स्त्री और व्यक्ति बुरा नहीं – धीरेंद्र शास्त्री का संत प्रेमानंद विवाद पर बयान

छतरपुर स्त्री और पुरुषों को चरित्रवान बनने का उपदेश देने के बाद वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज ट्रोलर्स के निशाने पर हैं। कई लोग उनके विरोध में सोशल मीडिया पर कैंपेन चला रहे हैं। बागेश्वर धाम पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उनका समर्थन कर ट्रोल करने वालों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने यह तक कह दिया कि इस देश में सत्य बोलना बहुत कठिन है। ‘कुछ लोग डर-डर कर हिंदू-हिंदू चिल्लाते हैं’ पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, ‘कुछ लोगों को उनसे समस्या थी। जिससे उन्हें लगा कि वे उपद्रवी व्यक्ति हैं। उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि लोग अब तक डर-डर कर हिंदू-हिंदू चिल्लाते हैं। जबकि वे मंचों से खुलकर बोलते हैं। कुछ राजनेता जातियों के नाम पर राजनीति करते हैं। जबकि वे जातिवाद के खिलाफ और राष्ट्रवाद के पक्ष में हैं। इसलिए लोगों को बुरा लगता है।’ ‘माला के साथ भाला रखें’ पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा, ‘इस देश में हवस के पुजारी हैं तो हमने कहा हवस का मौलवी या पास्टर भी तो हो सकता। शायद इसलिए लोगों को बुरा लगता है। उन्होंने देश में माला के साथ भाला रखने की बात भी की जबकि लोग मंचों से गंगा-जमुनी की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि गंगा, यमुना और सरस्वती की त्रिवेणी क्यों नहीं हो सकती? शायद इसी वजह से उनका विरोध होता है और उन्हें गालियां मिलती हैं।’ ‘प्रेमानंद महाराज के विरोध से समझ आ गया, देश में सत्य बोलना कठिन है’ उन्होंने आगे कहा, ‘अगर कुछ लोग हमारे विरुद्ध षडयंत्र रचते हैं तो हमें लगा कि हममें ही दोष हैं। लेकिन जब लोगों ने बाबा प्रेमानंद जी का विरोध किया, तो यह स्पष्ट हो गया कि कुछ लोगों के पेट में समस्या है। महात्मा प्रेमानंद जी, जो उपदेशक और भजन प्रेमी हैं, उनका विरोध करना इस बात का प्रमाण है कि कई लोगों के पेट में आंतरिक समस्याएँ हैं। उस दिन के बाद मुझे यह भी लगा कि इस देश में सत्य बोलना बहुत कठिन है। यह भी सत्य है कि हर स्त्री और व्यक्ति बुरा नहीं होता और हर किसी का अपने समाज को देखने का तरीका होता है। हर मज़हब में सभी व्यक्ति बुरे नहीं होते, लेकिन कुछ तो होते हैं। भले ही बुरे लोगों की भीड़ हो, यदि उसमें एक भी सत्यवादी व्यक्ति पहुंच जाता है तो सबकी नज़र उसी पर जाएगी।’

नियमों की अनदेखी पर गिरी गाज: निगम आयुक्त ने सहायक ग्रेड-3 को निलंबित किया

दुर्ग नियम विरुद्ध अनुकंपा नियुक्ति के मामले में दुर्ग निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल की कार्रवाई जारी है. ताजा घटनाक्रम में सहायक ग्रेड 3 भूपेंद्र गोइर को निलंबित कर दिया है. एक्शन मोड में नजर आ रहे दुर्ग निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल ने भूपेंद्र गोइर को निलंबित करने से पहले सम्पत्ति कर वसूली में लापरवाही करने वाले राजस्व विभाग के 16 कर्मचारी-अधिकारी की सैलरी रोकने का आदेश दिया था. दरअसल, नगर निगम दुर्ग में वर्ष 2020 में हुई अनुकंपा नियुक्ति में फर्जीवाड़े की शिकायत पर जांच उपरांत कार्रवाई की जा रही है. इस कड़ी में दुर्ग निगम आयुक्त ने तत्कालीन निगम आयुक्त एसके सुंदरानी के खिलाफ कार्रवाई के लिए संचालक संचालनालय नगरीय प्रशासन व विकास विभाग को पत्र लिखा है. सुंदरानी वर्तमान में संयुक्त संचालक क्षेत्रीय कार्यालय नगरीय प्रशासन व विकास रायपुर में पदस्थ हैं. नियम विरुद्ध अनुकंपा नियुक्ति वहीं नियम विरुद्ध अनुकंपा नियुक्ति पाने के मामले में भृत्य नम्रता रक्सेल, सहायक राजस्व निरीक्षक प्रीति उज्जैनवार की एक वेतनवृद्धि रोकने के आदेश के साथ ही विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है. इसमें सहायक ग्रेड 3 भूपेंद्र गोइर को नोटिस भेजा गया था, जिसमें संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की गई है.