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बीमा राशि के लिए 18 साल तक भटका पिता, डीईओ की लापरवाही पर कोर्ट ने सुनाया फैसला

भोपाल बैतूल जिले के सरकारी स्कूल की एक छात्रा की दुर्घटना में मृत्यु के बाद भी उसके परिवार को विद्यार्थी सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत बीमा राशि नहीं दी गई। 18 साल बाद राज्य उपभोक्ता आयोग ने छात्रा के पिता को न्याय देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को दोषी मानते हुए 35 हजार रुपये हर्जाना देने का आदेश सुनाया। मामला बैतूल जिले के उड़दन ग्राम का है, जहां के निवासी कुंजीलाल कुमरे ने डीईओ और द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के खिलाफ आयोग में अपील लगाई थी। आयोग के सदस्य डॉ. श्रीकांत पांडेय और डॉ. मोनिका मलिक की बेंच ने यह स्पष्ट किया कि छात्रा बीमा की हकदार थी और उसकी मृत्यु के 15 दिन के भीतर बीमा राशि का भुगतान किया जाना चाहिए था। बता दें कि इससे पहले जिला उपभोक्ता आयोग ने छात्रा के पिता के खिलाफ में निर्णय सुनाया था, जिसके बाद राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की गई थी।   बीमा न मिलने का कारण डीईओ की लापरवाही बीमा कंपनी ने दलील दी कि डीईओ ने निर्धारित समय पर प्रीमियम राशि जमा नहीं की थी, इस कारण पालिसी प्रभाव में नहीं रही। कंपनी ने यह भी कहा कि पालिसी की अवधि एक अगस्त 2006 से 31 जुलाई 2007 तक थी, जबकि छात्रा की मृत्यु 19 अगस्त 2007 को हुई। वहीं, अपीलकर्ता के वकील ने तर्क रखा कि योजना का नवीनीकरण हर वर्ष होता है और एक अगस्त 2007 से 31 जुलाई 2008 तक नई पालिसी प्रभावी थी। इसके अलावा योजना के तहत डीईओ को स्थानीय निधि से प्रीमियम राशि जमा करने की सुविधा भी थी। आयोग का निष्कर्ष आयोग ने पाया कि पूरी कक्षा के लिए लगभग 2.65 लाख रुपये की प्रीमियम राशि डीईओ को जमा करनी थी, लेकिन उन्होंने लापरवाही बरती। इस कारण बीमा कंपनी की बजाय डीईओ को दोषी मानते हुए हर्जाने का आदेश दिया गया।

माओवादियों की बिछाई मौत की राह में फंसा किशोर, गंभीर रूप से घायल

 बीजापुर  छत्तीसगढ़ की जमीन से माओवाद के खातमे को लेकर प्रशासन और सुरक्षाबलों की ओर से लगातार प्रयास जारी है। इसी बीच माओवादी भी रह-रहकर कायराना हरकतों को अंजाम दे रहे हैं और निर्दोष लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। बीजापुर के भोपालपटनम थाना क्षेत्र के माओवाद प्रभावित कोंडापडगु में शनिवार की शाम माओवादियों का एक और अमानवीय कृत्य सामने आई, जिसमें जंगल में मवेशी चराने गया एक 16 वर्षीय किशोर माओवादियों के लगाए हुए प्रेशर आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के अनुसार शनिवार की शाम को कोंडापडगु निवासी कृष्णा गोटा पिता फकीर मवेशी चराने जंगल गया हुआ था, तभी जमीन में दबे हुए प्रेशर आइईडी पर उसका पैर पड़ गया। जिससे जोरदार विस्फोट हुआ। इस हादसे में कृष्णा के पैर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। इलाज जारी, स्थिति गंभीर घायल बालक को तत्काल उपचार हेतु जिला अस्पताल बीजापुर लाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, परंतु समय पर चिकित्सा मिलने से उसकी जान बच गई। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने घटनास्थल की घेराबंदी कर तलाशी अभियान प्रारंभ कर दिया है। माओवादियों के लगाए हुए अन्य विस्फोटकों की खोज के लिए विशेष टीम भेजी गई है। माओवादी अपनी जान बचाने खतरे में डाल रहे निर्दोषों की जान बस्तर में सुरक्षा बलों के अभियान से डरे माओवादी अपनी जान बचाने जंगलों में बारूद बिछा रहे हैं, पर इसकी चपेट में निर्दोष ग्रामीण आ रहे हैं। इस वर्ष अब तक एक दर्जन से अधिक ग्रामीण माओवादियों के लगाए विस्फोटक की चपेट में आकर घायल हुए हैं, या मारे गए हैं। पुलिस ने जनता से अपील की गई है कि वे जंगल क्षेत्रों में अत्यधिक सतर्कता बरतें तथा यदि कोई भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत निकटतम पुलिस थाना या सुरक्षा कैंप को सूचित करें। सतर्कता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है।

माओवादी ऑपरेशन के दौरान संवेदनशील जानकारी लीक न हो इसके लिए उठाए सख्त कदम

जगदलपुर माओवादी मोर्चे पर तैनात सुरक्षा बलों की रणनीतिक गोपनीयता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए एक सख्त कदम उठाया गया है। माओवाद प्रभावित जिलों में तैनात सुरक्षा बल के जवानों को इंटरनेट और सोशल मीडिया से दूर रहने के लिए निर्देशित किया गया है। जिससे की किसी भी प्रकार की ऑपरेशन जानकारी लीक न हो सके। बता दें कि बस्तर संभाग के सातों माओवादी प्रभावित जिलों – दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा, कोंडागांव, कांकेर और बस्तर में तैनात डीआरजी (जिला रिजर्व गार्ड), एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) और सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स) के जवानों के सभी इंटरनेट मीडिया अकाउंट अब डिलीट करा दिए गए हैं। जवानों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब जैसे किसी भी प्लेटफार्म से दूरी बनाए रखें और भविष्य में कोई भी ऑपरेशनल जानकारी साझा न करें। इस निर्णय के पीछे मुख्य वजह पिछले दिनों हुए ऑपरेशन से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों का इंटरनेट मीडिया के ज़रिए लीक होना, बताया जा रहा है। माओवादी कमांडर बसव राजू के मारे जाने के बाद जवानों द्वारा पोस्ट किए गए आपरेशनल वीडियो मिलियन्स में व्यूज बटोर रहे थे, जिनमें हथियार, जंगल मार्ग, मुठभेड़ स्थल और यहां तक कि घायल या मारे गए माओवादियों की तस्वीरें भी शामिल थीं। इससे मिशन की सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगा था। जवानों को दी जा रही काउंसलिंग जवानों को साइबर सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर विशेष काउंसलिंग भी दी जा रही है ताकि वे अनजाने में भी कोई संवेदनशील जानकारी साझा न करें। यह कदम माओवादी विरोधी अभियानों की सफलता सुनिश्चित करने और जवानों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की दिशा में लिया गया निर्णायक निर्णय है। ऑपरेशन में सीमित होगा मोबाइल उपयोग ऑपरेशन के दौरान मोबाइल उपयोग भी सीमित कर दिया गया है। जवान केवल आपातकालीन या आधिकारिक संपर्क के लिए ही फोन का प्रयोग कर सकेंगे। वीडियो बनाना, फोटो लेना और रिकार्डिंग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है।आपरेशन के बाद मोबाइल की जांच भी अनिवार्य कर दी गई है।

बाड़मेर में भारी बारिश का असर: शहर की गलियां बनीं नदियां, मौसम हुआ सुहाना

बाड़मेर थार नगरी बाड़मेर में मानसून जमकर मेहरबान नजर आ रहा है। शनिवार रात को जिले में मूसलधार बारिश से शहर की सड़कें पानी का दरिया बनी गईं। शहर की सड़कों पर करीब एक से डेढ़ फीट पानी का बहाव रहा। जिसके चलते पैदल राहगीरों ओर वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामान करना पड़ा। शनिवार रात को चले बारिश के दौर के कारण शहर के कई कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी का भराव हो गया। पिछले दो दिनों को हुई अच्छी बारिश से फसलों को जीवनदान मिला। किसानों को इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद है। वहीं जिले में हुई बारिश के बाद से मौसम में ठंडक घुल गई है, जिसके कारण लोगों को गर्मी को उमस से भी राहत मिली है। शनिवार देर शाम को अचानक बाड़मेर के आसमान में काले घनघोर घटाएं छा गई और कुछ ही देर बाद अचानक तेज बारिश का दौर शुरू हुआ जो कि रुक-रुक कर देर रात तक जारी रहा। मेघ गर्जना के साथ हुई मूसलाधार बारिश के चलते कुछ ही देर में शहर की सड़क पानी से दरिया बनी नजर आई सड़क पर एक-डेढ़ फीट तक पानी के बहाव चलना शुरू हो गया। जिसके चलते राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, बारिश के चलते शहर की बिजली कई घंटे तक गुल रही, इसके कारण भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शनिवार रात को रुक-रुक कर चले बारिश के दौर के कारण शहर में सिणधरी रोड ओवरब्रिज के पास, कृषि मंडी आवासीय कॉलोनी, सब्जी मंडी परिसर, किसान भवन परिसर, रोडवेज बस स्टैंड परिसर, बलदेव नगर , शास्त्री नगर अंडरब्रिज सहित कई स्थानों पर में जल भराव की समस्या के कारण आमजन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, रविवार सुबह से बाड़मेर जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बादल छाए हुए हैं और रिमझिम बारिश का दौर चल रहा है। ऐसे में फिलहाल थार का मौसम सुहाना बना हुआ है।  

श्रीराम पर बयानबाज़ी: शेखावत ने उठाए सवाल, बोले- गहलोत कांग्रेस से अलग सोच क्यों रखते हैं?

जोधपुर केन्द्रीय पयर्टन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत अपने एक दिवसीय दौरे पर जोधपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उनका स्वागत किया गया। केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाजपा द्वारा राम पर कब्जा करने के बयान पर पलटवार किया। कहा कि गहलोत की सरकार द्वारा राम और रामसेतु को लेकर जो शपथपत्र सुप्रीम कोर्ट में दिया गया था। उस पर विचार साझा करते हुए बताना चाहिए पार्टी और उनके स्टैंड अलग-अलग कैसे हैं। गौरतलब है कि एक दिन पहले जयपुर में राम और हिन्दू धर्म को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने आरएसएस और भाजपा पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था भाजपा के लोग ऐसा दिखाते हैं, जेसे राम पर उनकी ठेकेदारी है। केवल वहीं हिन्दू हैं। क्या हम हिन्दू नहीं, हमारे तो नेताओं के नाम में भी राम लगा है। नाथूराम मिर्धा परसराम मदेरणा। उन्होंने आगे कहा कि राम तो हमारे हैं। भाजपा ने सड़कों पर उतरकर, दंगे भड़काकर, राम पर कब्जा कर रखा है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेशभर में पिछले एक सप्ताह से हो रही बारिश को लेकर कहा कि कांग्रेस और काल की एक ही राशि है। उनके समय काल पड़ता है। हमारे समय भाजपा, भगवान भरोसे भजनलाल, भाग्य और अच्छे जमाने सब की एक ही राशि है। केन्द्रीय मंत्री शेखावत एयरपोर्ट से सीधे सर्किट हाउस पहुंचे। यहां उन्होंने जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल के साथ जिलेभर की व्यवस्था को लेकर एवं बारिश को लेकर आवश्यक चर्चा करते हुए निर्देश दिए। वहीं, सर्किट हाउस में भाजपा शहर की नई कार्यकारिणी के सदस्यों ने भी उनसे मुलाकात की। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी जोधपुर प्रवास पर आए हुए उन्होंने भी केन्द्रीय मंत्री शेखावत से मुलाकात की।  

मेरठ में कांवड़ियों का स्वागत, सीएम योगी ने हुड़दंगियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी

मेरठ प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को मेरठ पहुंचे और कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा की। सीएम ने साफ कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान हुड़दंग मचाने वाले और तोड़फोड़ करने वालों का बख्शा नहीं जाएगा। सीसीटीवी के माध्यम से उन्हें चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। कानून हाथ में लेने का किसी को हक नहीं है। मोदीपुरम की शोभित यूनिवर्सिटी में सीएम का हेलीकॉप्टर उतरा। दुल्हेड़ा चौकी के पास लगे स्टेज से सीएम ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की। स्टेज पर राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपई, राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर, निवर्तमान दर्ज प्राप्त मंत्री पंडित सुनील भराला, कैंट विधायक अमित अग्रवाल समेत अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे।  पूर्व विधायक संगीत सोम को रोका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मेरठ आगमन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शोभित यूनिवर्सिटी में सीएम योगी के हेलीकॉप्टर के उतरने का कार्यक्रम था। शोभित विवि के बाहर पूर्व विधायक संगीत सोम को रोक दिया गया। संगीत सोम अपनी गाड़ी से अंदर जाने के लिए अड़ गए, लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। इस बीच संगीत सोम इधर उधर फोन घुमाते रहे। काफी देर खड़े होने के बाद वह अपनी गाड़ी से आगे चले गए।  

ट्रेलर की टक्कर से बड़ा हादसा: बाबा धाम जा रहे चार श्रद्धालुओं की जान गई

बलिया बलिया के नरहीं थाना क्षेत्र के तेतारपुर गांव से रविवार की दोपहर में 25 श्रद्धालु पिकअप वैन पर सवार होकर बाबा धाम जलाभिषेक करने जा रहे थे। बिहार के बेगूसराय में ट्रेलर ने पिकअप में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में लाची देवी (45) पत्नी मुघुन राजभर और हरेंद्र राजभर (60) की मौके पर मौत हो गई। वहीं, मुघुन राजभर (48) और घुरूहू राम (45) एंबुलेंस से घर आते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मुघुन राजभर की पत्नी लाची देवी की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। ग्राम प्रधान बृज नारायण राजभर सहित 21 घायलों को घर लाने के बाद इलाज के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया। मृतकों का पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस घटना के बाद तेतारपुर गांव में कोहराम मच गया है। इस दर्दनाक हादसे में कुल चार लोगों की माैत हो गई है।

सड़क पर बिछीं लाशें, उजड़ गया परिवार: भंडारे में शामिल होने जा रहे थे सभी

मथुरा मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार की रात नींद की झपकी आने के कारण चालक ने ईको कार आगे चल रहे किसी वाहन में घुसा दी। दुर्घटना में पिता-पुत्र, भांजे समेत एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई। जबकि मां-बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। ईको कार सवार बटेश्वर मेले में अखंड रामायण का पाठ और भंडारा कराने के लिए जा रहे थे। सूचना पर डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंच गए। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि शुक्रवार की रात 3.30 बजे के करीब यमुना एक्सप्रेस-वे के माइल स्टोन (140) सराय सलवाहन के पास ईको कार पीछे से किसी वाहन में घुस गई। इसमें आगरा के थाना बाह निवासी धर्मवीर, उनके पुत्र रोहित, आर्यन, भांजे पारस उर्फ पार्थ, दलवीर, बेटे के मित्र दुष्यंत की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि धर्मवीर की पत्नी सोनी और बेटी पायल गंभीर रूप से घायल हो गई। धर्मवीर के भाई राकेश ने बताया कि सभी लोग बटेश्वर मेले में शामिल होने जा रहे थे। उनका भाई धर्मवीर पिछले आठ साल से सावन के दूसरे सोमवार को बटेश्वर मेले में भंडारा करते थे। शुक्रवार को सभी लोग ईको में सवार होकर बटेश्वर मेले में शामिल होने के लिए निकले थे। उन्होंने बताया कि रविवार को मेले में अखंड रामायण का पाठ कराना था।   अखंड रामायण का पाठ खत्म होने के बाद सोमवार को भंडारा होना था। मेले में शामिल होने से पहले ही हादसा हो गया। धर्मवीर चार भाइयों में तीसरे नंबर का थे। उन्होंने गांव में रहने वाले अपने छोटे भाई को बटेश्वर में सामाना लाने के लिए बोला था। भंडारे में शामिल होने जा रहे रोहित के दोस्त दुष्यंत की भी हुई मौत धर्मवीर का पूरा परिवार प्रत्येक साल बटेश्वर मेले में सावन के दूसरे सोमवार को भंडारा कराता था। भंडारा कराने के लिए शनिवार को परिजन ईको कार में सवार होकर निकले। भंडारे में शामिल होने के लिए रोहित का दोस्त दुष्यंत भी साथ था। धर्मवीर के भाई राकेश सिंह ने बताया कि रोहित की दुकान के पास ही एक पॉलिथीन बनाने की फैक्टरी है। इस फैक्टरी में दुष्यंत मुनीम का कार्य करता था। दुकान और फैक्टरी पास होने के कारण दुष्यंत की रोहित से दोस्ती हुई। जवान बेटों के शव देख बिलख पड़े पिता दुर्घटना में धर्मवीर के भांजे पारस उर्फ पार्थ और दलवीर की मौत हो गई। इसकी जानकारी जब उनके पिता विश्वनाथ को हुई तो पहले तो वह यह मानने को तैयार नहीं हुए, लेकिन पोस्टमार्टम पर अपने सबसे बड़े बेटे दलवीर और छोटे बेटे पार्थ का शव देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जवान बेटों के शव देखकर उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि यह क्या हो गया। पोस्टमार्टम हाउस पर भी वह बदहवास हालात में घूमते रहे। उनके बीच के बेटे अनुराग ने उन्हें किसी तरह संभाला।  

राजस्थान बोर्ड की पूरक परीक्षा का टाइमटेबल घोषित, 6 अगस्त से होंगे एग्जाम

जयपुर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा 2025 की आधिकारिक समय सारिणी जारी कर दी है, जो छात्र मुख्य परीक्षा में एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण हुए हैं, वे इस पूरक परीक्षा के माध्यम से दोबारा मौका पा सकते हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र RBSE की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाकर पूरा टाइम टेबल पीडीएफ प्रारूप में देख और डाउनलोड कर सकते हैं। इस बार की पूरक परीक्षाएं 6 अगस्त से शुरू होकर 8 अगस्त 2025 तक एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएंगी। तिथि और समय राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक समय सारिणी के अनुसार, कक्षा 10वीं और 12वीं की पूरक परीक्षाएं 6 अगस्त से 8 अगस्त 2025 तक आयोजित की जाएंगी। इन परीक्षाओं का आयोजन प्रातः 8:30 बजे से 11:45 बजे तक एक ही पाली में किया जाएगा। छात्र अपनी संबंधित परीक्षा तिथि और विषयवार विवरण के लिए RBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध PDF टाइम टेबल देख सकते हैं।   सख्त नियम, ध्यान रखें ये बातें     अगर किसी छात्र को पढ़ने या समझने में दिक्कत होती है (जैसे Learning Disability), और वह इसका प्रमाण पत्र परीक्षा केंद्र पर बनी समिति को दिखाता है, तो उसे परीक्षा में कुछ खास सुविधाएं दी जाएंगी।     परीक्षा केंद्र पर बोर्ड के नियुक्त शिक्षक या निगरानी अधिकारी छात्रों की जांच कर सकते हैं और अगर किसी के पास नकल से जुड़ी कोई चीज़ मिलती है तो उसे जब्त कर सकते हैं।     अगर कोई छात्र तलाशी देने से मना करता है, विरोध करता है या हंगामा करता है, तो इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा।     साथ ही, छात्र को अपनी उत्तर पुस्तिका में सिर्फ निर्धारित स्थान पर ही नाम या रोल नंबर लिखना चाहिए। कहीं और लिखना नियम के खिलाफ है।     परीक्षा हॉल में कैलकुलेटर, मोबाइल फोन, पेजर, डिजिटल डायरी या अन्य कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लाना सख्त मना है।     परीक्षा में दिए गए प्रश्न पत्र पर निर्धारित स्थान पर अपना रोल नंबर लिखना अनिवार्य है।     प्रश्न हल करने के बाद उत्तर पुस्तिका के अंतिम पृष्ठ पर "समाप्त" शब्द जरूर लिखें और जो पृष्ठ खाली हैं, उन पर तिरछी रेखा (लाइन) लगाकर काट दें।  

राजस्थान बोर्ड की पूरक परीक्षा का टाइमटेबल घोषित, 6 अगस्त से होंगे एग्जाम

जयपुर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा 2025 की आधिकारिक समय सारिणी जारी कर दी है, जो छात्र मुख्य परीक्षा में एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण हुए हैं, वे इस पूरक परीक्षा के माध्यम से दोबारा मौका पा सकते हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र RBSE की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाकर पूरा टाइम टेबल पीडीएफ प्रारूप में देख और डाउनलोड कर सकते हैं। इस बार की पूरक परीक्षाएं 6 अगस्त से शुरू होकर 8 अगस्त 2025 तक एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएंगी। तिथि और समय राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक समय सारिणी के अनुसार, कक्षा 10वीं और 12वीं की पूरक परीक्षाएं 6 अगस्त से 8 अगस्त 2025 तक आयोजित की जाएंगी। इन परीक्षाओं का आयोजन प्रातः 8:30 बजे से 11:45 बजे तक एक ही पाली में किया जाएगा। छात्र अपनी संबंधित परीक्षा तिथि और विषयवार विवरण के लिए RBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध PDF टाइम टेबल देख सकते हैं।   सख्त नियम, ध्यान रखें ये बातें     अगर किसी छात्र को पढ़ने या समझने में दिक्कत होती है (जैसे Learning Disability), और वह इसका प्रमाण पत्र परीक्षा केंद्र पर बनी समिति को दिखाता है, तो उसे परीक्षा में कुछ खास सुविधाएं दी जाएंगी।     परीक्षा केंद्र पर बोर्ड के नियुक्त शिक्षक या निगरानी अधिकारी छात्रों की जांच कर सकते हैं और अगर किसी के पास नकल से जुड़ी कोई चीज़ मिलती है तो उसे जब्त कर सकते हैं।     अगर कोई छात्र तलाशी देने से मना करता है, विरोध करता है या हंगामा करता है, तो इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा।     साथ ही, छात्र को अपनी उत्तर पुस्तिका में सिर्फ निर्धारित स्थान पर ही नाम या रोल नंबर लिखना चाहिए। कहीं और लिखना नियम के खिलाफ है।     परीक्षा हॉल में कैलकुलेटर, मोबाइल फोन, पेजर, डिजिटल डायरी या अन्य कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लाना सख्त मना है।     परीक्षा में दिए गए प्रश्न पत्र पर निर्धारित स्थान पर अपना रोल नंबर लिखना अनिवार्य है।     प्रश्न हल करने के बाद उत्तर पुस्तिका के अंतिम पृष्ठ पर "समाप्त" शब्द जरूर लिखें और जो पृष्ठ खाली हैं, उन पर तिरछी रेखा (लाइन) लगाकर काट दें।