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CPHC कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन

भोपाल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश द्वारा #ECHOIndia के सहयोग से व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा (CPHC) कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाना रहा, जिससे वे महत्वपूर्ण ज्ञान और व्यावहारिक कौशल से समृद्ध होकर समुदाय को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकें। समापन समारोह में डॉ. सलोनी सिडाना, मिशन निदेशक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, डॉ. प्रभाकर तिवारी, वरिष्ठ संयुक्त निदेशक सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। इस अवसर पर बोलते हुए मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रदाता गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा को अंतिम छोर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई भी हितग्राही न छूटे। अपने समर्पण और सेवाभाव से, वे न केवल हमारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की नींव को मज़बूत करते हैं, बल्कि स्वास्थ्य परिणामों और समग्र सामुदायिक कल्याण पर भी स्थायी प्रभाव डालते हैं।इसी दृष्टिकोण के अनुरूप, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्य प्रदेश ने #ECHOIndia के सहयोग से व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा (CPHC) कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया। इस पहल का उद्देश्य अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण ज्ञान, व्यावहारिक कौशल और आत्मविश्वास से लैस करना है ताकि वे अपने क्षेत्र के हितग्राहियों की बेहतर सेवा कर सकें। भोपाल में आयोजित प्रसार बैठक नें प्रशिक्षकों, प्रतिभागियों और गणमान्य व्यक्तियों के लिए एक मूल्यवान मंच प्रदान किया, जहाँ उन्होंने विचारों का आदान-प्रदान किया और राज्य में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा वितरण को मजबूत करने के लिए अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

नक्सलियों पर करारा प्रहार: नारायणपुर में सुरक्षाबलों ने किया बड़ा ऑपरेशन, हथियारों का जखीरा जब्त

नारायणपुर छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में जवानों को बड़ी सफलता मिली है। शुक्रवार को सुरक्षाबल के जवानों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में जवानों ने 6 नक्सलियों को मार गिराया है। अभी इलाके में सर्चिंग अभियान जारी है। माना जा रहा है कि इस एनकाउंटर में नक्सलियों के कई टॉप लीडर के ढेर होने की संभावना है। सुरक्षाबल के जवान सर्चिंग अभियान के लिए निकले थे इसी दौरान नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ में छह नक्सलियों को मार जाने की पुष्टि पुलिस अधिकारियों ने की है। एनकाउंटर के बारे में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में छह नक्सलियों को मार गिराया। हालांकि अभी मारे गए नक्सलियों की पहचान नहीं है। नक्सलियों के शव के साथ भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार भी बरामद किया गया है। क्या कहा अधिकारी ने बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में माओवादियों के मौजूदगी की सूचना मिली थी। जिसके बाद नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबल के जवानों की संयुक्त टीम को रवाना किया गया है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान शुक्रवार दोपहर माआवोदियों ने सुरक्षाबलों की टीम पर हमला किया। जिसके जवाब में जवानों ने भी फायरिंग की। अभी मिशन जारी है उन्होंने बताया कि माओवादियों और जवानों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ चल रही है। अब तक तलाशी अभियान के दौरान मुठभेड़ स्थल से छह नक्सलियों के शव, एके-47 और एसएलआर राइफल, कई अन्य हथियार, विस्फोटक सामग्री तथा दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद की गई हैं। पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि अभियान अभी जारी है, इसलिए इसमें शामिल जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिक जानकारी अभी नहीं दी जा सकती है। मिशन पूरा होने के बाद देंगे जानकारी उन्होंने बताया कि अभियान पूरा होने के बाद इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मिशन में शामिल सभी जवान पूरी तरह से सुरक्षित हैं। बता दें कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ अभियान में जवानों ने माओवादियों के कई टॉप लीडरों को ढेर किया है जिसके बाद से नक्सली संगठन कमजोर हो रहे हैं।

एमपी में टेक क्रांति की दस्तक, स्पेन की कंपनी ‘सबमर’ लगाएगी इंडस्ट्रियल प्लांट

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्पेन के बार्सिलोना में छा गए। उनका अंदाज और उनकी बातों ने यहां की टेक जायंट कंपनी सबमर टेक्नोलॉजीज प्रबंधन को इतना प्रभावित किया कि उसने सीएम डॉ. यादव के कुछ घंटे पहले हुए दौरे के बाद ही मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MOU) साइन कर लिया। यह एमओयू मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (MPSEDC) और सबमर के बीच हुआ है। इसका उद्देश्य सहयोग को बढ़ाना, मध्यप्रदेश में निवेश और साझेदारी के अवसरों की खोज करना है। इसमें टिकाऊ डेटा सेंटर टेक्नोलॉजी, इमर्शन कूलिंग सॉल्यूशन, ग्रीन डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्च के जॉइंट डेवलपमेंट पर फोकस किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 17 जुलाई की रात ही सबमर (Submer) का दौरा किया था। उनकी विजिट के दौरान सरकार और कंपनी प्रबंधन के बीच अहम चर्चा भी हुई थी। इस चर्चा के बाद ही कंपनी प्रबंधन ने कह दिया था कि मध्यप्रदेश सरकार और हम एक साथ सतत एआई तकनीकि विकास पर काम कर सकते हैं।   बता दें, मध्यप्रदेश और सबमर टेक्नोलॉजीज इस बात पर सहमत हुए हैं कि सबमर द्वारा मध्यप्रदेश में इमर्शन कूलिंग और टिकाऊ डेटा सेंटर से संबंधित निर्माण, रिसर्च एंड डेवलपमेंट बुनियादी ढांचे की स्थापना में निवेश करेगा। एमपीएसईडीसी द्वारा उपयुक्त भूमि, बुनियादी ढांचे, और सिस्टम में मदद करेगी। एमपीएसईडीसी योजनाओं और नीतियों के अनुरूप आवश्यक प्रोत्साहन और नीति पर सहयोग करेगी। इसके अलावा दोनों डिजीटल बुनियादी ढांचे क्षेत्र में कौशल विकास, नवाचार, और स्थानीय रोजगार सृजन को बढ़ावा देंगे। मध्यप्रदेश की बदल जाएगी सूरत सबमर से मध्यप्रदेश की टेक्नोलॉजी संबंधी कई चुनौतियां हल हो जाएंगी। इस पहल से प्रदेश टिकाऊ, एआई तैयार डेटा सेंटर के मामले में देश में अग्रणी होगा। डेटा सेंटर डिजाइन और इस्टेब्लिशमेंट में नई जनरेशन के स्टैंडर्ड की देखरेख होगी। सबमर तकनीकी सलाहकार के रूप में काम करेगी। इससे राज्य में नए डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए वैश्विक विशेषज्ञता आएगी। लिक्विड कूलिंग, ऊर्जा अनुकूलन, और एआई बुनियादी ढांचे में अपनी विशेषज्ञता के साथ सबमर यह सुनिश्चित करेगा कि ये परियोजनाएं दक्षता, स्थिरता, और आर्थिक प्रभाव के उच्च मानकों को पूरा करें। यह साझेदारी वैश्विक खिलाड़ियों को आकर्षित करने और मध्यप्रदेश के लिए दीर्घकालिक आर्थिक मूल्यों को सृजित करने के लिए की गई है। क्या है सबमर कंपनी का इतिहास सबमर की स्थापना बार्सिलोना में साल 2015 में हुई। यह कंपनी डेटा सेंटर, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और एज कंप्यूटिंग के लिए सिंगल फेज कूलिंग प्रणालियों में विशेषज्ञता रखती है। यह कंपनी स्मार्टपॉड, स्मार्टपॉडएक्स, ईएक्सओ और माइक्रोपॉड बनाती है। यह कंपनी पारंपरिक तरीकों की तुलना में कूलिंग ऊर्जा की खपत 45 प्रतिशत तक कम कर देती है 90 प्रतिशत तक पानी की बचत करती है। कंपनी वैश्विक स्तर पर डेटा सेंटर्स, एआई प्रयोगशालाओं, वित्तीय संस्थानों और सरकारी कंप्यूटिंग क्लस्टरों में सिस्टम स्थापित कर चुकी है। मई साल 2022 में सबमर ने भारत में इंग्राम माइक्रो इंडिया के साथ साझेदारी की। दोनों ने क्लाउड प्रदाताओं, आईटी पार्कों, सरकारी प्रतिष्ठानों और निजी उद्यमों में स्मार्ट, टिकाऊ डेटा सेंटर की स्थापना की। गौर करने वाली और सबसे खूबसूरत बात ये रही कि एमओयू के समय सबमर के फाउंडर पोल वाल्स सोलर मध्यप्रदेश हैंडलूम की टाई में नजर आए। यह सिर्फ टाई नहीं, बल्कि संस्कृति, सम्मान और साझेदारी के रिश्ते को पहनने जैसा है। 

प्रयागराज: शीतला अष्टमी पर मां कल्याणी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की लगी कतार

प्रयागराज शीतला अष्टमी के पावन अवसर पर प्रयागराज के मां कल्याणी देवी मंदिर में शनिवार को सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। यह व्रत मां शीतला को समर्पित है, जिसे संतान के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की कामना के लिए रखा जाता है। इस दिन भक्त मां शीतला की पूजा करते हैं और बासी भोजन का भोग लगाते हैं, जिस कारण इसे ‘बसौड़ा’ भी कहा जाता है। मां कल्याणी देवी मंदिर में सुबह से ही महिलाएं मां की पूजा-अर्चना करने पहुंचीं। मंदिर के अध्यक्ष पंडित सुशील कुमार पाठक ने बताया कि यह मंदिर पुराणों में वर्णित प्राचीन शक्तिपीठ है और शीतला अष्टमी का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा, “श्रावण मास की अष्टमी को शीतला अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं और बासी पूड़ी, हलवा, चना, गुलगुला, बताशा का मां को भोग लगाती हैं। सुबह से ही भक्त मां कल्याणी के दर्शन-पूजन के लिए आ रहे हैं। शाम को मां का भव्य श्रृंगार होगा।” पंडित सुशील ने आगे बताया कि यह व्रत संतान और परिवार की मंगल कामना के लिए किया जाता है। महिलाएं अपने बच्चों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए यह व्रत रखती हैं। मां कल्याणी की पूजा से परिवार की रक्षा और कल्याण की कामना पूरी होती है। शीतला अष्टमी पर मंदिर में भक्तों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। महिलाएं सुबह से ही मां के दर्शन के लिए कतार में खड़ी थीं। इस अवसर पर मंदिर को खास तौर पर सजाया गया था। भक्तों ने मां से अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। शीतला अष्टमी के अवसर पर माता के दर्शन को मंदिर पहुंची एक महिला श्रद्धालु ने बताया, “मां कल्याणी में हमारी गहरी आस्था है। शीतला अष्टमी पर हम व्रत रखते हैं और मां को हलवा-पूड़ी का भोग चढ़ाते हैं। हमारी कामना है कि मां हमारे बच्चों और परिवार की रक्षा करें, उन्हें तरक्की दें और उनका कल्याण करें।”  

बारिश बनी आफत: अजमेर में जलजमाव से बिगड़ी व्यवस्था, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

अजमेर अजमेर जिले में गुरुवार रात से शुरू हुई तेज बारिश ने शहर की तस्वीर ही बदल दी है। रात 8 बजे से शुक्रवार सुबह 7 बजे तक 64 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे शहर के कई इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। कॉलोनियों से लेकर मुख्य सड़कों तक पानी भर जाने से आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालात को देखते हुए कलेक्टर लोकबंधु ने जिले के सभी स्कूलों में शुक्रवार को छुट्टी की घोषणा कर दी। अजमेर संभाग के मुख्य सरकारी जेएलएन हॉस्पिटल तक बारिश के पानी से अछूते नहीं रहे। अस्पताल के वार्डों में पानी भरने से मरीजों, उनके परिजनों और स्टाफ को कठिनाई हुई। अस्पताल परिसर के बाहर भी पानी जमा होने से आने-जाने वालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रेलवे स्टेशन परिसर में भी पानी भर जाने से यात्रियों को परेशानी हुई। यात्रीगण भारी बारिश के बीच लबालब भरे प्लेटफार्म और परिसर में संभल-संभलकर चलते नजर आए। वहीं, पुष्कर रोड स्थित मित्तल हॉस्पिटल और मुख्य सड़कों पर भी दो से तीन फीट तक पानी भर गया। इस बीच वाहन चालक बड़ी मुश्किल से अपने वाहन निकालते नजर आए। शहर के अलवर गेट स्थित सुनहरी कॉलोनी, नगरा क्षेत्र, प्रताप नगर, भट्टा, वैशाली नगर और श्रीनगर रोड जैसे रिहायशी इलाकों की गलियों में भी पानी भर गया। कई जगह लोगों के घरों में पानी घुस गया, जिससे घरेलू सामान को भी नुकसान पहुंचा। वैशाली नगर क्षेत्र में एक ड्राइवर अपनी टैक्सी की छत पर बैठा दिखा, जो जलभराव की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। बांडी नदी में पानी का तेज बहाव देखा गया, जिससे निचले क्षेत्रों में और अधिक खतरा बढ़ गया है। झरनेश्वर महादेव मंदिर का झरना भी बारिश के चलते बह निकला। स्थानीय लोग इस नजारे को देखने पहुंचे लेकिन प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। अजमेर में भारी बारिश से जलभराव मौसम विभाग ने शुक्रवार को अजमेर सहित पूरे संभाग में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है और रेड अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग का कहना है कि 19 जुलाई को भी बारिश जारी रहने की संभावना है, जबकि 20 जुलाई को मौसम साफ रहने की उम्मीद है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर लोकबंधु और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने जलभराव वाले क्षेत्रों का दौरा किया और राहत कार्यों की निगरानी की। नगर निगम की टीमें जल निकासी के काम में जुटी हुई हैं। वहीं, नागरिकों से अपील की गई है कि वे बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को तुरंत सूचित करें।

CM योगी का बड़ा आरोप: सोशल मीडिया पर जातीय संघर्ष भड़काने की साजिश

वाराणसी  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर कुछ लोग जातियों को लड़ाने की कोशिश कर रहे हैं। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में 'धरती आबा' भगवान बिरसा मुंडा पर आधारित राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा, "हमारी चुनौती ऐसी है कि कुछ लोग समाज के बीच लोगों को मुख्यधारा से अलग करने का काम करते हैं। कुछ लोग सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष की स्थिति पैदा करते हैं। इनसे भी सख्ती से निपटा जा रहा है।" सीएम योगी ने कहा, "दो-तीन साल पहले ऐसी ही एक घटना हुई थी। एक आगजनी की घटना में एक व्यक्ति भगवा गमछा ओढ़े था और बीच में उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला था। ऐसे ही लोगों को चिन्हित करने की आवश्यकता है।" उन्होंने कहा कि सावन का महीना चल रहा है। इससे पहले मुहर्रम था और हमने नियम बना दिए थे कि ताजिये की लंबाई सीमित रखें। इससे बिजली और पेड़ की टहनी को नुकसान पहुंचता था। जौनपुर में एक घटना हुई और ताजिये को इतना ऊंचा किया कि लोग हाई टेंशन लाइन की चपेट में आ गए। तीन लोग मारे गए और बाद में उपद्रव हुआ। तो मैंने कहा, 'लाठी मारो इनको, ये लातों के भूत हैं, बातों से नहीं मानेंगे।' इसका किसी ने विरोध नहीं किया।" मुख्यमंत्री योगी ने कहा, "हमने तो यूपी में व्यवस्था बना रखी है कि कोई भी अस्त्र-शस्त्र लेकर प्रदर्शन नहीं करेगा। नहीं तो हमेशा मोहर्रम का जुलूस आगजनी और उत्पात का कारण बनता था और बहन-बेटियां सड़क पर बाहर नहीं निकल पाती थीं। कोई उस समय नहीं बोलता था।" मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज कांवड़ यात्री भक्ति भावना से चलते हैं और 200, 300, और 400 किलोमीटर कांवड़ को कंधे पर लेकर चले जाते हैं। 'हर हर बम' बोलते हुए, लेकिन उनका भी मीडिया ट्रायल होता है। उन्हें उपद्रवी आतंकवादी तक बोला जाता है। यह वो मानसिकता है, जो हर प्रकार से भारत की विरासत और आस्था को अपमानित करने का काम करती है। यही लोग सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष फैलाने का काम करते हैं।" इससे पहले, सीएम योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस में विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा की। पुलिस अफसरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक अकाउंट बनाकर माहौल खराब करने वालों पर पैनी नजर रखने का निर्देश दिया।

अन्नदाताओं को राहत: डबल इंजन सरकार ने बढ़ाया चावल उपार्जन लक्ष्य, अब 8 लाख मीट्रिक टन अधिक खरीद

रायपुर  प्रदेश के किसानों के हित में एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए केंद्रीय पूल हेतु चावल उपार्जन के लक्ष्य को 70 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 78 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। यह निर्णय राज्य के लाखों अन्नदाताओं के परिश्रम और विश्वास को सशक्त करता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय पर  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के अन्नदाताओं की समृद्धि के लिए  डबल इंजन सरकार दृढ़संकल्पित है। मुख्यमंत्री साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रदेश के लिए यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि हमारे अन्नदाताओं के हितों को सर्वोपरि रखने वाली यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए केंद्रीय पूल में चावल उपार्जन के लक्ष्य को 70 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 78 लाख मीट्रिक टन करने की स्वीकृति प्रदान की है। हमारी सरकार के प्रयासों से केंद्र सरकार ने 08 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त चावल उपार्जन करने की स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ के किसानों की आर्थिक स्थिति को और अधिक मजबूत करेगा। साथ ही प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री साय की घोषणा: धान खरीदी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

रायपुर,  प्रदेश के किसानों के लिए आज एक अत्यंत हर्ष और गर्व का दिन है। केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के अनुमान को 70 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 78 लाख मीट्रिक टन करने की ऐतिहासिक स्वीकृति प्रदान की है। यह निर्णय प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं की मेहनत को नई पहचान और उनकी आर्थिक समृद्धि को नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अभूतपूर्व निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी जी के प्रति आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय केंद्र और राज्य सरकार की "डबल इंजन" प्रतिबद्धता का सजीव प्रमाण है, जिसमें किसान कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा सोशल मीडिया 'एक्स' में पोस्ट करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 8 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त धान खरीदने की स्वीकृति, हमारे किसानों के परिश्रम को मान्यता देने वाला कदम है। यह न केवल उनकी आय में वृद्धि करेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है और केंद्र सरकार से समन्वय करते हुए उनके लिए हरसंभव सुविधा सुनिश्चित कर रही है। राज्य के धान उत्पादक किसानों को बेहतर मूल्य, समय पर भुगतान और सुगम खरीदी प्रक्रिया के लिए ठोस रणनीति बनाई जा रही है। धान खरीदी सीमा में यह वृद्धि प्रदेश के किसानों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है। यह उनके परिश्रम और उत्पादन क्षमता में केंद्र की आस्था का संकेत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगठित बनाए रखने के लिए पूरी तैयारी कर चुकी है। प्रदेश के अन्नदाताओं की समृद्धि के लिए सरकार लगातार नई योजनाएँ और उपाय लागू कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों के जीवन में खुशहाली और सम्मान लाना ही हमारी सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के अन्नदाता नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री साय की घोषणा: धान खरीदी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

रायपुर,  प्रदेश के किसानों के लिए आज एक अत्यंत हर्ष और गर्व का दिन है। केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के अनुमान को 70 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 78 लाख मीट्रिक टन करने की ऐतिहासिक स्वीकृति प्रदान की है। यह निर्णय प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं की मेहनत को नई पहचान और उनकी आर्थिक समृद्धि को नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अभूतपूर्व निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी जी के प्रति आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय केंद्र और राज्य सरकार की "डबल इंजन" प्रतिबद्धता का सजीव प्रमाण है, जिसमें किसान कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा सोशल मीडिया 'एक्स' में पोस्ट करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 8 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त धान खरीदने की स्वीकृति, हमारे किसानों के परिश्रम को मान्यता देने वाला कदम है। यह न केवल उनकी आय में वृद्धि करेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है और केंद्र सरकार से समन्वय करते हुए उनके लिए हरसंभव सुविधा सुनिश्चित कर रही है। राज्य के धान उत्पादक किसानों को बेहतर मूल्य, समय पर भुगतान और सुगम खरीदी प्रक्रिया के लिए ठोस रणनीति बनाई जा रही है। धान खरीदी सीमा में यह वृद्धि प्रदेश के किसानों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है। यह उनके परिश्रम और उत्पादन क्षमता में केंद्र की आस्था का संकेत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगठित बनाए रखने के लिए पूरी तैयारी कर चुकी है। प्रदेश के अन्नदाताओं की समृद्धि के लिए सरकार लगातार नई योजनाएँ और उपाय लागू कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों के जीवन में खुशहाली और सम्मान लाना ही हमारी सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के अन्नदाता नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ेंगे।

50 लाख के लालच में अपहरण: प्रॉपर्टी डीलर को साथियों ने बनाया निशाना, जंगल में दी यातना

जयपुर राजधानी जयपुर में एक सनसनीखेज अपहरण का मामला सामने आया है। बुधवार शाम को रेस्टोरेंट में बैठे एक प्रॉपर्टी कारोबारी का उसके पूर्व पार्टनर और साथियों ने अपहरण कर लिया और 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। आदर्श नगर थाना पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते कारोबारी को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लिया गया। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। रेस्टोरेंट से उठा ले गए कारोबारी पुलिस के अनुसार, अपहरण का शिकार हुआ कारोबारी सोनू शर्मा (30) दौसा जिले के लालसोट का निवासी है, जो जयपुर के दुर्गापुरा स्थित महारानी फॉर्म में अपने परिवार के साथ रहता है और प्रॉपर्टी कारोबार करता है। बुधवार शाम करीब पांच बजे वह अपने दोस्त हनी के साथ राजापार्क गली नंबर-4 स्थित एक रेस्टोरेंट में एक क्लाइंट से मिलने गया था। पूर्व पार्टनर ने किया हमला सोनू शर्मा के अनुसार रेस्टोरेंट में बातचीत के दौरान उसका पूर्व पार्टनर प्रकाश चंद अपने 5-6 साथियों के साथ वहां पहुंचा। आते ही उन लोगों ने कुर्सियों से हमला कर मारपीट शुरू कर दी और जबरन उसे कार में डालकर मौके से फरार हो गए। चलती कार में पिटाई, फिरौती की मांग सोनू को कार में बंधक बनाकर लालसोट के रामगढ़ क्षेत्र की ओर ले जाया गया, जहां सुनसान इलाके में लाठी-डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। इस दौरान आरोपियों ने 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। पुलिस ने किया पीछा, अपहरणकर्ता भागे उधर, सोनू के दोस्त हनी ने अपहरण की सूचना तुरंत उसके परिजनों को दी। परिजनों ने आदर्श नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए लोकेशन ट्रेस की और अपहरणकर्ताओं का पीछा शुरू किया। रामगढ़ इलाके में पहुंची पुलिस टीम को देखते ही आरोपी सोनू को छोड़कर मौके से फरार हो गए। फिलहाल पुलिस आरोपियों की पहचान कर रही है और उनकी तलाश में दबिश दे रही है। शुरुआती जांच में यह मामला आपसी लेन-देन और पुराने विवाद से जुड़ा माना जा रहा है।