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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कवि स्व. गोपालदास नीरज को अर्पित की श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रसिद्ध गीतकार, साहित्यकार एवं पद्म भूषण से सम्मानित स्व. गोपालदास 'नीरज' की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकप्रिय कविताओं के रचियता नीरज जी की कृतियों में देश, समाज और समकालीन परिस्थितियों के साथ संवेदनाओं के सम्मोहक मिश्रण की अनुभूति होती है। उनके द्वारा लिखे गए गीत प्रशंसकों के जीवन को सदैव आनंदित और प्रेरित करते रहेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमर शहीद मंगल पांडे को किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अमर शहीद श्री मंगल पांडे की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए पुण्य स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत अमर शहीद मंगल पांडे ने असाधारण साहस के बूते देश के स्वाभिमान की रक्षा की और स्वतंत्रता के लिए राष्ट्र को जागृत करने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। प्रत्येक भारतवासी सदैव उनका ऋणी रहेगा।  

कांग्रेस संगठन में नई जान: राजस्थान में पांच साल बाद विभाग-प्रकोष्ठों का पुनर्गठन

जयपुर संगठन को मजबूत करने की दिशा में कांग्रेस में लगातार नियुक्तियां की जा रही हैं। पूर्ववर्ती गहलोत सरकार में तत्कालीन डिप्टी सीएम तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट की 2020 में गहलोत सरकार के खिलाफ बगावत के बाद राजस्थान कांग्रेस के सभी विभाग और प्रकोष्ठ भंग कर दिए गए थे। अब इन प्रकोष्ठों और विभागों में नियुक्तियों का सिलसिला शुरू हो गया है। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस ने एक साथ 7 प्रकोष्ठों का गठन कर दिया। इसमें मुकुल गोयल को उद्योग व्यापार प्रकोष्ठ का अध्यक्ष बनाया गया। भरत मेघवाल को कच्च बस्ती प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी दी गई है। योगिता शर्मा को अभाव अभियोग प्रकोष्ठ का अध्यक्ष बनाया गया। अमीन पठान को खेल-कूद प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। सुशील पारीक को पर्यावरण संरक्षण प्रकोष्ठ का प्रदेशाध्यक्ष तथा जीवण खान कायमखानी को स्थानीय निकाय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, संदीप यादव को सहकारिता प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी दी गई है। अब जल्द ही प्रकोष्ठ प्रमुख अपनी राज्य और जिला कार्यकारिणी का गठन करेंगे। जिससे कांग्रेस संगठनात्क नियुक्तियों की तादाद बढ़ेगी और हजारों नये कार्यकर्ताओं की फौज कांग्रेस संगठन से जुड़ेगी। प्रदेश कांग्रेस में कुल 18 प्रकोष्ठों में से अब तक 11 पर नियुक्तियों का काम पूरा हो चुका है। वहीं, 11 विभागों में से 6 विभागों के गठन का काम पूरा हो चुका है। पिछले दिनों आदिवासी और अल्पसंख्य विभाग की नियुक्ति भी कर दी गई थी।

जहां जल के नीचे है आस्था का मंदिर: उदयपुर की गुफा में स्वयं प्रकट हुए शिव

अलवर सावन का पवित्र महीना चल रहा है और शिवभक्ति में डूबे श्रद्धालु देशभर के शिवधामों का रुख कर रहे हैं। आज आपको ले चलते हैं राजस्थान के उदयपुर जिले के एक ऐसे रहस्यमयी शिव मंदिर में जहां एक गुफा में महादेव विराजे हैं। मान्यता है कि यहां स्वयं भगवान शिव पातालेश्वर रूप में प्रकट हुए थे।अरावली की वादियों के बसे उदयपुर शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर बड़गांव क्षेत्र की पहाड़ियों के बीच स्थित है 'पातालेश्वर महादेव' मंदिर। यह कोई आम शिव मंदिर नहीं है, बल्कि एक ऐसी गुफा में विराजमान है, जिसे लेकर रहस्यमयी मान्यताएं और अद्भुत घटनाएं जुड़ी हैं।   मंदिर के पुजारी पंडित खेमराज गमेती बताते हैं कि यह स्थान 1960 के आसपास चर्चा में आया। मंदिर के पीछे एक कमरे के निर्माण के दौरान खुदाई में करीब तीन फीट चौड़ी एक गुफा सामने आई। उसी रात पुजारी को स्वप्न में संकेत मिला कि इस गुफा में कोई खजाना छुपा है। उन्होंने अपने मित्रों के साथ गुफा में प्रवेश किया और मलबे के बीच एक चट्टान जैसी आकृति दिखी। पास जाकर देखने पर तो एक शिवलिंग था। यह कोई साधारण शिवलिंग नहीं, बल्कि आस्था का प्रतीक बन गया। और तभी से इस स्थान को “पातालेश्वर महादेव” कहा जाने लगा। इस मंदिर की खास बात यह है कि यह गुफा के अंदर स्थित है और शिवलिंग गहराई में विराजमान हैं। गुफा के ऊपर से बहती है मदार नहर, जिसका पानी आगे जाकर फतेहसागर झील में मिलता है। पहले के समय में बारिश का पानी गुफा में भर जाता था और श्रद्धालुओं को जल में उतरकर दर्शन करने होते थे, लेकिन अब प्रशासन और मंदिर समिति ने सीढ़ियां और रेलिंग बनवा दी हैं, जिससे भक्त आसानी से भगवान तक पहुंच पाते हैं। शिवलिंग के ठीक पीछे एक और गहरी गुफा है, जिसका अंतिम छोर आज तक कोई नहीं जान पाया। यह रहस्य श्रद्धालुओं की आस्था को और भी गहरा करता है। मान्यता है कि यह गुफा पाताल लोक तक जाती है  और इसलिए भगवान को पातालेश्वर कहा जाता है।   सावन के महीने में यहां का वातावरण भक्ति और अध्यात्म से सराबोर हो जाता है। हर दिन सैकड़ों श्रद्धालु दूर-दूर से यहां पहुंचते हैं, भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। अपने जीवन की मनोकामनाएं पूर्ण करने की प्रार्थना करते हैं। यह मंदिर न सिर्फ शिवभक्तों के लिए एक तीर्थस्थल है, बल्कि यह हमारी आस्था, परंपरा और रहस्यमयी लोककथाओं का भी अद्भुत संगम है। इस सावन, अगर आप उदयपुर आ रहे हैं, तो एक बार पातालेश्वर महादेव के दर्शन जरूर कर सकते हैं। सावन की पावन बेला में पातालगुफा में विराजित यह शिवधाम सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि आस्था का जीवंत चमत्कार है।  

बासनपीर में छतरी निर्माण को लेकर विवाद, बिगड़ सकता है माहौल

जैसलमेर राजस्थान के जैसलमेर जिले के सदर थाना क्षेत्र में अंतर्गत स्थित बासनपीर गांव इन दिनों एक विवाद के चलते सुर्खियों में है। 10 जुलाई को ऐतिहासिक छतरियों के पुनर्निर्माण कार्य के दौरान उत्पन्न हुआ मामूली विवाद धीरे-धीरे हिंसक रूप ले बैठा और अब यह मुद्दा सामाजिक, धार्मिक और  राजनीतिक भी हो गया है। क्षेत्र में धारा-163 लागू  है लेकिन नेता वहां जबरन जा रहे हैं।  जैसलमेर प्रशासन अलर्ट मोड पर आ चुका है। अब यहां पर जैसलमेर-बाड़मेर के सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल और बायतु विधायक हरीश चौधरी पहुंच रहे हैं। बासनपीर से बहुत पहले फतेहगढ़ में सांसद के काफिले को रोकने की तैयारी की गई है। ये जगह बासनपीर से करीब 90 किलोमीटर पहले है। इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगा दी है। पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। ये पूरा विवाद क्या है, आइए जानते हैं। मामला क्या है और अब तक की स्थिति क्या है ? 10 जुलाई की सुबह बासनपीर गांव में पुराने रियासती योद्धाओं की स्मृति में बनी छतरियों के पुनर्निर्माण कार्य शुरू हुआ। तब पास के गांव से  बड़ी संख्या में धर्म विशेष के पुरुष, महिलाएं और बच्चे मौके पर पहुंचे। उन्होंने  निर्माण को रोकने की कोशिश की। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस पथराव में कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि एक कांस्टेबल सहित चार लोग घायल हो गए। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से प्राप्त वीडियो फुटेज, चश्मदीदों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर जांच शुरू की। 11 जुलाई तक कुल 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 15 से अधिक महिलाएं शामिल थीं। इन सभी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पुलिस ने इन पर राजकार्य में बाधा, जानलेवा हमला और धारा 307 सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। शांति स्थापना के प्रयास, लेकिन विवाद नहीं थमा घटना के तुरंत बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव में शांति बहाल करने का प्रयास किया और स्थिति पर नियंत्रण पा लिया। लेकिन मामला यहीं शांत नहीं हुआ। गांव में हुई हिंसा को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया आने लगी।भाजपा और कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने गांव आने और घटनास्थल पर पहुंचने की घोषणाएं करनी शुरू कर दीं। राजनीतिक दौरे और प्रशासन की चिंता 10 जुलाई के बाद जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी, पोकरण विधायक महंत प्रताप पुरी, शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी और पूर्व विधायक सांग सिंह भाटी बासनपीर पहुंचे। इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी 16 जुलाई को आने वाले थे लेकिन धारा-163 होने के कारण वे नहीं आ पाए। कांग्रेस नेता हरीश चौधरी ने 19 जुलाई को गांव पहुंचने की घोषणा कर दी। राजनीतिक गतिविधियों के चलते प्रशासन को आशंका हुई कि फिर से माहौल बिगड़ सकता है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने 16 जुलाई को धारा-163 लागू कर दी और सभा, जुलूस, रैली और भीड़ इकट्ठा करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मध्यप्रदेश प्रभारी और बायतु विधायक हरीश चौधरी ने आज (19 जुलाई) बासनपीर गांव का दौरा करने की घोषणा कर दी। इससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह अलर्ट हो गया है। हरीश चौधरी बोले- हम मोहब्बत की दुकान खोलने के लिए बासनपीर जाएंगे विधायक हरीश चौधरी ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ते वैमनस्य के बीच शांति और सद्भावना का संदेश देना है। उन्होंने कहा, "हम थार के लोग हमेशा भाईचारे और अपणायत में विश्वास रखते आए हैं, लेकिन कुछ तत्वों ने यहां जहर घोलने की कोशिश की है। हम मोहब्बत की दुकान खोलने के लिए बासनपीर जाएंगे।" उन्होंने आगे कहा कि वे बासनपीर में गांधी रामधुन संकीर्तन और सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन करना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने जैसलमेर जिला प्रशासन से अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें अभी तक कोई स्वीकृति नहीं मिली। बावजूद इसके, उन्होंने यह भी एलान किया कि उन्हें यदि रास्ते में कहीं भी रोका गया, तो वे वहीं बैठकर प्रार्थना और रामधुन का आयोजन करेंगे। कानून के उल्लंघन की अनुमति किसी को नहीं बासनपीर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 163 पहले ही प्रभावी कर दी गई है। इस धारा के चलते किसी भी बाहरी व्यक्ति का गांव में प्रवेश निषेध है। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने स्पष्ट किया है कि कानून के उल्लंघन की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी और यदि कोई व्यक्ति जबरन प्रवेश करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जैसलमेर-बाड़मेर सीमा पर सुरक्षा के मद्देनज़र अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया गया है। दोनों जिलों को जोड़ने वाले प्रमुख सड़क मार्गों पर बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं और हर आने-जाने वाली गाड़ी की गहन जांच की जा रही है। पुलिस की निगरानी टीम लगातार बॉर्डर गतिविधियों पर नजर रखे हुए है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।   इलाके की ड्रोन से निगरानी  जिला प्रशासन की ओर से साफ संदेश दिया गया है कि संवेदनशील क्षेत्र में धारा 163 के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा। उच्च अधिकारियों की निगरानी में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, और ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है।

कांवड़ यात्रा के दौरान आज से शिवरात्रि तक सभी स्कूल, कॉलेज रहेंगे बंद: जिलाधिकारी निधि गुप्ता

अमरोहा  उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा जोरों पर है, और इसी को देखते हुए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। जिले में बढ़ती भीड़, यातायात पर पड़ रहे दबाव और सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए 19 जुलाई से लेकर शिवरात्रि तक सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश जिलाधिकारी निधि गुप्ता ने तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। कांवड़ यात्रा बना वजह हर साल सावन महीने में लाखों की संख्या में शिवभक्त विभिन्न राज्यों से गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार और बृजघाट की ओर कूच करते हैं। अमरोहा का बृजघाट गंगा स्नान और जल भरने के लिए एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां से कांवड़िए जल लेकर बरेली, मुरादाबाद, रामपुर, संभल और अमरोहा के अन्य इलाकों की ओर लौटते हैं। इसके अतिरिक्त, हरिद्वार से लौटने वाले भक्त भी अमरोहा जिले की सीमा से होकर गुजरते हैं, जिससे जिले की यातायात व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। स्कूल बंद रखने के पीछे प्रशासन का तर्क जिला प्रशासन का कहना है कि सावन के दौरान लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या और हाईवे व प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डाइवर्जन से विद्यार्थियों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। भीड़भाड़ में दुर्घटनाओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में सुरक्षा को देखते हुए शिक्षण संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, हाईवे पर रूट बदलाव प्रशासन ने सावन के दूसरे सोमवार और शिवरात्रि को लेकर विशेष सतर्कता बरती है। पुलिस प्रशासन ने जिले के हाईवे और कांवड़ मार्गों पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए रूट डायवर्जन लागू कर दिया है। भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

कांवड़ यात्रा के दौरान आज से शिवरात्रि तक सभी स्कूल, कॉलेज रहेंगे बंद: जिलाधिकारी निधि गुप्ता

अमरोहा  उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा जोरों पर है, और इसी को देखते हुए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। जिले में बढ़ती भीड़, यातायात पर पड़ रहे दबाव और सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए 19 जुलाई से लेकर शिवरात्रि तक सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश जिलाधिकारी निधि गुप्ता ने तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। कांवड़ यात्रा बना वजह हर साल सावन महीने में लाखों की संख्या में शिवभक्त विभिन्न राज्यों से गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार और बृजघाट की ओर कूच करते हैं। अमरोहा का बृजघाट गंगा स्नान और जल भरने के लिए एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां से कांवड़िए जल लेकर बरेली, मुरादाबाद, रामपुर, संभल और अमरोहा के अन्य इलाकों की ओर लौटते हैं। इसके अतिरिक्त, हरिद्वार से लौटने वाले भक्त भी अमरोहा जिले की सीमा से होकर गुजरते हैं, जिससे जिले की यातायात व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। स्कूल बंद रखने के पीछे प्रशासन का तर्क जिला प्रशासन का कहना है कि सावन के दौरान लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या और हाईवे व प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डाइवर्जन से विद्यार्थियों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। भीड़भाड़ में दुर्घटनाओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में सुरक्षा को देखते हुए शिक्षण संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, हाईवे पर रूट बदलाव प्रशासन ने सावन के दूसरे सोमवार और शिवरात्रि को लेकर विशेष सतर्कता बरती है। पुलिस प्रशासन ने जिले के हाईवे और कांवड़ मार्गों पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए रूट डायवर्जन लागू कर दिया है। भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

मुख्यमंत्री ने बार्सिलोना में इंडियन डायस्पोरा एवं फ्रेंड्स ऑफ एमपी से किया संवाद

प्रवासी भारतीयों के साथ मध्यप्रदेश का है मजबूत जुड़ाव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सरकार निभा रही हर निवेश संकल्प, टूरिज्म और मेडिकल सेक्टर में मिल रहा बड़ा प्रोत्साहन मुख्यमंत्री ने बार्सिलोना में इंडियन डायस्पोरा एवं फ्रेंड्स ऑफ एमपी से किया संवाद भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब केवल संभावना नहीं, बल्कि निवेश का सशक्त मंच बन चुका है। राज्य सरकार ने नीति, प्रक्रिया और प्रोत्साहन के तीनों स्तरों पर गंभीर और प्रभावी सुधार किए हैं, जिससे निवेशकों को वास्तविक लाभ और विश्वास दोनों मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब विकास और निवेश साथ-साथ चल रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदेश में बसे भारतीय केवल नागरिक ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के संवाहक भी हैं। उन्होंने कहा कि बार्सिलोना में भारतीयों का जो अपनापन दिखा, वह उन्हें उज्जैन की अनुभूति कराता है। भारतीय जहां भी जाते हैं, वहां परंपरा और पर्वों की गरिमा बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक संवाद नहीं, बल्कि हृदय से हृदय का जुड़ाव है। सरकार निवेश को केवल आर्थिक लेन-देन नहीं मानती, बल्कि उसे भावनात्मक और दीर्घकालिक भागीदारी का माध्यम मानती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बार्सिलोना में शुक्रवार को प्रवासी भारतीयों और फ्रेंड्स ऑफ एमपी के बीच आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बढ़ी भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक साख अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। भारत एक मात्र ऐसा देश है जो 80 करोड़ भारतीयों को मुफ्त राशन उपलब्ध करा रहा है। यह भारत की क्षमताओं और व्यवस्था की शक्ति का परिचायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि बार्सिलोना में आप सभी का उत्साह देखकर लग रहा है कि मैं उज्जैन में हूं। काउंसल जनरल श्री इनबासेकर सुंदरमूर्ति के प्रभावशाली भाषण ने दिखा दिया है कि स्पेन के प्रवासी भारतीय आज भी अपनी मिट्टी से जुड़े हुए हैं। ईश्वर ने भारतीयों को यश दिया है कि जहां चाहें उसे ही स्वर्ग बना देते हैं। महाकाल की नगरी उज्जैन का गौरवशाली इतिहास रहा है। भारतीयों को देखकर लोग होली-दिवाली मना लेते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतवंशियों की प्रतिष्ठा बढ़ी है। भारतीय, दूध में शक्कर की तरह घुल-मिल जाते हैं। ये देश है वीर जवानों का… भारतीय संस्कृति को दिखाता है। भारत वीरों का देश है। वर्तमान समय में भारत ने दुनिया में अपनी साख बनाई है। भारत की प्रगति देखकर दुनिया दांतो तले ऊंगलियां दबा लेती है। नीतियों में पारदर्शिता और प्रक्रिया में गति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में निवेश से जुड़ी सभी नीतियां निवेशकों की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं। प्रक्रियाओं को डिजिटलीकरण और फास्ट ट्रैक स्वीकृति व्यवस्था से जोड़ा गया है। लंदन में एक उद्योगपति को ऑनलाइन आवेदन के तुरंत बाद भूमि आवंटन किया जाना इसी का उदाहरण है। मेडिकल कॉलेज के लिए 1 रुपये में जमीन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य शिक्षा के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। यदि कोई संस्था या निवेशक मेडिकल कॉलेज स्थापित करना चाहता है, तो सरकार 25 एकड़ जमीन मात्र एक रुपये में उपलब्ध कराएगी। इससे गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों तक पहुंच सकेंगी। होटल प्रोजेक्ट पर 30 करोड़ रु. तक की सब्सिडी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि टूरिज्म सेक्टर को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से होटल परियोजनाओं पर सरकार 30 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता दे रही है। यह सहायता 100 करोड़ रुपये तक की लागत वाली परियोजनाओं के लिए लागू है, जिससे प्रदेश में विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाएं विकसित हो सकें। आईटी, फार्मा और टूरिज्म सेक्टर में खुले हैं अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में टेक्सटाइल, फार्मा, एग्रो प्रोसेसिंग और टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। आईटी उद्योग को छोटे शहरों तक विस्तार देने की दिशा में सरकार सक्रिय रूप से काम कर रही है। हर सेक्टर के लिए अलग-अलग नीति और सहायता संरचना मौजूद है। मेडिकल शिक्षा में बड़ा विस्तार, लक्ष्य 50 कॉलेज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने मेडिकल शिक्षा के विस्तार को प्राथमिकता दी है। वर्तमान में 37 मेडिकल कॉलेज प्रदेश में संचालित हैं और अगले दो वर्षों में इस संख्या को 50 तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इससे प्रदेश के युवाओं को स्थानीय स्तर पर चिकित्सा शिक्षा के अवसर मिलेंगे। किसानों को मिलेगी सोलर ऊर्जा से राहत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए किसानों को 3 लाख से अधिक सोलर पंप देने का निर्णय लिया गया है। इससे सिंचाई पर बिजली की निर्भरता कम होगी और किसानों को बिजली बिल से स्थायी राहत मिलेगी। यह राज्य को ग्रीन एनर्जी की दिशा में भी आगे ले जाएगा। मध्यप्रदेश बना गेहूं उत्पादन में अग्रणी राज्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश अब गेहूं उत्पादन में पंजाब जैसे पारंपरिक कृषि राज्य से भी आगे निकल चुका है। कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए फूड प्रोसेसिंग इकाइयों और एग्री क्लस्टर्स की स्थापना की जा रही है। इससे किसानों की आय और औद्योगिक विकास दोनों को बल मिलेगा। राहवीर योजना और एयर एम्बुलेंस ने बढ़ाया भरोसा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सड़क हादसों में घायल व्यक्ति को अस्पताल तक सुरक्षित पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। राहवीर योजना के तहत ऐसे नेक कार्य करने वालों को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसके साथ ही राज्य में एयर एम्बुलेंस सेवा भी शुरू की गई है, जिससे आपात स्थिति में तेज़ी से उपचार मिल सके। साथ ही सरकार ने स्वास्थ्य सेवा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आयुष्मान योजना को प्रभावी रूप से लागू किया है। प्रदेश में लाखों आयुष्मान कार्ड धारकों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है। सरकारी और निजी अस्पतालों को इस योजना से जोड़ा गया है। छोटे शहरों में भी आईटी और रोजगार की पहुंच मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के छोटे शहरों को भी डिजिटल और तकनीकी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। यहां आईटी इंडस्ट्री स्थापित करने के प्रयास जारी हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को पलायन न करना पड़े … Read more

सिंगरौली में अनियंत्रित ई-रिक्शा के खाई में गिरने से चार यात्री घायल

सिंगरौली सिंगरौली में अनियंत्रित ई-रिक्शा के खाई में गिरने से चार यात्री घायल हो गए, जिनमें तीन की हालत गंभीर है। एक बच्चे की मौके पर मौत हो गई। यह घटना सरई थाना क्षेत्र इलाके के दियागाड़ई गांव में हुई, जहां घायलों का इलाज सरई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है।

अवकाश के दिन भी खुले रहेगा नगर निगम कार्यालय…. विधानसभा सत्र के चलते जारी हुआ आदेश

अवकाश के दिन भी खुले रहेगा नगर निगम कार्यालय…. विधानसभा सत्र के चलते जारी हुआ आदेश  अनुपस्थित कर्मचारियों के वेतन काटे जाएं : ननि आयुक्त सिंगरौली विधानसभा सत्र के चलते किसी विधायक द्वारा लगाए गए सवालों के जवाब तत्काल प्रभाव से दिए जा सके इसको लेकर  विभाग ने अपने सभी दफ्तर अवकाश के दिन भी खोलने के आदेश जारी किए हैं. इसी क्रम में शनिवार अवकाश के दिन भी नगर निगम कार्यालय खुला रहा। ननि आयुक्त द्वारा बताया गया कि विधानसभा की कार्यवाही में कोई विघ्न ना आए इसके चलते सरकारी दफ्तर खोले गए है। इसके साथ ही आमजन के कार्य भी सुचारू रूप से शनिवार रविवार अवकाश के दिन भी करे जाएंगे। इसके अतिरिक्त यह निर्देश भी दिया गया कि जो कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए हैं, उनके वेतन काटने की कार्यवाही की जाए।