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कृषि विश्वविद्यालय में 20 अप्रैल को मनाया जाएगा अक्ती तिहार, कृषि मंत्री नेताम करेंगे मिट्टी और बीजों की पूजा

रायपुर.  इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में अक्षय तृतीया के अवसर पर कल ‘‘अक्ती तिहार’’ का आयोजन किया जा रहा है। स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र के पास स्थित प्रक्षेत्र में प्रातः 10ः30 बजे से आयोजित राज्य स्तरीय अक्ती तिहार समारोह के मुख्य अतिथि कृषि मंत्री रामविचार नेताम होंगे। समारोह की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल करेंगे। अक्षय तृतीया के अवसर पर धरती माता एवं बीजों की पूजा-अर्चना कर बीज बुआई का कार्य प्रतीकात्मक रूप से किया जाएगा। कृषि मंत्री नेताम द्वारा प्रगतिशील कृषकों को कृषि आदान सामग्री का वितरण किया जाएगा। इस अवसर पर किसानों के लिए नवीन बीज बुआई तकनीकी एवं कृषि में ड्रोन का उपयोग तकनीक का प्रदर्शन भी किया जाएगा। कृषि विज्ञान केंन्द्र रायपुर द्वारा इस अवसर पर “रासायनिक उर्वरकों का विकल्प” विषय पर कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया है। अक्ती तिहार का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित समस्त महाविद्यालयों, कृषि विज्ञान केन्द्रां एवं अनुसंधान केन्द्रों में भी किया जाएगा।  उल्लेखनीय है कि अक्ती तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं और कृषि संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है जो अक्षय तृतीया के शुभ दिन मनाया जाता है। यह त्यौहार केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि हमारे कृषक जीवन की नई शुरूआत का प्रतीक है। इस दिन से खेती के नए कार्यों का शुभारंभ होता है। यह पर्व हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और अच्छी फसल की कामना करने का अवसर प्रदान करता है। अक्ती तिहार के अवसर पर गांवों में सभी देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की जाती है। ग्राम बैगा द्वारा ठाकुर देव की पूजा कर धान चढ़ाया जाता है जो हमारी पारंपरिक आस्था और प्रकृति से जुड़ाव को दर्शाता है। किसान भाई अपने घरों से धान लाकर उसका एक भाग अपनी कोठी में मिलाते हैं और शेष भाग खेतों में पूजन के साथ बुआई की शुरूआत के रूप में अर्पित करते हैं। यह परंपरा कृषि कार्य की शुभ शुरूआत का संकेत देती है।

सीएम हेल्पलाइन बैठक में पान चबाने और हंसी का खामियाजा, बालाघाट में छह पुलिसकर्मी सस्पेंड

 बालाघाट बालाघाट में सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की समीक्षा के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंस में अनुशासनहीनता पुलिसकर्मियों पर भारी पड़ गई। एसपी आदित्य मिश्रा ने सख्त रुख अपनाते हुए दो एएसआई सहित कुल छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया। कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप की स्थिति है।  समीक्षा बैठक के दौरान एएसआई राजकुमार राहंगडाले वीडियो कॉन्फ्रेंस में हंसते नजर आए। वहीं, कटंगी थाना के कार्यवाहक एएसआई पेंढारीलाल अहाके पान चबाते दिखाई दिए। जब एसपी ने दोनों से सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों के बारे में सवाल किए, तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसे गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए एसपी ने दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। तीन थाना प्रभारियों पर भी कार्रवाई इस कार्रवाई में तीन थाना प्रभारियों को भी नहीं बख्शा गया। निलंबित अधिकारियों में कोतवाली थाना प्रभारी कामेश धुमकेती, ग्रामीण थाना प्रभारी अमित अग्रवाल व रामपायली थाना प्रभारी दिलीप मौर्य का नाम शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, इनके खिलाफ सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों के निराकरण में देरी और थाना क्षेत्र में गंभीर अपराधों पर अपेक्षित कार्रवाई न करने की शिकायतें थीं। हालांकि आधिकारिक तौर पर विस्तृत कारण स्पष्ट नहीं किए गए हैं। आरक्षक भी आया कार्रवाई की जद में कार्रवाई के दौरान एक आरक्षक शैलेश को भी लाइन अटैच किया गया है। इस तरह कुल छह पुलिसकर्मियों पर एक साथ कार्रवाई हुई है, जिससे पूरे पुलिस महकमे में सख्ती का संदेश गया है। एसपी आदित्य मिश्रा पहले से ही अपनी सख्त कार्यशैली और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि समीक्षा बैठकों में लापरवाही, अनुशासनहीनता और शिकायतों के निराकरण में ढिलाई बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि आम जनता की शिकायतों का समय पर समाधान पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और इसमें किसी भी तरह की कोताही पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।  

पंजाब में इश्क बना कातिल! प्यार के चक्कर में बेटे ने ही ले ली पिता की जान

बठिंडा.  गांव मेहता में चार लोगों ने सब्बल से पीट-पीटकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी। संगत पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। मृतक की पहचान मलकीत सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी कौर सिंह बेटे हरनेक सिंह को शक था कि उसकी बहू के मृतक मलकीत सिंह उर्फ ​​(किता) बेटे गोलू सिंह, हरमन सिंह के साथ नाजायज़ संबंध हैं, जिसके बारे में पहले काफी शोर-शराबा हुआ था। पंचायत और पुलिस ने इस मामले में समझौता कर लिया था। मलकीत सिंह कौर सिंह का मोहल्ला छोड़कर गांव में रहने लगा था। कल रात मलकीत सिंह अपने बेटे के साथ अपने पुराने घर (जो कौर सिंह के घर के बगल में था) से भूसा लेने गया था। इस बीच, पहले से ही घटना की ताक में बैठे कौर सिंह, उसके बेटे और बहू ने मलकीत सिंह और उसके बेटे हरमन सिंह पर सब्बल और दूसरे औजारों से हमला कर दिया। हमले में मलकीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया और हरमन सिंह ने शोर मचाया, जिसके बाद आस-पास के लोग इकट्ठा हो गए लेकिन आरोपी मौके से भाग निकले। मलकीत सिंह को लोगों ने सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह भी बताया जा रहा है कि आरोपी कौर सिंह का बेटा कुछ समय से जेल में था और अब जमानत पर घर आया था। डी.एस.पी. देहाती हरविंदर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक के बेटे हरमन सिंह के बयानों पर पुलिस ने आरोपी कौर सिंह, लखवीर सिंह, बलवीर सिंह और करमजीत कौर के खिलाफ संगत थाने में केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

17 अप्रैल काला दिवस के रूप में जाना जाएगा: अन्नपूर्णा देवी

लखनऊ. भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 के बाद महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुआ है और अब उन्हें राजनीतिक रूप से सशक्त करने की दिशा में ठोस पहल की जा रही थी। संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक पर हुई चर्चा सार्थक रही, लेकिन विपक्षी दलों कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके ने बिल का विरोध कर महिलाओं की आकांक्षाओं को ठेस पहुंचाई। केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि इन दलों ने हमेशा की तरह इस बार भी नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को लटकाने, भटकाने और अटकाने की राजनीति अपनाई। इसके लिए 17 अप्रैल काला दिवस के रूप में जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं अब जागरूक और सशक्त हो चुकी हैं तथा हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी दर्ज करा रही हैं। महिलाएं अपने अधिकारों के खिलाफ खड़े होने वालों को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगी। केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को उसका अधिकार नहीं दिया। ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का कार्य एनडीए सरकार ने किया। सपा पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता। उन्होंने मुखर होकर कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव और राहुल गांधी परिवारवाद की राजनीति कर रहे हैं। इन्हें देश की जनता के हितों से कोई लेना देना नहीं है।

छात्राओं के लिए खुशखबरी: Jharkhand में प्रोफेशनल कोर्स पर मिलेगी ₹30,000 तक की सहायता

रांची. अब डिप्लोमा तथा इंजीनियरिंग के साथ-साथ सभी प्रोफेशनल कोर्स करने वाली छात्राओं को Manki Munda Scholarship Scheme का लाभ मिलेगा। इसके तहत डिप्लोमा में नामांकित छात्राओं को प्रतिमाह 15 हजार रुपये तथा स्नातक पाठ्यक्रमों में नामांकित छात्राओं को 30 हजार रुपये छात्रवृत्ति मिलेगी। पहले इस योजना के तहत सिर्फ डिप्लोमा (पॉलीटेक्निक) तथा इंजीनियरिंग की छात्राओं को इसका लाभ दिए जाने का प्रविधान था। राज्य सरकार ने अब इस योजना में व्यापक बदलाव करते हुए डिप्लोमा के अलावा सभी प्रोफेशनल फुल टाइम रेगुलर कोर्स में नामांकन लेनेवाली छात्राओं को छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया है। योजना में किए गए बदलाव के अनुसार, फुल टाइम रेगुलर कोर्स में इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, फार्मेसी, आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग, अप्लाइड आर्ट्स एंड क्रॉफ्ट्स, डिजाइन, मैनेजमेंट, होटल मैनेजमेंट एंड कैटिरिंग टेक्नोलॉजी आदि सम्मिलित होंगे। इनके अलावा उभरते तकनीकी पाठ्यक्रमों जैसे, फारेंसिंक साइंस, कंप्यूटर अप्लीकेशन, साइबर सेक्यूरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, डीफेंस स्टडीज, पुलिस टेक्नोलॉजी, मेरीटाइम सेक्यूरिटी, सेक्यूरिटी मैनेजमेंट आदि कोर्स करने वाली छात्राओं को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा। किन छात्राओं को मिलेगा लाभ झारखंड विज्ञान एवं प्रावैधिकी परिषद प्रत्येक वर्ष इन तकनीकी पाठ्यक्रमों को अनुमाेदित कर अधिसूचित करेगा। साथ ही वैसे सभी संस्था, जो झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अलावा अन्य किसी विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं, उनमें नामांकित छात्राओं को भी इसका लाभ मिलेगा। बशर्तें संस्थान झारखंड में संचालित हो। साथ ही दूसरे राज्यों से 10वीं व 12वीं उत्तीर्ण छात्राओं को भी इस योजना का लाभ मिलेगा, सिर्फ छात्रा का झारखंड का स्थानीय होना जरूरी होगा। अब इस योजना का संचालन झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की जगह झारखंड राज्य उच्च शिक्षा परिषद द्वारा किया जाएगा। आवेदन संबंधित संस्थान द्वारा मांगे जाएंगे, जिसे परिषद अनुमोदित करेगा। छात्रवृत्ति की राशि भी परिषद द्वारा दी जाएगी 2025-26 सत्र से पूर्व पढ़ाई कर रही छात्राओं को भी लाभ इस योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 से पूर्व के शैक्षणिक सत्र में भी नामांकित छात्राओं काे भी इस योजना के तहत शेष अवधि के लिए छात्रवृत्ति दी जाएगी, बशर्ते वह पूर्व के सेमेस्टर में किसी भी विषय में फेल नहीं हुई हो। बता दें कि इस योजना के तहत किसी सेमेस्टर में एक भी विषय में फेल होने पर छात्रवृत्ति बंद कर दी जाएगी। PFMS की जगह डीबीटी से भुगतान छात्रवृत्ति की राशि पीएफएमएस की जगह डीबीटी के माध्यम से छात्राओं की आधार लिंक बैंक खाता में हस्तांतरित की जाएगी। इसमें भी बदलाव किया गया है। पहले 4,200 छात्राओं को ही मिलना था लाभ, अब 15 हजार को पहले इस योजना का लाभ प्रतिवर्ष 4,200 छात्राओं को ही दिया जाना था। लेकिन अब कोर्स का दायरा बढ़ने से इसका लाभ 15 हजार छात्राओं को मिलेगा। इसके तहत डिप्लोमा स्तर के कोर्स में नामांकित पांच हजार तथा इंजीनियरिंग एवं अन्य स्नातक स्तरीय प्रोफेशनल कोर्स में नामांकित 10 हजार छात्राओं को इस योजना का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – पीएमश्री हेली सेवा के रूप में ओरछा के लिए शुरू की गई पुष्पक विमान की व्यवस्था

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि ओरछा में राजा के रूप में विराजमान हैं भगवान श्रीराम, के दर्शन के लिए पीएमहेली सेवा के रूप में ओरछा के लिए पुष्पक विमान की व्यवस्था की गई है। परशुराम जयंती के मंगल अवसर पर पर्यटन की दिशा में आज मध्यप्रदेश ऐतिहासिक कदम बढ़ा रहा है। आज भोपाल-ओरछा और चंदेरी सेक्टर के लिए पीएम हेली पर्यटन सेवा का शुभारंभ हो रहा है। आज जिन दो शहरों के लिए सेवा की शुरुआत की गई है, दोनों ही प्रदेश के विरासत स्थल हैं। चंदेरी का संबंध भी श्रीराम और श्रीकृष्ण से ही है। चंदेरी, पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन नगरी के रूप में विख्यात है। मध्यप्रदेश में तेजी से बढ़ रहे एविएशन सेक्टर से महाराष्ट्र सहित कई राज्य प्रेरणा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को राजधानी के स्टेट हैंगर से "पीएमहेली पर्यटन सेवा" के अंतर्गत नए सेक्टर 'भोपाल-चंदेरी-ओरछा' का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर यात्रियों को बोर्डिंग पास प्रदान किए तथा हेलीकॉप्टर को झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रदेश में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को सुगम, सुरक्षित और आनंददायक बनाना हेली पर्यटन सेवा का उद्देश्य है। कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री तथा अशोकनगर के प्रभारी राकेश शुक्ला, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय तथा फ्लाई ओला के एस.राम ओला उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रद्धा, साहस, पुरुषार्थ, पराक्रम, ज्ञानशीलता, दानशीलता और उद्दात चरित्र के धनी भगवान परशुराम ने सदैव अन्याय के विरुद्ध संघर्ष किया। अपने साहस-पराक्रम और पुरुषार्थ के नए-नए कीर्तिमान स्थापित करने वाले भगवान परशुराम जी हर युग में हम सबको प्रेरणा देते रहेंगे। ऐसे दिव्य व्यक्तित्व की जयंती पर प्रदेश को पीएम हेली पर्यटन सेवा समर्पित की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी वर्गों की सेवा के लिए समान रूप से कार्य कर रही है। इलाज के लिए जरूरतमंद लोगों को पीएमएयर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराने की पहल देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश द्वारा ही आरंभ की गई है। मध्यप्रदेश का भौगोलिक क्षेत्र बहुत विस्तृत है, प्रदेश में धार्मिक, सांस्कृतिक, वाइल्ड लाइफ, पर्यटन की पर्याप्त संभावनाएं विद्यमान हैं। प्रदेश में आवागमन की दृष्टि से हेली पर्यटन सेवा, पर्यटकों का समय बचाने और यात्रा की रोचकता को बढ़ाने में सहायक होगी। इससे प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार होगा, इन गतिविधियों के प्रोत्साहन से प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों का भी स्वत: संचालन होता है और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होते हैं। पर्यटन को प्रोत्साहित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश में सभी ओर हवाई सेवाओं का विस्तार किया गया है। रेल, बस, सड़क के साथ जल यातायात पर भी कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और पर्यटन स्थलों तक आवागमन को सुगम बनाने के लिए मध्य प्रदेश पर्यटन को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि हेली पर्यटन सेवा सर्वप्रथम 'ओंकारेश्वर-महाकालेश्वर-इंदौर' सेक्टर में और कान्हा-बांधवगढ़-मैहर की माताजी-अमरकंटक-चित्रकूट में आरंभ हुई। आज हेली सेवा का तीसरा सेक्टर आरंभ हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पीएमहेली पर्यटन सेवा के अंतर्गत चंदेरी से ओरछा का किराया 2,750 रुपए ,भोपाल से चंदेरी का 5,500 रुपये और भोपाल से ओरछा का किराया 6,500 रुपये रखा गया है। भोपाल से ओरछा का पैकेज 14 हजार 500 का है, जिसमें 13 हजार रुपये हेलीकॉप्टर का किराया, टैक्सी का शुल्क 1150 रुपए और दर्शन एवं प्रसाद के लिए 350 रुपए का भुगतान करना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस यात्रा के संचालन में मैचिंग ग्रांट के अंतर्गत बड़ी राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है। प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने, पर्यटकों की रुचि मध्यप्रदेश में बढ़ाने के उद्देश्य से मैचिंग ग्रांट के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल पीएमपहली पर्यटन सेवा के नए सेक्टर 'भोपाल-चंदेरी-ओरछा' के पहले यात्रियों अबधेश प्रसाद शुक्ला, रेवती शुक्ला और रमाशंकर शुक्ला को बोर्डिंग पास प्रदान किए। कार्यक्रम में बताया गया कि यात्रा के लिए 6 सीटों वाले आधुनिक हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जा रहा है। पर्यटक https://www.flyola.in/ और IRCTC पोर्टल पर बुकिंग कर सकते हैं। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रतीक चिन्ह भेंटकर अभिवादन किया गया।  

हेल्थ स्कीम पर बड़ा अभियान: DC Himanshu Jain बोले—हर पात्र व्यक्ति को मिलेगा लाभ, लगेंगे एनरोलमेंट कैंप

लुधियाना. लुधियाना के हर रहने वाले को यूनिवर्सल कैशलेस हेल्थकेयर देने की बड़ी कोशिश में, डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन चीफ मिनिस्टर हेल्थ स्कीम के तहत पूरे जिले में बड़े एनरोलमेंट कैंप लगाने की तैयारी कर रहा है। पंजाब सरकार ने इस साल 22 जनवरी को चीफ मिनिस्टर हेल्थ स्कीम शुरू की थी, जो भारत में एक नई और अपनी तरह की पहली यूनिवर्सल हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम है। यह हर पंजाबी परिवार को बिना किसी इनकम लिमिट या एक्सक्लूजन क्राइटेरिया के हर साल 10 लाख रुपये तक का कैशलेस मेडिकल ट्रीटमेंट देती है। डिस्ट्रिक्ट लेवल के इस कैंपेन का मकसद यह पक्का करना है कि लुधियाना का हर परिवार इस बदलाव लाने वाली स्कीम के तहत एनरोल हो ताकि किसी भी रहने वाले को हेल्थ इमरजेंसी के दौरान अपनी जेब से मेडिकल खर्च न उठाना पड़े। मुख्यमंत्री सेहत योजना की खास बातें: कवरेज: हर परिवार को हर साल 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज। कैशलेस और पेपरलेस: पंजाब में सरकारी, प्राइवेट और स्पेशलिटी सेंटर और राज्य के बाहर कुछ खास जगहों सहित 800 से ज़्यादा लिस्टेड अस्पतालों में बिना किसी शुरुआती पेमेंट के इलाज कवर किया जाता है। सभी फायदे: 2,500 से ज़्यादा मेडिकल प्रोसीजर और पैकेज, जिनमें बड़ी/छोटी सर्जरी, गंभीर बीमारियां (कैंसर, कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, डायलिसिस, ऑर्थोपेडिक्स, वगैरह), ICU केयर, डायग्नोस्टिक्स, दवाएं, डेकेयर प्रोसीजर, अस्पताल में भर्ती होने से 3 दिन पहले और अस्पताल में भर्ती होने के 15 दिन बाद का खर्च, जिसमें फॉलो-अप दवाएं भी शामिल हैं। यूनिवर्सल एलिजिबिलिटी: पंजाब के सभी वैलिड निवासियों के लिए खुला, जो आधार कार्ड और वोटर ID (या नाबालिगों के लिए गार्जियन का डॉक्यूमेंट) से वेरिफाइड हैं। इसमें सरकारी कर्मचारी, पेंशनर, कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारी, किसान, मजदूर और समाज के सभी वर्ग शामिल हैं। हेल्थ कार्ड-आधार को जोड़ा डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने अधिकारियों को एनरोलमेंट ड्राइव को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। आने वाले दिनों में लुधियाना में अलग-अलग जगहों पर खास बड़े एनरोलमेंट कैंप लगाए जाएंगे ताकि मौके पर ही रजिस्ट्रेशन हो सके। उन्होंने आगे कहा कि लोग किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर या तय एनरोलमेंट कैंप में अपना आधार कार्ड और वोटर ID देकर तुरंत रजिस्टर कर सकते हैं। इसके लिए पहले से अपॉइंटमेंट या किसी बिचौलिए की ज़रूरत नहीं है। हिमांशु जैन ने लुधियाना ज़िले के लोगों से यह भी अपील की कि वे अपना हेल्थ कार्ड बनवाने और इस क्रांतिकारी हेल्थ स्कीम का फ़ायदा उठाने के लिए अपने आधार और दूसरे डॉक्यूमेंट्स के साथ सबसे पास के एनरोलमेंट कैंप या कॉमन सर्विस सेंटर जाएं।

बलबीर पुंज का निधन राजनीति व पत्रकारिता जगत की अपूरणीय क्षति: मुख्यमंत्री

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व सांसद बलबीर पुंज के निधन पर शोक जताया है। मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।  मुख्यमंत्री ने लिखा कि पूर्व सांसद, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ राजनेता व प्रख्यात स्तंभकार बलबीर पुंज का निधन अत्यंत दुःखद है। यह राजनीति और पत्रकारिता जगत की अपूरणीय क्षति है। विनम्र श्रद्धांजलि! मुख्यमंत्री ने लिखा, प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को सद्गति एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!

पगड़ी की शान और परंपरा का जश्न, स्पेशल गेस्ट रमनदीप सोढ़ी ने बढ़ाया आयोजन का मान

होशियारपुर. युवा पीढ़ी को दसवें गुरु और सिख विरासत से मिली खास पहचान से जोड़ने के मकसद से, दोआबा यूथ क्लब होशियारपुर और सिख वेलफेयर सोसाइटी की तरफ से पगड़ी बांधने का कॉम्पिटिशन ऑर्गनाइज़ किया गया। इस इवेंट में 135 बच्चों ने बड़े जोश के साथ हिस्सा लिया और खूबसूरत पगड़ियां सजाकर अपनी कला दिखाई। 'जग बानी' के सीनियर जर्नलिस्ट रमनदीप सिंह सोढ़ी इस इवेंट में चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल हुए। अपने भाषण के दौरान, उन्होंने पगड़ी की अहमियत पर रोशनी डालते हुए कहा कि पगड़ी सिर्फ हमारे सिर की सजावट नहीं है, बल्कि यह 'हमारी आत्मा की आवाज़' है। उन्होंने आगे कहा कि जब दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की, तो पगड़ी हमें सिर्फ पहनने के लिए नहीं, बल्कि एक आइडियल ज़िंदगी जीने के लिए दी गई थी। यह हमारी आज़ादी, बराबरी और हिम्मत की निशानी है। उन्होंने आगे कहा कि आज के कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने वाले बच्चे सिर्फ़ कॉम्पिटिशन नहीं कर रहे हैं, बल्कि दसवें राजा की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। रमनदीप सोढ़ी ने अपने पर्सनल एक्सपीरियंस शेयर करते हुए कहा कि इस पगड़ी ने उन्हें पूरी दुनिया में पहचान दिलाई है और आज इस इवेंट में आने की वजह भी यही है। इवेंट के दौरान आगे बोलते हुए रमनदीप सोढ़ी ने कहा कि अरबपतियों को भी 'सरदार' कहलाने के लिए बहुत कोशिशें करनी पड़ती हैं, लेकिन अगर कोई पगड़ी पहनने वाला पैसे से अमीर नहीं भी है, तो भी दुनिया उसे 'सरदार' कहकर इज्ज़त देती है। इवेंट के आखिर में रमनदीप सिंह सोढ़ी ने परमिंदर सिंह और पूरी मैनेजमेंट टीम को बधाई दी और इस नेक सेवा को इसी तरह जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि पगड़ी हमें दया, सच्चाई, त्याग और ज़िम्मेदारी की भावना सिखाती है। यह सेवा सरदार अजविंदर सिंह ने साल 2004 में शुरू की थी, जिसे अब उनका परिवार और टीम जारी रखे हुए है। इस कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने वाले स्टूडेंट्स को प्राइज़ और मेडल दिए गए।

छत्तीसगढ़ के Surguja में दिखी अनोखी परंपरा: दुल्हन लाई बारात, विदाई में भावुक हुआ दूल्हा

अंबिकापुर. आपने अक्सर शादी की परंपराओं में दुल्हे की बारात देखी होगी, लेकिन छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की एक शादी में दुल्हन बारात लेकर दुल्हे के घर पहुंची. यह अनोखी शादी चर्चा का विषय बनी गई है. परंपरा के उलट दुल्हन देवमुनि एक्का खुद बारात लेकर दूल्हे बिलासुस बरवा के घर पहुंची. मसीही रीति-रिवाज के तहत संपन्न इस विवाह में कन्यादान की जगह ‘वरदान’ हुआ. सबसे खास बात यह रही कि दूल्हे की विदाई की गई और वह फूट-फूटकर रोया. दरअसल, दुल्हन का एक भी भाई नहीं है, पिता खेती किसानी का काम करते हैं. ऐसे में दुल्हन के पिता किसी बेटे की तलाश में थे. और जब अपनी बेटी का रिश्ता बरवा परिवार से हाथ मिलाया तो शादी में अनोखी रस्में निभाई गई. दुल्हे की जगह दुल्हन बारात लेकर दुल्हा को लेने आई और शाम मसी रितिवाज के मुताबिक विदाई हुई. परिवार के लिए जरूरी था फैसला : दुल्हन के पिता दुल्हन के पिता मोहन एक्का ने बताया उनके घर में चार बेटियां हैं, ऐसे में उन्होंने यह अनोखा कदम उठाया और खुद बारात लेकर लड़के के घर पहुंचे. उन्होंने कहा कि यह फैसला भले समाज को अलग लगे, लेकिन उनके परिवार के लिए यह जरूरी था. वह दूल्हे को अपने घर ले जाकर बेटे की तरह रखेंगे. शादी पूरी तरह उनके रीति-रिवाजों के अनुसार हो रही है और फिलहाल दहेज नहीं दिया गया है.