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बीसीसीआई ने सीनियर पुरुष, महिला और जूनियर पुरुष चयन समितियों के लिए आवेदन आमंत्रित किए

मुंबई भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अपने पुरुष (सीनियर और जूनियर) तथा महिला चयन समितियों के लिए कई पदों पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। बीसीसीआई की अधिसूचना के अनुसार, उसने सीनियर पुरुष चयन समिति के लिए दो राष्ट्रीय चयनकर्ता पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। ये चयनकर्ता टीम इंडिया (सीनियर पुरुष) का चुनाव सभी प्रारूपों में करेंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 10 सितंबर शाम 5 बजे तक है। चुने गए उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जा सकता है। सभी पदों पर बीसीसीआई के नियमों और आचार संहिता का पालन जरूरी होगा। सीनियर पुरुष चयनकर्ता बनने के लिए खिलाड़ी को कम से कम 7 टेस्ट या 30 प्रथम श्रेणी मैच या 10 वनडे और 20 प्रथम श्रेणी मैच खेले होने चाहिए। साथ ही, खिलाड़ी को खेल से कम से कम 5 साल पहले संन्यास लिया होना चाहिए। जो व्यक्ति बीसीसीआई की किसी क्रिकेट समिति का कुल 5 साल सदस्य रहा है, वह इस पद के लिए योग्य नहीं होगा। इस मानक के अनुसार, दक्षिण क्षेत्र से जुड़े चयनकर्ता श्रीधरन शरत का कार्यकाल खत्म हो सकता है। उन्होंने इससे पहले 2021 में जूनियर चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था और 2023 की शुरुआत में उन्हें वरिष्ठ चयन पैनल में पदोन्नत किया गया था। उनके साथ सुब्रतो बनर्जी या शिव सुंदर दास को भी रिप्लेस किया जा सकता है। महिला चयन समिति के सदस्य टीम इंडिया (सीनियर महिला) का चयन करेंगे। इसके अलावा, वे कोच और सपोर्ट स्टाफ की समीक्षा करेंगे, रिपोर्ट तैयार करेंगे, और नई खिलाड़ियों की बेंच स्ट्रेंथ बनाने पर ध्यान देंगे। महिला राष्ट्रीय टीम की ओर से खेलने वाली और कम से कम 5 साल पहले संन्यास ले चुकी खिलाड़ी इन पदों के लिए आवेदन कर सकती हैं। यहां भी वही शर्त लागू है कि जो व्यक्ति बीसीसीआई की किसी क्रिकेट समिति का कुल 5 साल सदस्य रहा है, वह आवेदन नहीं कर सकता। वर्तमान चयनकर्ता नीतू डेविड, आरती वैद्य, रेणु मार्ग्रेट और वेंकटचर कल्पना के पद छोड़ने की संभावना है, क्योंकि उन्हें सितंबर 2020 में नियुक्त किया गया था और उनका पांच साल का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। हालांकि, श्यामा शॉ अपनी जगह बरकरार रख सकती हैं, क्योंकि वह जून 2023 में समिति में शामिल हुई थीं। जूनियर पुरुष चयन समिति का काम अंडर-22 तक की टीमों का चुनाव करना होगा। इसमें कैम्प, टूर्नामेंट, कप्तान और सपोर्ट स्टाफ का चयन भी शामिल है। इसके अलावा युवा खिलाड़ियों में अनुशासन और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना भी जिम्मेदारी का हिस्सा होगा। इस समिति में वही पूर्व खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं जिन्होंने कम से कम 25 प्रथम श्रेणी मैच खेले हों और 5 साल पहले खेल से संन्यास लिया हो। कोई भी व्यक्ति जो किसी भी क्रिकेट समिति (जैसा कि बीसीसीआई के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन और नियमों व विनियमों में परिभाषित है) का कुल 5 वर्षों तक सदस्य रहा हो, जूनियर क्रिकेट समिति का सदस्य बनने के लिए पात्र नहीं होगा। मौजूदा सदस्यों में रानादेव बोस, हरविंदर सिंह सोढ़ी, पथिक पटेल और कृष्ण मोहन को रिप्लेस किया जा सकता है, क्योंकि वे 2021 से इस समिति में हैं। वर्तमान अध्यक्ष तिलक नायडू, जो जून 2023 में जुड़े थे, फिलहाल बने रह सकते हैं।  

क्रिकेट चयन समिति में बड़ा फेरबदल, BCCI ने सेलेक्टर्स के लिए निकाली वैकेंसी

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने सीनियर मेन्स, वूमेन्स और जूनियर मेन्स चयन समिति में सेलेक्टर्स के पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. कुल 7 पद खाली हैं जिसके लिए योग्य उम्मीदवार आवेदन कर पाएंगे. 10 सितंबर 2025 की शाम 5 बजे तक इन पदों के लिए आवेदन किया जा सकता है. शॉर्टलिस्टिंग और स्क्रीनिंग के बाद उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा. बीसीसीआई की ओर से आवदेन करने के लिए लिंक भी शेयर किया गया है. मेन्स सेलेक्शन कमेटी में 2 पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. इस समिति में शामिल सदस्य का काम भारतीय पुरुष टीम का चयन करना होता है. इस पद के लिए वही खिलाड़ी आवदेन कर सकते हैं, जिन्होंने 7 टेस्ट मैच या 30 फर्स्ट-क्लास मैच खेले हों. या 10 वनडे और 20 फर्स्ट-क्लास मैच. साथ ही कम से कम 5 साल पहले संन्यास लिया हो और बीसीसीआई की किसी क्रिकेट समिति में सदस्य के तौर पर 5 साल से ज्यादा का कार्यकाल नहीं रहा हो. वर्तमान में मेन्स सेलेक्शन पैनल में चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर, शिवसुंदर दास, सुब्रतो बनर्जी, अजय रात्रा और एस शरत शामिल हैं. इनमें मुख्य चयनकर्ता अगरकर का कार्यकाल जून 2026 तक बढ़ाया गया है. उधर महिला चयन समिति में 4 पद के लिए बोर्ड की ओर से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. इस सेलेक्शन पैनल का मुख्य काम महिला टीम का चयन करना है. इसके साथ ही चयन समिति का काम कोच और सपोर्ट स्टाफ की जांच, मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार करना और मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार करना होता है. इसके लिए वहीं प्लेयर अपनी दावेदारी पेश कर सकती हैं, जिन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में भारतीय महिला टीम का प्रतिनिधित्व किया हो. साथ ही कम से कम 5 साल पहले संन्यास लिया हो. इसके अलावा बीसीसीआई की किसी क्रिकेट समिति में कुल मिलाकर 5 साल से अधिक का कार्यकाल नहीं रहा हो. जूनियर मेन्स सेलेक्टर के लिए क्या है योग्यता? बीसीसीआई की तरफ से जूनियर मेन्स क्रिकेट समिति में 1 पद के लिए भी आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. जूनियर क्रिकेट समिति का सदस्य अंडर-22 लेवल तक की टीमों का चयन करेगा. इसके सदस्य का काम जूनियर टूर्नामेंट्स का आयोजन करना, कप्तान और सपोर्ट स्टाफ की नियुक्ति करना और युवा खिलाड़ियों में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना होता है.  जूनियर मेन्स क्रिकेटर समिति में सेलेक्टर पद के लिए वही खिलाड़ी आवेदन कर पाएंगे, जिन्होंने कम से कम 25 फर्स्ट-क्लास मैच खेले हों. साथ ही कम से कम 5 साल पहले क्रिकेट से संन्यास लिया हो. इसके अलावा बीसीसीआई की किसी क्रिकेट समिति में 5 से ज्यादा समय तक सदस्य नहीं रहा हो.

दादा के आशीर्वाद से गूंजी दुनिया: तपस्या गहलावत ने जीता वर्ल्ड खिताब

झज्जर  हरियाणा की बेटी तपस्या गहलावत कुश्ती के अंडर-20 मुकाबलों में नई विश्व चैंपियन बन गई हैं।  बुल्गारिया के समोकोव में आयोजित जूनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में 19 वर्षीय तपस्या ने महिलाओं के 57 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में नॉर्वे की फेलिसिटास डोमजेवा को 5-2 से हराया। मूलरूप से झज्जर के गांव खानपुर कलां की रहने वाली तपस्या ने दादा के सपनों और पिता की जिद को हकीकत में बदलते हुए कुश्ती की दुनिया में भारत का परचम लहराया है। हालांकि इस प्रतियोगिता के समय उनके घर में दुख का माहौल था क्योंकि उनके दादा सेवानिवृत्त सैनिक राम मेहर सिंह का पिछले हफ्ते निधन हो गया था। वह सोनीपत के युद्धवीर अखाड़ा की बेटी है।  एक सप्ताह पहले दादा का हुआ निधन, कहा था-चैंपियन बनकर ही लौटना तपस्या के दादा का एक सप्ताह पहले दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। उस समय वह दिल्ली कैंप में विश्व चैंपियनशिप की तैयारी कर रही थीं। प्रशिक्षक शक्षक कुलबीर राणा ने बताया कि तपस्या को तब इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। दादा ने तपस्या से कहा था कि विश्व चैंपियन बनकर लौटना। तपस्या ने इसे सच कर दिखाया है। तपस्या के पिता परमेश गहलावत खुद एक अच्छे पहलवान रहे हैं। पर चोट के कारण उनका करियर अधूरा रह गया। बेटी को वही मुकाम दिलाने के लिए ही उन्होंने उनका नाम तपस्या रखा। पिता ने बताया कि विदेशी धरती पर राष्ट्रगान बजने की उपलब्धि हासिल करना उनके दादा चौधरी हजारी लाल के बाद उनका भी सपना था। इस सपने को उनकी परपोती तपस्या ने पूरा कर दिया।

महिला विश्व कप: शेड्यूल में बड़ा बदलाव, बेंगलुरु की जगह बदला वेन्यू

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने आगामी महिला वनडे विश्व कप के लिए बेंगलुरु को आयोजन स्थल से हटाने का फैसला किया है। बीसीसीआई की प्रेस रिलीज के मुताबिक एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाले मैच मुंबई में स्थानांतरित कर दिए गए हैं। कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) द्वारा मैचों की मेजबानी के लिए पुलिस की मंजूरी प्राप्त करने के लिए बीसीसीआई की बार-बार दी गई समय-सीमा को पूरा ना कर पाने के कारण बेंगलुरु में होने वाले महिला विश्व कप मैचों को मुंबई में स्थानांतरित कर दिया गया है।   आईसीसी के चेयरमैन जय शाह ने कहा, ‘‘हालांकि अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण हमें कार्यक्रम में बदलाव करते एक स्थान बदलना पड़ा, लेकिन अब हमें खुशी है कि हमारे पास पांच विश्वस्तरीय स्थान हैं, जहां महिला क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ मैच देखने को मिलेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मंच तैयार है और मुझे विश्वास है कि यह टूर्नामेंट कल्पनाओं को नए पंख लगाएगा और प्रशंसकों की नई पीढ़ी को प्रेरित करेगा।‘‘ आठ टीमों के इस टूर्नामेंट के अन्य स्थानों में गुवाहाटी, इंदौर, विशाखापत्तनम और कोलंबो शामिल हैं। पाकिस्तान से जुड़े सभी मैचों और पहले सेमीफाइनल की मेजबानी श्रीलंका की राजधानी कोलंबो को मिली है। जून में आईसीसी ने टूर्नामेंट की तारीखों की घोषणा करते हुए बेंगलुरु को पांच आयोजन स्थलों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया था। मेजबान भारत के साथ टूर्नामेंट के पहले मैच के अलावा बेंगलुरु को 30 अक्टूबर को एक सेमीफाइनल और संभवतः 2 नवंबर को फाइनल की मेजबानी भी करनी थी। (अगर पाकिस्तान फाइनलिस्टों में से एक नहीं होता)। बीसीसीआई को यह फैसला इसी साल 4 जून को घरेलू टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) द्वारा पहली बार आईपीएल जीतने के बाद स्टेडियम के आसपास मची भगदड़ के कारण इस स्टेडियम को बड़े आयोजनों के लिए 'असुरक्षित' करार दिए जाने के बाद लेना पड़ा है। कर्नाटक सरकार द्वारा नियुक्त एक सदस्यीय समिति ने स्टेडियम को बड़े पैमाने पर होने वाले आयोजनों के लिए "असुरक्षित" माना है। जिसके बाद कर्नाटक पुलिस ने केएससीए को वहां कोई भी मैच आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके कारण केएससीए को महाराजा टी20 को बेंगलुरु से मैसूर स्थानांतरित करना पड़ा था। बीसीसीआई के इस नए फैसले ने अब आईसीसी को संभावित कार्यक्रम में बदलाव के लिए मजबूर कर दिया है।  

700 करोड़ की डील के बाद मुंबई इंडियंस की टीम का नाम बदलने की तैयारी, रिपोर्ट में दावा

मुंबई  मुंबई इंडियंस फ्रैंचाइजी विदेशों में भी खूब सारा पैसा इन्वेस्ट कर रही है. कुछ सप्ताह पहले ही MI फ्रैंचाइजी ने द हंड्रेड लीग की ओवल इन्विंसिबल्स टीम में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है. अब एक मीडिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ओवल इन्विंसिबल्स को 'MI London' नाम से जाना जाएगा. यह नया नाम अगले सीजन से लागू होगा. बता दें कि ओवल इन्विंसिबल्स ऐसी छठी टीम बनी थी, जिसका मालिकाना हक मुंबई इंडियंस के पास है. द टेलीग्राफ के मुताबिक द हंड्रेड सीजन 2026 से पहले ओवल इन्विंसिबल्स का नाम बदल कर 'MI London' कर दिया जाएगा. 2025 सीजन शुरू होने से पहले द हंड्रेड टीमों की कम से कम 49 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए बोली लगनी शुरू हुई थी. इनमें से MI फ्रैंचाइजी ने ओवल इन्विंसिबल्स टीम के लिए बोली लगाई थी, जिसकी वैल्युएशन 123 मिलियन पाउंड्स बताई गई थी. चूंकि मुंबई इंडियंस ने 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है, जिसके लिए उसे करीब 60 मिलियन पाउंड्स से ज्यादा रकम चुकानी होगी. जो भारतीय मुद्रा में करीब 700 करोड़ रुपये से ज्यादा होगी. ओवल इन्विंसिबल्स की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी अब मुंबई इंडियंस के पास है, बाकी 51 प्रतिशत का मालिक अब भी सरे काउंटी क्लब है. द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक सरे चाहता था कि ओवल इन्विंसिबल्स को उसी का नाम मिले, इसके बावजूद अगले सीजन से टीम का नाम MI लंदन कर दिया जाएगा. मुंबई इंडियंस की कुल 6 टीम मुंबई इंडियंस फ्रैंचाइजी की अब दुनियाभर में कुल 6 टीम हो गई हैं. BCCI द्वारा संचालित इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और वीमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में मुंबई इंडियंस टीम खेलती हैं. अमेरिका की मेजर लीग क्रिकेट (MLC) में MI न्यू यॉर्क का मालिकाना हक मुंबई इंडियंस के पास है. इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका की SA20 में MI केपटाउन, इंटरनेशनल लीग टी20 (ILT20) में MI एमिरेट्स और इंग्लैंड की द हंड्रेड लीग में ओवल इन्विंसिबल्स, इन सभी की मालिक MI फ्रैंचाइजी है.

वनडे कप्तानी को लेकर उठे सवाल, श्रेयस का नाम चर्चा में, BCCI सचिव ने तोड़ी चुप्पी

नई दिल्ली  पिछले कुछ दिनों से भारतीय क्रिकेट में हंगामा मचा हुआ है. रोहित शर्मा के टेस्ट और टी20 से संन्यास के बाद उनके वनडे खेलने पर भी सवाल उठाया जा रहा है. खबरें यहां तक आई कि एशिया कप से बाहर रखे गए श्रेयस अय्यर को उनकी जगह पर वनडे टीम का कप्तान बनाया जा सकता है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैकिया ने श्रेयस अय्यर के अगले वनडे कप्तान बनने की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी है.  कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि श्रेयस अय्यर जिन्हें एशिया कप 2025 की टीम से बाहर रखा गया था. रोहित शर्मा के बाद भारत के अगले वनडे कप्तान बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं.  सूत्रों ने बताया कि रोहित जो अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं, उनको BCCI कप्तानी के बोझ से मुक्त करने के इच्छुक है. श्रेयस अय्यर को एशिया कप के लिए भारतीय टीम में नहीं चुना गया है.  बात करते हुए सैकिया ने सभी अफवाहों को खारिज कर दिया और कहा कि BCCI मैनेजमेंट ने इस मामले पर कोई चर्चा नहीं की है. उन्होंने कहा, “यह मेरे लिए नई खबर है. ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है.” अय्यर तब से चर्चा में हैं जब से उन्हें अगले महीने एशिया कप के लिए चयनकर्ताओं द्वारा नजरअंदाज किया गया था. भारत के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने टीम की घोषणा के दौरान श्रेयस की अनुपस्थिति के बारे में बताया. पत्रकारों से कहा, “श्रेयस के मामले में अगर हम बात करें तो यह न तो उनकी गलती है और न ही हमारी. आप 15 खिलाड़ियों को चुन सकते हैं और फिलहाल आपको उनके मौके का इंतजार करना होगा.” श्रेयस अय्यर चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे. कुल मिलाकर दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे. उन्होंने पांच मैचों में 48.60 की औसत से 243 रन बनाए इसमें दो अर्धशतक और 79 का सर्वश्रेष्ठ स्कोर शामिल है.

ट्रैक एंड फील्ड स्टार मरिना बेक-रोमांचुक का डोप टेस्ट पॉजिटिव, 4 साल का प्रतिबंध

लंदन  एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट ( एआईयू) ने  घोषणा की कि लंबी कूद और ट्रिपल जंप में विश्व रजत पदक विजेता यूक्रेन की मैरीना बेख-रोमनचुक पर डोपिंग के कारण चार साल का प्रतिबंध लगाया गया है।डोपिंग रोधी संस्था ने एक्स पर कहा, "एआईयू ने मैरीना बेख-रोमनचुक पर प्रतिबंधित पदार्थ (टेस्टोस्टेरोन) की मौजूदगी/उपयोग के लिए 13 मई 2025 से 4 साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।" एआईयू के अनुसार, 30 वर्षीय बेख-रोमनचुक का पिछले साल 7 दिसंबर को टेस्टोस्टेरोन परीक्षण पॉजिटिव आया था। मई में उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था।बेख-रोमनचुक ने 2019 विश्व चैंपियनशिप में लंबी कूद में रजत पदक जीता और 2023 में ट्रिपल जंप में रजत पदक जीता, जब वह अंतिम दौर में वेनेजुएला की युलिमार रोजास से हार गईं।पिछले वर्ष पेरिस ओलंपिक में ट्रिपल जंप फाइनल में वह 11वें स्थान पर रहीं। तीन ओलंपिक खेलों की स्टार मरिना के जंप्स सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक दृश्य आनंद जैसे थे-  हवा में लहराता तन, कसाव से भरा बदन और फिनिश लाइन पर उतरते ही चेहरे पर खिली मुस्कान… आज वही एथलीट खेल के मैदान से दूर अपनी बेगुनाही साबित करने की लड़ाई लड़ रही है. … करियर और सपनों पर ताले एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट (AIU) ने उन्हें 10 अगस्त तक दोष स्वीकार करने का मौका दिया था, लेकिन मरिना ने 'गिल्टी' शब्द से समझौता करने से इनकार कर दिया. उनका कहना है कि यह सब एक चिकित्सीय कारण और इलाज की वजह से हुआ. वह इस बैन के खिलाफ स्पोर्ट्स आर्बिट्रेशन कोर्ट (CAS) में अपील कर सकती हैं. .. लेकिन जब तक उनकी अपील स्पोर्ट्स आर्बिट्रेशन कोर्ट में नहीं सुनी जाती, उनके करियर पर ताला लग चुका है. पेरिस 2024 में वे ट्रिपल जंप फाइनल में 11वें स्थान पर रहीं, पर अब लॉस एंजेलिस 2028 का सपना भी अधूरा ही रह जाएगा. खूबसूरती और ग्लैमर वाली दूसरी पहचान मरिना सिर्फ एथलीट ही नहीं, बल्कि एक ग्लैमरस मॉडल और इन्फ्लुएंसर भी हैं. उनके इंस्टाग्राम पर 4.91 लाख फॉलोअर्स हैं. यूक्रेनी ब्रांड्स Domino Group, Trihard और Fabric 17 के लिए किए गए उनके फोटोशूट्स उनकी दिलकश अदाओं और आत्मविश्वासी अंदाज को बखूबी बयान करते हैं. एथलेटिक्स ट्रैक पर पसीना बहाने वाली यह खिलाड़ी कैमरों के सामने एकदम अलग रूप में दिखती हैं- ग्लैमरस और आत्मविश्वास से भरी हुई. निजी जीवन में सुकून मरिना की जिंदगी में एक और बड़ा सहारा है- उनके पति और ओलंपिक मेडलिस्ट मिखाइलो रोमांचुक. यह कपल यूक्रेन का स्पोर्ट्स पावर कपल कहलाता है. यह स्पोर्ट्स पावर कपल सोशल मीडिया पर अक्सर अपने रोमांटिक पलों और साथ बिताए लम्हों को शेयर करता है. मिखाइलो ने टोक्यो 2020 (आयोजित 2021 में) में 1500 मीटर फ्रीस्टाइल में रजत और 800 मीटर फ्रीस्टाइल में कांस्य जीता था. वहीं, मरिना ने लॉन्ग जंप में पांचवां स्थान हासिल किया. खेल, प्यार और ग्लैमर- तीनों को साथ लेकर यह कपल यूक्रेन की पहचान बन चुका है. इस जोड़े को यूक्रेन का 'स्पोर्ट्स पावर कपल' कहा जाता है. मरिना की भावनाएं AIU के फैसले से पहले मरिना ने अपनी पीड़ा साझा की थी- 'मैं अब दो मोर्चों पर नहीं लड़ सकती,अपना ईमानदार नाम बचाने की जंग और अपने निजी जीवन की जद्दोजहद. यह थका देने वाला है, दिल और शरीर दोनों को तोड़ देता है. कभी-कभी परिवार और खुद की सेहत को पहले रखना जरूरी होता है.' उन्होंने साफ कहा, 'मैं गुनाह स्वीकार नहीं करूंगी. मेरी इंसानियत और मेरी इज्जत मेरे लिए किसी भी सजा से बड़ी है.' अब आगे की छलांग अब सबकी नजरें उनके उस बड़े इंटरव्यू पर हैं, जिसमें वह अपनी कहानी खुलकर सुनाने वाली हैं. खेल के ट्रैक पर जो एथलीट छलांगों से तालियां बटोरती थी, अब उसे अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए जिंदगी की सबसे बड़ी छलांग लगानी होगी.  

कजाकिस्तान में म.प्र. खेल अकादमी के खिलाड़ियों ने शूटिंग में हासिल किए 2 पदक, मंत्री सारंग ने दी बधाई

16वीं एशियाई शूटिंग (शॉटगन) चैम्पियनशिप 2025 भोपाल कजाकिस्तान के शिमकेंट शुटिंग प्लाजा, शिमकेंट शहर में 16 से 30 अगस्त 2025 तक 16वीं एशियाई शूटिंग (शॉटगन) चैम्पियनशिप 2025 का आयोजन किया जा रहा है। शिमकेंट शहर में आयोजित इस अंतर्राष्ट्रीय शूटिंग चैम्पियनशिप में म.प्र. खेल अकादमी के प्रतिभावान खिलाडी कु. मानसी रघुवंशी ने उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन करते हुये स्वर्ण और ज्योतिरादित्य सिंह सिसोदिया ने कांस्य पदक जीत कर देश और प्रदेश को गौरवान्वित किया। आज 16वीं एशियाई शूटिंग (शॉटगन) चैम्पियनशिप 2025 में म.प्र. राज्य शूटिंग (शॉटगन) अकादमी के खिलाड़ी कु. मानसी रघुवंशी ने जूनियर महिला वर्ग की शॉटगन स्कीट स्पर्धा में शारीरिक दक्षता कौशल और एकाग्रता के साथ निशाना साधकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वही इसी चैम्पियनशिप में खेल अकादमी के ही खिलाड़ी ज्योतिरादित्य सिंह सिसोदिया ने जूनियर पुरूष वर्ग के स्कीट इवेन्ट में खेल कौशल और एकाग्रता का शानदार परिचय प्रस्तुत करते हुये कांस्य पदक अर्जित किया। खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने 16वीं एशियाई शूटिंग (शॉटगन) चैम्पियनशिप 2025 कजाकिस्तान में शूटिंग खेल का दमदार प्रदर्शन करने वाले दोनों प्रतिभाशाली शॉटगन खिलाड़ियों मानसी और ज्योतिरादित्य सिंह के खेल प्रदर्शन की सराहना की है। खिलाड़ियों की इस खेल उपलब्धि को गौरवान्वित क्षण बताते हुये खेल मंत्री सारंग ने कहा कि इस तरह के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों द्वारा ऐसी अविस्मरणीय खेल उपलब्धियां ही देश और प्रदेश के युवाओं को खेल के क्षेत्र जोड़ने और प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगी। खेल मंत्री सारंग ने दोनों ही खिलाड़ियों को पदक जीतने पर बधाई देते हुये भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन कर देश और प्रदेश को निरंतर गौरवान्वित के लिए प्रेरित किया। उल्लेखनीय है कि कजाकिस्तान के शेमकेंट शूटिंग प्लाजा में आयोजित की जा रही इस एशियाई शूटिंग (शॉटगन) चैम्पियनशिप में एशिया महाद्वीप के 27 देशों के 748 प्रतिभाशाली शूटिंग खिलाड़ी प्रतिभागिता कर रहे है। चैम्पियनशिप महिला और पुरूष वर्ग की 120 स्पर्धाएँ आयोजित हो रही है।

हैंडबॉल महाकुंभ का मुरैना में आगाज, मध्यप्रदेश-गुजरात-राजस्थान की 71 टीमें मुकाबले को तैयार

मुरैना खेलों की दुनिया में चंबल का नाम इस बार एक नए अध्याय के साथ दर्ज होने जा रहा है. मुरैना में पहली बार राज्य स्तरीय वेस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता का आयोजन होने जा रहा है. यह ऐतिहासिक खेल महाकुंभ 24 अगस्त से 28 अगस्त तक मुरैना के टीएसएस इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित होगा. जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इसमें मध्य प्रदेश के अलावा गुजरात और राजस्थान के हैंडबॉल खिलाड़ी शामिल होंगे. सीबीएसई के वेस्ट जोन की हैंडबॉल प्रतियोगिता सीबीएसई के वेस्ट जोन ने हैंडबॉल प्रतियोगिता के लिए मुरैना को चुना है. इस प्रतियोगिता की भव्यता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक 2000 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं. इनमें से लगभग 1000 खिलाड़ी मैदान में उतरकर अपना दमखम दिखाएंगे. 60 स्कूलों की 71 टीमें होंगी शामिल इस प्रतियोगिता में गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, बड़ोदरा, राजस्थान के जयपुर, उदयपुर, श्रीगंगानगर और मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर सहित अन्य चुनिंदा 60 स्कूलों की 71 टीमें इस बार हिस्सा ले रही हैं. 3 विशाल मैदानों पर होने वाले मैचों के लिए खिलाड़ियों, रेफरी और प्रबंधन की उच्च स्तरीय व्यवस्था की गई है. आयोजन की निगरानी के लिए सीबीएसई ऑब्जर्वर राजकुमार सेंगर भी मौजूद रहेंगे. 24 से 28 अगस्त तक 5 दिनों का आयोजन डायरेक्टर सुरेंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने बताया कि "ये आयोजन 24 अगस्त से 28 अगस्त तक पांच दिन का होगा. अभी तक 42 स्कूलों की लिस्ट आ चुकी है, जिसमें 71 टीमें आ रही हैं. इसमें 600 से अधिक बच्चे और 100 कोच शामिल हैं. यह प्रतियोगिता अंडर-11,अंडर-14 और अंडर-19 की होंगी. इससे पहले विद्यालय ने राज्य स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया था. अब हैंडबॉल महाकुंभ से मुरैना एक बार फिर खेल इतिहास का गवाह बनने जा रहा है."     'चंबल की संस्कृति को जानने का मिलेगा मौका' विद्यालय प्रबंधन ने आयोजन को यादगार बनाने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं. सुरेंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने बताया कि "इस साल सीबीएसई ने वेस्ट जोन के लिए मुरैना को चुना है. ऐसे में इस छोटे शहर में बड़ा आयोजन न केवल खिलाड़ियों को नई ऊर्जा देगा बल्कि बाहर से आने वाले खिलाड़ियों को चंबल की मिट्टी और संस्कृति को करीब से समझने का अवसर भी देगा."

क्रिकेट फिटनेस का नया मापदंड: ब्रोन्को टेस्ट अब खिलाड़ियों के लिए जरूरी

नई दिल्ली  भारतीय खिलाड़ियों के फिटनेस का स्तर उठाने के लिए मुख्य कोच गौतम गंभीर और कंडिशनिंग कोच एड्रियन ले रॉक्स ने ब्रोन्को टेस्ट शुरू किया है। अब यह मौजूदा यो-यो टेस्ट और 2 किलोमीटर दौड़ के साथ नया बेंचमार्क होगा। बीसीसीआई ने इस टेस्ट को शुरू भी कर दिया है और कुछ खिलाड़ी बेंगलुरु जाकर इसका टेस्ट भी दे चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय क्रिकेटरों के लिए ब्रोन्को टेस्ट का विचार स्ट्रेंड ऐंड कंडिशनिंग कोच ले रॉक्स ने दिया था जो इस साल जून में ही भारतीय टीम से जुड़े थे। इससे पहले वह 2000 के दशक में भी एक बार भारतीय टीम के साथ जुड़े थे। वह दक्षिण अफ्रीकी टीम, कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स के साथ भी काम कर चुके हैं। ब्रोन्को टेस्ट का फैसला यूं ही नहीं किया गया। इंग्लैंड के खिलाफ हालिया 5 टेस्ट मैच की सीरीज के दौरान टीम मैनेजमेंट ने ध्यान दिया कि कुछ तेज गेंदबाजों का फिटनेस लेवल उच्च स्तर का नहीं है। मोहम्मद सिराज इकलौते ऐसे तेज गेंदबाज रहे जिन्होंने एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के सभी 5 मैच खेले। इससे तेज गेंदबाजों के फिटनेस लेवल को लेकर चिंता बढ़ी। इंग्लैंड दौरे के बाद ले रॉक्स ने ब्रोन्को टेस्ट का सुझाव दिया ताकि तेज गेंदबाज अपने रनिंग वर्कलोड और क्षमता को बढ़ा सके। मुख्य कोच गौतम गंभीर ने इस आइडिया का समर्थन किया और अब बीसीसीआई ने इसे लागू कर दिया है। आगे से अब खिलाड़ियों के फिटनेस का आकलन यो-यो टेस्ट, 2 किलोमीटर की समयबद्ध दौड़ और ब्रोन्को टेस्ट तीनों के आधार पर होगा। क्या होता है ब्रोन्को टेस्ट? ब्रोन्को टेस्ट परंपरागत तौर पर रग्बी में होता है। इसमें खिलाड़ी सबसे पहले 20 मीटर की शटल रन को पूरा करता है। उसके बाद 40 मीटर और 60 मीटर की दौड़ लगानी पड़ती है। इन तीनों दौड़ को मिलाकर एक बनता है और खिलाड़ी को बिना रुके हुए ऐसे 5 सेट पूरे करने होते हैं। इसके लिए समयसीमा 6 मिनट रखी गई है जिसमें खिलाड़ी कुल करीब 1200 मीटर की दौड़ लगानी होगी। ब्रोन्को टेस्ट को बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सिलेंस में शुरू किया जा चुका है और कुछ सीनियर खिलाड़ी वहां जाकर टेस्ट भी दे चुके हैं।